प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और यूरोपीय आयोग की प्रेसिडेंट सुश्री उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने पुष्टि करते हुए कहा कि यूरोपीय संघ-भारत रणनीतिक साझेदारी ने उनके लोगों और व्यापक वैश्विक हित के लिए जोरदार लाभ प्रदान किए हैं। उन्होंने 20 वर्षों की भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक साझेदारी और 30 वर्षों से अधिक के भारत-ईसी सहयोग समझौते के आधार पर इस साझेदारी को और अधिक ऊंचाइयों पर ले जाने की प्रतिबद्धता जताई।

राष्ट्रपति वॉन डेर लेयेन 27-28 फरवरी 2025 को यूरोपीय संघ के कमिशनर के समूह का नेतृत्व करते हुए अपनी ऐतिहासिक आधिकारिक यात्रा पर थीं। यह अपने नए कार्यकाल की शुरुआत के बाद से यूरोपीय महाद्वीप के बाहर कमिश्‍नर के समूह की पहली यात्रा है और भारत-यूरोपीय संघ द्विपक्षीय संबंधों के इतिहास में भी इस तरह की पहली यात्रा है।

विविध बहुलवादी समाजों वाले दो सबसे बड़े लोकतंत्रों और खुले बाजार वाली अर्थव्यवस्थाओं के रूप में, भारत और यूरोपीय संघ ने एक सशक्‍त बहुविध वैश्विक व्यवस्था को आकार देने में अपनी प्रतिबद्धता और साझा रुचि को चिन्‍हित किया, जो शांति और स्‍थायित्‍व, आर्थिक विकास और सतत विकास पर जोर देती है।

नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि लोकतंत्र, कानून का शासन और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों के अनुरूप नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था सहित साझा मूल्य और सिद्धांत भारत और यूरोपीय संघ को समान विचारधारा वाले और भरोसेमंद साझेदार बनाते हैं। वैश्विक मुद्दों का संयुक्त रूप से समाधान करने, स्‍थायित्‍व को बढ़ावा देने और आपसी समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक साझेदारी की अब पहले से कहीं अधिक आवश्यकता है।

इस संदर्भ में, उन्होंने भारत और यूरोप के बीच व्यापार और आपूर्ति श्रृंखलाओं, निवेश, उभरती महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, नवाचार, प्रतिभा, डिजिटल और हरित औद्योगिक संक्रमण, अंतरिक्ष और भू-स्थानिक क्षेत्रों, रक्षा और लोगों के बीच संपर्कों के जोखिम को कम करने में सहयोग बढ़ाने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के शासन, विकास वित्त और एक अन्योन्याश्रित दुनिया में आतंकवाद सहित आम वैश्विक चुनौतियों से निपटने में सहयोग करने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।

दोनों नेताओं ने व्यापार, विश्वसनीय प्रौद्योगिकी और हरित संक्रमण के चौराहे पर गहन सहयोग और रणनीतिक समन्वय को बढ़ावा देने में यात्रा के दौरान हुई भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) की दूसरी मंत्रिस्तरीय बैठक द्वारा की गई प्रगति का स्वागत किया।

उन्होंने यूरोपीय संघ के कमिश्‍नर के कॉलेज और उनके भारतीय समकक्ष मंत्रियों के बीच आयोजित विचार-विमर्श से उभरे विशिष्ट परिणामों का भी स्वागत किया।

नेताओं ने निम्नलिखित प्रतिबद्धता व्यक्त की:

i. अपने-अपने वार्ता दलों को संतुलित, महत्वाकांक्षी और पारस्परिक रूप से लाभकारी एफटीए के लिए वार्ता को आगे बढ़ाने का काम सौंपें, जिसका उद्देश्य वर्ष के दौरान उन्हें पूरा करना है, जिसमें भारत-यूरोपीय संघ के बढ़ते व्यापार और आर्थिक संबंधों की केंद्रीयता और महत्व को पहचाना जाता है। नेताओं ने अधिकारियों से बाजार पहुंच बढ़ाने और व्यापार संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए विश्वसनीय भागीदारों के रूप में काम करने को कहा। उन्होंने उन्हें निवेश संरक्षण पर एक समझौते और भौगोलिक संकेतों को लेकर एक समझौते पर वार्ता को आगे बढ़ाने का भी काम सौंपा।

