लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम, हैदराबाद

11 अगस्त, 2013

मंच पर बिराजमान श्रीमान वैंकया गारू जी, श्री बंगारू लक्ष्मण गारू जी, श्री वी. रामाराव गारू जी, आंध्र प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष श्रीमान किशन रेड्डी गारू जी, सोदरा-सोदरी, मनोलारा, नमश्कारम्..!

भारत देशा.... (तेलुगू में भाषण) .....

... और आप लोग 17 सितंबर को हैदराबाद लिबरेशन डे मनाते हैं और मेरा सौभाग्य है कि उस दिन मुझे आपकी याद विशेष आती है क्योंकि 17 सितंबर मेरा जन्म दिन भी है..! मैं आंध्र प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं का हृदय से अभिनदंन करता हूँ कि उन्होंने इस पॉलिटिकल सभा का समाज सेवा के लिए उत्तम तरीके से उपयोग किया और मैं आंध्र प्रदेश के युवकों को भी अभिनंदन देता हूँ कि उन्होंने इस जनसभा में पाँच रूपया रजिस्ट्रेशन फीस देकर के उत्तराखंड के पीड़ितों के दर्द के साथ अपने आपको जोड़ने का उत्तम प्रयास किया है और इसलिए आंध्र प्रदेश भारतीय जनता पार्टी एवं आंध्र के नौजवानों को मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूँ, बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूँ..!

भाइयों-बहनों, सार्वजनिक जीवन में ऐसी दिल को छू लेने वाली घटनाएं कभी-कभी मनुष्य जीवन के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बन जाती है। एक सिख परिवार जो आंध्र में आकर के बसा, जिसका बेटा केनेडा में रहता है। उनकी अस्सी साल से बड़ी आयु की माँ इस कार्यक्रम में आना चाहती थीं। केनेडा से उसका बेटा ट्विटर पर लिखता है और आज मुझे इस कार्यक्रम में उस माँ के चरण छूने का अवसर मिला, उस माँ का आशीर्वाद पाने का अवसर मिला..! मित्रों, मैं हैरान हूँ..! एक बुजुर्ग स्वतंत्रता सेनानी, उन्होंने इस सभा में आने के लिए अपने परिवार के साथ सत्याग्रह किया, तीन दिन अन्न छोड़ दिया और कहा कि मुझे वहाँ ले जाने का प्रबंध करो और तब जा कर के उन्होंने अन्न लिया..! इनकी ये तपस्या, उनका ये आशीर्वाद, उनको भारत की कितनी चिंता है उसका प्रतिबिंब है..! मैं उन दोनों महानुभावों को अंत:करण पूर्वक नमन करता हूँ और ये घटना मेरे जीवन में सदा सर्वदा प्रेरणा देने वाली घटना रहेगी..! क्योंकि देश में जब राजनीति पर से भरोसा उठता चला गया है, राजनेताओं पर से भरोसा उठता चला गया है, दिल्ली की सल्तनत के एक के बाद एक कारनामों ने हिन्दुस्तान के सामान्य मानवी के दिल से एक भरोसा तोड़ा है..!

Navbharat Yuva Bheri at Hyderabad

भाइयों-बहनों, यहाँ इतने सारे नौजवान आए हैं, लेकिन जब मैं रास्ते से आ रहा था तो इससे भी डबल संख्या में नौजवान बाहर हैं, वे अंदर नहीं आ पाएं है..! मैं उन सभी नौजवानों की क्षमा मांगता हूँ और मैं उनको विश्वास दिलाता हूँ कि इस स्टेडियम में जगह हो या ना हो, लेकिन मेरे दिल में आपके लिए बहुत जगह है..! आप तो मुझे वहाँ पर लगे टी.वी. से देख रहे हैं, लेकिन मेरा इतना सौभाग्य नहीं है नौजवान मित्रों, मैं आपको यहाँ से देख नहीं पा रहा हूँ। लेकिन मैं विश्वास दिलाता हूँ कि मुझे जब भी मौका मिलेगा, मैं आंध्र में दोबारा आउँगा और जिन नौजवानों के दर्शन आज नहीं कर पाया हूँ, उनके दर्शन मैं दोबारा जरूर करूंगा, ये मैं उनको विश्वास दिलाता हूँ..!

भाइयों-बहनों, गत सप्ताह की जो घटनाएँ हैं, उन घटनाओं ने देश को झकझोर दिया है। भाइयों-बहनों, सवाल ये है कि हम किस पर भरोसा करें..? जब हमारे देश की सेना के पाँच जवानों के सिर काट लिए गए, तब भारत के प्रधानमंत्री ने कहा था कि ऐसी घटना अगर दोबारा होगी तो हम पाकिस्तान से हिसाब चुकता करेंगे..! मैं प्रधानमंत्री जी से पूछना चाहता हूँ, इसी हफ्ते हमारे देश की रक्षा करने वाले, माँ भारती के लिए जीने-मरने वाले हमारे देश के उन रणबांकुरों को पाकिस्तान की सेना ने भून दिया, उनको मौत के घाट उतार दिया..! दिल्ली की सल्तनत से हिन्दुस्तान पूछ रहा है, जब हमारे देश के जवानों के सिर काट लिए गए थे तब आपने वादा किया था कि आप ऐसी चीजों को सहन नहीं करेंगे, क्या कारण हुआ कि पाकिस्तान एक के बाद एक जुल्म करता चला जा रहा है और सवा सौ करोड़ का देश चुपचाप सारी चीजें झेल रहा है..?

भाइयों-बहनों, पिछले दिनों एक के बाद एक जो घटनाएं घटी हैं। आप देखिए, किश्तवाड़ सुलग रहा है..! ना जाने कितने लोगों को मारा गया है, ना जाने कितने लोगों की दुकानें जलाई गई हैं, ना जाने कितने लोगों के घर जलाए गए हैं..! भाइयों-बहनों, कश्मीर घाटी में तीन दशक से जो खेल चल रहा है, क्या उसका रिहर्सल किश्तवाड़ में करने का नापाक इरादा तो नहीं है..? देश जानना चाहता है। आज भारतीय जनता पार्टी के विपक्ष के नेता श्रीमान अरूण जेटली जी किश्तवाड़ के पीड़ितों का हाल पूछने जाना चाहते थे, किश्तवाड़ का हाल देखना चाहते थे, लेकिन वहाँ की सरकार ने सत्य को छुपाने के लिए, इस जुल्म की कथा को छुपाने के लिए ये हिंसा के दौर पर चुप्पी रहे इसलिए अरूण जेटली जी को जम्मू के एयरपोर्ट पर डिटेन कर दिया गया..! भाइयों-बहनों, जम्मू के पहाड़ी क्षेत्र की इस घटना को छोटी घटना ना मानी जाए। जो संकट कश्मीर घाटी ने झेला उसकी शुरूआत करने के नापाक इरादे की इसमें बू आती है..! और इसलिए भाइयों-बहनों, सवाल किश्तवाड़ के नागरिकों का नहीं है, सवाल है कि भारत के शांतिप्रिय नागरिकों को सुख चैन की जिंदगी चाहिए, जुल्म से मुक्ति चाहिए और फिर एक बार देश का भरोसा टूट गया..!

ये दिल्ली की सल्तनत हमारे देश को सुरक्षा नहीं दे सकती है। भाइयों-बहनों, आपको जान कर के हैरानी होगी, वोट बैंक की राजनीति में डूबी हुई दिल्ली की सल्तनत हिन्दुस्तान की सुरक्षा को अनदेखा कर रही है। बांग्लादेश की सीमा पर हमारे जो जवान हैं, वे अगर किसी बंगलादेशी घुसपैठिये को रोकना चाहते हैं और अगर वो रूकता नहीं है तो भारत की सेना और बी.एस.एफ. के जवानों पर रोक लगाई गई है कि वे कोई भी शस्त्र का उपयोग नहीं करेंगे..! इतना ही नहीं, यहाँ तक कह दिया गया है कि अगर वो ज्यादा ताकतवर हैं, अगर घुसपैठिए का हमला तेज है तो बांग्लादेश की सीमा पर बैठे हुए बी.एस.एफ. के जवान झगड़ा करने के बजाए उनको अंदर आने की इजाजत दे दें..! भाइयों-बहनों, एक सार्वभौम सरकार का मुखिया, सवा सौ करोड़ के देश की सरकार हिन्दुस्तान के सामान्य मानवी को इस प्रकार के निर्णयों से सुरक्षा कैसे प्रदान कर सकती है..?

