परसों जो भयंकर cyclone आया, और उसके कारण आंध्र को और कुछ भाग में उड़ीसा को जो संकट झेलना पड़ा, अनेक लोगों को अपने प्राण खोने पड़े, इस कठिनाइयों से गुजरे हुए सभी नागरिक भाइयों-बहनों के प्रति मैं अपनी सहानुभूति प्रकट करता हूं। इस संकट के समय पूरा देश, भारत सरकार, आंध्र के साथ Vizag के लोगों के साथ पूरी ताकत से खडे हैं। आवश्यक सभी मदद भारत सरकार करेगी।
इस Cyclone में Technology का बहुत ही Perfect उपयोग हुआ, पहले दिन से ही। इस Cyclone में मौसम विभाग ने Technology का बखूबी उपयोग किया और 6 तारीख से ही ये संकेत दे दिए गए थे। जो अनुमान थे, उतनी ही Velocity रही। जो दिशा थी अनुमानित, वही दिशा रही। जो अनुमानित Time था, वही Time रहा। और एक प्रकार से इस संकट से बचने में ये Technology का उपयोग भी काफी काम आया।
दूसरी सबसे महत्वपूर्ण बात हुई, जब केंद्र और राज्य, दोनों, कंधे-से-कंधा मिला करके काम करते हैं, सही दिशा में काम करते हैं, तो कितने बड़े संकट क्यों न हो, उन संकटों से उभरा जा सकता है। आंध्र Government और भारत सरकार ने 5 दिन लगातार minute-to-minute Perfect Co-ordination के साथ काम किया। Local Body ने भी उसको पूरी तरह Follow किया। मैं Vizag के नागरिकों का भी अभिनंदन करना चाहता हूं कि संकट के समय उन्होंने सरकार की सूचनाओं का पालन किया। पूरी तरह से discipline को माना, और उसके कारण लोगों की जिंदगी बचाने में हम सफल हुए। इन संकटों के बावजूद भी, यह एक भयंकर Cyclone था। आपने तो इसको खुद ही अनुभव किया है।
आपने जो धैर्य रखा.... और आज भी मैं बहुत दूर गया। मैंने हवाई निरीक्षण करके ओडि़शा का इलाका भी देखा आज। मैंने पहले कहा, उस प्रकार से भारत सरकार इस संकट के समय पूरी तरह आंध्र सरकार के साथ रहेगी। भारत सरकार के जो कई establishments हैं, उनका भी भारी नुकसान हुआ है। Coast guard हो, Navy हो, Railways, Airlines, National Highways, उन सबके लिए भी भारत सरकार की तरफ से लोग आएंगे, survey करेंगे और उसकी चिंता भी हम करेंगे।
अभी जितनी जानकारी मुझे मिली है, detailed survey भी हम करेंगे, भारत सरकार की भी team आएगी। किसानों का भी यह फसल का आखिरी समय था। इसलिए बहुत नुकसान उसके कारण किसानों का भी हुआ था। तो Agriculture survey, Property का जो नुकसान हुआ है, उसके लिए, मैं Insurance कंपनियों को भी सूचना करूंगा, वो तत्काल अपने लोग लगाएं। और Private Insurance वाले जो लोग हैं, उनके साथ बैठ करके सहानुभूतिपूर्वक उनकी सारी Claims को तुरंत workout करे, उनकी मदद करें। मैं Insurance Companies को भी आग्रहपूर्वक ये विषय बता दूंगा।
