भारत-फ्रांस संयुक्त वक्तव्य

Published By : Admin | September 10, 2023 | 17:26 IST

भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 10 सितंबर, 2023 को नई दिल्ली में जी-20 के राजनेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान फ्रांसीसी गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक की, जो कि दोपहर के भोजन के दौरान आयोजित की गई थी। इन दोनों राजनेताओं ने जुलाई, 2023 में पेरिस में आयोजित अपनी आखिरी बैठक के बाद से लेकर अब तक द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति पर व्‍यापक चर्चा की, इसका आकलन किया और फि‍र इसकी समीक्षा की। इसके साथ ही उन्होंने महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर अपने-अपने विचारों का आदान-प्रदान किया।

राष्ट्रपति मैक्रों की भारत यात्रा, 14 जुलाई 2023 को फ्रांसीसी राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर सम्मानित अतिथि के रूप में 13-14 जुलाई, 2023 को प्रधानमंत्री श्री मोदी की पेरिस की ऐतिहासिक यात्रा के बाद हो रही है, जिस दौरान भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की 25वीं वर्षगांठ मनाई गई।

भारत-फ्रांस साझेदारी, जो कि गहन विश्वास, साझा मूल्यों, संप्रभुता एवं सामरिक स्वायत्तता में विश्वास, संयुक्त राष्ट्र चार्टर में निहित अंतरराष्ट्रीय कानून एवं सिद्धांतों के प्रति दृढ़ कटिबद्धता, बहुपक्षवाद में अटल विश्वास और एक स्थिर बहु-ध्रुवीय विश्व के लिए पारस्परिक प्रयासों पर आधारित है, की मजबूती को स्वीकार करते हुए दोनों ही राजनेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने भारी उथल-पुथल भरे समय में ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ यानी ‘एक पृथ्वी, एक कुटुंब, एक भविष्य’ का संदेश देते हुए सामूहिक रूप से भलाई करने के प्रति अपनी अटूट कटिबद्धता दोहराई, ताकि वैश्विक व्यवस्था को नया स्‍वरूप प्रदान किया जा सके।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की यात्रा के दौरान ‘क्षितिज 2047’ रोडमैप, हिंद-प्रशांत रोडमैप, और इसी तरह के अन्य परिणामों को हालिया संदर्भ बिंदु मानते हुए दोनों राजनेताओं ने रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी, जलवायु परिवर्तन, शिक्षा और दोनों देशों की जनता के आपसी संपर्क के क्षेत्रों में सहयोग के लिए नए और महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में हुई समग्र प्रगति और अगले कदमों पर चर्चा की। उन्होंने अवसंरचना, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, जैव विविधता, स्थायित्व और औद्योगिक परियोजनाओं सहित हिंद-प्रशांत क्षेत्र और अफ्रीका में भारत-फ्रांस साझेदारी पर अपनी चर्चाओं को आगे बढ़ाया। उन्होंने भारत एवं फ्रांस द्वारा शुरू किए गए अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन और आपदा रोधी अवसंरचना के लिए गठबंधन की रूपरेखा के तहत अपने-अपने सहयोग के माध्यम से हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए समाधान प्रदाताओं के रूप में अपनी भूमिका को रेखांकित किया।

राष्ट्रपति मैक्रों ने भारत के मिशन चंद्रयान 3 की सफलता पर प्रधानमंत्री श्री मोदी को बधाई दी। दोनों राजनेताओं ने भारत-फ्रांस अंतरिक्ष सहयोग के छह दशकों को स्‍मरण किया और जून 2023 में प्रथम सामरिक अंतरिक्ष संवाद आयोजित करने के बाद से लेकर अब तक इस दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मजबूत भारत-फ्रांस असैन्य परमाणु संबंधों, जैतापुर परमाणु संयंत्र परियोजना के लिए हुई चर्चा में अच्छी प्रगति को रेखांकित किया और एसएमआर एवं एएमआर प्रौद्योगिकियों के सह-विकास के लिए साझेदारी करने के साथ-साथ विशेष आशय की घोषणा पर आगामी हस्ताक्षर हेतु द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए दोनों पक्षों की निरंतर सहभागिता का स्वागत किया। फ्रांस ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में भारत की सदस्यता के लिए अपना दृढ़ और अटूट समर्थन दोहराया।

दोनों ही राजनेताओं ने उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों एवं प्लेटफॉर्मों के डिजाइन, विकास, परीक्षण और विनिर्माण में साझेदारी के माध्यम से रक्षा सहयोग को मजबूत करने और हिंद-प्रशांत एवं उससे परे स्थित अन्‍य देशों सहित भारत में उत्पादन बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस संदर्भ में उन्होंने ‘रक्षा औद्योगिक रोडमैप’ को शीघ्र अंतिम रूप देने का भी आह्वान किया।

