Top Malayalam film actor Suresh Gopi meets Shri Narendra Modi

Published By : Admin | March 5, 2014 | 17:48 IST
"Top Malayalam film actor Shri Suresh Gopi met with Shri Modi today"
"Suresh Gopi discussed the issues concerning Kerala and modernizing railway network"

The top Malayalam film actor Shri Suresh Gopi had a courtesy meeting with Shri Narendra Modi today. Shri Modi has been meeting eminent people from various walks of life to understand their idea for the nation in groups as well as individual dignitaries.

In the meeting Suresh Gopi discussed the issues concerning Kerala, especially, Vizhinjam Port project, the High Court bench at Trivandrum, modernizing railway network etc. He also discussed on the problems faced by the Cinema industry in South and also requested Shri Modi to make Door Darshan more effective in reflecting the cultural and artistic aspirations of the people of India. The meeting lasted for almost one hour. Shri Modi has been engaging people from various social fields to understand the problems specific to different fields and areas.

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Top Malayalam film actor Suresh Gopi meets Shri Narendra Modi

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Text of Prime Minister’s Statement at the 26th SCO Summit
September 01, 2026

किर्गिज़स्तान के प्रेसिडेंट,

Excellencies,

नमस्कार!

SCO की 25वीं वर्षगांठ के इस विशेष अवसर पर आप सबके बीच उपस्थित होना मेरे लिए अत्यंत हर्ष का विषय है।

“बिश्केक” में हमारे भव्य स्वागत और आतिथ्य के लिए मैं राष्ट्रपति जापारोव का हार्दिक अभिनंदन करता हूँ।

कल किर्गिज़्स्तान के Independence Day के दिन हमें यहाँ उपस्थित रहने का सौभाग्य मिला। मैं राष्ट्रपति जी और यहां के लोगों को एक बार फिर हार्दिक बधाई देता हूं।

और आज उज़्बेकिस्तान के Independence Day पर मैं राष्ट्रपति जी और उज़्बेकिस्तान के लोगों को भी बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

World Nomad Games की शानदार Opening Ceremony के दौरान हम सभी को किर्गिज़्स्तान की समृद्ध संस्कृति और हमारी साझा विरासत की जालक दिखी। यही साझा विरासत और आपसी जुड़ाव SCO परिवार की एक बड़ी शक्ति है।

Friends,

पिछले पच्चीस वर्षों में SCO ने यूरेशिया के विशाल भूभाग में संवाद और सहयोग की एक मजबूत परंपरा विकसित की है। हमने मिलकर अपने लोगों की भलाई के साथ-साथ मानवता के विकास में भी बहुमूल्य योगदान दिया है। इन पच्चीस वर्षों में हमने सहयोग की मजबूत नींव तैयार की है। अब आने वाले पच्चीस वर्षों में हमारा लक्ष्य इस सहयोग को स्पष्ट परिणामों में बदलने का होना चाहिए।

आज जब विश्व अनिश्चितता और अस्थिरता से गुजर रहा है, हमें अपने साझा भूगोल को साझा अवसरों में बदलना है। और हमारे प्रयासों से हमारे लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना हैं।

Friends,

पिछली बैठक में मैंने SCO को लेकर भारत की सोच के तीन मुख्य स्तंभों का उल्लेख किया था:

S - Security,

C – Connectivity, और

O – Opportunity

अब समय है कि इन तीनों स्तंभों को vision से आगे बढ़ाकर ठोस outcomes तक ले जाया जाए। और इसकी पहली आवश्यकता है – शांति और सुरक्षा। आतंकवाद आज भी पूरी मानवता के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है। इसके विरुद्ध लड़ाई में हम action-reaction की सोच तक सीमित नहीं रह सकते।

हमें आतंकवाद के financing, recruitment, radicalisation और safe havens के पूरे ecosystem को ध्वस्त करना होगा। हमें एक स्वर में बोलना होगा कि इस गंभीर विषय पर दोहरे मापदंड के लिए कोई स्थान नहीं हो सकता।

जो देश आतंकवाद को अपनी नीति का साधन बनाते हैं, आतंकियों को पनाह और समर्थन देते हैं, उन्हें कड़ा संदेश देना होगा कि आतंकवाद किसी के लिए strategic asset नहीं हो सकता।

शांत और सुरक्षित यूरेशिया की हमारी साझा आकांक्षा, अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता से भी जुड़ी है। भारत अफगानिस्तान के लोगों के विकास और मानवीय सहायता में योगदान देता रहा है, और आगे भी देता रहेगा।

