6,100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई हवाईअड्डा परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया
आज की विकास पहलों से नागरिकों, विशेषकर हमारी युवा शक्ति को बहुत लाभ होगा: प्रधानमंत्री
बीते 10 सालों में हमने देश में इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण का एक बहुत बड़ा अभियान शुरू किया है: प्रधानमंत्री
काशी एक मॉडल सिटी है जहां विकास भी हो रहा है और विरासत भी संरक्षित हो रही है: प्रधानमंत्री
सरकार ने महिला सशक्तीकरण को नई शक्ति दी है, समाज का विकास तब होता है जब समाज की महिलाएं और नौजवान सशक्त होते हैं: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के वाराणसी में कई विकास परियोजनाओं की लोकार्पण और शिलान्यास किया। आज की परियोजनाओं में 6,100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई हवाईअड्डा परियोजनाएं और वाराणसी में कई विकास पहल शामिल हैं।

 

प्रधानमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन काशी के लिए बहुत ही शुभ है। उन्होंने आज ही आरजे शंकरा नेत्र चिकित्सालय के उद्घाटन का उल्लेख किया। श्री मोदी ने कहा कि यह अस्पताल बुजुर्गों और बच्चों के लिए बहुत सहायक सिद्ध होगा। प्रधानमंत्री ने आज की विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में नए हवाईअड्डों के उद्घाटन का उल्लेख किया, जिसमें आगरा और सहारनपुर का बाबतपुर हवाईअड्डा और सरसावा हवाईअड्डा शामिल हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि शिक्षा, कौशल विकास, खेल, स्वास्थ्य सेवा और पर्यटन सहित अन्य क्षेत्रों से संबंधित विकास परियोजनाओं की आज वाराणसी में सौगात दी गई है, जिससे न केवल सेवाओं को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। श्री मोदी ने कुछ दिन पहले अभिधम्म दिवस में भाग लेने को याद किया और भगवान बुद्ध की उपदेश भूमि सारनाथ के विकास से संबंधित करोड़ों रुपये की कई विकास परियोजनाओं का आज उद्घाटन करने का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने सारनाथ और वाराणसी के पाली और प्राकृत भाषाओं के साथ जुड़ाव पर प्रकाश डाला और हाल ही में उन्हें शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह बहुत गर्व की बात है कि शास्त्रों में प्रयुक्त भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया गया है। प्रधानमंत्री ने आज की विकास परियोजनाओं के लिए काशी और पूरे देश के लोगों को बधाई दी।

प्रधानमंत्री ने वाराणसी के लोगों की सेवा करने का अवसर मिलने पर तीन गुना अधिक काम करने के अपने वादे को याद करते हुए कहा कि सरकार बनने के 125 दिनों से भी कम समय में 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि इनमें से अधिकतम बजट गरीबों, किसानों और युवाओं को समर्पित है। श्री मोदी ने कहा कि आज हर घर में 15 लाख करोड़ रुपये के काम की चर्चा हो रही है, जबकि एक दशक पहले अखबारों में घोटालों की खबरें आती थीं। उन्होंने कहा कि देश जिस बदलाव की चाहत रखता है, जिसमें लोगों का पैसा लोगों पर खर्च हो और पूरी ईमानदारी के साथ देश की प्रगति हो, यही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि सरकार ने पिछले 10 वर्षों में देश में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है, जिसके दो मुख्य उद्देश्य हैं - लोगों के लिए सेवाओं में सुधार और निवेश के माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना। आधुनिक राजमार्गों के विकास कार्यों, नए मार्गों पर रेल पटरियों को बिछाने और नए हवाई अड्डों की स्थापना का उदाहरण देते हुए, प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि इससे लोगों के लिए सुविधा बढ़ रही है और साथ ही रोजगार के अवसर भी पैदा हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाबतपुर हवाई अड्डे के लिए राजमार्ग के निर्माण से न केवल यात्रियों को लाभ हुआ है, बल्कि कृषि, उद्योग और पर्यटन को भी बढ़ावा मिला है। उन्होंने बताया कि बाबतपुर हवाई अड्डे की उड़ान संचालन क्षमता बढ़ाने के लिए इसके विस्तार के लिए पहले से ही काम चल रहा है।

