प्रधानमंत्री ने सरस्वती विद्या निकेतन स्कूल का दौरा किया, भारत-गुयाना सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में स्वामी आकाशरानंद जी के प्रयासों की सराहना की

भारत-गुयाना सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए स्वामी आकाशरानंद जी के प्रयासों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज सरस्वती विद्या निकेतन स्कूल का दौरा किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपराएं गुयाना में फल-फूल रही हैं।

एक्स पर अपनी एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने लिखा:

"गुयाना में भारतीय संस्कृति और परंपराएँ फल-फूल रही हैं। मुझे एक ऐसे स्‍थल पर जाने का अवसर मिला, जो सांस्कृतिक और लोगों के बीच आपसी संपर्क को बढ़ावा देने में सबसे अग्रणी रहा है - सरस्वती विद्या निकेतन स्कूल। मैं स्कूल से जुड़े सभी लोगों की सराहना करता हूँ और भारत-गुयाना सांस्कृतिक संपर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में किए जा रहे उनके प्रयासों में स्वामी आकाशरानंद जी के कार्य की भी सराहना करता हूँ।"

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
India-UK social security pact to benefit 90-95% of Indian professionals working in Britain

Media Coverage

India-UK social security pact to benefit 90-95% of Indian professionals working in Britain
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री ने भारत में बढ़ते वैश्विक जुड़ाव और निवेश का उल्‍लेख किया
June 19, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज एक बेहतर धरती के निर्माण में भारत के योगदान की तत्परता का उल्‍लेख करते हुए कहा कि दुनिया आशा और उत्साह के साथ भारत के साथ जुड़ रही है और उसमें निवेश कर रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की 140 करोड़ जनता के कारण ही दुनिया भारत को आशा और उत्साह के भाव से देखती है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि दुनिया भारत के साथ जुड़ रही है और भारत में निवेश कर रही है।

प्रधानमंत्री ने #12YearsOfIndiaFirst के अंतर्गत इन जानकारियों का उल्‍लेख किया।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर लिखा;

“भारत एक बेहतर पृथ्‍वी के निर्माण में योगदान देने के लिए सदेव तत्पर रहता है। साथ ही, भारत की 140 करोड़ आबादी के कारण दुनिया भारत को आशा और उत्साह के भाव से देखती है। यही कारण है कि दुनिया भारत के साथ जुड़ रही है और भारत में निवेश कर रही है।”

#12YearsOfIndiaFirst