Bengal is now free from fear and moving towards development and trust, this is Modi ki Guarantee: PM Modi from BJP HQ
Badla nahi, badlav should define Bengal’s future as PM calls for end to political violence
Women voters have sent a strong message: PM Modi backs Nari Shakti in leading India’s growth story
From Ganga to Brahmaputra, BJP’s governance model is gaining unprecedented public trust: PM Modi

भारत माता की जय !!!

भारत माता की जय !!!

भारत माता की जय !!!

जो लोग मुझे देख नहीं पाते हैं, उनसे मेरी प्रार्थना है कि आप जहां हैं, वहीं से सुन लीजिए। किसी को आगे-पीछे करने के चक्कर में मत पड़िए।

भारत माता की जय !!!

भारत माता की जय !!!

आज का ये दिन ऐतिहासिक है...अभूतपूर्व है। जब वर्षों की साधना...सिद्धि में बदलती है...तो चेहरे पर जो खुशी होती है...वो खुशी आज मैं देशभर के भाजपा के कार्यकर्ता के चेहरे पर देख रहा हूं। आप वो तस्वीर नीचे रखिए। पीछे लोगों को परेशानी हो रही है। नीचे रखिए। नीचे रखिए। एक कार्यकर्ता होने के नाते...मैं भाजपा के हर कार्यकर्ता की खुशी में शामिल हूं।

साथियों,

आज का ये दिवस कई मायनों में खास है, विशेष है। ये देश के उज्ज्वल भविष्य की उद्घोषणा का दिन है। ये भरोसे का दिन है। भरोसा...भारत के महान लोकतंत्र पर...भरोसा...परफॉर्मेंस की पॉलिटिक्स पर। भरोसा...स्थिरता के संकल्प पर... भरोसा...एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना पर।

साथियों,

मैं बंगाल की जनता का...असम की जनता का...पुडुचेरी की जनता का… तमिलनाडु और केरलम् की जनता का आज आदरपूर्वक नमन करता हूं। मैं उन सबको वंदन करता हूं। मैं आज बीजेपी के कोटि-कोटि कार्यकर्ताओं का भी हृदय से अभिनंदन करता हूं...भाजपा के हर छोटे-बड़े कार्यकर्ता ने एक बार फिर से, कमाल कर दिया है। कमल खिला दिया है। आपने नया इतिहास रच दिया है।

साथियों,

भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष श्री नितिन नबीन जी द्वारा अध्यक्ष पद संभालने के बाद..ये पहले विधानसभा चुनाव थे। इन चुनावों में पार्टी कार्यकर्ताओं को हर कार्यकर्ता को मिला उनका मार्गदर्शन है, वो मार्गदर्शन इस विजय में बहुमूल्य रहा है।

साथियों,

आज विभिन्न उपचुनावों के परिणाम भी अत्यंत उत्साहजनक रहे हैं। महाराष्ट्र, गुजरात, नागालैंड और त्रिपुरा में जो उप चुनाव हुए, उसमें हमारे उम्मीदवारों को जनता-जनार्दन ने आशीर्वाद दिया और इन राज्यों में भी जीत गए। एनडीए की नेता, महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार जी ने भी बड़ी जीत दर्ज की है। मैं इन सभी राज्यों की जनता का उनके समर्थन के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।


साथियों,

जय-पराजय, लोकतंत्र और चुनावी राजनीति का एक स्वाभाविक हिस्सा होता है। लेकिन पांच प्रदेशों की जनता ने पूरे विश्व को दिखाया है...कि ये हमारा भारत मदर ऑफ डेमोक्रेसी क्यों है? लोकतंत्र...डेमोक्रेसी...हमारे लिए सिर्फ एक तंत्र नहीं है... ये हमारी रगों में दौड़ता हुआ संस्कार है, हमारे रगों की संस्कार सरिता है। और आज सिर्फ भारत का लोकतंत्र ही नहीं जीता है... और आज सिर्फ भारत का लोकतंत्र ही नहीं जीता है, आज भारत का संविधान भी जीता है...हमारी संवैधानिक संस्थाएं जीती हैं...हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं जीती हैं।

