মোদী শুধু আগামী পাঁচ বছরের জন্য নয়, আগামী ২৫ বছরের জন্য দেশের পথ প্রশস্ত করছেন, ইটাওয়াতে বলেছেন প্রধানমন্ত্রী
আমরা আপনাদের সন্তানদের ভবিষ্যতের জন্য কাজ করছি। এদিকে, সমাজবাদী পার্টি এবং কংগ্রেস নির্বাচনে প্রতিদ্বন্দ্বিতা করে তাদের নিজের সন্তানদের ভবিষ্যতের দিকে মনোনিবেশ করে: প্রধানমন্ত্রী মোদী
কনৌজের বস্ত্র ও সুগন্ধি শিল্প সমৃদ্ধ হচ্ছে। আমি প্রায়শই কনৌজের সুগন্ধি বিদেশে নিয়ে যাই, এমনকি জি-২০ শীর্ষ সম্মেলনেও উপহার দিই: ইটাওয়াতে প্রধানমন্ত্রী

भारत माता की। भारत माता की।

शीतला माता की जय !

सबसे पहले तो मुझे आने में विलंब हुआ, इसके लिए आप सब से क्षमा मांगता हूं। इटावा, मैनपुरी और कन्नौज के सभी लोगों को मेरा राम-राम!

साथियों,

मैं जब इस इलाके में आया हूं तो मुझे 2019 चुनाव के पहले की बात याद आ रही है। पार्लियामेंट का सत्र चल रहा था और पार्लियामेंट के अंदर, वो पिछली लोकसभा का आखिरी सत्र था और उसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए चलना था। तो मुलायम सिंह जी भाषण के लिए खड़े हुए। और स्वर्गीय मुलायम सिंह जी ने 2019 के चुनाव के कुछ दिन पहले, पार्लियामेंट में कहा था और एक प्रकार से वो आशीर्वाद बन गया। कि मोदी जी आप तो दोबारा जीत कर आने वाले हैं। अब नेताजी हमारे बीच नहीं हैं लेकिन संयोग देखिए, उनके सगे भाई बीजेपी को जिताने की अपील कर रहे हैं। उनके दिल की बात जुबान पर आ ही गई।

भाइयों और बहनों,

मोदी अपने 10 साल के कार्यकाल के बाद फिर एक बार आपसे आशीर्वाद मांगने आया है। आप सबने मेरी मेहनत देखी है, ईमानदारी से आपलोगों की सेवा करना ये मेरा धर्म रहा है। अब मोदी भारत के लिए आने वाले 5 साल ही नहीं, 25 साल का रास्ता बना रहा है। भारत एक हज़ार साल के लिए सशक्त हो, मोदी उसकी नींव तैयार कर रहा है। और मोदी ये सब क्यों कर रहा है? क्योंकि मोदी रहे या न रहे, देश हमेशा रहेगा। और ये सपा-कांग्रेस वाले क्या कर रहे हैं? ये चुनाव लड़ रहे हैं, अपने भविष्य के लिए, अपने बच्चों के भविष्य के लिए। और मोदी किसके लिए खप रहा है, मैंने तो आगे पीछे कुछ रखा ही नहीं है। योगी जी भी वैसे और मोदी जी भी वैसे। ये मोदी-योगी खप क्यों रहा है, हमारे तो बच्चे हैं नहीं। हम खप रहे हैं, आपके बच्चों के लिए। हम खप रहे हैं, आपके बच्चों का भविष्य बनाने के लिए। ये विकसित भारत का संकल्प क्या है? ये सिर्फ 4 शब्द नहीं हैं। इसमें 4 शब्द और जुड़े हैं, आपके बच्चों का सुखी संसार। आपके बच्चों की आय, उनका रोजगार। यही वो विरासत है, जो मोदी आपके बच्चों के नाम लिखना चाहता है। और साथियों, इन परिवारवादियों की विरासत क्या है? इनकी विरासत गाड़ी, बंगला, राजनीतिक रसूख है। कोई मैनपुरी, कन्नौज और इटावा को अपनी जागीर मानता है। कोई अमेठी-रायबरेली को अपनी जागीर मानता है। लेकिन मोदी की विरासत...गरीब का पक्का घर है। मोदी की विरासत- देश की करोड़ों माताओं-बहनों को मिला शौचालय है। मोदी की विरासत दलित-पिछड़ों को मिला- बिजली, गैस, नल ये जो सुविधा है न, ये मोदी की विरासत है। मोदी की विरासत, गरीबों को मिला मुफ्त अनाज है, मोदी की विरासत, गरीबों को मिला मुफ्त इलाज है, मोदी की विरासत आपके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए बनाई गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति है। मोदी की विरासत तो सबकी है, सबके लिए है। कौन जानता है कि 2047 में आपका ही बेटा-बेटी प्रधानमंत्री बने, मुख्यमंत्री बने। शाही परिवार का वारिस ही पीएम, सीएम बनेगा, ये कुप्रथा, इस चायवाले ने तोड़ दी है। हमारे यहां कभी राजा राम मोहन राय का नाम आता है कि उन्होंने फलानी कुप्रथा तोड़ दी। वैसे कभी आएगा कि देश में एक प्रधानमंत्री होते थे, चाय वाले थे उसने एक ऐसी कुप्रथा को तोड़ दिया कि गरीब बेटा भी मुख्यमंत्री बन सकता है, गरीब बेटा भी प्रधानमंत्री बन सकता है।

