प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर सेशेल्स गणराज्य के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी 5 से 10 फ़रवरी 2026 तक भारत के राजकीय दौरे पर हैं।

राष्ट्रपति हर्मिनी का यह राजकीय दौरा, उनके शपथ ग्रहण के लगभग 100 दिनों के बाद हो रहा है, जो भारत और सेशेल्स की अपनी दीर्घकालिक एवं बहुआयामी द्विपक्षीय साझेदारी को सुदृढ़, विस्तृत और अधिक गहन बनाने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह राजकीय दौरा इसलिए भी विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह संयोगवश सेशेल्स की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ तथा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हो रहा है।

9 फ़रवरी 2026 को हुई उनकी बैठक के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति हर्मिनी ने द्विपक्षीय संबंधों के संपूर्ण दायरे को समाहित करते हुए व्यापक एवं सार्थक चर्चा की। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अक्टूबर 2025 में सम्पन्न चुनावों में सफलता के लिए राष्ट्रपति हर्मिनी को बधाई दी। दोनों नेताओं ने पुनः पुष्टि की कि भारत और सेशेल्स की निकटवर्ती समुद्री पड़ोसी होने के नाते, इतिहास और आत्मीयता के संबंधों पर आधारित तथा लोकतंत्र और बहुलवाद के साझा मूल्यों से पोषित एक विशेष एवं समय-परीक्षित साझेदारी है। नेताओं ने यह भी स्वीकार किया कि सेशेल्स–भारत संबंध जन-केंद्रित हैं और पश्चिमी हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा एवं स्थिरता को सुदृढ़ करते हैं। नेताओं ने भारत के विज़न महासागर (MAHASAGAR - क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति) में सेशेल्स की भूमिका को एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में भी पुनः रेखांकित किया।

भारत और सेशेल्स को जोड़ने वाले समृद्ध एवं ऐतिहासिक जन-से-जन संबंधों को याद करते हुए, दोनों नेताओं ने सेशेल्स और भारत की जनता की सुरक्षा, समृद्धि तथा कल्याण को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं पर और अधिक निकट सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।

राष्ट्रपति हर्मिनी ने सेशेल्स तथा क्षेत्र के लिए एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में भारत की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने सेशेल्स के विकास एजेंडा की प्राप्ति में भारत द्वारा दी गई दीर्घकालिक सहायता एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

दोनों देशों की अपनी-अपनी शक्तियों को रेखांकित करते हुए तथा इस संबंध के महत्व को स्वीकार करते हुए, दोनों नेताओं ने उन्नत संपर्कों के माध्यम से सततता, आर्थिक विकास एवं सुरक्षा के लिए संयुक्त विज़न (एसईएसईएल-सेसेल) की घोषणा की।

राजनीतिक आदान-प्रदान

नेताओं ने सेशेल्स और भारत के बीच नियमित उच्च-स्तरीय राजनीतिक बैठकों, दौरों तथा परामर्शों के महत्व को स्वीकार किया। दोनों पक्षों ने नेतृत्व स्तर, मंत्रिस्तरीय स्तर तथा वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर राजनीतिक एवं सामाजिक-आर्थिक सहभागिता को और सुदृढ़ करने पर सहमति व्यक्त की।

दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच सहयोग को और गहन बनाने तथा संसदीय आदान-प्रदान को सुदृढ़ करने पर सहमति व्यक्त की, जिसमें संसदीय कार्यवाही तथा क्षमता विकास से संबंधित सर्वोत्तम पद्धतियों का आदान-प्रदान भी शामिल है।

विकास साझेदारी

राष्ट्रपति हर्मिनी ने ऋण सहायता, अनुदान, क्षमता निर्माण तथा उच्च प्रभाव वाली सामुदायिक विकास परियोजनाओं (एचआईसीडीपी) के माध्यम से सेशेल्स की विकास एवं सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं और आकांक्षाओं के लिए भारत के अटूट समर्थन को मान्‍यता दी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सेशेल्स के राष्ट्रीय विकास एजेंडा में एक प्रमुख और विश्वसनीय साझेदार बने रहने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया, जिसमें विशेष रूप से सततता, रक्षा एवं समुद्री सुरक्षा, क्षमता विकास, लचीलापन तथा समावेशी विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

