क्रमसंख्या

समझौते/एमओयू का नाम

विवरण

1.

व्यापक सामरिक भागीदारी पर भारतीय गणराज्य और संयुक्त अरब अरब अमीरात के बीच समझौता

यह एक व्यापक रूपरेखा समझौता है। इसमें उन द्विपक्षीय सहयोग के क्षेत्रों पर प्रकाश डाला गया है,जिनकी पहचान व्यापक सामरिक भागीदारी के तहत की गई और जिन पर अगस्त 2015 और फरवरी 2016 में जारी किए गए संयुक्त उच्च स्तरीय वक्तव्यों में सहमति जताई गई थी।

2..

रक्षा उद्योगों के क्षेत्र में आपसी सहयोग के लिए भारतीय गणराज्य की सरकार के रक्षा मंत्रालय और संयुक्त अरब अमीरात की सरकार के रक्षा मंत्रालय के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू)

इस एमओयू का उद्देश्य शोधों, अनुसंधान, विकास, नवाचार समेत रक्षा विनिर्माण एवं प्रौद्योगिकी के पहचाने गए क्षेत्रों में आपसी सहयोग और दोनों देशों के सरकारी एवं निजी संस्थानों के बीच संबंध स्थापित करना है। दोनों पक्ष आयुध, रक्षा उद्योगों और प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण के क्षेत्रों में भी सहयोग करेंगे।

3.

भारतीय गणराज्य की सरकार के रक्षा मंत्रालय और संयुक्त अरब अमीरात की सरकार के बीच समुद्री परिवहन पर संस्थागत सहयोग के लिए एमओयू।

यह एमओयू समुद्री परिवहन को सुविधा देकर, कांट्रेक्ट करने वाले पक्षों के बीच पैसे से मुक्त हस्तांतरण और जहाजों के दस्तावेजों को पारस्परिक मान्यता देकर द्विपक्षीय समुद्री व्यापार संबंधों को विस्तार देने की रूपरेखा प्रदान कराता है।

4.

भारतीय गणराज्य के नौवहन निदेशालय और यूएई के संघीय परिवहन प्राधिकरण- भूमि एवं समुद्र के बीच  प्रशिक्षण, प्रमाणन और निगरानी कनवेंशन (एसटीसीडब्ल्यू, 78) और उसके संशोधनों के मानकों के प्रावधानों के अनुरूप योग्यता प्रमाणपत्र को पारस्परिक मान्यता देने के लिए  एमओयू।

इस एमओयू का उद्देश्य नाविकों, इंजीनियरों और कर्मचारियों की योग्यता के प्रमाणपत्रों को पारस्परिक मान्यता देने के लिए एक रूपरेखा तैयार कर देकर सामान्य तौर पर होने वाली समुद्री आर्थिक गतिविधियों को और विस्तार देना है।

5.

भारतीय गणराज्य के सड़क परिवहन मंत्रालय एवं राजमार्ग मंत्रालय और संयुक्त अरब अमीरात के संघीय परिवहन प्राधिकरण – भूमि एवं समुद्र के बीच सड़क परिवहन एवं राजमार्ग के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग के लिए एमओयू।

 इस एमओयू का उद्देश्य सड़क एवं राजमार्ग परिवहन के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी, माल की ढुलाई के सर्वोत्तम तौर तरीकों एवं प्रणाली के आदान-प्रदान, भंडारण और मूल्य वर्धित सेवाओं के क्षेत्र में आपसी सहयोग स्थापित करना है।

6.

भारतीय गणराज्य की सरकार और संयुक्त अरब अमीरात की सरकार के बीच मानव तस्करी की रोकथाम और उसका मुकाबला करने में सहयोग पर एमओयू।

इस एमओयू का उद्देश्य मानव तस्करी, विशेषकर महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित मामलों की रोकथाम, बचाव, रिकवरी और उनके तेजी से प्रत्यावर्तनलिए द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देना है।

7.

लघु एवं मध्यम उद्यम (एसएमई) एवं नवाचार के क्षेत्र में सहयोग के लिए संयुक्त अरब अमीरात के आर्थिक मंत्रालय और भारतीय गणराज्य के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) के बीच एमओयू।

इस एमओयू का उद्देश्य एमएसएमई के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देना है। इसमें संयुक्त परियोजनाएं, अनुसंधान एवं विकास और अन्य संबंधित गतिविधियां शामिल हैं।

8.

