मेरे लिए राइजिंग इंडिया का अर्थ है 125 करोड़ भारतीयों का उदय: प्रधानमंत्री मोदी
भारत के उदय के लिए सभी लोगों का समान विकास होना जरूरी है और सरकार इस दिशा में काम कर रही है: पीएम मोदी
स्वच्छ भारत मिशन एक जनआंदोलन बन गया, देश के लोगों ने डिजिटल पेमेंट को एक मजबूत हथियार बनाया है: प्रधानमंत्री
डिजिटल भुगतान को बड़े पैमाने में अपनाने के मामले में भारत सबसे आगे: प्रधानमंत्री मोदी
लोगों की इच्छा शक्ति के परिणामस्वरूप भारत में परिवर्तनकारी बदलाव हो रहा है: पीएम मोदी
उज्ज्वला योजना सिर्फ रसोई ही नहीं बदल रही बल्कि करोडों परिवारों की तस्वीर बदल रही है: प्रधानमंत्री
हमारी सरकार ‘Act East And Act Fast For India’s East’ के मंत्र पर चल रही है: प्रधानमंत्री मोदी
पूर्वी भारत के लोगों की जिंदगी में आईसोलेशन से इंटीग्रेशन का रास्ता ही राइजिंग इंडिया की चमक बढ़ाएगा: पीएम मोदी
सरकार अलग-थलग होकर नहीं बल्कि आपसी समन्वय के साथ समाधान निकालने की दिशा में कार्य कर रही है: प्रधानमंत्री
देश में सेनिटेशन कवरेज 2014 के 38 प्रतिशत के मुकाबले बढ़कर 78 प्रतिशत हो गया है: प्रधानमंत्री मोदी
योग आज एक जनआंदोलन बन गया है: पीएम मोदी
सरकार ने जनसामान्य को सस्ती और सुलभ चिकित्सा सुविधा मिले इसके लिए कई कदम उठाए हैं, देशभर में 3,000 से अधिक जन औषधि केंद्र खोले गए, जहां 800 से अधिक दवाएं कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही हैं: प्रधानमंत्री
हार्ट स्टेंट की कीमत 85 प्रतिशत तक कम की गई हैं, घुटना प्रत्यारोपरण की कीमत में 50 से 70 प्रतिशत की कमी की गई है: प्रधानमंत्री मोदी
हमने #NationalNutritionMission शुरू किया, माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा: पीएम मोदी
पावर सेक्टर भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रयास कर रहा है: प्रधानमंत्री
भारत, जो पहले बिजली की कमी की समस्या से जूझता था, आज यहां पर्याप्त बिजली है: प्रधानमंत्री मोदी
भारत दुनिया में सौर क्रांति का नेतृत्व कर रहा है, पिछले 4 वर्षों में विश्व मंच पर भारत का प्रभाव लगातार बढ़ा है: पीएम मोदी
वैश्विक लक्ष्य से 5 साल पहले 2025 तक देश को टीबी मुक्त करना हमारा लक्ष्य है: प्रधानमंत्री
यमन में संकट के दौरान भारत ने 48 देशों की मदद की, ‘सबका साथ, सबका विकास’ का हमारा मंत्र केवल हमारे देश तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरा विश्व इसमें शामिल है: प्रधानमंत्री मोदी
भारत ने विश्व अर्थव्यवस्था के लिए व्यापक योगदान दिया है हमारे योगदान में 7 गुना बढ़ोतरी हुई है: पीएम मोदी
भारत आज उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और सबसे आकर्षक एफडीआई स्थलों में से एक है: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज नेटवर्क 18 द्वारा आयोजित राइजिंग इंडिया समिट में संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि जब वह एक राष्ट्र के विकास की बात करते हैं तो इसके व्यापक संदर्भ होते हैं। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था के विकास के अलावा भारत के विकास का मतलब भारत के लोगों का आत्म-सम्मान बढ़ना भी होता है। उन्होंने कहा कि लोगों की सामूहिक इच्छा-शक्ति के साथ असंभव को भी हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज यह सामूहिक इच्छा-शक्ति नए भारत को तैयार करने की दिशा में काम कर रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कई राष्ट्रों की सामान्य मान्यता ‘सरकार के नेतृत्व वाले विकास और बदलाव का नागरिक अनुसरण करते हैं’ के विपरीत भारत में बीते चार साल से उलटा ही रुझान देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि अब नागरिक नेतृत्व कर रहे हैं और सरकार उनका अनुसरण करती है।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान काफी कम समय में एक जनांदोलन बन गया। लोग अब भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ हथियार के तौर पर डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों ने सरकार को बड़े फैसले लेने और उन्हें लागू करने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि भारत में लोगों के संकल्प के कारण परिवर्तनकारी बदलाव संभव हुए हैं। उन्होंने कहा कि एक दृष्टिकोण के तौर पर सरकार राष्ट्रीय स्तर पर असंतुलन को कम करने की भावना के साथ काम कर रही है। एक वीडियो की मदद से उन्होंने बताया कि कैसे उज्ज्वला योजना ने न सिर्फ लोगों की रसोई, बल्कि पूरे परिवार को पूरी तरह बदल कर रख दिया। उन्होंने कहा कि इससे हमारे सामाजिक ढांचे में असंतुलन की समस्या में कमी आई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वह मणिपुर में एक दिन बिताकर लौटे, जहां उन्होंने विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन किया, खेल विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया और पूर्वोत्तर के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारत के भावनात्मक एकीकरण और जनसांख्यिकीय विभाजन को ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ‘एक्ट ईस्ट एंड एक्ट फास्ट फॉर इंडियाज ईस्ट’ के मंत्र पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इसमें न सिर्फ पूर्वोत्तर, बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा आदि भी शामिल हैं।