दोनों देशों के बीच जन-केंद्रित विकास साझेदारी का विस्तार और उसे और अधिक सुदृढ़ करने के लिए निकट सहयोग करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि करते हुए, भारत ने 175 मिलियन अमरीकी डॉलर के एक ‘विशेष आर्थिक पैकेज’ की घोषणा की। इस पैकेज में 125 मिलियन अमरीकी डॉलर की रुपये-नामित ऋण सहायता तथा 50 मिलियन अमरीकी डॉलर की अनुदान सहायता के रूप में मिश्रित वित्तीय सहयोग शामिल होगा, जिसका उपयोग विकास सहयोग परियोजनाओं, असैनिक एवं रक्षा अधिकारियों के क्षमता विकास, समुद्री सुरक्षा आदि के लिए किया जाएगा।

भारत के तीव्र डिजिटलीकरण को वैश्विक दक्षिण के लिए एक सकारात्मक शक्ति के रूप में स्वीकार करते हुए, दोनों नेताओं ने डिजिटल परिवर्तन के क्षेत्र में निकट सहयोग करने पर सहमति व्यक्त की। सेशेल्स के नागरिकों के हित में शासन के डिजिटलीकरण की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, भारत ने सेशेल्स की आवश्यकताओं और जरूरतों के अनुरूप डिजिटल भुगतान सहित डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) के विकास के लिए व्यापक प्रयास करने पर सहमति दी।

स्वास्थ्य एवं आवश्यक वस्तुओं के क्षेत्रों में सहयोग

राष्ट्रपति हर्मिनी ने 10 एम्बुलेंस (बेसिक लाइफ सपोर्ट तथा एडवांस लाइफ सपोर्ट) के दान के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। नवीनतम उपकरणों से सुसज्जित ये एम्बुलेंस सेशेल्स में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करेंगी। यह पहल भारत–सेशेल्स साझेदारी के जन-केंद्रित दृष्टिकोण को रेखांकित करती है।

दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि सेशेल्स द्वारा भारतीय औषधि संहिता की मान्यता से गुणवत्ता-आश्‍वासन वाली आवश्यक औषधियों की खरीद प्रक्रिया सुगम होगी तथा भारत की जन औषधि पहल के अंतर्गत सहयोग के माध्यम से किफायती दवाओं तक पहुँच को सुगम बनाया जा सकेगा।

दोनों नेताओं ने निम्नलिखित पर सहमति व्यक्त की:

• संस्थागत संपर्क के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा आदान-प्रदान दौरों को लागू करना।

• सेशेल्स की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भारत से चिकित्सा विशेषज्ञों, नर्सों, पैरामेडिकल कर्मियों तथा तकनीशियनों की भर्ती एवं प्रतिनियुक्ति को समर्थन देना।

• दौरों के आदान-प्रदान तथा संस्थागत संपर्कों के माध्यम से सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ करना।

• सेशेल्स में एक नए अस्पताल के निर्माण को समर्थन देने हेतु मिलकर कार्य करना।


जीवनयापन की उच्‍च लागत सेशेल्स सरकार के लिए चिंता का एक प्रमुख विषय बनी हुई है, इस बात को स्वीकार करते हुए दोनों नेताओं ने निम्नलिखित पर सहमति व्यक्त की:

• सेशेल्स के स्वास्थ्य ढांचे के दीर्घकालिक विकास में सहयोग करना, जिसमें दवाओं और चिकित्सीय उपकरणों की किफायती और विश्वसनीय पहुँच सुनिश्चित करने के उपाय शामिल हों।

• भारत से गुणवत्तापूर्ण और किफायती खाद्य पदार्थ एवं आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए एक संस्थागत तंत्र स्थापित करने हेतु मिलकर कार्य करना।

• राष्ट्रपति हर्मिनी ने सेशेल्स को 1000 मीट्रिक टन अनाज दान करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। खाद्यान्‍न के इस दान से सेशेल्स में खाद्य सुरक्षा सुदृढ़ होगी और सेशेल्स की जनता के लिए भोजन की लागत कम होगी।

क्षमता निर्माण, मानव संसाधन विकास और संस्थागत संपर्क

राष्ट्रपति हर्मिनी ने सेशेल्स की संस्थागत और प्रशासनिक क्षमताओं को सुदृढ़ करने में भारत के निरंतर समर्थन के लिए गहरी सराहना व्यक्त की। दोनों पक्षों ने क्षमता निर्माण में मजबूत सहयोग को रेखांकित किया, जिसमें भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम, सिविल सेवा, रक्षा कर्मियों और स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं। नेताओं ने पुलिसिंग, वित्त, कृषि, जलवायु परिवर्तन, समुद्री संरक्षण और अन्य क्षेत्रों में सेशेल्स की आवश्यकताओं और जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा संस्थागत संपर्कों की और अधिक संभावनाएं तलाशने पर सहमति व्यक्त की।

शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में, नेताओं ने कौशल विकास पहलों का विस्तार करने और शिक्षण संस्थानों तथा डिजिटल शिक्षा प्लेटफार्मों के बीच आदान-प्रदान बढ़ाने का आग्रह किया।

दोनों नेताओं ने निम्नलिखित पर सहमति व्यक्त की:

• भारत में सेशेल्स के सिविल अधिकारियों के लिए सुशासन के लिए राष्ट्रीय केंद्र (एनसीजीजी) के माध्यम से आवश्‍यकतानुरूप तैयार किया गया प्रशिक्षण कार्यक्रम कार्यान्वित करना।

• साइबर सुरक्षा और वित्तीय खुफिया क्षेत्रों में क्षमता निर्माण, सहयोग और आदान-प्रदान को सुदृढ़ करना।


• भारत से विशेषज्ञों की सेशेल्स में प्रतिनियुक्ति को सुगम बनाना तथा प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, शिक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, विधि, लेखा परीक्षा, समुद्री सुरक्षा, वित्त, भूमि और अवसंरचना विकास, कर प्रशासन, महिला सशक्तिकरण, मत्स्य पालन और अन्य परस्‍पर हित के क्षेत्रों में क्षमता निर्माण करना।


• समुद्री विज्ञान और संरक्षण के क्षेत्र में सरकार और गैर-सरकारी संस्थाओं के माध्यम से भारत और सेशेल्स के बीच क्षमता निर्माण और संस्थागत संपर्क बढ़ाना।

• सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के संवर्द्धन के लिए सहयोग और सहभागिता करना।


• सुषमा स्वराज विदेश सेवा संस्थान के सहयोग से सेशेल्स की आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करना।

नवीकरणीय ऊर्जा, जलवायु कार्रवाई और सततता

दोनों पक्षों ने नवनीकरणीय ऊर्जा और जलवायु लचीलापन (जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति अनुकूलन क्षमता) के क्षेत्र में सहयोग को गहन बनाने की अपनी प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि की, जिसमें नवोन्मेषी स्वच्छ ऊर्जा के ज़रिए समाधान भी शामिल हैं। राष्ट्रपति हर्मिनी ने सेशेल्स को उसके नवनीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने में भारत के दृढ़ समर्थन को मान्‍यता दी। उन्होंने उल्लेख किया कि भारत सरकार के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के तहत लागू सौर ऊर्जा परियोजनाओं ने ठोस सामुदायिक स्तर के लाभ प्रदान किए हैं, विशेष रूप से सेशेल्स के कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्रों में।

जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के लिए तैयारी और इनके न्यूनीकरण के क्षेत्रों में सहयोग को और गहन बनाने के लिए, दोनों नेताओं ने सेशेल्स में बहु-आपदा प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के क्रियान्वयन का समर्थन करने पर सहमति व्यक्त की।

भारत ने सेशेल्स को उसके विद्युत ग्रिड के प्रबंधन में तकनीकी सहायता प्रदान करने पर सहमति दी, जिससे देश को हरित सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की ओर बदलाव करने में समर्थन दिया जा सके। दोनों पक्षों ने ऊर्जा संरक्षण, सततता, नवनीकरणीय ऊर्जा और हरित परिवहन के क्षेत्रों में नए सहयोग और परियोजनाओं के अवसर तलाशने पर भी सहमति व्यक्त की, जिससे सेशेल्स की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।

दोनों नेताओं ने स्वीकार किया कि वित्तीय पहुँच सेशेल्स जैसे छोटे द्वीपीय विकासशील देशों (एसआईडीएस) के लिए एक प्रमुख चुनौती बनी हुई है। राष्ट्रपति हर्मिनी ने आशा व्यक्त की कि सेशेल्स अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की मजबूत और रचनात्मक आवाज पर भरोसा बनाए रख सकता है, जिससे बहुआयामी संवेदनशीलता - जिसमें बहुआयामी संवेदनशीलता सूचकांक (एमवीआई) भी शामिल है, को एक पूरक और महत्वपूर्ण विश्लेषणात्मक उपकरण के रूप में माना जा सके, साथ ही समानता, समान किन्तु विभेदित उत्‍तरदायित्‍व और संबंधित क्षमताएँ (सीबीडीआर-आरसी), तथा बहुपक्षीय विकास बैंक, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान और संयुक्त राष्ट्र विकास भागीदारों के साथ की जाने वाली संबंधित बातचीत में राष्ट्रीय रूप से निर्धारित आवश्यकताओं का ध्यान रखा जा सके।

दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि सेशेल्स आपदा प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन (सीडीआरआई) में शामिल होगा।