Navbharat Yuva Bheri at Hyderabad

भाइयों-बहनों, चाइना ने हमारी सीमा पर आ करके अड़ंगा लगाया, सारी दुनिया ने देखा, गुगल मैप पर सारे नागरिक देख पा रहे थे कि चाइना की मूवमेंट कैसी है, चाइना किस तरह हमारी धरती पर आ रहा है, किस तरह अपनी जगह बना रहा है..! और मैं हैरान हूँ, चाइना तो घुसपैठिया था, उसको तो अपनी धरती पर वापस जाना जरूरी था, लेकिन दिल्ली की सरकार ने ऐसा समझौता किया कि चाइना तो अपनी धरती पर वापिस गया, लेकिन हिन्दुतान की सेना को भी अपनी ही धरती पर से वापस लेने का दूर्भाग्यपूर्ण निर्णय किया..! इतना ही नहीं, बड़ी बयानबाजी करके भारत के विदेश मंत्री चाइना गए और चाइना में जा करके चाइना की इन हरकतों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए थी, लाल आंख करके चाइना को समझाना चाहिए था, उसकी बजाय हिन्दुस्तान के विदेशमंत्री ने चाइना में जा कर के बयान दिया कि ‘बिजिंग इतना बढ़िया शहर है कि मेरा तो यहाँ रहने का दिल कर जाता है’..! डूब मरो, डूब मरो... मेरे देश की सरकार चलाने वालों डूब मरो..! आपको शर्म आनी चाहिए। ये घाव पर नमक छिड़क रहे हैं आप लोग..! हिन्दुस्तान के सवा सौ करोड़ नागरिकों के मन पर लगी चोट पर आप एसिड छिड़क रहे हो..!

इतना ही नहीं, हमारे जवानों के जब सिर काट लिए गए थे और उसके बाद भारत के विदेश मंत्री जयपुर जा करके पाकिस्तान के मेहमानों को बिरयानी खिला रहे थे और कहते क्या हैं, ये प्रोटोकॉल है..! मैं देश के नौजवानों को पूछता हूँ, जो मेरे देश के जवानों के सिर काट ले क्या उनके साथ प्रोटोकॉल होता है..? क्या ये हिन्दुस्तान को उसके घाव पर नमक छिड़कने का काम है कि नहीं..?

भाइयों-बहनों, इटली के लोग आएं और केरल में हमारे मछुआरों को गोली मार दें। कोई गुनाह नहीं था उनका..! वो मछुआरे मछली पकड़ने गए थे, गरीब माँ के बेटे पेट भरना चाहते थे, मेहनत कर रहे थे..! इटली के जवान आए, आकर के मेरे देश के दो मछुआरों को गोली से भून दिया..! उनको अरेस्ट किया जाए और हिन्दुस्तान के अंदर कोई जेल में है तो उसको बेल नहीं मिलती है, लेकिन वो कौन लोगों का इन्फ्ल्यूऐंस था कि इटली के उन जवानों को बेल मिल गया..? वे इटली चले गए और जब वापिस आने की नौबत आई तो इटली सरकार ने आँख दिखाई और कहा कि सैनिक नहीं आएंगे..! ये तो भारत की सुप्रीम कोर्ट ने आँख दिखाई और इटली के हाई कमीश्नर को कह दिया गया कि तुम हिन्दुस्तान छोड़ नहीं सकते हो, तब जा कर के इटली को झुकना पड़ा और हिन्दुस्तान को वो सैनिक देने पड़े..!

भाइयों-बहनों, मैं इन घटनाओं को इसलिए सुना रहा हूँ कि दिल्ली में बैठी हुई सरकार किसी भी विषय पर गंभीर नहीं है, उनको इस देश की समस्याओं की चिंता नहीं है..! मेरे नौजवान मित्रों, आपको हिन्दुस्तान की चिंता हो रही है..? आपको हिन्दुस्तान की चिंता सता रही है..? मेरे नौजवान मित्रों, आपको हिन्दुस्तान की चिंता है, मुझे मेरे देश के नौजवानों की चिंता है..! मन में सवाल उठता है कि इस देश की युवा पीढ़ी का क्या होगा..? रोजी-रोटी पाने के लिए कहाँ जाएंगे..? मित्रों, कांग्रेस की सरकार महाराष्ट्र में भी है, कांग्रेस की सरकार आंध्र में भी है। और हमारे कांग्रेस के मित्रों को जरा बुरा लगेगा लेकिन कान खोल कर सुन लीजिए, आंध्र में भी आप कई वर्षों से राज कर रहे हैं, महाराष्ट्र में भी आप कई वर्षों से राज्य कर रहे हैं और हिन्दुस्तान में सबसे ज्यादा आत्महत्या की घटनाएं अगर कहीं होती हैं तो महाराष्ट्र और आंध्र में होती हैं, वहाँ के नौजवानों को आत्महत्या का रास्ता लेना पड़ता है..! भाइयों-बहनों, आज हमारे आंध्र के नौजवानों को पेट भरने के खातिर गल्फ कंट्रीज में जाना पड़ रहा है।

Navbharat Yuva Bheri at Hyderabad

ये कांग्रेस पार्टी की डिवाइड एंड रूल की ही तरकीबें रही हैं। 2004 में कांग्रेस पार्टी ने आंध्र के लोगों को तेलंगाना देने का वादा किया था। पूरे हिन्दुस्तान में किसी एक राज्य से सर्वाधिक एम.पी. अगर कांग्रेस को मिले हैं तो आंध्र से मिले हैं। दिल्ली में कांग्रेस की सरकार टिकी है तो आंध्र से मिले हुए एम.पी.ओं के कारण टिकी हुई है। उस आंध्र को कांग्रेस ने क्या दिया..? आपको वादा किया था, निभाया..? भाइयों-बहनों, छोटे राज्यों की रचना अटल बिहारी वाजपेयी ने भी की थी। छत्तीसगढ़ बना, तो मध्य प्रदेश भी मिठाई बांट रहा था और छत्तीसगढ़ भी मिठाई बांट रहा था। उत्तराखंड बना, तो उत्तर प्रदेश भी मिठाई बांट रहा था और उत्तराखंड भी मिठाई बांट रहा था। झारखंड बना, तो बिहार भी मिठाई बांट रहा था और झारखंड भी मिठाई बांट रहा था..! ये कांग्रेस के वो कौन से कारनामें हैं कि उसने भाई-भाई के बीच दरार पैदा कर दी है। एक भाई दूसरे भाई को मारने जाए, ये हालत पैदा करने का पाप कांग्रेस पार्टी ने किया है..! तेलंगाना के पक्ष में भारतीय जनता पार्टी पहले से है। विद्या सागर राव के चुनाव समय मैं खुद तेलंगाना में एक सभा करने आया था और मैंने सार्वजनिक सभा में कहा था कि अगर हमें सरकार बनाने का मौका मिलेगा तो सौ दिन के भीतर-भीतर हम तेलंगाना का निर्माण कर देंगे, ये हमने वादा किया था..! लेकिन हमने तब भी कहा था कि किसी भी कीमत पर सीमांध्र की अनदेखी नहीं की जा सकती। सीमांध्र का भी विकास सारे हिन्दुस्तान को गौरव हो ऐसा होना चाहिए। सीमांध्र के अंदर जो शहर आए हैं, वो शहर हैदराबाद से भी ज्यादा प्रगतिशील बने इसकी व्यवस्था होनी चाहिए। लेकिन दिल्ली की सरकार को ये करने की फुर्सत नहीं है। अगर उनको ये हैदराबाद को दोनों राज्यों की राजधानी बनानी थी और ये कहना था कि दस साल के बाद दूसरी राजधानी बनाएंगे, तो मैं दिल्ली की सरकार को पूछना चाहता हूँ कि ये काम दो 2004 में शुरू क्यों नहीं किया..? क्यों दूसरी राजधानी की तैयारी नहीं की..? आंध्र के लोगों को अन्याय करने का आपको अधिकार नहीं है..! और इसलिए भाइयों-बहनों, हमारे दिल में तेलंगाना का भी उतना ही महत्व है, सीमांध्र का भी उतना ही महत्व है..!

