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The country has witnessed 60 months of rapid development, something unseen even after 60 years of rule by the Congress: PM Modi in Mahbubnagar
Those that do not even have a common vision and are confused over their leader are dreaming about leading this great nation: Prime Minister Modi
The last five years of BJP government has shown what the Indians are capable of achieving with an inclusive and transparent government: PM Modi

भारत माता की… जय, भारत माता की… जय।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ के. लक्ष्मण जी, प्रदेश संसदीय चुनाव प्रभारी श्रीमान अरविंद लिंबावली जी, सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री और हम सब के वरिष्ठ नेता श्री बंडारू दत्तात्रेय जी, महबूब नगर से भाजपा के उम्मीदवार श्रीमती डीके अरूणा जी, नगर कुरनूल से भाजपा की उम्मीदवार कुमारी बंगारू श्रुति जी, मकतल से भाजपा के उम्मीदवर श्रीमान बी कोन्डैया, भाजपा के उम्मीदवार श्रीमान मधुसूदन यादव, शादनगर से भाजपा के उम्मीदवार श्रीमान एन श्रीवर्धन रेड्डी, अचम्पेट से भाजपा के उम्मीदवार श्रीमान एम मलेश्वर, कोल्लापुर से भाजपा के उम्मीदवार श्रीमान सुधाकर राव, देवराकदरा से भाजपा के उम्मीदवार श्रीमान इगनी नर्सीमुल्ल, नगर कुनूर से भाजपा के उम्मीदवार श्रीमान दिलीप आचारी और मेरे प्यारे भाइयो और बहनो।

आज मुझे खुशी हुई कि मेरा पुराना साथी जितेंद्र मेरे साथ मंच पर है। ये आदिकवियों, पाल-कुर्की, सोमन्ना की भूमि है। ये बम्मेरा-पोथाना की भूमि हैं, ये महान कवि बुद्ध की भूमि है। यहां के सपूतों ने अपनी लेखनी से समाज को दिशा दिखाई है। ऐसी तमाम विभूतियों को आज मैं इस पवित्र मंच से प्रणाम करता हूं।

आपका हुक्म हमारे सर आंखों पर साथियों आपका ये चौकीदार आज आपका आशीर्वाद लेने फिर एक बार आपके बीच आया है। आपके आशीर्वाद से आपके सहयोग से मैंने 5 साल तक सरकार चलाई है। बहुत ईमानदारी से निष्ठापूर्वक चलाने का मैंने पूरा प्रयास किया है। दिन-रात एक किया है कि आपका जीवन आसान हो, आपके जीवन की दिक्कतें कम हो। मुझ पर विरोधियों के तमाम हमलों के बीच गाली-गलौज को बीच, आपके आशीर्वाद ने ही मुझे संभाले रखा। अपने संकल्प से रत्ती भर भी डिगने नहीं दिया। भाइयो-बहनो, आपने कांग्रेस और दूसरों के अनेक वर्षों के शासन को देखा हैं और इस चौकीदार के 60 महीने भी देखे हैं। विकास के ऐसे अनेक काम इन 60 महीने में किए गए हैं। जो दशकों से लटके और अटके पड़े थे। अभी भी अनेक ऐसे काम हैं, जिनको आगे बढ़ाने के लिए पूरे जोश से काम चालू है। साफ-सफाई हो, टॉयलेट का निर्माण हो, ऐसी बहुत बुनियादी मामले से लेकर अंतरिक्ष में सैटेलाइट को नष्ट करने वाली मिसाइल के परीक्षण तक जैसे अनेक फैसले आपके चौकीदार ने लिए हैं। आपके आशीर्वाद ने ही मुझे सारे दबावों को सहने की एक अद्भुत शक्ति दी। यही वजह है कि मैं निर्णय लेने वाली सरकार चला पाया। देश की रक्षा और सुरक्षा से लेकर माताओं-बहनों और किसान कामगार तक की सुरक्षा के लिए बड़े फैसले लेने के लिए हमने कभी कोई कसर नहीं छोड़ी। अब इस 11 अप्रैल को आप सभी सिर्फ एक सांसद चुनने वाले नहीं हैं। सिर्फ एक प्रधानमंत्री के लिए वोट नहीं करने वाले हैं लेकिन आप एक नए भारत के लिए वोट डालेंगे, जो तेलंगाना के एक-एक जन की आकांक्षाओं के अनुरूप होगा। साथियो, आज मैं ये कह सकता हूं कि भारत की बुलंद आवाज को पूरी दुनिया सुन रही है। हमारे बढ़ते सामर्थ्य को आज दुनिया पहचान रही है। हमारी प्रतिभा और आत्मविश्वास को दुनिया भली-भांति समझ रही है। अगले पांच वर्षों में भारत का यहीं गौरवगान, यहीं कीर्ति, यहीं यश नए भारत के संकल्प में सबको मिलकर ढालना है। साथियो, बीते पांच वर्षों में देश के एक छोटे से इलाके को छोड़ दें तो बाकी हिस्से में धमाकों की खबर अतीत हो गई है। पहले आय दिन बम धमाके होते थे कि नहीं होते थे...? निर्दोष लोग मरते थे कि नहीं मरते थे..? आंतकियों का जुल्म चारों तरफ छाया था कि नहीं छाया था...? पांच साल हो गए, अब उसको कश्मीर के कोने में दबोच के रखा है। बाहर निकलने का अगर कोई कोशिश करे तो उस वही जवाब मिल जाता है। अब माताएं, बहनें, व्यापारी, किसान, कामगार हर कोई बिना भय के अपने जिंदगी के निर्णय कर रहा है, आगे बढ़ रहा है क्योंकि चौकीदार चौकन्ना है। ऐसा इसलिए संभव हो पाया है कि क्योंकि अब तुष्टिकरण के लिए आतंकियों की जात-पात, पंथ-मथ संप्रदाय को अब नहीं देखा जाता है। आतंकियों के मददगारों पर शिकंजा कसा जाता है और सीमा पार जाकर भी आतंकी अड्डों को नष्ट करने का साहस आज भारत दिखाता है। यही नई पहचान नए भारत को ऊर्जा देती है।

