भारत माता की जय..!

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय राजनाथ सिंह जी, पूरे छत्तीसगढ़ की छाती को सारी दुनिया के अंदर एक ताकतवर छाती के रूप में बनाने वाले मितभाषी मेरे मित्र मुख्यमंत्री डॉ. रमण सिंह जी, छत्तीसगढ़ भाजपा के अध्यक्ष श्रीमान् रामसेवक पैकरा जी, विधानसभा के अध्यक्ष आदरणीय श्री धरम लाल जी, भारतीय जनता पार्टी के महासचिव और राज्यसभा के सदस्य श्री जगत प्रकाश नड्डा जी, मंच पर विराजमान छत्तीसगढ़ सरकार के भिन्न-भिन्न आदरणीय मंत्रीगण, सांसद गण, विधायक गण और विशाल संख्या में पधारे हुए प्यारे भाइयों और बहनों..!

मैं सरगुजा कई बार आया हूँ, अंबिकापुर में भी छोटी मीटिंगों से लेकर के बड़ी जनसभाएं करने का भी मुझे अवसर मिला है, लेकिन आज मुझे स्वीकार करना होगा कि मैंने सरगुजा की धरती पर इससे पूर्व ऐसा जनसागर कभी देखा नहीं है, ऐसा विराट दृश्य कभी देखा नहीं है और इस द्रश्य को देख कर के मुझे लगता है कि कल तक हम कहते थे सरगुजा, अब कहेंगे ‘सर ऊंचा’, सरगुजा ने छत्तीसगढ़ का सिर ऊंचा कर दिया है..! मैं सरगुजा के सभी भाइयों-बहनों को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ..!

हमारे शास्त्रों में ऐसा कहा गया है कि जब कोई व्यक्ति यात्रा करके आता है और आप उस यात्री को अगर नमन करते हो तो उसका आधा पुण्य आपको मिलता है। ये मेरा सौभाग्य है कि छह हजार किलोमीटर की लंबी यात्रा करके, समाज व्यवस्था के चरण स्पर्श करके, आज सरगुजा पहुंचे हुए एक यात्री डॉ. रमण सिंह जी को नमन करने का मुझे सौभाग्य मिला है। इस यात्रा का पुण्य ले जाने के लिए मैं नहीं आया हूँ, मैं इस यात्रा के पुण्य को इस छत्तीसगढ़ की धरती को नमन करके समर्पित करता हूँ..!

मित्रों, जब-जब छत्तीसगढ़ के बारे में सोचता हूँ तो मुझे अटल बिहारी बाजपेयी जी के उस महान निर्णय पर नमन करने का मन करता है। मैंने संयुक्त मध्यप्रदेश में भी काम किया है और जब अलग छत्तीसगढ़ बना, तो उन दिनों में भी मैं आपके बीच में संगठन का काम करता था। भारतीय जनता पार्टी की कार्य संस्कृति क्या है, निर्णय प्रक्रिया क्या है, साशन चलाने के तौर तरीके क्या है, इसका उत्तम उदाहरण देखना है तो छत्तीसगढ़ की रचना, उत्तराखंड की रचना, झारखंड की रचना देखिए और उधर कांग्रेस ने तेलंगाना बना कर के जो पूरे आंध्र में आग लगा दी है..! किस तरीके से बनाया..! जब छत्तीसगढ़ बना तो मध्यप्रदेश भी मीठाई बांट रहा था और छत्तीसगढ़ भी मीठाई बांट रहा था, जब उत्तराखंड बना तो उत्तर प्रदेश भी मीठाई बांट रहा था और उत्तराखंड भी मीठाई बांट रहा था, जब झारखंड बना तो बिहार भी मीठाई बांट रहा था और झारखंड भी मीठाई बांट रहा था... लेकिन जब तेलंगाना बना तो कर्फ्यू लगाने पड़े..! ये कांग्रेसी कार्यशैली का नमूना है..!

सबको विश्वास में ले करके, उनके हर सवाल का समाधान करते हूए, निर्णयों की प्रक्रिया को विकसित की जा सकती है, लेकिन वो संस्कार अहंकार से भरी हुई कांग्रेस के पास से अपेक्षा करने जैसे नहीं है। कांग्रेस का अहंकार सातवें आसमान पर चढ़ा हुआ है। और इस देश के नागरिकों को नागरिक मानने के लिए तैयार नहीं है। जैसे सामान्य मानवी को एक वोट बैंक की तरह हमेशा ही उसके साथ व्यवहार करते हुए आए हैं। और उसका परिणाम ये है कि आज वो जहाँ भी हाथ लगाते हैं सोना मिट्टी हो जाता है, समस्याएं विकराल हो जाती हैं, संकट गहरे हो जाते हैं और जनता की पीड़ा अपरंपार बढ़ जाती है, ये कांग्रेस की परंपरा रही है और दिल्ली सरकार ने क्या किया..?

Vikas Yatra, Chhattisgarh

भाइयो-बहनों, छत्तीसगढ़ के कार्यकाल के प्रारंभ से मैं यहाँ से जुड़ा हूँ और जब डॉ. रमण सिंह जी यहाँ मुख्यमंत्री बने तब उनके सामने दो रास्ते थे। एक तो दिन रात रोते रहना कि हम मध्य प्रदेश से निकले हैं, यहाँ पर तो सब आदिवासियों की जनसंख्या है, यहाँ पर बिजली नहीं है, पानी नहीं है, सड़के नहीं हैं, क्या करेंगे... दिल्ली कुछ दे दे, दिल्ली कुछ दे दे, दिल्ली कुछ दे दे..! एक तो ये रास्ता हो सकता था..! और दूसरा रास्ता ये हो सकता था कि छत्तीसगढ़ जैसा हो वैसा, लेकिन हम पूरी कोशिश करेंगे, छत्तीसगढ़ के सामर्थ्य को जुटाएंगे, छत्तीसगढ़ के नौजवानों को जोड़ेंगे, छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के साथ विकास की नई राह को चुन लेंगे..!

