The Congress and its ‘Mahamilawati’ allies spent decades ruling the country but could not eradicate poverty from the country: PM Modi
The reason that people do not trust the false promises made by the Congress anymore is because they have seen its past track-record: PM Modi in M.P.
In the past months, thepeople of M.P. have witnessed how the state government of Congress has totally failed to meet the expectations of the people: Prime Minister Modi

भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय
क्रांतिवीरों की इस धरती से मैं मध्य प्रदेश के सभी साथियो को नमन करता हूं। सागर में उमड़ा ये जनसागर नए हिंदुस्तान के निर्माण के लिए आपकी प्रबल भावना की अभिव्यक्ति है। जब भी आप सभी साथियों के जोश और जुनून को मैं देखता हूं तो कई बार सोचता हूं कि उनका क्या होता होगा, जो दिन रात मोदी हटाओ, मोदी हटाओ की रट लगाए बैठे हैं। एक कामगार के प्रति आपका ये प्रेम आपका ये विश्वास नए भारत की इच्छाशक्ति को दिखाता है। साथियो, विशेष तौर पर वो युवा साथी जो 20वीं सदी के आखिर में या 21वीं सदी में पैदा हुए हैं। नए भारत के लिए उनका उत्साह उनकी उम्मीदें आज चरम पर है। वो अतीत से प्रेरणा लेते हैं। अतीत का बोझ ढो कर के नहीं चलते हैं। यहीं कारण है कि वंश और विरासत से देश की अपनी जागीर समझने वालों की दाल नए भारत में नहीं गल रही है। साथियो, आजादी के बाद महामिलावटी के कांग्रेस के राज्य में पीढ़ियां बीत गई, दशकों बीत गए, लेकिन हमारे देश मे मूलभूत सुविधाओं की कमी बनी रही। देश के साथ कांग्रेस की अपराधी लापरवाही का ही परिणाम है कि जो काम आजादी के बाद पहले 25 साल में पूरा हो जाना चाहिए था। उसके लिए हमें 21वीं सदी में पूरी शक्ति लगानी पड़ रही है।

भाइयो-बहनो, आप मुझे बताइए आजादी के 25 साल में हर भारतीय के पास अपना खुद का पक्का घर हो जाना चाहिए था या नहीं? होना चाहिए था या नहीं? आजादी के 25 साल में पहले 25 साल में हर भारतीय के घर में बिजली का कनेक्शन होना चाहिए था कि नहीं चाहिए था? आजादी के 25 साल में हर भारतीय के पास शौचालय की सुविधा होनी चाहिए थी कि नहीं? हमारी माताओं को और बहनों को साफ-सुथरी जिंदगी और स्वच्छता मिलनी चाहिए थी कि नहीं? आजादी के 25 साल में हर भारतीय के पास अपना बैंक खाता होना चाहिए था या नहीं? आजादी के 25 साल में हर भारतीय की रसोई धुएं से मुक्त होनी चाहिए थी कि नहीं? आजादी के पहले 25 साल में हर भारतीय के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित होनी चाहिए थी कि नहीं? भाइयो-बहनो, जो काम 20वीं सदी में आजादी के पहले 25 साल में नहीं हो सके, उसे अब हमारी सरकार 21वीं सदी में आजादी के 75 साल से पहले पूरा करने का लक्ष्य लेकर के काम कर रही है। साल 2022 तक जब आजादी के 75 साल होंगे हर बेघर के पास उसका अपना पक्का घर हो। हर गरीब के पास शौचालय की सुविधा हो, हर घर में बिजली हो। हर घर में रसोई गैस उपल्बध हो। हर गरीब के पास आयुष्मान भारत का कार्ड हो। हर गांव सड़क से जुड़ा हो। ऐसी तमाम सुविधाओं के लिए हम दिन-रात एक कर रहे हैं। भाइयो-बहनो, कांग्रेस और उसके साथियो ने जो-जो काम समय पर नहीं किया, उसे पूरा करने में आज देश की जो ऊर्जा देश का जो पैसा, देश का जो संसाधन लग रहा है। उसके गुनहगार कौन है? कौन है गुनहगार? कौन है गुनहगा? कौन है गुनहगार? कौन है गुनहगार? सिर्फ और सिर्फ कांग्रेस वाले जिम्मेदार हैं। मैं ये भी दावे के साथ कह सकता हूं कि अगर कांग्रेस सत्ता में रहती तो ये काम भारत की आजादी के 100 साल तक भी पूरा नहीं करती। ये मैं विश्वास से कहता हूं। साथियो, कांग्रेस के नामदारों ने अपने वंश का फायदा करने के लिए देश की कई पीढ़ियों के साथ अन्याय किया है। देश ने उन्हें जो समय दिया था, उसका उपयोग नामदारों ने अपने भ्रष्टाचार और काले धन के भंडार को बढ़ाने के लिए किया। साथियो, मैंने कहीं पढ़ा कि राजस्थान के कांग्रेस के मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी तो एक्टर है एक्टर। अब जिस पार्टी के नामदारों को रिमोर्ट की इतनी आदत हो तो उसे हर कोई एक्टर ही नजर आएगा। चाहे रिमोर्ट से सरकार चलानी हो, या फिर रिमोर्ट से वीडियो गेम खेलना हो, एक्टर से आगे ये लोग कुछ सोच ही नहीं पाते, और इसलिए, इसलिए एक प्राइम मिनिस्टर इन वेटिंग के समझदार होने के इंतजार में, प्राइम मिनिस्टर इन वेटिंग, कांग्रेस ने दस साल तक मुझे जो एक्टर कह रहे हैं उनको पता होना चाहिए कि उन्होंने दस साल तक एक एक्टिंग प्राइम मिनिस्टर थोप दिया था।

