In the SP era, mafias roamed freely, flaunting their power in open jeeps: PM Modi taking a dig at the Opposition
Under Yogi Ji’s government, riots and rioters have been stopped: PM Modi in Ghazipur, UP
Congress mastered the art of delaying work and denying rights: PM Modi in UP

भारत माता की जय।
भारत माता की जय।

लहुरी काशी के पावन धरती पर आप सब गाजीपुर के लोगन के हमार प्रणाम बा।

मैं माता कामाख्या और महाहर धाम को प्रणाम करता हूं। बनारस वालों के लिए तो गाजीपुर आना ऐसा ही है, जैसे बगल के मोहल्ले में आ गए। बनारस वाले अगर गाजीपुर आय जालन और केहू फोन करे तो कहेलन, अरे यहीं घरवै में हई, बतवा। इसलिए मैं भी गाजीपुर प्रचार करने नहीं आया हूं। अपनी माताओं-बहनों का, और आप सबका आशीर्वाद लेने आया हूं। और यह जनसमूह, यह जोश, पूरे यूपी के साथ और गाजीपुर जरा ताकत से कह रहा है। फिर एक बार...मोदी सरकार। फिर एक बार...मोदी सरकार।

साथियों,

हमारे गाजीपुर का सामर्थ्य क्या है, यह इतिहासकारों से ज्यादा देश की सीमाओं को पता है। ये पराक्रम और शौर्य की गाथाएं बताती हैं। डॉ. शिव पूजन राय, भागवत मिश्रा और मैगर सिंह जैसे सेनानी, वीर अब्दुल हमीद, राम उग्रह पांडे और ब्रिगेडियर उस्मान जैसे वीर गाजीपुर की परंपरा और गाजीपुर का गहमर गांव यह नाम ही काफी है। हर घर से जहां, जांबाज निकलते हों, यह गौरव गाजीपुर के अलावा और किसे मिला होगा क्या? पूरा देश इस मिट्टी का ऋणी है।

भाइयों और बहनों,

मुझे आपके बीच कई बार आने का अवसर मिला है। चाहे संगठन का काम करता था या चाहे गुजरात का मुख्यमंत्री था, या लोकसभा में चुनाव का समय हो, विकास के काम हो, मैं जब भी गाजीपुर आता हूं तो मुझे एक पुराना प्रसंग बार-बार याद आता है। यह प्रसंग इस बात का गवाह है कि कैसे इंडी वालों ने गाजीपुर के साथ विश्वासघात किया। आजादी के बाद कांग्रेस ने कसम खा ली थी कि इस क्षेत्र का विकास नहीं करेगी। यहां के लोग गरीबी में घुट-घुट कर जीने को मजबूर रहे। पुराने लोगों को पता होगा, यहां की तकलीफ को सबसे पहले हमारे गहमरी बाबू ने उठाया था। उन्होंने पार्लियामेंट में नेहरू जी को यहां की स्थिति बताई और आंख में आंसू के साथ बाबूजी ने कहा कि कैसे यहां के लोग जानवरों के गोबर से गेहूं बीन करके खाते थे। लेकिन कांग्रेस पार्टी ने क्या किया? उसमें भी राजनीतिक मौके तलाश लिए। सियासी ड्रामे हुए। लोगों की आंख में धूल झोंकने के लिए पटेल आयोग बना। रिपोर्ट आई। फिर फाइल धूल फांकने के लिए छोड़ दी गई।

साथियों,

आज मुझे कितना संतोष होता है कि हमारी सरकार हर गरीब को मुफ्त राशन दे रही है। कोरोना के इतने बड़े संकट में भी सरकार ने गरीब को भूखे नहीं सोने दिया। गरीब के घर का चूल्हा बुझने नहीं दिया। मुफ्त राशन की योजना पर आज मोदी लाखों करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। किसके लिए ताकि आज फिर किसी गरीब को वो परेशानी ना उठानी पड़े, जो उसने कांग्रेस-सपा के राज में उठाई है।

साथियों,

इंडी गठबंधन वालों को कभी भी आपकी परवाह नहीं होगी। आप याद करिए, कांग्रेस कैसे सरकारें चलाती थी। ताड़ीघाट पुल का शिलान्यास हमारे गहमरी बाबू ने करवाया था। उसके बाद छह दशक तक यह काम लटका रहा। इंडी पार्टियों की कितनी सरकारें आई, सरकारें आईं और चली गईं। लेकिन पुल नहीं बना। पुल तब बना, जब आपने मोदी को आपकी सेवा का अवसर दिया। और ये मेरा सौभाग्य था कि बाबूजी का जो सपना था, वो मैंने यहां आ करके, इसका उद्घाटन करने का सौभाग्य मुझे मिला।

