Today, the grand Ram temple in Ayodhya stands as a testament to the power of a strong, decisive, and patriotic government: PM Modi at Zaheerabad rally
Under Congress rule, not only are women's rights endangered, but so is their safety: PM Modi taking a Jibe at the Opposition
BJP prioritizes women's safety and respect above all else: PM Modi in Zaheerabad
The public is now questioning: Who is this 'R', and where does this R-tax end up in Delhi?: PM Modi in Zaheerabad

भारत माता की।

भारत माता की।

ना तेलंगाणा कुटुम्ब सभ्युल्लन्दरिकी नमस्कारालु। मैं केतकी संगमेश्वर स्वामी को प्रणाम करता हूं। मैं भगवान बसवेश्वर और श्रद्धेय सेवालाल महाराज जी के चरणों में नमन करता हूं।

साथियों,

पिछले 10 वर्षों में देश ने देखा है कि, NDA की स्थिर सरकार और निर्णायक सरकार देश को कितना आगे लेकर जा सकती है। एक समय था, जब दुनिया प्रगति कर रही थी, लेकिन भारत को कांग्रेस ने करप्शन के दलदल में फंसा दिया था। दुनिया आर्थिक प्रगति कर रही थी, लेकिन भारत पॉलिसी पैरालिसिस का शिकार था। NDA ने भारत को बहुत मुश्किल से उस दौर से बाहर निकाला है। लेकिन, कांग्रेस फिर से देश को पुराने दुर्दिनों में लेकर जाना चाहती है।

साथियों,

कांग्रेस कहीं भी हो उसकी पॉलिटिक्स के पांच निशान होते हैं उसके पंजे जैसे पांच निशान हैं। पहला झूठे नारे झूठे वादे। दूसरा वोट बैंक की राजनीति, तीसरा माफियाओं अपराधियों को बढ़ावा, चौथा परिवारवाद और पांचवा करप्शन। इन पांच निशानों से मिलकर कांग्रेस का पंजा बनता है। अब तेलंगाना में भी लोग कांग्रेस के इस पंजे को महसूस कर रहे हैं। तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री ने भारत को ट्रिपल आर जैसी सुपरहिट फिल्म दी। लेकिन आज तेलंगाना कांग्रेस ने राज्य के लोगों को डबल आर टैक्स दे दिया है। ट्रिपल आर फिल्म ने पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन किया। लेकिन यह डबल आर टैक्स भारत के लिए शर्मिंदगी बढ़ा रहा है। इस डबल आर टैक्स की तेलंगाना में हर तरफ चर्चा है। चर्चा है कि तेलंगाना के जो उद्योगपति है जो ठेकेदार है उनको कुछ परसेंट डबल आर टैक्स पिछले दरवाजे से देना पड़ रहा है। आरोप है यहां टोटल जितनी वसूली होती है उसमें से एक खास हिस्सा डबल आर टैक्स के तौर पर काला धन दिल्ली जाता है। मुझे पता है आप सब ये डबल आर टैक्स से बहुत ही त्रस्त हैं, मुझे ज्यादा विस्तार में जाने की जरूरत नहीं है। आप समझ गए होंगे यह डबल आर कौन है। भाइयों-बहनों अगर आपने ये डबल आर टैक्स पर लगाम नहीं लगाई तो ये पांच साल में आपको ऐसा बर्बाद कर देगा, ऐसा बर्बाद कर देगा, तेलंगाना फिर खड़ा नहीं हो पाएगा। पहले टीआरएस, बीआरएस ने तेलंगाना को बर्बाद कर दिया, अब ये डबल आर वो भी बर्बाद करेगा, और इसलिए उसको लगाम लगाने के लिए इस बार तेलंगाना से सभी भाजपा को जिताकरके दिल्ली भेजो, तो वो डरेगा और लगाम रहेगी।

