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बैतूल, मध्य प्रदेश

भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
जय सेवा- जय जोहार!
नर्मदा मैया की जय!
नर्मदा मैया की जय!

मैं बैतूल की पवित्र धरती से माँ नर्मदा और ताप्ती को प्रणाम करता हूँ। देश में इस बार लोकसभा चुनाव को लेकर एक अलग ही उत्साह है। हमारा हरदा तो देश और एमपी की हृदय-स्थली है। और हृदय से मिला आशीर्वाद कभी भी खाली नहीं जाता। ये क्षेत्र भी पूरे देश के सुर में सुर मिला रहा है। चाहे तमिलनाडु में जाओ, केरल में जाओ, जम्मू जाओ, असम जाओ। देश के हर कोने में एक ही सुर है। और उस सुर में मध्य प्रदेश का भी सुर है- फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार!

साथियों,

आज मोदी, पहले जब भी आता था, तो कुछ न कुछ लेकर के आता था। कुछ न कुछ देने के लिए आता हूं। कभी ये योजना, कभी वो योजना। कभी ये विकास का काम। कभी वो विकास का काम। आज मैं देने के लिए नहीं आया हूं। आज मैं आपसे कुछ मांगने के लिए आया हूं। सिर झुकाकर के मांगने के लिए आया हूं। मेरे लिए नहीं। आपके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मांगने के लिए आया हैं। मैं आज आपके पास मांगने के लिए आया हूं। देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए मांगने के लिए आया हूं। मैं आज आपसे मांगने के लिए आया हूं, विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए कुछ मांगने के लिए आया हूं। और मैं आपसे मांगता हूं, आपके आशीर्वाद। मुझे आपके आशीर्वाद चाहिए। आपके आशीर्वाद ये मेरी बहुत बड़ी पूंजी है। जनता-जनार्दन ईश्वर का रूप होती है। और जब जनता-जनार्दन आशीर्वाद देती है तो वो आशीर्वाद स्वयं ईश्वर के आशीर्वाद होते हैं। और ये आशीर्वाद देने का एक ही तरीका इन दिनों है कि आप कमल के निशान पर बटन दबाकर के आपका आशीर्वाद मोदी को पहुंचाइये। पहुंचाएंगे। भारी मतदान करेंगे।

ये आपका वोट ही है, जिसने पिछले 10 वर्षों में देश को तेज विकास की गारंटी दी है। आपके एक वोट ने, भारत को दुनिया की पाँचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना दिया। आपको पता है ना। दुनिया में, मैं जब, आपने मुझे काम दिया उसके पहले हम 11वें नंबर पर थे। इतने कम समय में हम पांच नंबर पर पहुंच गए। किसके कारण, किसके कारण, किसके कारण, किसके कारण, किसके कारण, किसके कारण, अरे मोदी के कारण नहीं, आपके एक वोट के कारण हो गया है ये। ये आपके वोट की ताकत है। और मैं आज आपके वोट की ताकत का साक्षात्कार कराने आया हूं। आपके एक वोट ने, विदेशों में भारत का डंका बजा दिया। आपके एक वोट ने, सीमा पर से हमें आँख दिखाने वाले दुश्मन के होश ठिकाने लगा दिए। और, ये आपका ही वोट है, जिसने अयोध्या में 500 साल के इंतजार के बाद रामलला को भव्य मंदिर में विराजमान कराया है।

((बेटा आप वो फोटो लेकर नीचे बैठ जाइये। पीछे लोगों को दिखता नहीं है। आप बैठ जाइये। जय श्री राम।))

और इन 10 वर्षों में ये जो काम हुआ है, वो तो केवल एक ट्रेलर है, ट्रैलर। अभी तो मुझे देश को, मध्यप्रदेश को बहुत आगे लेकर के जाना है। हमारे मुख्यमंत्री भाई मोहन यादव जी और उनकी पूरी टीम, जब से सरकार संभाली है, वो भी एमपी के विकास को और नई शक्ति से जुटे हुए हैं।