साथियों,

काम लटकाने और हक मारने में तो कांग्रेस को महारत हासिल है। इन्होंने हमारे सेना के वीर जवानों को वन रैंक, वन पेंशन तक नहीं मिलने दी थी। वन रैंक, वन पेंशन तब लागू हुई, जब मोदी आया। और कांग्रेस ने कांग्रेस ने हमारे सेना के जवानों के साथ उनकी तपस्या का कैसे मखौल उड़ाया था। उनकी आंखों में कैसे धूल झोंकी थी। उनको मूर्ख मनाने का भरपूर प्रयास किया था। जब 2013 में भारतीय जनता पार्टी ने मुझे प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में घोषित किया। उसके बाद मेरी पहली रैली हरियाणा के रेवाड़ी में एक्स सर्विसमैन की हुई। और वहां मैंने कहा था कि मैं वन रैंक वन पेंशन लागू करूंगा। कांग्रेस वाले घबरा गए। ये मोदी ने घोषणा कर दी, अब करें क्या? तो उन्होंने आनन-फानन में हर एक की आंख में धूल झोंक करके बजट में 500 करोड़ रुपया लिख डाल दिया और लिख लिया OROP करेंगे। और फिर देश भर में एक्स सर्विसमैन के सम्मेलन किए। शहजादे वहां जाकर के नाच रहे थे कि OROP-OROP-OROP जब आपने मुझे प्रधानमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर दिया और मैंने पहले ही काम खोला। मैंने कहा लाओ भाई क्या हुआ मैं चौक गया। 21वीं सदी में आज कम्युनिकेशन का इतना बड़ा जमाना, पढ़े-लिखे नौजवान, इन्होंने कैसे सेना के साथ गद्दारी की थी। उन्होंने 500 करोड़ रुपया लिख कर के वन रैंक, वन पेंशन टोकनिज्म किया। मैंने कहा नहीं मैं तो वन रैंक, वन पैंशन लागू करना चाहता हूं।

भाइयों और बहनों,

आप जान कर के हैरान हो जाएंगे। वन रैंक वन पेंशन लागू करने में OROP लागू करने में अब तक सवा लाख करोड़ रुपया पूर्व सैनिकों को खाते में जमा करा दिए गए हैं। अब कोई मुझे बताए भाई। सवा लाख करोड़ की जरूरत उसके सामने 500 करोड़ का ड्रामा यह धोखा है कि नहीं है। यह धोखा है कि नहीं है। यह बेईमानी है कि नहीं है। यह पूर्व सैनिकों का अपमान है कि नहीं है।