पश्चिम बंगाल में करीब 93 परसेंट मतदान होना अपने आप में ऐतिहासिक रहा है। असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरलम् में भी मतदान के नए रिकॉर्ड बने हैं। इसमें भी महिलाओं की भागीदारी अधिक रही है। ये भारतीय लोकतंत्र की सबसे उजली तस्वीर बन रही है।

साथियों,

मैं आज चुनाव आयोग को, चुनाव आयोग के सभी कर्मचारी भाई-बहनों को, जो भी मतदान से जुड़े प्रक्रिया के सारे कर्मी थे... साथ-साथ विशेषतौर पर सुरक्षाबलों का भी...मैं आज बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं। भारत के लोकतंत्र की गरिमाओं को बनाए रखने में आप सबका योगदान इतिहास हमेशा-हमेशा याद रखेगा।


साथियों,

पिछले साल...14 नवंबर को जब बिहार चुनाव के नतीजे आए थे...तब मैंने यहीं, इसी जगह से बीजेपी मुख्यालय से आप सबको कहा था...गंगा जी बिहार से आगे बहते हुए गंगासागर तक जाती हैं। और आज बंगाल की जीत के साथ...गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक...कमल ही कमल खिला हुआ है... उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और अब पश्चिम बंगाल... आज मां गंगा के इर्द-गिर्द बसे इन राज्यों में बीजेपी-NDA सरकार है।

साथियों,

2013 में जब भारतीय जनता पार्टी ने मुझे प्रधानमंत्री के उम्मीदवार के रूप में भी काम दिया। और जब में काशी में अपना नामांकन भरने गया और पत्रकारों ने मुझे घेर लिया। तो स्वाभाविक रूप से मेरे हृदय से एक ध्वनि निकली थी और मैंने कहा था- ना मैं आया हूं, ना मुझे किसी ने भेजा है, मां गंगा ने मुझे बुलाया है। और आज मैं हर पल अनुभव कर रहा हूं कि मां गंगा के आशीर्वाद निरंतर हम सब पर अपनी कृपा बरसा रहे हैं।

साथियों,

गंगा जी के साथ-साथ ब्रह्मपुत्र का भी हम पर बहुत आशीर्वाद रहा है। मां कामाख्या का आशीर्वाद रहा है। असम की जनता ने लगातार तीसरी बार, बीजेपी-NDA पर भरोसा किया है, हैट्रिक तीसरी बार। ये असम के इतिहास की बहुत बड़ी घटना है। असम के टी-गार्डन्स वाले क्षेत्रों में भी बीजेपी को अभूतपूर्व समर्थन मिला है। श्रीमंत शंकरदेव जी...महायोद्धा लसित बोरफूकन जी...बोडोफा उपेंद्रनाथ ब्रह्मा जी...भूपेन हजारिका जी...ऐसे अनेक महान व्यक्तित्वों से प्रेरणा लेते हुए असम अपने विकास की रफ्तार अब और बढ़ाएगा।

साथियों,

साल 2021 में हमने पुडुचेरी की जनता के सामने BEST Puducherry का विजन रखा था। पुडुचेरी की जनता ने उस विजन पर विश्वास जताया, हमें अपना आशीर्वाद दिया था। पिछले पांच वर्षों में हमारी एनडीए सरकार ने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ इस विजन को गति देने का काम किया। और आज…एक बार फिर पुडुचेरी की जनता ने एनडीए पर अपना विश्वास व्यक्त किया है। मैं पुडुचेरी के युवाओं को, मेहनती फिशरमेन साथियों को भी विश्वास दिलाता हूं…एनडीए सरकार आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर काम करती रहेगी। पुडुचेरी के हर परिवार की समृद्धि…यही हमारा संकल्प है।