साथियों,

बैतूल देश की एकता अखंडता के लिए अपने प्राणों की बाजी लगाने वाले वीरों की धरती है। आदिवासी क्रांतिकारी सरदार गंजन सिंह जी कोरकू और सरदार विष्णु सिंह जी गोंड उनके योगदान को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता। लेकिन एक काँग्रेस, काँग्रेस ने कभी आदिवासी समाज के इस योगदान को स्वीकारा ही नहीं किया। ये भाजपा है जिसने भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिवस को राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया। भाजपा सरकार में ही लाखों आदिवासी भाइयों-बहनों को वन-अधिकार का पट्टा दिया गया है। इन 10 वर्षों में पीएम आवास, उज्ज्वला सिलैंडर, बैंक खाते और मुफ्त इलाज जैसे अनेक काम हुए हैं। इन कार्यों ने आदिवासी समाज की हमारी माताओं-बहनों-बेटियों के जीवन से बहुत-सी मुश्किलें कम कर दी हैं।

साथियों,

अगर सरकार की नीतियाँ सही हो, तो अन्नदाता क्या कर सकता है, ये बैतूल के किसानों ने करके दिखाया है। इस क्षेत्र में रबी और मूंग की फसलों का उत्पादन, जिस प्रकार से बढ़ा है। मैं हैलिकॉप्टर से उतर करके यहां पहुंचा, चारों तरफ मूंग-मूंग मूंग की ही बात हो रही हैं। यहां भी तोहफा दिया, तो मूंग का ही दिया। और इसमें तवा नदी पर बने डैम का बहुत बड़ा योगदान है। हरदा में मोरंड-गंजाल संयुक्त सिंचाई परियोजना पर भी काम शुरू हो चुका है। आज एमपी के 80 लाख से अधिक किसानों को हमारी सरकार पीएम किसान सम्मान निधि भी दे रही है। बैतूल-इंदौर फोर लेन हाइवे जैसी सड़कें भी बैतूल के किसानों और लोगों के लिए कई बड़े अवसर खोल देंगी।

साथियों,

चौबीस के इस चुनाव ने काँग्रेस पार्टी की कलई देश के सामने खोलकर रख दी है। काँग्रेस का हिडन एजेंडा, खतरनाक हिडन एजेंडा अब खुलकर के देश के सामने आ चुका है। सेक्यूलरिज्म के नाम पर, वोट बैंक की राजनीति करने वाली, ढोंग करने वाली काँग्रेस ने सामाजिक न्याय की मूलभूत भावना की भी हत्या कर दी है। अब ये खुलकर सामने आ गया है कि काँग्रेस पार्टी दलितों-पिछड़ों-आदिवासियों से कितनी ज्यादा नफरत करती है।

साथियों,

आज़ादी के बाद काँग्रेस का सबसे बड़ा विरोध बाबासाहेब अंबेडकर ने किया था। बाबासाहेब दूर का देख सकते थे। काँग्रेस कैसे देश को कैसे पतन के राह पर ले जा रही है, ये बाबासाहेब ने उस समय देख लिया था। ये बाबासाहेब अंबेडकर ही थे, जिन्होंने धर्म के आधार पर आरक्षण दिए जाने का कड़ा विरोध किया था। हमारे संविधान निर्माताओं ने लंबे समय तक इसकी चर्चा की थी। हर प्रकार के दिमाग एप्लाई किए थे। और हमारे संविधान निर्माताओं ने मिलकर के धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दे सकते, ये निर्णय किया था। ये हमारे संविधान की मूल भावना थी। लेकिन काँग्रेस के कारनामे उस संविधान की मूल भावना के भी खिलाफ हैं। लेकिन काँग्रेस हमेशा बाबासाहेब के संविधान को मिटाने और SC-ST-OBC के आरक्षण को छीनने की कोशिश करती रही है। काँग्रेस SC-ST-OBC से आरक्षण छीनकर उसे अपने खासमखास, प्रिय वोटबैंक को देना चाहती है। जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनी थी, तब उन्होंने सबसे पहले आंध्र प्रदेश में धर्म आधारित आरक्षण की शुरुआत की थी। लेकिन तब कांग्रेस अपने मंसूबों में पूरी तरह कामयाब नहीं हो पाई थी।

लेकिन भाइयों और बहनों,

काँग्रेस पार्टी अभी भी वो खेल खेलना चाहती है। चोरी-छिपे करना चाहती है। पर्दे के पीछे रहकर के देशवासियों की आंख में धूल झोंककर के वो खेल खेलना चाहती है। काँग्रेस ने कर्नाटका में, ये जरा मेरे भाई-बहन सुन लीजिए बराबर कैसा पाप किया इन्होंने, कर्नाटका में OBC को जो आरक्षण मिलता है, उस OBC के कोटे से, आरक्षण का हिस्सा छीनने के लिए, पिछले दरवाजे से चोरी करने के लिए, उन्होंने कर्नाटका में जितने मुसलमान हैं, सभी मुसलमानों को OBC बना दिया। और OBC के लिए मिला हुआ आरक्षण उसको छीनने का पक्का षडयंत्र पूरा कर दिया। काँग्रेस की ये हरकत, पूरे देश के OBC समाज के लिए खतरे की घंटी है। अपने मेनिफेस्टो में भी काँग्रेस लगातार धर्म आधारित आरक्षण की बात कर रही है। तेलंगाना के काँग्रेस के मुख्यमंत्री ने अभी हाल ही में नाम लेकर कहा है कि वो मुसलमानों को आरक्षण दिलवाकर रहेंगे।

साथियों,

काँग्रेस, अपने वोटबैंक को खुश करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। अब काँग्रेस ने देश के लोगों की संपत्ति छीनकर, उसे भी अपने वोटबैंक को मजबूत करने की तैयारी शुरू की है। अगर किसी के पास एक से ज्यादा गाड़ी, एक से ज्यादा मोटर सायकिल, एक से ज्यादा घर होगा, तो काँग्रेस कहती है कि हम ऐसा कानून बनाएंगे कि आपका जो एक से अधिक है, वो काँग्रेस की सरकार छीन लेगी। जब्त कर लेगी। आपका गांव में घर है। अब बच्चे बड़े हो रहे हैं शहर में एक घर बनवा लिया तो काँग्रेस कहती है कि वो ऐसा कानून लाएंगे, एक ही घर रख सकते हो। दो है तो एक दे दो। ताकि वो अपने खास लोगों को बांटना चाहते हैं। वो कहते हैं एक्सरे करेंगे, एक्सरे। देश का। और देश की महिलाओं के पास कितने गहने हैं, उसकी भी जांच कराई जाएगी। किस महिला के पास कितना स्त्रीधन है, उसकी भी जांच कराई जाएगी। मंगलसूत्र कैसे छीन लिया जाए, उसकी योजना बनाई जाएगी। ये सब संपत्ति, सोना-चांदी छीनकर, कांग्रेस अपनी वोटबैंक मजबूत करने के खेल खेल रही है। और इस बात का वो कांग्रेस के नेता, अपनी रैलियों में खुला ऐलान कर रहे हैं। आप मुझे बताइए...आप अपनी संपत्ति किसी को भी छीनने देंगे क्या? छीनने देंगे क्या? ऐसे छीनने वालों को आप माफ करेंगे क्या?

साथियों,

कांग्रेस कैसे आपकी संपत्ति को लूटना चाहती है, इसका एक और उदाहरण आज देश के सामने आया है। कांग्रेस के शहजादे के सलाहकार, कांग्रेस के बड़े नेता ने कहा है कि भारत में इनहेरिटेंस टैक्स लगना चाहिए। यानि विरासत में आपके दादा-दादी, माता-पिता ने जो कुछ बचाया है, और उनके स्वर्गवास के बाद जो आपको मिलेगा, उसमें से आधा कांग्रेस सरकार हड़प करना चाहती है। बताइये, आपके मात-पिता ने जो मेहनत करके, कमाई करके आपके लिए छोड़ा है, वो उस पर आपका अधिकार है कि नहीं है। आपका अधिकार है कि नहीं है। ये आपके परिवार की मेहनत की कमाई है कि नहीं है। क्या आप उसको कोई छीनना चाहे तो छीनना देंगे क्या। लेने देंगे क्या। क्या ऐसा सोचने वाली कांग्रेस को सत्ता में आने देंगे क्या। क्या उनके लिए लूट चलाने का रास्ता खोल देंगे क्या।

भाइयों-बहनों,

ये सोच कैसी है। अरे हमारे देश में तो अलग संस्कार है। अलग संस्कृति है। और कांग्रेस के नेता इस बयान पर बवाल के बाद अब कांग्रेस झूठ बोल रही है, ये तो शहजादे के सलाहकार की व्यक्तिगत राय है। लेकिन सच्चाई ये है कि साल 2011 में भी कांग्रेस ने इनहेरिटेंस टैक्स की वकालत की थी। कांग्रेस के तब के एक बड़े मंत्री ने प्लानिंग कमीशन में कहा था कि इनहेरिटेंस टैक्स का विचार किया जाए। विरासत पर टैक्स लगाने की कांग्रेस की पुरानी इच्छा से कांग्रेस इनकार नहीं कर सकती।