श्री मोदी ने कहा कि भारत के हवाई अड्डे और उनकी शानदार इमारतों में अद्भुत सुविधाएं हैं, जो पूरी दुनिया में चर्चा का विषय हैं। श्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2014 में देश में सिर्फ 70 हवाई अड्डे थे, जबकि आज देश में 150 से ज्यादा हवाई अड्डे हैं और पुराने हवाई अड्डों के जीर्णोद्धार का काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले साल देश के एक दर्जन से ज्यादा हवाई अड्डे पर नई सुविधाओं का निर्माण कार्य पूरा हुआ, जिसमें अलीगढ़, मुरादाबाद, श्रावस्ती और चित्रकूट हवाई अड्डे शामिल हैं। श्री मोदी ने कहा कि अयोध्या में भव्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा हर दिन राम भक्तों का स्वागत कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश को एक्सप्रेसवे के राज्य के रूप में जाना जाता है, जबकि पहले इसकी खस्ताहाल सड़कों को लेकर उपहास किया जाता था। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश को सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे वाले राज्य के रूप में भी जाना जाता है और नोएडा के जेवर में जल्द ही एक भव्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने जा रहा है। श्री मोदी ने उत्तर प्रदेश की प्रगति के लिए राज्य के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों के साथ-साथ पूरी टीम की प्रशंसा की।

प्रधानमंत्री ने वाराणसी से सांसद के रूप में प्रगति की दर पर संतोष व्यक्त किया और काशी को शहरी विकास का एक आदर्श शहर बनाने के अपने सपने को दोहराया, जहाँ प्रगति और विरासत एक साथ चलते हैं। उन्होंने कहा कि आज काशी की पहचान बाबा विश्वनाथ के भव्य और दिव्य धाम, रुद्राक्ष सम्मेलन केंद्र, रिंग रोड और गंजरी स्टेडियम जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और रोपवे जैसी आधुनिक सुविधाओं से है। उन्होंने कहा, "शहर की चौड़ी सड़कें और गंगा जी के खूबसूरत घाट आज हर किसी को आकर्षित कर रहे हैं।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का यह निरंतर प्रयास है कि काशी और पूर्वांचल को व्यापार और व्यवसाय का एक बड़ा केंद्र बनाया जाए। उन्होंने कुछ दिन पहले गंगा नदी पर एक नए रेल-रोड पुल के निर्माण का भी जिक्र किया, जिसमें 6 लेन का राजमार्ग और कई रेलगाडियों के लिए रेलवे लाइन शामिल होगी। उन्होंने कहा कि इससे वाराणसी और चंदौली के लोगों को बहुत लाभ होगा।

श्री मोदी ने कहा, "हमारी काशी अब खेलों का बहुत बड़ा केंद्र बन रही है।" उन्होंने कहा कि सिगरा स्टेडियम का जीर्णोद्धार अब लोगों के सामने है और नए स्टेडियम में खेलों की आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से लेकर ओलंपिक तक की तैयारियों के लिए व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री ने काशी के युवा खिलाड़ियों की क्षमता पर प्रकाश डाला, जो सांसद खेल प्रतियोगिता के दौरान स्पष्ट रूप से दिखाई दी और अब पूर्वांचल के युवाओं को बड़ी प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए अच्छी सुविधाएं प्रदान की गई हैं।

प्रधानमंत्री ने इस बात को रेखांकित किया कि समाज का विकास तब होता है जब उसकी महिलाएं और युवा सशक्त होते हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सरकार ने महिलाओं को नई शक्ति दी है। उन्होंने मुद्रा योजना जैसी योजनाओं का जिक्र किया, जिसके अंतर्गत करोड़ों महिलाओं को अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए ऋण की सुविधा दी गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "आज गांवों में 'लखपति दीदी' बनाने का प्रयास किया जा रहा है और महिलाएं ड्रोन पायलट भी बन रही हैं।" काशी में भगवान शिव द्वारा देवी अन्नपूर्णा से भिक्षा मांगने की मान्यता पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी मान्यता ने सरकार को विकसित भारत के लक्ष्य के लिए हर पहल के केंद्र में नारी शक्ति को रखने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत वाराणसी की महिलाओं सहित लाखों महिलाओं को उनके अपने घर सौंपे गए हैं। प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि सरकार तीन करोड़ और घर बनाने के लिए तैयार है। श्री मोदी ने आश्वासन दिया कि जिन महिलाओं को अभी तक पीएम आवास योजना के तहत घर नहीं मिले हैं, उन्हें जल्द ही उनके घर दिए जाएंगे। पाइप से पानी, उज्ज्वला गैस और बिजली उपलब्ध कराने के अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नई पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना महिलाओं के जीवन को और आसान बनाएगी, जिससे उन्हें मुफ्त बिजली का लाभ मिलेगा और यहां तक ​​कि वे इससे कमाई भी कर सकेंगी।