साथियों,

आज देश के 20 से ज्यादा राज्यों में भाजपा-एनडीए की सरकारें हैं। हमारा मंत्र है- नागरिक देवो भव...हम जनता की सेवा में जुटे हुए हैं। और इसलिए जनता भाजपा पर ज्यादा से ज्यादा भरोसा कर रही है। जनता साफ देख रही है- जहां भाजपा वहां गुड गवर्नेंस...जहां भाजपा वहां विकास। आप बीते 2 साल के ट्रेंड को देखिए...हरियाणा में लगातार तीसरी बार बीजेपी सरकार बनी...महाराष्ट्र में बीजेपी की जोरदार विजय हुई। दिल्ली में अभूतपूर्व जीत हासिल हुई...बिहार में भी हमें पहले से बड़ी विजय मिली। और ये सफलता सिर्फ राज्यों के चुनाव में ही नहीं दिखी...ये सफलता लोकल गवर्नेंस के चुनाव में भी दिख रही है।

साथियों,

अभी दस दिन पहले गुजरात के स्थानीय निकायों के परिणाम आए हैं। वहां बीजेपी, ढाई-तीन दशक से जनता की सेवा निरंतर कर रही है। और हर चुनाव में जनता...बीजेपी को आशीर्वाद के नए रिकॉर्ड बना रही है। गुजरात में इस बार बीजेपी को अब तक का highest वोट शेयर मिला है। ये भाजपा की गुड गवर्नेंस नीतियों की सफलता का बहुत बड़ा उदाहरण है।


साथियों,

आज भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में...मेरे मन में बार-बार एक और बात आ रही है...और वो बात ये है कि डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की आत्मा को आज कितनी शांति मिली होगी। उन्होंने 1951 में उन्होंने जनसंघ की स्थापना करके...प्रत्येक कार्यकर्ता को ये संदेश दिया था कि देश के लिए जीना है और देश के लिए ही मरना है। उन्होंने अपने जीवन से साबित किया कि राष्ट्र सर्वोपरि का मंत्र लेकर चलने वाले...अपना जीवन देने में एक पल का भी संकोच नहीं करते।

साथियों,

डॉक्टर मुखर्जी जी ने पश्चिम बंगाल को भारत का हिस्सा बनाए रखने के लिए, एक बड़ी लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने जिस सशक्त और समृद्ध बंगाल का सपना देखा था...वो सपना कई दशकों से पूरा होने का इंतजार कर रहा था। आज 4 मई, 2026 को...बंगाल की जनता ने हम भाजपा कार्यकर्ताओं को वो अवसर दिया है।

साथियों,

बंगाल के भाग्य में आज से एक नया अध्याय जुड़ गया है। आज से बंगाल भयमुक्त हुआ है...विकास के भरोसे से युक्त हुआ है। बांग्लाय पोरिबोर्तोन होए गेछे...

साथियों,

इस जीत के साथ-साथ...वंदे मातरम् के डेढ़ सौवें वर्ष में भारत माता को... और ऋषि बंकिम जी को...बंगाल के लोगों ने अपना सादर नमन प्रेषित किया है। योगिराज श्री अरबिन्दो को भी मतदाताओं ने ऐतिहासिक श्रद्धांजलि दी है।

साथियों,

बंगाल में हमारे कितने ही कार्यकर्ताओं ने अपना जीवन इस जीत के लिए समर्पित किया है...भाजपा की कितनी ही महिला कार्यकर्ताओं को तमाम अत्याचार सहने पड़े हैं...आप कल्पना नहीं कर सकते कि केरलम और बंगाल में भाजपा के हर कार्यकर्ता को कितनी मुसीबतें झेलनी पड़ी हैं, उन पर कितने जुल्म हुए हैं, कितने अत्याचार हुए हैं। मैं आज बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सफलता का श्रेय ऐसे सभी कार्यकर्ताओं को...उनके परिवारों को देता हूं। मैं ये जीत...बंगाल की जनता को समर्पित करता हूं।