प्रधानमंत्री ने असम की गैस क्रैकर परियोजना; गोरखपुर, बरौनी और सिंदरी में उर्वरक संयंत्रों के पुनरोद्धार; जगदीशपुर हल्दिया गैस पाइपलाइन; और ढोला सैदिया पुल का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में परियोजनाएं शुरू करने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। पूर्वी भारत में 12 नए हवाईअड्डों का निर्माण किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 18,000 गैर विद्युतीकृत गांवों में से 13,000 पूर्वी भारत में और 5,000 पूर्वोत्तर में थे। उन्होंने कहा कि जल्द ही इन गांवों के विद्युतीकरण के काम को पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सौभाग्य योजना के तहत हर घर को एक बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पूर्वी भारत को अलगाव से एकीकरण की ओर ले जाने का अभियान है, जिससे ‘भारत उदय’ को मजबूती मिलेगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र पर प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार इस क्षेत्र के चार स्तम्भों पर ध्यान दे रही हैः

निरोधक स्वास्थ्य
किफायती स्वास्थ्य
आपूर्ति की दृष्टि से प्रयास
अभियान की तर्ज पर प्रयास
निरोधक स्वास्थ्य पर प्रधानमंत्री ने कहा कि आज 13 करोड़ घरों में शौचालय हैं, जबकि 2014 में यह संख्या 6.5 करोड़ थी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता का दायरा 28 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि योग अब एक जनांदोलन बन गया है। उन्होंने हाल के आम बजट में हुई वेलनेस केंद्रों की घोषणा का भी उल्लेख किया। वह टीकाकरण पर भी बोले।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश भर में 3,000 जन औषधि केंद्रों की स्थापना की जा चुकी है, जहां सस्ती दरों पर 800 से ज्यादा दवाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि स्टेंट और घुटना इमप्लांट्स की कीमतों को भी विनियमित कर दिया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत से 10 करोड़ परिवारों को स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या में खासी बढ़ोत्तरी की गई है। उन्होंने राष्ट्रीय पोषण मिशन का उल्लेख किया, जिसका अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर शुभारंभ किया गया था।

प्रधानमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार हर सेक्टर के लिए विशेष विकास मॉडल पर काम कर रही है।

बिजली क्षेत्र पर प्रधानमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र की पुरानी समस्याओं को सुलझाने पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा मंत्रालय, नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और कोयला मंत्रालय अब एक इकाई के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत बिजली की कमी से सरप्लस बिजली और नेटवर्क फेल्योर से सकल निर्यातक राष्ट्र की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज लोग मान रहे हैं कि भारत अपनी कमजोरियों को पीछे छोड़ सकता है और आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि भारत उदय की शुरुआत के पीछे यही विश्वास है। उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व भारत उदय को मान रहा है। उन्होंने कहा कि भारत न सिर्फ अपने विकास, बल्कि पूरी दुनिया के विकास को एक नई दिशा दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत सौर क्रांति की अगुआई कर रहा है, जो हाल में हुए इंटरनेशनल सोलर अलायंस के सम्मेलन में भी साबित हुआ। उन्होंने कहा कि जी-20 और संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत ने आतंकवाद, कालेधन और भ्रष्टाचार जैसे कई मुद्दे उठाए, जो पूरे विश्व को प्रभावित करते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते तीन से चार साल के दौरान आर्थिक मोर्चे पर भी भारत ने दुनिया में खुद को साबित किया है। उन्होंने कहा कि व्यापक अर्थव्यवस्था के मानकों पर भी भारत अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने कहा कि रेटिंग एजेंसियां अब भारत की रेटिंग को बढ़ा रही हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार गरीबों, निम्न मध्यम वर्ग और मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम बन गई है।

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Text of Prime Minister addressing session on ''Forging New Partnerships and Rebuilding International Solidarity'' at G7 summit in Evian, France
June 16, 2026

राष्ट्रपति मैक्रों,
Your Excellencies,

नमस्कार!