साथियों,

कांग्रेस पार्टी ने आपको लूटने के लिए एक और नया तरीका निकाला है। अगर कांग्रेस सरकार बनी तो ये लोग इन्हेरिटेन्स टैक्स लाने की बात कर रहे हैं। यानि, आपकी जीवन भर की कमाई, आपने जो बचाकरके रखा है, जिंदगीभर मेहनत करके जो कमाया है, और आपकी इच्छा है कि मरने के बाद ये आपकी संपत्ति,आपने जो कमाया है वो आपके संतानों को मिले, लेकिन कांग्रेस ऐसा टैक्स लाने वाली है कि अब आपने जो कमाया है वो पूरा का पूरा आपके बच्चों को नहीं दे सकेंगे। आधे से ज्यादा, 55 परसेंट ये कांग्रेस ने वसूल करने की योजना बना ली है। आपको कांग्रेस के इन खतरनाक इरादों से सावधान रहना है। पहले बीआरएस ने तेलंगाना को लूटा, और अब कांग्रेस वाले लूट रहे हैं। आप देखिए, बीआरएस ने कालेश्वरम प्रोजेक्ट का इतना बड़ा स्कैम किया। जब कांग्रेस विपक्ष में थी तो सरकार बनने के बाद इसकी जांच करने की बात कह रही थी। लेकिन, जैसे ही सरकार बनी, कांग्रेस कालेश्वरम स्कैम की फाइलें दबाकर बैठ गई है। और जब बीआरएस सत्ता में थी, तब उन्होंने ‘कैश फॉर वोट’ मामले की जांच को आगे नहीं बढ़ने दिया था। कांग्रेस-बीआरएस दोनों अलग नहीं, बल्कि दोनों एक ही करप्शन रैकेट के मेम्बर्स हैं। कांग्रेस-बीआरएस का ये करप्शन रैकेट कहां तक फैला हुआ है, ये दिल्ली के लिकर स्कैम से भी पता चलता है। दिल्ली में जिस पार्टी ने लिकर स्कैम किया, उसमें बीआरएस के लोग शामिल निकले। और उसी पार्टी से दिल्ली में कांग्रेस का अलायंस है। इसीलिए, जब इस स्कैम पर कार्रवाई हुई तो करप्शन रैकेट के ये सारे मेम्बर्स एक दूसरे के समर्थन में आ आए। बीजेपी किसान कल्याण को प्राथमिकता देती है लेकिन कांग्रेस हमारे अन्नदाता को भी धोखा देने में पीछे नहीं है। तेलंगाना में कांग्रेस ने सरकार बनने के hundred days के भीतर किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया था। वो वादा आज तक पूरा नहीं हुआ। पैडी पर five hundred रुपए ‘पर-क्विंटल’ देने का वादा भी इन्होंने किया था। अब ये उस वादे के बारे में भी मुंह पे ताला लगा दिया है, बोलने को तैयार नहीं हैं।

साथियों,

कांग्रेस को ताकत गरीब को गरीब बनाए रखने से मिलती है। तेलंगाना के मेरे नौजवान साथियों, आपका प्यार इतना है, आपका उत्साह इतना है, मैं आपके इस प्यार के लिए, साथियों ये आपका उत्साह, ये आपका प्यार इतना जबरदस्त है कि आज ये डबल आर की नींद उड़ जाएगी। साथियों, कांग्रेस को ताकत गरीब को गरीब बनाए रखने से मिलती है। इसीलिए, गरीब, दलित, पिछड़ा और आदिवासी हों, या देश की महिलाएं हों, कांग्रेस ने कभी उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया। कांग्रेस राज में नारीशक्ति ने जन्म से लेकर जीवन तक, हर जगह तकलीफ उठाई है। बेटी पैदा होती थी, तो उसकी पढ़ाई सबसे कठिन चुनौती होती थी। स्कूलों में शौचालय न होने से बेटियों को स्कूल बीच में ही छोड़ना पड़ता था। इसलिए हमने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान शुरू किया, हर स्कूल में बेटी के लिए अलग टॉयलेट बनवाए। अब बेटियां भी शिक्षा में भी आगे बढ़ रही हैं। आज पीएम आवास में बनने वाले घर भी मुख्य रूप से महिलाओं के नाम पर ही दिए जा रहे हैं।

साथियों,

कांग्रेस सरकारों में महिलाओं के अधिकार ही खतरे में नहीं पड़े, महिलाओं की सुरक्षा भी खतरे में पड़ी है। महिलाओं की सुरक्षा और वोटबैंक में इन्हें जब चुनना होता है, तो ये वोटबैंक चुनते हैं। बीजेपी के लिए महिलाओं की सुरक्षा, महिलाओं का सम्मान सर्वोपरि है। कोई भी व्यक्ति, चाहे वो कितना भी बड़ा क्यों न हो, अगर वो महिलाओं के सम्मान के साथ खिलवाड़ करता है, तो उसे बख्शा नहीं जाना चाहिए। हमने इन 10 वर्षों में महिला सुरक्षा को लेकर कड़े कानून बनाए हैं। फांसी तक की सजा का कानून हमने बनाया है। अगले 5 वर्षों में हम इस दिशा में और मजबूती से काम करेंगे।

