Appreciate the Yuva Morcha for staying connected with people online, offline and on ground: PM Modi
Congress opposes technology like EVM and Aadhaar, BJP on the other hand promotes technology in every sector: PM Modi
To promote small businesses in Karnataka, nearly 11% Mudra loans sanctioned in the state alone: PM Modi
Due to political differences, several BJP karyakartas were brutally murdered in Karnataka, such instances must not exist in a democracy: PM Modi
Our stress is on quality of education and quantity of opportunities: PM Modi
Atal Innovation Mission is aimed at promoting research and scientific temper among students: PM tells Yuva Morcha

नमस्ते। मुझे 5-10 मिनट लेट हो गया। क्षमा कीजिए साथियों।

मैं कल रात देर से कर्नाटक से लौटा हूं। और 45 डिग्री टेम्पेरचर में वहां की जनता जनार्धन का जो मैंने उत्साह देखा, उमंग देखा। चुनाव के दौरान गर्मी में भी इस तरह का उत्साह और उमंग बहुत रेयरली देखने को मिलता है। और मैं देख रहा हूं कि कर्नाटक का चुनाव जितना भाजपा के कार्यकर्ता के मैदान में उतरने से दिखाई दे रहा है। लगता है कि जनता स्वयं ये चुनाव लड़ रही है। और ये अपने आप में समाज के हर तबके का व्यक्ति इस चुनाव के मैदान में है। विशेष करके मैं देख रहा हूं कि भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में जो लहर चली है। और उसमें भी बार-बार निराशा की खबरें देने के बाद भी, भाजपा जीत नहीं सकती है। हंग एसेम्बली आएगी। इस बीच में भी इस माहौल को आगे बढ़ाने में मैं समझता हूं कि भाजपा कार्यकर्ताओं की बहुत बड़ी भूमिका है। उसमें भी युवा मोर्चे के कार्यकर्ताओं का जज्बा, युवा शक्ति का जज्बा, उनका डेडिकेशन, ऊर्जावान लोग। और कुछ नहीं चाहिए बस भारत माता की जय। इसी मूड में आप जो लगे रहते हैं। और मैंने देखा कि युवा शक्ति फोर फ्रंट पर है। और इसकी पीछे आप लोगों का परिश्रम है। ऑन लाइन हो, ऑफ लाइन हो, ऑन ग्राउंड हो, मास कॉन्टेक्ट हो, व्यक्तिगत कॉन्टेक्ट हो, परिवार में जाकर मिलने की बात हो, हर जगह पर मैंने आपको काम करते देखा है।

मैं समझता हूं कि भारतीय जनता पार्टी की ये सबसे बड़ी पूंजी है। ये आप भलीभांति जानते हैं कि राजनीति के क्षेत्र में विकास के लिए जब हम हर तबके से काम करते-करते ऊपर आते हैं तो हमें जमीनी सच्चाइयों का बहुत ज्ञान होता है। ऊपर से आए हुए लोगों के बजाए भारतीय जनता पार्टी का सौभाग्य रहा है कि छोटी-छोटी जिम्मेवारियां लेते-लेते कार्यकर्ता, दस साल, बीस साल, पच्चीस साल, जनता के अंदर खुद को खपा रहता है।

मैंने आपसे देखा है। एक तरफ हमारे देश में वो दल है जो टेक्नोलॉजी के पीछे पड़ गए हैं। या तो उनकी नासमझी है या फिर जानबूझ करके झूठ फैला रहे हैं। हर टेक्नोलॉजिकल विषय का विरोध करना, यानि ईवीएम तक का विरोध करना, आधार का विरोध करना, मोबाइल फोन की टेक्नोलॉजी का विरोध करना, हर जगह पर ...। दूसरी तरह हम लोग हैं, जो आधुनिक भारत बनाने के लिए जीवन के हर क्षेत्र में टेक्नोलॉजी को महत्व देना चाहते हैं। स्किल डेवलपमेंट हो, इनोवेशन हो, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का युग चल रहा है। भारत पीछे नहीं रह सकता है। मुझे खुशी है कि बीजेपी संगठन में भी आप लोगों ने टेक्नोलॉजी का महात्म्य बढ़ाया है।

भाइयो बहनो।

कर्नाटक एक मिसाल है। कर्नाटका के लिए देश गर्व कर सकता है ऐसा टैलेंट, ऐसी इनर्जी, ऐसा इनोवेशन, ये इंटरप्राइज, ये कर्नाटक एक उर्वरा भूमि है। कर्नाटक के युवाओं ने हर जगह अपना लोहा मनवाया है। चाहे वो शिक्षा का क्षेत्र हो, चाहे वो खेल का मैदान हो, चाहे बिजनेस हो, विज्ञान हो, हर क्षेत्र में कर्नाटक का युवा छाया हुआ है।

और जब मैं कर्नाटक के युवाओं की बात करता हूं तो प्रतिभावान पी गुरुराज का फिर से एक बार उल्लेख करना चाहूंगा। कर्नाटक के इस नौजवान ने अभी कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए पहला पदक जीता था। इन खेलों में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन रहा है। गुरुराजा पिछले हफ्ते मन की बात कार्यक्रम में शामिल हुए थे। मुझे उनकी जिस बात ने सबसे अधिक प्रभावित किया। वह थी उनकी विनम्रता। क्या आप जानते हैं कि उन्होंने मन की बात कार्यक्रम के दौरान क्या कहा था। उन्होंने कहा था कि मैं अपना मेडल अपने गांव कुंडापूरा को, कर्नाटक को और हमारे इस देश को समर्पित करता हूं। इस वर्ष के कॉमनवेल्थ के दौरान हमारी महिला एथलीट ने ...। पुरुष एथलीट से हमारी महिलाओं ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। इनमें से एक महिला खिलाड़ी जिन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह भी हमारी कर्नाटक की बेटी अश्विनी पोनप्पा। वह भारत की सबसे टैलेंटेड बैडमिंटन खिलाड़ियों में से एक है।