ii. भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद को आर्थिक सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती, बाजार पहुंच और व्यापार में बाधाओं, सेमीकंडक्‍टर इकोसिस्‍टम को मजबूत करने, भरोसेमंद और टिकाऊ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग, 6 जी, डिजिटल पब्‍लिक इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर, हरित और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के लिए संयुक्त अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्रों में परिणाम-उन्मुख सहयोग को आकार देने के लिए अपनी भागीदारी को और सशक्‍त करने का निर्देश दें, जिसमें इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लिए बैटरी की रिसाइक्लिंग, समुद्री प्लास्टिक कूड़े और कचरे से हरित/नवीकरणीय हाइड्रोजन बनाने सहित इन क्षेत्रों में विश्वसनीय भागीदारी और उद्योग संबंधों पर ध्यान केंद्रित किया जाए। इस संदर्भ में, उन्होंने सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखलाओं को बढ़ावा देने, पूरक शक्तियों का लाभ उठाने, प्रतिभाओं के आदान-प्रदान की सुविधा प्रदान करने और छात्रों और युवा पेशेवरों के बीच सेमीकंडक्टर कौशल को बढ़ावा देने के लिए सेमीकंडक्टर पर समझौता ज्ञापन के कार्यान्वयन में प्रगति का स्वागत किया; साथ ही सुरक्षित और विश्वसनीय दूरसंचार और लचीली आपूर्ति श्रृंखला बनाने के लिए भारत 6जी गठबंधन और यूरोपीय संघ 6जी स्मार्ट नेटवर्क और सेवा उद्योग संघ के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

iii. कनेक्टिविटी, स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु, जल, स्मार्ट और टिकाऊ शहरीकरण, और आपदा प्रबंधन के क्षेत्रों में भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी के तहत सहयोग को और विस्तारित और गहरा करना और साथ ही स्वच्छ हाइड्रोजन, अपतटीय पवन, सौर ऊर्जा, टिकाऊ शहरी आवागमन, विमानन और रेलवे जैसे विशिष्ट क्षेत्रों में सहयोग को तेज करने के लिए काम करना। इस संदर्भ में, उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ हरित हाइड्रोजन फोरम और अपतटीय पवन ऊर्जा पर भारत-यूरोपीय संघ व्यापार शिखर सम्मेलन आयोजित करने के समझौते का स्वागत किया।
iv. यूरोपीय संघ के कमिश्‍नर और भारतीय मंत्रियों के बीच द्विपक्षीय चर्चाओं के दौरान पहचाने गए सहयोग के नए विशिष्ट क्षेत्रों को विकसित करना, जिन्हें आपसी प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए भविष्य के संयुक्त रणनीतिक एजेंडे में प्रतिबिंबित किया जाएगा।

v. नई दिल्ली में जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान घोषित भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईसी) को साकार करने के लिए ठोस कदम उठाना, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए), आपदा रोधी इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर गठबंधन (सीडीआरआई), उद्योग परिवर्तन के लिए नेतृत्व समूह (लीडआईटी 2.0) और वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन की संरचना में अपने सहयोग को मजबूत करना।

vi. उच्च शिक्षा, अनुसंधान, पर्यटन, संस्कृति, खेल और युवाओं के बीच लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करना तथा ऐसे आदान-प्रदान को बढ़ाने के लिए एक सक्षम वातावरण बनाना। साथ ही भारत की बढ़ती मानव पूंजी और यूरोपीय संघ के सदस्य देशों की जनसांख्यिकीय प्रोफाइल और श्रम बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कुशल कार्यबल और पेशेवरों के क्षेत्रों में कानूनी, सुरक्षित और व्यवस्थित प्रवास को बढ़ावा देना।

नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता के लिए आपसी सम्मान और प्रभावी क्षेत्रीय संस्थानों द्वारा समर्थित विवादों के शांतिपूर्ण समाधान पर आधारित एक स्वतंत्र, खुले, शांतिपूर्ण और समृद्ध इंडो-पैसिफिक को बढ़ावा देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। भारत ने इंडो-पैसिफिक महासागर पहल (आईपीओआई) में यूरोपीय संघ के शामिल होने का स्वागत किया।