और रमण सिंह जी ने दिल्ली के दरबार में समय बिताने का रास्ता नहीं चुना, मैं उनका अभिनंदन करता हूँ, उन्होंने तय किया कि दिल्ली कुछ करे या ना करे, दिल्ली साथ दे या ना दे, दिल्ली रुकावट डालती रहे, लेकिन छत्तीसगढ़ की जनता के भरोसे, छत्तीसगढ़ के संसाधनों के भरोसे हिन्दुस्तान में एक शानदार राज्य प्राप्त करके दिखाउंगा, ये रास्ता उन्होंने चुना..! ये रास्ता कठिन था, दिल्ली जा कर के मांगने का रास्ता सरल होता। और आए दिन कई मुख्यमंत्रियों की आदत होती है, वे राज्य का भला नहीं कर सकते, दिल्ली में जाकर के रोते बैठते हैं..! रमण सिंह जी ने रोते हुए बैठना पंसद नहीं किया और वे दिल्ली के साथ लड़ते भी रहे, झूझते भी रहे, लेकिन कभी झुकते नहीं दिखे, ये रमण सिंह जी की ताकत है और उसके कारण आज छत्तीसगढ़ खड़ा हो गया..!

भाइयों-बहनों, दिल्ली में भी एक सिंह है, और छत्तीसगढ़ में भी एक सिंह है। दिल्ली में डॉ. मनमोहन सिंह को दस साल होने जा रहे हैं और छत्तीसगढ़ में रमण सिंह जी को भी दस साल होने जा रहे हैं। वे भी डोक्टर हैं, ये भी डॉक्टर हैं। ये इंसान के डॉक्टर हैं, वे रूपयों के डॉक्टर हैं। उन्होंने पी.एच.डी. किया हुआ है फाइनेंस में, रमण सिंह जी में छत्तीसगढ़ को एक ऐसे डॉक्टर मिले जिन्होंने अपनी डॉक्टरी के माध्यम से छत्तीसगढ़ के हर इंसान को शानदार और जानदार बना दिया, यहाँ के इंसान को प्राणवान बना दिया..! और दिल्ली के सिंह जो रूपये के डॉक्टर थे, और रूपया आज अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच खड़ा हुआ है..! इन दिनों सोशल मीडिया की ताकत बहुत बड़ी है। फेसबुक, ट्विटर, वॉट्स-ऐप... ना जाने क्या-क्या चल रहा है..! मुझे किसी ने एक मेल भेजा, बड़ा इन्टरेस्टिंग था। उसने महात्मा गांधी की एक तस्वीर भेजी। महात्मा गांधी की उस तस्वीर में महात्मा गांधी सूक्ष्मदर्शक यंत्र को देख रहे हैं। ये तस्वीर हम सब लोगों ने देखी है बचपन में, कई किताबों में भी होती है। लेकिन वो सोशल मीडिया में जो नौजवान होते हैं उनका दिमाग बहुत तेज काम करता है। उसमें लिखा था कि महात्मा गांधी सूक्ष्मदर्शक यंत्र में हिन्दुस्तान का रूपया खोज रहे हैं और खुद की तस्वीर कहाँ गई वो ढूंढ रहे हैं..! मित्रों, क्या हाल करके रखा है..!

मित्रों, राष्ट्र के जीवन में कभी-कभी अच्छे-बुरे दिन आते हैं, कभी संकट भी आता है, लेकिन इस संकट के समय नेतृत्व की कसौटी होती है कि वो जनता जनार्दन को भरोसा कैसे दें, जनता जनार्दन के विश्वास को टूटने ना दें, संकटों से बाहर आने की कोशिशों में जनता का भरोसा हो..! मित्रों, पहली बार हिंदुस्तानने पिछले दस साल में दिल्ली में ऐसी सरकार देखी है जिस सरकार के हर कारनामे अंहकार से भरे हुए हैं। जिस सरकार की हर कार्यशैली, जनता को कोई जवाब नहीं देना, जवाबदेही से मुक्त अपने आप को तीसमार खां मानना, इस प्रकार का उनका कार्यकाल रहा है। देश की सामान्य जनता मंहगाई के कारण मर रही है, गरीब के घर में शाम को चुल्हा नहीं जल रहा है, बच्चे आंसू पी कर के सो रहे हैं, लेकिन दिल्ली में बैठी हुई सरकार गरीबों की परिभाषाएं करने में लगी हुई है। जिस प्लांनिग कमीशन के अध्यक्ष भारत के प्रधानमंत्री हैं, वो प्लानिंग कमीशन कहता है कि शहर में व्यक्ति को जीने के लिए 32 रूपया काफी है और गाँव में गरीब को जीने के लिए 27 रूपया काफी है..!

भाइयों-बहनों, आज 32 रूपयों में मुश्किल से चाय भी दो टाइम नहीं मिल सकती है, लेकिन दिल्ली की सरकार की गरीबी के हिसाब ऐसे है कि वे घोषणा करते हैं..! उनके एक मंत्री, उनके एक नेता, उनके स्पोक्स-पर्सन चीख-चीख कर दुनिया को समझा रहे हैं कि अरे, पाँच रूपये में तो जैसा चाहिए वैसा खाना मिल जाता है..! ये बोलने वाले लोगों पर मुझे नाराजी नहीं है, इस प्रकार की बातें करने वाले लोगों पर मुझे गुस्सा नहीं है, मुझे बहुत पीड़ा है कि दिल्ली में ऐसे लोग बैठे हैं जिनको हिन्दुस्तान के गरीब को खाने में कितना खर्च होता है उसका पता तक नहीं है, ऐसे लोग बैठे हैं कि जिनको ये तक मालूम नहीं है कि गरीब कैसे जिदंगी गुजार रहा है..! मेरा आदिवासी, मेरा गरीब, मेरे शोषित, पीड़ित, वंचित भाई-बहन..! जिनको ये भी मालूम नहीं है कि माँ घर में बच्चों को कितनी कठिनाई से दो टाइम खाना खिलाती है, उनको ये तक मालूम नहीं है..! जो आपके दर्द नहीं जानता, जो आपकी पीड़ा नहीं जानता, जो आपके दर्द को नहीं समझ पाए, वो आपके दर्द की दवा कैसे कर सकता है, भाइयों-बहनों..? और इसलिए मैँ कहता हूँ कि दिल्ली का पूरा शासन संवेदनाहीन है, मानवता हीन है, उनसे गरीब की भलाई की अपेक्षा करना मुश्किल काम है..!

