The people who hurt the confidence of India & who have selfish interests, don’t have any place in governance: PM Modi
For the comfort of the poor, we have built roads, expressways, ran modern trains from village to village: PM Modi on upgrading the infrastructure of UP
These horribly corrupt ‘Pariwarvadis’ are neither concerned about the middle class nor the poor, backward, deprived Dalits, farmers, youth and the daughters of UP: PM Modi

महाराजगंज क्षेत्र और इस पूरे इलाके के लोगों को मैं आदरपूर्वक प्रणाम करता हूं। आप सब लोगन के गोड़ लागत बानी! भाजपा की जीत का जो परचम पश्चिम से लहराना शुरू हुआ है, वो पूरब में और प्रचंड हो गया है। 

भाइयों और बहनों,

महाराजगंज का ये क्षेत्र सीमा से लगा हुआ है। सीमा पर शांत क्षेत्र हो या चुनौती भरा, वहां रहने वाला बच्चा-बच्चा इस बात को जानता है कि देश के सामर्थ्य का कितना महत्व होता है। जितना ज्यादा देश का सामर्थ्य, उतना ही सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाला सुरक्षित। बीते 2 सालों से तेजी से बदलती दुनिया की स्थिति आप देख रहे हैं। दुनिया इस समय बहुत सी चुनौतियों से गुजर रही है। इन हालात से कोई भी अछूता नहीं रह सकता। अमीर हो गरीब हो, किसान हो या मजदूर, व्यापारी-कारोबारी या कर्मचारी, दुनिया के हर नागरिक पर किसी ना किसी रूप से इस पर असर पड़ता है। ऐसी स्थिति में भारत का ताकतवर होना इस वक्त सबसे बड़ी जरूरत है। 

साथियों, 

आप मुझे बताइए भारत ताकतवर होना चाहिए की नहीं होना चाहिए, भारत मजबूत होना चाहिए की नहीं होना चाहिए। भारत हिम्मतवाला होना चाहिए की नहीं होना चाहिए। 

साथियों,  

खेती से लेकर मिलिट्री तक, समंदर से लेकर स्पेस तक, भारत को हर क्षेत्र में शक्तिशाली बनना है। इसलिए देश के इतने बड़े राज्य के रूप में उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी, हम सब उत्तर प्रदेश के लोगों की जिम्मेदारी सबसे बड़ी है। इस बार आपका वोट, आपने गांव के, गली के, मोहल्ले के, अपने जिले के विकास के लिए तो है ही, साथ-साथ आपका वोट भारत को ताकतवर बनाने के लिए भी है। बनाएंगे न, भारत को ताकतवर बनाना है न, आपका वोट भारत को ताकतवर बनाएगा की नहीं बनाएगा। इस बार आपका वोट, समर्थ देश के लिए, सशक्त उत्तर प्रदेश के लिए है ये घोर परिवारवादी लोग कभी भी भारत को समर्थ नहीं बना सकते, यूपी को सशक्त नहीं बना सकते। बना सकते हैं क्या, ये घोर परिवारवादी कुछ कर सकते हैं क्या। इस कोरोना काल में आपने देखा है कि कैसे इन लोगों ने भारत के आत्मविश्वास को चोट पहुंचाने की कोई कोशिश छोड़ी नहीं। भारत में बनी जिस कोरोना वैक्सीन पर हर हिंदुस्तान को गौरव होना चाहिए था, इन घोर परिवारवादियों को भी गौरव होना चाहिए था, उस वैक्सीन के खिलाफ ही इन परिवारवादियों ने देश के गरीबों को भड़काने की कोशिश की। दुनिया के बड़े-बड़े देश भी आज वैक्सीन लगाने में भारत से पीछे हैं। भारत बहुत आगे निकल गया है। आज हमारा भारत, अपने नागरिकों को पौने दो सौ करोड़ वैक्सीन डोज मुफ्त लगा चुका है। आपका टीका लगा है कि नहीं लगा है। हाथ ऊपर करके बताइए लगा है टीका। आपको एक रुपया भी खर्च करना पड़ा है क्या , कोई पैसा देना पड़ा है क्या। 