भाइयो और बहनो, सुरक्षा, समृद्धि और सम्मान, यही हमारे विकास के मॉडल के अहम पहलू हैं। दूसरी तरफ कौन है...? दूसरी तरफ नेता तय नहीं, नीति है नहीं और इनकी नीयत से तो देश भली-भांति परिचित है। सिर्फ अपने परिवारों के बारे में सोचने वाले ये लोग गरीब, दलित, पीड़ित शोषित का भला कभी नहीं कर सकते।

साथियो, विधानसभा चुनाव में आपने जनादेश दिया लेकिन यहां क्या हो रहा है, ये देश देख रहा है। चुनाव कराने कि जितनी जल्दी दिखाई, उतनी ही देरी मंत्रिमंडल के गठन में दिखाई, हो सकता है इसका कारण भी ज्योतिष ही रहा होगा। ज्योतिष की सलाह पर लंबे समय तक राज्य का काम ठप हो गया। आप मुझे बताइए दो-तीन महीने पहले विधानसभा का चुनाव करवाया, अगर यही चुनाव इस लोकसभा चुनाव के साथ कराते तो इतना सारा खर्चा जो तेलंगाना की जनता के सर पर पड़ा, अरबों–खरबों का खर्चा हुआ वो बच जाता कि नहीं बच जाता। दोनों चुनाव साथ होते कि नहीं होते?  

उस समय भी किसी ज्योतिष ने कहा कि विधानसभा जीतनी है तो थोड़ा जल्दी चुनाव करा लो वरना अप्रैल-मई महीने में अगर लोकसभा के साथ चुनाव कराओगे तो मोदी के स्टार इतने चमक रहे हैं कि लोकसभा के साथ तुम्हारे तेलंगाना में तुम्हारी विधानसभा भी डूब जाएगी। इसलिए उन्होंने ज्योतिष के सलाह पर दो चुनाव अलग किए। उन्हें भी मालूम हैं कि अप्रैल-मई के समय में मोदी का सितारा चमकने वाला है। इससे बचने के लिए विधानसभा के चुनाव अलग कर दिए। आप मुझे बताइए तेलंगाना का भविष्य जनता तय करेगी या ज्योतिष तय करेगा? उनके हिसाब से अप्रैल-मई का महीना ऐसा है कि उनकी पार्टी का बचना मुश्किल हो गया है और इसलिए मैं तेलंगाना के भाई-बहनों को निमंत्रण देता हूं कि मजबूत भारत के लिए आप इस बार वोट कीजिए।