साथियों,

जब एक सरकार मजबूत होती है, जब एक सरकार निर्णायक होती है, और एक सरकार जो सिर्फ और सिर्फ देशभक्ति से काम करती है तो वो कैसे इतिहास रच सकती है, आप सब देख रहे हैं। अयोध्या में भव्य राममंदिर इसका उदाहरण है। प्रभु राम मंदिर की प्रतीक्षा 500 वर्षों से थी, जो मंदिर आज़ादी के तुरंत बाद बनाया जाना चाहिए था, वो सपना आज दिल्ली में मजबूत सरकार होने के कारण आंखों के सामने पूरा हो गया। अब मुझे बताइए, अयोध्या में राम मंदिर बना कि नहीं बना। बना कि नहीं बना। किसने बनाया, किसने बनाया, किसने बनाया। ये अयोध्या का राम मंदिर मोदी ने नहीं बनाया है। ये अयोध्या का राम मंदिर आपके एक वोट के कारण बना है। आपके मजबूत वोट ने, देश में से जो मजबूत वोट मिला, हमें पूर्ण बहुमत मिला और उसके कारण भगवान राम का मंदिर बना। हमारे लिए एक-एक वोट आपके सपनों को लेकर आता है। और हमारा एक-एक पल आपके सपनों को संकल्प बनाने के लिए हम खपा देते हैं। साथियों, हमारे लिए तो आपका एक-एक वोट सर्वोपरि है। हमारे से लिए तो आपका सपना सर्वोपरि है। कांग्रेस के लिए उनका वोटबैंक ही सर्वोपरि है। जो कांग्रेस का वोटबैंक नहीं, उसकी आस्था कांग्रेस के लिए कोई मायने नहीं रखती। इसलिए यहां तेलंगाना में हमारे पर्व त्योहारों पर रोक लगाने की कोशिश हो रही है। हैदराबाद में रामनवमी की शोभायात्रा तक पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है ताकि वोटबैंक नाराज़ न हो जाए।

साथियों,

जब तेलंगाना संयुक्त आंध्र प्रदेश का हिस्सा था, तब 2004 और 2009 में उस संयुक्त आंध्र ने कांग्रेस को रिकॉर्ड संख्या में एमपी, एमएलए दी थीं। कांग्रेस ने यहां SC, ST, BC की चिंता करने की जगह उनके आरक्षण पर डाका डालना शुरू कर दिया। कांग्रेस ने तब के आंध्र प्रदेश को तुष्टिकरण की प्रयोगशाला बना दिया था। कांग्रेस ने बीसी के हक का आरक्षण उठाकर मुस्लिमों को दे दिया। भाइयों-बहनों, आप मुझे बताइए, हमारे तेलंगाना में और हमारे इस इलाके में जो लिंगायत समाज के लोग हैं, जो मराठा समाज के लोग हैं, उसमें 26 कास्ट ऐसी है, जो ओबीसी में जाने के लिए मांग कर रही है, लंबे अर्से से चर्चा चल रही है, ये कांग्रेस वालों को हमारे मराठी भाई-बहन या हमारे लिंगायत भाई-बहन, इन 26 जातियों को ओबीसी बनाना मंजूर नहीं है, लेकिन मुसलमानों को रातों-रात ओबीसी बना देते हैं। हमारा बंजारा समाज, जब भी हमारे बंजारा समाज को देखें, सेवालाल महाराज की हमें पुण्य स्मृति हो जाती है। आपने कभी बंजारा समाज में क्रिमिनल हुए, ऐसा सुना है क्या। सेवाभावी लोग हैं, समाज में अच्छी जिंदगी जीने वाले लोग हैं। लेकिन उस बंजारा समाज की भी आशा-अपेक्षा पर टीआरएस-बीआरएस-कांग्रेस सबने पानी फेर दिया है। भाइयों-बहनों, ये इतने बड़े संविधान लेकरके दुनिया को मूरख बनाने वाले लोग, रात-दिन आरक्षण के नाम पर झूठ बोलने वाले लोग, ये हमारे तेलंगाना में मादिगा समाज पर क्या बीती है। और मैंने मादिगा समाज को वादा किया हुआ है, मैं उनके लिए लड़ाई लड़ूंगा। और हमारे दलित भाई-बहनों में जो वर्गीकरण की मांग है, वो उनका हक है, उसको वो मानने को तैयार नहीं हैं।