भाइयों और बहनों,

सपा-कांग्रेस की बातें झूठी, वादे भी झूठे हैं। सपा-कांग्रेस के नारे झूठे और नीयत में भी खोट है। ये लोग लगातार झूठ बोंलेगे चाहे इसमें देश का, समाज का नुकसान ही क्यों न हो। इन लोगों ने देश को कोराना के संकटकाल में भी नहीं छोड़ा था। मोदी तब एक-एक जीवन बचाने में जुटा था। देश के वैज्ञानिकों ने टीका बनाया। लेकिन सपा-कांग्रेस के लोग उसको भी बदनाम करते थे। खुद चोरी छिपे टीके लगवाते थे और टीवी पर, सोशल मीडिया पर जनता को भड़काते थे। ताकि हाहाकार फैले और पाप मोदी के माथे पर लगे।

साथियों,

अब ये हमारे लोकतंत्र, हमारे संविधान को लेकर झूठ फैलाने में एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। क्यों? क्योंकि मोदी ने इनके वोट बैंक, इनके तुष्टिकरण की पोल खोल दी है। साथियों, आपको पता होा चाहिए 75 साल पहले जब देश का संविधान बना, उस समय देश के विद्वान लोग संविधान बना रहे थे। तो हमारे संविधान निर्माताओं ने कहा था- धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं होगा। बाबा साहेब आंबेडकर ने कहा था, अरे खुद नेहरू जी ने भी कहा था कि धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं होगा। लेकिन अब सपा-कांग्रेस ये सारी कंपनी SC/ST/OBC का आरक्षण छीनकर उसे धर्म के आधार पर बांटना चाहते हैं। कर्नाटका में रातों-रात इन्होंने मुस्लिम जातियों को ओबीसी घोषित कर दिया। रातोंरात फतवा निकाला, ठप्पा मार दिया कि कर्नाटक में जितने मुसलमान हैं सब के सब ओबीसी तो परिस्थिति क्या हुई। वहां जो ओबीसी को 27 परसेंट आरक्षण मिला हुआ था। इसका सबसे बड़ा हिस्सा इन्होंने डाका मार दिया, चोरी कर ली, बाकियों के पास कुछ बचा ही नहीं। यूपी में अगर ऐसा हुआ तो, मेरे यादव भाई-बहन, मौर्य भाई-बहन, लोध भाई-बहन, पाल भाई-बहन, जाटव भाई-बहन, शाक्य भाई-बहन, कुशवाहा भाई-बहन समाज के हक का क्या होगा? ये बहुत बड़े खतरे की घंटी है।