मैं तो हैरान हूँ कि कांग्रेस जिनके भरोसे अपनी नैया पार करना चाहती है, जिनको कहीं से सूरज का ताप ना लग जाए, ठंड ना लग जाए, किसी के शब्द बाण ना लग जाएं, इसलिए बड़ा सुरक्षित रखा हुआ है, चारों तरफ से उसको बचाने के लिए भरपूर कोशिश की गई है, लेकिन फिर भी कभी-कभी आवाज बाहर निकल आती है और जब आवाज सुनते हैं तो सिर पटकने का मन करता है..! मित्रों, गरीबी का सबसे बड़ा मजाक किया कांग्रेस के ये आशास्पद नेता, जिनके भरोसे कांग्रेस चलना चाहती है, उन्होंने कहा कि गरीबी तो स्टेट ऑफ माइंड है, ये मन की स्थिति का परिणाम है, गरीबी-बरीबी कुछ होती नहीं है..! मैं हैरान हूँ ये वाक्य सुन कर के..! उनकी नानी, जो गरीबी हटाओ के नारे लगा रही थी, उनको कितनी पीड़ा हुई होगी कि उनकी तीसरी पीढ़ी आते-आते उनको लगने लगा कि गरीबी तो मन की अवस्था है, गरीबी जैसा कुछ होता नहीं है..! भाइयों-बहनों, गरीबों के दु:ख-दर्द पर एसिड छिड़कने का काम किया है। उनके घाव पर मलहम लगाने के बजाय उनके घाव को गहरा करने का प्रयास हुआ है। और इसके ये कहने के बाद भी अभी तक अपने इस वाक्यों के प्रति ना कोई शोक का, ना कोई दर्द का, ना कोई पीड़ा का, इस देश की जनता को कोई अहसास तक नहीं हुआ है, और उसका मूल कारण है कि कांग्रेस पार्टी अहंकार के सातवें आसमान पर चल रही है। और भाइयों-बहनों, जब जनता जनार्दन को, उसके अरमानों को, उसकी आशा-आकांक्षाओं को कुचलने का प्रयास होता है, तब ये जनता जनार्दन लोकतांत्रिक ताकतों से उनके अहंकार को चूर-चूर कर देती है और मुझे विश्वास है कि आने वाले छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनावों में भी कांग्रेस की इस पूरी पंरपरा को छत्तीसगढ़ की जनता हमेशा-हमेशा के लिए उखाड़ फैंकेगी..!

भाइयों-बहनों, विकास की नई ऊचांइयों को पार करना..! मैं यहीं पर 2008 में आया था, जब गरीबों को चावल देने की योजना का प्रारंभ हुआ था। और मैं डॉ. रमण सिंह जी का आभारी हूँ कि चावल की उस योजना का आरंभ करते समय, उस पवित्र कार्य में शरीक होने का मुझे सौभाग्य दिया था। ‘चावल वाले बाबा’ घर-घर में गुंजने लग गए थे, इसलिए नहीं कि किसी अखबार ने तंत्री लेख लिखा था, बल्कि इसलिए क्योंकि उन्होंने गरीबों की भलाई के लिए काम किया था..!

मित्रों, भारत की सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की सरकार को आए दिन कोई ना कोई डंडा मारा है। ये वही सुप्रीम कोर्ट है जिसने डॉ. रमण सिंह जी की गरीबों को अन्न वितरण करने की पूरी व्यवस्था के संबंध में सराहा था और हिन्दुस्तान की सरकार को कहा था कि छत्तीसगढ़ से कुछ सीखो, छत्तीसगढ़ की योजना को लागू करो, ये भारत की सुप्रीम कोर्ट ने कहा था..! भाइयों-बहनों, ये छत्तीसगढ़ के शान की बात है, छत्तीसगढ़ के गौरव की बात है, इतना महान काम डॉ. रमण सिंह जी ने करके दिखाया है और विकास को प्राथमिकता देने वाले व्यक्ति रहे हैं..!

मित्रों, हम भारतीय जनता पार्टी की सरकारों का एक चरित्र है, हम लोगों की एक कार्य संस्कृति है, हमारी कार्यशैली है, कि हम राजनैतिक छुआछूत में विश्वास नहीं करते हैं। हम ‘सर्व समाज को लिए साथ में आगे है बढ़ते जाना’, इस मंत्र को लेकर के काम करने वाले लोग हैं। और इसलिए हिन्दुस्तान में किसी भी दल की सरकार क्यों ना हो, कोई भी राज्य क्यों ना हो, लेकिन वहाँ अगर कोई अच्छी बात हुई हो तो हमारी सरकारें उसका अध्ययन करती है, उसमें जो अच्छाईयाँ हो वो लेती हैं और उसको और अच्छा करने का प्रयास करती है..! हमने जब छत्तीसगढ़ की पी.डी.एस. सिस्टम के संबंध में सुना था, तो मैंने छत्तीसगढ़ के अफसरों को गुजरात बुलाया था और मैंने कहा था कि भाई, आपने इतना अच्छा काम किया है, तो हमें सिखाओ..! और यहाँ के अफसर दो दिन मेरे यहाँ आ करके रहे थे, हमारे सभी अफसरों को सिखाया था और मैंने खुद दो घंटे बैठ कर के इस छत्तीसगढ़ की योजना का अध्ययन किया था और हमने हमारे यहाँ उसको लागू किया था। मित्रों, ये हमारी संस्कृति है, हम हिन्दुस्तान में कहीं पर भी अच्छा हो, तो उसको सीखते हैं, अच्छा करने का प्रयास करते हैं, क्योंकि हमारा सपना है कि भारत माता जगतगुरू के स्थान पर विराजमान हो, हमारा देश गरीबी से मुक्त हो, हमारी माताएं-बहनें सुरक्षा के साथ, सम्मान के साथ गौरवपूर्ण जीवन जीएं..! हमारा सपना है कि हमारे नौजवानों को रोजगार मिले। परमात्मा ने उनको दो भुजाएं दी हैं, मस्तिष्क दिया है, उसको स्किल मिलना चाहिए, हुनर मिलना चाहिए, अवसर मिलना चाहिए, इन बातों पर हमने बल दिया है और उसी का परिणाम है कि आज भारतीय जनता पार्टी की सभी सरकारें वहाँ की जनता की आशा-आकांक्षाओं की पूर्तिै करने की कसौटी पर पार उतरती चली जा रही हैं..!

हर पल नए विकास की बातें आपको सुनाई देती हैं। हमारे शिवराज जी हो मध्य प्रदेश में, हमारे रमण सिंह जी हो छत्तीसगढ़ में, कभी हमें अवसर मिला हिमाचल में, कभी मिला राजस्थान में, कभी आप गोवा में जाकर देखिए, कर्नाटक में जाकर देखिए, जहाँ-जहाँ पर भारतीय जनता पार्टी को सेवा करने का अवसर मिला है, हमने जनता की सेवा करने में कोई कोताही नहीं बरती है। हमने शासन को राजनीतिक खेल का हथियार नहीं बनाया है, हमने शासन और प्रशासन को विकास के लिए एक ऊर्जावान स्रोत के रूप में उपयोग किया है, ये हमारी कार्यशक्ति रही है और उसी कार्यशैली को लेकर के हम आगे बढ़ना चाहते हैं..!