श्री मोदी ने कहा, “हमारी काशी एक बहुआयामी सांस्कृतिक नगरी है, जिसमें भगवान शंकर का पवित्र ज्योतिर्लिंग, मणिकर्णिका जैसा मोक्ष तीर्थ और सारनाथ जैसी ज्ञान की नगरी भी है।” उन्होंने कहा कि दशकों बाद बनारस के विकास के लिए एक साथ इतने सारे काम हुए हैं। श्री मोदी ने वाराणसी के खराब विकास और प्रगति पर पिछली सरकारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी सरकार ने सबका साथ, सबका विकास के मंत्र पर काम किया है और किसी भी योजना में कोई भेदभाव नहीं किया है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने वादे पर कायम है और वादे के मुताबिक अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण किया गया है। उन्होंने विधानसभा और लोकसभा में महिलाओं के लिए ऐतिहासिक आरक्षण का भी जिक्र किया। श्री मोदी ने तीन तलाक को समाप्त करने, पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने जैसी अन्य उपलब्धियों का भी जिक्र किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हमने अपना काम ईमानदारी से किया है, नीतियों को अच्छे इरादों के साथ लागू किया है और देश के हर परिवार के जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास किया है।" उन्होंने इस बात पर बल दिया कि देश की जनता का निरंतर आशीर्वाद सरकार के प्रयासों का परिणाम है, जैसा कि हाल ही में हरियाणा में देखा गया, जहां सत्तारूढ़ दल ने लगातार तीसरी बार सरकार बनाई। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में मिले रिकॉर्ड मतों का भी उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वंशवादी राजनीति देश के लिए, विशेष रूप से युवाओं के लिए एक बड़ा खतरा है। उन्होंने कहा कि राजनीति का यह स्वरूप अक्सर युवाओं को अवसरों से वंचित करता है। उन्होंने लाल किला से एक लाख ऐसे युवाओं को राजनीति में लाने का आह्वान किया, जिनके परिवारों की कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं है। उन्होंने बल देकर कहा कि यह पहल भारतीय राजनीति की दिशा बदल देगी और भ्रष्टाचार तथा परिवार-संचालित मानसिकता को समाप्त करेगी। प्रधानमंत्री ने काशी और उत्तर प्रदेश के युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा, "मैं युवाओं से इस नए राजनीतिक आंदोलन की धुरी बनने का आग्रह करता हूं। काशी के सांसद के रूप में मैं अधिक से अधिक युवाओं को आगे लाने के लिए प्रतिबद्ध हूं।" प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि काशी पूरे देश के लिए विकास के नए मानदंडों का प्रतीक है। उन्होंने आज शुरू किए गए नए विकास कार्यक्रमों के लिए राज्यों और काशी के लोगों को बधाई दी।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री ने संपर्क को प्रोत्साहन देने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, लगभग 2870 करोड़ रुपये की लागत से लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, वाराणसी के हवाई अड्डे की हवाई पट्टी के विस्तार और एक नए टर्मिनल भवन के निर्माण तथा संबद्ध कार्यों का शिलान्यास किया। उन्होंने 570 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले आगरा हवाई अड्डे, लगभग 910 करोड़ रुपये की लागत वाले दरभंगा हवाई अड्डे और लगभग 1550 करोड़ रुपये की लागत वाले बागडोगरा हवाई अड्डे पर नए सिविल एन्क्लेव की भी आधारशिला रखी।

प्रधानमंत्री ने रीवा हवाई अड्डा, मां महामाया हवाई अड्डा, अंबिकापुर और सरसावा हवाई अड्डा के नए टर्मिनल भवनों का उद्घाटन किया, जिनकी लागत 220 करोड़ रुपये से अधिक है। इन हवाई अड्डों की संयुक्त यात्री संचालन क्षमता सालाना 2.3 करोड़ से अधिक यात्रियों तक बढ़ गई है। इन हवाई अड्डों के डिजाइन क्षेत्र की विरासत संरचनाओं के सामान्य तत्वों से प्रभावित और प्रेरित हैं।