तत्काल जो अवस्था हैं, उसमें इतना बड़ा काम है। आंध्र प्रदेश एक तो नया-नया राज्य बना है। उसको अभी कई चीजें करनी बांकी है। ऐसे में इतना बड़ा संकट आया है। दूसरी तरफ, अभी 15 दिन पहले तो मैं इतना उत्साह और उमंग से उछल रहा था। Vizag को Smart City बनाने का सपना ले कर के। अचानक ये कसौटी आ गई है, लेकिन मुझे विश्वास है कि हम इस कसौटी से बाहर निकलेंगे। और बहुत ही जल्द सारी व्यवस्थाएं Normal हो जाएंगी और जो नुकसान हुआ, उसको भी ठीक करने में हम सफल हो जाएंगे। बिजली, पानी, Communication, इन चीजों को हमने प्राथमिकता दी है और कुछ ही घंटों में बहुत ही जल्द इन चीजों में सुधार आ जाएगा।
भारत सरकार के प्रतिनिधियों को मैंने Special इस काम के लिए depute किया है। आंध्र सरकार पूरी तरह लगी हुई है। तो जनसुविधा की जो प्राथमिक आवश्यकताएं हैं, वो भी तुरंत चालू कर दी जाएँगीं। अभी पूरा सर्वे होना बांकी है। लेकिन तत्काल इतने बड़े संकट को पहुंचने के लिए भारत सरकार की तरफ से एक Interim Assistance के रूप में 1,000 करोड़ रुपए भारत सरकार की तरफ से देने की मैं घोषणा करता हूं।
तुरंत Survey होने के बाद आगे भी भारत सरकार आंध्र के साथ, वाइजाग के साथ पूरी तरह साथ रहकर के इन समस्याओं से निकलने के लिए जो भी आवश्यकता होगी, उसको पूरा करेंगे। जिन लोगों ने अपना जीवन खो दिया है, जिनकी मृत्यु हुई है, उन (के परिजनों) को प्रधानमंत्री राहत कोष से 2 लाख रुपए और जिनको injury हुई है, उनको 50,000 रुपए भी भारत सरकार के प्रधानमंत्री राहतकोष से हम देंगें।
धन्यवाद।
কিরঘিজস্তানের প্রেসিডেন্ট,
মাননীয় অতিথিবর্গ,
নমস্কার!
এসসিও-র ২৫তম বার্ষিকী উপলক্ষে আপনাদের সকলের মধ্যে থাকতে পেরে আমি অত্যন্ত গর্বিত।
বিশকেক-এ উষ্ণ অভ্যর্থনা ও আতিথেয়তার জন্য প্রেসিডেন্ট জাপারভকে আন্তরিক ধন্যবাদ জানাই।
গতকাল কিরঘিজস্থানের স্বাধীনতা দিবস উপলক্ষে এখানে সমবেত হওয়ার সৌভাগ্য হয়েছে আমাদের। এই উপলক্ষে আমি আরও একবার কিরঘিজস্তানের মানুষ ও প্রেসিডেন্টকে উষ্ণ অভিনন্দন জানাই।
ওয়ার্ল্ড নোম্যাড গেমস-এর দর্শনীয় উদ্বোধনী সমারোহে কিরঘিজস্তানের সমৃদ্ধ সংস্কৃতি ও ঐতিহ্যের বেশ কয়েকটি ঝলক ফুটে উঠেছে আমাদের সামনে। এই অভিন্ন ঐতিহ্য এবং মানুষে মানুষে সংযোগ এসসিও পরিবারের সবচেয়ে বড় শক্তি।
বন্ধুরা,