मेरे नौजवान मित्रों।

आज भारत में स्टार्टअप की चर्चा हो रही है, इनोवेशन की चर्चा हो रही है। और दुनिया में भारत स्टार्ट अप्स, इनोवेशन में अपनी जगह बना रहा है। और मैं आश्वस्त हूं। आप जानते हैं कि भारत का कौन-सा शहर स्टार्ट अप और इनोवेशन का हब है। क्या ये मुझे बताना पड़ेगा। डंके की चोट पर, अंधेरे में भी किसी से पूछोगे तो बता देगा कि ये बैंगलुरू है। यही तो बैंगलुरू का गर्व है। यही तो कर्नाटक का गौरव है। यहां के युवा जीवंत हैं, प्रतिभाशाली हैं, ऊर्जावान हैं, मेहनतकश हैं, साहस करने वाले लोग हैं। कर्नाटक के युवाओं को केंद्र सरकार की पहल से भरपूर फायदा हो रहा है।

कर्नाटक में छोटे कारोबार को बढ़ावा देने के लिए 1.27 करोड़ से अधिक के मुद्रा लोन दिए गए हैं। जिसकी रकम 50 हजार करोड़ रुपए से भी अधिक है। कर्नाटक में दिए गए मुद्रा लोनों की संख्या में पूरे देश का अगर हिसाब लगाया जाए तो करीब-करीब 11 प्रतिशत केवल कर्नाटक के युवाओं को गया है। स्टैंड अप इंडिया के तहत करीब-करीब 27 हजार से अधिक उद्यमियों को बिजनेस क्रेडिट के रूप में 641 करोड़ से भी अधिक राशि मिली है। इस योजना के तहत कर्नाटक में एवरेज लोन साइज 23 लाख रुपये हैं। कर्नाटक में इस कार्यक्रम के तहत लगभग एक लाख उम्मीदवारों को, नौजवानों को स्किल ट्रेनिंग दी गई है। कर्नाटक के लिए हमारे मैनिफेस्टो में राज्य पर स्पेशल पर फोकस किया गया है।

कर्नाटक में भाजपा की सरकार बनने पर पूरे राज्य में 60 स्टेट ऑफ द आर्ट नम्मा बीपीओ कॉम्पलेक्स स्थापित किये जाएंगे। इसके साथ ही स्थानीय उद्यमियों को बीपीओ बिजनस स्थापित करने के लिए कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने के लिए 250 करोड़ का, उसका एक कॉरपस फंड बनाया जाएगा। राज्य में भाजपा की सरकार बनने पर भारत में स्टार्टअप के सबसे बड़े इंक्यूबेटर्स और कार्यस्थल के तौर पर राज्य के हुबली, बैंगलुरू, रायचूर, मैसूर, कलबुर्गी और मैंगलुरू में 6 हब विकसित किए जाएंगे।  

सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में खेल सुविधाओँ के अपग्रेडेशन के लिए 100 करोड़ रुपए का फंड बनाया जाएगा। चीफ मिनिस्टर्स यंग लीडर प्रोग्राम - सीएमवाईएलपी कार्यक्रम लांच किया जाएगा। इसमें 50 अल्पपसंख्यक मैरिटोरियश कंडिटेट्स को राज्य के शासन में सहायता के लिए शामिल किया जाएगा।

मेरे युवा दोस्तो।

राज्य में भाजपा की सरकार बनने पर कोडाबू में फील्ड मार्शल करिअप्पा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी। यहां कई तरह के खेलों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। कोचेज को प्रशिक्षित किया जाएगा और स्पोर्ट्स मैनेजमेंट की भी ट्रेनिंग दी जाएगी। इस विश्वविद्यालय में एक स्कूल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन भी शामिल होगा। राज्य के हुबली, शिवमोगा, मालपे, कोप्पल और चमराज नगर में 5 वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स सेंटर बनाए जाएंगे जहां हॉस्टल की भी सुविधा होगी।

भाइयो बहनो।

कर्नाटक के किसी एक कार्यकर्ता ने मुझे एक वीडियो दिखाया था। मुझे बहुत अच्छा लगा। मैं चाहूंगा कि आज कर्नाटक के नौजवान भी इस वीडियो को देखे और उसको प्रचारित करें।

हां साथियों। मैं तो बोलता चला जा रहा हूं। आप भी कुछ बोलना चाहते हैं, कुछ पूछना चाहते हैं तो जरूर बताइए।

भारतीय जनता युवा मोर्चा, बैंगलुरू से महासचिव, तेजस्वी सूर्या – मोदी जी नमस्ते।

पीएम मोदी – जी तेजस्वी सूर्या नमस्ते।

तेजस्वी सूर्या – जी नमस्ते। मैं ये पूछना चाहता हूं कि आप कई बार कह चुके हैं कि लोकतंत्र मैं राजनीतिक हिंसा की जगह नहीं है। लेकिन हम देख रहे हैं कि कर्नाटक में पिछले 5 वर्षों से हमारे कई कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है, राजनीतिक कारण के लिए। आप इसको कैसे देखते हैं मोदी जी।

पीएम मोदी – आप तो स्वयं सूर्या हैं और आप तेजस्वी भी हैं। मुझे अच्छा लगा कि भारतीय जनता युवा कार्यकर्ता को राजनीतिक हिंसा की चिंता है। मैं समझता हूं कि ये अपने आप में भारतीय जनता पार्टी के लिए एक संतोष का विषय है कि मेरी पार्टी में ऐसे नौजवान हैं जो लोकतंत्र की  समझ रखते हैं। हिंसा के प्रति उनको चिंता है, नफरत है। मैं चाहूंगा कि हिन्दुस्तान के सार्वजनिक जीवन में, हिन्दुस्तान के राजनीतिक जीवन में ...। लोकतंत्र में वाद हो, विवाद हो, चर्चा हो, आक्षेप हो ये सभी बातें लोकतंत्र की स्वाभाविक प्रक्रिया है लेकिन लोकतंत्र में हिंसा को कभी भी कोई स्थान नहीं है। और जब इंसान अपने पर से भरोसा खो देता है, जब उसको लगता है कि न तर्क है, न हकीकत है, न सत्य कहने का सामर्थ्य है और न ही सत्य को स्वीकारने का सामर्थ्य है तो स्वभाविक है वो राजनीतिक दृष्टि से हिंसा का मार्ग अपनाता है। और इन दिनों हम भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को, राष्ट्रवादी विचार को लेकर जीने वाले नौजवानों को सबसे ज्यादा उसका शिकार किया जा रहा है। उनको मौत के घाट उतार दिया जाता है।

