Published By : Admin |
November 20, 2024 | 07:54 IST
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આ વાત પ્રશંસનીય છે કે ભારતીય સંસ્કૃતિ સમગ્ર વિશ્વમાં પ્રભાવ પાડી રહી છેઃ પ્રધાનમંત્રી
વેદાંત અને ગીતા પ્રત્યેના જોનાસ મેસેટ્ટીના જુસ્સા માટેની પ્રશંસા કરતા પ્રધાનમંત્રી શ્રી નરેન્દ્ર મોદીએ આજે કહ્યું કે આ વાત પ્રશંસનીય છે કે ભારતીય સંસ્કૃતિ સમગ્ર વિશ્વમાં પોતાનો પ્રભાવ પાડી રહી છે. પ્રધાનમંત્રીએ સંસ્કૃતમાં રામાયણનું પ્રદર્શન જોયા બાદ જોનાસ મેસેટ્ટી અને તેમની ટીમ સાથે મુલાકાત કરી હતી.
X પર એક પોસ્ટમાં તેમણે લખ્યું:
“જોનાસ મેસેટ્ટી અને તેમની ટીમને સાથે મુલાકાત થઈ. વેદાંત અને ગીતા પ્રત્યેના તેમના જુસ્સા માટે મેં #MannKiBaat પ્રોગ્રામ દરમિયાન તેમનો ઉલ્લેખ કર્યો હતો. તેમની ટીમે સંસ્કૃતમાં રામાયણની ઝલક રજૂ કરી. તે પ્રશંસનીય છે કે કઈ રીતે ભારતીય સંસ્કૃતિ સમગ્ર વિશ્વમાં પ્રભાવ પાડી રહી છે.”
Met Jonas Masetti and his team. I had mentioned him during one of the #MannKiBaat programmes for his passion towards Vedanta and the Gita. His team presented glimpses of the Ramayan in Sanskrit. It is commendable how Indian culture is making an impact all over the world. pic.twitter.com/4Voy0OKt9X
PM Modi, President To Lam of Vietnam attend joint press meet at Hyderabad House, New Delhi
May 06, 2026
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Your Excellency, जनरल सेक्रेटरी एण्ड प्रेसीडेंट तो लम, दोनों देशों के delegates, मीडिया के साथियों,
नमस्कार!
सिन चाओ!
President तो लम का भारत में हार्दिक स्वागत करते हुए मुझे अत्यंत खुशी हो रही है। वियतनाम के President बनने के बाद, एक महीने के भीतर ही उनका भारत आना, और एक high-level delegation समेत कई business leaders के साथ आना, यह स्पष्ट करता है कि वे भारत-वियतनाम संबंधों को कितनी प्राथमिकता देते हैं।
इतना ही नहीं, उन्होंने भारत यात्रा की शुरुआत, बोध गया से की है। यह हमारे दोनों देशों की साझा सभ्यतागत और आध्यात्मिक परंपरा को दर्शाता है। उनकी इस यात्रा और हमारी सार्थक चर्चाओं से, हम अपनेआपसी good-will को कई ठोस परिणामों में बदल रहे हैं।
Friends,
भारत और वियतनाम की साझेदारी में, विरासत और विकास - दोनों का महत्व है। पिछले वर्ष, जब भारत से बौद्ध अवशेष वियतनाम गए, तो उनके दर्शन, डेढ़ करोड़ से अधिक, यानि पूरे वियतनाम की पाप्युलैशन के 15 पर्सेन्ट लोगों ने किया था। हमारी साझा विरासत को जीवंत रखने के लिए, हम वियतनाम के प्राचीन चम्पा सभ्यता के मी सॉन और न्हान टवर मंदिरों का रेस्टोरैशन कर रहे हैं। अब हम चम्पा सभ्यता की manuscripts को digitalize करेंगे, और इस अमूल्य धरोहर को आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित करेंगे।
Friends,
एक दशक पहले, मेरी वियतनाम यात्रा के दौरान, वियतनाम आसियान में, भारत का पहला Comprehensive Strategic Partner बना था। तब से, हमारे संबंधों ने तेज़ और व्यापक प्रगति की है। Civilizational ties के साथ-साथ, हमारे Trade, technology और tourism संबंध भी और मजबूत हुए हैं।
इस मजबूत नींव पर आगे बढ़ते हुए, आज हम अपने संबंधों को Enhanced Comprehensive Strategic Partnership के स्तर पर ले जा रहे हैं। अब हम अपनी साझेदारी को और ऊँचे लक्ष्यों की ओर अग्रसर करेंगे। Culture, connectivity और capacity building के साथ-साथ, security, sustainability और supply chain resilience - हर क्षेत्र में हमारा सहयोग नए स्तर पर पहुँचेगा।