व्यापार, निवेश, संपर्क एवं पर्यटन

राष्ट्रपति हर्मिनी ने इस बात पर बल दिया कि भारतीय कंपनियाँ और व्यवसाय सेशेल्स को एक प्रमुख निवेश केंद्र के रूप में देखें तथा किफायती आवास, डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता, वित्तीय सेवाएँ, नीली अर्थव्यवस्था, पर्यटन और मत्स्य पालन क्षेत्रों में सेशेल्स द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे व्यापार और व्यवसायिक अवसरों का लाभ उठाएँ।

दोनों नेताओं ने स्वीकार किया कि प्रत्यक्ष उड़ानों से सेशेल्स आने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत से आने वाले पर्यटकों की बढ़ती संख्या ने सेशेल्स के पर्यटन क्षेत्र के लचीलेपन को सुदृढ़ किया है। साथ ही, दोनों पक्षों ने दोनों देशों के बीच और अधिक उड़ान संपर्क बढ़ाने की संभावनाओं को तलाशने के लिए मिलकर कार्य करने पर सहमति व्यक्त की।

नेताओं ने सेशेल्स और भारत के आर्थिक विकास एवं समृद्धि के साझा उद्देश्य की पूर्ति के लिए द्विपक्षीय व्यापार की पूर्ण संभावनाओं के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया।

हाइड्रोग्राफी के क्षेत्र में सहयोग

दोनों नेताओं ने अधिक संयुक्त हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षणों के माध्यम से सेशेल्स की नीली अर्थव्यवस्था के विकास को गति देने के प्रयासों को समर्थन प्रदान करने के लिए हाइड्रोग्राफी के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को और सुदृढ़ करने पर सहमति व्यक्त की। इस संदर्भ में, भारत की सहायता से सेशेल्स एक सेशेल्स हाइड्रोग्राफिक इकाई (एसएचयू) की स्थापना करेगा। द्विपक्षीय सहयोग के इस क्षेत्र को दिशा और गति प्रदान करने के लिए यह निर्णय लिया गया कि हाइड्रोग्राफी पर तीसरी संयुक्त परामर्श बैठक साल 2026 की शुरुआत में सेशेल्स में आयोजित की जाएगी।

रक्षा सहयोग एवं समुद्री सुरक्षा

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति हर्मिनी ने रेखांकित किया कि समुद्री सुरक्षा एवं रक्षा द्विपक्षीय साझेदारी का एक प्रमुख और समय-परीक्षित स्तंभ है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने उल्लेख किया कि सेशेल्स भारत के विज़न महा-सागर (MAHASAGAR - क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति) में एक महत्वपूर्ण समुद्री साझेदार है तथा सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा और रक्षा संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए भारत के निरंतर समर्थन और सहायता को पुनः दोहराया।

दोनों नेताओं ने स्वीकार किया कि समुद्री सुरक्षा एवं रक्षा के क्षेत्र में सेशेल्स–भारत की सुदृढ़ साझेदारी क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा को सशक्त बनाती है तथा सेशेल्स और भारत की जनता के कल्याण एवं समृद्धि को आगे बढ़ाती है।

नेताओं ने पुनः पुष्टि की कि सेशेल्स और भारत अंतरराष्ट्रीय क़ानून के सम्मान, नौवहन की स्वतंत्रता तथा नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था पर आधारित एक आज़ाद, खुला, सुरक्षित और संरक्षित हिंद महासागर क्षेत्र सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने समुद्री डकैती, मादक पदार्थों की तस्करी एवं मानव तस्करी, अवैध, अनियमित और अघोषित मत्स्यन, तथा संगठित अपराध और आतंकवाद के वित्तपोषण से जुड़े अन्य अंतरराष्ट्रीय अपराधों जैसी समुद्री चुनौतियों से निपटने के लिए निकट सहयोग करने के अपने संकल्प को दोहराया। साथ ही, उन्होंने उन्नत समुद्री क्षेत्र जागरूकता, सूचना साझा करने, क्षमता निर्माण तथा समन्वित परिचालन प्रबंधन के माध्यम से हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को सुदृढ़ करने पर भी बल दिया।

राष्ट्रपति हर्मिनी ने संयुक्त समुद्री निगरानी, हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण, द्विपक्षीय प्रक्रियाओं, सूचना साझा करने तथा सेशेल्स रक्षा बलों के क्षमता विकास के लिए सेशेल्स को प्रदान किए जा रहे दृढ़ समर्थन हेतु प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति अपनी सराहना व्यक्त की। दोनों नेताओं ने अनुकूलित प्रशिक्षण तथा नौसैनिक एवं वायु परिसंपत्तियों और परिवहन वाहनों की उपलब्धता के माध्यम से समुद्री सुरक्षा और रक्षा के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ करने पर सहमति व्यक्त की।