साथियों,

सपा वाले जिस समाज का ठेकेदार होने का दावा करते हैं.. ये भ्रम भी टूट गया है। या तो ये अपने परिवार का भला करते हैं या फिर अपने वोटबैंक का। आप लोग याद रखिए, आज भी सपा को पूरे प्रदेश में उम्मीदवार बनाने के लिए अपने परिवार के बाहर कोई यादव नहीं मिला। जबकि ये भाजपा है जिसमें कोई भी कार्यकर्ता बड़े से बड़े पद पर पहुंच सकता है। इसीलिए आज मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री हमारे मोहन यादव जी, मुख्यमंत्री के नाते मध्य प्रदेश को दौड़ा रहे हैं। ये भाजपा की नीति, ये भाजपा की रीति, ये भाजपा का जीता जागता उदाहरण।

भाइयों और बहनों,

सपा-कांग्रेस की खोटी नीयत का हिसाब बहुत लंबा है। आप याद कीजिए। 5 साल पहले कांग्रेस का शाही परिवार चुनाव के समय मंदिर-मंदिर घूम रहा था। कोई कहता था इस कोने में मंदिर, अरे चलो भाई। कांग्रेस के शहज़ादे ने तो कोट के ऊपर जनेऊ तक पहन लिया था। लेकिन इस बार, मंदिर के दर्शन बंद। कोट के बाहर टंगा जनेऊ उतर गया। इतना ही नहीं, 500 साल बाद एक ऐतिहासिक पल आया। पूरा देश भव्य राममंदिर बनने से खुश हुआ। लेकिन इन्होंने प्राण-प्रतिष्ठा का निमंत्रण भी ठुकरा दिया।

साथियों,

इनको तो इतनी नफरत है। अभी मैं द्वारिका जी गया था गुजरात में। आपको मालूम है पुरातत्वविद कहते हैं कि भगवान श्री कृष्ण की जो द्वारिका है वो समुद्र के नीचे डूबी हुई है। तो पुरातत्वविदों ने खोज करके निकाला है। तो मेरा मन करता था, जो द्वारिका प्रभु श्रीकृष्ण ने बनाई है, मुझे वहां जाकरके माथा टेकना चाहिए। और इसलिए मैं समुद्र के नीचे गया, पूजा की और भगवान कृष्ण को पसंद मोरपंख भी वहां भेंट चढ़ाकरके आया। अब ये कांग्रेस के शहजादे को बड़ी परेशानी है, कि ये श्री कृष्ण की पूजा करने नीचे गए क्यों। अब मैं ये यहां के सपा वालों को पूछना चाहता हूं, अरे आप तो अपने आप को यदुवंशी कह रहे हो, श्री कृष्ण के वारिस कह रहे हो। और देश का प्रधानमंत्री श्री कृष्ण की पूजा करे, और तुम्हारे अपने साथी उसकी आलोचना करे, अरे तुम काहे के यदुवंशी हो रे। उनको पूजा भी नौटंकी लग रही है। मोदी को गाली देते-देते ये लोग भगवान कृष्ण की पूजा तक का अपमान करने लगे हैं। और ये यदुवंशी उसकी आरती उतार रहे हैं। आपको शहजादे की आरती उतारनी है तो उतारो, मोदी तो श्री कृष्ण की आरती उतारेगा, उतारेगा, उतारेगा। पहले इन्होंने कहा कि द्वारका में समुद्र के नीचे कुछ है ही नहीं। अब कल इन्होंने फिर कृष्ण पूजा का मजाक उड़ाया। इन्हें आपकी आस्था से कोई मतलब नहीं है।