साथियों,

गाजीपुर हो, यूपी हो या पूरा देश हो, परिवारवादी पार्टियों के नेता अपने परिवार के लिए महल पे महल बनाते चले गए, लेकिन गांव-गरीब, किसान-मजदूर, दलित वंचित वो जीवन की छोटी-छोटी जरूरतों के लिए जूझते रहे। मोदी ने जो काम किए उनसे गरीब का जीवन बदला। सिर्फ 10 साल में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। यह कैसे हुआ। 25 करोड़ लोग 10 साल में गरीबी से बाहर निकले, कैसे हुआ। मैं आपसे पूछना चाहता हूं, कैसे हुआ। कैसे हुआ, कैसे हुआ। ये मोदी के कारण नहीं, ये आपके एक वोट की ताकत है, जिसके कारण 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले। आपके वोट ने मोदी को मजबूत बनाया और मोदी की योजनाओं ने गरीब को सशक्त बना दिया और इसलिए इस पुण्य के हकदार अगर कोई है तो आपका एक-एक वोट उसका हकदार है। हमने 4 करोड़ परिवारों को पीएम आवास दिए। हमने 50 करोड़ से ज्यादा गरीबों को बैंक में खाते दिलवाए। हमने हर गांव तक बिजली पहुंचाई। हम हर घर जल पहुंचा रहे हैं। आज किसी गरीब को इलाज के लिए अपनी जमीन नहीं बेचनी पड़ती। उसके पास मुफ्त इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड है और हम तो जानते हैं। मैं तो गरीबी से निकला हूं। मैं गरीबी को जिया हूं। गरीबों के बीच में पला-बड़ा हूं और इसलिए मैं अपने जीवन को आंखों के सामने जो चीजें देखी थीं। आज भी अगर कोई गरीब मां बीमार हो जाती है तो परिवार में किसी को भी पता नहीं चलने देती कि उसे दर्द हो रहा है। पीड़ा हो रही है। वो मां दिन भर काम करती रहती है। पीड़ा सहती रहती है। परिवार में बच्चों को पता नहीं चलने देती कि मुझे इतनी बड़ी पीड़ा होती है। क्योंकि, मां के मन में एक भाव रहता है कि अगर परिवार में पता चलेगा बच्चों को, कि मैं बीमार हूं तो मुझे बच्चे मुझे अस्पताल ले जाएंगे। अस्पताल में भारी भरकम खर्चा हो जाएगा। बच्चों के माथे पर कर्ज आ जाएगा। तो मां सोचती है कि मुझे बच्चों को कर्ज में नहीं डूबने देना। मैं पीड़ा सहन करती रहूंगी और जब ईश्वर बुला लेगा तब चली जाऊंगी। ये मेरे देश की कोटि-कोटि माताएं बीमारी सहती रहीं। लेकिन अगर मेरी माताओं को बीमारी सहनी है तो इस बेटे का दिल्ली में बैठने का क्या मतलब? और इसलिए आपके इस बेटे ने तय किया कि अब गरीब को बीमारी में इलाज की जिम्मेदारी मोदी उठाएगा। आज आयुष्मान योजना करोड़ों परिवारों को मुसीबत में अनेक प्रकार की सुविधाएं देता है।

और भाइयों बहनों,

मैंने एक और गारंटी लेकर के आया हूं। अब मैंने तय किया है कि आपके परिवार में जो 70 साल से ऊपर की आयु के बुजुर्ग हैं। और आजकल हर परिवार में पिता-माता, दादा-दादी, नाना-नानी, काका-काकी ऐसे बुजुर्ग होते ही होते हैं। और 70 साल के बाद एकाध बीमारी तो आ ही जाती है। दवाई का खर्चा भी हो जाता है और जो बेटा-बेटी कमाते हैं। उनके सामने एक तरफ खुद के बच्चों को आगे बढ़ाने का काम रहता है। रोजमर्रा की जिंदगी चलानी होती है और ऊपर से अपने परिवार के बुजुर्गों को संभालना होता है। लेकिन बीमारी आ जाए तो पूरा ध्यान बीमारी में लग जाता है। और जो कमाने वाले बेटे-बेटी हैं उन पर बहुत बोझ पड़ जाता है। तो मोदी ने गारंटी दी है, अब किसी कमाने वाले बेटे-बेटी पर यह बोझ नहीं पड़ने दूंगा। आपके परिवार के 70 साल से ऊपर के लोगों का बीमारी में इलाज इसकी जिम्मेवारी अब मोदी उठाएगा।

साथियों,

सपा के दौर में यूपी में यह हाल था कि माफिया लाल बत्ती में घूमते थे। खुली जीप में कानून को चेतावनी देते थे। विरोधियों को खुलेआम गोलियों से भून दिया जाता था। दंगों को यूपी की पहचान बना दिया गया था। सपा की सरकार में हर महीने दो से तीन बड़े दंगे होते थे। इसका नुकसान गरीबों को होता था। दुकानदारों को, कारोबारियों को हर एक को होता था। अब योगी जी की सरकार में दंगे भी बंद है और दंगाई भी बंद है।

साथियों,

वोट के लिए, सत्ता के लिए सपा-कांग्रेस वाले कुछ भी कर सकते हैं। सपा के शहजादे ने कभी कहा था कि माफिया की एंट्री पर रोक लगाएंगे। और फिर वो माफिया के चरणों में ही जाकर के बैठ गए हैं। सपा ने माफियाओं को पाला-पोसा। उन्हें टिकट दिया। जो अपनी बात पर कायम नहीं रह सका, वो आपकी लड़ाई कभी नहीं लड़ सकता।