 साथियो, क्रिकेट में जब दिन का खेल पूरा होने का समय आखिरी ओवर बाकी हो एक दो और कोई आउट होता है तो जो आखिरी नंबर का होता है उस खिलाड़ी को लाया जाता है। और वो नाइट वॉचमैन का काम करता है। नाइट वॉचमैन भेजते हैं। जो अच्छे खिलाड़ी हैं उनको नहीं भेजते हैं। कांग्रेस को भी 2004 में उन्होंने सोचा नहीं था अचानक मौका मिल गया, और जब अचानक मौका मिल गया तो राजकुमार की संभालने की स्थिति नहीं थी। खुद परिवार को राजकुमार पर भरोसा नहीं था, कांग्रेस को भरोसा नहीं था और इसलिए राजकुमार तैयार होने तक परिवार का वफादार वॉचमैन बिठाने की योजना बनी। और उन्होंने सोचा राजकुमार आज सिखेंगे, कल सिखेंगे। सब इंतजार करते रहे, भरपूर ट्रेनिंग देने की कोशिश भी की गई। लेकिन सबकुछ बेकार हो गया। लेकिन इस कोशिश में देश के दस साल तबाह हो गए। बर्बाद हो गए। एक्टिंग पीएम रिमोर्ट उनके पास नहीं था, कहीं और था देश की चिंता छोड़ वो कुर्सी की चिंता में ही लगे रहे। दस साल देश ने ऐसी सरकार देखी की हर तरफ हताशा निराशा फैल गई। आखिरकार 2014 में इन लोगों को देश की जनता ने निकालकर बाहर कर दिया। साथियो, 21वी सदी के एक पूरे दशक को कांग्रेस ने व्यर्थ गंवा दिया। अटल जी की सरकार ने 2004 में करीब-करीब 8 प्रतिशत विकास दर और बहुत कम महंगाई दर ऐसा भारत 2004 में कांग्रेस को सुपुर्द किया था। 2014 में इन्होंने करीब 5 प्रतिशत की विकास दर और दस प्रतिशत की औसत महंगाई दर का भारत हमारे नसीब में छोड़ कर के गए। एक ऐसा भारत जिसको दुनिया करप्शन से जोड़ती थी, आतंक और हिंसा से जोड़ती थी। बेटियों के लिए असुरक्षित मानती थी। भाइयो-बहनो, ऐसी स्थिति से बाहर निकालने के लिए आपने केंद्र में भाजपा के नेतृत्व में एक मजबूत सरकार बनाई, और आज परिणाम आपके सामने है। और इसलिए भाइयो-बहनो, आज मैं आपसे 2019 के लिए आशीर्वाद मांगने आया हूं। साथ साथ, 2014 से 2019 तक आपने मुझे देश की सेवा करने का मौका दिया, इसके लिए आपका धन्यवाद करने के लिए भी आया हूं। 