भाइयों और बहनों,

आपने तो योगी जी के नेतृत्व में हालात बदलते देखे हैं। यहां माताओं-बहनों का घर से निकलना मुश्किल था। व्यापारियों से रंगदारी, फिरौती, जमीनों पर कब्जा आम बात थी। सपा राज में नारा चलता था- खाली प्लाट हमारा है। कहीं भी ये अपना झंडा गाड़ दिया करते थे। उत्तर प्रदेश को इस स्थिति से निकालकर योगी जी ने उज्जवल भविष्य की गारंटी दे दी है। जो क्षेत्र कट्टा फैक्ट्री बनाता था वहां अब डिफेंस कॉरिडोर बन रहा है। आज यहां के वस्त्र उद्योग और कन्नौज के इत्र को नई पहचान मिल रही है। मैं तो विदेश के मेहमान मिलते हैं न तो कन्नौज के इत्र की सुगंध, उनको अवश्य मौका देता हूं। क्योंकि उन्होंने नेचुरल चीजें देखी नहीं है। जी-20 की बैठक में भी मैंने दुनिया के जितने बड़े-बड़े लोग आए थे न, ये कन्नौज का इत्र मैंने उनको उपहार में दिया था। भई, देश का गौरव ऐसे बढ़ता है।

साथियों,

किसानों का, पशुपालकों का हित हमारी प्राथमिकता है। इटावा के किसानों के पीएम किसान सम्मान निधि के करीब 700 करोड़ रुपए दिए गए हैं। ये गोपालक भाई बहनों का इलाका है, यहां पशुओं की पूजा होती है। हमारी सरकार ने इस इलाके में हजारों पशुओं का मुफ्त टीकाकरण कराया है। यहां हमारे छोटे किसान बाजरा भी खूब उगाते हैं। आपके बाजरे को, श्री अन्न के रूप में दुनिया के बाज़ारों तक पहुंचाऊंगा- ये मोदी की गारंटी है। हम आलू-टमाटर किसानों के लिए कोल्ड स्टोरेज भी बनाने वाले हैं, फूड प्रोसेसिंग फैक्ट्रियां लगाने वाले हैं। इसके लिए भी हम किसान उत्पादक संघों, FPO को बढ़ावा दे रहे हैं।

साथियों,

यहां इतनी बड़ी संख्या में बहनें आई हैं। आपके लिए तो मोदी की खास गारंटी है। मुझे गांव की बहनों को ड्रोन पायलट बनाना है। ताकि वो खेती में ड्रोन क्रांति की लीडर बनें। बहनों को बिजली के बिल की बहुत चिंता होती है। अब मोदी बिजली का बिल ज़ीरो करने में जुटा है। पीएम सूर्यघर- मुफ्त बिजली योजना से आपके छत पर सोलर लगाने के लिए मोदी पैसा देगा। आपको मुफ्त बिजली भी मिलेगी और अतिरिक्त बिजली आप सरकार को बेचकर कमाई भी करोगे।

साथियों,

हमारी सरकार युवाओं के लिए लगातार काम कर रही है। मुद्रा योजना ने यहां के हजारों युवाओं को उनके मन का काम करने में आर्थिक मदद की है। अब भाजपा ने तय किया है कि मुद्रा योजना के तहत बिना गारंटी 20 लाख रुपए तक की मदद मिला करेगी। इससे युवाओं को स्वरोजगार के नए मौके मिलेंगे। यहां जो इंफ्रास्ट्रक्चर के काम हो रहे हैं, यहां जो कनेक्टिविटी के काम हो रहे हैं, इससे युवाओं के लिए अवसर बढ़ेंगे।

साथियों,

आप सिर्फ सांसद नहीं चुनेंगे, आप हिंदुस्तान की सरकार चुनेंगे। जब आप, मैनपुरी से हमारे वरिष्ठ नेता भाई जयवीर सिंह जी को, इटावा से मेरे साथी भाई रामशंकर कठेरिया जी को और कन्नौज से सुब्रत पाठक जी को चुनेंगे, तो मोदी सशक्त होगा। आप जब कमल के निशान पर बटन दबाएंगे न, ये वोट सीधा-सीधा मोदी के खाते में जाएगा। मेरी प्रार्थना 7 मई और 13 मई को भारी मतदान की है। आप घर-घर जाइएगा, ज्यादा से ज्यादा मतदान के लिए प्रेरित कीजिएगा और पुराने सारे रिकॉर्ड टूटने चाहिए। मेरा एक काम और करोगे। जरा हाथ ऊपर करके बताओ, करोगे। यहां से आप जब भी घर-घर जाएं और लोगों से मिलें, सबको कहना मोदी जी इटावा आए थे और मोदी जी ने आपको जय श्री राम कहा है। मेरा जय श्री राम पहुंचा देंगे।

बोलिए, भारत माता की जय ! भारत माता की जय ! भारत माता की जय !