भाइयों और बहनों, मैं एक छोटा व्यक्ति हूँ लेकिन गुजरात की धरती से आया हूँ, महात्मा गांधी की भूमि से आया हूँ, सरदार पटेल की भूमि से आया हूँ..! मैं मेरे तेलंगाना और आंध्र के भाइयों से प्रार्थना करता हूँ। भाइयों-बहनों, कांग्रेस भले कितने ही खेल क्यों ना खेले, लेकिन आपके बीच टकराव नहीं होना चाहिए..! भाई-भाई के बीच, अपने भाई के प्रति नफरत नहीं होनी चाहिए..! मैं आंध्र के और तेलंगाना के भाइयों से पूछना चाहता हूँ, दर्द के साथ पूछना चाहता हूँ, पीड़ा के साथ पूछना चाहता हूँ, पिछले दिनों कुछ घटनाएं घटी हैं उससे पीड़ित हो कर के पूछना चाहता हूँ। मेरे भाइयों-बहनों, मेरी बात में अगर सच्चाई ना हो तो मेरी बात को ठुकरा देना, लेकिन मेरा सवाल आपके दिल को छू जाए तो मुझे कहना..! भाइयों-बहनों, हमारा रास्ता क्या है..? मैं आपसे पूछना चाहता हूँ कि आंध्र और तेलंगाना... क्या कभी किसी ने सोचा है कि माँ के दूध में भी दरार हो सकती है..? भाइयों-बहनों, माँ के दूध में दरार नहीं होनी चाहिए..! हम भाई हैं, हम साथी हैं..! मेरे गुजरात में, मेरे सूरत में चार लाख तेलगू भाषी भाई-बहन रहते हैं, मेरे अहमदाबाद में छह लाख तेलगू भाई-बहन रहते हैं। हम प्यार से जीते हैं, साथ-साथ जीते हैं, साथ-साथ मेहनत करते हैं, हर एक का पेट भरने का प्रयास करते हैं..! अगर हम गुजरात के लोग तेलगू भाषी लोगों के साथ प्यार से जी सकते हैं, तो तेलंगाना वाला भी आंध्र के साथ प्यार से जी सकता है और आंध्र वाला भी तेलंगाना के साथ प्यार से जी सकता है..!

भाइयों-बहनों, हम सबका लक्ष्य ये होना चाहिए कि आंध्र इतनी प्रगति करे, इतनी प्रगति करे कि गुजरात से भी आगे निकल जाए..! तेलंगाना इतनी प्रगति करे, इतनी प्रगति करे कि वो भी गुजरात से आगे निकल जाए..! हमें ये सपना देखना चाहिए..! और भाइयों-बहनों, विकास एक ही रास्ता है, विकास में ही समस्याओं का समाधान है, हमारी सारी मुसीबतों का समाधान विकास में है..! ये कांग्रेस पार्टी किसी भी हालत में विकास के मार्ग पर जाने को तैयार नहीं है क्योंकि उसको जवाब देना भारी पड़ जाता है..! यहाँ जो लोग मेरी आयु के बैठे हैं उन्होंने कभी, आज से चालीस साल पहले, कभी भी बाजार में घी की दुकान हो तो वहाँ पर ऐसा बोर्ड पढ़ा था, ‘शुद्घ घी की दुकान’, पढ़ा था..? आज से चालीस साल पहले ‘शुद्घ घी की दुकान’ ऐसा बोर्ड नहीं लगाना पड़ता था। घी की दुकान लिखा इसका मतलब कि वहाँ घी शुद्घ ही मिलता होगा। लेकिन आज बोर्ड लगाना पड़ता है, ‘शुद्घ घी की दुकान’, क्योंकि शुद्घ घी नहीं मिलता है..! भाइयों-बहनों, जब वाजपेयी जी की सरकार थी, तब इस देश में गरीब को कभी रोटी की चिंता नहीं थी, गरीब की थाली में रोटी पहुंचती थी और इसलिए कभी फूड सिक्योरिटी पर सोचना नहीं पड़ा था। ये कांग्रेस पार्टी ने गरीब की हालत इतनी खराब कर दी है कि आज जैसे ‘शुद्घ घी की दुकान’, वैसे उनको ‘फूड सिक्योरिटी बिल’ की बात करने की नौबत आई है..! जिन्होंने गरीब की थाली से रोटी छीन ली है उन्होंने पाप किया है..! मैं देश के अर्थशास्त्रियों को कहना चाहता हूँ। इन दिनों हमारे देश में एक शब्द चल रहा है, पिछले कुछ समय से, इन्क्लूसिव ग्रोथ..! ये शब्द पहले क्यों नहीं था..? दस-दस पंचवर्षीय योजनाएं पूरी हुई, ना कभी प्लानिंग कमीशन ने इन्क्लूसिव ग्रोथ शब्द का प्रयोग किया, ना दिल्ली में बैठी हुई किसी सरकार को करना पड़ा और ना ही राज्य में बैठी किसी सरकार को करना पड़ा..! आज क्यों करना पड़ा..? आज इसलिए करना पड़ा है क्योंकि कांग्रेस ने साठ साल तक इन्क्लूजिव कुछ भी नहीं किया है, सब कुछ एक्स्क्लूडेड किया है..! कई लोगों को उन्होंने विकास से वंचित रखा है, कई लोगों को उन्होंने गरीब रखा है और तब जा कर के आज उनके लिए ये नौबत आई है..!

भाइयों-बहनों, कांग्रेस पार्टी इस देश के लिए बोझ बन गई है। लेकिन आज मैं आंध्र में आया हूँ तब एन.टी.आर. को याद करना चाहता हूँ..! इस देश की एन.टी.आर. ने एक बहुत बड़ी सेवा की थी। ना सिर्फ आंध्र के सम्मान की सेवा की थी, ना सिर्फ आंध्र के गौरव के लिए लड़े थे, लेकिन एन.टी.आर. ने कांग्रेस विरोधी राजनीति को बल दिया था। ये एन.टी.आर. के प्रयास थे कि इस देश के अंदर दिल्ली में गैर कांग्रेसी सरकार बनाने का संभव हुआ था। मैं आंध्र में सभी राजनैतिक दलों से अनुरोध करता हूँ कि एन.टी.आर. को उत्तम से उत्तम श्रद्धांजलि क्या हो सकती है..? एन.टी.आर. को उत्तम से उत्तम श्रद्घांजलि कांग्रेस मुक्त भारत का निर्माण करके ही दे सकते हैं..! और जो लोग एन.टी.आर. की लेगसी का दावा करते हैं, उनका पहला कर्तव्य बनता है कि हिन्दुस्तान को कांग्रेस को मुक्त बनाने के लिए जो भी करना पड़े, वो करना चाहिए..! मुझे विश्वास है कि आंध्र के राजनैतिक दल आंध्र और तेलंगाना को बचाने के लिए, आंध्र और तेलंगाना के विकास के लिए कांग्रेस मुक्त भारत बनाने के प्रयासो में कोई कमी नहीं रहने देंगे। कांग्रेस विरोधी शक्तियाँ एक आएंगी और आंध्र की धरती पर से ये जुल्म, ये कुशासन, ये भ्रष्टाचार, ये परिवारवाद, इन सबका खात्मा संभव होगा..! और इसलिए मेरे भाइयों-बहनों, एन.टी.आर. का सपना पूरा करना तेलुगु देशम्, एन.टी.आर. की लेगसी जिसके पास है, उनका भी दायित्व बनता है..!