 भाइयो-बहनो, भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है। कांग्रेस के समय में जो महंगाई दर डबल डिजिट में थी, अब उसे तीन या चार प्रतिशत पर कट्रोल कर दिया है। मोबाइल फोन से लेकर तेज रफ्तार ट्रेन तक आज भारत में ही बन रही है। साथियो, यहीं बात उनको पचती नहीं है। वो रात रात सोचते हैं कि ये चायवाला इतना टिक कैसे गया? और देश को इतना आगे कैसे ले जा रहा है? यहीं सवाल उनको खाए जा रहा है। भाइयो-बहनो, मैं ईश्वर में आपार श्रद्धा रखने वाला इंसान हूं। हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी ईश्वर को ही सत्य का स्वरुप मानते थे। इसलिए इंसान कितना ही झूठ बोले, झूठी कहानी गढ़े, विदेश एक्सपर्ट से ट्रेनिंग लेकर नए नए शब्द बनाए। लेकिन आखिर कभी न कभी सच बाहर निकल ही आता है। ईश्वर अपनी शक्ति दिखा ही देता है। विदेशी विद्वानों और ताकतों के बल पर बनाया झूठ का किला आखिर ढह गया। सच सामने आ गया। क्या सच बाहर आया मैं बताता हूं आपको। कांग्रेस के नामदार ने स्वीकार कर लिया है कि मोदी पर जो झूठे आरोप लगाए जा रहे थे, जो हमले किए जा रहे थे। उसका एक मात्र लक्ष्य यहीं था, एक मात्र कारण यहीं था कि मोदी की छवि पर दाग लगाना। मोदी की छवि को धूमिल करना। उन्होंने खुद कल एक इंटरव्यू में बोल दिया है। तभी तो मैं कहता हूं कि मैं अकेला नहीं हूं, मेरे साथ ईश्वर है। अरे, नामदार अरे जिसको मां भारती के कण कण ने खड़ा किया हो, उस पर जितने कीचड़ उछालोगे उतने ही कमल ज्यादा खिलेंगे। भाइयो-बहनो, आपने भी मीडिया में देखा होगा कि इस चौकीदार को गाली देते देते खुद नामदार का अपना किरदार खुलता जा रहा है। साथियो, नामदार ने इंग्लैंड में एक कंपनी बनाई, जिसका नाम भी उनके कारनामों से बराबर मिलता जुलता है। कंपनी का नाम था बैकऑप्स, बैकऑप्स यानी की बैक ऑफिस ऑपरेशन। ये उनकी कंपनी का नाम था। ये कभी सामने से ऑपरेशन नहीं करते, ये पर्दे के पीछे से ही ऑपरेशन करते हैं। पर्दे के पीछे चलने वाली इस कंपनी को 2009 में बंद कर दिया गया। लेकिन अब पता चला कि उस कंपनी में जो नामदार के पार्टनर थे उनको 2011 में सबमरीन पनडुब्बी बनाने का ठेका मिल गया। भारत सरकार की तरफ से, सरकार उनकी, कभी वो कंपनी उनकी थी। कंपनी का मालिक उनका दोस्त था। अब कांग्रेस के नामदार से जनता पूछ रही है आपको और आपके पार्टनर को तो सिर्फ दलाली का अनुभव था या लाइजनिंग का अनुभव था, ये सबमरीन पनडुब्बी बनाने वाली लाइन में आप कैसे घुस गए। किसने मौका दिया। जब से ये कारनामा सामने आय़ा है। तब से नामदार और सारे राग दरबारी कोपभवन में चले गए हैं। साथियो, बोफोर्स तोप, हेलीकॉप्टर और सबमरीन पनडुब्बी, जितना खोदोगे जल हो, थल हो, नभ हो नामदारों के घोटाले के सूत्र खुलते ही जा रहे हैं, और मिशेल मामा तो अभी राज उगल ही रहा है।