साथियों,

इंडी गठबंधन में जितनी पार्टियां हैं, ये इडी गठबंधन वाली जितनी पार्टियां हैं ना। उन सबमें कुछ अवगुण कॉमन है। उनकी पहचान है। एक इंडी गठबंधन वाली सभी पार्टियां घोर सांप्रदायिक है। दूसरा, वे घोर जातिवादी हैं। तीसरा वे घोर परिवारवादी हैं। इन लोगों ने हमेशा देश में दलितों-पिछड़ों को आगे बढ़ने से रोका। आप याद करिए, देश में बाबासाहेब अंबेडकर का अपमान किसने किया। उन्हें षड्यंत्र करके चुनाव किसने हराया था कांग्रेस पार्टी ने। बाबासाहेब को भारत रत्न किसने नहीं मिलने दिया कांग्रेस पार्टी ने। इन लोगों ने एक दलित के बेटे रामनाथ कोविंद जी का अपमान किया। एक आदिवासी महिला को राष्ट्रपति चुनाव हराने के लिए पूरा इंडी गठबंधन इकट्ठा हो गया। और यही वो लोग हैं जिन्होंने राजा सोहेलदेव जैसे महान वीर का कभी सम्मान नहीं होने दिया। बीजेपी ने उनकी स्मृति में डाक टिकट जारी की। आज उनके नाम पर ट्रेन चल रही है।

साथियों,

इंडी गठबंधन वाले दलितों-पिछड़ों का आरक्षण लूटने में लगे हैं। यह लोग दलितों पिछड़ों का आरक्षण बंद करके, उसे धर्म के आधार पर देने की साजिश कर रहे हैं। ये लोग पासी, जाटव, लोनिया, कुर्मी, यादव, बिंद, निषाद, कुर्मी, पटेल जैसे अनेक जातियों का, सबका आरक्षण छीनने के लिए उन्होंने प्लान किया हुआ है। और कर्नाटक में लागू किया। कर्नाटक में उन्होंने रातोंरात मुसलमानों को ओबीसी बना दिया। और ओबीसी का सारा आरक्षण छीन लिया। अब बंगाल में तो इनका बहुत बड़ा षड्यंत्र खुला है। दो दिन पहले कोलकाता हाई कोर्ट ने पर्दा उठाया। वहां क्या खेल चल रहा था। बंगाल में लगभग सारा से आरक्षण मुसलमानों और घुसपैठियों को दिया जा रहा था। यह कांग्रेस-सपा-टीएमसी के गठबंधन साथी, ये सब एससी-एसटी-ओबीसी आरक्षण की इस लूट में एक साथ खड़े हैं। और कौन एसटी-एसटी-ओबीसी का आरक्षण के पक्ष में इनसे मोर्चा ले रहा है। इनके सामने आज सीना तान के कौन लड़ाई लड़ रहा है। ये मोदी लड़ाई लड़ रहा है। और मैं आपको गारंटी देता हूं, जब तक मोदी जिंदा है, जब तक मोदी जिंदा है। एससी-एसटी-ओबीसी का आरक्षण मैं किसी हालत में उनको छीनने नहीं दूंगा। मैं धर्म के आधार पर खेल खेलने नहीं दूंगा। वंचितों का जो अधिकार है...वंचितों का जो अधिकार है...मोदी उसका चौकीदार है।

साथियों,

इंडी गठबंधन तुष्टिकरण की सनक में हर हद पार कर रहा है। ये लोग राम मंदिर का अपमान कर रहे हैं। सपा के नेता राम मंदिर को बेकार और पाखंड बताते हैं। कांग्रेस के शहजादे वो तो राम मंदिर पर ताला लगवाने का प्लान बना रहे हैं। इतना ही नहीं, इंडी गठबंधन वालों ने एक और ऐलान किया है। ये कह रहे हैं कि कश्मीर में आर्टिकल 370, धारा-370 फिर से वापस लाएंगे। यानी कांग्रेस फिर से कश्मीर को आतंकवाद की आग में झोंकेगी। कांग्रेस फिर से पाकिस्तान के हौसले बुलंद करेगी। ये फिर से हमारे सैनिकों का खून बहाना चाहते हैं। गाजीपुर की जनता, ये होने नहीं देगी। ये मुझे पूरा भरोसा है। गाजीपुर लोगों को तो गर्व है कि आज जिस जम्मू-कश्मीर की दुनिया में चर्चा हो रही है। वहां के चुनावों की चर्चा हो रही है बढ़-चढ़ कर के आज जम्मू कश्मीर जो मतदान हो रहा है। उसका गौरव गान हो रहा है, तो गाजीपुर के हर व्यक्ति को गर्व होता है कि गाजीपुर का बेटा आज जम्मू कश्मीर की कमान संभाल रहा है। कश्मीर के लोग भी देख रहे हैं विकास कैसे होता है। अब कश्मीर में भी लोग गाजीपुर का नाम जान गए हैं।