साथियों,

हमारे देश में मेहनत करके, थोड़ा-थोड़ा बचाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए कुछ ना कुछ संपत्ति छोड़कर जाने की परंपरा है। कितना ही गरीब क्यों ना हो। लेकिन दादा सोचेगा, दादी सोचेगी, नाना सोचेगा, नानी सोचेगी कि एक-आध अगर चीज है तो संभाल के रखती है। कि मेरी पोती बड़ी होगी ना, तो उसकी शादी में काम आएगा। मेरा नाती बड़ा हो जाएगा तो उसकी शादी में काम आ जाएगा। बीस-बीस, तीस-तीस साल तक वो संभाल के रखते हैं। मुसीबत के समय भी निकाल करके खर्च नहीं करते। क्यों, उनके मन में यही इच्छा रहती है कि जाऊं तो बच्चों के लिए कुछ छोड़ करके जाऊं। अब ये लोग कह रहे हैं। अब जो छोड़ोगे ना, उस पर आधा हिस्सा हमारा रहेगा। क्या आप ये मंजूर कर सकते हैं। ऐसी कांग्रेस को मध्य प्रदेश में पैर रखने देंगे क्या। हिंदुस्तान में पैर रखने देंगे क्या।

भाइयों और बहनों,

मुझे तो साफ दिखता है कि कांग्रेस का मंत्र है। आप भी ये मंत्र याद रखना कांग्रेस का। और घर-घर जाकर बताना कि क्या मंत्र है कांग्रेस का। कांग्रेस का मंत्र है- कांग्रेस की लूट जिंदगी के साथ भी लूट और जिंदगी के बाद भी लूट। जिंदगी के साथ भी, जिंदगी के साथ भी लूट। जिंदगी के साथ भी। जिंदगी के साथ। जिंदगी के साथ भी। जिंदगी के बाद भी। जिंदगी के बाद भी। ये है कांग्रेस। इसलिए आपको कांग्रेस से बहुत सावधान रहना है।

साथियों,

आज जब देश 25 साल के लक्ष्यों पर काम कर रहा है। अगले 5 साल का रोडमैप बना रहा है। और सरकार में आने के बाद पहले 100 दिन के निर्णयों पर काम हो रहा है, तो इंडी गठबंधन वाले भी अपनी ढफली-अपना राग आलाप रहे हैं। आपको ये सुनकर हंसी भी आ जाएगी और डर भी लगेगा। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में आया है कि इंडी गठबधन वालों में चर्चा चल रही है, क्योंकि मोदी बार-बार पूछता है कि बताओ भाई, इतना बड़ा देश, किसको सुपुर्द करें नाम तो बताना चाहिए भाई। आप बिना नाम किसी को इतना बड़ा देश सुपुर्द कर सकते हो क्या। ये लोग नाम बताने को तैयार नहीं हैं। ये तो बता दिए, भई मोदी है बताओ। आपको देना है तो ये मोदी है दीजिए। कहा कि नहीं कहा। आपके सामने नाम है ना। दूसरी तरफ नाम ही नहीं है। इतना बड़ा देश किसको देना, इसका देश को पता होने चाहिए कि नहीं होना चाहिए। जरा बोलो ना, पता होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए। आपको पता है, वो किसको देना चाहते हैं। पता है किसी को। तो ऐसा अंधेरे में हम तीर मार सकते हैं क्या। यहां तो साफ-साफ है। दस साल का अनुभव है। मोदी आपके सामने है। और सब लोगों ने कहा है कि भई मोदी हमारा उम्मीदवार है। ये लोग इसका जवाब ढूंढ़ रहे थे। जवाब मिल नहीं रहा था, लेकिन अभी कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में आया है कि मोदी बार-बार पूछ रहा है कि भई बताओ तुम्हारा नेता कौन। देश को किसको सुपुर्द करें। तो बोलते हैं, उन्होंने फॉर्मूला बनाई है। उन्होंने फॉर्मूला बनाई है कि कौन प्रधानमंत्री बनेगा। कहा जा रहा है कि ये लोग ‘One year, One PM formula बना रहे हैं। यानि एक साल-एक पीएम, दूसरे साल दूसरा पीएम, तीसरे साल तीसरा पीएम, चौथे साल चौथा पीएम, पांचवे साल पांचवा पीएम, बताओ भई क्या होगा देश का। क्या होगा। क्या होगा मुझे बताइये। देश बचेगा क्या। आपका सपना बचेगा क्या। आपके बच्चों का भविष्य बचेगा क्या। इसका मतलब ये पीएम की कुर्सी का भी ऑक्शन करने लग गए हैं। भई बताइये। जो बोली बोलेगा, एक साल बैठेगा। और मजा क्या होगा फिर। एक ऊपर बैठेगा ना...चार लोग उस कुर्सी की टांग पकड़कर बैठ जाएंगे। और मौके की तलाश में रहेंगे कि इसका साल पूरा कब होता है। उसको हिलाते रहेंगे।