भाइयो-बहनो, कांग्रेस का मतलब ही है, झूठ, प्रपंच, और धोखा। यहां मध्य प्रदेश में तो इन्होंने हद ही कर दी है। कर्ज माफी के नाम पर किसानों से वोट ले लिया और फिर मुकर गए। मैं मीडिया में एक रिपोर्ट देख रहा था यहां के कांग्रेस नेता बड़ी शान से ये स्वीकार कर रहे थे कि उन्होंने बड़ी सफाई से कर्ज माफी पर किसानों से झूठ बोला है। इनके इसी धोखे की वजह से किसानों को बैंकों के नोटिस आ रहे हैं, और जेल जाने की नौबत आ गई है। भाइयो-बहनो, किसानों को धोखा देने गरीबों से अन्याय, आदिवासियों से अन्याय की इनकी पुरानी आदत हिंदुस्तान भलिभांति जानता है। मैं आपको बताता हूं, जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था, ये कांग्रेस वाले कैसे कारनामे करते थे, उसका मैं अनुभव बताता हं। जब मैं गुजरात में था तो ये लोग क्या करते थे चुनाव से पहले, एक बार उन्होंने आदिवासियों को भड़काया, और आदिवासियों में जाकर के फॉर्म बांट रहे थे, और फॉर्म भी ऐसे बनाए थे जैसे सरकारी फॉर्म हो, और लोगों से फॉर्म भरवाते थे कि ये फॉर्म भर दो आपको चुनाव के बाद जमीन मिल जाएगी, और बदले में आदिवासियों से 100 -200 रुपये मार लेते थे। वो हल्ला शुरू हुआ, सरकार जाग गई, सरकार ने देखा सब झूठा है फॉर्म झूठे, योजना झूठी बेइमानी ऊपर से दो सौ रुपया मार लिया, सब पकड़ा गया। उसके बाद दूसरा चुनाव आया तो दूसरा खेल खेला। जहां कांग्रेस का कार्यालय था उसके बाहर नजदीक के मैदान में उन्होंने कार्डबोर्ड का एक मकान बनाया। बहुत सुंदर दिखने वाला कलरफुल मकान पूरा मकान खड़ा कर दिया। और फॉर्म बनाए और गरीबों के घर जा जाकर के फॉर्म भरवाए कि देखों ये जो हमने मकान बनाए है न ये नमूना है ऐसा मकान बनाकर आपको देंगे। फॉर्म भरवाए गरीब ने बेचारे ने मान लिया, अच्छा मकान मिलने वाला है। और बदले में 100 रुपये लिए और कहा बस आप वोट हमें दे दीजिए मकान आपका पक्का। इन दिनों अभी राजस्थान में सब पकड़ा गया है। मध्य प्रदेश में जरूर करते होंगे। राजस्थान में सारा उनका कारनामा पकड़ा गया। उन्होंने क्या किया? चेक जैसा फॉर्म बनाया, 72 हजार रुपया लिखा हुआ और गरीबों को कहा कि आप फॉर्म भरिए आपका 72 हजार रुपया आना शुरू हो जाएगा। भाइयो, सब लोग सरकारी दफ्तर में गए तो पता चला कि कांग्रेस की झूठी योजना, झूठे लोग, झूठे फॉर्म और कांग्रेस ने वोट के लिए खेल खेला था। मैं पक्का कहता हूं कि ये मध्य प्रदेश में भी ये कांग्रेस की यही चलता होगा। आप सब सतर्क रहिए, ये वोट के लिए कर्जमाफी जैसा झूठ बोलना, नौजवानों को बेकारी भत्ता देना ये सारा झूठ और इस प्रकार के फॉर्म भरना ये झूठ करना, ये फॉर्ड करना, ये कांग्रेस के स्वभाव में है। मैं आपको सावधान करने आया हूं।

