पुणे अपने सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क की एक और बड़ी सफलता की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज पुणे मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण के अंतर्गत लाइन-4 (खराड़ी-हडपसर-स्वर्गेट-खड़कवासला) और लाइन-4ए (नल स्टॉप-वारजे-माणिक बाग) को मंजूरी दे दी है। लाइन-2ए (वनाज-चांदनी चौक) और लाइन-2बी (रामवाड़ी-वाघोली/विट्ठलवाड़ी) को मंजूरी मिलने के बाद, यह दूसरे चरण के अंतर्गत स्वीकृत दूसरी बड़ी परियोजना है।
28 एलिवेटेड स्टेशनों के साथ कुल 31.636 किलोमीटर लंबी लाइन-4 और 4ए, पूर्व, दक्षिण और पश्चिम पुणे में आईटी केंद्रों, वाणिज्यिक क्षेत्रों, शैक्षणिक संस्थानों और आवासीय समूहों को जोड़ेगी। यह परियोजना 9,857.85 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पांच वर्षों में पूरी होगी। भारत सरकार, महाराष्ट्र सरकार और बाहरी द्विपक्षीय/बहुपक्षीय वित्तपोषण एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से इसका वित्तपोषण किया जाएगा।
ये लाइनें पुणे की व्यापक आवागमन योजना (सीएमपी) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और खराडी बाईपास तथा नल स्टॉप (लाइन-2) और स्वर्गेट (लाइन-1) पर चालू और स्वीकृत गलियारों के साथ सहजता से जुड़ेंगी। ये हडपसर रेलवे स्टेशन पर एक इंटरचेंज भी प्रदान करेंगी और लोनी कालभोर तथा सासवड रोड की ओर जाने वाले भविष्य के गलियारों से जुड़ेंगी, जिससे मेट्रो, रेल और बस नेटवर्क में सुचारू मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।
लाइन-4 और 4ए खराडी आईटी पार्क से लेकर खडकवासला के दर्शनीय पर्यटन क्षेत्र तक, और हडपसर के औद्योगिक केंद्र से लेकर वारजे के आवासीय कलस्टर तक विविध इलाकों को एक साथ जोड़ेगी। सोलापुर रोड, मगरपट्टा रोड, सिंहगढ़ रोड, कर्वे रोड और मुंबई-बेंगलुरु राजमार्ग को पार करते हुए, यह परियोजना पुणे के व्यस्ततम मार्गों पर भीड़भाड़ को कम करेगी, साथ ही सुरक्षा में सुधार और हरित, सतत आवागमन सुविधा को बढ़ावा देगी।
अनुमानों के अनुसार, लाइन-4 और 4ए पर दैनिक यात्रियों की संख्या 2028 में संयुक्त रूप से 4.09 लाख होने की उम्मीद है, जो 2038 में लगभग 7 लाख, 2048 में 9.63 लाख और 2058 में 11.7 लाख से अधिक हो जाएगी। इसमें से, खराडी-खड़गवासला कॉरिडोर पर 2028 में 3.23 लाख यात्री होंगे, जो 2058 तक बढ़कर 9.33 लाख हो जाएंगे, जबकि नल स्टॉप-वारजे-माणिक बाग स्पर लाइन पर इसी अवधि में यात्रियों की संख्या 85,555 से बढ़कर 2.41 लाख हो जाएगी। ये अनुमान आने वाले दशकों में लाइन-4 और 4ए पर यात्रियों की संख्या में होने वाली महत्वपूर्ण वृद्धि को दर्शाते हैं।
इस परियोजना का क्रियान्वयन महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (महा-मेट्रो) द्वारा किया जाएगा, जो सभी सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और सिस्टम संबंधी कार्य करेगा। स्थलाकृतिक सर्वेक्षण और विस्तृत डिजाइन संबंधी परामर्श जैसी निर्माण-पूर्व गतिविधियां पहले से ही चल रही हैं।
इस नवीनतम अनुमोदन के साथ, पुणे मेट्रो का नेटवर्क 100 किलोमीटर से अधिक हो जाएगा, जो आधुनिक, एकीकृत और सतत शहरी परिवहन प्रणाली की दिशा में शहर की यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
लाइन-4 और 4ए के साथ, पुणे को न केवल ज्यादा मेट्रो ट्रैक मिलेंगे, बल्कि एक तेज, हरित और ज्यादा कनेक्टेड भविष्य भी मिलेगा। ये कॉरिडोर आने-जाने के घंटों को कम करने, ट्रैफिक की अव्यवस्था को कम करने और नागरिकों को एक सुरक्षित, विश्वसनीय और किफायती विकल्प प्रदान करने के लिए डिजाइन किए गए हैं। आने वाले वर्षों में, ये पुणे की सच्ची जीवनरेखा बनकर उभरेंगे, शहरी आवागमन को नया रूप देंगे और शहर की विकास गाथा को नए सिरे से परिभाषित करेंगे।

A major boost to Pune’s public transport network.
— Narendra Modi (@narendramodi) November 26, 2025
Cabinet approves Phase-2 of Pune Metro (Lines 4 & 4A) connecting various areas of the city. This decision ensures faster and more comfortable commute for the people of Pune, which is an important centre for growth and…