1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद जिस प्रकार से व्यापक रूप से देश में हिंसा का दौर चला था। तबसे लेकरके ...। ऐसा लग रहा है कि यह राजनीतिक प्रकृति का हिस्सा बनता जा रहा है। मैंने त्रिपुरा के चुनाव में देखा था। पोलिंग के एक दिन पहले तक हमारे कार्यकर्ताओं को मारा जा रहा था। पेड़ पर फंदे पर लटकाया जा रहा था। केरल में मैंने देखा था। कर्नाटक में हमारे एक दलित युवा कार्यकर्ता, उसको गर्म तेल में डुबो करके जला दिया गया। ये लोकतंत्र में शोभा नहीं देता। और हिंसा की चर्चा राजनीतिक दल के दायरे में करने से नुकसान होता है। हिंसा का पूरी तरह से विरोध होना चाहिए। इस दल की हो या उस दल की हो, मरने वाला इस दल का हो या उस दल का हो, लोकतंत्र में हिसा का कोई स्थान नहीं हो सकता है।

कर्नाटक में भी हमारे कई नौजवान साथियों ने अपनी जान गंवा दी है। मेरी उनके परिवार के प्रति पूरी संवेदना है। लेकिन लोकतंत्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए हिंसा के प्रति प्रत्येक राजनीतिक दल में एक विरोध का भाव होना चाहिए। हिंसा के प्रति विरोध का वातावरण होना चाहिए। और मैं चाहूंगा कि कर्नाटक के भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता कभी भी बदले की भावना के बिना ...। जिस तरह से पूरे मनोयोग से लोकतंत्र के मर्यादाओं का पालन करने के लिए जुटे हैं। हम सबने देखना चाहिए कि लोकतंत्र पर कोई दाग नहीं लगना चाहिए। धन्यवाद तेजस्वी।

भारतीय जनता युवा मोर्चा, दक्षिणी मंगलुरू से महासचिव नंदन माल्या – नमस्ते मोदी जी।

पीएम मोदी – नमस्ते। नंदन जी नमस्कार।  

नंदन माल्या – मंगलौर सभी कार्यकर्ता की तरफ से मोदी जी आपको बहुत धन्यवाद। आप यहां आकरके हमें संबोधित करके हम सबको प्रेरणा दिया है। बहुत-बहुत धन्यवादा मोदी जी।

पीएम मोदी – थैक्यू।

नंदन माल्या – मेरा प्रश्न है देश का डेमोग्राफिक डिविडेंट कैसे हो सकता है। इसके लिए सरकार ने क्या कदम उठाया है।

पीएम मोदी – देखिए ये बात सही है कि डेमोग्राफिक डिविडेंट, डेमोग्राफिक डिविडेंट के गीत गाते रहेंगे तो ये चलेगा नहीं। जैसे हमारे देश ने 20वीं सदी के उत्तरार्ध में 21वीं सदी, 21वीं सदी बोलते रहे लेकिन 21वीं सदी के लिए कुछ किया नहीं। और आज बीस साल होने के आए हैं तो भी 21वीं सदी का जो लाभ लेकर आगे बढ़ना चाहिए था, हमें वो फायदा नहीं मिला। क्योंकि वो काम हमको 20वीं सदी के उत्तरार्ध में करना चाहिए था। वैसा ही मैं मानता हूं डेमोग्राफिक डिविडेंट। हमारा सबसे पहला काम है क्वालिटी ऑफ एजुकेशन, क्वांटिटी और अपोर्च्यूनिटीज। दोनों पर ध्यान देना है। और हम दे रहे हैं।

हॉयर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस के सभी एक्जाम को कंडक्ट करने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी बनाई गई है। देश में एजुकेशन सिस्टम को मजबूती देने के लिए एचआरडी मंत्रालय की ओर से कई स्तर पर प्रयास चल रहे हैं। ज्ञान, स्वयं, स्मार्ट इंडिया हैकेथलॉन, क्वालिटी एजुकेशन, रिसर्च एंड इनोवेशन इन सबको तेज करने की कोशिशों में हम पूरे तरह प्रयासरत हैं। 20 इंस्टीय्यूट ऑफ एमिनेंस स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत कुछ सलेक्टेड पब्लिक सेक्टर इंस्टीट्यूशन्स को 10 हजार करोड़ की वित्तीय सहायता दी जाएगी। सभी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट को ऑटोनोमी देने के लिए कानून बनाया गया है। बहुत कम लोगों को ध्यान होगा कि शिक्षा के क्षेत्र में इतना बड़ा रिफॉर्म हुआ है। यह कदम इन संस्थानों को और मजबूत आधुनिक बनाने के लिए आवश्यक स्वतंत्रता दे रहा है। कुछ महीने पहले ही यूजीसी ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए शिक्षा के उच्च मानकों को पूरा करने वाले 60 उच्च शिक्षण संस्थानों को भी ऑटोनोमी देने का निर्णय किया है। उच्च शिक्षा इस पर सरकार का कितना जोर है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले तीन-चार वर्षों में कॉलेजों की संख्या में महत्वपूर्ण वृद्धि देखने को मिली है। 2014-15 और 2015-16 की बजट घोषणाओं के अनुरूप 6 नए आईआईटी स्थापित किए जा चुके हैं। इस बजट में प्राइम मिनिस्टर्स रिसर्च फैलो पीएमआरएफ घोषित की गई, जो हर साल एक हजार बीटेक छात्रों को चिह्नित कर उच्च शिक्षण संस्थानों में पीएचडी के लिए फैलोशिप देने वाले हैं।