भाइयों-बहनों, मैं आपको कहना चाहता हूँ कि कोई चले या ना चले, कोई आज चले या कोई कल चले, कोई चलने से पहले सोचने में लगे, उसके बावजूद भी मैं कहता हूँ कि देश में कांग्रेस मुक्त भारत की हवा बन चुकी है, देश ने कांग्रेस मुक्त हिन्दुस्तान का सपना देख लिया है..! उस सपने को पूरा करने के लिए हिन्दुस्तान के नौजवान, हिन्दुस्तान के किसान, हिन्दुस्तान का गरीब आज कृत संकल्प हुआ है। भाइयों-बहनों, भ्रष्टाचार ने आज हमारे देश को तबाह कर दिया है। जल, थल, नभ... पूरे भूमंडल का कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है जहाँ कांग्रेस के मित्रों ने भ्रष्टाचार करने के लिए अपने हाथ-पैर फैलाए ना हों..! कोई मुझे बताए, हमारी पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी जी पूरे हिन्दुस्तान में घूमे, किस बात के लिए..? काला धन वापस लाने के लिए..! कोई हमें समझाए, विदेशों की बैंकों में जो काला धन पड़ा है, वो काला धन वापिस लाने में दिल्ली की सरकार को क्या परेशानी हो रही है..? हिन्दुस्तान के सार्वजनिक जीवन में आडवाणी जी जैसे एक वरिष्ठ व्यक्ति ने भारत की भलाई के लिए काला धन वापिस लाने की माँग की, लेकिन दिल्ली की सल्तनत ने किसकी भलाई के लिए इस माँग को भी ठुकरा दिया..? तब सवाल उठता है कि काला धन किसका है..? ये अरबो-खरबों का काला धन किसका है जो विदेशी बैंकों में पड़ा हुआ है..?

भाइयों-बहनों, आज भारतीय जनता पार्टी और एन.डी.ए. की सरकारों ने देश में सुशासन की मिसाल दिखाई है। यहाँ कितने सारे नौजवान हैं..! सारे विश्व में स्किल डेवलपमेंट का माहात्म्य प्राथमिकता बन गया है, लेकिन आपके आंध्र में स्किल डेवलपमेंट की दिशा में नामोनिशान नहीं है। मैं आंध्र के कांग्रेस के नेताओं से कहना चाहता हूँ कि अगर आपको गुजरात से नफरत है तो गुजरात का नाम मत लो, लेकिन आपके पड़ौस में तमिलनाड़ में डॉ. जयललिता जी की सरकार ने स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में जो काम किया है, जरा उससे तो कुछ सीखो और आंध्र के नौजवानों की भलाई के लिए कुछ तो करो..! आज भी भाइयों-बहनों, दिल्ली की सरकार को समझ नहीं आ रहा है कि गरीब की थाली में रोटी कैसे पहुंचाए..! मैं दिल्ली की सरकार को कहना चाहता हूँ, कांग्रेस के नेताओं को कहना चाहता हूँ, गरीब की थाली में रोटी पहुंचाने का रास्ता हमारे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जी ने दिखाया है। उन्होंने जिस प्रकार से पी.डी.एस. सिस्टम को आधुनिक बनाया है, और भारत की सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सराहा है, लेकिन किसी भी कांग्रेसी सरकार को गरीबों का भला हो उसके लिए ना कुछ सीखने की इच्छा है, ना कुछ समझने की इच्छा है और ना कुछ करने की इच्छा है..! इतना ही नहीं, बेटियों का सम्मान कैसे हो, परिवार में कन्या का गौरव कैसे हो, माँ-बाप को बेटी बोझ ना लगे उसके लिए एक सामाजिक आंदोलन कैसे खड़ा हो..! मैं कांग्रेस के मित्रों को कहता हूँ कि जाइए और मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के हमारे शिवराज सिंह चौहान को देखिए, उन्होंने ‘लाडली लक्ष्मी योजना’ करके पूरे मध्य प्रदेश की बेटियों के जीवन को गौरव दिया है, सम्मानित किया है, उन्हें जीने के लिए हक दिया है, पढ़ने के लिए व्यवस्था की है..! क्या हमारे देश की बेटियों को शिक्षा नहीं मिलनी चाहिए..? दिल्ली की सरकार, साठ-साठ साल बीत चुके हैं मित्रों, एक ही परिवार ने दशकों तक राज किया है लेकिन सामान्य मानवी की भलाई के लिए कुछ भी करने में ये सफल नहीं हुए हैं..!

भाइयों-बहनों, मैंने भारत के प्रधान मंत्री को एक बार कहा था। मैंने कहा, आंध्र के पास 900 किलोमीटर से बड़ा समुद्री तट है, गुजरात के पास 1600 किलोमीटर का समुद्री तट है, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा, केरल, तमिलनाडु, उड़िसा, पश्चिम बंगाल, इन प्रदेशों को समुद्र तट का सौभाग्य मिला है। मैं भारत सरकार को कहता रहा कि इन समुद्र तट पर जो राज्य बसे हैं, उनकी एक सेपरेट मीटिंग बुलाई जाए, दो दिन उनसे चर्चा की जाए कि समुद्र तट के राज्यों की कठिनाइयाँ क्या हैं, ग्लोबल इकॉनामी के जमाने में इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट के युग में हमारे तटवर्ती क्षेत्रों का विकास कैसे करें ताकि भारत का रूपया टूटता हुआ बच जाए..! आप देखिए, हिन्दुस्तान जब आजाद हुआ तब एक डॉलर की कीमत थी एक रूपया..! भाइयों-बहनों और नौजवानों, चीज को समझिए, जब हिन्दुस्तान आजाद हुआ तब एक रूपया बराबर एक डॉलर हुआ करता था, आज भारत के वित्त मंत्री की उम्र इज इक्वल टू वन डॉलर..! एक डॉलर कभी पैसठ रूपया, कभी चौसठ रूपया... आप कल्पना कर सकते हो कि क्या होता होगा देश का..!

एक जमाना था जब पूरा विश्व हिन्दुस्तान की धरती पर पढ़ने के लिए आता था। दुनिया के देशों के नौजवान भारत में आकर के शिक्षा-दीक्षा लेते थे। मित्रों, भारत सरकार के आंकड़े बोल रहे हैं कि आज अकेले पिछले एक वर्ष में हिन्दुस्तान से जो नौजवान विदेशों में पढ़ाई करने के लिए गए उनकी फीस भरने में एक लाख बीस हजार करोड़ रूपया हिन्दुस्तान के खजाने से खाली हुआ..! क्योंकि उनको चाहिए वैसी पढ़ाई यहाँ नहीं मिल रही थी। वो तो गए, हमारा बुद्घि धन तो गया, साथ-साथ हमारा लक्ष्मी धन भी गया..! क्या दिल्ली की सरकार हिन्दुस्तान में हमारे नौजवानों को अच्छी शिक्षा मिले, उन्हें भटकना ना पड़े, ये व्यवस्था नहीं कर सकती है..? नहीं कर रही है..! भाइयों-बहनों, आज गाँव में डॉक्टर नहीं है, गाँव के गरीब आदमी को दवाई चाहिए तो दवाई की व्यवस्था नहीं है..! ये दिल्ली की सरकार को कितने साल हो गए, हमारे देश की जनता की आवश्कता के अनुसार डॉक्टर तैयार हो, डॉक्टरों को तैयार करने के लिए मेडिकल कॉलेजेस हों, क्या ये नहीं हो सकता है..? मित्रों, आंध्र और गुजरात दो राज्य ऐसे हैं जो दवाई के उत्पादन के क्षेत्र में सबसे ज्यादा काम कर रहे हैं। दवाईयों का तो उत्पादन हो रहा है लेकिन दवाई लिखने वाले डॉक्टर नहीं हैं तो गरीब की बीमारी कहाँ से जाएगी..? भाइयों-बहनों, ऐसी-ऐसी समस्याएं... खाने को रोटी नहीं, पहनने को कपड़ा नहीं, रहने को घर नही, पढ़ने का शिक्षा नहीं, बीमार को दवाई नहीं... ये सारी अमानतें कांग्रेस से जुड़ी हुई हैं। ये कांग्रेस की दी हुई विरासत है..!