साथियों,

गाजीपुर ने देखा है, कमल खिलता है तो विकास की खुशबू कैसे फैलती है। अब गाजीपुर में हर कोई कर कह रहा है, काम तो बहुत भइल बा....अब कमवा दिखाई पड़त बा.....सम्मान चाहि कि माफिया के धौंस चाहि? आज पूर्वांचल एक्सप्रेस वे हो, गाजीपुर- मांझीघाट ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे प्रोजेक्ट हो....रेलवे स्टेशनों का विकास हो। सड़क, हाईवे, पुल, कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर, गोदाम, पेरिशेबल कार्गो, महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज की सुविधा, गाजीपुर में जो काम 60 वर्ष में नहीं हुआ, वो हमने 10 साल में करके दिखाया है।

साथियों,

मुझे विकसित भारत के संकल्प के लिए गाजीपुर का भरपूर मार्गदर्शन समर्थन चाहिए। 400 पार में मुझे एक कमल गाजीपुर का चाहिए। मां भारती के चरणों में गाजीपुर का कमल भी चढ़ना चाहिए। चढ़ेगा, पक्का चढ़ेगा, एक जून को भाई पारसनाथ राय जी को आप भारी बहुमत से जिताएं और उन कमल के निशान पर दिया हुआ हर वोट मोदी के खाते में जाएगा। ज्यादा से ज्यादा मतदान कराएंगे। हर पोलिंग बूथ जिताएंगे। अच्छा मेरा एक काम करेंगे। मेरा ही काम करेंगे। ऐसे नहीं, पूरा बताओ तो बोलूंगा। मेरा एक काम करेंगे। यह चुनाव का काम नहीं है। यह पारसनाथ जी का काम नहीं है। ये बीजेपी का काम नहीं है। मेरा अपना काम है, बोलो करोगे। हाथ ऊपर करके बताओ करोगे। एक काम करना, आपके गांव में, आपके इलाके में कोई न कोई देवस्थान होगा। कोई न कोई मंदिर होगा। कोई तीर्थ क्षेत्र होगा। मेरी तरफ से वहां जाना माथा टेकना और परमात्मा से विकसित भारत के लिए आशीर्वाद मांगना। करेंगे, करेंगे। दूसरा काम। दूसरा काम। हर परिवार में जाइए और हर परिवार में जाकर के कहिए कि अपने मोदी जी आए थे। मोदी जी ने आपको प्रणाम कहा है। मेरा प्रणाम पहुंचा देंगे।

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भारत माता की जय।
भारत माता की जय।
भारत माता की जय।
बहुत-बहुत धन्यवाद।

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প্রধানমন্ত্রী শ্রী নরেন্দ্র মোদী ২৭শে আগস্ট সকাল ১১টায় ভিডিও কনফারেন্সিংয়ের মাধ্যমে ‘খেলো ইন্ডিয়া ডায়লগ’-এ ভাষণ দেবেন। তরুণদের ভারতের খেলাধুলোয় যুক্ত করা, তাদের আকাঙ্ক্ষাগুলি তুলে ধরা এবং যুব-নেতৃত্বাধীন এক শক্তিশালী ‘বিকশিত ভারত’ গড়ার লক্ষ্যে বিভিন্ন ধারণা বা পরামর্শ প্রদান করাই এই কর্মসূচির লক্ষ্য।

‘মেরা যুব ভারত’ (MY Bharat)-এর আয়োজনে এবং ‘জাতীয় ক্রীড়া দিবস ২০২৬’-এর উদযাপনের অংশ হিসেবে এই কর্মসূচিটি দেশজুড়ে পরিচালিত হবে। এতে বিভিন্ন রাজ্য ও কেন্দ্রশাসিত অঞ্চলের প্রতিটি জেলার দুটি করে কলেজের তরুণরা অংশগ্রহণ করবেন। একটি সুস্থ, সুশৃঙ্খল ও ক্রীড়াপ্রেমী দেশ গড়ে তোলার পাশাপাশি দেশের উন্নয়ন কর্মসূচিতে তরুণদের আকাঙ্ক্ষাকে সর্বোচ্চ গুরুত্ব দেওয়ার যে লক্ষ্য প্রধানমন্ত্রীর রয়েছে, তার সঙ্গে সামঞ্জস্য রেখেই এই কর্মসূচিটি আয়োজন করা হচ্ছে।