दोनों नेताओं ने अधिक प्रभावशीलता, बेहतर समन्वय तथा उच्च-स्तरीय सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए संस्थागत सहभागिता को उन्नत करने की प्रक्रिया आरंभ करने पर भी सहमति व्यक्त की।

राष्ट्रपति हर्मिनी ने सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोहों में भारतीय सशस्त्र बलों के दलों की भागीदारी के लिए भारत की सराहना की। दोनों पक्षों ने 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोहों के अवसर पर इस परंपरा को जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।

राष्ट्रपति हर्मिनी ने पीएस ज़ोरोएस्टर की रीफिटिंग के लिए अनुदान सहायता के माध्यम से भारत द्वारा दिए जा रहे निरंतर समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने सेशेल्स को हाल ही में प्रदान किए गए 10 उपयोगिता वाहनों तथा 5 लेज़र रेडियल नौकाओं के दान को भी स्वीकार किया। इससे सेशेल्स रक्षा बलों की लॉजिस्टिक आवश्यकताओं की पूर्ति होगी।


क्षेत्रीय एवं बहुपक्षीय सहयोग

हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा साझा चुनौतियों से निपटने में क्षेत्रीय तंत्रों की भूमिका को स्वीकार करते हुए, दोनों नेताओं ने आपसी हित के मुद्दों पर विचारों के आदान-प्रदान हेतु निकट सहयोग करने पर सहमति व्यक्त की।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन (सीएससी) का पूर्ण सदस्य बनने के सेशेल्स के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय निकायों में विभिन्न उम्मीद्वारियों के लिए भारत को सेशेल्स द्वारा दिए गए समर्थन के लिए राष्ट्रपति हर्मिनी के प्रति आभार भी व्यक्त किया। राष्ट्रपति हर्मिनी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता हेतु भारत के लिए सेशेल्स के समर्थन को पुनः दोहराया।

लोगों के बीच परस्‍पर तथा सांस्कृतिक संबंध

भारत और सेशेल्स के बीच गहरे ऐतिहासिक संबंधों को स्वीकार करते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति हर्मिनी ने सेशेल्स के आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक ताने-बाने में भारतीय मूल के सेशेल्सवासियों के योगदान को रेखांकित किया। दोनों नेताओं ने सेशेल्स की अर्थव्यवस्था और अवसंरचना में भारतीय पेशेवरों के योगदान को भी स्वीकार किया। दोनों नेताओं ने संस्कृति, पर्यटन, शिक्षा तथा युवा सहभागिता के क्षेत्रों में सहयोग को संस्थागत रूप देने पर भी सहमति व्यक्त की।

दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं को समाहित करने वाली व्यापक चर्चाओं पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने इस साझा समझ के साथ बैठक का समापन किया कि सेशेल्स–भारत साझेदारी हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता और विकास के लिए एक महत्वपूर्ण आधार बनी हुई है। दोनों नेताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि आज लिए गए निर्णय द्विपक्षीय साझेदारी को और ऊँचाई प्रदान करेंगे, उसे सुदृढ़ बनाएंगे तथा दोनों देशों की जनता को ठोस लाभ पहुँचाएँगे।

राष्ट्रपति हर्मिनी ने अपने राजकीय दौरे के दौरान भारत द्वारा किए गए आत्‍मीय आतिथ्य के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी को परस्पर सुविधाजनक समय पर सेशेल्स के आधिकारिक दौरे के लिए निमंत्रण भी दिया।

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Prime Minister Narendra Modi receives a telephone call from the US Vice President
August 08, 2026
PM and Vice President Vance review progress in the India-U.S. Strategic Partnership.
PM and Vice President Vance exchange views on regional and global developments.
PM warmly congratulates Vice President Vance and Ms. Usha Vance on the birth of their son.

Prime Minister Shri Narendra Modi received a telephone call today from the Vice President of the United States, Mr. J.D. Vance.

Prime Minister and Vice President Vance reviewed progress in the India-U.S. Comprehensive Global Strategic Partnership. They noted the sustained momentum in the high-level engagements and reaffirmed their commitment to further strengthening cooperation in trade, defence, critical and emerging technologies, energy security and critical minerals.

They also exchanged views on regional and global developments of mutual interest.

Prime Minister warmly congratulated Vice President Vance and Ms. Usha Vance on the birth of their son and conveyed best wishes to the family.