दोनों पक्षों ने अफ्रीका और इंडो-पैसिफिक सहित त्रिपक्षीय सहयोग का पता लगाने के लिए भी प्रतिबद्धता जताई। दोनों नेताओं ने भारतीय नौसेना और यूरोपीय संघ की समुद्री सुरक्षा संस्थाओं के बीच संयुक्त अभ्यास और सहयोग सहित रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में बढ़ते सहयोग पर संतोष व्यक्त किया। यूरोपीय संघ पक्ष ने यूरोपीय संघ के स्थायी संरचित सहयोग (पीईएससीओ) के तहत परियोजनाओं में शामिल होने के साथ-साथ सूचना सुरक्षा समझौते (एसओआईए) के लिए बातचीत में शामिल होने में भारत की रुचि का स्वागत किया। नेताओं ने सुरक्षा और रक्षा साझेदारी की संभावना तलाशने के लिए भी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने व्यापार और समुद्री संचार मार्गों की सुरक्षा के लिए पारंपरिक और गैर-पारंपरिक खतरों से निपटने के माध्यम से समुद्री सुरक्षा सहित अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने आतंकवाद का मुकाबला करने में सहयोग को बढ़ाने और सीमा पार आतंकवाद और आतंकवाद के वित्तपोषण सहित आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए व्यापक और निरंतर तरीके से अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।

दोनों नेताओं ने मध्य-पूर्व की स्थिति और यूक्रेन में युद्ध सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों और क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के सम्मान के आधार पर यूक्रेन में न्यायसंगत और स्थायी शांति के लिए समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप मान्यता प्राप्त सीमाओं के भीतर शांति और सुरक्षा के साथ इजरायल और फिलिस्तीन के साथ दो-राज्य समाधान के दृष्टिकोण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।

नेताओं ने चर्चाओं की उत्पादक और दूरदर्शी प्रकृति को पहचाना और निम्नलिखित ठोस कदमों पर सहमति व्यक्त की:

(i) वर्ष के अंत तक एफटीए के समापन में तेजी लाना।
(ii) नई पहलों और कार्यक्रमों से अवसरों का पता लगाने के लिए रक्षा उद्योग और नीति पर आगे केंद्रित चर्चा।
(iii) आईएमईसी पहल का जायजा लेने के लिए साझेदारों के साथ समीक्षा बैठक।
(iv) साझा मूल्यांकन, समन्वय और अंतर-संचालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समुद्री क्षेत्र जागरूकता पर काम करना।
(v) सेमीकंडक्टर और अन्य महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों में सहयोग को गहरा करने के लिए टीटीसी की अगली बैठक जल्द से जल्द बुलाना।
(vi) ग्रीन हाइड्रोजन पर ध्यान केंद्रित करते हुए सरकारों और उद्योग के बीच स्वच्छ और हरित ऊर्जा पर संवाद बढ़ाना।
(vii) त्रिपक्षीय सहयोग परियोजनाओं के माध्यम से इंडो-पैसिफिक में सहयोग को मजबूत करना।
(viii) तैयारियों, प्रतिक्रिया क्षमताओं और समन्वय के लिए नीति और तकनीकी स्तर की भागीदारी सहित उपयुक्त व्यवस्थाओं के विकास के माध्यम से आपदा प्रबंधन पर सहयोग को मजबूत करना।

दोनों नेताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि यह महत्वपूर्ण यात्रा संबंधों के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत करेगी और उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक साझेदारी को और विस्तारित और सशक्‍त करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। वे अगले भारत यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के भारत में जल्द से जल्द पारस्परिक रूप से सुविधाजनक समय पर आयोजित होने और उस अवसर पर एक नए संयुक्त रणनीतिक एजेंडे को अपनाने की आशा करते हैं। राष्ट्रपति वॉन डेर लेयेन ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को उनके गर्मजोशी भरे आतिथ्य के लिए धन्यवाद दिया।