साथियों,

ये कांग्रेस पार्टी को जन्म से ही हमारे संविधान के प्रति नफरत है। जो संविधान बाबा साहब अंबेडकर ने दिया था अगर वो संविधान की प्रति देखें..वो संविधान की प्रति देखें तो उसके ऊपर एक-एक पत्ते पर रामायण-महाभारत का चित्रांकण है, हमारी संस्कृति, हमारी परंपरा का चित्र है उसपर और हमारे संविधान की भारत की महान सांस्कृतिक विरासत के साथ उसकी कड़ियों को जोड़ने का एक अद्भुत प्रयास था। लेकिन कांग्रेस पार्टी ने सबसे पहला काम किया, जब संविधान की वो पहली प्रति कपबोर्ड में रख दी और फिर जो संविधान देश के सामने रखा, भारत की महान संस्कृति और परंपरा की जो लिंक थी जहां से संविधान आगे बढ़ना था, उस लिंक को तोड़ दिया वो सारे चित्र हटा दिए और खोखा बनाकर के रख दिया। पहले ही दिन उन्होंने संविधान का अपमान करना शुरू कर दिया था। ये शहजादे के दादी के पिताजी देश के पहले प्रधानमंत्री उन्होंने ये पाप किया था, उसके बाद उनकी दादी की बारी आई उनकी दादी ने संविधान को चूर—चूर कर दिया, देश में आपातकाल लगाया, देश के लोकतंत्र को ताले में बंद कर दिया, देश के लाखों लोगों को जेलों में बंद कर दिया। अखबारों को ताले लगा दिए, संविधान का घोर अपमान पहले, पहले प्रधानमंत्री उनकी दादी के पिताजी ने किया। फिर बड़ा अपमान उनकी दादी ने किया। तीसरा पाप इनके पिताजी जब प्रधानमंत्री थे शहजादे के, उन्होंने एक ऐसा कानून लाने की कोशिश की, ये संविधान की बातें करने वाले जरा अपने झरोखे में देख लें। उन्होंने ऐसी बातें की, देश के मीडिया को, देश के अखबारों को डराने के लिए एक ऐसा भयंकर कानून लाए, देश का सारा मीडिया मैदान में आ गया, देश का विपक्ष मैदान में आ गया, संविधान के रक्षक भारतीय जनता पार्टी के लोग मैदान में आ गये और उनके पिताजी को झुकना पड़ा और वो जो संविधान पर खिलवाड़ कोशिश करनी थी वो उनको रोकना पड़ा। ये संविधान को उनके परिवार के तीन-तीन लोगों ने तबाह कर दिया है। उसके बाद संविधान से सरकार का जन्म होता है, सरकार की कैबिनेट अत्यंत महत्वपूर्ण इकाई होती है, भारत के संविधान ने उसको संरक्षण दिया हुआ है। मनमोहन सिंह जी की सरकार की कैबिनेट ने एक निर्णय किया, उस निर्णय को ये शहजादे ने पत्रकार वार्ता करके भारत के संविधान से बनी हुई कैबिनेट के निर्णय को खुलेआम चीरे-चीरे कर दिया था और वो, वो संविधान के रक्षण की बातें करते हैं हमारे सामने।

साथियों,

इतना ही नहीं भारत का संविधान बना, तब देश के विद्वान लोग संविधान सभा में थे और उस समय आरएसएस-जनसंघ जन्मा ही नहीं था। उस संविधान सभा में चर्चा हुई, महीनों तक चर्चा चली डॉक्टर बाबा साहेब आंबेडकर ने अपने विचार रखा और संविधान सभा ने निर्णय किया कि धर्म के आधार पर इस देश में कोई आरक्षण नहीं होगा। आरक्षण दलितों, आदिवासी, ओबीसी के लिए होगा औरों के लिए नहीं होगा। लेकिन आज यह शहजादे और उनकी चौकड़ी बाबा साहब अंबेडकर की पीठ में छुरा घोंप रही है, भारत के संविधान को रफा दफा कर रही है और वो बेईमानी करके पिछले दरवाजे से धर्म के आधार पर अपनी वोट बैंक को मजबूत करने के लिए दलितों, आदिवासियों ओबीसी का हक छीन रहे हैं और अपनी वोट बैंक को धर्म के आधार पर आरक्षण देने का खेल खेल रहे हैं। ये कांग्रेस वाले जरा कान खोल कर सुन लो। ये मोदी, संविधान मेरे लिए मेरा धर्मग्रंथ है, मेरी सरकार चलाने के लिए मेरा धर्मग्रंथ है। और तुम्हें तो मालूम नहीं है, जब भारत के संविधान को 60 साल हुए, इस देश में अकेला मैं मुख्यमंत्री था, अकेला गुजरात का मुख्यमंत्री था जिसने संविधान के 60 साल का उत्सव मनाया था। मैंने सुरेन्द्रनगर में हाथी के ऊपर हमारे संविधान को रखा था और संविधान का सम्मान करते हुए जुलूस निकाला था। और उस राज्य का मुख्यमंत्री हाथी पर नहीं बैठा था संविधान हाथी पर बैठा था। और मोदी पैदल चल रहा था ताकि संविधान का सम्मान हो।