भाइयों-बहनों, आने वाले दिनों में चुनाव हैं। मैं एक बात यहाँ के नौजवानों को कहना चाहता हूँ। आपका मन तो करता है कि रमण सिंह जी तीसरी बार चुन कर के आएं, लेकिन अगल-बगल में देखोगे तो कई नौजवान ऐसे होंगे जिनकी आयु 18-19-20 साल की हुई है और वे मतदाता के नाते रजिस्टर नहीं हुए हैं। ये हम सबका काम है कि हमारे छत्तीसगढ़ का कोई भी नौजवान मतदाता सूची से वंचित ना रह जाए। एक जन आंदोलन खड़ा होना चाहिए, जन जागरण होना चाहिए और सभी मतदाओं को इस बात का गर्व होना चाहिए कि भारत के संविधान ने आज मुझे सरकार चुनने का अधिकार दे दिया..! जिस दिन मताधिकार मिले, वो जीवन की एक गौरवपूर्ण घटना होनी चाहिए, ये माहौल हमें बनाना चाहिए। और मैं चाहता हूँ कि छत्तीसगढ़ के नौजवान इस काम में जो भी कर सकते हैं, पूरी ताकत से करें..!

भाइयों-बहनों, हिन्दुस्तान के अंदर श्रीमती इंदिरा गांधी के समय से गरीबों के कल्याण के लिए एक बीस मुद्दा योजना चल रही है। सभी सरकारों ने इसे चालू रखा, अटल जी ने भी चालू रखा था, मोरारजी भाई ने भी चालू रखा था। और हर तीन महीने पर इसका मूल्यांकन होता था। भाइयों-बहनों, सारे रिकार्ड गवाह हैं, हर मूल्यांकन में गरीबों की भलाई के इस टवेंटी पाइंट प्रोग्राम के इम्पलीमेंटेशन में हमेशा या तो भाजपा की सरकारें या फिर एन.डी.ए. की सरकारें पहले पाँच में आई। मित्रों, कांग्रेस की एक भी सरकार को गरीबों की भलाई के किसी काम को लागू करने में एक से पाँच के अंदर कभी मौका नहीं मिला है..! और जब एक बार प्रधानमंत्री के सामने मैंने ये गर्वपूर्ण बात कही तों कांग्रेस वाले चौंक गए और उन्होंने अपनी सरकारों में सुधार लाने के लिए कुछ नहीं किया, उन्होंने क्या किया कि मूल्याकंन करना ही बंद कर दिया। मूल्याकंन करें तो नम्बर मिले और तब जा कर के उनकी बुराई हो..! भाइयों-बहनों, इस प्रकार की अगर सोच है तो कभी विकास की स्पर्धा नहीं हो सकती..!

भाइयों-बहनों, आज देश को आवश्यकता है कि कौन सा राज्य किससे आगे बढ़ रहा है, विकास की यात्रा में कौन सा राज्य ज्यादा योगदान दे रहा है, उस पर बल दिया जाए। और मैं आज गर्व के साथ कहता हूँ, हिन्दुस्तान के अंदर पिछले दस साल में सर्वाधिक विकास करने वाला कोई राज्य है तो वो भारतीय जनता पार्टी द्वारा संचालित राज्य है और उन्होंने प्रगति की नई ऊंचाइयों को पार किया है। और एक दिल्ली सरकार है, पिछले साठ साल में जितनी तबाही नहीं हुई थी इतनी तबाही इन दस सालों में हुई है..! इन दिनों संसद में चर्चा चल रही थी कि कोयले की फाइलें खो गई। पूरी संसद इस पर चर्चा कर रही थी। सुप्रीम कोर्ट पूछ रही है कि कोयले की फाइलें गुम हो गई, तो कहाँ गई..? भाइयों-बहनों, संसद तो इस बात की चिंता कर रही है कि कोयले की फाइलें कहाँ खो गईं, लेकिन सवा सौ करोड देशवासी चर्चा कर रहे हैं कि हमारी हिन्दुस्तान की सरकार कहाँ खो गई..? पूरी सरकार खो गई, सिर्फ फाइल नहीं, पूरी सरकार खो गई..! तिजोरी से रूपये खो गए हैं, ईमान खो गया है..! भाइयों-बहनों, ऐसी दुदर्शा हिन्दुस्तान ने कभी देखी नहीं है..! और इसलिए भाइयों-बहनों, महामाया की इस पवित्र धरती से मैं आह्वान करता हूँ, समय की माँग है कि देश को बचाने का बीड़ा एक एक नागरिक उठाए, एक-एक नौजवान उठाए, देश को तबाह करने वाली सरकारों को उखाड़ फैंकने का संकल्प कर आगे बढ़ें..!

सुशासन को साकार करना समय की मांग है और उसको लेकर आगे बढ़ें। और भाइयों-बहनों, जब मैं सरकार की बात करता हूँ तो मेरे विचार बहुत साफ हैं, मैं इस स्पष्ट मत का हूँ, सरकार का एक ही धर्म होता है, ‘नेशन फर्स्ट’..! सरकार का एक ही धर्म ग्रंथ होता है, ‘भारत का संविधान’..! सरकार की एक ही भक्ति होती है, ‘भारत भक्ति’..! सरकार की एक ही पूजा होती है, ‘सवा सौ करोड़ देशवासियों की भलाई’..! सरकार की एक ही कार्यशैली होती है, ‘सबका साथ, सबका विकास’..! और इसी मंत्र को लेकर के हिन्दुस्तान को भव्य और दिव्य बनाने का सपना लेकर के आगे बढ़ें, रमण सिंह जी के नेतृत्व में तीसरी बार छत्तीसगढ़ को हम आगे बढ़ाएं..!