ইউরেশিয়ার বিস্তীর্ণ অঞ্চলে গত ২৫ বছরে আলাপচারিতা এবং সহযোগিতার পরিমণ্ডল গড়ে তুলেছে এসসিও। আমরা শুধু নিজেদের মানুষ নয়, সামগ্রিকভাবে সমস্ত মানবসভ্যতার কল্যাণে উল্লেখযোগ্য অবদান রাখতে পেরেছি। বিগত ২৫ বছরে তৈরি হয়েছে সহযোগিতার দৃঢ় ভিত্তি। আগামী ২৫ বছরে আমাদের লক্ষ্য হওয়া উচিত এই সহযোগিতাকে কাজে লাগিয়ে বাস্তব জগতে স্পষ্টভাবে প্রত্যক্ষ ইতিবাচক কর্মকাণ্ড সম্পন্ন করা।

বন্ধুরা,
আগের বৈঠকে এসসিও সম্পর্কে ভারতের দৃষ্টিভঙ্গী বোঝাতে আমি তিনটি বিষয়ের উল্লেখ করেছিলাম :
এস – সিকিউরিটি অর্থাৎ নিরাপত্তা
সি – কানেক্টিভিটি অর্থাৎ সংযোগ
ও – ওপারচুনিটি অর্থাৎ সুযোগ
এই তিনটি বিষয়কে বাস্তব জগতে প্রতিফলিত করার সময় এসে গিয়েছে। সেজন্য প্রাথমিক শর্ত শান্তি ও সুস্থিতি। সমগ্র মানবসভ্যতার সামনে সন্ত্রাসবাদ অত্যন্ত বড় একটি সমস্যা। সন্ত্রাসবাদের মোকাবিলায় আমরা কোনও ঘটনা ঘটে যাওয়ার পর তার প্রতিক্রিয়া জানানোর খণ্ডিত উদ্যোগের মধ্যে সীমাবদ্ধ থাকতে পারি না।
জঙ্গিদের অর্থ যোগান, নিযুক্তি, নিরাপদ আশ্রয় এবং মৌলবাদী ধারণার বাতাবরণ তৈরি করার প্রচেষ্টা – সবকিছুই রুখে দিতে হবে আমাদের। এক স্বরে বলতে হবে, এক্ষেত্রে দ্বিচারিতার কোনও জায়গা নেই।
যেসব দেশ সন্ত্রাসবাদকে নীতি হিসেবে ব্যবহার করে এবং জঙ্গিদের আশ্রয় দেয়, তাদের স্পষ্ট বার্তা দিতে হবে যে সন্ত্রাসবাদ কখনও কারোর কৌশলগত সম্পদ হতে পারে না।
সুস্থিত ইউরেশিয়ার স্বপ্ন পূরণের সঙ্গে আফগানিস্তানে শান্তি বজায় রাখার বিষয়টি গভীরভাবে জড়িত। ভারত আফগানিস্তানকে বিকাশের কাজে সহায়তা যুগিয়ে যাচ্ছে এবং ভবিষ্যতেও যুগিয়ে যাবে।
আজকের আন্তঃসংযুক্ত বিশ্বে নিরাপত্তার প্রশ্নটির সঙ্গে আরও অনেক মাত্রা জুড়ে গেছে। পশ্চিম এশিয়ার সমস্যা প্রমাণ করে যে একটি নির্দিষ্ট অঞ্চলেই সংঘর্ষের প্রভাব সীমাবদ্ধ থাকে না। সারা বিশ্বের জ্বালানি সংক্রান্ত নিরাপত্তা, সমুদ্র-বাণিজ্য ও সরবরাহ শৃঙ্খলে তার অত্যন্ত নেতিবাচক প্রভাব পড়ে। সবচেয়ে ক্ষতিগ্রস্ত হয় দক্ষিণী বিশ্বের দেশগুলি। সেইজন্যই ভারত মনে করে যে বিরোধের মীমাংসা যুদ্ধক্ষেত্রে নয়, আলাপ-আলোচনার মাধ্যমে হওয়া উচিত। মাদক পাচার কেবল একটি অপরাধ নয়, নবীন প্রজন্মের সামনে এবং আঞ্চলিক নিরাপত্তার প্রশ্নেও খুব বড় বিপদ। নিরাপত্তা সংক্রান্ত সমস্যা, সংগঠিত অপরাধ ও মাদক পাচার রুখতে এসসিও যেভাবে উদ্যোগী হয়েছে, তা অত্যন্ত প্রশংসনীয়। এই ব্যবস্থাপনার মধ্যে আরও সমন্বয়সাধন জরুরি।
বন্ধুরা,