भाइयों-बहनों 

यही आत्मनिर्भर भारत की ताकत है, शक्तिशाली भारत की ताकत है। लेकिन ये घोर परिवारवादी, अपने स्वार्थों की वजह से भारत को ताकतवर देखना नहीं चाहते हैं। कुछ न कुछ रोड़ अटकाते रहते हैं। इसलिए इस चुनाव में एक बार फिर इन्हें हराना है, हराओगे, फिर से उनके महल में वापस भेजोगे। हर सीट पर पटखनी देनी है। देंगे क्या। कोई सीट उनके पास जानी नहीं चाहिए, करोगे न। चाहे बीजेपी हो या निषाद पार्टी या अपना दल हर कोई जीत कर आना चाहिए। करोगे न। भारत के आत्मविश्वास पर, हमारी आत्मनिर्भरता पर हमला करने वालों को उत्तर प्रदेश कभी माफ नहीं करता, दोस्तों ये जो हम कहते हैं न कि माफ नहीं करता। इसका कड़ा संदेश आपको वोट देकर देना है, देंगे न। 

साथियों, 

महाराजगंज की इस उपजाऊ मिट्टी को ईश्वर ने खास वरदान दिया है। लेकिन घोर परिवारवादियों की सरकारों ने आपको विकास से जानबूझकर वंचित रखा। इस क्षेत्र में उन्होंने कोई मूलभूल सुविधाएं, कोई इनफ्रास्ट्रक्चर नहीं बनने दिया, पूर्वांचल को सड़कों से वंचित रखा! इन लोगों की नीतियों की वजह से यहां की चीनी मिलें बंद हुईं, किसानों की हालत बदतर होती गई। आज जब महाराजगंज, कुशीनगर और पूरा पूर्वांचल, पूरा यूपी, विकास की राह पर चल पड़ा है, तो इन घोर परिवारवादियों को नींद हराम हो जाती है, उनको बुरा लगता है कि पूर्वांचल कैसे आगे बढ़ रहा है। पूर्वांचल को जात-पात में उलझा कर ये घोर परिवारवादी खुद यूपी का विकास रोकना चाहते हैं। ऐसे लोगों से, भाइयों-बहनों आज मैं आपके पास यही कहने आया हूं कि इन घोर परिवारवादियों से  सावधान रहना है। सावधान रहेंगे, एक-एक को जगाएंगे, मेरी बात पहुंचाएंगे।

साथियों,

जिन जिलों को घोर-परिवारवादियों ने जितना पीछे धकेला, उनके विकास के लिए हम उतनी ही ज्यादा मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने जो नहीं किया, जो उन्हें करना चाहिए था। वो भी हम पूरा कर रहे हैं। साथियों महाराजगंज इसका भी एक उदाहरण है। आज नेपाल बॉर्डर पर सड़कों का जाल बिछ रहा है, मुख्य सड़कें फोरलेन व हाईवे में बदली जा रही हैं। कुशीनगर में अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट शुरू होने के बाद अब यहां पर्यटकों की संख्या भी बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। पूरी दुनिया से जब श्रद्धालु कुशीनगर आएंगे, तो इसका लाभ इस पूरे क्षेत्र को होने वाला है। इस बजट में हमने सीमा पर जो गांव है, हमारे आखिरी गांवों का जो पट्टा है, इस बजट में हमारे सीमा पर सटे हुए आखिरी गांवों के विकास के लिए एक विशेष योजना बनाई है और सिर्फ बातें नहीं की हैं। इस बजट में धन का प्रावधान किया है और नाम दिया है वाइब्रेंट विलेज। सीमावर्ती गांवों को हम ताकत देंगे। और हमारे पंकज जी, ये बजट बनाने में उनका बहुत बड़ा रोल है। ये हमारे देश के वित्त मंत्रियों में से हैं। और इसलिए उन्होंने सुझाव दिया, क्योंकि वे इस इलाके से आते हैं सीमा की स्थिति का पता है। उन्होंने मुझे बताया की मोदी जी सीमा के गावों के लिए हम विशेष प्रवधान करें। मैने कहा पंकज जी आपके मन में जो है कर दीजिए, इसलिए ये वाइब्रेंट विलेज, भाइयों-बहनों ये योजना, सीमा के किनारे बसे गांवों में विकास को तेज गति देने के लिए है। मुझे पलायन रोकना है और सीमा का गावों को मजबूत और जिंदा दिल बनाना है।  महाराजगंज को तो इसका विशेष लाभ मिलना ही मिलना है। 