भाइयों-बहनों, आने वाले पाँच वर्ष छत्तीसगढ़ के जीवन लिए महत्वपूर्ण हैं। अब छत्तीसगढ़ तेरह साल का हो चुका है। और हमने अपने घर में भी देखा है, तेरह साल तक बच्चे का ज्यादा विकास नहीं होता है। कपड़े पुराने दो-दो साल तक चलते हैं, ना उसकी आवाज में बदलाव आती है ना उसकी रहन-सहन में बदलाव आती है। लेकिन तेरह साल के बाद अठारह साल तक बच्चे इतना तेजी से बढ़ने लगते हैं कि हर छह महीने में कपड़े नए लाने पड़ते हैं, एकदम से उनका विकास होने लगता है, तरुणाई आ जाती है..! भाइयों-बहनों, आने वाले पाँच साल, पिछले दस साल से अधिक महत्वपूर्ण हैं। इसी पाँच साल में सबसे ज्यादा छत्तीसगढ़ की केयर-टेकिंग की आवश्यकता है। जैसे बेटी-बेटों का तेरह साल से अठारह साल में माँ-बाप बहुत ख्याल रखते हैं, वैसे ही ये तेरह से अठारह साल छत्तीसगढ़ की सबसे ज्यादा चिंता करने की जरूरत है। ऐसे विकास का दौर होने वाला है जिसको संभालने के लिए योग्य व्यक्ति की जरूरत है। और मैं दस साल के अनुभव से कहता हूँ कि 13 से 18 साल के पाँच वर्ष छत्तीसगढ़ को नई ताकत से उभरने का समय है, छत्तीसगढ़ का हाथ-पैर फैलाने का समय है, छत्तीसगढ़ को नई ऊचाइयों को पार करने का समय है, उस समय कोई गलती ना हो..! फिर एक बार डॉ. रमण सिंह के हाथ में छत्तीसगढ़ सुपुर्द कीजिए, ये जवानी के पाँच साल छत्तीसगढ़ को एक नई ताकत दे देंगे। और एक बार 18 साल तक छत्तीसगढ़ बनते बनते मजबूत और ताकतवर बन गया, तो साठ-सत्तर साल तक कभी बीमारी नहीं आएगी, कोई कठिनाई नहीं आएगी..! आने वाले पाँच-छह दशक के भविष्य की ये रमण सिंह जी नींव डाल कर जाएंगे, ये मुझे पूरा विश्वास है और इसलिए मैं आग्रह करता हूँ, फिर एक बार भाजपा को अवसर दीजिए, फिर एक बार डॉ. रमण सिंह को अवसर दीजिए, फिर एक बार छत्तीसगढ़ की तरूणाई को खिलने का अवसर दें, इसी एक अपेक्षा के साथ मेरी आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं..!

भारत माता की जय..!

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आज उत्तर प्रदेश और पूरा देश वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर के नए दौर का गवाह बन रहा है: मेरठ में पीएम मोदी
February 22, 2026
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मेरठ मेट्रो, नमो भारत ट्रेन और RRTS के नए सेक्शन के उद्घाटन से NCR में लोगों की जिंदगी और भी आसान, सुगम और सुविधाजनक हो जाएगी: पीएम
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चाहे नमो भारत हो या मेट्रो सेवा, मुझे दोनों की नींव रखने का अवसर मिला और आज मुझे इनका उद्घाटन करने का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ है: प्रधानमंत्री
देश में पहली बार ऐसा हो रहा है कि नमो भारत और मेट्रो रेल एक ही स्टेशन और एक ही ट्रैक पर चलेंगी: प्रधानमंत्री
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आज विश्व के कई विकसित देश भारत के साथ व्यापार समझौते कर रहे हैं: प्रधानमंत्री
आज विकसित देश भारत के साथ साझेदारी करने के लिए उत्सुक हैं, ऐसा इसलिए है क्योंकि वे भारत के विकास में अपना भविष्य देखते हैं और भारत की युवा शक्ति में आशा देखते हैं: प्रधानमंत्री
आज, विश्व को लगता है कि भारत वह शक्ति है जो 21वीं सदी की चुनौतियों का समाधान प्रदान कर सकती है: प्रधानमंत्री
मेरठ-हापुड़ क्षेत्र लंबे समय से चौधरी चरण सिंह जी के विजन का गवाह रहा है। उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करना हमारी सरकार का सौभाग्य रहा है: पीएम

भारत माता की जय।

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भारत माता की जय।

उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे साथी पंकज चौधरी जी, जयंत चौधरी जी, उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक जी, यूपी सरकार के मंत्रीगण, सांसद में मेरे साथीगण, विधायकगण, और विशाल संख्या में आए हुए मेरे प्यारे भाइयों और बहनों!

बाबा औघड़नाथ की इस पावन धरती पर, मेरठ की क्रांतिधरा पर, आज विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत, इसके लिए नई क्रांति को ऊर्जा मिल रही है। आज पहली बार, एक ही मंच से नमो भारत रैपिड रेल और मेट्रो सेवा का, एक ही दिन शुभारंभ हो रहा है। विकसित भारत की कनेक्टिविटी कैसी होगी, ये उसकी एक शानदार झांकी है। शहर के भीतर के लिए मेट्रो, और ट्विन सिटीज के विजन को गति देने के लिए नमो भारत जैसी आधुनिक ट्रेन, मुझे संतोष है, ये काम उत्तर प्रदेश में हुआ है।

भाइयों और बहनों,

आज का ये कार्यक्रम, भाजपा की डबल इंजन सरकार की कार्य-संस्कृति को भी दर्शाता है। और हमारी कार्य संस्कृति क्या है? हमारी कार्य संस्कृति है कि जिस काम का शिलान्यास किया जाए, उसे पूरा करने के लिए, दिन रात एक कर दिया जाए। और इसलिए अब परियोजनाएं पहले की तरह लटकती, भटकती नहीं हैं। नमो भारत या मेट्रो सेवा, दोनों का शिलान्यास करने का अवसर आप सबने मुझे दिया था। और आज मुझे ही इनके लोकार्पण का भी सौभाग्य मिला है।

साथियों,

थोड़ी देर पहले मैंने मेरठ मेट्रो में सफर किया है। इस दौरान मेरी स्कूल-कॉलेज के अनेक युवाओं से और अन्य यात्रियों से बातचीत हुई है। सबका यही कहना था, कि इतने शानदार काम की उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। और सब के सब लोग, वो पुराने दिनों को याद कर रहे थे। और खासतौर पर बहनों-बेटियों ने मुझे बताया, कुछ साल पहले तक शाम होते ही, पूरे रूट में सन्नाटा छा जाता था। यहां डर और भय का माहौल होता था। अब एक तरफ कानून-व्यवस्था भी सुधरी है और दूसरी तरफ, लोगों को सुविधापूर्ण और सुरक्षित यात्रा का भी माध्यम मिला है।