साथियो,

मेरा समर्पण देश के संविधान के शब्दों के प्रति , देश की संविधान की भावनाओं के प्रति , 2014 में देश ने मुझे चुनकरके संसद में भेजा और जब मैं पहले दिन संसद में गया और संविधान का प्रतिबिंब हमारे देश की संसद होती है और पहले ही दिन जाकर के मैंने संसद के सामने सिर झुकाया, अपना माथा टेका और बाद में अपना कदम पार्लियामेंट में रखा था क्योंकि संविधान के लिए हम समर्पित हैं। 2019 में जब आपने मुझे दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने का अवसर दिया और जब मुझे एनडीए ने अपना नेता चुना तो कार्यभार संभालने से पहले पार्लियामेंट के सेंट्रल हॉल में संविधान की किताब लाकर रखी थी। पहले मैंने जाकर संविधान के सामने माथा टेका जैसे आप गीता, रामायण और महाभारत के सामने टेकते हो जैसे कुरान, बाइबल के सामने रखते हो, मैंने संविधान के सामने अपना माथा टेका उसके बाद 2019 में अपना कार्यभार संभालने के लिए मैंने अपना भाषण दिया था। ये मोदी का संविधान के प्रति समर्पण है। ये सत्ता भूख में डूबा हुआ शाही परिवार कांग्रेस पार्टी के संविधान को, देश का संविधान तो छोड़ो, कांग्रेस पार्टी के संविधान को भी मानने को तैयार नहीं है, उसको भी उन्होंने डस्टबिन में डाल दिया है। सीताराम केसरी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष थे, रातोंरात बाथरूम में बंद कर दिया गया, उठाकरके फुटपाथ पर फेंक दिया। और संविधान की परवाह किए बिना और कांग्रेस पार्टी पर ये शाही परिवार ने कब्जा कर लिया। शहजादे जरा बोलने से पहले 50 बार सोचना शुरू करो। ये संविधान के नाम पर देश को मूरख बनाने के लिए निकले हुए, आपको पता होगा, देश का पहला संविधान संशोधन उनकी दादी के पिताजी पहले प्रधानमंत्री ने किया था, और वो फ्री स्पीच पर ताले लगाने वाला किया था। और आखिर में उन्होंने प्रेस पर प्रतिबंध लगाने वाला सुधार करने का प्रयास किया था। ये संविधान के प्रति उनकी भावना है। इनका संविधान-वंविधान से कोई लेना-देना नहीं, ये शाही परिवार को सत्ता खुद के पास रहे तो सबकुछ अच्छा, लेकिन इस देश में अगर सत्ता उनके हाथ से चली जाए, सब कुछ निकम्मा। ये वो लोग हैं जो पार्लियामेंट चलने नहीं देना चाहते। ये वो लोग हैं जो चुनाव में इलेक्शन कमीशन जो परंपरा है नियुक्ति की। अब इलेक्शन कमीशन पे सवाल उठाते हैं। ये लोग ईवीएम पर सवाल उठाते हैं। और अब अपनी वोट बैंक के लिए संविधान को बदनाम करने पर निकले हैं। लेकिन कांग्रेस वाले सुन लें, उनके चट्टे-बट्टे सुन लें, उनकी पूरी जमात सुन लें, जबतक मोदी जिंदा है, जबतक मोदी जिंदा है मैं दलितों का आरक्षण, आदिवासियों का आरक्षण, ओबीसी का आरक्षण, मुसलमानों को धर्म के आधार पर नहीं देने दूंगा। नहीं देने दूंगा। नहीं देने दूंगा।

साथियों,

मैं तेलंगाना की धरती से ऐलान करता हूं, मोदी की तीसरी टर्म में ये वर्ष हमारे संविधान के 75 वर्ष हो रहे हैं, मैं इतने शान से संविधान का 75वां वर्ष मनाऊंगा। और गली-गली में जाकरके इनके पापों को खुलवाकरके छोड़ूंगा अब तो। हर घर तक जाऊंगा। उन्होंने संविधान के साथ कैसा खिलवाड़ किया है, ये मेरी तीसरी टर्म में संविधान के 75 वर्ष बड़ी शान से मनाऊंगा। गाजे-बाजे के साथ मनाऊंगा और इनके पापों को देश की गली-गली में पहुंचा दूंगा।