साथियों,

अभी 4 मई की यह शाम भले ही ढल रही हो..लेकिन बंगाल की पावन धरा पर आज एक नया सूर्योदय हुआ है...एक ऐसा सवेरा, एक ऐसा सवेरा जिसका इंतजार पीढ़ियों ने किया है..भाजपा ने जितनी सीटें जीतीं...वो महज एक चुनावी आंकड़ा नहीं है। ये उस अडिग विश्वास की हुंकार है...जिसने डर, तुष्टीकरण और हिंसा की राजनीति को जड़ से उखाड़ फेंका है।

साथियों,

आज से बंगाल के भविष्य की एक ऐसी यात्रा शुरू हो रही है...जहां विकास, अटूट विश्वास और नई उम्मीदें...कदम से कदम मिलाकर चलेंगी...। मैं आज हर बंगाल वासी को, हर बंगालवासी को भरोसा देता हूं..बंगाल के बेहतर भविष्य के लिए भाजपा दिन-रात एक कर देगी। बंगाल में अब महिलाओं को सुरक्षा का माहौल मिलेगा...युवाओं को रोजगार मिलेगा...पलायन रुकेगा... पहली कैबिनेट में आयुष्मान भारत योजना को हरी झंडी दिखाई जाएगी। और, और घुसपैठियों के खिलाफ भी सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।

साथियों,

इस महाविजय की दहलीज पर खड़े होकर हम गुरुदेव टैगोर को भी याद कर रहे हैं। पोच्चीसो बैइशाख...9 मई का दिन दूर नहीं है। हमारा संकल्प भी वही होना चाहिए, जो उनका स्वप्न था.. एक ऐसा परिवेश जहां मन भयमुक्त हो और सिर ऊंचा हो। और बीजेपी... बंगाल में ऐसा भयमुक्त वातावरण बनाकर दिखाएगी...ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

बंगाल के ये चुनाव एक और वजह से बहुत खास रहे हैं। आप याद कीजिए बंगाल चुनाव के समय कैसी खबरें आती थीं? हिंसा… डर… और निर्दोष लोगों की मौतें। लेकिन इस बार पूरे देश ने एक नई खबर सुनी…पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान हुआ! पहली बार ऐसा हुआ कि चुनावी हिंसा में... एक भी निर्दोष नागरिक की जान नहीं गई। लोकतंत्र के इस महापर्व में बंदूक की आवाज नहीं... जनता-जनार्दन की आवाज गूँजी। पहली बार डर नहीं, लोकतंत्र जीता है।

साथियों,

आज जब बंगाल ने परिवर्तन के नए दौर में प्रवेश किया है...तो मैं बंगाल के हर राजनीतिक दल से एक आग्रह भी करना चाहता हूं। बंगाल में बीते दशकों में राजनीतिक हिंसा की वजह से न जाने कितनी ज़िंदगियाँ बर्बाद हो चुकी हैं।
मेरा स्पष्ट मानना है कि...आज से बंगाल की इस चुनावी जो आदतें फैली हुई हैं, उसमें बदलाव आना चाहिए। आज जब भाजपा जीती है, आज जब भाजपा जीती है तो...“बदला” नहीं, “बदलाव” की बात होनी चाहिए। भय नहीं भविष्य की बात होनी चाहिए। मेरी सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं से अपील है...आइए, हिंसा के इस अंतहीन चक्र को हमेशा के लिए खत्म करें। किसने किसे वोट दिया...किसे नहीं दिया...उससे ऊपर उठकर बंगाल की सेवा के लिए काम करें।