भाइयों और बहनों,

यूं तो जो सुनने के बाद लगता है कि शायद मुंगेरी लाल के सपने जैसा होगा, लेकिन साथियों मैं आपको जागृत करना चाहता हूं। मैं चेताना चाहता हूं। ये मुंगेरी लाल के हसीन सपने कहावत कह करके सो जाने वाला मुद्दा नहीं है। ये बहुत डरावना खेल है। ये देश को तबाह करने वाला खेल है। यह सपना हसीन नहीं है यह आपके सपनों को चूर चूर करने वाला खेल है दोस्तों। और इसलिए जाग जाइए। चेत जाइए। आपके वोट की ताकत समझिए। मेरे प्यारे भाइयों-बहनों, देश को बचाने के लिए आप आगे आइए। जो रील्स में सोशल मीडिया पर लोग मजाक में कहते हैं उस पर इंडी गठबंधन बहुत गंभीरता से विचार कर रहा है। आप मुझे बताइए आप इस एक साल-एक पीएम वाले फार्मूले से सहमत है क्या। 5 साल में 5 पीएम आपको मंजूर है क्या। क्या देश को ऐसे परिस्थिति में छोड़ सकते हैं क्या। तो दुनिया के लोग मजाक उड़ाएंगे कि नहीं उड़ाएंगे। तो दुनिया में देश का जो आज नाम बढ़ा है वो धड़ाक से नीचे आएगा कि नहीं आएगा। ये जो चंद्रयान भेजा है अब गंगनयान भेजना है वो जा पाएगा क्या ?

साथियों,

7 मई को हमारे इस क्षेत्र में चुनाव है। विदिशा में उम्मीदवार हैं हमारे भाई शिवराज जी और यहां पर उम्मीदवार हैं हमारे दुर्गादास उईके जी। ये दोनों मेरे साथी संगठन में मैं शिवराज साथ काम करते थे। ये भी मुख्यमंत्री थे मैं भी मुख्यमंत्री था। हम साथ काम करते थे। वह पार्लियामेंट में गए थे, तब मैं महामंत्री के नाते साथ में काम करते थे। अब फिर मैं एक बार उनको ले जाना चाहता हूं। और उईके जी, उईके जी पार्लियामेंट में मेरे बहुत अच्छे साथी रहे जी। मेरे हर छोटे मोटे कामों की चिंता यह हमारे दुर्गा दास जी करते थे। इन दोनों को भारी मतों से जिताना है। और बड़ी संख्या में आप जिता करके जब उनको वोट देते हैं ना, वो मोदी को शक्ति देता है जब आप उनको वोट देते हैं तो वोट मोदी को पहुंचता है और इसलिए मोदी को मजबूत बनाने के लिए आप मतदान करें और इसके लिए ज्यादा से ज्यादा मतदान होना चाहिए। कराओगे। घर-घर जाओगे। मतदाताओं को मिलोगे। मतदान कराने के लिए कहोगे। उनको कहना आपका मतदान मोदी के लिए आशीर्वाद है। कहोगे, आपका मतदान मोदी के लिए आशीर्वाद है कहोगे। पोलिंग बूथ जीतोगे। मेरा एक और अनुरोध है, करोगे। करोगे। बहुत लोग हैं, जो यहां नहीं आए। जब मैं संगठन का काम करता था तो और नीचे तक जाता था लोगों को राम राम करके आता था, लेकिन अब जा नहीं पाता हूं। देश भर में दौड़ना पड़ता है तो बहुत कम लोगों को मिल पाता हूं लाखों लोग रह जाते हैं। लेकिन आप मेरे अपने हैं। तो एक काम बताऊं मैं आपको। आप करोगे। मेरे अपने हैं वो बता दें करेंगे। जो मानते हैं कि वो मेरे हैं, वो बता दे करेंगे। पक्का करेंगे। एक काम करना, जो लोग यहां नहीं पहुंचे हैं, उन तक जाना और कहना कि मोदी जी हरदा आए थे और मोदी जी ने आपको प्रणाम भेजा है। मेरा प्रणाम पहुंचा देंगे। हर घर में मेरा प्रणाम पहुंचा देंगे। घर-घर जाकर पहुंचा देंगे। बोलिए

भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
बहुत-बहुत धन्यवाद!