स्टार्टअप इंडिया। युवाओँ के सपनों और नए आइडियाज को उड़ान दे रहा है। हमारी सरकार एजुकेशन सिस्टम में उन पहलुओं को जोड़ने पर बल दे रही है जो आज की आवश्यकताओँ के अनुरूप हो। फ्यूचर इनोवेटर्स की मदद के लिए स्कूलों में, कॉलेजों में इनोवेशन का इको-सिस्टम बनाने के लिए भरसक योजनाएं काम पर लगाई गई है। रिसर्च को भी अब प्राथमिकता दी जा रही है। अटल इनोवेशन मिशन के तहत देशभर में 2400 से भी अधिक अटल टिंकरिंग लैब को हमने मान्यता दी है। इसके माध्यम से छात्रों में साइंटिफिक टेम्पर बढ़ाने और उनकी क्रिएटिविटी को सही दिशा में बढ़ाने का प्रयास हो रहा है।

स्वास्थ्य संस्थानों के साथ-साथ सभी तरह के प्रीमियर एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस में जनरल और रिसर्च इनफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इसके लिए चार वर्षों में रिवाइटलाइजिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड सिस्टम इन एजुकेशन यानी RISE 2022 के तहत कुल एक लाख करोड़ रुपए के निवेश की योजना काम कर रही है। मुझे विश्वास है कि डेमोग्राफिक डिविडेंट की इस दिशा में ये सारे प्रयास बहुत बड़ी मदद करने वाले हैं।

पीएम मोदी – हां शरनू।

भारतीय जनता युवा मोर्चा कोप्पल से जिलाध्यक्ष सवाल शरनू – हरि ओम। मेरा सवाल है कि विपक्ष हमेशा यहां आरोप लगाता रहता है कि रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं बनाए जा रहे हैं। इस पर हमारा क्या रिस्पोंस होना चाहिए।

पीएम मोदी – देखिए कांग्रेस पार्टी के पास अपने कार्यकाल की भी अच्छी बात बताने के लिए कुछ बची नहीं है। इतने साल, 60 साल उन्होंने शासन चलाया। 60 साल में क्या अच्छा किया वो ही बोल देते। लेकिन कुछ है ही नहीं तो क्या बोलेंगे। तब उनके पास सरल रास्ता रहता है कि भाजपा पर आरोप लगाओ। झूठ फैलाओ। बार-बार झूठ फैलाओ। ये उनका तरीका है। लेकिन ये अगर वो बेरोजगारी की बात करते हैं। क्या सारी बेरोजगारी सिर्फ 4 साल में ही पैदा हुई है क्या ...। क्या इतनी बड़ी मात्रा में बेरोजगारी उन्होंने विरासत में दी थी कि नहीं दी थी ...। क्या कांग्रेस पार्टी 10 साल के उनके शासन में देश में बेरोजगारी पर कोई काम नहीं किया था। इस सत्य को स्वीकार करते हैं कि नहीं करते हैं ...। और मैं मानता हूं कि युवाओं की आशा-आकांक्षाओं को एक रूप से पूरा नहीं किया जा सकता है। ये जो कहते हैं, वन साइट फीड्स ऑल एप्रोच, ये काम नहीं करेगा।

हम पब्लिक और प्राइवेट के साथ पर्सनल सेक्टर में भी ऑपोर्च्यूनिटीज को बढ़ाने पर बल दे रहे हैं। आज पहले की तुलना में हमारे कैबिटल खर्च में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। और इसलिए एसेट क्रिएशन के लिए अधिक से अधिक पैसा खर्च किया जा रहा है। रोडवेज से लेकर रेलवे तक, रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन से लेकरके डिजिटल कनेक्टिविटी तक, वर्तमान सरकार के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण की गति कई गुना बढ़ गई है। क्या ऐसा संभव है कि सभी सेक्टर में, इंफ्रास्ट्रक्चर, निर्माण की गति डबल हो जाए, ट्रिपल हो जाए और लोगों को रोजगार न हो। ये संभव है क्या ...। क्या अवसर न हो ये संभव है क्या ...। ये सभी सेक्टर्स लेबर इंटेन्शिव सेक्टर हैं। और जब तक अधिक से अधिक संख्या में लोगों को रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाएगा तब तक इंफ्रास्ट्रक्चर कंस्ट्रक्शन की गति को इतनी तेजी से आगे बढ़ ही नहीं सकती है। आज जब इंफ्रास्ट्रक्चर क्रिएशन पर अधिक पैसा खर्च किया जा रहा है। और जब इतनी तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण भी हो रहा है। तो फिर ये आरोप कहां टिकता है। क्या ये रोजगार के अवसर बनाए बिना हो रहा है क्या ...।

आज भारत में विदेशी निवेश (एफडीआई) रिकॉर्ड स्तर पर हो रहा है। और ये लगातार बढ़ता ही चला जा रही है। पूरे विश्व ने देखा है कि कैसे वर्ल्ड बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनस में भारत ने लंबी छलाग लगाई है। एक ऐतिहासिक सुधार किया है। विभिन्न विदेशी एजेंसियां भी लगातार कह रही है कि भारत विश्व में निवेश और व्यापार के लिए विश्व में से बेस्ट डेस्टीनेशन में से एक है।

जब प्राइवेट सेक्टर की बात आती है तो चाहे आईटी हो या अन्य उद्योग। हर जगह जॉब क्रिएशन में तेजी आ रही है। विभिन्न एजेंसियां चाहे नैस्कॉम हो या जॉब पोर्टल हो, हर किसी ने सर्व सम्मति से एक सुर में यह बात कही है।

पिछली सरकारों ने जो किया, उसके विपरीत हमने पर्सनल सेक्टर पर विशेष ध्यान दिया है। हमने हमारे छोटे उद्यमियों पर भरोसा किया है। उनके बिजनस स्किल पर भरोसा किया है। हमने इंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा दी है। जिसका परिणाम हुआ कि रोजगार के अवसर बढ़े।