भाइयों-बहनों, हिन्दुस्तान के आने वाले कल की चिंता करनी है, हिन्दुस्तान के भाग्य को बदलना है तो हमें विकास का रास्ता अपनाना पड़ेगा..! और मैं कहने आया हूँ कि विकास के रास्ते के बिना हम सामान्य मानवी का भला नहीं कर सकते..! पीड़ित, शोषित, दलित, आदिवासी, मछुआरे, इन सबका कल्याण कौन करेगा..? क्या हुआ कि कांग्रेस पार्टी ने इनके कल्याण की दिशा में कुछ नहीं किया..? उनको तो चुनाव आते हैं तब तिजोरी खाली करो और वोट पाने के रास्ते खोजो, उसके सिवाय कोई रास्ता सूझता नहीं है। और इसलिए भाइयों-बहनों, आज मैं आपसे अनुरोध करने आया हूँ, मैं हैदराबाद की धरती से पूरे हिन्दुस्तान को प्रार्थना करने आया हूँ कि इस देश के हर नागरिक को हिन्दुस्तान की चिंता है, देश का हर नागरिक चिंतित है, नौजवान चिंतित है, अगर उनको हम भरोसा नहीं देंगे, अगर उनको हम विश्वास नहीं देंगे, तो हम जो डेमोग्राफिक डिविडेंड की बात करते हैं, जो हमारी 65% जनसंख्या 35 से नीचे की है, उसके पास शक्ति है, सपने हैं, सामर्थ्य है लेकिन उसके पास काम नहीं है, अगर हम हमारे देश के नौजवानों को रोजगार नहीं देंगे तो इस देश की हालत क्या होगी इसका आप अंदाजा कर सकते हैं..!

भाइयों-बहनों, मैं आज जब हैदराबाद की धरती पर आया हूँ तो मेरे मन में सरकार की कल्पना क्या है वो भी आज मैं बताना चाहता हूँ। भाइयों-बहनों, मेरा स्पष्ट मत है कि सरकार का एक ही मजहब होता है और वो मजहब होता है, इंडिया फर्स्ट..! सरकार का एक ही धर्मग्रंथ होता है और वो धर्मग्रंथ है, भारत का संविधान..! सरकार की एक ही भक्ति होती है और वो भक्ति है, भारत भक्ति..! सरकार की एक ही शक्ति होती है और वो शक्ति है, कोटी-कोटी जनशक्ति..! सरकार की पूजा होती है सवा सौ करोड़ बंधु भगिनी की भलाई, सवा सौ करोड़ देशवासियों की भलाई और सरकार की कार्यशैली होती है, ‘सबका साथ, सबका विकास’..! इस मंत्र को लेकर के हमें आने वाले दिनों में हिन्दुस्तान के भाग्य को बदलने के लिए भारत को कांग्रेस से मुक्त कराने का प्रयास करना है..!

मैं एक चीज आपसे बुलावाना चाहता हूँ। बोलेंगे..? पूरी ताकत से बोलेंगे..? दोनों हाथ ऊपर करके बोलेंगे..? मैं जो बोलूं वो आपको बोलना है। मैं बोलता हूँ फिर बोलिए,

यस, वी कैन... यस, वी कैन..! यस, वी विल डू... यस, वी विल डू..!

मेरे साथ बोलिए, जय तेलंगाना...! जय सीमांध्र..!

भारत माता की जय..! भारत माता की जय..!

वंदे मातरम्..! वंदे मातरम्..! वंदे मातरम्..!

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LDF और UDF की करप्शन और कम्यूनलिज्म की राजनीति केरलम की संस्कृति और आस्था को नुकसान पहुंचाती है: तिरुवल्ला में पीएम मोदी
April 04, 2026
अगर एनडीए की पॉलिसी से किसी समूह को सबसे ज्यादा लाभ हुआ है, तो वो महिलाएं हैं। महिला सशक्तिकरण हमारी प्राथमिकता है: तिरुवल्ला में पीएम मोदी
सबरीमाला रेलवे प्रोजेक्ट पूरे इलाके में नए मौके खोलेगा, सबरीमाला को सीधे भक्तों से जोड़ेगा: पीएम मोदी
केरलम में, हम सरकार बनाएंगे, जीवन की क्वालिटी में सुधार करेंगे, और मछुआरों तथा स्थानीय समुदायों की चिंताओं को दूर करेंगे: पीएम मोदी
16-18 अप्रैल तक, नारी शक्ति वंदन एक्ट पर चर्चा के लिए संसद फिर से शुरू होगी, जिसका लक्ष्य 2029 तक 33% महिलाओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है: पीएम

जय केरलम... जय केरलम...

जय विकसिता केरलम... जय विकसिता केरलम

केरलत्तिले एंडे प्रियप्पेट्टा….

सहोदरी सहोदरनमारे, एल्लावर्कम एंडे नमस्कारम।

सर्वप्रथम मैं भगवान श्रीवल्लभन के चरणों में प्रणाम करता हूं।

तिरुवल्ला की इस पवित्र धरती से मैं सबरीमला तीर्थ को, और स्वामी अय्यप्पा को भी प्रणाम करता हूं।

मैं सबसे पहले तो छोटी बिटिया को आशीर्वाद देता हूं जो बढ़िया चित्र बनाकर मुझे भेंट किया है। उधर भी एक नौजवान ने मेरी मां का चित्र मुझे दिया है। मैं इन सबका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। इस बेटी को आशीर्वाद देता हूं। मैं अपना भाषण शुरू करूं उससे पहले इस चुनाव में जो कैंडिडेट है उनसे आग्रह करता हूं कि कैंडिडेट सारे आगे आ जाएं। कैंडिडेट वहां खड़ें हो जाएं जरा। मैं एक दो मिनट जाकर के आता हूं आपके पास।

आज तिरुवल्ला में इतनी बड़ी संख्या में आप सबकी उपस्थिति...NDA पर आप लोगों का ये भरोसा... मेरी माताओं-बहनों का ये स्नेह और विश्वास...पूरे केरलम में आज ऐसा ही माहौल दिख रहा है। मुझे निकट से केरलम के चुनाव देखने का अवसर मिला है। मैं पहले भी आया हूं लेकिन इस बार हवा का रूख कुछ और है। लोगों का मिजाज कुछ और है। केरलम में अब सबसे बड़ा परिवर्तन होने जा रहा है। 9 अप्रैल को वोटिंग और 4 मई को दशकों के कुशासन का अंत की घोषणा....अब ये पक्का हो चुका है....LDF सरकार के जाने का काउंट डाउन शुरू हो चुका है...केरलम में पहली बार बीजेपी और NDA की सरकार आने वाली है।

इस चुनाव में केरलम का तो फायदा होने वाला है लेकिन मेरा एक निजी नुकसान होने वाला है। आपको लगता होगा ऐसी क्या बात है कि केरलम का फायदा होगा और मोदी का नुकसान होगा। जी मेरा व्यक्तिगत नुकसान होने वाला है। आपके मन में होता होगा क्या है बताऊं... बताऊं आपको। ऐसा है ये जो अनूप लड़ रहा है ना चुनाव आपके यहां.. ये पिछले पांच साल से मेरे साथ काम करता है। और देश भर में घूमकर के चीजें खोज कर के लाता है। यानि एक प्रकार से मेरा डेडिकेटेड साथी रहा है। एक प्रकार से ऐसे कामों के लिए वो मेरा बांया हाथ बन गया है। और कभी भी, शायद यहां भी कई लोगों को पता नहीं होगा कि अनूप मेरे साथ इतने सालों से है। कभी बोलता नही है और मैंने इसकी शक्तियों को जाना है। चूपचाप काम करना। अपने काम के लिए दिन रात जुटे रहना। मैंने ऐसा नौजवान मुझे मिला मेरा बहुत काम हो गया। लेकिन मैंने देखा कि जब केरलम को इस नौजवान की सेवाओं का फायदा होगा तो मैंने कहा मेरा भले ही नुकसान हो जाए लेकिन मैं आज अनूप को आपको सुपुर्द करने के लिए आया हूं।

एंडे सुहुर्तगले,

तिरुवल्ला केरलम में विकास के नए युग की शुरुआत का केंद्र बनकर उभरा है। मैं इस जनसमर्थन के लिए तिरुवल्ला की जनता का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। तिरुवल्ला के लोगों का विश्वास हमारी सबसे बड़ी ताकत है। तिरुवल्लयिले जनंगलुडे विश्वासमाण्, यंगलुडे एट्टवुं वलिय शक्ति।