साथियों, 

घोर परिवारवादी जब सत्ता में आते हैं तो भ्रष्टाचार के जरिए अकूत संपत्ति बनाते हैं। वो खुद के लिए, अपने कुनबे के लिए नोटों के ढेर लगा देते हैं। इन परिवारवादियों की कोशिश रही है कि सारी सुविधाएं, सारे साधन उनके परिवार के लोगों के पास ही रहे। वो गरीब की परेशानी कभी नहीं समझते, गरीब की तकलीफ नहीं देखते। ये लोग अगर बीमार पड़े, तो इनके पास इलाज के लिए अच्छे से अच्छे इलाज की सुविधा होती है। विदेश जाना है तो भी पहुंच जाते हैं। लेकिन गरीब जब बीमार पड़ता है, तो इलाज का खर्च, उस बेचारे को कर्ज करके ही चुकाना पड़ता है, उसकी मुसीबतें बढ़ा देता है। और इसलिए ही हमारी सरकार ने आयुष्मान योजना बनाकर गरीब को 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दी है। और मेरे प्यारे भाइयों-बहनों, ये जो पांच लाख रूपये की जो सुविधा है न, मेरे गरीब परिवार का कोई व्यक्ति, गंभीर से गंभीर बीमारी उसे हो गई, बड़े से बड़े अस्पताल में भी जाना है, तो भी 5 लाख रुपए तक का खर्चा मोदी करेगा, आप के लिए करेगा। इतना ही नहीं आपको मुंबई के अस्पताल में जाना पड़ा। अहमदाबाद के के अस्पताल में जाना पड़ा। चेन्नई के अस्पताल में जाना पड़ा। तो भी खर्चा मोदी उठाएगा, ये मैं आपको विश्वास देता हूं।  आज हम गरीब के लिए यूपी के हर जिले में मेडिकल कॉलेज बनवा रहे हैं, यूपी में आधुनिक अस्पताल खुलवा रहे हैं। 

साथियों, 

घोर परिवारवादियों को अपने बच्चों को पढ़ाने की चिंता भी नहीं होती। वो तो चपाचप अंग्रेजी पढ़ लेते हैं और विदेशों में पढ़ने चले जाते हैं। मैंने तो कह दिया। अब डॉक्टर बनना है तो अंग्रेजी की जरूरत नहीं है, अपनी मातृभाषा में पढ़ करके डॉक्टर बन सकता है। अपनी मातृभाषा में पढ़ करके इंजीनियर बन सकते हैं। ये गरीब परिवारों को लूट करके जिन्होंने रुपए कमाए हैं। ये परिवारवादी लोग जो है अपने-अपने बच्चों का अच्छे से अच्छे स्कूलों-कॉलेजों में दाखिला करा लेते हैं, उन्हें विदेश भेज देते हैं। गरीब के बच्चों को, मध्यम वर्ग के बच्चों को अच्छी पढ़ाई मिले, इसकी चिंता हमारी ही सरकार कर रही है। भाजपा सरकार ने गरीब बच्चों की स्कॉलरशिप बढ़ाने से लेकर। जैसे मैने कहा अपनी मातृभाषा में पढ़ने की व्यवस्था हमने अपने देश में लागू की है, मेरे भाईयों। 