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Text of PM’s address during launch of development works, nationwide campaign for HPV vaccination from Ajmer
February 28, 2026
Our government is committed to all-round development: PM
Today, I had the privilege of launching the nationwide HPV vaccination campaign from Ajmer, along with the inauguration and foundation stone laying of several projects and the distribution of appointment letters to the youth: PM
The HPV vaccination campaign has commenced from Ajmer, this campaign is a significant step towards empowering the Nari Shakti of the country: PM
The double-engine government is moving forward by taking both Rajasthan’s heritage and development together: PM
The campaign to link rivers started by our government will significantly benefit Rajasthan: PM
There is no shortage of sunlight in Rajasthan, this very sunshine is becoming a source of savings and income for the common man: PM
A very significant role is being played by the PM Surya Ghar Free Electricity Scheme, this scheme has the power to change Rajasthan's destiny: PM

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

तीर्थराज पुष्कर और माता सावित्री की इस पावन भूमि पर, आज मुझे आप सबके बीच आने का, आपके आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर मिला है। इस मंच से मैं सुरसुरा के तेजाजी धाम को, पृथ्वीराज की भूमि अजमेर को प्रणाम करता हूं।

मेरे साथ बोलिए –

तीर्थराज पुष्कर की जय।

तीर्थराज पुष्कर की जय।

वीर तेजाजी महाराज की जय।

वीर तेजाजी महाराज की जय।

भगवान देव नारायण की जय।

भगवान देव नारायण की जय।

वरूण अवतार भगवान झूलेलाल जी की जय।

भगवान झूलेलाल जी की जय।

मंच पर विराजमान राजस्थान के राज्यपाल हरिभाउ बागडे जी, राज्य के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी, पूर्व मुख्यमंत्री बहन वसुंधरा जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे साथी भगीरथ चौधरी जी, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद भैरवा जी, दिया कुमारी जी, संसद में मेरे साथी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर जी, उपस्थित अन्य मंत्रिगण, अन्य महानुभाव और राजस्थान के मेरे प्यारे भाई और बहनों। मैं पूज्य संतों का बहुत आभारी हूं, कि हमें आशीर्वाद देने के लिए इतनी बड़ी संख्या में पूज्य संतगण यहां मौजूद हैं।

साथियों,

अजमेर आस्था और शौर्य की धरती है। यहां तीर्थ भी है और क्रांतिवीरों के पदचिन्ह भी हैं। अभी कल ही मैं इजराइल की यात्रा को पूरा करके भारत लौटा हूं। राजस्थान के सपूत मेजर दलपत सिंह के शौर्य को इजराइल के लोग आज भी गौरव से याद करते हैं। मुझे भी इजराइल की संसद में, मेजर दलपत सिंह जी के शौर्य को नमन करने का सौभाग्य मिला। राजस्थान के वीर बाकुरों की, इजराइल के हाइफा शहर को आजाद कराने में जो भूमिका थी, मुझे उसका गौरवगान करने का अवसर मिला है।

साथियों,

कुछ समय पहले ही, राजस्थान में भाजपा की डबल इंजर सरकार को दो साल पूरे हुए हैं, मुझे संतोष है कि आज राजस्थान विकास के नए पथ पर अग्रसर है। विकास के जिन वायदों के साथ भाजपा सरकार आपकी सेवा में आई थी, उन्हें तेजी के साथ पूरा कर रही है। और आज का दिन, विकास के इसी अभियान को तेज करने का दिवस है। थोड़ी देर पहले यहां राजस्थान के विकास से जुड़ी करबी 17 हजार करोड़ रूपयों की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, हर क्षेत्र में नई शक्ति जुड़ रही है। ये सारे प्रोजेक्टस राजस्थान की जनता की सुविधा बढ़ाएंगे और राजस्थान के युवाओं के लिए, रोजगार के भी अवसर पैदा करेंगे।

साथियों,

भाजपा की डबल इंजर सरकार लगातार युवा शक्ति को सशक्त कर रही है। दो साल पहले तक राजस्थान से भर्तियों में भ्रष्टाचार और पेपर लीक की ही खबरें चमकती रहती थीं, आती रहती थीं। अब राजस्थान में पेपर लीक पर लगाम लगी है, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो रही है। आज यहां इसी मंच से राजस्थान के 21 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए हैं। ये बहुत बड़ा बदलाव आया है। मैं इस बदलाव के लिए, नई नौकरियों के लिए, विकास के सभी कामों के लिए, राजस्थान के आप सभी लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आज वीरांगनाओं की इस धरती से, मुझे देशभर की बेटियों के लिए एक अहम अभियान शुरू करने का अवसर मिला है। यहां अजमेर से HPV वैक्सीनेशन अभियान शुरू हुआ है। ये अभियान, देश की नारीशक्ति को सशक्त करने की दिशा में अहम कदम है।