मुद्रा योजना तक अब तक, मेरे नौजवान गर्व करें, इस बात के लिए कि बिना बैंक गारंटी के 12 करोड़ से अधिक लोन दिए जा चुके हैं। प्रत्येक नए उद्यमी ने न सिर्फ अपने लिए रोजगार के अवसर पैदा किए हैं बल्कि कम से कम एक या दो और लोगों को रोजगार में शामिल किया है, उनको अवसर दिया है, मौका दिया है। डिमोनेटाइजेशन और जीएसटी से भी देश में जॉब के फार्मेलाइजेशन में एक बड़ा बदलाव आया है। जिसका परिणाम ये हुआ है कि वर्कर्स को सोशल सिक्युरिटी के रूप में अपने नियोक्ता से प्रोपर बेनिफिट्स मिल रहे हैं।

ईपीएफओ के आंकड़े बताते हैं कि इनरोलमेंट बढ़ा है और फार्मल जॉब्स, संगठित क्षेत्र में रोजगार के और अवसर बढ़ रहे हैं। जहां तक विपक्ष के आरोपों की बात है। हमारे पास राज्य सरकारों का भी डाटा है। जो उन्होंने रोजगार के लिए दिया है। उदाहरण के लिए कर्नाटक सरकार का दावा है कि उन्होंने 50 लाख से अधिक नौकरियां पैदा की। पश्चिम बंगाल सरकार का दावा है कि 60 लाख से अधिक रोजगार पैदा किए। अब ये तो समझने वाली बात है कि अगर राज्य में अच्छी संख्या में रोजगार के अवसर बन रहे हैं तो क्या देश में नहीं बन रहे हैं। क्या ये संभव है। ये कैसे संभव हो सकता है कि राज्य सरकार तो रोजगार के अवसर बना रही है लेकिन केंद्र सरकार रोजगार के अवसर नहीं बना रही है।

मेरे नौजवान साथियो।

बिना जांच किए, बिना कोई जानकारियों के आधार पर ऐसे ही मनगढ़ंत, मनगढ़ंत बातें चलाते रहना।  और 10 साल की उनकी जो विफलताएं रही है, वो आज हमारे माथे पर मढ़ने का उनका ये षड्यंत्र है। आप हिम्मत के साथ कहिए कि विकास के मुद्दों पर हम जो काम कर रहे हैं, विकास के प्रति जो हमारा कमिटमेंट है, हर चीज में रोजगार की संभावना है।

अरे हम आज आयुष्मान भारत योजना लेकर आ रहे हैं। देश के गांवों में वेलनेस सेंटर बनाएंगे। क्या ये गांव में रोजगार पैदा करेगा कि नहीं करेगा। हम आयुष्मान भारत योजना लेकरके आएंगे। 50 करोड़ गरीबों को 5 लाख रुपये तक साल में मेडिकल हेल्प मिलने वाली है। क्या इसको पहुंचाने के लिए पूरा मेडिकल फिल्ड चैन लगेगा कि नहीं लगेगा। डॉक्टर लगेंगे, टेक्निशियन लगेंगे, अस्पताल लगेंगे। टायर टू, टायर थ्री सिटी में नए-नए अस्पताल बनेंगे।

क्या ये रोजगार पैदा नहीं करेगा। ये रोजगार पैदा नहीं कर रहा है क्या। इसलिए उनके झूठ की परवाह मत कीजिए। देश में निराशा पैदा करना, यही उनका काम है। ये खुद निराश हैं इसलिए वो आशा के बारे में सोच ही नहीं सकते हैं।

और नौजवानों।

मैने कर्नाटक का मिजाज देखा है। बहुत कम ऐसे चुनाव होते हैं जिसमें जनता जनार्धन का ऐसा मिजाज देखने को मिलता है। 45 डिग्री का तापमान, आज घर में टीवी के आगे बैठकर भाषण सुनने और देखने का मौका मिलता है। फिर भी इतनी गर्मी में, इतनी बड़ी तादात में लोगों का आना ...।

मैं नहीं मानता हूं कि पोलिटिकल पंडितों को जनता के इस मिजाज का पूरा अंदाज है। और फिर मैं एक बार सभी युवा साथियों से अंतकरण पूर्वक बधाई देता हूं। मैं आपसे आग्रह करूंगा कि प्रचार का अपना महत्व है। वो होते रहना चाहिए। लेकिन आखिर चुनाव अर्थमैटिक होता है, एक विज्ञान है। पोलिंग बूथ में से ही विजय निकलता है। ज्यादा से ज्यादा लोग वोट करे। गर्मी शुरू होने से पहले वोट करे। घर-घर से लोग वोट करे। शांतिपूर्ण तरीके से मतदान हो। दोपहर 12 बजे के पहले जितना ज्यादा मतदान हो सके, इसके लिए हम सबको मेहनत करनी चाहिए। और लोकतंत्र में सर्वाधिक मतदान, ये सबकी जिम्मेवारी होती है।

मेरी युवा शक्ति, मेरी युवा चाहे पुरुष कार्यकर्ता हो चाहे महिला कार्यकर्ता हो, आपके बीच में स्पर्धा होनी चाहिए कि कौन पुरुषों का वोट ज्यादा करवाता है और कौन महिलाओं का वोट ज्यादा करवाता है। हर पोलिंग बूथ में युवा कोई नहीं बचना चाहिए जिसने वोट न डाला हो।

आप देखिए। 15 तारीख को भारतीय जनता पार्टी सरकार बनाने वाली है। येदुरप्पा जी के नेतृत्व में सरकार बनने वाली है। जनता जनार्धन के आशीर्वाद मिलने वाले हैं। इस विश्वास के साथ लोकतंत्र के प्रति पूरी आस्था, श्रद्धा और समर्पण के साथ, आप सभी नौजवान एक रचनात्मक कार्यकर्ता के रूप में, एक समाज को समर्पित कार्यकर्ता के रूप में अपने जीवन को भी आगे बढ़ाएं। इसी एक भावना के साथ आप सबसे मिलने का मौका मिला। मेरी आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं। धन्यवाद।

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June 18, 2026

नमस्ते!

बों जू!