प्रधानमंत्री ने खेलों के लिए उच्च गुणवत्ता का बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने के अपने दृष्टिकोण के अनुरूप, खेलो इंडिया योजना और स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत 210 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से वाराणसी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के पुनर्विकास के चरण 2 और 3 का उद्घाटन किया। इस परियोजना का उद्देश्य एक अत्याधुनिक खेल परिसर बनाना है जिसमें राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र, खिलाड़ियों के छात्रावास, खेल विज्ञान केंद्र, विभिन्न खेलों के लिए अभ्यास मैदान, इनडोर शूटिंग रेंज और युद्ध खेल मैदान आदि शामिल होंगे। उन्होंने लालपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में 100 बिस्तरों वाले लड़कियों और लड़कों के छात्रावासों और एक सार्वजनिक मंडप का भी उद्घाटन किया।

प्रधानमंत्री ने सारनाथ में बौद्ध धर्म से जुड़े क्षेत्रों में पर्यटन विकास कार्यों का उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं में पैदल यात्रियों के अनुकूल सड़कों का निर्माण, नई सीवर लाइनें और उन्नत जल निकासी व्यवस्था तथा स्थानीय हस्तशिल्प विक्रेताओं को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक डिजाइनर वेंडिंग गाड़ियों के साथ संगठित वेंडिंग जोन आदि शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने बाणासुर मंदिर और गुरुधाम मंदिर में पर्यटन विकास कार्यों के साथ-साथ पार्कों के सौंदर्यीकरण और पुनर्विकास आदि जैसी कई अन्य पहलों का भी उद्घाटन किया।

 

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योग सबको जोड़ता है और एकता का संदेश देता है: कोलकाता में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर पीएम मोदी
June 21, 2026
Yoga connects us all and brings us together: PM
When yoga becomes a way of life, it becomes the foundation of human unity: PM
Yoga helps us tune our bodies to be flexible; It keeps our energy levels high: PM
Yoga teaches us the art of living a balanced life: PM
Yoga shows the path from mental well-being to physical well-being: PM

मंच पर विराजमान राज्यपाल श्री आर एन रवि जी, ऊर्जावान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी जी, केंद्र में मेरे सहयोगी प्रतापराव जाधव जी, अन्य सभी महानुभाव, यहां कोलकाता में जुटे सभी प्रतिभागी, देश-विदेश में योग से जुड़ रहे सभी साथी, और मेरे प्यारे देशवासियों! 

21 जून का ये दिन, पृथ्वी के कुछ भूभाग पर साल में सबसे लंबी अवधि का दिन होता है। और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कारण 21 जून का ये दिन विश्व के सबसे बड़े सामूहिक उत्सव का दिन भी बन गया है। विश्व के अलग-अलग हिस्सों से योग की एक से एक अद्भुत तस्वीरें आ रहीं हैं। भारत में हिमालय से लेकर हिन्द महासागर तक, पूर्वोत्तर और पूरब में बंगाल से लेकर पश्चिम में सौराष्ट्र तक, पूरा देश योग की ऊर्जा से चैतन्य से भरा हुआ नज़र आ रहा है। पूरा देश, पूरा विश्व एक दूसरे से जुड़ा हुआ नज़र आ रहा है और यही तो योग की ताकत है। योग सबको जोड़ता है, योग सबको साथ लाता है। मैं इस अवसर पर पूरे विश्व को, संपूर्ण मानव समुदाय को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूँ। 

साथियों,

आज योग दिवस पर मैं खासकर के पूरे बंगाल में, कोलकाता में, यहां बने स्वच्छता के योग के लिए भी कोलकाता वासियों की सराहना करूंगा। ये अद्भुत पहल है- स्वच्छता से स्वागत पहल के लिए जिस तरह यहां लगातार श्रम किया गया है, नागरिक कर्तव्य निभाया गया है, वो सभी देशवासियों के लिए आज एक बहुत बड़ी प्रेरणा बन गया है।

साथियों,

योग दिवस के अवसर पर आज बंगाल में होना बहुत ही विशेष है। बंगाल की ये पवित्र भूमि, जहां भगवान रामकृष्ण परमहंस जैसे सिद्ध संतों ने अवतार लिया, जहां से निकलकर स्वामी विवेकानंद ने पूरे विश्व को योग से परिचय कराया, जहां महर्षि अरविंद जैसे महान योगी ने जन्म लिया, लाहिड़ी महाशय जैसे महान योगियों ने जहां योग परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, आज उसी धरती पर सामूहिक योग का अनुभव, एक अलग आध्यात्मिक अनुभूति दे रहा है। इसी बंगाल की धरती पर जन्मे गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर का मानना था कि मनुष्य की पहचान अलग-अलग रहने में नहीं, बल्कि अपने आसपास की दुनिया से जुड़ने में है। यही जुड़ाव योग का मूल भाव है। महर्षि अरविंद भी कहते थे- हमारा पूरा जीवन योग है, चाहे हमें इसका बोध हो या ना हो। योग जब स्वभाव में आता है तो वो मानवीय एकता का आधार बन जाता है।