 

साथियो, जब किसी राज्य में, हमने बहुत सरकारें देखी है। न देश में कहीं पर हमने दो सीएम देखें हैं, न देश ने कभी दो पीएम देखे हैं। पहली बार मध्य प्रदेश में ढाई सीएम की सरकार है। अब जब ढाई सीएम की सरकार है। तो ये किस दिशा में जाएगी भाई। ये मध्य प्रदेश को कहां लेकर जाएंगे ? शासन किसका आदेश माने यहीं पचा नहीं है। मैं तो कहूंगा कि धन मोह और पुत्र होम में फंसे मध्य प्रदेश के नेताओं को सागर के झील लाखा बंजारा जी के त्याग से जरूर सीखना चाहिए। बीजेपी सरकार ने औद्योगिकीकरण का जो माहौल बनाया था उसे बर्बाद कर दिया और ट्रांसफर का उद्योग खूब फल फूल रहा है। ट्रांसफर करो और कमाओ, बीजेपी की सरकार ने बहुत मुश्किल से यहां की कानून व्यवस्था को सुधारा था। आज एमपी में छोटे-छोटे बच्चों का दिन दहाड़े अपहरण हो रहा है। डकैत फिर से सक्रिय हो रहे हैं। बेटियों के साथ अत्याचार की खबरें तो आय दिन छपती रहती है। साथियो, यहीं कांग्रेस का कुशासन है जिसने पूरी दुनिया में भारत को बदनाम किया। पाकिस्तान भी भारत की इस कमजोरी को भांप गया था, मजबूर सरकार की मजबूरी को समझ गया था। यहीं कारण है कि आय दिन पाकिस्तान के आतंकी भारत में आकर बम धमाके करते थे। और फिर भारत को ही धमकाते थे, कांग्रेस की मजबूर सरकार दुनियाभर में जाती थी और रोती थी पाकिस्तान ने ऐसा किया, पाकिस्तान ने ऐसा किया, पाकिस्तान ने ऐसा किया। रोते रहते थे। भाइयो-बहनो, भाजपा की अगुवाई वाली मजबूत एनडीए सरकार राष्ट्र रक्षा के लिए एक पुख्ता रणनीति के साथ मैदान में है। और ये चौकीदार पूरी तरह चौकन्ना है। आतंक के आकाओं को अब स्पष्ट हो गया है कि अब नया हिंदुस्तान अब घर में घुसकर मारता है। मारना चाहिए कि नहीं चाहिए ? घर में घुसकर मारना चाहिए कि नहीं चाहिए? सिर्फ शहीदों अमर रहो के नारे लगाकर के चुप हो जाएगे क्या? शहीदों के खून के कतरे कतरे का बदला लेंगे कि नहीं लेंगे? शहीदों के खून को बेकार जाने देंगे क्या? एक एक रक्त के बिंदू का बदला लेना ये चौकीदार शपथ लेकर आया है। मुझे आपका आशीर्वाद चाहिए भाइयो। मुझे आपका आशीर्वाद चाहिए।