आज साफ नजर आ रहा है कि लोगों की सेवा करने वाले लोग, समर्पित जीवन जीने वाले लोग, कैसे कांग्रेस को अलविदा कह रहे हैं। तमाम घोटालों की वजह से सवालों से घिरी कांग्रेस, जब देश के वीर जवानों के सामर्थ्य पर सवाल उठाती है। सपूत की बजाय सबूत की चिंता करती दिखती है तो आप समझ सकते हैं कि कांग्रेस किस स्तर पर पहुंच गई है।

साथियो, ये महबूब नगर केसीआर के लिए तो बहुत भाग्यशाली रहा, तब तेलंगाना का निर्माण हुआ तो वो यहीं के सांसद थे। राज्य बनते ही वो यहां के पहले मुख्यमंत्री बन गए। केसीआर के, उनके पूरे परिवार के लोगों के भाग्य खुल गए, लेकिन भाइयो-बहनो, आपका भाग्य खुला क्या?

आप मुझे बताइए वो आपको भूल गए हैं कि नहीं भूले हैं...? आपको अपने नसीब पर छोड़ दिया है कि नहीं छोड़ा है...? अपने परिवार के लिए आपको नीचे गिराया है कि नहीं गिराया है...? भाइयो-बहनो केसीआर वंशवाद और तुष्टिकरकण की राजनीति का एक चेहरा है। टीआरएस और एमआईएम का गठबंधन तेलंगाना के फायदे के लिए नहीं अपने फायदे के लिए किया गया है। भारत माता का अपमान करने वालों और संविधान को ताक पर रखकर आरक्षण की बात करने वालों का ये घालमेल सिर्फ वोट बैंक की चिंता कर सकता है, तेलंगाना की कभी नहीं कर सकता।

साथियो, एक तरफ इस पालामुरू क्षेत्र की उपेक्षा करने वाले लोग हैं, तो दूसरी तरफ आपकी चिंता करने वाला एक चौकादार खड़ा है। केंद्र की एनडीए सरकार ने तेलंगाना के किसानों के लिए, नौजवानों के लिए, यहां के विकास के लिए मदद करने के लिए हमेशा आगे रही है। नया एम्स हो, सैनिक स्कूल हो ऐसे अनेक प्रोजेक्ट इस क्षेत्र के लिए स्वीकृत हुए हैं। आज तेलंगाना में नेशनल हाई-वे बनाने का काम और रेल लाइनों के चौड़ीकरण का काम तेजी से चल रहा है। तेलंगाना में रेलवे बजट 2014 की तुलना में कई गुना बढ़ाया गया है। महबूब नगर को सिकंदराबाद से जोड़ने के लिए तेजी से पटरियां बिछाई जा रही हैं, रेलवे की पटरियों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। हमने जितना काम किया है वो और अधिक हो सकता था लेकिन यहां की सरकार ने ध्यान ही नहीं दिया।

भाइयो-बहनो, स्थिति ये है कि जो भी केंद्र सरकार की योजना होती है उस पर भी अपना लेबल चिपकाने की महारथ यहां की सरकार ने हासिल कर ली है। चलिए ऐसा ही सही लेकिन कम से कम काम तो हो। हमने देश भर में गरीबों को डेढ़ करोड़ पक्के घर दे दिए हैं। लेकिन यहां की सरकार ने कहा था कि हम तो फ्लैट देंगे। भाई कितनों को फ्लैट मिला...?  आयुष्मान भारत के तहत देशभर के लगभग 50 करोड़ गरीबों को हर वर्ष 5 लाख रुपये का मुफ्त इलाज सुनिश्चित हुआ लेकिन यहां कि ये सरकार गरीबों को ये लाभ नहीं दे रही है।