साथियों,

योग केवल शारीरिक श्रम का साधन नहीं है। योग किसी एक आयु वर्ग के लिए सीमित भी नहीं है। भारत में हम जानते हैं और देखते आए हैं, योग मानव के जीवन का चेतना के साथ, ऊर्जा के साथ एक प्रकाश भी है। इसीलिए, इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम रखी गई है- Yoga for Healthy Ageing है। उम्र बढ़ने पर भी हम स्वस्थ रह सकते हैं, हम ऊर्जावान और सक्रिय रह सकते हैं, योग हमें इसके लिए मार्ग दिखाता है। Friends, When we speak of "Yoga for Healthy Aging," It means that we can work to ensure that age does not reduce human potential. Yoga can help human life to aspire for constant growth. Our target must be to be more flexible at 40 than we were at 20. Our target must be to be more energetic at 50 than we were at 30. Our target must be to be more resistant to lifestyle diseases at 70 than we were at 50. This is where Yoga can help us. It helps us tune our bodies to be flexible. It keeps our energy levels high, it also helps us maintain a calm stress-free life and helps keep lifestyle diseases away. Moreover, with regular practice, Yoga teaches us to remain lifelong learners of our own bodies and minds. The more we know about ourselves, the better we can manage ourselves. That is why, Yoga for Healthy Aging. This theme must be seen as one for people of all ages, not just for the elderly.

साथियों,

गीता में भगवान कृष्ण ने योग के विषय में कहा है-

युक्त आहार विहारस्य, युक्त चेष्टस्य कर्मसु।

युक्त स्वप्न अव-बोधस्य, योगो भवति दुःखहा॥

अर्थात्, संतुलित आहार विहार से, संतुलित क्रियाओं और कर्मों से संतुलित नींद और जागने से, योग दुःखों का नाश करने वाला हो जाता है। ये संतुलन ही योग का आधार है। यही संतुलन हमारे जीवन का आधार भी है। लेकिन ज्यादातर लोग आज इस आधुनिक समय में जीवन के असंतुलन से ही जूझ रहे हैं, बहुत मशक्कत करनी पड़ रही है उनको, योग हमें जीवन को balanced way में जीने की कला सिखाता है। योग हमें do’s और don’ts सिखाता है। और जब हम हमारे शरीर को सही ढंग से चलाना सीख लेते हैं, तो स्वास्थ्य हमारा स्वभाव बन जाता है।

साथियों,

योग केवल हमारे शारीरिक स्वास्थ्य पर ही फोकस नहीं करता, योग मानसिक स्वास्थ्य से शारीरिक स्वास्थ्य का मार्ग दिखाता है। इसीलिए, योग के विषय में “युक्त चेष्टस्य कर्मसु” कहा गया है। यानी, हमें क्या करना चाहिए, क्या नहीं करना चाहिए, इसका बोध! ये बोध हमारे जीवन में शांति का स्रोत तो बनता ही है, इससे विश्व शांति का मार्ग भी खुलता है। इसीलिए, योग आज केवल हमारी पर्सनल लाइफ़-स्टाइल के लिए जरूरी नहीं है इतना ही नहीं है, योग दुनिया के बेहतर भविष्य के लिए एक आवश्यकता भी है।

साथियों,

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर करोड़ों लोग योग से जुड़ते हैं। लेकिन आज का ये दिन हमें अपने साझा संकल्प को फिर दोहराने का अवसर देता है। आइए, हम संकल्प लें, योग को केवल एक दिवस तक सीमित नहीं रखेंगे, योग को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखेंगे। हम योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाएंगे। अपने परिवार का हिस्सा बनाएंगे। अपनी आने वाली पीढ़ियों का हिस्सा बनाएंगे।

साथियों,

इसी दिशा में, इस वर्ष "योग 365" की पहल को भी आगे बढ़ाया गया है। इसके तहत 100 दिन के ऑनलाइन योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें अभूतपूर्व जनभागीदारी देखी गई है। 130 देशों के 30 लाख से अधिक लोगों ने इसमें भाग लिया है।

साथियों,

जब समाज स्वस्थ होगा, तब राष्ट्र भी अधिक सक्षम, अधिक समृद्ध और आत्मविश्वासी बनेगा। मैं आप सबके लिए कामना करता हूं, "सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः।" इसी के साथ आप सभी को एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

बहुत-बहुत धन्यवाद!