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July 11, 2026

Your Excellency, Prime Minister क्रिस्टोफर लक्सन,

दोनों देशों के delegates,

नमस्कार!

किया ओरा!

मेरे और मेरे delegation के ऊष्मा भरे स्वागत और आतिथ्य के लिए मैं मेरे मित्र प्रधानमंत्री लक्सन का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ। उन्होंने स्वागत में इतनी गर्मजोशी दिखाई है, कि ऑकलैंड की सर्दी भी आज कुछ कम लग रही है। इस यात्रा के दौरान न्यूजीलैंड के लोगों से जो स्नेह और अपनापन मिला है, वह हमारे हृदय में हमेशा रहेगा।

पिछले वर्ष प्रधानमंत्री लक्सन की भारत यात्रा से हमारे संबंधों के हर क्षेत्र में नई ऊर्जा आई है। उनके नेतृत्व, स्पष्ट विजन, और मजबूत प्रतिबद्धता से, भारत और New Zealand की मित्रता को नयी गति और नयी दिशा मिली है। आज चालीस वर्षों के बाद भारतीय प्रधानमंत्री की यात्रा हो रही है। और मैं हमेशा कहता हूँ, कि बहुत सारे अच्छे काम है, जो मेरे पहले वाले लोग मेरे लिए छोड़ के गए हैं, जो मैं पूरा कर रहा हूँ। साथियों, यह हमारे संबंधों के एक नए अध्याय का शुभारंभ है।

Friends,

भारत और न्यूजीलैंड का लोकतान्त्रिक मूल्यों में दृढ़ विश्वास हमें मिलकर आगे बढ़ने के लिए natural comfort प्रदान करता है। पिछले कुछ वर्षों में हमने हमारे सबंधों को अभूतपूर्व गति प्रदान की है।

आज आज की बैठक में हमने हमारे सहयोग को नई गहराई और व्यापकता देने पर विस्तार से चर्चा की। हमने भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को Strategic Partnership के स्तर पर ले जाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत हम हर क्षेत्र में स्पष्ट लक्ष्यों और ठोस परिणामों के साथ आगे बढ़ेंगे।

इस वर्ष हमने रिकॉर्ड समय में Free Trade Agreement किया। इस उपलब्धि से दोनों देशों के उद्योगों, किसानों और युवाओं के लिए नए द्वार खुलेंगे। हम trade के साथ साथ trust, technology और talent का blue print तैयार कर रहे हैं।

पिछले तीन वर्षों में हमारे व्यापार में 50 पर्सेन्ट से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। हमें विश्वास है कि FTA अगले पाँच वर्षों में हमारे व्यापार को दोगुना करने का मजबूत आधार बनेगा।

न्यूजीलैंड द्वारा भारत में बीस बिलियन डॉलर के investment commitment का भी हम विशेष स्वागत करते हैं। यह न्यूज़ीलैंड की companies को भारत की growth story में long-term partner बनने का अवसर देगा।

Friends,

हमारी Strategic Partnership को सार्थक बनाने के लिए हम दोनों देशों की strengths को practical cooperation में बदल रहे हैं। Fin Tech के क्षेत्र में हम भारत के UPI और न्यूजीलैंड के payment systems को जोड़ने पर आगे बढ़ रहे हैं।

Agriculture, dairy और food processing में हमने सहयोग का एक मजबूत खाका बनाया है। इसका लाभ हमारे किसानों और पशु-पालकों को मिलेगा।

