प्रधानमंत्री मोदी ने 74वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए लाल किले से राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन की घोषणा की। पीएम मोदी ने कहा कि यह देश में स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांति लाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन पूरी तरह से प्रौद्योगिकी आधारित पहल होगी और प्रत्येक भारतीय को एक स्वास्थ्य आईडी कार्ड मिलेगा जिसमें किसी व्यक्ति की चिकित्सा से जुड़ी सभी जानकारी होगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “प्रत्येक भारतीय को हेल्थ आईडी दी जाएगी। ये हेल्थ आईडी प्रत्येक भारतीय के स्वास्थ्य खाते की तरह काम करेगी। आपके हर टेस्ट, हर बीमारी, आपने किस डॉक्टर के पास, कौन-सी दवा ली थी, उनका क्या डॉयग्नॉसिस था, कब ली थी, उनकी रिपोर्ट क्या थी, ये सारी जानकारी आपकी इस हेल्थ आईडी में समाहित की जाएगी।”
पीएम मोदी ने कोविड-19 खतरे से निपटने के लिए स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे के तेजी से उन्नयन का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना के समय, उसके पूर्व हमारे देश में सिर्फ एक लैब थी टेस्टिंग के लिए, आज 1400 लैब का नेटवर्क है। हिन्दुस्तान के हर कोने में फैला हुआ है। जब कोरोना का संकट आया तो एक दिन में सिर्फ 300 टेस्ट हो पाते थे। इतने कम समय में हमारे लोगों ने वो शक्ति दिखा दी है कि आज हर दिन 7 लाख से ज्यादा टेस्ट हम कर पा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने एमबीबीएस और एमडी के लिए सीटों की संख्या बढ़ाने, देश भर में नए मेडिकल कॉलेजों और एम्स के विकास की भी बात की।