साथियों, 

इन परिवारवादियों को कहीं आना जाना होता है तो इनके पास बड़ी-बड़ी गाड़ियां होती हैं, पलक झपकते ही ये हवा में उड़ सकते हैं। लेकिन गरीब को तो जमीन पर ही रहना होता है। हमने गरीब, मध्यमवर्ग के सफर को आरामदायक बनाने के लिए गांव-गांव में सड़कें बनवाई हैं, एक्सप्रेसवे बनाए हैं, आधुनिक ट्रेनें चलवाई हैं। किसानों के लिए स्पेशल किसान रेल चलाई है ताकि किसान अपना माल दूसरे शहरों में बेचने के लिए तुरंत पहुंच सके। 

भाइयों-बहनों 

इन लोगों के घर में बिजली चली जाय तो अंधेरा दूर करने के लिए भी बहुत से साधन होते हैं। कमरा ठंडा करना तो बहुत से साधन होते हैं, ठन में कमरा गरम करना है, तो भी बहुत कुछ होता है। पर यूपी के हर जिले में, हर गरीब के घर में ज्यादा से ज्यादा बिजली आए, ये व्यवस्था तो भाजपा सरकार ने की भाइयों। इन परिवारवादियों के घर के बच्चे कुछ भी करना चाहें तो पैसों की कभी कमी नहीं होती। गरीब के बच्चे अपना सपना पूरा कर पाएं इसके लिए हमारी सरकार मुद्रा योजना, कौशल विकास, उनकी मदद के लिए हम काम कर रहे हैं। 

साथियों, 

अकूत संपत्ति कमाने वाले इन परिवारवादियों को घर बनाना हो तो, वो लखनऊ में भी घर बना सकते हैं और लंदन में भी घर बनवा सकते हैं। लेकिन गरीब के सिर पर पक्की छत हो इसकी चिंता मोदी दिन रात करता है मेरे भाइयों। ये लोग तो कई-कई घर, बड़े-बड़े फार्महाउस खरीद लेते हैं। लेकिन मध्यमवर्ग जो जिंदगी में एक घर बनाता है उसे भी घर के लिए लोन लेना पडता है। ऐसे मध्यमवर्ग को सस्ता लोन दिलाकर हमारी सरकार उसके घर का सपना पूरा कर रही है।

साथियों, 

इन घोर भ्रष्टाचारी, परिवारवादियों को ना तो मध्यमवर्ग की चिंता है और ना ही गरीब की, ना ही पिछड़ों की, वंचित-दलित या किसान की चिंता नहीं है। माताएं-बहनें और नौजवान उनकी लिस्ट में ही नहीं हैं भाइयों। इन परिवारवादियों ने कोरोना के समय में जो किया, उसे उत्तर प्रदेश के लोग कभी नहीं भूल सकते। सौ साल की सबसे बड़ी मुसीबत कोरोना पूरी दुनिया को दो साल से चपेट में लिया हुआ है, पूरी मानव जाति इस मुसीबत में फंसी हुई है। । लेकिन ये परिवारवादी आपकी मदद करने के बजाय अपने घर में घुसकर बैठ गए। अपने को बचाते रहे , ये भाजपा के कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों की चिंता करते रहे। भाइयों-बहनों मुझे गरीब की चिंता है, कोरोना के इस कालखंड में मेरे किसी गरीब परिवार के घर में कोई भूखा नहीं सोना चाहिए। किसी गरीब के घर में ऐसा दिन न आए की उसका चूल्हा न जला हो। इसलिए भाइयों-बहनों हमने 15 करोड़ गरीबों को, उत्तर प्रदेश में 15 करोड़ गरीबों को मुफ्त राशन देकर के उनको हमने इस मुसीबत से बचाने का, सेवा भाव से पवित्र भाव से काम किया है। अगर यूपी में इनकी सरकार होती तो क्या होना, अनाज राशन माफिया हड़प कर जाते और रुपए उनकी जेब में चले जाते, लेकिन योगी जी के राज में आपका हक आप तक पहुंच रहा है। 