ऐसा लग रहा है, आप सब छुट्टी के मूड में हैं।

साथियों,

ये पेरिस शहर, Lights का शहर है, रंगों का शहर है, यहां Art है, Ideas हैं, और innovation की प्रेरणा भी है। इस शहर को भारत के अलग-अलग राज्यों से आए आप सभी लोग और भी खूबसूरत बना देते हैं। नए नए रंगों से भर देते हैं।

कोई तमिल है, कोई पंजाबी है, कोई गुजराती है, तो कोई मराठी है, और कोई बंगाली है। भारत के हर कोने का प्रतिनिधित्व यहां दिखाई देता है।

साथियों,

मैं जब 14 जून को नीस पहुंचा था तो सबसे पहले भारत इनोवेट्स कार्यक्रम में शामिल हुआ था। आज जब मैं फ्रांस से वापसी की तैयारी में हूं तो लग रहा है जैसे भारत कनेक्ट्स कार्यक्रम में आ गया हूं।

फ्रांस में रहने वाले आप लोगों ने 21वीं सदी के भारत-फ्रांस रिश्तों को जिस तरह कनेक्ट किया है, वो हमारी Strategic Partnership की बहुत बड़ी ताकत बन रही है। मैं आप सभी के लिए भारत से 140 करोड़ देशवासियों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं। इस आत्मीय स्वागत के लिए, मैं आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,

आज मैं ऐसे समय में फ्रांस आया हूं जब कुछ ही दिन पहले हमारी सरकार के 12 वर्ष पूरे हुए हैं। चुने हुए प्रधानमंत्री के रूप निरंतर 12 साल तक देश की सेवा करना मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है। यह भारत के लोकतंत्र की शक्ति है जिसने एक चायवाले को यहां तक पहुंचा दिया।

साथियों,

बीते 12 वर्ष, 140 करोड़ भारतीयों के अद्भुत सामर्थ्य के रहे हैं। 12 साल के इस कालखंड में भारत का GDP दोगुना हुआ है। Airports की संख्या दोगुनी हुई है। Universities की संख्या भी दोगुनी हो गई है। Highway Construction की स्पीड तीन गुना बढ़ गई। और Metro Network, चार गुणा बड़ा हो गया है।

मैं आपको कुछ और फैक्ट्स दूंगा, उससे आप अंदाजा लगा पाएंगे कि भारत किस स्पीड और कितने बड़े स्केल पर काम कर रहा है। पिछले 12 वर्षों में भारत का Defence Export 35 गुणा यानि Thirty Five Times बढ़ गया है।

औऱ एक फैक्ट सुनिए भारत में मोबाइल मैन्यूफैक्टरिंग यूनिट्स में, 100 गुणा की बढ़ोतरी हुई है। 100 times. भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा mobile phone manufacturer है। इसी गति, इसी प्रगति का नतीजा है कि आज भारत दुनिया की Fastest Growing Major Economy है।

साथियों,

आज भारत की कहानी सिर्फ Economic Progress की कहानी नहीं है। सिर्फ यहाँ अटक नहीं जाती है। ये Social Transformation की भी कहानी है।

पिछले 12 साल में देश में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। यानि एक ऐसी प्रगति जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। फ्रांस में जितने घर हैं, उससे भी अधिक पक्के घर बीते 12 वर्ष में हमने जरूरतमंदों के लिए बनाए हैं।

अब हर परिवार के पास, गरीब से गरीब क्यों न हो, Bank Account है। Financial Inclusion एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का अभियान बना है।

साथियों,

इन 12 वर्षों की उपलब्धियों में, एक उपलब्धि ऐसी भी है जिसे किसी आंकड़े से, या अंकों से, नहीं मापा जा सकता। वह है 140 करोड़ भारतीयों का आत्मविश्वास।

आज का भारत और आज के भारत का युवा बहुत बड़े सपने देख रहा है। भारत का किसान नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत की महिलाएं नए नेतृत्व का परिचय दे रही हैं। इसलिए ये सिर्फ Achievements के 12 साल नहीं हैं, ये भारत की एस्पिरेशन्स को नई बुलंदी देने का कालखंड रहा है।

साथियों,

एक समय था जब दूर-दराज के गांवों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाना वाकई बहुत मुश्किल भरा था। आज उन्हीं गांवों में बिजली भी है, इंटरनेट भी है, और डिजिटल सेवाओं की पूरी दुनिया भी है। आज एक क्लिक पर, कभी भी, कहीं भी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध हैं।

आज मोबाइल फोन, भारत के नागरिकों को अनेक सुविधाओं से कनेक्ट कर रहा है। हमारे किसान, हमारे मछुआरे, हमारे dairy farmers, हमारी महिलाएं, हमारे स्टूडेंट्स, सभी टेक्नोलॉजी के माध्यम से सशक्त हो रहे हैं, और अपने लिए नए अवसर बना रहे हैं।

साथियों,

आपने 125 करोड़ से अधिक Aadhaar IDs के बारे में सुना है। लेकिन आज भारत सिर्फ पहचान को डिजिटल नहीं बना रहा। आज करीब 90 करोड़ भारतीयों की Unique Digital Health IDs बनाई जा चुकी हैं। जिससे मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित और accessible बन गए हैं। इससे हेल्थकेयर डिलीवरी और अधिक आसान और efficient हो रही है।

साथियों,

इन उपलब्धियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें से अधिकांश चीजें कुछ वर्ष पहले तक कल्पना जैसी लगती थीं। कौन सोच सकता था कि गांव-गांव तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचेगा ? कौन सोच सकता था कि दूर-सुदूर के गांवों में भी QR code जीवन का हिस्सा बन जायेगा ? गांव में कोई बहन, ड्रोन से खेती करने में मदद करेगी, ये भी असंभव लगता था।

लेकिन आज यह सब, भारत के करोड़ों लोगों के जीवन का सामान्य हिस्सा बनता जा रहा है। और आपको गर्व होगा साथियों, यही नए भारत की पहचान है।