साथियों,

इन राज्यों में चुनाव और उसके नतीजों की...राजनीतिक एक्सपर्ट अपने-अपने तरीके से समीक्षा कर रहे हैं...लेकिन इन नतीजों की एक और बहुत अहम बात है...इनकी टाइमिंग। आप देख रहे हैं कि जब इन राज्यों में जनता वोट डाल रही थी...तो इसी दौरान विश्व में क्या कुछ नहीं चल रहा था। जगह-जगह युद्ध के सायरन बज रहे थे...अस्थिरता और अराजकता का माहौल रहा...वैश्विक अर्थ-व्यवस्थाएं संकट में दिखीं...और उस दौरान..भारत का जन-जन स्थिरता के लिए वोट दे रहा था।

साथियों,

आज पश्चिमी एशिया में चल रहे संकट का पूरे विश्व पर बुरा असर पड़ा है। लेकिन भारत, पूरे सामर्थ्य से इस संकट का सामना कर रहा है। इस चुनाव परिणाम ने भी दिखाया है कि भारत इस चुनौती में भी एकजुट है, एकमत है, एक लक्ष्य से संकल्पित है। और वो लक्ष्य है, विकसित भारत। विकसित भारत का लक्ष्य लेकर के हम निकले हैं।

साथियों,

विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में...पूर्वोद्य का बहुत बड़ा महत्व है। जब भारत समृद्ध था... आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक सामर्थ्य के चरम पर था...तब उसके तीन मजबूत स्तंभ थे। ये स्तंभ थे...अंग यानि आज का बिहार... बंग यानि आज का बंगाल...और कलिंग...यानि आज का ओडिशा...कलिंग उस समय हिंद महासागर के समुद्री व्यापार का एकछत्र सम्राट था। कलिंग के बंदरगाह...पूरे एशिया तक भारत के उत्पादों को पहुँचाते थे। वहीं...अंग... सूत, रेशम और अन्य व्यापार के साथ-साथ...नालंदा और विक्रमशिला जैसे एजुकेशन सेंटर्स का भी हब था। और बंग...वो सांस्कृतिक धरती थी जहाँ से भारत की आत्मा की आवाज उठती थी।

साथियों,

गुलामी के कालखंड में जैसे-जैसे, समृद्ध भारत के ये मजबूत पिलर कमजोर होते गए...भारत का सामर्थ्य भी क्षीण होता गया। इसलिए, विकसित भारत के निर्माण के लिए इन तीनों स्तंभों का फिर से मजबूत होना बहुत आवश्यक है। और मुझे बहुत गर्व है...कि अंग, बंग और कलिंग ने इस महाअभियान के लिए बीजेपी को चुन लिया है, NDA पर भरोसा किया है।

साथियों,

विकसित भारत के निर्माण का एक और महत्वपूर्ण पिलर...भारत की नारीशक्ति है। नारीशक्ति अब विकसित भारत के निर्माण में तेजी से आगे बढ़ रही है। लेकिन नारीशक्ति की इस रफ्तार को कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने कुछ दिन पहले रोकने का काम किया है। इन नारी विरोधी दलों ने संसद में नारीशक्ति वंदन संशोधन को पास नहीं होने दिया। और इसलिए मैंने कुछ दिन पहले कहा भी था...कि महिलाओं के आरक्षण का विरोध करने वाले ऐसे दलों को महिलाओं का आक्रोश झेलना पड़ेगा। आज कांग्रेस, टीएमसी और DMK को...बहनों-बेटियों ने सजा दी है। केरलम में लेफ्ट के 10 सालों के कुशासन का फायदा कांग्रेस को जरूर मिला है...लेकिन मुझे विश्वास है...केरलम् की बहनें भी अगले चुनावों में कांग्रेस को जरूर सबक सिखाएंगी।

साथियों,

जिस समाजवादी पार्टी ने संसद में महिला आरक्षण को रोका है...उसे भी यूपी की महिलाओं का आक्रोश सहना पड़ेगा। महिला विरोधी समाजवादी पार्टी कुछ भी करके अपने पाप को कभी धुल नहीं पाएगी।