भारतीय गणराज्य के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और यूएई के जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरण मंत्रालय के बीच कृषि तथा उससे जुड़े क्षेत्रों में एमओयू।

इस एमओयू का उद्देश्य पारस्परिक हित वालेकृषि के विभिन्न क्षेत्रों में आपकी सहयोग की रूपरेखा विकसित करना है। इसमें खाद्य प्रसंस्करण के  क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाना और खेतीबाड़ी के तरीकों में प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण करना शामिल है।

9.

भारतीय गणराज्य की सरकार और संयुक्त अरब अमीरात की सरकार के बीच राजनयिकों, विशेष एवं सरकारी पासपोर्ट धारकों के लिए प्रवेश वीजा की आवश्यकताओं में पारस्परिक छूट पर एमओयू।

यह समझौता राजनयिक, विशेष एवं सरकारी पासपोर्ट धारकों को दोनों देशों में मुक्त होकर यात्रा करने की सुविधा प्रदान करेगा।

10.

भारत के प्रसार भारती और संयुक्त अरब अमीरात की अमीरात न्यूज एजेंसी (डब्ल्यूएएम) के बीच कार्यक्रमों के आदान-प्रदान में सहयोग के लिए एमओयू।

इस एमओयू का उद्देश्य प्रसारण के क्षेत्र में सहयोग, कार्यक्रमों, समाचार एवं सर्वोत्तम प्रक्रियाओं के आदान-प्रदान के जारिए प्रसार भारती और संयुक्त अरब अमीरात की अमीरात न्यूज एजेंसी (डब्ल्यूएएम) के बीच संबंधों को मजबूती प्रदान करना है।

11.

भारतीय गणराज्य के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय और संयुक्त अरब अमीरात के आर्थिक मंत्रालय के बीच आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए व्यापार में सुधार की कार्यवाही पर एमओयू।

इस एमओयू का उद्देश्य व्यापार में सुधार की कार्यवाही से संबंधित जानकारी, क्षमता निर्माण सेमिनार और पारस्परिक पहचान वाले क्षेत्रों में प्रशिक्षण के जरिए एंटी डंपिंग और उससे संबंधित जिम्मेदारियों के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देना है।.

12.

तेल के भंडारण एवं प्रबंधन के लिए भारतीय सामरिक पेट्रोलियम भंडार लिमिटेड और अबु धाबी राष्ट्रीय तेल कंपनी के बीच समझौता।

इस समझौते का उद्देश्य अबु धाबी राष्ट्रीय तेल कंपनी द्वारा भारत में कच्चे तेल के भंडारण तथा दोनों देशों के बीच ऊर्जा के क्षेत्र में सामरिक साझेदारी को भविष्य में और मजबूती देने के लिए एक रूपरेखा तैयार करना है।

13.

राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद और अल इतिहाद ऊर्जा सेवा कंपनी एलएलसी के बीच एमओयू।

यह एमओयू ऊर्जा दक्षता सेवाओं में सहयोग के लिए किया गया है।

14.

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सचिवालय परिषद और यूएई के राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा प्राधिकरण के बीच एमओयू।

यह एमओयू साइबरस्पेस के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के विकास और आपसी सहयोग के लिए किया गया है।

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
India leads globally in renewable energy; records highest-ever 31.25 GW non-fossil addition in FY 25-26: Pralhad Joshi.

Media Coverage

India leads globally in renewable energy; records highest-ever 31.25 GW non-fossil addition in FY 25-26: Pralhad Joshi.
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
PM Modi hails the commencement of 20th Session of UNESCO’s Committee on Intangible Cultural Heritage in India
December 08, 2025

The Prime Minister has expressed immense joy on the commencement of the 20th Session of the Committee on Intangible Cultural Heritage of UNESCO in India. He said that the forum has brought together delegates from over 150 nations with a shared vision to protect and popularise living traditions across the world.

The Prime Minister stated that India is glad to host this important gathering, especially at the historic Red Fort. He added that the occasion reflects India’s commitment to harnessing the power of culture to connect societies and generations.

The Prime Minister wrote on X;

“It is a matter of immense joy that the 20th Session of UNESCO’s Committee on Intangible Cultural Heritage has commenced in India. This forum has brought together delegates from over 150 nations with a vision to protect and popularise our shared living traditions. India is glad to host this gathering, and that too at the Red Fort. It also reflects our commitment to harnessing the power of culture to connect societies and generations.

@UNESCO”