साथियों,

यूपी के भविष्य के लिए मुझे आपका आशीर्वाद चाहिए। पूर्वांचल की प्रगति के लिए आपका आशीर्वाद चाहिए। देश की मजबूती के लिए आपका आशीर्वाद चाहिए। आपका आशीर्वाद मुझे है ना, मुझको है ना, इन सबको है ना। ये मेरे सभी साथियों को है न। आप इतनी बड़ी तादाद में आकर के हमें आशीर्वाद दे रहे हैं। भाईयों-बहनों जीवन में इससे बड़ा सौभाग्य क्या होता है। 

भाइयों-बहनों 

मेरा एक काम करोगे आप लोग। मेरा एक काम करोगे। पूरी ताकत से हाथ उठा कर बताइए मेरा काम करोगे, और जरा जोर से बताइए करेंगे और जोर से बताइए करेंगे, बहुत छोटा काम है। ये हमारे इलाके में मतदान से पहले हर घर जाना है। जाएंगे, हर घर जाएंगे , हर घर में लोगों से मिलेंगे , मिलकर मेरी एक बात बताएंगे, इतना ही कहना है मोदी जी आए थे आपको प्रणाम भेजा है। देखिए आप घर-घर जाकर के मेरा प्रणाम पहुंचाएंगे न, तो वो जो आशीर्वाद देंगे थोड़ा हिस्सा आपको भी मिलेगा, थोड़ा हिस्सा मुझे भी मिलेगा। तो ये पुण्य मेरे काम आएगा, आएगा न। तो घर घर जाएंगे हर एक को जगाएंगे, मतदान करवाएंगे।  

याद रखिएगा- 

पहले मतदान, 

फिर जलपान!

 

मेरे साथ बोलिए 

भारत माता की.....

भारत माता की.....

 

बहुत-बहुत धन्यवाद!

 

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Prime Minister recalls the courage of those impacted by Partition on Partition Horrors Remembrance Day
August 14, 2026
PM shares Sanskrit Subhashitam highlighting the power of hard work and human endeavor

Prime Minister Shri Narendra Modi today stated that as we mark Partition Horrors Remembrance Day, we recall the courage of all those who were impacted by Partition. He noted that it was a moment in history that tore apart several lives, where families were uprooted, loved ones were lost, and immense suffering was endured.

The Prime Minister highlighted that at the same time, overcoming this, people rebuilt their lives from nothing, turned adversity into achievement, and contributed immensely to our nation’s progress. He observed that their life journeys remind us of the strength of the human spirit. Shri Modi expressed hope that this day may deepen our resolve to preserve harmony and brotherhood in our nation and collectively work towards building a Viksit Bharat.

The Prime Minister offered his heartfelt tributes to all those countrymen who, emerging from that horrific period, made invaluable contributions to the progress of the country. He stated that through their courage and capability, they showed how resolutions are accomplished even in adverse circumstances. Shri Modi called upon everyone to further strengthen the national spirit of goodwill and solidarity.

Sharing a Subhashitam, the Prime Minister emphasized that it is through hard work, enterprise, and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship, and innovations flourish, paving the way for success. He added that therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence, and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.

In a series of posts on X, the Prime Minister wrote:

"Today we mark #PartitionHorrorsRemembranceDay. We recall the courage of all those who were impacted by Partition. It was a moment in history that tore apart several lives…families were uprooted, loved ones were lost and immense suffering was endured.

At the same time, overcoming this, people rebuilt their lives from nothing, turned adversity into achievement and contributed immensely to our nation’s progress. Their life journeys remind us of the strength of the human spirit.

May this day deepen our resolve to preserve harmony and brotherhood in our nation and collectively work towards building a Viksit Bharat."

"विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।

उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः।
कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”

It is through hard work, enterprise and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship and innovations flourish, paving the way for success. Therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.