साथियों,

ये लोग लोकतंत्र की एक भी बात मानने को तैयार नहीं हैं। ये चुनाव लोकतंत्र का सबसे पवित्र उत्सव होता है। लेकिन इस चुनाव में इन्होंने एक नया उद्योग शुरू किया है। लोकतंत्र की भावना को चूर-चूर करने वाला नया उद्योग शुरू किया है। इन लोगों ने फेक वीडियो बनाकर देश में लोगों को गुमराह करने का, समाज में तनाव पैदा करने का, संघर्ष का वातावरण बनाने का खेल शुरू किया है। इसमें तेलंगाना कांग्रेस, और खुद डबल आर का नाम सामने आ रहा है। आप मुझे बताइए, क्या संवैधानिक पद पर बैठे लोगों से ऐसी हरकत करने की उम्मीद कोई देशवासी कर सकता है क्या।

साथियों,

तेलंगाना और देश के विकास के लिए बीजेपी ही विकल्प है, बीजेपी ही विकल्प है, बीजेपी ही संकल्प है। हमारी सरकार ने तेलंगाना के विकास के लिए लाखों करोड़ रुपए दिए हैं। इससे गरीब कल्याण के कार्यों में तेजी आई है। आज तेलंगाना में चार वंदेभारत ट्रेन चल रही हैं। आज तेलंगाना के 40 रेलवे स्टेशन्स का अमृत स्टेशन्स के रूप में विकास किया जा रहा है। इसमें हमारा जहीराबाद रेलवे स्टेशन भी शामिल है। हम मेडक-येलारेड्डी-बोधन-भैंसा मार्ग को नेशनल हाइवे घोषित करके उसका विकास करने जा रहे हैं। संगारेड्डी-नांदेड़-अकोला नेशनल हाइवे का काम पूरा भी हो गया है। इससे आन्दोल, नारायणखेड और जुक्कल क्षेत्रों में connectivity की अच्छी सुविधा मिलेगी।

भाइयों-बहनों,

बीजेपी के प्रयासों के बीच, तेलंगाना में कांग्रेस केंद्र सरकार के कामों को रोकने में लगी हुई है। केंद्र सरकार ने देवी सरक्का और सम्मका जनजातीय विश्विद्यालय खोलने का फैसला किया, लेकिन राज्य सरकार जमीन नहीं दे रही है। मनोहराबाद-सिद्धिपेठ-सिरिसिल्ला-कोत्तापल्ली तक रेलवे लाइन बनाने का काम भी यहां की राज्य सरकार रोक रही है। आप मुझे बताइये,जो कांग्रेस राजनीति के लिए तेलंगाना का विकास ठप्प करना चाहती है, उसे तेलंगाना से एक भी सांसद मिलना चाहिए क्या?

साथियों,

आज इंडी अलायंस इतना हताश-निराश हो चुका है कि वो अधिकृत विपक्ष बनने की भी उम्मीद खो चुका है। उतने लोग भी जीतकर नहीं आएंगे। और शायद इतिहास में ये कांग्रेस का सबसे कम नंबर होगा पार्लियामेंट में। आज इनके अलांयस में कोई ऐसी पार्टी नहीं है जो 272 सीट्स पर चुनाव लड़ रही हो। इसलिए, इन्हें वोट देकर अपना वोट क्यों खराब करना? मेरा आपसे अनुरोध है, 13 मई को जहीराबाद से बीजेपी कैंडिडेट श्री भीमराव बसंतराव पाटिल, और मेडक से एम रघुनंदन राव जी, मेरे इन साथियों को विजय बनाइए। और उनको जब आप वोट देंगे न तो वो वोट सीधा-सीधा मोदी को मिलेगा।
मेरे साथ बोलिए,

भारत माता की।

भारत माता की।

भारत माता की।

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This year’s Union Budget lays the roadmap for Viksit Bharat, driven by technology, reforms and finance: PM Modi
February 27, 2026
This year’s Union Budget lays the roadmap for Viksit Bharat, driven by technology, reforms and finance: PM
We have simplified processes, improved the Ease of Doing Business, expanded technology-led governance, and strengthened institutions; and even today, the country is riding the 'Reform Express': PM
In the past decade, we have had a very strong focus on infrastructure: PM
In the past decade, we have continued to maintain a very strong focus on infrastructure: PM
We have made a conscious decision that India's development will only be achieved by creating solid assets such as Highways, Railways, Ports, Digital Networks, and Power Systems: PM
These assets will continue to generate productivity for many decades to come. For this reason, Public Capital Expenditure is being continuously increased: PM
When Government, Industry, and Knowledge Partners move forward together, then Reforms change into Results, only then do announcements become achievements, on the ground: PM

 

नमस्कार !