आज की interconnected दुनिया में सुरक्षा की परिधि और भी व्यापक हो चुकी है। पश्चिम एशिया के संकट ने यह दिखाया है कि किसी एक क्षेत्र का संघर्ष वहीं तक सीमित नहीं रहता। उसका प्रभाव पूरे विश्व की energy security, maritime trade और supply chains पर पड़ता है। इसका सबसे अधिक खामियाजा ग्लोबल साउथ के देशों को भुगतना पड़ता है। इसलिए भारत का आह्वान रहा है कि सभी तनावों और युद्धों का समाधान battlefield पर नहीं, dialogue और diplomacy से ही संभव है।

Drug Trafficking केवल एक अपराध नहीं है बल्कि हमारी युवा पीढ़ी और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। SCO के अंतर्गत security threats, organised crime, information security और narcotics जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए स्थापित किए जा रहे Centres एक सकारात्मक कदम है। हमें इन्हें practical coordination और timely action का प्रभावी माध्यम बनाना चाहिए।

Friends,

हमारे साझा विकास का दूसरा आधार है, मजबूत और विश्वसनीय connectivity. भारत उन सभी प्रयासों का समर्थन करता है, जो markets को जोड़ते हैं, व्यापार को सुगम बनाते हैं, और विकास के नए रास्ते खोलते हैं। किन्तु इन प्रयासों में सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान भी अत्यंत आवश्यक है। यही SCO Charter की भी मूल भावना है।

आने वाले समय में connectivity का स्वरूप और व्यापक होगा। Roads, railways और air corridors के साथ-साथ हमें customs processes को सरल बनाना होगा, digital documentation को बढ़ावा देना होगा, logistics networks को अधिक efficient बनाना होगा।

Friends,

तीसरा स्तंभ है—Opportunity.

इसका अर्थ है कि SCO के सहयोग का लाभ सीधे हमारे लोगों तक पहुँचे। हमारी सबसे बड़ी पूंजी हमारे लोगों के बीच आपसी संबंध हैं। भारत के लिए SCO महान सभ्यताओं, संस्कृतियों और विचारों का संगम है। SCO के अगले पच्चीस वर्षों में people-to-people ties को हमारे सहयोग के केन्द्र में रखना चाहिए।

हमारी सफलता की वास्तविक कसौटी यह होनी चाहिए कि, हमारे प्रयासों से युवाओं को कितने नए अवसर मिले, हमारे entrepreneurs के लिए कितने नए बाजार खुले, हमारे किसानों को technology का कितना लाभ मिला, और हमारे नागरिकों का जीवन कितना बेहतर हुआ।

यही “Security, Connectivity और Opportunity” का वास्तविक अर्थ है।

SCO में हमारा सहयोग केवल government driven नहीं, बल्कि people driven होना चाहिए। मुझे खुशी है कि किर्गिज़स्तान की अध्यक्षता के अंतर्गत SCO में youth engagement पर विशेष बल दिया गया है। भारत ने SCO में Start-up Forum, Young Authors’ Conclave और Young Scientists’ Forum जैसे initiatives लिए हैं।

पिछले वर्ष भारत ने SCO Civilizational Dialogue Forum का प्रस्ताव रखा था। मुझे प्रसन्नता है कि इसका पहला session इस वर्ष भारत में आयोजित होगा। मुझे विश्वास है कि आप सभी की सक्रिय भागीदारी से यह फोरम SCO में जीवंत संवाद का सशक्त मंच बनेगा।

Friends,

किर्गिज़स्तान के महान साहित्यकार “चिंगिज़ ऐतमातोव” ने विश्व को एक सुंदर और गहरा विचार दिया था। उन्होंने कहा था हम अक्सर उन बातों को अधिक देखते हैं जो हमें अलग करती हैं, और उन बातों को कम, जो हमें जोड़ती हैं।

आज SCO के लिए भी यही संदेश प्रासंगिक है। हमारी विविधता हमारी पहचान है। हमारा साझा उद्देश्य हमारी शक्ति है। बिश्केक से हमें यही संकल्प लेकर आगे बढ़ना चाहिए-

साझा भूगोल से साझा अवसरों की ओर,

vision से outcomes की ओर,

और government driven cooperation से people driven partnership की ओर।

भारत इसी विश्वास और इसी प्रतिबद्धता के साथ SCO परिवार की साझा यात्रा में अपना योगदान देने के लिए तैयार है।

बहुत-बहुत धन्यवाद।