और साथियों,

मुझे खुशी है कि ये नमो भारत रैपिड रेल से, ये नारी-शक्ति के सामर्थ्य का प्रतीक भी बनी है। इसमें ट्रेन ऑपरेटर, स्टेशन कंट्रोल स्टाफ, ऐसे अधिकतर काम में हमारी बेटियां ही कार्यरत हैं, बेटियां ही नेतृत्व कर रही हैं। मैं आप सभी को, उत्तर प्रदेश को, और दिल्ली वासियों को देश की पहली नमो भारत रैपिड रेल सेवा और मेरठ मेट्रो के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

मेरठ की इस धरती से मेरा भी एक विशेष नाता रहा है। जब 2014 के चुनाव हुए, 2019 के चुनाव हुए और 2024 के लोकसभा चुनाव हुए, तो मेरठ से ही मेरी चुनावी सभाओं की शुरुआत हुई। मेरठ के आप लोगों ने, यहां के किसानों ने, उद्यमियों ने, लघु उद्योगों से जुड़े श्रमिकों ने, कारीगरों ने, दुकानदारों ने, मुझे हमेशा बहुत आशीर्वाद दिया है।

और साथियों,

मैंने तब भी कांग्रेस और सपा-बसपा को कहा था कि अपनी जहरीली राजनीति छोड़िए और आइए, विकास के मुद्दे पर मुकाबला करके देखते हैं।

साथियों,

इन दलों ने तो अपनी जहरीली राजनीति नहीं बदली, लेकिन भाजपा ने विकास और अपनी नीति रीति, अपनी नीयत में अगर एक बात को सर्वोपरि रखा, तो वो है विकास, देश का विकास। इसका एक उदाहरण हमारी मेट्रो भी है, मेरठ मेट्रो भी है।

साथियों,

2014 से पहले भारत में मेट्रो का विस्तार, बहुत ही धीमी गति से हो रहा था। हालत ये थी कि कांग्रेस सरकार के समय में देश के सिर्फ 5 शहरों में ही मेट्रो चल पाई थी। जबकि आज भाजपा सरकार में देश के 25 से ज्यादा शहरों में मेट्रो चलने लगी है। आज भारत, मेट्रो के मामले में दुनिया का तीसरा बड़ा नेटवर्क बन चुका है। यूपी में मेरठ के अलावा भी कई सारे शहरों में मेट्रो पर काम चल रहा है।

साथियों,

बीते 11 वर्षों में देश के दर्जनों शहरों तक मेट्रो पहुंची, क्योंकि भाजपा सरकार देश की जनता को सुविधा देना चाहती है, देशवासियों को हाई-स्पीड, जाम और प्रदूषण से मुक्त सुविधा, ऐसे हर प्रकार की व्यवस्था देना चाहती है। इसलिए, आज नमो भारत जैसी आधुनिक सेमी-हाईस्पीड ट्रेन चल रही है, वंदे भारत ट्रेन चल रही है।

साथियों,

कांग्रेस-सपा की जब दिल्ली में सरकार थी, तब ये सब संभव ही नहीं था। क्योंकि तब इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट्स घोटालों में ही गुम हो जाते थे। मेट्रो जैसे और उससे जुड़ी अधिकतर टेक्नॉलॉजी भी हमें विदेशों से आयात करनी पड़ती थी। हमने घोटाले भी बंद किए, और देश को आत्मनिर्भरता के रास्ते पर भी आगे बढ़ाया। क्योंकि भाजपा की प्राथमिकता, देश का विकास है, देशवासियों की सुविधा और समृद्धि है। आप यहीं देखिए, मेरठ वासियों का, पश्चिम यूपी वासियों का जीवन कैसे बदलने वाला है। सराय काले खां, आनंद विहार, गाज़ियाबाद और मेरठ, इन स्टेशनों पर भारतीय रेल, मेट्रो और बस अड्डों को आपस में जोड़ा गया है। देश में ये पहली बार हो रहा है, जब एक ही स्टेशन, एक ही ट्रैक पर नमो भारत और मेट्रो रेल चलेगी। यानी एक ही प्लेटफॉर्म से आप शहर के भीतर भी यात्रा कर पाएंगे, और उसी स्टेशन से सीधे दिल्ली भी आ-जा सकते हैं। इससे मेरठ के आप जैसे हजारों साथियों को फायदा होगा, जो पढ़ाई के लिए, नौकरी के लिए, अन्य कामकाज के लिए, रोज़ाना दिल्ली आते-जाते हैं। जो लोग दिल्ली में नौकरी करते हैं और जिनका घर मेरठ में है, उनके लिए अब दिल्ली में किराए के घर में रहने की मजबूरी भी खत्म हुई है।

साथियों,

आज भाजपा की डबल इंजन सरकार, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर जो इतना सारा पैसा खर्च कर रहा है, उससे आपका पैसा भी बचता है और युवाओं को रोजगार भी मिलता है। यहां पश्चिम यूपी में ही देखिए, कैसे नए-नए एक्सप्रेसवे बन रहे हैं, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बन रहे हैं, जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन रहा है, ये प्रोजेक्ट जब बनते हैं तब भी रोजगार मिलते हैं, और बाद में नए उद्योग लगते हैं, नए कारोबार आते हैं, उससे भी रोजगार पैदा होते हैं।

साथियों,

उत्तर प्रदेश की ये धरती तो श्रम की धरती है, ये सृजन की धरती है। यहां के किसान हों, पशुपालक हों, छोटे-लघु उद्यमी हों, बुनकर-शिल्पकार हों, ये सभी विरासत और विकास के मंत्र को साकार कर रहे हैं। ऐसे में जब भारत का सामर्थ्य बढ़ता है, तो उत्तर प्रदेश के इन सभी साथियों को भी फायदा होता है।

साथियों,

आप आजकल देख रहे हैं कि दुनिया के प्रति और दुनिया के लोगों के मन में भारत के प्रति कितनी आस्था है, लोग कितने आशावान हैं। दुनिया के अनेक विकसित देश, आज भारत के साथ व्यापारिक समझौते कर रहे हैं। एक समय था, जब कांग्रेस की सरकार चाहकर भी विकसित देशों के साथ समझौते नहीं कर पाती थी। क्योंकि तब घोटालों के लिए बदनाम कांग्रेस सरकार से समझौते करने में दुनिया को हिचक होती थी। लेकिन आज विकसित देश, भारत के साथ जुड़ने के लिए उत्सुक हैं। क्योंकि उनको भारत के विकास में अपना भविष्य दिखता है, उनको भारत की युवाशक्ति में उम्मीद दिखती है। आज दुनिया को लगता है, कि भारत वो ताकत है, जो इक्कीसवीं सदी की चुनौतियों का समाधान दे सकता है।