जो कभी सपना था, वह आज सच्चाई है। जो कभी नामुमकिन लगता था, वो आज मुमकिन हुआ है, औऱ ये करने के पीछे सबसे बड़ी ताकत क्या है? किसकी वजह से ये सब संभव हुआ है? यह मोदी के कारण नहीं, वो ताकत है- भारत का लोकतंत्र, भारत की डेमोक्रेसी। इस डेमोक्रेसी में सबका साथ है, सबका विकास है।

साथियों,

आज से 50 या 100 साल बाद जब भारत के इस कालखंड की समीक्षा होगी, तो ये बात उभरकर सामने आएगी कि इस कालखंड को भारत की Aspirations ने ड्राइव किया। यह भारत के एस्पिरेशन्स का नया युग है।

जहां बिजली पहुंची है, वहां लोग सिर्फ बिजली नहीं चाहते, वे Smart Living चाहते हैं। जहां ट्रेन पहुंची है, वहां लोग High-Speed Connectivity चाहते हैं। जहां हाईवे बने हैं, वहां लोग World-Class Expressways चाहते हैं। जहां इंटरनेट पहुंचा है, वहां लोग AI और Digital Innovation में नेतृत्व चाहते हैं।

यानि आज भारत के लोग अपने जीवन को भी Next Level पर ले जाना चाहते हैं, और भारत को भी Next Level पर ले जाना उनका मकसद है, उनका संकल्प है, उनके सपने है।

और साथियों,

यही Aspirations आज भारत की विकास यात्रा की सबसे बड़ी शक्ति हैं। मैं आपको भारत की Space Journey का उदाहरण दूंगा।

भारत ने चंद्रयान को चंद्रमा के South Pole पर उतारा। दुनिया ने इसे एक बहुत बड़ी उपलब्धि माना। लेकिन भारत इसे अपनी मंजिल मानकर रुका नहीं। आज देश गगनयान की तैयारी कर रहा है। भारत अंतरिक्ष में अपना Space Station बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

हमारे Space Startups Global Space Economy में अपनी जगह बनाने के लिए पुरजोश काम कर रहे हैं, आगे बढ़ रहे हैं।

साथियों,

Green Energy के क्षेत्र में भी भारत की यही एस्पिरेशंस दिखाई देती है। Solar Power में भारत की उपलब्धियों की दुनिया भर में लगातार चर्चा हो रही हैं। लेकिन भारत अगली छलांग की तैयारी कर रहा है।

Green Hydrogen में बड़े निवेश हो रहे हैं। Advanced Nuclear Energy पर तेजी से काम हो रहा है। आपने भारत के Fast Breeder nuclear Reactor से जुड़ी प्रोग्रेस के बारे में भी सुना ज़रूर होगा। ये भारत के न्यूक्लियर एनर्जी लैंडस्केप में क्रांतिकारी परिवर्तन करने का बहुत बड़ा अचीवमेंट हमारे सीसेन्टिस्टों ने किया है।

साथियों,

आज का भारत भविष्य का पूरा Ecosystem बना रहा है। भारत एक साथ हर उस क्षेत्र में निवेश कर रहा है, जो आने वाले दशकों की दिशा तय करेगा।

अभी आपने कुछ दिन पहले ही देखा है नीस में भारत इनोवेट्स का एक आयोजन किया। ये इवेंट भारत के डीप टेक सामर्थ्य को दुनिया तक पहुंचाने का एक और माध्यम था। इसमें भारत के 120 Deep-Tech Startups उपस्थित थे। Bharat Innovates में करीब एक हजार चार सौ B2B Meetings हुईं है। कई Startups के लिए Investment Commitments आगे बढ़ीं, Commercial Orders के लिए रास्ते खुले। French और European Universities तथा Incubators के साथ Engagements बढ़ रही हैं।

Student Exchanges, Joint Research, और Innovation Support के नए रास्ते बने। इसलिए Bharat Innovates सिर्फ एक Summit नहीं रहा। यह Innovation Diplomacy का एक नया मॉडल बना है।

और आज ही पेरिस में VivaTech इवेंट के जरिए, इस यात्रा को हमने और आगे बढ़ाया। नीस में हमने Ideas को Capital से जोड़ा और पेरिस में Indian Innovation को Global Scale से जोड़ा। आज दुनिया देख रही है भारत केवल भविष्य के लिए तैयार नहीं हो रहा है। भारत भविष्य को आकार दे रहा है।

साथियों,

एक समय था, जब देशों के बीच रिश्ते केवल व्यापार से तय होते थे। आज व्यापार के साथ-साथ Trust यानि भरोसा भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है।

हर देश Reliable Supply Chains चाहता है। हर देश Stable Partnerships चाहता है। हर देश ऐसे साथियों की तलाश में है, जिन पर लंबे समय तक भरोसा किया जा सके। और ऐसे समय में, भारत विश्व में एक Trusted Partner के रूप में उभर रहा है।

एवियां में G7 बैठक के दौरान मैंने trust based partnerships बनाने पर ज़ोर दिया। ग्लोबल साउथ के देशों के साथ equal पार्टनर्स के रूप में आगे बढ़ने का आह्वान किया। भारत का G7 समिट में संदेश था Global Governance तभी प्रभावी होगी जब वह Inclusive होगी। Global Growth तभी Sustainable होगी जब वह शेयर्ड होगी। और Global Technology तभी मानवता के लिए उपयोगी होगी जब वह Trusted होगी।

साथियों,

भारत और दुनिया के बीच व्यापारिक रिश्तों में नई ऊर्जा नज़र आ रही है। फ्रांस के साथ भारत का ट्रेड लगतार बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने दुनिया के अनेक देशों के साथ Free Trade Agreements किए हैं। यूरोपियन यूनियन हो, यूनाइटेड किंगडम हो दुनिया के हर देश, हर रीजन के साथ भारत समझौते कर रहा है।

अगले महीने से भारत और UK के बीच ट्रेड एग्रीमेंट भी लागू हो जाएगा। यह एग्रीमेंट भारत के farmers, workers और innovators को अनेक नए अवसर प्रदान करेगा।