साथियों,

हम सब जानते हैं कि परिवार में जब मां बीमार होती है, तो घर बिखर सा जाता है। अगर मां स्वस्थ है, तो परिवार हर संकट का सामना करने में सक्षम रहता है। इसी भाव से, भाजपा सरकार ने महिलाओं को संबल देने वाली अनेक योजनाएं चलाई हैं।

साथियों,

हमने 2014 से पहले का वो दौर देखा है, जिसमें शौचालय के अभाव में बहनों-बेटियों को कितनी पीड़ा, कितना अपमान झेलना पड़ता था। बच्चियां स्कूल छोड़ देती थीं, क्योंकि वहां अलग टॉयलेट की सुविधा नहीं होती थी। गरीब बेटियां सेनिटरी पैड्स नहीं ले पाती थीं। पहले जो सत्ता में रहे, उनके लिए ये छोटी बातें थीं। इसलिए इन समस्याओं की चर्चा तक नहीं होती थी। लेकिन हमारे लिए ये बहनों-बेटियों को बीमार करने वाला, उनके अपमान से जुड़ा संवेदनशील मसला था। इसलिए, हमने इनका मिशन मोड पर समाधान किया।

साथियों,

गर्भावस्था के दौरान कुपोषण माताओं के जीवन के लिए बहुत बड़ा खतरा होता था। हमने सुरक्षित मातृत्व के लिए योजना चलाई, मां को पोषक आहार मिले, इसके लिए पांच हज़ार रुपए बहनों के खाते में जमा करने की योजना शुरु की। मां धुएं में खांसती रहती थी, लेकिन उफ्फ तक नहीं करती थी। हमने कहा ये नहीं चलेगा। और इसलिए उज्जवला गैस योजना बनाई गई। ये सब इसलिए संभव हुआ, क्योंकि भाजपा सरकार, सत्ता भाव से नहीं, संवेदनशीलता के साथ काम करती है।

साथियों,

21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है। आज का समय राजस्थान के विकास के लिए बड़ा महत्वपूर्ण है। भाजपा की डबल इंजन सरकार, राजस्थान की विरासत और विकास, दोनों को साथ लेकर चल रही है। हम सब जानते हैं, अच्छी सड़क, अच्छी रेल और हवाई सुविधा सिर्फ सफर आसान नहीं करती, वो पूरे इलाके की किस्मत बदल देती है। जब गांव-गांव तक अच्छी सड़क पहुँचती है, तो किसान अपनी फसल सही दाम पर बेच पाता है। व्यापारी आसानी से अपना सामान बाहर भेज पाते हैं। और हमारा अजमेर-पुष्कर तो, उसकी पर्यटन की ताकत कौन नहीं जानता। अच्छी कनेक्टिविटी का पर्यटन पर सबसे अच्छा असर पड़ता है। जब सफर आसान होता है, तो ज्यादा लोग घूमने आते हैं।

और साथियों,

जब पर्यटक आते हैं तो स्वाभाविक है होटल चलते हैं, ढाबे चलते हैं, कचौड़ी और दाल बाटी ज्यादा बिकती है, यहां राजस्थान के कारीगरों का बनाया सामान बिकता है, टैक्सी चलती है, गाइड को काम मिलता है। यानी एक पर्यटक कई परिवारों की रोज़ी-रोटी बन जाता है। इसी सोच के साथ हमारी सरकार, राजस्थान में आधुनिक कनेक्टिविटी पर बहुत बल दे रही है।

साथियों,

जैसे-जैसे राजस्थान में कनेक्टिविटी का विस्तार हो रहा है, वैसे-वैसे यहां निवेश के लिए भी अवसर लगातार बढ़ते जा रहे हैं। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के इर्द-गिर्द उद्योगों के लिए एक बहुत ही शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जा रहा है। यानी राजस्थान को अवसरों की भूमि बनाने के लिए, डबल इंजन सरकार हर संभव, अनेक विध काम कर रही है।

