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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने ने विशेष पशुधन सेक्टर पैकेज के क्रियान्वयन को मंजूरी दे दी। इसके तहत कई गतिविधियां शामिल हैं। भारत सरकार की योजनाओं के कई घटकों को संशोधित किया गया और उन्हें दुरुस्त बनाया गया। यह कदम अगले पांच वर्षों के लिये है, जो 2021-22 से शुरू होगा। यह मंजूरी इसलिये दी गई, ताकि पशुधन क्षेत्र में विकास को प्रोत्साहन मिले, जिसके कारण पशुपालन क्षेत्र से जुड़े 10 करोड़ किसानों के लिये पशुपालन फायदेमंद हो सके। इस पैकेज के तहत केंद्र सरकार अगले पांच वर्षों के दौरान 54,618 करोड़ रुपये का कुल निवेश जुटाने के लिये 9800 करोड़ रुपये की सहायता देगी।

वित्तीय प्रभावः

केंद्र सरकार 2021-22 से अगले पांच वर्षों के लिये 9800 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने के लिये प्रतिबद्ध है, जो इन योजनाओं में लगाई जाएगी। इससे पशुपालन क्षेत्र में 54,618 करोड़ रुपये का कुल निवेश जुटाने में सहायता होगी। इसमें राज्य सरकारों, राज्य सहकारिताओं, वित्तीय संस्थानों, बाहरी वित्तीय एजेंसियों और अन्य हितधारकों के निवेश शामिल हैं।

विवरणः

इसके आधार पर विभाग की सभी योजनाओं को तीन वृहद विकास योजनाओं की श्रेणी में समाविष्ट कर दिया जायेगा। इनमें राष्ट्रीय गोकुल मिशन, राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (एनपीडीडी), राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एनएलएम) और पशुधन की गणना तथा एकीकृत नमूना सर्वेक्षण (एलसी-एंड-आईएसएस) को उप-योजनाओं के तौर पर शामिल किया गया है। रोग नियंत्रण कार्यक्रम का नाम बदलकर पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनएडीसीपी) रख दिया गया है। इसमें मौजूदा पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण तो है ही, लेकिन इसके साथ राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम और अवसंरचना विकास निधि को शामिल किया गया है। उल्लेखनीय है कि पशुपालन अवसंरचना विकास निधि (एएचआईडीएफ) और डेयरी अवसंरचना विकास निधि (डीआईडीएफ) को आपस में मिला दिया गया है। इस तरह अवसंरचना विकास निधि तैयार की गई है। डेयरी गतिविधियों में संलग्न डेयरी सहकारिता और किसान उत्पादक संगठनों को भी इस तीसरी श्रेणी में शामिल कर लिया गया है, ताकि डेयरी सहकारिताओं को सहायता मिल सके।

प्रभावः

राष्ट्रीय गोकुल मिशन से स्वदेशी प्रजातियों के विकास और संरक्षण को मदद मिलेगी। इससे गांव के गरीब लोगों की आर्थिक हालत में भी सुधार होगा। राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम योजना (एनपीडीडी) का लक्ष्य थोक में लगभग 8900 कूलरों को लगाने का है, जिसमें दूध रखा जा सके। इस कदम से आठ लाख से अधिक दुग्ध उत्पादकों को फायदा होगा और 20 एलएलपीडी दूध की अतिरिक्त प्राप्ति संभव होगी। एनपीडीडी के अंतर्गत जापान इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एजेंसी (जीआईसीए) से वित्तीय सहायता प्राप्त होगी, जिससे 4500 गांवों में नई अवसंरचना का निर्माण होगा और गांव शक्ति-सम्पन्न होंगे।

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प्रधानमंत्री 20 अक्टूबर को वैश्विक तेल एवं गैस क्षेत्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) और विशेषज्ञों के साथ बातचीत करेंगे
October 19, 2021
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 20 अक्टूबर, 2021 को शाम 6 बजे वैश्विक तेल एवं गैस क्षेत्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) और विशेषज्ञों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत करेंगे। यह ऐसी छठी वार्षिक बातचीत है, जिसकी वर्ष 2016 में शुरुआत हुई थी। यह तेल एवं गैस क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी देशों की भागीदारी का प्रतीक है। ये अग्रणी देश तेल और गैस क्षेत्र से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हैं और भारत के साथ सहयोग एवं निवेश के संभावित क्षेत्रों का पता लगाते हैं।

इस बातचीत का मुख्य विषय स्वच्छ विकास और स्थिरता को बढ़ावा देना है। इस बातचीत में भारत में हाइड्रोकार्बन क्षेत्र में खोज और उत्पादन को प्रोत्साहन देने, ऊर्जा स्वतंत्रता, गैस आधारित अर्थव्यवस्था, स्वच्छ और ऊर्जा के मामले में सक्षम उपायों के माध्यम से उत्सर्जन घटाना, हरित हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था, जैव ईंधन उत्पादन को बढ़ाना तथा अपशिष्ट से धन सृजन जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। प्रमुख बहुराष्ट्रीय निगमों और शीर्ष अंतरराष्ट्रीय संगठनों के सीईओ और विशेषज्ञ विचारों के इस आदान-प्रदान में शामिल होंगे।

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।