इस साल के पहले Budget Webinar में, मैं आप सभी का अभिनंदन करता हूं। बीते कुछ वर्षों में बजट वेबिनार, इसकी एक मजबूत परंपरा बन गई है। अक्सर बजट का आंकलन अलग-अलग पैरामीटर्स पर किया जाता है, कभी Stock Market की चाल पर बात होती है, कभी Income Tax प्रस्तावों पर चर्चा केंद्रित हो जाती है। सच्चाई ये है कि राष्ट्रीय बजट कोई short-term trading document नहीं होता, वह एक policy roadmap होता है। इसलिए बजट की प्रभावशीलता का आंकलन भी ठोस पैरामीटर्स पर किया जाना चाहिए। ऐसी नीतियां जो infrastructure का विस्तार करें, जो credit के प्रवाह को आसान बनाएं, जो Ease of Doing Business बढ़ाएं, जो governance में ट्रांसपेरेंसी बढ़ाएं, जो जनता का जीवन आसान बनाएं, उनके लिए नए-नए अवसर बनाएं। बजट में इससे जुड़े निर्णय ही अर्थव्यवस्था को स्थायी मजबूती देते हैं, और सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि किसी भी Budget को अलग-थलग, stand alone करके नहीं देखा जाना चाहिए। Nation Building, राष्ट्र निर्माण, यही एक निरंतर प्रक्रिया होती है। हर Budget एक बड़े लक्ष्य की ओर बढ़ने का एक चरण होता है, और हमारे सामने वो बड़ा लक्ष्य है साल 2047, 2047 तक विकसित भारत का निर्माण। हर Reform, हर आवंटन, हर बदलाव को इस लंबी यात्रा के हिस्से के रूप में ही देखा जाना चाहिए। और इसलिए, हर साल बजट के बाद होने वाले ये वेबिनार बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। मेरी अपेक्षा है कि ये वेबिनार केवल Ideas के आदान-प्रदान तक सीमित न रहें, बल्कि एक प्रभावी brainstorming exercise बनें। आपके अनुभव और व्यावहारिक चुनौतियों पर आधारित सुझाव, आर्थिक रणनीतियों को और बेहतर बनाने और समाधान खोजने में अवश्य मदद करेंगे। जब Industry, Academia, Analysts और Policymakers मिल करके सोचते हैं, तो योजनाओं का implementation और बेहतर होता है, result और सटीक मिलते हैं। इन वेबिनार्स की सीरीज के पीछे यही एक भावना है।

साथियों,

21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है। अगर आप स्वयं के विषय में सोचे, तो आपके जीवन का बहुत अच्छा, महत्वपूर्ण कालखंड बीत चुका है। अब हम देश की विकास यात्रा के एक महत्वपूर्ण समय में हैं। ये वो समय है, जब हमारी अर्थव्यवस्था तेज गति से आगे बढ़ रही है, और साथ ही भारत पिछले एक दशक में, भारत ने असाधारण Resilience दिखाई है, और ये संयोग से नहीं आई है, हमारी Resilience, Conviction-Driven Reforms की देन है। हमने Processes को सरल किया है, Ease of Doing Business को बेहतर बनाया है, Technology-Led Governance का विस्तार किया है, Institutions को मजबूत किया है, और आज भी ये देश Reform Express पर सवार है। इस Momentum को बनाए रखने के लिए हमें ना केवल पालिसी इंटेंट पर ध्यान देना है, बल्कि डिलीवरी एक्सीलेंस पर भी फोकस करना है। Reforms का मूल्यांकन घोषणा से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर उनके प्रभाव से होना चाहिए। हमें AI, Blockchain और डेटा Analytics का व्यापक उपयोग कर Transparency, Speed और Accountability बढ़ानी ही होगी, और साथ ही Grievance Redressal Systems से Impact की निरंतर Monitoring भी करनी होगी।

साथियों,

पिछले एक दशक में इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमारा बहुत फोकस रहा है। हमने सोच-समझकर ये फैसला किया कि भारत का विकास हाईवेज, Railways, Ports, डिजिटल नेटवर्क, Power Systems, ऐसे अनेक, ऐसे अनेक, अब जैसे ठोस Assets को तैयार करके ही होगा। ये आने वाले कई दशकों तक Productivity पैदा करते रहेंगे। इससे, और इसी वजह से Public Capital Expenditure लगातार बढ़ाया जा रहा है। 11 साल पहले Public Capex के लिए बजट में लगभग 2 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान था, मौजूदा बजट में ये बढ़कर लगभग 12 लाख करोड़ रुपए के पार हो गया है। इतने बड़े पैमाने पर सरकारी निवेश होना Private Sector के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है।

साथियों,

अब समय है कि Industry और Financial Institutions भी नई ऊर्जा के साथ आगे आएं। हमें Infrastructure में ज्यादा भागीदारी चाहिए, Financing Models में ज्यादा Innovation चाहिए, और Emerging Sectors में ज्यादा मजबूत Collaboration चाहिए। इस दिशा में मेरा एक और सुझाव है, हमें Project Sanction Methodology और Appraisal Quality को और मजबूत करना होगा। हमें Cost-Benefit Analysis और Lifecycle Costing को सर्वोपरि रखते हुए Waste और Delays रोकने ही होंगे।

साथियों,

हम Foreign Investment Framework को और सरल कर रहे हैं। हमारा प्रयास सिस्टम को ज्यादा Predictable और Investor-Friendly बनाने का है। हम Long-Term Finance को बेहतर बनाने के लिए, Bond Markets को और ज्यादा सक्रिय बनाने की दिशा में भी कदम उठा रहे हैं। बॉन्ड की खरीद और बिक्री की प्रक्रिया को आसान बनाया जा रहा है।

साथियों,

हमें Bond Market Reforms को Long-Term Growth के Enablers के रूप में देखना होगा, हमें Predictability सुनिश्चित करनी होगी, Liquidity को गहरा करना होगा, नए Instruments लाने होंगे, और Risks का प्रभावी प्रबंधन करना होगा। तभी हम Sustained Foreign Capital आकर्षित कर पाएंगे। मुझे अपेक्षा है कि आप Global Best Practices से सीख लेकर, Foreign Investment Framework और Bond Markets को मजबूत करने के लिए स्पष्ट और ठोस सुझाव देंगे।

साथियों,

कोई भी Policy Framework तैयार कर सकती है, लेकिन उसकी सफलता आप सब पर निर्भर करती है। उद्योग जगत को Fresh Investment और Innovation के साथ आगे आना होगा। Financial Institutions और Analysts को Practical Solutions, Practical Solutions तैयार करने में मदद करनी होगी, और Market Confidence को मजबूत करना होगा। जब Government, Industry और Knowledge Partners एक साथ आगे बढ़ते हैं, तब Reforms Results में बदलते हैं। तभी Announcements जमीन पर Achievements बन जाते हैं। मेरा सुझाव है कि हम एक स्पष्ट Reform Partnership Charter विकसित करें। यह Government, Industry, Financial Institutions और Academia का साझा संकल्प हो। ये चार्टर, विकसित भारत की यात्रा का बहुत अहम दस्तावेज बनेगा।

साथियों,

मैं सभी Stakeholders, Financial Institutions, Markets, Industry, Professionals और Innovators से कहूंगा, इस बजट ने जो नए अवसर दिए हैं, उनका फायदा उठाएं, बजट द्वारा खोले गए नए अवसरों के साथ गहराई से जुड़ें। आपकी भागीदारी से योजनाओं का Implementation और बेहतर होगा, आपके फीडबैक और सहयोग से बेहतर नतीजे आएंगे। आइए, हम सब मिलकर Reform करें, Grow करें और ऐसा Future बनाएं, जो विकसित भारत का सपना जल्द से जल्द साकार हो।

मुझे पूरा विश्वास है, आज आप सब गहरा मंथन करेंगे, प्रक्रियाओं को सरल करने पर आपका ध्यान केंद्रित होगा और हम ये गलती ना करें, बजट के पहले भी हम आप सबसे कंसल्टेशन करते हैं, उसका मकसद अलग है, उसका मकसद होता है बजट और अच्छा बने। लेकिन अब बजट बन चुका है, अब बजट की चर्चा के लिए कार्यक्रम नहीं है, अब बजट में जो है उसको जमीन पर जल्दी से जल्दी उतारना, सरल से सरल मार्ग से उतारना और सबका, सभी स्टेकहोल्डर का लाभ हो, उनकी भागीदारी हो, इस बात को ध्यान में रख करके आप चर्चा करेंगे, मंथन करेंगे, तो ये वेबिनार सचमुच में वाइब्रेंट इकोनॉमी का दरवाजा खोल देंगे।

बहुत-बहुत धन्यवाद !

नमस्कार !