एंडे सुहुर्तगले,

अभी दो-तीन दिन पहले जब मैं दिल्ली में था...मेरी केरलम के बीजेपी कार्यकर्ताओं से फोन पर लंबी चर्चा हुई। मेरा बूथ सबसे मजबूत कार्यक्रम में 5 हजार से ज्यादा शक्ति केंद्र, इतने छोटे केरलम में 5 हजार से ज्यादा शक्ति केंद्र में बीजेपी के एक लाख 25 हजार से ज्यादा कार्यकर्ता मेरे साथ फोन पर जुड़े थे। और तीस-चालीस मिनट इस चर्चा में मैंने देखा, साफ दिखा कि केरलम की जनता ने LDF सरकार की विदाई पक्की कर ली है। इस चुनाव में मेहनत कर रहे सभी बीजेपी-एनडीए कार्यकर्ताओं की मैं हृदय से सराहना करता हूं, उनका बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।

एंडे सुहुर्तगले,

मैं केरलम की ताकत को देख रहा हूं। अभी मेरा हेलीकॉप्टर जहां लैंड हुआ, हेलीपैड से यहां तक मैं आया, जितने लोग यहां हैं ना इससे ज्यादा लोगो वहां रोड शो में खड़े थे। मेरे लिए बड़ा सरप्राइज था... रोड शो का कार्यक्रम नहीं था, लेकिन पूरे रास्ते भर मैं देख रहा था। लोग ह्यूमन चेन की बात करते हैं लेफ्ट के लोग, आज यहां के लोगों ने ह्यूमल वॉल बनाकर के दिखा दिया।

एंडे सुहुर्तगले,

हमारे केरलम को ईश्वर ने अपार संसाधन और संभावनाएं दी हैं।
यहाँ समंदर में ब्लू इकोनॉमी के असीम अवसर हैं। यहाँ उद्योगों के लिए संभावनाएं हैं। पर्यटन के क्षेत्र में कितना बड़ा potential है। लेकिन फिर भी, केरलम विकास की दौड़ में बाकी राज्यों से लगातार पिछर रहा है..पिछरते-पिछरते जा रहा है।

एंडे सुहुर्तगले,

LDF-UDF की सरकारों ने कभी इस क्षेत्र की परवाह नहीं की।
यहाँ कनेक्टिंग रोड्स का हाल बेहाल है। मुझे आपके ही साथी बता रहे थे कि यहां कई बरसों से एक भी बड़ा पुल नहीं बना है। कोट्टयम में मेडिकल कॉलेज की हालत इतनी खराब है कि उसका वर्णन करना मुश्किल है। जहां बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर की ऐसी कमी हो, वहां आपकी क्वालिटी ऑफ लाइफ कैसी होगी, इसका अंदाजा हर कोई लगा सकता है।

एंडे सुहुर्तगले,

केरलम में कभी BJP सरकार नहीं रही। लेकिन, आप सब के आशीर्वाद से, देश की जनता-जनार्दन के आशीर्वाद से हम केंद्र सरकार के जरिए केरलम के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे। जब कांग्रेस दिल्ली में सत्ता में थी.. और एलडीएफ-यूडीएफ दोनों मिलकर के दिल्ली में सरकार चलाते थे, उस समय जो केरलम को मदद मिली.उसकी तुलना में NDA सरकार ने मोदी सरकार ने 5 गुना ज्यादा पैसा केरलम को भेजा है।

एंडे सुहुर्तगले,

बीजेपी-एनडीए को आपकी Ease of Living और क्वालिटी ऑफ लाइफ, दोनों की चिंता है। हमने पीएम आवास योजना के तहत गरीबों को पक्के घर दिये हैं। जल जीवन मिशन के तहत गांव-गांव पाइप से पानी पहुंचाने का काम हो रहा है। यहां रबर के किसान बड़ी संख्या में रहते हैं...केरलम के किसानों को हमने पीएम-किसान सम्मान निधि के जरिए Around thirteen thousand करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे उनके खातों में पहुंचाई है। इससे रबर के किसानों को भी मदद मिली है।

साथियों,

नॉर्थ-ईस्ट में ईसाई समाज की संख्या बहुत अधिक है। एक राज्य को छोड़कर के नॉर्थ-ईस्ट के सात राज्यों में एनडीए की सरकार है और वहां पिछले 50-60 साल में जो काम नही हुआ है वो हमने कर के दिखाया है। गोवा में ईसाई समाज निर्णायक है। गोवा के अंदर लगातार बिजेपी की एनडीए की सरकार है, गोवा विकास के नए ऊंचाइयों को छू रहा है।
केरलम में भी NDA सरकार बनेगी तो विकास की नई ऊंचाइयों को पाएंगे, स्थानीय किसानों और फिशरमेन की हर समस्या का हम समाधान करेंगे।

एंडे सुहुर्तगले,

केंद्र की NDA सरकार ही केरलम में आधुनिक इनफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं पर ज़ोर दे रही है। हम यहाँ नेशनल हाइवेज बनाने को गति दे रहे हैं। रेलवे इनफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया गया है। यहाँ रेलवे लाइनों की डबलिंग का काम भी पूरा हो गया है। कोट्यम से अब हाइस्पीड आधुनिक वंदेभारत ट्रेन भी चलाई जा रही है।

एंडे सुहुर्तगले,

यहां सबरीमला रेलवे प्रोजेक्ट इस क्षेत्र में नई संभावनाओं को खोल सकता है। इससे सबरीमला तक सीधी कनेक्टिविटी बनेगी। श्रद्धालुओं की यात्रा आसान होगी... स्थानीय व्यापार को नई गति मिलेगी...और मेरे नौजवान मित्रों को मेरे युवा साथियों के लिए रोजगार के नए-नए रास्ते खुलेंगे। लेकिन साथियों, आपको ये बात हमेशा याद रखनी है। यहां प्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की जगह उसको लटकाए रखा! तिरुवल्ला को इसका बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है। जब बीजेपी की डबल इंजन सरकार आएगी, तो ऐसी सभी रुकावटें हटेंगी। और ये मोदी की गारंटी है। NDA की राज्य सरकार में केरलम तेज गति से विकास की राह पर आगे बढ़ेगा।
एनडीए सरकारिनु कीड़िल केरलम
कसनत्तिन्टे पातयिल अतिवेगम मुन्नेरुम।

एंडे सुहुर्तगले,

NDA की नीतियों का सबसे बड़ा लाभ अगर किसी वर्ग को होता है, तो वो मेरी माताएं-बहने महिलाओं को होता है। महिलाओं का सशक्तिकरण, महिलाओं का प्रतिनिधित्व....ये हमारी प्राथमिकता है। हमने महिलाओं के जीवन से जुड़ी हर समस्या के समाधान का प्रयास किया है। हमने घर घर शौचालय बनवाए, जनधन खाते खुलवाए, महिलाओं के नाम उनके घर महिलाओं के नाम पर बनवाए...मुद्रा लोन के जरिए अपना कारोबार शुरू करने वालों में भी बड़ी हिस्सेदारी महिलाओं की है। उनको बैंक से पैसा मिला है। हम वूमन सेल्फ हेल्प ग्रुप्स को भी लाखों करोड़ रुपए की मदद दे रहे हैं। लखपति दीदी का अभियान सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रहे हैं। पहले मैंने तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा था। देश में तीन करोड़ लखपति दीदी बन चुकी अब मैंने और नाइनटीन करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है। केरलम में बीजेपी सरकार आएगी, तो यहाँ भी डबल इंजन सरकार का सबसे बड़ा लाभ मेरी माताओं, बहनों को, बेटियों को, महिलाओं को मिलने वाला है। आपने देखा होगा, अभी हमने एक बड़ा कार्यक्रम शुरू किया है। भविष्य में माताओ-बहनों को कैंसर ना हो, इसलिए 13-14 साल की बच्चियों को उनकी जांच करके वैक्सीन लेने की योजना है। ये भविष्य में हमारी माताओ-बहनों को, ये बटियां जब बड़ी हो जाएंगी, वो कैंसर से बच पाएगी। इतना बड़ा काम आज देश की बेटियों के लिए, महिलाओं के लिए, माताओं के लिए एनडीए-भाजपा सरकार कर रही है।

