प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल नेमार्च 2020 तक 3000 करोड़ रुपये के वित्तीय आवंटन के साथपूर्वोत्तर विकास योजना (एनईआईडीएस), 2017 को स्वीकृति दे दी है। सरकार मार्च 2020 से पहले मूल्यांकन के बाद शेष अवधि के लिए आवश्यक आवंटन उपलब्ध कराएगी। एनईआईडीएस अधिक आवंटन के साथ पहले की दो योजनाओं के अंतर्गत कवर किए गये प्रोत्साहनों का समुच्चय है।
विवरण :
सरकार पूर्वोत्तर राज्यों में रोजगार को प्रोत्साहित करने के लिए इस योजना के जरिये मुख्य रूप से एमएसएमई क्षेत्र को प्रोत्साहन दे रही है। सरकार रोजगार सृजन के लिए इस योजना के माध्यम से विशिष्ट प्रोत्साहन दे रही है।
सभी पात्र औद्योगिक इकाईयां जो भारत सरकार की अन्य योजनाओं के एक या उससे अधिक घटकों का लाभ ले रही हैं उनके लिए भी इस योजना के अन्य घटकों के लाभ के लिए विचार किया जाएगा। योजना के अंतर्गत सिक्कम सहित पूर्वोत्तर राज्यों में स्थापित नई औद्योगिक इकाइयों को निम्नलिखित प्रोत्साहन उपलब्ध कराये जाएंगे :
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ऋण तक प्रवेश के लिए केन्द्रीय पूंजी निवेश प्रोत्साहन (सीसीआईआईएसी)
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केन्द्रीय ब्याज प्रोत्साहन (सीआईआई)
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इकाई द्वारा वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने की तिथि से पहले पांच वर्षों के लिए पात्र बैंकों/वित्तीय संस्थानों द्वारा दिये गये कार्य पूंजी ऋण पर 3 प्रतिशत
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केन्द्रीय व्यापक बीमा प्रोत्साहन (सीसीआईआई)
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इकाई द्वारा वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने की तिथि से पांच वर्षों के लिए भवन तथा प्लांट और मशीनरी की बीमा पर 100 प्रतिशत बीमा प्रीमियम की अदायगी |
| वस्तु औरसेवाकर (जीएसटी) अदायगी |
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आयकर (आईटी) अदायगी |
इकाई द्वारा वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के वर्ष सहित पहले पांच वर्षों के लिए आयकर के केद्रींय हिस्से की अदायगी |
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परिवहन प्रोत्साहन (टीआई) |
तैयार उत्पादों को लाने-लेजाने के लिए रेलवे/रेलवे के सार्वजनिक प्रातिष्ठानोंद्वारा उपलब्ध करायी गई वर्तमान सब्सिडी सहित परिवहन लागत का 20 प्रतिशत भारत के अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के माध्यम से तैयार सामानों की आवाजाही के लिए परिवहन लागत का 20 प्रतिशत देश के किसी भी हवाई अड्डे के निकट के उत्पादन स्थल से विमान से भेजे जाने वाले नष्ट होने वाले सामानों (आईएटीए द्वारा परिभाषित रूप में) की परिवहन लागत का 33 प्रतिशत |
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रोजगार प्रोत्साहन (ईआई) |
सरकार कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) में नियोक्ता के अभिदान का 3.67 प्रतिशत का भुगतान करेगी, जो प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना (पीएमआरपीवाई) में कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) में सरकार द्वारा वहन किए जाने वाले नियोक्ता के 8.33 प्रतिशत अभिदान के अतिरिक्त है।
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प्रोत्साहन के सभी घटकों के अंतर्गत लाभ की समग्र सीमा प्रति इकाई 200 करोड़ रुपये होगी।
नई योजना पूर्वोत्तर राज्यों में औद्योगिकीकरण को प्रोत्साहित करेगी और रोजगार तथा आय सृजन को बढ़ावा देगी।