দেশব্যাপী আয়োজিত এই ‘খেলো ইন্ডিয়া ডায়লগ’ ক্রীড়া, যুব নেতৃত্ব, নাগরিক দায়িত্ববোধ, স্বেচ্ছাসেবা, শারীরিক সুস্থতা এবং দেশ গঠনের বিষয়গুলিকে একটি অভিন্ন মঞ্চে নিয়ে আসবে। এটি তরুণদের জন্য দেশের ক্রীড়া-সংক্রান্ত লক্ষ্য ও উচ্চাকাঙ্ক্ষার সঙ্গে যুক্ত হওয়ার একটি সরাসরি মাধ্যম হিসেবে কাজ করবে। এছাড়া ভারতের যুব ও ক্রীড়া বিষয়ক যে চলতি আলোচনা ও কর্মসূচিতে, তাদের ধারণা ও দৃষ্টিভঙ্গি যাতে অন্তর্ভুক্ত হয়, তা নিশ্চিত করবে।

এই জাতীয় কর্মসূচির পাশাপাশি স্থানীয় পর্যায়েও তরুণ অংশগ্রহণকারী, ‘মাই ভারত’-এর স্বেচ্ছাসেবক, স্থানীয় ক্রীড়াবিদ এবং জনপ্রতিনিধিদের মধ্যে মতবিনিময় বা আলোচনার আয়োজন করা হবে। খেলাধুলার প্রতি আগ্রহী তরুণদের সঙ্গে ভারতের শীর্ষস্থানীয় ক্রীড়াবিদ ও পদকজয়ীদের সরাসরি মতবিনিময়ের সুযোগ করে দেওয়া এই উদ্যোগের একটি উল্লেখযোগ্য দিক। কর্মসূচির একটি কেন্দ্রীয় আকর্ষণ হলো ‘যুব সংবাদ’। এখানে তরুণ অংশগ্রহণকারীদের তাদের নিজস্ব ধারণা, দৃষ্টিভঙ্গি ও আকাঙ্ক্ষা তুলে ধরার জন্য আমন্ত্রণ জানানো হবে। এই আলোচনাটি মূলত পাঁচটি মূল বিষয়ের ওপর ভিত্তি করে পরিচালিত হবে:

• উন্নত সুযোগ-সুবিধা, প্রশিক্ষণ, ক্রীড়া বিজ্ঞান এবং সর্বজনীন অংশগ্রহণের মাধ্যমে ভারতের ক্রীড়া পরিকাঠামোর উন্নয়ন।

• বৈজ্ঞানিক পদ্ধতিতে প্রতিভা শনাক্তকরণ, স্বচ্ছ নির্বাচন প্রক্রিয়া এবং ক্রীড়াবিদদের দীর্ঘমেয়াদী উন্নয়নের মাধ্যমে ২০৩৬ সালের অলিম্পিকের জন্য প্রতিভাবানদের গড়ে তোলা।

• শাসন-সংক্রান্ত বিভিন্ন মঞ্চ ও ‘মাই ভারত’-এর নেতৃত্বাধীন স্বেচ্ছাসেবক কর্মসূচির মাধ্যমে যুব নেতৃত্ব গড়ে তোলা।

• নাগরিক সচেতনতা বৃদ্ধি, ভবিষ্যতের উপযোগী দক্ষতা অর্জন এবং সুসংগঠিত স্বেচ্ছাসেবক কর্মসূচির মাধ্যমে ‘বিকশিত ভারত’-এর লক্ষ্যে যুবসমাজকে ক্ষমতাবান করে তোলা।

• খেলাধুলা ও সমবয়সী নেটওয়ার্ককে কাজে লাগিয়ে মাদকাসক্তির বিরুদ্ধে লড়াইয়ের লক্ষ্যে ‘নেশা মুক্ত যুব’বা মাদক-মুক্ত যুবসমাজ আন্দোলনকে এগিয়ে নিয়ে যাওয়া। এর অংশ হিসেবে ২ আগস্ট ২০২৬-এ শুরু হওয়া প্রধানমন্ত্রীর ১০০-সপ্তাহব্যাপী দেশব্যাপী প্রচার অভিযানের আওতায় সাপ্তাহিক ‘জন-অংশীদারিত্ব’কর্মসূচি পরিচালিত হবে।