साथियो, श्रम को सम्मान मिले, वंश-विरासत से ज्यादा काम को मान मिले इसके लिए आपके इस चौकीदार ने राजनीति की नई सोच देश को देने का प्रयास किया है। 2014 से पहले हमारी सरकार बनने से पहले देश की 40 प्रतिशत आबादी के पास शौचालय नहीं था। बेटियों और बहनों को अपमान और दर्द सहना पड़ता था। आज आप सभी के आशीर्वाद से लगभग हर घर को इस चौकीदार ने टॉयलेट से जोड़ने का काम पूरा कर दिया है। 2014 से पहले मेरी गरीब माताएं-बहने धुएं में जीवन बिताने के लिए मजबूर थी। आज सात करोड़ से अधिक गरीब माताओं को मुफ्त में एलपीजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं। उसमें से 9 लाख से ज्यादा कनेक्शन तेलंगाना में दिए गए हैं। आप जानते हैं हमारे देश में आरक्षण के नाम पर जाति से जाति को लड़ाने का पाप होता था। वोट बैंक की राजनीति होती थी और गरीब सवर्ण वर्ग की उपेक्षा होती थी। कोई उनको सुनने के लिए तैयार नहीं था। हमारी सरकार ने जातिवाद का जहर फैलाए बिना, किसी के हक को छिने बिना हमने एक ऐतिहासिक काम किया। सामान्य वर्ग के गरीब को भी समान अवसर मिलें इसके लिए पहली बार सामान्य वर्ग के लिए हमने 10 फीसदी आरक्षण दिया।

एक तरफ चौकीदार है, और दूसरे तरफ वंशवाद और भ्रष्टाचार का बोल-बाला है। मुझे विश्वास है कि 11 अप्रैल को आप कमल के फूल के सामने का बटन दबाकर इस चौकीदार को और हमारे इन तमाम चौकीदारों को आशीर्वाद देंगे। ऐसी गर्मी में भी इतनी बड़ी तादाद में आप आशीर्वाद देने आए, आपने हमें स्नेह दिया। इसके लिए मैं हृदयपूर्वक अपने सभी साथियों की तरफ से आपका अभिनंदन करता हूं। मैं एक नारा बुलवाता हूं आप बोलेंगे...

मैं भी चौकीदार हूं...

मैं भी चौकीदार हूं...

मैं भी चौकीदार हूं...

मैं भी चौकीदार हूं...

बहुत बहुत धन्यवाद।

20 વર્ષની સેવા અને સમર્પણ દર્શાવતા 20 ચિત્રો.
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સંસદના શિયાળુ સત્ર 2021 પહેલા મીડિયાને પ્રધાનમંત્રીના નિવેદનનો મૂળપાઠ
November 29, 2021
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નમસ્તે મિત્રો,

સંસદનું આ સત્ર ઘણું મહત્વનું છે. દેશ આઝાદીનો અમૃત ઉત્સવ મનાવી રહ્યો છે. ભારતમાં ચારેય દિશામાંથી આઝાદીના અમૃત ઉત્સવના ઉદ્દેશ્યથી રચનાત્મક, સકારાત્મક, જનહિત માટે, રાષ્ટ્રહિત માટે, સામાન્ય નાગરિકો અનેક કાર્યક્રમો કરી રહ્યા છે, પગલાં લઈ રહ્યા છે, અને સપના સાકાર કરી રહ્યા છે. સ્વાતંત્ર્ય સેનાનીઓએ સપનું જોયું હતું, જેને સાકાર કરવા સામાન્ય નાગરિક પણ આ દેશની કોઈને કોઈ જવાબદારી નિભાવવાનો પ્રયાસ કરી રહ્યો છે. આ સમાચાર પોતે જ ભારતના ઉજ્જવળ ભવિષ્ય માટે એક સારા સંકેત છે.