साथियों,

आज हम भारत की राजनीति में एक और बड़ा बदलाव देख रहे हैं। आज पूरे देश में एक भी राज्य ऐसा नहीं है जहां कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार हो। एक भी नहीं है। ये सिर्फ, ये सिर्फ सियासत का बदलाव नहीं है, ये सोच का बदलाव है। ये बताता है कि विकसित होता हुआ भारत...किस दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। आज का भारत अवसर चाहता है, विकास चाहता है, विश्वास चाहता है। आज का भारत प्रगति चाहता है, स्थिरता चाहता है। और आज का भारत ऐसी राजनीति चाहता है जो देश को आगे बढ़ाए।

लेकिन साथियों,

दुर्भाग्य से आज की कांग्रेस...बिल्कुल विपरीत दिशा में चल पड़ी है। ऐसे समय में, जब पूरा देश कम्युनिज़्म से किनारा कर चुका है...कांग्रेस, उसी विचारधारा को अपनाने में लगी है जिसे देश ने ठुकरा दिया है। जो माओवाद जंगलों में समाप्त हो रहा है...वो अब कांग्रेस में अपनी जड़ें मजबूत कर चुका है। इसलिए कांग्रेस...अर्बन नक्सलियों का गिरोह बनती जा रही है। कांग्रेस को एक बात नहीं भूलनी चाहिए..जिस विचार को जनता ने ठुकराया...उसे जो अपनाएगा…जनता उसे भी ठुकराएगी।

साथियों,

आज देश का हर राज्य भी एक दूसरे से लड़कर नहीं....एक दूसरे के साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहता है। इन चुनावों ने इस संदेश को भी बहुत स्पष्ट किया है। बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में जिन तीन सरकारों को जनता ने सत्ता से बाहर किया...उनकी एक समान पहचान थी...विभाजन की राजनीति। यही उनकी पहचान थी। उनकी राजनीति जोड़ने की नहीं, तोड़ने की थी। कभी भाषा के नाम पर विवाद खड़ा किया गया, कभी खाने-पीने की आदतों को लेकर समाज को बाँटने की कोशिश हुई, और कभी अपने ही देश के लोगों को “बाहरी” तक कहा गया। लेकिन भारत की जनता ने इस राजनीति को साफ जवाब दिया है। देश ने बता दिया है कि उसे विवाद नहीं, विकास चाहिए…विभाजन नहीं, विश्वास चाहिए…।

साथियों,

आजादी के बाद कांग्रेस ने देश के करीब-करीब हर राज्य में सरकारें बनाईं। ये आजादी के आंदोलन का जो इमोशन था, उसका उनको लाभ मिला था, उसमें से उपजा जनादेश था। लेकिन जैसे-जैसे आजादी के आंदोलन का इमोशन से आगे निकलकर के देश... धरातल के काम पर लौटा... वैसे-वैसे कांग्रेस जनता का भरोसा खोती चली गई। बीते दशकों में... देश ने युवाओं की अनेक पीढ़ियां जोड़ी हैं। लेकिन कांग्रेस घटती ही चली गई है। कांग्रेस देश की संस्कृति को नहीं समझ पाई, देश की संवेदनाओं को समझ नहीं पाई। कांग्रेस एस्पिरेशन्स की राजनीति जानती ही नहीं है।

साथियों,

बीजेपी के लिए भारत और भारतीयता के भाव से बड़ा और कुछ भी नहीं है। हमारे लिए भारत सब कुछ है। भारतीयता सब कुछ है। और बीजेपी, सिर्फ नेशनल पार्टी है, इतना ही नहीं है...ये रीजनल एस्पिरेशन्स से नेशनल एंबिशन्स को पूरा करने वाली पार्टी है। इसलिए...बीजेपी, अपने विचार, विजन और विकास के विश्वास पर खरा उतरकर देश की पसंद बन रही है। जनता जनार्दन के आशीर्वाद प्राप्त कर रही है। भाजपा, परिवार की नहीं, ज़मीन से जुड़ी राजनीति करती है। इसलिए, आज नॉर्थ ईस्ट भाजपा से जुड़ता है। इसलिए, आज पूरा आदिवासी अंचल बीजेपी को इतना प्रचंड जनादेश दे रहा है। इसलिए, देश के मछुआरों का अभूतपूर्व समर्थन बीजेपी के साथ है। इसलिए, देश के किसानों की पसंद बीजेपी है।