साथियों,

राजस्थान की माताएं अपने बच्चों को पालने में ही, राष्ट्र भक्ति का संस्कार देती हैं। राजस्थान की ये धरा जानती है कि देश का सम्मान क्या होता है, और इसीलिए आज राजस्थान की इस धरा पर, मैं आप लोगों से एक और बात कहने आया हूं।

साथियों,

हाल में ही, दिल्ली में, दुनिया का सबसे बड़ा AI सम्मेलन हुआ, Artificial Intelligence इसमें दुनिया के अनेक देशों के प्रधानमंत्री, अनेक देशों के राष्ट्रपति, अनेक देशों के मंत्रि, उस कार्यक्रम में आए थे। दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां, उन कंपनियों के कर्ता-धर्ता वो भी एक छत के नीचे इकट्ठे हुए थे। सबने भारत की खुले मन से प्रशंसा की। मैं जरा राजस्थान के मेरे भाई-बहनों से पूछना चाहता हूं। जब दुनिया के इतने सारे लोग, भारत की प्रशंसा करते हैं, ये सुनकर के आपको गर्व होता है की नहीं होता है? आपको गर्व होता है कि नहीं होता है? आपको अभिमान होता है कि नहीं होता है? आपका माथा ऊंचा हुआ या नहीं हुआ? आपका सीना चौड़ा हुआ कि नहीं हुआ?

साथियों,

आपको गर्व हुआ, लेकिन हताशा निराशा में डूबी, लगातार पराजय के कारण थक चुकी कांग्रेस ने क्या किया, ये आपने देखा है। दुनियाभर के मेहमानों के सामने, कांग्रेस ने देश को बदनाम करने की कोशिश की। इन्होंने विदेशी मेहमानों के सामने देश को बेइज्जत करने के लिए पूरा ड्रामा किया।

साथियों,

कांग्रेस, पूरे देश में ल्रगातार हार रही है, और गुस्से में वो इसका बदला, वो भारत को बदनाम करके ले रही है। कभी कांग्रेस, INC यानी इंडियन नेशनल कांग्रेस थी, लेकिन अब INC नहीं बची है, इंडियन नेशनल कांग्रेस नहीं बची है, आज वो INC के बजाय MMC, MMC बन गई है। MMC यानी मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस हो चुकी है।

राजस्थान के मेरे वीरों,

इतिहास गवाह है, मुस्लिम लीग भारत से नफरत करती थी, और इसलिए मुस्लिम लीग ने देश बांट दिया। आज कांग्रेस भी वही कर रही है। माओवादी भी, भारत की समृद्धि, हमारे संविधान और हमारे सफल लोकतंत्र से नफरत करते हैं, ये घात लगाकर हमला करते हैं, कांग्रेस भी घात लगाकर, देश को बदनाम करने के लिए कहीं भी घुस जाती है। कांग्रेस के ऐसे कुकर्मों को देश कभी माफ नहीं करेगा।

साथियों,

देश को बदनाम करना, देश की सेनाओं को कमजोर करना, ये कांग्रेस की पुरानी आदत रही है। आप याद कीजिए, यही कांग्रेस है, जिसने हमारी सेना के जवानों को हथियारों और वर्दी तक के लिए तरसा कर रखा था। ये वही कांग्रेस है, जिसने सालों तक हमारे सैनिक परिवारों को वन रैंक वन पेंशन से वंचित रखा था। ये वही कांग्रेस है, जिसके जमाने में विदेशों से होने वाले रक्षा सौदों में बड़े-बड़े घोटाले होते थे।

साथियों,

बीते 11 वर्षों में भारत की सेना ने हर मोर्चे पर आतंकियों पर, देश के दुश्मनों पर करारा प्रहार किया। हमारी सेना, हर मिशन, हर मोर्चे में विजयी रही। सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक, वीरता का लोहा मनवाया, लेकिन कांग्रेस के नेताओं ने इसमें भी दुश्मनों के झूठ को ही आगे बढ़ाया। देश के लिए जो भी शुभ है, जो भी अच्छा है, जो भी देशवासियों का भला करने वाला है, कांग्रेस उस सबका विरोध करती है। इसलिए, देश आज कांग्रेस को सबक सिखा रहा है।