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PM Modi chairs 51st PRAGATI Meeting
May 27, 2026
PM reviews seven critical infrastructure projects across the Railways, Power and Road sectors
Projects reviewed span across 9 States with cumulative investment of around ₹30,000 crore
PM also reviews Ken Betwa Link Project and Swachh Bharat Mission-Urban 2.0
PM says Ken-Betwa River Inter-linking Project should serve as a model for other States to resolve inter-State water issues amicably
PM asks States to expedite the completion of solid waste management-related infrastructure, including waste processing plants and GOBARdhan plants
PM calls for mission-mode rooftop solar coverage in urban areas
Acting upon the advice of PM, system of monthly review of social sector schemes at State level operationalised, starting with review of Swachh Bharat Mission

Prime Minister Shri Narendra Modi chaired the 51st meeting of PRAGATI, the ICT-enabled, multi-modal platform aimed at fostering Pro-Active Governance and Timely Implementation, by seamlessly integrating efforts of the Central and State governments, at Seva Teerth, earlier today.

During the meeting, the Prime Minister reviewed seven critical infrastructure projects across the Railways, Power and Road sectors covering nine States worth around ₹30,000 crore. These projects, pivotal to economic growth and public welfare, were reviewed with a focus on timelines, inter-agency coordination, and timely issue resolution. Prime Minister also reviewed Ken Betwa Link Project and Swachh Bharat Mission-Urban 2.0.

While reviewing power sector projects, Prime Minister emphasized the need to accelerate rooftop solar adoption across urban areas, with a special focus on cities, residential clusters and public institutions. He underlined that rooftop solar should be taken up in mission mode to reduce electricity costs, improve energy security and promote clean energy at the household and community level.

While reviewing road and port connectivity projects, it was emphasised that Vadhavan Port should be developed as a model of port-led, multi-modal development, where every major mode of transport is seamlessly integrated to create a future-ready logistics ecosystem. The project should not be seen merely as a port, but as a national gateway connected through coastal shipping, inland waterways, dedicated freight corridors, high-speed rail connectivity, highways and airport linkages.

Prime Minister emphasised the need for effective implementation of Swachh Bharat Mission 2.0 and underlined that the mission should move beyond infrastructure creation and ensure measurable outcomes through regular monitoring, citizen participation and convergence between various stakeholders. He asked States to expedite the completion of solid waste management-related infrastructure, including waste processing plants and GOBARdhan plants.

While reviewing Ken-Betwa River Inter-linking Project, Prime Minister observed that Ken-Betwa project should serve as a model for other States to resolve inter-State water issues through cooperation, timely clearances, technology-based monitoring and mission-mode execution. States were encouraged to identify similar opportunities where river-linking, water conservation, groundwater recharge and efficient irrigation can be taken up in an integrated manner to ensure long-term water security.

Prime Minister also underlined that the delay in the implementation of public projects leads not only to cost escalation but also deprives citizens of timely access to essential facilities and development benefits. He observed that every delay has a direct impact on people’s lives, regional growth and public resources. He stressed that Ministries, Departments and States must adopt a more proactive and time-bound approach to resolve pending issues, remove bottlenecks and ensure faster execution.

Prime Minister also emphasized that innovative use of canal networks should be explored, including installation of solar panels along canals and over canals for clean electricity generation. This would help optimize land use, reduce evaporation losses, generate renewable energy and create additional economic value from water infrastructure.

At the beginning of the meeting, the Cabinet Secretary informed that, in pursuance of the directions of the Prime Minister, a system of monthly review of social sector schemes at the State level has also been operationalised. This mechanism aims to ensure regular monitoring, faster resolution of implementation issues and greater accountability at the State and district levels. As part of this initiative, Swachh Bharat Mission has been taken up for review at the State level in the first instance.