साथियों,

आज दुनिया Uncertainty और Disruption के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत और फ्रांस की साझेदारी विश्वास, स्थिरता और सहयोग का एक मजबूत स्तंभ बन रहा है।

इस वर्ष हमने भारत और फ्रांस के संबंधों को Special Global Strategic Partnership का दर्जा दिया था। नीस में मेरे मित्र President Macron और मैंने हमारे संबंधों को force for global good बनाने पर चर्चा की। Defence से लेकर space और नुक्लियर तक AI और क्रिटीकल मिनरल्स से लेकर high speed railway तक, हर क्षेत्र में हम मिलकर आगे बढ़ेंगे।

साथियों,

Solar energy हो, या AI के क्षेत्र में सहयोग हो, भारत और फ्रांस मिलकर ऐसे समाधान विकसित कर रहे हैं जो पूरी मानवता के हित में हैं। पिछले वर्ष पेरिस में और इस वर्ष दिल्ली में हमने AI Summit को Co-chair किया।

अब हम साथ मिलकर अगले वर्ष “तृष्णा” satellite को लॉन्च करने जा रहें हैं। यह “तृष्णा” satellite जो विश्व में फूड और वाटर सिक्युरिटी सुनिश्चित करने में योगदान देगा।

और साथियों,

यह सभी गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट पहलो में आप सभी का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। ये आप हैं जो भारत और यूरोप के बीच सबसे मजबूत सेतु हैं। आप दोनों समाजों को समझते हैं। दोनों बाजारों को समझते हैं। आने वाले समय में Talent, Trade, Technology, Tourism और Investment के नए अवसरों को आगे बढ़ाने में आपकी भूमिका लगातार बढ़ने वाली हैं।

साथियों,

भारत और फ्रांस के रिश्तों को साझा इतिहास, साझा मूल्यों और साझा विश्वास ने आगे बढ़ाया है। विश्व युद्धों के दौरान फ्रांस की धरती पर बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों की स्मृतियां आज भी हमें जोड़ती हैं।

मुझे पहले नव शापेल में श्रद्धांजलि देने का अवसर मिला, पिछले वर्ष प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मार्सेय के वॉर मेमोरियल जाने का अवसर भी मिला। ये हमारी साझा विरासत है।

फ्रांस, भारतीयों के योगदान को संजोता भी है और सराहता भी है। भारतीय मूल की नूर इनायत खान हों, जिन्होंने फ्रांस की Resistance के लिए अपना जीवन बलिदान किया, या महाराजा रणजीत सिंह के साथ काम करने वाले जनरल जां फ्रांस्वा अलार हों ये सभी भारत और फ्रांस की साझा विरासत के प्रतीक हैं।

भारत के राज्य पुडुचेरी में भी फ्रेंच विरासत की झलक दिखाई देती है। वहां का Architecture, वहां की कला-संस्कृति और खान-पान सभी में हमारे संबंधों की महेक है।

साथियों,

इस समय फ्रांस समेत पूरी दुनिया में International Yoga Day की तैयारी भी चल रही है। इस अवसर पर मैं, फ्रांस में योग को आगे बढ़ाने वाले श्रीमान महेश घाट्राड्याल जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं। मैं पद्म पुरस्कार से सम्मानित, शार्लोत शोपां जी को भी प्रणाम करता हूं। जिन्होंने सौ वर्ष की आयु में भी, योग के माध्यम से फ़्रांस को भारत की विरासत से जोड़ा है। उनका जीवन यह सिद्ध करता है: Yoga does not add years to life, it adds life to years.

साथियों,

मैं फ्रेद नेग्री जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धापूर्वक याद करता हूं। भारतीय विरासत को संरक्षित करने में उनका योगदान अतुल्य रहा है।

साथियों,

भारत और फ्रांस को कनेक्ट करने वाली एक और चीज है, और वो है फुटबॉल। इस वक्त यहां फुटबॉल फीवर पूरे जोर पर है। फ्रांस में इसकी दीवानगी, चप्पे-चप्पे पर दिखती है। लेकिन भारत में भी फुटबॉल का क्रेज़ सिर चढ़कर बोलता है।

खासतौर पर फ्रांस की टीम के फैन्स भारत में बहुत अधिक हैं। फ़्रांस ने इस वर्ल्ड कप की शुरुआत एक जोरदार जीत से शुरू की है। मैं फ्रांस की टीम को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

जाने से पहले, आप सभी के लिए कुछ और अच्छी खबरें भी लेकर के आया हूँ। वो आपके लिए हैं। पिछले वर्ष, मार्सेय में कॉन्सुलेट खोला गया, इससे काफी अधिक सुविधा मिल रही है। कुछ हफ्ते पहले, Indian Nationals के लिए French Airports पर Visa-free Transit की व्यवस्था शुरू हो गई है।

Students और Professionals की Mobility बढ़ाना हो, या Educational Qualifications की Mutual Recognition की बात हो, या फिर French Universities के भारत में Campus खोलना हो, इन सभी पर हम मिलकर आगे बढ़ रहें हैं।

अब फ्रांस में UPI के उपयोग का दायरा भी और बढ़ने जा रहा है। यानि भारत-फ्रांस कनेक्ट भी Instant और आपसी Payment भी Instant!

साथियों,

इन सभी पहलों से, हम भारत और फ़्रांस को और करीब ला रहें हैं। और मैं फिर कहूंगा इस साझेदारी की नींव, इस रिश्ते की असली ताकत आप सभी हैं। आप सब मेरे देशवासी हैं।

आज जब भारत तेज़ी से विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तो मैं आप सभी से भारत के साथ और गहराई से जुडने का आग्रह करूंगा। इससे भारत की विकास यात्रा को नई शक्ति मिलेगी, और आपको अपनी पुरखों की धरती की सेवा करने का अवसर भी मिलेगा।

इन्हीं शब्दों के साथ आप सभी के प्रेम आपके उत्साह और इस आत्मीय स्वागत के लिए मैं एक बार फिर आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं।

भारत माता की जय!

बहुत बहुत धन्यवाद।