साथियों,

बीते वर्षों में भाजपा की सरकार ने जो वैश्विक समझौते किए हैं, उससे लघु और कुटीर उद्योगों से जुड़े लोगों को भी बहुत फायदा होगा। इसका फायदा, मेरठ के स्पोर्ट्स का सामान बनाने वालों को होगा, मेरठ की ही कैंची, खुर्जा की क्रॉकरी, मुरादाबाद का पीतल, बागपत का होम फर्निशिंग उद्योग, सहारनपुर की लकड़ी की नक्काशी, लैदर, टेक्स्टाइल, ज्वैलरी से जुड़े उद्योग, ऐसे हर लघु और कुटीर उद्योगों को इन समझौतों का बहुत बड़ा लाभ होने वाला है। भाजपा की प्राथमिकता, देश के छोटे-बड़े शहरों के सामर्थ्य को, दुनिया के कोने-कोने तक ले जाना है, यूपी के अलग-अलग जिलों की पहचान बढ़ाना है।

साथियों,

हमारा मेरठ और ये पूरा क्षेत्र, लघु उद्योगों का, MSMEs का बहुत बड़ा सेंटर है। इस वर्ष जो केंद्र सरकार का बजट आया है, उसमें हमने लघु उद्योगों के लिए 10 हजार करोड़ रुपए के विशेष फंड की घोषणा की है। इससे यूपी के MSMEs को लोन मिलना बहुत आसान हो जाएगा। बजट में हमने कपड़ा उद्योग के लिए, बुनकर समाज के लिए, महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना की घोषणा की है। इससे खादी, हैंडलूम, हस्तशिल्प को विश्व बाज़ार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

साथियों,

पहले छोटे कारीगर केवल 10 लाख रुपए तक का सामान कूरियर से भेज सकते थे। अब यह सीमा पूरी तरह हटा दी गई है। इससे मेरठ सहित, यूपी के सभी बुनकर, और अन्य छोटे उद्यमी, ऑनलाइन ऐप के ज़रिए, अमेरिका या यूरोप के ग्राहकों को भी अपने प्रोडक्ट आसानी से भेज पाएंगे।

साथियों,

मेरठ-हापुड़ और आसपास के इस क्षेत्र ने, चौधरी चरण सिंह जी के विजन को शुरुआती दिनों से देखा है। ये हमारी सरकार का सौभाग्य रहा, कि हमें चौधरी चरण सिंह जी को भारत रत्न देने का सौभाग्य मिला। भाजपा की डबल इंजन सरकार, उनके विजन पर चलते हुए किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसके लिए फूड-प्रोसेसिंग पर बहुत बल दिया जा रहा है। पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा भी छोटे किसानों के बहुत काम आ रहा है। अब तक यूपी के किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के तहत, लगभग 95 हज़ार करोड़ रुपए मिल चुके हैं। इसमें मेरठ के किसानों को भी लगभग 800 करोड़ रुपए मिले हैं।

भाइयों और बहनों,

एक तरफ आज देशवासी, भारत को विकसित बनाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। लेकिन देश में ही कुछ राजनीतिक दल हैं, जो भारत की इस सफलता को पचा नहीं पा रहे। अभी आपने देखा, भारत में दुनिया का सबसे बड़ा AI सम्मेलन हुआ। दुनियाभर के 80 से अधिक देशों से प्रतिनिधि दिल्ली आए। दुनिया के करीब 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष भारत आए, लाखों लोग हिन्दुस्तान के कोने-कोने से दिल्ली में जुटे थे। दुनिया के विकासशील देशों में ऐसा सम्मेलन आज तक कभी नहीं हुआ। मैं जरा मेरठ के लोगों को पूछना चाहता हूं, ये जो एआई सम्मेलन हुआ, आपको गर्व हुआ की नहीं हुआ? पूरी ताकत से बातइये, आपको गर्व हुआ की नहीं हुआ? आपका माथा ऊंचा हुआ कि नहीं हुआ? आपका सीना चौड़ा हुआ कि नहीं हुआ, ये काम भारत के लिए हुआ कि नहीं हुआ है? भारत के युवाओं के लिए हुआ कि नहीं हुआ है? भारत के भाग्य को बदलने के लिए हुआ है कि नहीं हुआ है? 21वीं सदी में लीडरशिप लेने के लिए हुआ है कि नहीं हुआ है? पूरा देश गर्व से भर गया। लेकिन कांग्रेस और इसके इकोसिस्टम ने क्या किया?

साथियों,

कांग्रेस ने भारत के एक वैश्विक आयोजन को, अपनी गंदी और नंगी राजनीति का अखाड़ा बना दिया। समारोह स्थल पर विदेशी अतिथियों के सामने कांग्रेस के नेता कपड़े उतारकर पहुंच गए, मैं कांग्रेस वालों को पूछता हूं, देश तो जानता है आप पहले से ही नंगे हो, फिर कपड़े उतारने की जरूरत क्या पड़ी। कांग्रेस के नेताओं ने वहां जो कुछ किया, वो दिखाता है कि देश की सबसे पुरानी पार्टी, वैचारिक रूप से कितनी दिवालिया हो गई है, कितनी दरिद्र हो गई है।

साथियों,

कोई कल्पना नहीं कर सकता है, हम तो वो लोग हैं, जो गांव में किसी के यहां शादी ब्याह होता है, तो पूरा गांव उसे सफल बनाने में जी-जान से जुट जाता है। ताकि मेहमान, गांव की एक अच्छी छवि लेकर जाएं। कांग्रेस तो अपने ही देश को बदनाम करने में जुटी है।