साथियो, पाकिस्तान के लाडले, सुपर लाडले आतंकी मसूद अजहर उस पर जो बैन लगा है न, उस पर जो प्रतिबंध लगे हैं। दुनिया के देशों ने मिलकर के भारत की बात को मानकर के पाकिस्तान के मुंह पर चांटा मारा है। लेकिन ये तो अभी पड़ाव है, ये तो अभी शुरुआत है, अभी हिसाब बाकी है। मसूद अजहर हो, हाफिज सईद हो। या पाकिस्तान में पल रहे दूसरे आतंकी इनका हिसाब 130 भारतीयों को चुकता करना है। अब पाकिस्तान को तय करना है कि उसको कौन सा रास्ता चाहिए। भाइयो-बहनो, आतंकवाद और नक्सलवाद देश को खाए जा रहा है। आतंकवाद और नक्सलवाद से देश को मुक्ति दिलाने के लिए घोटालों और दलालों से आजादी के लिए गरीब के जीवन को आसान बनाने के लिए, किसान की आय दोगुनी करने के लिए। पानी से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए। सागर और विदिशा वालों को मैं एक ही प्राधना करता हूं। आपके सपने को साकार करने के लिए कमल के सामने बटन दबाकर 2014 का रिकॉर्ड तोड़ना है। और आप जब कमल के निशान के सामने बटन दबाएंगे तब मन में संकल्प कीजिए कि आपकी उंगली जिस कमल को दबा रही है वो एक दो पांच सेकेंड आपका जागरूक निर्णय इस देश के गरीबों को घर देगा। आपका एक जागरूक निर्णय आपकी तीन या पांच सेकेंड पांच साल के लिए आतंकवाद को खत्म करने के लिए इस चौकीदार को काम में लगाए रखेगा। भाइयो-बहनो, आप जब कमल के निशान पर बटन दबाएंगे तो आपका एक एक वोट मोदी के खाते में जाएगा। 

भाइयो-बहनो, अब चुनाव का आखिरी पड़ाव चल रहा है, कल पांचवें चरण का मतदान है। जहां पर मतदान है वहां के सभी मतदाताओं को मेरी तरफ से बहुत शुभकामनाएं है, और गर्मी कितनी ही क्यों न हो वे भारी मतदान करे। ये मेरी उनसे प्रार्थना है। और आपसे मेरा अनुरोध है, आप मुझे बताइए, आप चाहते हैं हिंदुस्तान मजबूत हो, देश मजबूत होना चाहिए, भारत मजबूत होना चाहिए, भारत मजबूत होने के लिए सरकार मजबूत होनी चाहिए, आपका मजबूती में भरोसा है, आप मजबूती के लिए तैयार है। मजबूती के लिए सरकार मजबूत बनाएंगे। इस चौकीदार को मजबूत बनाएंगे। इस चौकीदार को मजबूत बनाने के लिए आपका पोलिंग बूथ मजबूत बनाएंगे। आपका पोलिंग बूथ मजबूत बनाएंगे। पोलिंग बूथ में कमल खिलाएंगे। चुनाव तक घर घर जाएंगे, मतदाताओं को निकालेंगे, मतदान कराएंगे। पूरी ताकत से लगेंगे।

भारत माता की जय, भारत माता की जय , भारत माता की जय
बहुत बहुत धन्यवाद

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Prime Minister urges MPs to vote in favour of Nari Shakti Vandan Adhiniyam Amendment, Calls it Historic Opportunity
April 17, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, has highlighted that a discussion is currently underway in Parliament on the amendment to the Nari Shakti Vandan Adhiniyam, noting that deliberations continued till 1 AM last night.

He stated that all misconceptions surrounding the amendment have been addressed with logical responses, and every concern raised by members has been resolved. The Prime Minister added that necessary information, wherever lacking, has also been provided to all members, ensuring that issues of opposition have been clarified.

Emphasising that the issue of women’s reservation has witnessed political debates for nearly four decades, the Prime Minister said that the time has now come to ensure that women, who constitute half of the country’s population, receive their rightful representation.

He observed that even after decades of independence, the low representation of women in the decision-making process is not appropriate and needs to be corrected.

The Prime Minister informed that voting in the Lok Sabha is expected shortly and urged all political parties to take a thoughtful and sensitive decision by voting in favour of the women’s reservation amendment.

Appealing on behalf of the women of the country, he urged all Members of Parliament to ensure that no action hurts the sentiments of Nari Shakti. He noted that crores of women are looking towards the Parliament, its intent, and its decisions.

The Prime Minister called upon MPs to reflect upon their families-mothers, sisters, daughters, and wives—and listen to their inner conscience while making the decision.