Traditional medicine में न्यूज़ीलैंड और भारत दोनों की समृद्ध और जीवंत परंपराएं हैं। आज हमने हमारे स्वास्थ्य सहयोग में traditional medicines की भूमिका बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।

रक्षा और सुरक्षा में हमारा बढ़ता सहयोग हमारे गहरे strategic trust का प्रतीक है। पिछले वर्ष किए गए Defence Cooperation Agreement से हमारे सहयोग का मजबूत ढांचा तैयार हुआ है। आज हमने इंडो-पैसिफिक में maritime cooperation के लिए एक फ्रैम्वर्क पर सहमति बनाई है। Bilateral naval exercises, Logistics support और hydrography में सहयोग से हमारा आपसी तालमेल बढ़ेगा।

Friends,

हमारे संबंधों की सबसे मजबूत ताकत हमारे people-to-people ties हैं। भारतीय समुदाय के लोगों ने अपने परिश्रम और talent से न्यूजीलैंड में विशेष स्थान बनाया है। उनकी देखरेख के लिए मैं प्रधानमंत्री लक्सन और न्यूजीलैंड सरकार और न्यूजीलैंड के लोगों का आभार व्यक्त करता हूँ।

आज हुआ Cultural Cooperation MOU दोनों देशों के art, culture, heritage तथा creative industries में exchanges को गति देगा। न्यूजीलैंड भारतीय students के लिए एक महत्वपूर्ण destination रहा है। हम न्यूजीलैंड की universities को भारत में campus खोलने के लिए आमंत्रित करते हैं।

इस वर्ष हम दोनों देशों के बीच खेल संबंधों की सौवीं वर्षगांठ मना रहे हैं। सौ साल पहले मेजर ध्यानचंद के नेतृत्व में हॉकी टीम ने यहाँ आकर जो इतिहास रचा था, वह हमारी खेल साझेदारी को आज भी प्रेरित कर रहा है। इस उपलक्ष्य पर हम दोनों देशों में कई स्पोर्ट्स इवेंट्स आयोजित कर रहे हैं। क्रिकेट के साथ-साथ अन्य खेलों में भी सहयोग बढ़ाने के लिए हम Sports Joint Action Plan बनाया है। हाल ही में भुवनेश्वर में न्यूजीलैंड रग्बी और रग्बी इंडिया के कोचिंग प्रोग्राम से अच्छी शुरुवात हुवी है।

Friends,

वैश्विक मंच पर भी भारत और न्यूज़ीलैंड भरोसेमंद साझेदार और करीबी मित्र हैं। हमारा मानना है कि वर्तमान समय की चुनौतियों का सामना करने के लिए UN सहित अन्य वैश्विक संस्थानों में reform आवश्यक है।

आतंकवाद के विषय पर कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ाने के लिए आज हमने Joint Working Group का गठन किया है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच सहयोग इंडो-पेसिफिक में शांति, स्थिरता और सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

Friends, मैं आप सभी को माओरी नव वर्ष “मातरिकी” की हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ। जिस तारा-समूह को यहाँ “मातरिकी” नाम दिया गया है, जैसे आपने भी बताया, उसे भारत में प्राचीन काल से “कृत्तिका नक्षत्र” के रूप में जाना जाता है। मुझे विश्वास है कि “मातरिकी” का यह पर्व, हमारे संबंधों को इन्हीं सितारों की तरह जगमगाने की प्रेरणा देगा।

Prime Minister लक्सन,

आपकी मित्रता, आपकी प्रतिबद्धता और मेरी न्यूज़ीलैंड यात्रा को यादगार बनाने के लिए मैं आपका आभार व्यक्त करता हूँ। जैसे रग्बी में टीमवर्क और भरोसा ज़रूरी होता है, वैसे ही हम भी आपसी विश्वास के साथ आगे बढ़ेंगे। हम एक ही टीम में है, इसलिए टैकल केवल चुनौतियों को करेंगे।

बहुत-बहुत धन्यवाद।