साथियों,

राजस्थान में तो आपने कांग्रेस के कुशासन को करीब से अनुभव किया है। यहां जितने दिन कांग्रेस की सरकार रही, वो भ्रष्टाचार करने और आपसी लड़ाई-झगड़े में ही उलझी रही। कांग्रेस ने हमारे किसानों को भी हमेशा धोखा दिया है। आप याद कीजिए, कांग्रेस ने दशकों तक सिंचाई की परियोजनाओं को कैसे लटकाए रखा। इसका राजस्थान के किसानों को बहुत अधिक नुकसान हुआ है। ERCP परियोजना को कांग्रेस की सरकारों ने केवल फाइलों और घोषणाओं में उलझाकर रखा। हमारी सरकार ने आते ही इस स्कीम को फाइलों से निकालकर धरातल पर उतारने का प्रयास किया है।

साथियों,

हमारी सरकार ने नदियों को जोड़ने का जो अभियान शुरु किया है, उसका बहुत अधिक फायदा राजस्थान को मिलना तय है। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना हो, यमुना-राजस्थान लिंक प्रोजेक्ट हो, डबल इंजन सरकार ऐसी अनेक सिंचाई परियोजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। आज भी झालावाड़, बारां, कोटा और बूंदी जिले के लिए पानी की अनेक परियोजनाओं पर काम शुरु हुआ है। हमारा प्रयास है, कि राजस्थान में भूजल का स्तर भी ऊपर उठे।

साथियों,

भाजपा सरकार, राजस्थान के सामर्थ्य को समझते हुए, योजनाएं बना रही है, उन्हें लागू कर रही है। मुझे खुशी है कि राजस्थान अब, सूरज की ताकत से समृद्धि कमाने वाली धरती बन गया है। हम सब जानते हैं, हमारे राजस्थान में धूप की कोई कमी नहीं। अब यही धूप, सामान्य मानवी के घर की बचत और कमाई का साधन बन रही है। और इसमें बहुत बड़ी भूमिका है, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की। इस योजना में राजस्थान का भाग्य बदलने की ताकत है। इस योजना में भाजपा सरकार लोगों को अपनी छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए 78 हजार रुपए की सहायता देती है। सरकार सीधे आपके बैंक खाते में पैसे भेजती है। आजादी के बाज सब बजट, सब योजनाएं देख लीजिए, जिसमें मध्यम वर्ग को सबसे ज्यादा लाभ होने वाला है, ऐेसी योजना कभी नजर नहीं आएगी, आज इन परिवारों को सोलर पैनल लगाने के लिए 78 हजार रुपए सीधा सरकार देती है। सबसे अधिक लाभ मध्यम वर्ग के लोग ले रहे हैं। और जिससे घर पर एक छोटा सा बिजली घर तैयार हो जाता है। दिन में सूरज की रोशनी से बिजली बनती है, घर में वही बिजली काम आती है और जो ज्यादा बिजली बनती है, वो बिजली ग्रिड में जाती है। और जिस घर में बिजली बनी होती है, उसे भी इसका लाभ मिलता है।

साथियों,

आज राजस्थान में सवा लाख से अधिक परिवार इस योजना से जुड़ चुके हैं। और इस योजना की वजह से, कई घरों का बिजली बिल लगभग जीरो आ रहा है। यानी खर्च कम हुआ है, बचत ज़्यादा हुई है।

साथियों,

विकसित राजस्थान से विकसित भारत के मंत्र पर हम लगातार काम कर रहे हैं। आज जिन योजनाओं पर काम शुरू हुआ है, वो विकसित राजस्थान की नींव को और अधिक मजबूत करेंगे। जब राजस्थान विकसित होगा, तो यहां के हर परिवार का जीवन समृद्ध होगा। आप सभी को एक बार फिर, विकास परियोजनाओं के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं। मेरे साथ बोलिये-

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

वंदे मातरम के 150 साल देश मना रहा है। मेरे साथ बोलिये-

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

बहुत-बहुत धन्यवाद।