বিকাশের যাত্রায় আমাদের সামনে দ্বিতীয় গুরুত্বপূর্ণ বিষয়টি হল শক্তিশালী যোগাযোগ ব্যবস্থা। বাজারের সংযুক্তিকরণ, ব্যবসা-বাণিজ্যের কাজ বিঘ্নহীন করে তোলা এবং উন্নয়নের নতুন দিশার অন্বেষণে সব ধরনের উদ্যোগকেই ভারত সহায়তা করতে প্রস্তুত। এটা নিশ্চিত করতে হবে যে, এই ধরনের উদ্যোগের ফলে যাতে কোনও দেশের সার্বভৌমত্ব ক্ষুণ্ণ না হয় – কারণ এই বিষয়টি এসসিও সনদের অন্যতম গুরুত্বপূর্ণ দিক।
আগামীদিনে সংযোগের ধারণা আরও বিবর্তিত হবে। সড়ক, রেল এবং বিমানপথের পাশাপাশি শুল্ক ব্যবস্থাপনার সরলীকরণ, ডিজিটাল ডকুমেন্টেশনের প্রসার এবং দক্ষ লজিস্টিক্স ব্যবস্থাপনা গড়ে ওঠা বিশেষভাবে প্রয়োজন।

বন্ধুরা,
তৃতীয় বিষয়টি হল – সুযোগ। এসসিও-র মঞ্চে সহযোগিতার সুবাদে যে সুবিধা পাওয়া যাচ্ছে, তার সুফল প্রত্যক্ষভাবে মানুষের কাছে পৌঁছে দিতে হবে। আমাদের সবচেয়ে বড় শক্তি হল মানুষে মানুষে সংযোগ। ভারত মনে করে এসসিও-র মঞ্চে বিভিন্ন সভ্যতা, সংস্কৃতি এবং ধারণার সম্মিলন ঘটেছে। আগামী ২৫ বছরে আমাদের সহযোগিতার মূল ভিত্তি হবে মানুষে মানুষে সংযোগ।
নবীন প্রজন্মের সামনে সুযোগের দরজা কতটা খুলল, উদ্যোগপতিদের কাছে নতুন বাজারের দরজা কতটা খুলল, প্রযুক্তির প্রয়োগে কৃষকরা কতটা লাভবান হলেন এবং নাগরিকদের জীবনযাত্রার মান কতটা উন্নত হল – তাই দিয়েই আমাদের সাফল্যের বিচার হবে।
এই হল সিকিউরিটি, কানেক্টিভিটি অ্যান্ড ওপারচুনিটির মূল কথা।
এসসিও-র মঞ্চে সহযোগিতার বিষয়টি কেবলমাত্র সরকারি স্তরেই সীমাবদ্ধ থাকা উচিত নয়। চালিকাশক্তি হিসেবে রাখতে হবে মানুষকেও। আমি খুশি যে, কিরঘিজস্তানের চেয়ারম্যানশিপে এসসিও কাঠামোয় নতুন প্রজন্মকে আরও সম্পৃক্ত করে তোলার উদ্যোগ নেওয়া হয়েছে। ভারত এসসিও স্টার্ট-আপ ফোরাম, ইয়ং অথার্স কনক্লেভ এবং ইয়ং সায়েন্টিস্টস ফোরাম-এর মতো কর্মসূচি হাতে নিয়েছে।
গত বছর ভারত এসসিও সিভিলাইজেশনাল ডায়ালগ ফোরাম গড়ে তোলার প্রস্তাব দেয়। আমি আনন্দিত যে, এই মঞ্চের প্রথম অধিবেশন এ বছর ভারতেই অনুষ্ঠিত হবে। আপনাদের সকলের সহযোগিতায় ঐ মঞ্চ এসসিও কাঠামোর মধ্যে আলোচনার বড় একটি পরিসর হয়ে উঠবে বলে আমি প্রত্যয়ী।
বন্ধুরা,
কিরঘিজস্তানের অবিস্মরণীয় সাহিত্যিক চিংগিজ আইতমাতভ সারা বিশ্বের বৌদ্ধিক পরিসরে গুরুত্বপূর্ণ অবদান রেখেছেন। তিনি বলতেন যে, যেসব বিষয় আমাদের নিশ্চিহ্ন করে, তার প্রতি আমরা বেশি মনোযোগ দিই। আর যেসব বিষয় আমাদের ঐক্যবদ্ধ করে, সেসবে মনোযোগ দিই অনেক কম।
আজকের প্রেক্ষাপটে এসসিও-র কাছে এই বার্তা অত্যন্ত প্রাসঙ্গিক। বৈচিত্র্যই আমাদের পরিচয় এবং অভিন্ন লক্ষ্য আমাদের শক্তি। বিশকেক থেকে এই মন্ত্র নিয়ে এগোনো যাক।
আপনাদের অনেক ধন্যবাদ।
প্রধানমন্ত্রী মূল ভাষণটি হিন্দিতে দিয়েছিলেন