He described the amendment as a significant opportunity to serve and honour the women of the nation and urged members not to deprive them of new opportunities.

Expressing confidence, the Prime Minister said that if the amendment is passed unanimously, it will further strengthen Nari Shakti as well as the country’s democracy.

Calling it a historic moment, he urged all members to come together to create history by granting rightful representation to women, who form half of India’s population.

The Prime Minister wrote on X;

“संसद में इस समय नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पर चर्चा चल रही है। कल रात भी एक बजे तक चर्चा चली है।

जो भ्रम फैलाए गए, उनको दूर करने के लिए तर्कबद्ध जवाब दिया गया है। हर आशंका का समाधान किया गया है। जिन जानकारियों का अभाव था, वो जानकारियां भी हर सदस्य को दी गई हैं। किसी के मन में विरोध का जो कोई भी विषय था, उसका भी समाधान हुआ है।

महिला आरक्षण के इस विषय पर देश में चार दशक तक बहुत राजनीति कर ली गई है। अब समय है कि देश की आधी आबादी को उसके अधिकार अवश्य मिलें।

आजादी के इतने दशकों बाद भी भारत की महिलाओं का निर्णय प्रक्रिया में इतना कम प्रतिनिधित्व रहे, ये ठीक नहीं।

अब कुछ ही देर लोकसभा में मतदान होने वाला है। मैं सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करता हूं… अपील करता हूं...

कृपया करके सोच-विचार करके पूरी संवेदनशीलता से निर्णय लें, महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करें।

मैं देश की नारी शक्ति की तरफ से भी सभी सदस्यों से प्रार्थना करूंगा… कुछ भी ऐसा ना करें, जिनसे नारीशक्ति की भावनाएं आहत हों।

देश की करोड़ों महिलाओं की दृष्टि हम सभी पर है, हमारी नीयत पर है, हमारे निर्णय पर है। कृपया करके नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का साथ दें।”

“मैं सभी सांसदों से कहूंगा...

आप अपने घर में मां-बहन-बेटी-पत्नी सबका स्मरण करते हुए अपनी अंतरात्मा को सुनिए ...

देश की नारीशक्ति की सेवा का, उनके वंदन का ये बहुत बड़ा अवसर है।

उन्हें नए अवसरों से वंचित नहीं करिए।

ये संशोधन सर्वसम्मति से पारित होगा, तो देश की नारीशक्ति और सशक्त होगी… देश का लोकतंत्र और सशक्त होगा।

आइए… हम मिलकर आज इतिहास रचें। भारत की नारी को… देश की आधी आबादी को उसका हक दें।”

"Parliament is discussing a historic legislation that paves the way for women’s reservation in legislative bodies. The discussions, which began yesterday, lasted till around 1 AM and have continued since the House proceedings began this morning.

The Government has addressed all apprehensions and misconceptions relating to the legislation with facts and logic. All concerns have been addressed and any gaps in information have also been filled.

For nearly four decades, this issue of women’s reservation in legislative bodies has been inordinately delayed. Now is the time to ensure that half of the nation’s population receives its rightful due in decision making. Even after so many decades of Independence, it is not right that women in India have such limited representation in this area.

In a short while from now, voting will take place in the Lok Sabha. I urge and appeal to all political parties to reflect carefully and take a sensitive decision by voting in favour of women’s reservation.

On behalf of our Nari Shakti, I also request all members not to do anything that may hurt the sentiments of women across India. Crores of women are watching us…our intent and our decisions. I once again request that everyone support the amendments to the Nari Shakti Vandan Adhiniyam.”

"I would like to appeal to all Members of Parliament…

Please reflect upon your conscience, remembering the women in your own families.

The legislation to ensure women’s reservation in legislative bodies is a significant opportunity to do justice to women of our nation.

Please do not deprive our Nari Shakti of new opportunities.

If this amendment is passed unanimously, it will further empower the women of our country and strengthen our democracy.

Let us come together today to create history.

Let us ensure that the women of India, who are half of the nation’s population, receive their rightful due.”