અમે ગઈકાલે જોયું. તાજેતરમાં બંધારણ દિવસે પણ સમગ્ર દેશે એક નવા ઠરાવ સાથે બંધારણની ભાવનાને પરિપૂર્ણ કરવાની દરેકની જવાબદારીનો ઠરાવ કર્યો છે. ભારતની સંસદનું આ સત્ર અને આવનારું સત્ર પણ દેશપ્રેમીઓની ભાવનાનું હતું. આઝાદી, આઝાદીના અમૃત પર્વની ભાવના, તે ભાવના પ્રમાણે સંસદમાં પણ દેશના હિતમાં, દેશની પ્રગતિ માટે ચર્ચા કરવી જોઈએ. દેશની પ્રગતિ માટે માર્ગો શોધો, નવા માર્ગો શોધો અને આ માટે આ સત્ર વિચારોથી સમૃદ્ધ હોવું જોઈએ, દૂરોગામી અસર સાથે હકારાત્મક નિર્ણય લેવો જોઈએ. હું આશા રાખું છું કે ભવિષ્યમાં સંસદ કેવી રીતે ચલાવવામાં આવે છે, યોગદાનને તે માપદંડ પર કેટલી સારી રીતે તોલવામાં આવે છે, તે નહીં કે કોણે બળથી સંસદનું સત્ર અટકાવ્યું છે, આ માપદંડ ન હોઈ શકે. સંસદે કેટલા કલાક કામ કર્યું, કેટલું સકારાત્મક કામ થયું તેનો માપદંડ હશે. અમે ઈચ્છીએ છીએ કે સરકાર દરેક વિષય પર ચર્ચા કરવા તૈયાર છે, ખુલ્લી ચર્ચા કરવા તૈયાર છે. સરકાર દરેક સવાલનો જવાબ આપવા તૈયાર છે અને આઝાદીના અમૃત પર્વમાં અમે પણ ઈચ્છીએ છીએ કે સંસદમાં પ્રશ્ન થાય, સંસદમાં શાંતિ રહે.

અમે ઈચ્છીએ છીએ કે સંસદમાં સરકારની નીતિઓ વિરુદ્ધ અવાજ તેટલો જ બુલંદ હોવો જોઈએ, પરંતુ સંસદની ગરિમા, સ્પીકરની ગરિમા, ખુરશીની ગરિમાને ધ્યાનમાં રાખીને આપણે તે જ કરવું જોઈએ જે આવનારા દિવસોમાં દેશની યુવા પેઢીને કામ આવે. છેલ્લી સત્ર બાદ, કોરોનાની ગંભીર પરિસ્થિતિમાં પણ, દેશે કોરોના રસીના 100 કરોડથી વધુ ડોઝ આપ્યા છે અને હવે આપણે 150 કરોડ તરફ ઝડપથી આગળ વધી રહ્યા છીએ. નવા વેરિઅન્ટના સમાચાર પણ આપણને વધુ સતર્ક અને સજાગ બનાવે છે. હું સંસદના તમામ સભ્યોને પણ સતર્ક રહેવા વિનંતી કરું છું. હું આપ સૌ મિત્રોને પણ સતર્ક રહેવા વિનંતી કરું છું. કારણ કે સંકટની આ ઘડીમાં આપ સૌનું શ્રેષ્ઠ સ્વાસ્થ્ય, દેશવાસીઓનું શ્રેષ્ઠ સ્વાસ્થ્ય અમારી પ્રાથમિકતા છે.

આ કોરોના કાળના સંકટમાં દેશના 80 કરોડથી વધુ નાગરિકોને વધુ તકલીફ ન પડે, તેથી પ્રધાનમંત્રી ગરીબ કલ્યાણ યોજના દ્વારા મફતમાં અનાજ આપવાની યોજના ચાલી રહી છે. હવે તે માર્ચ 2022 સુધી આગળ વધારવામાં આવી છે. લગભગ બે લાખ 60 હજાર કરોડ રૂપિયાના ખર્ચે 80 કરોડથી વધુ દેશવાસીઓ ગરીબોના ઘરનો ચૂલો સળગતા રહેવાની ચિંતા રાખવામાં આવી છે. હું આશા રાખું છું કે આ સત્રમાં આપણે દેશના હિતમાં ઝડપથી નિર્ણયો લઈએ અને સાથે મળીને કરીએ. જેઓ સામાન્ય માણસની ઈચ્છાઓ અને અપેક્ષાઓ પૂરી કરે તેવા નિર્ણયો કરીએ. એવી મારી અપેક્ષા છે. તમારો ખૂબ ખૂબ આભાર.