G-7 समिट में हमारे गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं राष्ट्रपति मैक्रों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।

Friends,

आज का विश्व पहले से कहीं अधिक inter-connected और inter-dependent है। किसी भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि केवल उसकी सीमाओं के भीतर तय नहीं होती। Mobility, data, capital, technology, ये सभी हमें आपस में जोड़ते हैं।

ऐसे समय में Partnerships का महत्व स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। लेकिन साझेदारियाँ तभी सफल होती हैं जब उनके केंद्र में विश्वास हो। आज सबसे महत्वपूर्ण Strategic Asset कोई mineral, technology या market नहीं, बल्कि आपसी विश्वास है।

विश्वास कि टेक्नॉलजी और supply chains को हथियार के रूप में नहीं, global good के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। विश्वास कि विकास के अवसर कुछ देशों तक सीमित नहीं रहेंगे। विश्वास कि वैश्विक संस्थान सभी देशों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होंगे।

Friends,

पिछली सदी में मानवता को दो विश्व युद्धों से गुज़रना पड़ा। अनेक बलिदानों के बाद विश्व समुदाय ने शांति, स्थिरता और समृद्धि की ओर बढ़ने के लिए व्यवस्थाएं विकसित की। इन व्यवस्थाओं का आधार भी trust ही था।

किन्तु अनेक दशकों से, अनेक पीढ़ियों के योगदान से बनाए गए विश्वास को आज चोट पहुँच रही है। कोविड ने हमें आईना दिखाया कि trust और solidarity के दावे कितने खोखले थे।

Today the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust. And the future of our partnerships depends on building this trust.

अमेरिका के राष्ट्रपति रोनल्ड रेगन ने कहा था: Trust but Verify. यह आज के समय में भी प्रासंगिक है। भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम नए युग के अनुरूप trusted rules based order का निर्माण करें।

Friends,

भारत ने सदैव विश्व को एक परिवार के रूप में देखा है। हमारे सभी प्रयास “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” यानि, welfare and happiness for all के मूल सिद्धांत पर आधारित रहे हैं।

भारत का अनुभव दिखाता है कि विकास सबसे अधिक प्रभावी तब होता है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यही सिद्धांत हमारी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का भी आधार है। इसी सोच के साथ भारत ने International Solar Alliance, Coalition for Disaster Resilient Infrastructure, ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस, Mission LiFE, और “एक पेड़ माँ के नाम” जैसी वैश्विक पहलों को आगे बढ़ाया है।

संकट के समय भारत ने First Responder के रूप में सभी देशों की सहायता करना अपना दायित्व समझा है। कोविड महामारी के दौरान भारत ने डेढ़ सौ से अधिक देशों को दवाइयाँ और vaccines उपलब्ध कराईं।

श्रीलंका में cyclone हो, अफगानिस्तान में भूकंप हो, मोज़ाम्बिक में floods हों, या क्यूबा और जमैका में hurricane, भारत ने सदैव "Humanity First" के सिद्धांत पर कार्य किया है। हमारी विकास साझेदारियाँ भी इसी भावना को प्रतिबिंबित करती हैं। हमारे प्रयास पार्टनर देशों में capacity building और कौशल विकास पर केन्द्रित रहे हैं।

भारत का मानना है: The true test of partnership is not what we build for others, but what we enable others to build for themselves.

Friends,

आज ग्लोबल साउथ की विश्व समुदाय से बहुत उम्मीदें हैं। किन्तु उनकी अपेक्षा सहारे की नहीं, साथ की है। वे वैश्विक विकास के लाभार्थी नहीं, उसके भागीदार बनना चाहते हैं।

हमें donor–recipient की सोच से आगे बढ़कर, equal पार्टनर्स के रूप में काम करना होगा। उनके पास-पास नहीं, साथ-साथ चलना होगा। साझेदारी को dependency के बजाय, dignity से जोड़ना होगा। इन प्रयासों से हम भावी पीढ़ियों के सतत विकास की मजबूत नींव रख सकेंगे।

Friends,

अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ और वैश्विक एकजुटता तभी सार्थक बन सकती हैं, जब हम साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान करें। भारत का दृढ विश्वास है कि विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे तनावों और युद्धों का स्थायी समाधान dialogue, diplomacy और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मार्ग से ही संभव है।

हम west asia में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष से west asia में हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है। होर्मुज़ स्ट्रेट में maritime ट्रेड में आई बाधा के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा। भारत के कई civilians को जान गंवानी पड़ी। Global maritime ट्रेड के माध्यम से सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारा दायित्व है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें, और Seafarers बिना भय के अपना कार्य कर सकें।

Friends,

भारत इन विषयों पर सभी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

बहुत-बहुत धन्यवाद।