साथियों,

कांग्रेस के नेताओं को मोदी से नफरत है, ये लोग मेरी कब्र खोदना चाहते हैं, मेरी मां को गाली देने से भी उनको कोई परहेज नहीं है, उन्हें भाजपा से विरोध है, उन्हें एनडीए से विरोध है, ठीक है आपकी राजनीति में यही करना जरूरी है, चलो भई समझ सकते हैं, हम इसको भी सहन कर लेंगे। लेकिन कांग्रेस को याद रखना चाहिए था, कि AI ग्लोबल समिट, ये बीजेपी का समारोह नहीं था और न ही उस समय बीजेपी का कोई नेता वहां मौजूद था, ये देश का कार्यक्रम था, देश के सम्मान का कार्यक्रम था, देश के लोगों के पसीने से, लेकिन कांग्रेस ने परसो सारी मर्यादाएं तोड़ दीं। और पूरा देश, कांग्रेस की इस रीति नीति पर थू-थू हो रही है। लेकिन दुर्भाग्य देखिए, इतनी पुरानी पार्टी के नेता लाजने के बजाय गाजते हैं, बेशर्मी के साथ देश की बेज्जती करने वालों का जयकारा कर रहे हैं। और ये मामला कांग्रेस की हरकतों का लगातार चल रहा है। पार्लियामेंट में क्या किया, पार्लियामेंट में खुद परफोर्म कर नहीं पा रहे, तो अपने साथी दलों को भी बोलने का मौका नहीं देते, पार्लियामेंट को चलने नहीं देते। और उसका सबसे बड़ा नुकसान, कांग्रेस के जो साथी दल है ना उनको हो रहा है, अब वो समझ गए हैं। ये अभी दिल्ली में जो उन्होंने नंगापन दिखाया, उनके सारे साथी दल चौंक गए हैं, सबने किनारा कर लिया, और मैं नम्रता पूर्वक देश के मीडिया को भी एक रिक्वेस्ट करना चाहता हूं, वैसे मैं मीडिया को हर प्रकार से झेलने के लिए ईश्वर मुझे शक्ति दे, प्रार्थना करता रहता हूं। लेकिन आज मैं उनको प्रार्थना कर रहा हूं कि कृपा करके हम जब इस प्रकार की हरकतों की आलोचना करें, तो आप ये हेडलाइन मत बनाइये, कि मोदी ने विपक्ष को धो डाला, आप कांग्रेस को बचाने की ये चालाकियां बंद कीजिए। ये विपक्ष – विपक्ष करके आप कांग्रेस को बचा रहे हैं और विपक्ष में जो और साथी बैठे हैं, वो भी समझ गए हैं कि पाप कांग्रेस करती है और भुगतना उनको पड़ता है, और कांग्रेस की इकोसिस्टम हर बार बचकर निकलने का ये खेल खेलती है, कि पाप कांग्रेस करे, आलोचना कांग्रेस की हो, गुस्सा कांग्रेस पर हो, लेकिन मीडिया में कांग्रेस नहीं दिखती, विपक्ष शब्द दिखता है, क्यों भई, क्यों कांग्रेस को बचा रहे हो। ऐसा करने से आप न कांग्रेस को बचा पाते हो, न कांग्रेस को सुधरने के लिए मजबूर करते हो। अगर आप एक बार छापना शुरू कर दोगे, बोलना शुरू कर दोगे, ये जनरल विपक्ष का दोष नहीं, और देखिए दिल्ली में जो हुआ, क्या उसमें कोई टीएमसी के लोगों ने पाप किया है, नहीं किया है, डीएमके के लोगों ने पाप किया है, नहीं किया है, बसपा के लोगों ने पाप किया है, नहीं किया है, फारूख अब्दुल्ला जी की पार्टी ने पाप किया है, नहीं किया है, सिर्फ और सिर्फ, सरफिरे नेता, कांग्रेस के बेलगाम नेता, देश को तबाह करने पर तुले हुए हैं। अगर आपको प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठना है, तो पहले आपको जनता के दिल जीतने पड़ेंगे। महिला एमपीओं को भेजकर के सीट पर कब्जा करने से आप प्रधानमंत्री नहीं बन सकते हो, और माताओं-बहनों को इस प्रकार से आगे करने की क्या मजबूरी है आपकी, क्या इतने खोखले हो गए हो आप लोग।

साथियों,

कांग्रेस देश के लिए बोझ बन गई है, और मुझे इस बात का संतोष है कि दिल्ली में जो घटना घटी, कांग्रेस के सभी साथी दलों ने, कांग्रेस की भरपूर आलोचना करने की हिम्मत दिखाई है। मैं विपक्ष के इन साथियों का सच्चाई के साथ और देश के गौरव के साथ खड़े रहने के लिए, उनका मैं सार्वजनिक रूप से आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,

भाजपा सरकार के लिए देश का विकास, यूपी का विकास सर्वोपरि है। लेकिन आप याद करिए, 10 साल पहले तक, यूपी की चर्चा किन बातों के लिए होती थी? हर किसी को, मेरठ के दंगे, पश्चिम यूपी में क्रिमिनलों की गैंग, खराब सड़कें, बिजली की कटौती और पिछड़ेपन की परिस्थितियां, यही कुछ चर्चा में रहता था। पश्चिमी यूपी के अपराध पर फिल्में बनती थीं, फिल्में। सपा सरकार ने यूपी का ये हाल करके रखा था। लेकिन आज यूपी को विकास के लिए जाना जा रहा है। आज हमारे यूपी को, ब्रह्मोस के लिए, मोबाइल फोन बनाने और एयरपोर्ट के लिए, पर्यटकों की सुविधा लगातार बढ़ती संख्या के लिए जाना जाता है। यूपी, स्पोर्टिंग इकोसिस्टम में भी अपनी पहचान बढ़ा रहा है। मेरठ में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है।

साथियों,

सपा राज में जो अपराधी बेखौफ घूमा करते थे, वो आज योगी जी की सरकार में जेलों में दिन बिता रहे हैं। आज किसी की हिम्मत नहीं है, कि कॉलेज से पढ़कर निकल रही हमारी किसी बेटी का अपमान कर सके।

साथियों,

जब कानून व्यवस्था सुधरती है, तो व्यापार-कारोबार और दुकानदारी के लिए भी माहौल बनता है। इसलिए आज यूपी की अर्थव्यवस्था में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। योगी जी के नेतृत्व में यूपी देश का बड़ा मैन्यूफैक्चरिंग हब बन रहा है। कल ही मुझे यूपी की पहली सेमीकंडक्टर फैक्ट्री का शिलान्यास करने का अवसर मिला है। इस सेमी-कंडक्टर फैक्ट्री के बनने से यूपी का सामर्थ्य और ज्यादा बढ़ जाएगा। इससे यहां नए निवेश, नए रोजगार के लिए अद्भुत संभावनाएं बनेंगी। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं, भाजपा की डबल इंजन सरकार, ऐसे ही यूपी को देश की सबसे बड़ी इकॉनॉमी बनाने के लिए काम करती रहेगी। यूपी विकसित होगा, तो ही भारत विकसित होगा। एक बार फिर आप सभी को नमो भारत ट्रेन और मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। ये वंदे मातरम के 150 वर्ष मना रहे हैं। मेरे साथ बोलिये-

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !