Tamil Nadu’s Kongu region represents India’s growth story with its vibrant textile and industry hubs: PM Modi
In 2024, Tamil Nadu is set to create history as the epicenter of the politics of development in India: PM Modi
Annamalai’s dedication reflects our mantra of ‘Sabka Saath, Sabka Vikas & Sabka Vishvas’: PM Modi
‘Modi’s Guarantee’ ensures free grains, smoke-free households, and housing for rural families: PM Modi
BJP’s vision for a developed India contrasts with INDI Alliance’s family-centered politics: PM Modi

वणक्कम !
Coming to पल्लडम् and being with all of you is a great pleasure. This Kongu region of Tamil Nadu represents India’s growth story in many ways. It is one of India’s most vibrant textile and industry hubs. It also contributes to our country’s wind energy capacity. This region is also known for its spirit of enterprise. Our risk-taking entrepreneurs and MSMEs play a role in making us the fastest growing economy.

साथियों
आज जहां भी मेरी नजर पहुंच रही है, लोग ही लोग नजर आ रहे हैं। ऐसा लग रहा है, जैसे मानव केसरिया समंदर, इतना बड़ा विराट ये सम्मेलन आप सब इतनी बड़ी तादाद में हम सबको आशीर्वाद देने के लिए आए मैं आपका हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं। जो लोग दिल्ली के एयरकंडिशंड कमरों में बैठकर देश को टुकड़ों में देखने की कोशिश करते हैं, देश को टुकड़ों में बांटने की कोशिश करते हैं वो जरा आकर के देख लें, तमिलनाडु हिंदुस्तान का भाग्य बनाने वाला ये राज्य आज आपके आंखों के सामने है। जो राजनीति के समीकरण बनाते हैं वे लिख लें कि इस बार देश का भाग्य पक्का करने में तमिलनाडु सबसे आगे होगा। मैं तमिलनाडु का जितना आभार व्यक्त करूं, मेरे पास शब्द कम पर जाएंगे।

साथियों,
2024 में आज तमिलनाडु की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। क्योंकि, तमिलनाडु देश में विकास की राजनीति का, नई राजनीति का सबसे नया वाइब्रेंट सेंटर बनने जा रहा है। 2024 में तमिलनाडु एक नया इतिहास रचने जा रहा है। जो ऐतिहासिक ‘एन् मण् एन् मक्कल’ पदयात्रा आज पूरी हुई है, वो इसका सबसे बड़ा सबूत है। मेरे तमिल भाइ-बहनों ने ‘एन् मण् एन् मक्कल’ यात्रा को जो समर्थन दिया है, वो अभूतपूर्व है।

साथियो,
‘एन् मण् एन् मक्कल’ यात्रा अपने नाम की वजह से भी बेहद खास रही है। हर भाजपा कार्यकर्ता के लिए इस मिट्टी का कण-कण ईश्वर के समान है। हर भाजपा Nation-First के संकल्प के साथ समाज की सेवा में जुटा है। मैंने भी देखा है, कैसे समाज के हर एक वर्ग ने इस यात्रा के दौरान बीजेपी के लिए अपना समर्थन, अपना आशीर्वाद दिया है। मैं विशेष रूप से अपने युवा और ऊर्जावान सहयोगी भाई अन्नामलाई जी को अनेक शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने इस यात्रा से सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास ये मंत्र घर-घर तक पहुंचाया है।

साथियों,
मेरे लिए तमिल भाषा और तमिल संस्कृति बहुत विशेष रही है। संयुक्त राष्ट्र, यूनए में मैंने जो तमिल कविता पढ़ी थी, उसके बारे में विदेशों तक में पूछा जाता है। मैंने मेरे संसदीय क्षेत्र काशी में ‘काशी तमिल संगमम्’ करवाया, उसे लेकर भी लोग सवाल पूछते हैं। मैंने इस देश की महान परंपरा का सम्मान करते हुए तमिलनाडु की महान परंपरा उसका सम्मान करते हुए पवित्र सेंगोल को देश की संसद में सबसे ऊंचे मंच पर स्थापित किया, इसे लेकर भी लोगों को इसके बारे में जानने की नई जिज्ञासा पैदा हुई है। तमिलनाडु से मेरा रिश्ता राजनीति का नहीं है, ये रिश्ता दिल का है, और दशकों पुराना है। मुझे तमिलनाडु की मिट्टी ने हमेशा असीम प्रेम दिया है। करीब 32 साल पहले, 1991 में मैंने जब एकता यात्रा निकाली थी, उसकी शुरुआत भी तमिलनाडु के कन्याकुमारी से हुई थी। और वो यात्रा दो मकसद लेकर के चली थी.. एक श्रीनगर के लालचौक में आतंकवादियों की गोलियों के बीच भी जाऊंगा और तिरंगा झंडा फहराकर के रहूंगा। और दूसरा संकल्प था आर्टिकल 370 हमेशा-हमेशा के लिए मिटा के रहूंगा। और इसलिए कन्याकुमारी से तमिलनाडु की मिट्टी को माथे पर चढ़ाकर निकला था और आज, आज वो दोनों काम लाल चौक में शान से तिरंगा फहरा रहा है, और आज आर्टिकल 370 इतिहास के पन्नों में बंद हो चुकी है। अब एन् मण् एन् मक्कल यात्रा तमिलनाडु को एक नए पथ पर ले जा रही है।

साथियों,
बीजेपी तमिलनाडु में भले ही कभी सत्ता में न रही हो, लेकिन, तमिलनाडु हमेशा बीजेपी के दिल में रहा है। ये बात आज हर तमिल भाई-बहन जानता है, हर तमिल भाई-बहन समझ रहा है। इसीलिए, जिन्होंने दशकों तक तमिलनाडु को लूटा, वो लोग बीजेपी की बढ़ती ताकत से घबराये हुये हैं। वो लोग झूठ बोलकर, जनता को आपस में बांटकर, लोगों को लड़वाकर अपनी कुर्सी बचाना चाहते हैं। लेकिन, तमिलनाडु के लोग दिल से जितने पवित्र होते हैं, उतने ही समझदार भी होते हैं। इनकी सच्चाई सामने आ चुकी है। इनकी पोल खुल चुकी है। इसलिए अब तमिलनाडु के लोग बीजेपी पर भरोसा जता रहे हैं। ये नजारा कह रहा है।

साथियों,
केंद्र में बीजेपी सरकार ने तमिलनाडु के विकास को हमेशा प्राथमिकता दी है। 2004 से 2014 के बीच तमिलनाडु को केंद्र सरकार से Tax Devolution की जितनी राशि मिली थी, बीजेपी सरकार ने उससे तीन गुना ज्यादा राशि तमिलनाडु को दी है। और तब दिल्ली में तमिलनाडु से डीएमके के लोग सरकार में बैठे थे मलाई खा रहे थे लेकिन तमिलनाडु का भला करने के लिए कुछ भी नहीं करते थे। पिछले 10 साल में बीजेपी सरकार ने तमिलनाडु को विकास के कार्यों के लिए पहले के मुकाबले कई गुना ज्यादा पैसे दिए हैं। और आप ये भी याद रखिए कि DMK और कांग्रेस लंबे समय से एक दूसरे के सहयोगी हैं।
2004 से 2014 तक डीएमके के लोग कांग्रेस की UPA सरकार के बड़े मंत्रालयों में बड़े-बड़े मंत्री बनकर बैठे थे थे। लेकिन इसके बाद भी इन लोगों ने तमिलनाडु के लोगों के विकास को प्राथमिकता नहीं दी।

साथियों,
मोदी जब काम करता है तो सबके लिए करता है और इसमें भी सबसे गरीब सबसे ऊपर रहते हैं। इसीलिए, आज भारत के हर गरीब के पास है- मोदियिन् गारंटी तमिलनाडु में मोदियिन् गारंटी का अर्थ है- साढ़े तीन करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज। मोदियिन् गारंटी का मतलब है- तमिलनाडु की 40 लाख से अधिक महिलाओं को धुएँ से आज़ादी, उनके लिए एलपीजी सिलेंडर! मोदियिन् गारंटी का मतलब है- तमिलनाडु के 6 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों के लिए पीएम आवास। और आज पूरा देश जानता है कि ये मोदियिन् गारंटी अब अगले कई सालों तक और चलने वाली है।

साथियों,
आज जब मैं तमिलनाडु आया हूं, तो आदरणीय MGR जी को भी याद कर रहा हूं। श्रीलंका की यात्रा के दौरान मुझे MGR की जन्मभूमि कैंडी जाने का अवसर मिला था। मैंने वहां के लोगों से उनकी बात की थी। आज मैं उनकी कर्मभूमि पर आया हूं। MGR ने परिवारवाद की परंपरा से हटकर सुशासन की महान परंपरा को स्थापित किया था। उन्होंने क्वालिटी एजुकेशन और हेल्थकेयर के लिए काम किया। और यही कारण था कि समाज के नौजवान और महिलाएं उनका इतना सम्मान करते हैं। यही कारण है कि आज भी समाज के गरीब तबके के लोग उन्हें अपना सबसे बड़ा नेता कहते हैं। MGR ने परिवार के आधार पर नहीं, बल्कि प्रतिभाओं के आधार पर लोगों को आगे बढ़ाया। लेकिन दुर्भाग्य से आज तमिलनाडु में DMK के कारण जो राजनीति हो रही है, वो MGR साहब के लिए अपमान जैसा है। अगर MGR के बाद कोई था, तो वो अम्मा जयललिता जी थीं...जिन्होंने तमिलनाडु के जनहित और जनकल्याण के लिए अपना पूरा जीवन दिया। अभी कुछ समय पहले उनकी जन्मजयंती थी। आज तमिलनाडु की इस भूमि से मैं उन्हें अपनी श्रद्धांजलि देता हूं। मेरा सौभाग्य है कि मैंने काफी समय तक जयललिता जी के साथ काम किया था। मैं जानता हूं कि वो किस तरह तमिलनाडु के लोगों के साथ दिल से जुड़ी हुई थीं। उन्होंने जीवन भर MGR के सिद्धांतों पर चलकर तमिलनाडु के लोगों के विकास और उनके हित के लिए काम किया। और यही कारण है कि आज भी तमिलनाडु के घर-घर में लोग उन्हें याद करते हैं।

साथियों,
मोदी जब देश के विकास की गारंटी लेता है, तो ये भी सुनिश्चित करता है कि तमिलनाडु भी उसी रफ्तार से आगे बढ़े। तमिलनाडु के लोगों ने हमेशा देश को सबसे ऊपर रखा है। इसीलिए, आज अगर देश में दो डिफेंस कॉरिडॉर बनते हैं, तो उनमें से एक तमिलनाडु में बनाया जाता है। आज देश जब टेक्सटाइल की फील्ड में संभावनाओं के लिए काम करता है, तो तमिलनाडु को उसका भरपूर फायदा मिलता है।

साथियों,
विपक्ष मैं बैठे हुए इंडी एलायंस के लोग और आज जो इंडी एलायंस के साथियों ने आज तमिलनाडु को जकड़ा हुआ है, वो कभी तमिलनाडु का विकास नहीं होने देंगे। आप पहले का समय याद करिए, जो काँग्रेस डिफेंस के सौदों में हजारों करोड़ रुपए की दलाली खाती थी, वो कांग्रेस क्या तमिलनाडु में डिफेंस कॉरिडॉर बनने देती? आज डिफेंस सेक्टर में देश जो कई गुना निर्यात कर रहा है, उससे युवाओं को जो रोजगार मिल रहा है, क्या कांग्रेस ये होने देती क्या? हमने टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए PLI स्कीम शुरू की। उसका परिणाम है कि, 20 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव आए हैं। 2 लाख करोड़ के करीब टर्नओवर इससे होगा। इसके अलावा यहां विरुधुनगर में एक पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क भी बनाया जा रहा है। इससे आने वाले समय में लाखों नौकरियों के अवसर बनने वाले हैं। मुद्रा लोन के जरिए भी तमिलनाडु के उद्यमियों को 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की फंडिंग दी गई है। आप मुझे बताइये, काँग्रेस सरकार में क्या ये मुमकिन हो सकता था? मोदी तमिलनाडु के विकास के लिए काम कर रहा है, और इसलिए इंडी एलायंस वाले पूरी गैंग मोदी से इतना परेशान हैं।

साथियों,
आज बीजेपी अपनी सरकार के तीसरे कार्यकाल में विकसित भारत के निर्माण की बात कह रही है। बीजेपी अपने तीसरे कार्यकाल में भारत को तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की बात कह रही है। लेकिन दूसरी तरफ केवल मोदी से नफरत के नाम पर एकजुट हुए इंडी गठबंधन के लोग अनाप शनाप बोलते रहते हैं! क्या आप ने इनके एक भी दल को विकास पर, अर्थव्यवस्था पर, इंडस्ट्री पर, शिक्षा पर, एग्रिकल्चर पर, लेबरर्स पर फिशरमैन पर बात करते सुना है क्या? इन्हें बस एक ही चिंता है कि कैसे इनके परिवार की दुकान चलती रहे! अपने परिवार को बढ़ावा देकर ये तमिलनाडु के हर युवा का विकास रोके हुए हैं।

साथियों,
इंडी गठबंधन के ये लोग केंद्र में तो अपनी हार मान चुके हैं। लेकिन इनकी कोशिश है कि कैसे तमिलनाडु जैसे राज्यों में लूटने का लाइसेन्स बना रहे। लेकिन, 2024 में जनता ने मन बना लिया है कि इनकी लूट की हर दुकान पर ताला डालना है। तमिलनाडु में ‘एन् मण् एन् मक्कळ्’ यात्रा ने इस ताले का इंतजाम कर दिया है। अब तमिलनाडु में भी भाजपा भ्रष्टाचार की राजनीति का अंत करने के लिए तैयार हो रही है। मैं, हमारे सभी कार्यकर्ताओं से कहना चाहूँगा, आपको जनता का आशीर्वाद लेकर पूरी ऊर्जा के साथ तमिलनाडु में सेवा करनी है। आपको तमिलनाडु के घर-घर तक बीजेपी के तीसरे कार्यकाल के संकल्प को पहुंचाना है। जो मैंने यहाँ कहा है, उसे आपको जन-जन तक लेकर जाना है। मैं फिर एक बार इस विशाल जनसमुदाय को और तमिलनाडु के ये उज्ज्वल भविष्य की गारंटी लेकर के आए हैं, ये तमिलनाडु के युवाओं के भाग्य को बदलने की गारंटी मैं देख रहा हूं। ये युवा तमिलनाडु के अधिकारों की रक्षा की गारंटी आज मैं देख रहा हूं। और मोदी आपकी गारंटी के लिए आपके साथ खड़ा है।

दोनों हाथ ऊपर करके मेरे साथ बोलिए... भारत माता की... जय.. भारत माता की... जय... भारत माता की... जय.. भारत माता की... जय.. भारत माता की... जय.. भारत माता की... जय..
वंदे...मातरम... वंदे...मातरम... वंदे...मातरम... वंदे...मातरम वंदे...मातरम... वंदे...मातरम... वंदे...मातरम...
बहुत बहुत धन्यवाद।

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Text of PM’s speech during the 45th anniversary celebrations of The Art of Living in Bengaluru
May 10, 2026

श्रद्धेय श्री श्री रविशंकर जी, यहां उपस्थित अन्य सभी संतजन, भाइयों और बहनों, एल्लारिगू नमस्कारा।

आज की ये सुबह एक अलग अनुभूति लेकर आई है। बच्चों के वैदिक मंत्रों से स्वागत, भगवान श्री गणेश के दर्शन, श्री श्री रविशंकर जी के 70 वर्ष, और Art of Living के 45 वर्ष, ये ऐसे पल हैं, जो हमेशा मेरी स्मृतियों में रहेंगे। इस अद्भुत समारोह में आमंत्रित करने के लिए मैं आप सभी का आभारी हूं।

अभी गुरूदेव ने बहुत कुछ बताया, आपको लगता होगा वो मेरी तारीफ कर रहे थे, लेकिन मुझे लग रहा था कि वो मुझे काम बता रहे थे। आपने सही कहा कि मेरा धन्यवाद नहीं हो सकता, आप ही का हूँ, आप ही के बीच आया और आप ही के लिए आया हूँ, और जहां हूँ वहां भी आप ही के कारण हूं। आज गुरूदेव के 70 साल का ये कार्यक्रम है, लेकिन मैं चाहूंगा जब मैं घर का ही हूं तो सामने से कह देता हूं, कि जब आपका शताब्दी समारोह होगा तब मैं भी फिर से एक बार आऊंगा।

आज दिव्य और भव्य, ध्यान मंदिर का लोकार्पण हुआ है। जब संकल्प स्पष्ट हो और सेवा भाव से कार्य किया जाए, तो हर प्रयास का सुखद परिणाम मिलता है। बाकि कुछ हो या न हो, हम सब लोटस की छत्रछाया में हैं। जैसे जैसे समझ आता जाए, ताली बजाते जाइये। और गुरू देव के आशीर्वाद हैं, तो फिर लोटस की छत्रछाया ही देश को नई ऊंचाईयों पर ले जाएगी। मैं आर्ट ऑफ लिविंग परिवार को इस ध्यान मंदिर के लिए अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

बेंगलुरू का माहौल, यहां का वातावरण, कुछ अलग ही होता है। ये शहर software और services के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। लेकिन भारत की सांस्कृतिक पहचान, Spirituality, आध्यात्मिक चेतना को भी इस शहर ने नई ऊंचाई दी है। योग, ध्यान, प्राणायाम, भारत के संस्कारों का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। और जैसा गुरूजी ने कहा, आज दुनिया भर के लोग भारत के इन आध्यात्मिक संस्कारों से प्रभावित हैं, और इन्हीं पुरातन संस्कारों से भारत की भी अनेक संस्थाओं को प्रेरणा मिलती रही है।

साथियों,

इसी प्रेरणा से श्री श्री रविशंकर जी ने, 45 वर्ष पहले आर्ट ऑफ लिविंग के रूप में एक बीज बोया था। आज वो एक विशाल वटवृक्ष के रूप में हमारे सामने है। इस वटवृक्ष की हजारों शाखाएं दुनिया भर में अनगिनत लोगों के जीवन को स्पर्श कर रही हैं। और मुझे विदेश में जहां-जहां जाना पड़ता है सरकारी काम के लिए, तो कोई न कोई आप वाला मिल ही जाता है।

साथियों,

हमारा भारत विविधताओं से भरा देश है। इतनी भाषाएं, इतनी परंपराएं, अलग रीति-रिवाज, उपासना के अलग-अलग तरीके, जब हम इसे देखते हैं तो एक स्वाभाविक प्रश्न हम सबके मन में आता है। आखिर इन सभी सुंदर विविधताओं को जोड़ने वाला मूल तत्व क्या है? इसका उत्तर है- स्वयं के लिए नहीं बल्कि दूसरों के लिए जीना। हमारे यहां कहा गया है, अष्टादश पुराणेषु व्यासस्य वचनद्वयम्। परोपकारः पुण्याय पापाय परपीडनम्॥ अर्थात, दूसरों की सेवा करना पुण्य है, और पीड़ा देना पाप है। सेवा परमो धर्म है, ये हमारे समाज का स्वाभाविक चरित्र है। पीढ़ी दर पीढ़ी ये संस्कार सरिता हम सबको संस्कारित करती है, प्रेरित करती है, ऊर्जावान बनाती है। भारत के अनेक आध्यात्मिक आंदोलनों ने अंततः स्वयं को मानव सेवा के माध्यम से ही अभिव्यक्त किया है। मुझे खुशी है कि Art of Living के हर प्रयास में सेवा की इसी भावना का प्रतिबिंब नजर आता है। अभी जो वीडियो दिखाया गया, सेवा ही सेवा है उसमें, लोगों का ही कल्याण है। मैं आर्ट ऑफ लिविंग की यात्रा से जुड़े हर volunteer को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

कोई भी अभियान तब सफल होता है, जब उसके साथ समाज की शक्ति जुड़ जाती है। इसलिए, ऐसे हर महत्वपूर्ण मिशन के लिए समाज की शक्ति को जागृत करना बहुत आवश्यक है। मेरा हमेशा से ये विश्वास रहा है कि समाज, राजनीति और सरकारों से भी अधिक शक्तिशाली होता है। और कोई भी सरकार तभी सफल हो सकती है, जब समाज स्वयं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाता है। अब जैसे हमारा स्वच्छ भारत अभियान है। ये सिर्फ सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि, ये लोगों के जीवन का स्वाभाविक हिस्सा बन चुका है। अब ये समाज की शक्ति से ही आगे बढ़ रहा है।

साथियों,

जब समाज सक्रिय हो जाता है, तब देश की सबसे बड़ी चुनौतियों का भी सामूहिक समाधान निकाला जा सकता है। ये देखना बहुत सुखद है कि आर्ट ऑफ लिविंग संस्था भी, हमेशा से, समाज की इस शक्ति को साथ लेकर चलती है। आप सभी ने विकास से जुड़े कार्यक्रमों में सोशल अप्रोच को बहुत महत्व दिया है। चाहे वृक्षारोपण अभियान हो, या rural smart village centres हों, महिलाओं और जनजातीय समाज को सशक्त बनाने वाले कार्यक्रम हों, या फिर कैदियों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने वाला अभियान हो, ये सभी प्रयास देश और समाज की विकास यात्रा के, उसमें महत्वपूर्ण योगदान देने वाले होते हैं।

साथियों,

मैं एक और बात के लिए यहां उपस्थित हर व्यक्ति की प्रशंसा करूंगा, और वो है, युवा शक्ति पर फोकस। आज की दुनिया में बहुत तेजी से बड़े-बड़े परिवर्तन हो रहे हैं। हर दिन साइंस, नई संभावनाओं के द्वार खोल रही है। नए नए इनोवेशन, पूरी की पूरी इकॉनॉमीज को बदल रहे हैं। भारत इस बदलाव में केवल भागीदारी नहीं कर रहा, वो कई क्षेत्रों में नेतृत्व भी कर रहा है। हमारी डिजिटल क्रांति ने भारत को डिजिटल पेमेंट में ग्लोबल लीडर बनाया है। आज इंफ्रास्ट्रक्चर भी अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहा है और futuristic विजन के साथ आगे बढ़ रहा है। स्टार्ट अप में भारत बहुत तेजी से दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा इकोसिस्टम बना है। हमारे युवा आज स्पेस में अपनी सैटेलाइट्स भेज रहे हैं, देश की ऐसी सभी उपलब्धियों का सबसे बड़ा कारण है, हमारे युवा हैं, और आर्ट ऑफ लिविंग है। युवाओँ को, आज के आधुनिक युग की चुनौतियों के समाधान पाने में गुरूदेव और आर्ट ऑफ लिविंग बहुत सहायता कर रहा है।

साथियों,

आज टेक्नॉलॉजी की वजह से दूर बैठे लोग एक पल में एक-दूसरे से जुड़ रहे हैं। लेकिन जरूरी है, हम दुनिया से जुड़े या न जुड़े, स्वयं से तो जुड़ें। और ये स्वयं से जुड़ने की क्षमता को, चाहे बीजारोपण करना हो, उसको सिंचन करना हो, या उसको सक्षम बनाना हो, ये महान परंपरा से संभव होता है। विकसित भारत का निर्माण ऐसे युवाओं से ही होगा, जो युवा मानसिक रूप से शांत हों, जो सामाजिक रूप से जिम्मेदार हों, और जो समाज के प्रति संवेदनशील हों। इसीलिए, spiritual well being, मेंटल हेल्थ, योग, मेडिटेशन, इस पर काम करने वाली आपकी ये महत्वपूर्ण गतिविधि और इस प्रकार से काम करने वाली अन्य संस्थाएं भी, इन सबकी भूमिका बहुत-बहुत अहम है। ऐसी संस्थाएं लोगों में जुड़ाव, अपनापन और सामूहिक जिम्मेदारी का भाव मजबूत करती हैं। साथ ही, ऐसे संस्थानों में लोगों को अपनी संस्कृति को जानने और समझने का अवसर भी मिलता है। मुझे विश्वास है कि आज जिस ध्यान मंदिर का उद्घाटन हुआ है, वो आने वाली अनेक पीढ़ियों को, हजारों लोगों के लिए शांति और उपचार का केंद्र बनेगा।

साथियों,

आप सभी देश और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को बखूबी निभा रहे हैं। लेकिन मैं जब भी आपके बीच आता हूं, तो कुछ आग्रह करने से खुद को रोक नहीं पाता। अब ये मेरे बोलने से पहले ही गुरू जी ने कह दिया कि आपके नौ आग्रह हमें मंजूर हैं, तो बोलने के लिए कुछ बचा नहीं, लेकिन आदत जाती नहीं। भारत के होलिस्टिक डेवलपमेंट के लिए कई स्तरों पर सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। इनमें Art of Living जैसे संगठन महत्वपूर्ण भूमिका और ज्यादा शक्ति से इस परिवर्तन के प्रहरी बन सकते हैं। आपमें से बहुत से लोग किसानों और ग्रामीण समुदायों के साथ जुड़कर काम करते हैं। जैसा यहां फिल्म में भी बताया गया कि किसानों को नैचुरल फार्मिंग से जोड़ने की दिशा में और अधिक प्रयास करने की आवश्यकता है। आज बीमारी में भी इंसान नैचुरल हिलिंग के रास्ते खोज रहा है, तो ये हमारी धरती मां, उसे भी नैचुरल हिलिंग की जरूरत है। केमिकल फर्टिलाइजर ने हमारे खेत को, हमारी धरती मां को उजाड़ दिया है। इस हमारी धरती मां को केमिकल से बचाना, ये भी आर्ट ऑफ लिविंग है। एक पेड़ मां के नाम अभियान को और व्यापक बनाने में आप बहुत ताकत दे सकते हैं, उसको और विस्तार कर सकते हैं। क्योंकि पर्यावरण की रक्षा, ये भी आर्ट ऑफ लिविंग है। इकोलॉजी और इकोनॉमी हम अलग नहीं कर सकते हैं। पर ड्रॉप मोर क्रॉप के माध्यम से किसानों को पानी का बेहतर उपयोग बताया जा रहा है। इसमें आपके सहयोग से और बेहतर परिणाम मिलेंगे। क्योंकि पानी की हर बूंद बचाना, ये भी आर्ट ऑफ लिविंग तो है। कुछ ही हफ्ते में मानसून आने वाला है। ये सही समय है, जब जल संरक्षण को लेकर व्यापक जागरूकता फैलाई जाए। इसी तरह, बिजली बचाना, सिंगल यूज प्लास्टिक से दूरी बनाना, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना, ये सभी आर्ट ऑफ लिविंग ही है। आज देश Mission LiFE पर भी जोर दे रहा है। ये जीवन को अधिक जिम्मेदारी और जागरूकता के साथ जीने का एक जीवंत अभियान है। इसमें एक ऐसी जीवनशैली अपनाने का आग्रह है, जो प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर चले। और मेरे हिसाब से मिशन लाईफ भी एक प्रकार से आर्ट ऑफ लिविंग का एक प्रकट रूप है। मुझे विश्वास है कि आने वाले दिनों में आप सभी, जो हमेशा आप करते आए हैं, आर्ट ऑफ लिविंग के भिन्न-भिन्न पहुलओं को आपने विस्तार भी दिया है, विकास भी किया है। समाज के एक बड़े वर्ग को जोड़ने के लिए आप ज्यादा प्राथमिकता देंगे, और गुरूजी की शताब्दी जब हम मनाएं तब इन सारे लक्ष्यों को हम पूरा करके रहें। मैं एक बार फिर श्री श्री रविशंकर जी को, गुरूदेव को अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं। मैं Art of Living परिवार के हर volunteer का, उनकी सेवा भावना और समर्पण के लिए हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं। फिर एक बार आप सबने मुझे यहां आपके बीच आने का अवसर दिया, इस पवित्र वातावरण में कुछ पल बिताने का मौका दिया, लोटस की छत्रछाया में सोचने का मौका दिया, इसके लिए मैं फिर से आप सबका हृदय से बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। जय गुरूदेव।