एंडे सुहुर्तगले,

ये हमारी ही सरकार है जिसने लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को thirty three percent reservation दिया है। और आप सभी की जानकारी में है कि बजट सत्र का हमने पूर्णाहुति करने वी बजाए उसका विस्तार किया है। तीन दिन के लिए 16-17 और 18 अप्रैल को संसद फिर से मिलने वाली है। आपको पता है क्यों मिलने वाली है। जो कानून हमने पारित किया है। 33 पर्सेंट महिलाओं के लिए 2029 में लोकसबा के चुनाव से इसका लाभ मिलना शुरू हो जाए। 33 पर्सेंट बहनें पार्लियामेंट में आकर बैठे। इसके लिए कानून बनाने की जरूरत है। जैसे पार्लियामेंट ने सर्वसम्मति से महिला आरक्षण बिल पास किया था बैसे ही 16-17 -18 को दो काम करने हैं। केरल हो तमिलनाडु हो और बाकी राज्य हो, जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में अच्छा काम किया है, लोग झूठ फैला रहे हैं कि जनसंख्या कम हो रही हैं तो सीटें कम हो जाएगी। हम इस बार पार्लियामेंट में पक्का करना चाहते हैं कि पार्लियामेंट में कानून में ठप्पा लगाना चाहते हैं कि केरल हो, तमलनाडु हो, कर्नाटक हो, आंध्र हो, गोवा हो, तेलंगाना हो कहीं पर भी लोकसभा की सीटें कम ना हो, इसका ठप्पा लगाने के लिए और दूसरा महिलाओं के लिए जो सीटें होंगी वो अतिरिक्त सीटें बढ़ जाएं इतना बड़ा फायदा हमारे दक्षिण भारत के राज्य को मिले इसके लिए हम कानून संशोधन के लिए हम सत्र बुला रहे हैं। हमने कांग्रेस के लोगों को मीटिंग के लिए बुलाया। हम आशा करते हैं कि वो हमारी बात मानकर के आएंगे।

हमने इंडिया एलायंस के मित्रों से बात की है। आप ही लोगों को बताइए, कांग्रेस के लोगो को बताइए, एलडीएफ के लोगों को बताएं कि महिलाओं के अधिकार ये कानून निर्विरोध पास होना चाहिए। ये उन से वादा लीजिए आपलोग । और में उनसे भी प्रार्थना करता हूं कि मेरी माताओं-बहनों का ये हक 40 सालों से लटका हुआ है। अब 2029 के चुनाव में फिर से लटकना नहीं चाहिए। इसलिए मैं सभी राजनीतिक दलों पर देश की माताएं-बहनें दबाव डालें। सब संसद में आएं और इस कानून को पारित करें। महिला जनप्रतिनिधियों की संख्या इस विषय को देखते हुए नारीशक्ति वंदन कानून में संशोधन किया जाएगा। ये आवश्यक है कि ये संशोधन सर्वसम्मति से पास हो ताकि साल 2029 में होने वाले चुनाव में ही इसका लाभ हमारी माताओं -बहनों को मिलना शुरू हो जाए। मैं सभी दलों से आग्रह करूंगा कि ये नारीशक्ति से हित से जुड़ा काम है, इसलिए खुले मन से, कोई भी राजनीतिक हिसाब किए बिना पूर्ण समर्थन कर के माताओं-बहनों का विश्वास जीतने में आप भी भागीदान बनिए।

एंडे सुहुर्तगले,

आज केरलम में युवाओं का पलायन सबसे बड़ी चिंता बन चुका है। केरलम में रोजगार के लिए यहाँ इंडस्ट्री लगाने की जरूरत है। रोजगार के लिए जरूरी है कि, यहाँ service sector बढ़े। start-ups को जगह मिले, skill को सही value मिले। लेकिन इन सबके आगे केरलम में सबसे बडी दीवार है- करप्शन और कम्यूनलिज्म। जब यहां करप्शन और कम्यूनलिज्म की दीवार टूटेगी, तभी केरलम का विकास होगा। और इसके लिए आपको LDF-UDF दोनों को हराना होगा।

एंडे सुहुर्तगले,

रोजगार की तलाश में यहाँ से लाखों युवा विदेशों में भी गए हैं। NRI के तौर पर भी वो केरलम की सेवा करते हैं। यहाँ अपनी आय का बड़ा हिस्सा remittance के तौर पर भेजते हैं। इसी का परिणाम है, ये क्षेत्र बैंकिंग कैपिटल बनकर उभरा है। लेकिन कांग्रेस ने आपके और आपके संबंधियों के खिलाफ एक बहुत खतरनाक काम किया है। मैं विस्तार से आपको ये बात बताना चाहता

एंडे सुहुर्तगले,

वेस्ट एशिया के युद्ध संकट ने कांग्रेस और उसके साथी दलों के मंसूबों को एक्सपोज कर दिया है। आज पूरा देश देख रहा है... खाड़ी के देशों में कैसे हालात बने हुये हैं। और वहां हमारे लाखों लोग केरल के मेरे भाई-बहन वहां काम कर रहे हैं। लेकिन कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता जानबूझकर ऐसे बयान देते हैं... ऐसे बयान देते हैं... जिनसे वेस्ट एशिया में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाए ! वहां के लोगों को बीच में अविश्वास पैदा हो जाए। वहां की सरकार ये तो हमारी दोस्ती अच्छी है कि गल्फ की सभी सरकारें हमारे सभी भारतीयों को अपने ही परिवार मानकर के उनकी रक्षा कर रहे हैं। लेकिन यहां से ऐसी-ऐसी भाषा बोली जा रही है। ऐसी भड़काव बातें हो रही हैं। मैं उनको कह-कह कर थक गया कि ये बोलने का समय नहीं है। ये हमारे लाखों भाई-बहन वहां है ना उनकी सुरक्षा ही मेरा पहला दायित्व है। सबसे बड़ी प्रायरिटी है, कृपा कर के अनाप-शनाप बोलना बंद करो ताकि हमारे नौजवानों को हमारी बेटियों को वहां कोई तकलीफ ना हो।

एंडे सुहुर्तगले,

कांग्रेस चाहती है कि वेस्ट एशिया के देश भारत को अपना दुश्मन समझें...यहां हम कोई गलती कर दे ऐसा कोई बयान कर दे और गल्फ कंट्रीज से भारतीयों को वहां से बाहर निकलने के लिए मूसीबत आ जाए ! इसलिए कांग्रेस...गल्फ कंट्रीज को नाराज करने वाले बयान दे रही है। कांग्रेस चाहती है कि पैनिक फैले और उसे मोदी को गाली देने का मौका मिल जाए। अरे कांग्रेस के लोगो, एलडीएफ के लोगो, यूडीएफ के लोगो, अरे राजनीति अपनी जगह पर है, अरे चुनाव आते जाते रहेंगे, लेकिन मेरे केरलम के लाखों भाई-बहन वहां है मेरे लिए उनकी सुरक्षा सबसे बड़ा काम है और मैं इसके लिए कमिटेड हूं। चुनाव जीतने के लिए, मोदी को गाली देने के लिए....कांग्रेस 1 करोड़ प्रवासियों का जीवन संकट में डालने को तैयार बैठी है। उधर ईरान में हमारा फिशरमैन केरल के हैं तमिलनाडु के हैं, गोवा के हैं आंध्र के हैं, तेलंगाना के हैं, पुड्डुचेरी के हैं। उनकी जिंदगी खतरे में है। हम वहां के संकट में से उनको बाहर ले आ रहे हैं। आज सैकड़ों की तादाद में मेरे मछुआरे भाई-बहन भारत लौटने वाले हैं। हमारे लिए उनकी जिंदगी बचाना ये महत्वपूर्ण है बयानबाजी करने के लिए और बहुत मौके आएंगे अभी तो हमारे लोगों की, हमारे मछुआरे भाई-बहनों को हमें जिंदा वापस लाना है। कांग्रेस को इन सारी चीजों से कोई लेना देना नहीं है। बस चुनाव... चुनाव... चुनाव.. क्या देश के लोगों की चिंता नहीं करोगे... काँग्रेस इस स्वार्थी सियासत के लिए केरलम के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। पाप कर रहे हो।