Friends,
भारत और वियतनाम का बाइलैटरल ट्रेड, पिछले एक दशक में डबल होकर 16 बिलियन डॉलर तक पहुँच चुका है। 2030 तक इसे 25 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लिए हमने आज कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। हमारी ड्रग अथॉरिटीज़ के बीच MOU से अब भारत की दवाइयों का वियतनाम में एक्सेस बढ़ेगा। भारत के एग्रीकल्चर, फिशरीज़ और एनिमल प्रोडक्ट्स का भी, वियतनाम तक एक्सपोर्ट और सुगम होने जा रहा है। बहुत जल्द, वियतनाम भारत के अंगूर और अनार का स्वाद लेगा, और हम वियतनाम के डूरियन और पोमेलो का।
इतना ही नहीं, हमने भारत-आसियान ट्रेड एग्रीमेंट "आईटिगा” को वर्ष के अंत तक अपडेट करने पर भी सहमति बनाई है। इससे भारत और आसियान के सभी देशों के बीच, ट्रेड और इनवेस्टमेंट को नई ऊर्जा मिलेगी। क्रिटिकल मिनरल्स, रेअर अर्थ और एनर्जी सहयोग में नई पहलों से, हम दोनों देशों की इकोनॉमिक सिक्योरिटी और सप्लाई चैन रिज़िल्यन्स सुनिश्चित करेंगे।
Friends,
कनेक्टिविटी और कपैसिटी बिल्डिंग, हमारी पार्ट्नर्शिप के अहम स्तंभ हैं। हमें बहुत खुशी है कि दोनों देशों के बीच एयर कनेक्टिविटी लगातार बढ़ रही है।
फाइनेंशियल कनेक्टिविटी को भी बूस्ट करने के लिए, आज हमने अपने सेंट्रल banks के बीच सहयोग बढ़ाने का निर्णय किया है। भारत के UPI और वियतनाम के फास्ट पेमेंट सिस्टम भी जल्द ही लिंक होने जा रहे हैं। साथ ही, अब हम दोनों देशों के बीच स्टेट to स्टेट और सिटी to सिटी को-ऑपरेशन को भी मजबूत करने जा रहे हैं।
Friends,
वियतनाम भारत की ऐक्ट-ईस्ट पॉलिसी और विज़न महासागर का एक मुख्य स्तंभ है। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भी हमारा common outlook है। हम अपनी सुदृढ़ होती हुई रक्षा और सुरक्षा सहयोग से, rule-of-law, शांति, स्थिरता और समृद्धि के प्रति योगदान देते रहेंगे। वियतनाम के सहयोग से भारत, आसियान के साथ अपने संबंधों को भी और व्यापक बनाएगा।
Your Excellency,
पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा करने, और आतंकवाद के विरुद्ध हमारे संघर्ष में साथ खड़े रहने के लिए हम वियतनाम के आभारी हैं।
वैश्विक उथल-पुथल और आर्थिक चुनौतियों के इस दौर में,अपने talent, good governance और economic reforms के बल पर, भारत और वियतनाम दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती economies के रूप में उभर रहे हैं। अब हमारी enhanced strategic partnership के माध्यम से, हम एक-दूसरे की rapid growth के सहायक बनेंगे।
जैसा कि बुद्ध की शिक्षाओं की भावना है कि "यदि आप किसी और के लिए दीप जलाते हैं, तो वह आपके अपने मार्ग को भी प्रकाशमान करता है।”
इसी भावना के साथ, हम एक-दूसरे के vision और goals को support करते हुए, विकसित राष्ट्र बनने की अपनी आकांक्षाओं को मिलकर साकार करेंगे।
हम साथ चलेंगे, साथ बढ़ेंगे, और साथ जीतेंगे।
बहुत बहुत धन्यवाद।
भारत और वियतनाम की साझेदारी में, विरासत और विकास- दोनों का महत्व है।
पिछले वर्ष, जब भारत से बौद्ध अवशेष वियतनाम गए, तो उनके दर्शन, डेढ़ करोड़ से अधिक, यानि पूरे वियतनाम की population के 15% लोगों ने किया था: PM @narendramodi