साथियों,

लोकतंत्र में जनता की आकांक्षा सर्वोपरि है। तमिननाडु की जनता ने एक नया प्रयोग किया है। मैं यूडीएफ को भी बधाई देता हूं। मैं तमिलनाडु और केरलम की जनता को विश्वास दिलाता हूं कि भारत सरकार इन राज्यों के विकास के लिए भी कंधे से कंधा मिलाकर चलेगी।

साथियों,

हम बंगाल, असम और पुडुचेरी की जनता की हर उम्मीद, हर अपेक्षा को अपनी सेवा से पूरा करेंगे। इसी विश्वास के साथ बंगाल, असम और पुडुचेरी में बीजेपी-एनडीए को विजयी बनाने के लिए, लोकतंत्र को विजयी बनाने के लिए मैं सभी नागरिकों का, सभी मतदाताओं का और सभी देशवासियों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं और सिर झुका करके उनका ऋण स्वीकार करता हूं। मेरे साथ बोलिए

भारत माता की जय!!

भारत माता की जय!!

भारत माता की जय!!

वंदे मातरम, वंदे मातरम, वंदे मातरम, वंदे मातरम, वंदे मातरम।

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PM Modi’s departure statement ahead of his visit to France and Slovak Republic
June 13, 2026

At the invitation of H.E. Mr. Emmanuel Macron, President of the French Republic and H.E. Mr. Robert Fico, Prime Minister of the Slovak Republic, I will be undertaking a visit to France and the Slovak Republic from 13 to 18 June 2026.

France occupies a special place in India’s strategic vision. Earlier this year, President Macron visited India and we elevated our relationship to a Special Global Strategic Partnership. When I meet President Macron in Nice, we will review the progress made since February, and chart the next steps in our cooperation. I look forward to our discussions on pressing global issues of mutual interest as well.

In Nice, I also eagerly look forward to inaugurating ‘Bharat Innovates’ along with President Macron on 14 June 2026. This landmark event, being held against the backdrop of the India-France Year of Innovation, will connect India’s most promising start-ups with global investment and serve as a major accelerator for innovations emerging from India's higher education ecosystem.

From Nice, I will travel to the Slovak Republic for a State Visit from 14-15 June 2026, the first ever visit by an Indian Prime Minister since Slovakia’s independence in 1993. This historic visit builds on the strong momentum in our bilateral relationship. I look forward to holding discussions with President Pellegrini and Prime Minister Fico in Bratislava. I will also have the opportunity to interact with Slovak business leaders. Building on the momentum of the India-EU Free Trade Agreement, the visit will further energize our Strategic Partnership with the European Union, of which Slovakia is an important and valued member.

From Slovakia, I will travel to Evian, where I will participate in the G7 Summit on 16 and 17 June 2026. India’s presence at the G7 reflects the trust our partners place in us and our growing global profile. This is the 8th consecutive G7 Summit to which India has been invited. At the G7, India will not only speak for itself, but it will also give voice to the aspirations of the Global South.

I will conclude my visit to France in Paris on 18 June 2026 where I will attend the VivaTech 2026 alongside President Macron. VivaTech is Europe’s foremost gathering of technology and innovation, and India will have the largest national pavilion at this edition, a fitting symbol of the enormous potential for partnership between Indian and European innovation ecosystems. I also look forward to meeting the members of the vibrant Indian community in Paris, who have been a living bridge between our two nations.

I am confident that my visits to France and the Slovak Republic will reinforce India’s deepening engagement with both Europe and the G7, and showcase our steadfast commitment to expanding the horizon of our partnerships with the continent and beyond.