डिजिटल, विज्ञान, प्रौद्योगिकीय नवाचार, शिक्षा, संस्कृति, स्वास्थ्य और पर्यावरण सहयोग जैसे क्षेत्रों पर विशेष जोर देते हुए दोनों ही राजनेताओं ने हिंद-प्रशांत के लिए भारत-फ्रांस कैम्पस की तर्ज पर ही इन क्षेत्रों में आपसी संस्थागत संबंधों को मजबूत करने का आह्वान किया। इस संदर्भ में उन्होंने सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ाने और संग्रहालयों के विकास में आपस में मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता की भी पुष्टि की।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भारत की जी-20 की अध्यक्षता को फ्रांस की ओर से निरंतर समर्थन देने के लिए राष्ट्रपति मैक्रों का धन्यवाद किया, जिसने वैश्विक चुनौतियों से निपटने और अधिक स्थिर वैश्विक व्यवस्था बनाने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में समावेशिता, एकता और एकजुटता को आगे बढ़ाया है। भारत एवं फ्रांस ने जी-20 में अफ्रीकी संघ (एयू) की सदस्यता का भी स्वागत किया और अफ्रीका की प्रगति, समृद्धि एवं विकास के लिए एयू के साथ मिलकर काम करने की उम्मीद जताई।

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प्रधानमंत्री 27 अगस्त को 'खेलो इंडिया डायलॉग' में युवाओं को संबोधित करेंगे
August 26, 2026
'खेलो इंडिया डायलॉग' एक ऐसा साझा मंच होगा, जहां खेल, युवा नेतृत्व, नागरिक कर्तव्य, स्वयंसेवा, फिटनेस और राष्ट्र निर्माण का एक साथ संगम देखने को मिलेगा 
खेलो इंडिया डायलॉग के तहत 'युवा संवाद' में पांच मुख्य थीमों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा: खेल, ओलंपिक आकांक्षाएं, युवा नेतृत्व, विकसित भारत और नशामुक्त युवा

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 27 अगस्त को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'खेलो इंडिया डायलॉग' को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को भारत की खेल यात्रा से जोड़ना, उनकी आकांक्षाओं को साझा करना और युवा-नेतृत्व वाले विकसित भारत के निर्माण के लिए उनके विचारों का योगदान प्राप्त करना है।

राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 के उत्सव के एक हिस्से के रूप में 'मेरा युवा भारत' (MY भारत) द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम देश भर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रत्येक जिले से दो-दो कॉलेजों के युवाओं की भागीदारी के साथ आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री के उस दृष्टिकोण के अनुरूप आयोजित किया जा रहा है, जिसमें युवाओं की आकांक्षाओं को राष्ट्रीय विकास के एजेंडे के केंद्र में रखते हुए एक फिट, अनुशासित और खेल-समर्पित राष्ट्र का निर्माण करना शामिल है।

राष्ट्रव्यापी 'खेलो इंडिया डायलॉग' खेल, युवा नेतृत्व, नागरिक जिम्मेदारी, स्वयंसेवा, फिटनेस और राष्ट्र निर्माण को एक साझा मंच पर एक साथ लाएगा। यह युवाओं को देश की खेल संबंधी आकांक्षाओं से सीधे जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा, साथ ही यह सुनिश्चित करेगा कि उनके विचार और दृष्टिकोण भारत के युवा व खेल इकोसिस्टम पर चल रही निरंतर चर्चा का हिस्सा बनें।

राष्ट्रीय कार्यक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर संवाद आयोजित किए जाएंगे, जिनमें युवा प्रतिभागी, MY भारत के स्वयंसेवक, स्थानीय खिलाड़ी और जन प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस पहल की एक प्रमुख विशेषता खेल में रुचि रखने वाले युवाओं और भारत के अग्रणी एथलीटों व पदक विजेताओं के बीच सीधा संवाद होगी। इस कार्यक्रम का मुख्य केंद्र 'युवा संवाद' होगा, जहां युवा प्रतिभागियों को अपने विचारों, दृष्टिकोणों और आकांक्षाओं को व्यक्त करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। यह संवाद पांच थीम पर आधारित होगा:

  • बेहतर सुविधाओं, कोचिंग, खेल विज्ञान और समावेशी भागीदारी के माध्यम से भारत के खेल इकोसिस्टम में सुधार करना;
  • वैज्ञानिक तरीकों से प्रतिभा की पहचान, पारदर्शी चयन प्रक्रिया और एथलीटों के लंबे समय तक विकास के जरिए 2036 ओलंपिक के लिए नए खिलाड़ियों को तैयार करना;
  • गवर्नेंस प्लेटफ़ॉर्म और 'मेरा युवा भारत' (MY भारत) के वॉलंटियरिंग अभियानों के ज़रिए नए युवा लीडर्स तैयार करना;
  • नागरिक कर्तव्य भाव, भविष्य के लिए उपयोगी कौशल और व्यवस्थित स्वयंसेवा के माध्यम से विकसित भारत के लिए युवाओं को सशक्त बनाना;
  • 'नशा मुक्त युवा' अभियान को बढ़ावा देने के लिए खेल और साथियों के नेटवर्क का उपयोग किया जा रहा है, ताकि मादक पदार्थों के व्यसन के खिलाफ एक मजबूत लड़ाई लड़ी जा सके। इस पहल को 2 अगस्त 2026 को शुरू किए गए प्रधानमंत्री के 100-सप्ताह के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत आयोजित साप्ताहिक 'जन भागीदारी' कार्यक्रमों से और अधिक बल मिल रहा है।