एंडे सुहुर्तगले,

युद्ध की इन परिस्थितियों में मैं आपकी चिंता समझता हूं। इसलिए गल्फ कंट्रीज के नेताओं से लगातार संपर्क में हूं। इसलिए गल्फ कंट्रीज के नेताओं से मैं लगातार संपर्क में हूं। वहां की सरकारों से हम लगाता बात कर रहे हैं। मैं आप सभी परिजनों को आश्वस्त करता हूँ.... आपका बेटा, आपकी बेटी, आपके परिवारजन भले ही आपसे दूर हों...लेकिन, वो अकेले नहीं हैं। भारत सरकार इन देशों में रह रहे हर भारतीय के साथ है। युद्ध के बीच भी हम भारत के लोगों को हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं।

एंडे सुहुर्तगले,

इस चुनाव में LDF-UDF वालों ने मिलकर एक और propaganda शुरू किया है। लेफ्ट वाले कहते हैं कि, कांग्रेस बीजेपी की B टीम है। और, कांग्रेस कहती है कि लेफ्ट BJP की B टीम है। इन्हें ये इसलिए कहना पड़ रहा है... क्योंकि ये दोनों भी जानते हैं कि इस चुनाव में केरलम में अगर कोई पार्टी A टीम है तो A टीम BJP ही है।

साथियों,

आपने ये भी देखा है कि इस चुनाव में LDF और UDF दोनों मिलकर सिर्फ BJP को गालियां दे रही हैं, उनके निशाने पर सिर्फ बीजेपी है। इसकी एक वजह और भी है जो आपको जरूर नोट करनी चाहिए। दरअसल LDF और UDF की सीक्रेट पार्टनरशिप इतनी पक्की है कि ये एक दूसरे पर आरोप लगाने से बच रहे हैं। असल में ये दोनों एक ही सिक्के दो साइड हैं। इनकी दुश्मनी नकली है... WWWF है। LDF और UDF की दोस्ती एवरग्रीन है! जब दिल्ली में सरकार बनती है दोनों साथ होते हैं। बगल में तमिलनाडु में साथ में चुनाव लड़ रहे हैं।

एंडे सुहुर्तगले,

लेफ्ट और काँग्रेस दोनों वोटबैंक के लिए कट्टरपंथी लोगों को राजनीति में आगे बढ़ाते हैं। मुनंबम जैसी घटनाएं केरलम में आम होती जा रही हैं... वहाँ सैकड़ों ईसाई और हिंदू परिवारों को डराया गया। लेकिन, केरलम सरकार पीड़ितों को सहायता देने की जगह कट्टरपंथी ताकतों के साथ ही खड़ी नज़र आती है। ये एक खतरनाक ट्रेंड है। वोटबैंक के लिए केरलम और देश की सुरक्षा से ये खिलवाड़.... केरलम के देशभक्त लोग इसे कभी भी कामयाब नहीं होने देंगे।

एंडे सुहुर्तगले,

लेफ्ट और काँग्रेस का भ्रष्टाचार हो, या उनका तुष्टीकरण... इसका सीधा हमला केरलम की संस्कृति और आस्था पर हो रहा है। पहले इन लोगों ने सबरीमला तीर्थ को बदनाम करने के लिए कैसे-कैसे षड्यंत्र रचे थे! और अब, सबरीमला इनकी लूट और चोरी के निशाने पर भी आ गया है।

एंडे सुहुर्तगले,

सबरीमला में हुये इस पाप का एक पैटर्न है... ये चोरी LDF की सरकार में हुई। और, इसमें चोरी करने वालों के तार काँग्रेस के शीर्ष नेताओं के जुड़े पाए गए। लेफ्ट वाले तो हमेशा से हिन्दू आस्था पर हमले के लिए जाने जाते हैं। इसीलिए, LDF सरकार मामले की जांच CBI को नहीं सौंप रही है। और, जो काँग्रेस हमेशा मंदिर से जुड़े विषयों को अछूत मानती थी... वो आज हिंदुओं की हितैषी बनने का नाटक कर रही है दिखावा कर रही है। मैं ये साफ-साफ कहना चाहता हूँ... NDA सरकार बनने के बाद LDF-UDF को उनके अपराध की सजा जरूर मिलेगी। और जो लूटा है वो लौटाना पड़ेगा। स्वामी अयप्पा और उनके भक्तों के आक्रोश के आगे ये लोग बच नहीं पाएंगे। ये कांग्रेस वाले ये यूडीएफ वाले, ये एलडीएफ वाले हर चीज में झूठ बोलना ये जैसे उनका स्वभाव बन गया है।

देश को गुमराह करना ये उनका स्वभाव बन गया है। जब सीएए लाए तो देश को इतना झूठ बोला... इतना झूठ बोला आज सीएए लागून हुआ देश को कोई नुकसान नहीं हुआ, झूठ बोलने में माहिर है.. केरलम फाइल्स आई फिल्म तो बोलने लगे कि सब झूठ है... कश्मीर फाइल आई तो बोलने लगे सब झूठ है..धुरंधर फिल्म आई तो बोलने लगे कि झूठ है। कुछ भी करो बता देना... झूठ फैला देना। इन दिनो सीआआर को लेकर भी, ऐसा ही झूठ फैलाया जा रहा है। यूसीसी के लिए ऐसा ही झूठ फैलाया जा रहा है। गोवा में सीसीए आया हुआ है, दशकों से है लेकिन झूठ फैलाना एफसीआरए के लिए झूठ फैलाना, सीएए के लिए झूठ फैलाना, धुरंधर जैसी फिल्म के लिए झूठ फैलाना केरलम फिल्म के लिए झूठ फैलाना, कश्मीर फाइल्स के लिए झूठ फैलाना। झूठ फैलाने का कारोबाल लेकर के बैठे हुए हैं।

एंडे सुहुर्तगले,

केरलम की आस्था, संस्कृति इसकी रक्षा हो... केरलम विकास की नई ऊंचाइयों को छूए... ये हम सभी का संकल्प है। आप भाजपा-एनडीए उम्मीदवार को वोट देकर विकसित केरलम की यात्रा शुरू करिए। मैं आपको निमंत्रण देता हूं आप आइए.. ये मेरी जिम्मेदारी है ये मेरी गारंटी है 50 सालों में केरलम का विकास नहीं हुआ, हम पांच साल में करके देंगे।

एंडे सुहुर्तगले,

कल ईस्टर है। मैं ईस्टर की आपको शुभकामनाएं देता हूं। कुछ ही सप्ताह में सभी मलयाली साथी विशु भी मनाएंगे। मैं विशु की भी अग्रिम शुभकामनाएं देता हूं। मैं सबसे पहले तो आप सबसे माफी मांगना चाहता हूं, क्योंकि मैं मलयालम, मलयाली, ये आपकी बहुत सुंदर भाषा है, मैं बोल नहीं पाता हूं, मुझे हिंदी में बोलना पड़ा। लेकिन इसके बावजूद भी, एक भी व्यक्ति यहां से हटा नहीं। मैं जानता हूं यहां गांव के लोग आए हैं, हो सकता है मेरी भाषा नहीं समझ पाते हों, लेकिन ये आपके प्यार की ताकत है। ये आपका आशीर्वाद है... एक भी व्य़क्ति हिल नहीं रहा है हट नहीं रहा है। मेरा ये बहुत बड़ा सौभाग्य है। मैं आपका ये कर्ज, मैं आपका प्यार कभी भूलूंगा नहीं, ये मेरे पर आपका कर्ज है... और मैं केरलम के विकास को प्राथमिकता देकर के सवा गुना विकास करके इस कर्ज को चुकाऊंगा ये आज मैं वादा करता हूं।

मैं आप सब का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। मेरे साथ बोलिए, दोनों हाथ ऊपर करके बोलिए...

भारत माता की... जय! भारत माता की... जय!

भारत माता की... जय! भारत माता की... जय!

वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे...