Congress & SP, who used to blame & allege each other joined hands. They are well aware that their parties won't be able to survive: PM
SP did not respect ideals of Ram Manohar Lohia ji by allying with the Congress: PM
SP is least concerned about improving law & order situation in UP: Shri Modi
Our Government is for the welfare of poor, the underprivileged & the farmers: PM Modi
BJP believes in Sabka Sath, Sabka Vikas. We do not discriminate anyone on the grounds of caste & religion: PM

भारत माता की जय। भारत माता की जय। मंच पर विराजमान भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश के महासचिव श्री विजय बहादुर पाठक जी, केंद्र में मंत्री परिषद की मेरी साध्वी निरंजन ज्योति जी, क्षेत्रीय अध्यक्ष श्रीमान मानवेंद्र सिंह जी, फतेहपुर जिला के अध्यक्ष श्री दिनेश वाजपेयी जी, श्री मुख लाल पाल जी, श्रीमति निवेदिता सिंह जी, श्री पुरुषोत्तम खंडेलवाल जी, श्री प्रमोद द्विवेदी जी, श्री रामलखन यादव जी, श्रीमान अन्नू श्रीवास्तव जी, श्रीमान नगेंद्र गुप्ता जी। और इस चुनाव में जो प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं, जहानाबाद से अपना दल के हमारे साथी श्रीमान जयकुमार जैकी जी, हुसैनगंज से भाजपा के उम्मीदवार श्री नरवेंद्र प्रताप सिंह जी, खागा से उम्मीदवार श्रीमति कृष्णा पासवान जी, आयशा से उम्मीदवार श्रीमान विकास गुप्ता जी, पिंडवारी से उम्मीदवार श्रीमान ब्रजेश प्रजापति जी, बिंदकी से उम्मीदवार करण सिंह पटेल जी, बबेरू से उम्मीदवार श्रीमान चंद्रपाल कुशवाहा जी, फतेहपुर सदर से उम्मीदवार श्रीमान विक्रम सिंह जी और विशाल संख्या में पधारे हुए मेरे प्यारे भाइयों और बहनों। मेरे साथ पूरी ताकत से बोलिए। भारत माता की जय। दोनों मुट्ठी बंद करके बोलिए। भारत माता की जय।

भाइयों और बहनों,

एक तरफ चुनाव की गर्मी और दूसरी तरफ ठंड भी विदाई लेकरके गर्मी का अहसास होने लगा है। लेकिन ऐसे समय भी, मैं आज इस मैदान में एक साथ तीन-तीन सभाएं देख रहा हूं। एक तो एक मैदान, उधर पीछे एक टीला है, उस पर चढ़ गए है और इधर मैं देख रहा हूं, वो भी बड़ी तादात में मुझे नजर आ रहे हैं।

भाइयों बहनों।

ये एक जिले की रैली नहीं, एक राज्य की रैली करेंगे तो भी लोग कहेंगे कि इतनी बड़ी रैली कैसे हुई। जहां-जहां मेरी नजर पहुंचती है, लोग ही लोग नजर आ रहे हैं। मैं यहां पर भारतीय जनता पार्टी और अपना दल के हर छोटे सिपाही को इतने बड़े सफल आयोजन के लिए ह्रदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं। अद्भूत काम किया है, अद्भूत काम किया है। और जो लोग ये कर सकते हैं, वो लोग मतदाताओं के घर-घर जाकरके भारतीय जनता पार्टी और अपना दल को भव्य विजय दिलाएंगे, ये मेरा पूरा विश्वास है।

भाइयों बहनों।

आज छत्रपति शिवाजी महाराज की जन्म जयंती का पर्व है। छत्रपति शिवाजी महाराज हमारे देश में सदियों से प्रेरणा के स्रोत रहे हैं। और ये भी सही है कि और कोई शिवाजी पैदा होना भी संभव नहीं लगता है। भाइयों बहनों। शिवाजी पैदा हो या न हो, लेकिन कम से कम सवा सौ करोड़ देशवासी सेवाजी तो बन सकते हैं। अरे शिवाजी न बन पाए तो न बन पाए, सेवाजी जरूर बने। हर हिन्दुस्तानी हर दिन एक सेवा का काम करे तो शिवाजी के सपनों को भी सेवा के माध्यम से संपन्न किया जा सकता है।

भाइयों बहनों।

मैं सरदार बल्लभ भाई पटेल की भूमि से आ रहा हूं। मेरे देश के किसान भाइयों बहनों। इस देश में अनेक महारुपषों को उत्तम से उत्तम श्रद्धांजलियां दी गयी होगी। लेकिन जो श्रद्धांजलि सरदार बल्लभ भाई पटेल को दी गयी है, शायद ही दुनिया में किसी महापुरुष को ऐसी श्रद्धांजलि मिली हो। आज देश में सरदार साहब के जाने के बाद, दूसरी और तीसरी पीढ़ी जीवन की मुख्य धारा में हैं। अधिकतम वे लोग हैं, जिन्होंने सरदार साहब को देखा ही नहीं है। लेकिन भाइयों बहनों। हर हिन्दुस्तानी एक बात जरूर कहता है कि काश आज सरदार पटेल जिंदा होते तो कितनी बड़ी श्रद्धांजलि है। देश के लोग दूसरी बात भी कहते हैं। देश कहता है, अच्छा होता अगर देश के पहले प्रधानमंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल होते तो देश की दिशा अलग होती।

भाइयों बहनों।

हिन्दुस्तान के सामान्य मानवी के दिल में सरदार बल्लभ भाई पटेल के प्रति ये जो श्रद्धा का भाव है वो हमें कर्तव्य की प्रेरणा भी दे रहा है, जिम्मेदारी का अहसास भी कराता है। जो सपने सरदार पटेल ने देखे थे, उन सपनों को भले 70 साल बीत गए, अब भी हम सबने कठोर परिश्रम करके, सही नीतियां बनाकरके, ईमानदारी और नीयत के साथ, अगर उन नीतियों को लागू किया तो सरदार साहब के सपनों को हम पूरा कर सकते हैं।

भाइयों बहनों।

ये हमारा फतेहपुर, एक सांस्कृतिक विरासत है, ऐतिहासिक धाम है। यहां के कई स्थान विटोरा, असबीगा पुराणों में भी उसका उल्लेख है। विटोरा, भृगु ऋषि की तपोस्थली माना जाता है। सिखों के पांचवें गुरु अर्जुन देवजी की ये तपोस्थली रही है। स्वातंत्र्य सेनानी गणेश शंकर विद्यार्थी, शहीद जोधा सिंह अनगिनत नाम बलिदानों की परंपरा, यही धरती है जिसने देश को राष्ट्रकवि सोहनलाल द्विवेदी को दिया है। वो इमली का पेड़ जहां पर हमारे 52 स्वातंत्र्य सेनानियों को फांसी पर लटका दिया गया। भाइयों बहनों। उस फासी के बाद, कहते हैं कि उस इमली के पेड़ का विकास रूक गया। 14 साल हो गये, 14 साल हो गए भाइयों बहनों। उत्तर प्रदेश में भी विकास को वनवास मिल गया। अब 14 साल पूरे हो गए हैं। विकास का वनवास भी खत्म होना चाहिए। उत्तर प्रदेश को विकास के राह पर चलना चाहिए। देश आगे बढ़ रहा है, उत्तर प्रदेश को पीछे नहीं रहने देना चाहिए।

भाइयों बहनों।

उत्तर प्रदेश में चुनाव के दो चरण पूर्ण हो चुके हैं। तीसरा चरण चल रहा है और मैं देख रहा हूं कि मतदाता बहुत ही भारी उत्साह के साथ, नये सपनों के साथ, नई आशा के साथ, भरपूर उमंग के साथ मतदान कर रहे हैं। पहले दो चरण के संकेत जो मिले हैं, ये साफ बता रहे हैं कि भारतीय जनता पार्टी भारी बहुमत से उत्तर प्रदेश में विकास की गंगा बहाएगी। भाइयों बहनों। सरकारी खजाने से अनाप-शनाप धन लुटा करके टीवी और अखबारों में छाए रहने का प्रयास करके, जितना धन एडवर्टाइजमेंट में खर्च कर सकते हैं, खर्च करके उत्तर प्रदेश की सपा सरकार ने सोचा था कि प्रचार प्रचार प्रचार करके लोगों की आंखो में ऐसी धूल झोंकेंगे कि लोग दूसरा कुछ देख ही नहीं पाएंगे।

लेकिन भाइयों बहनों।

ये जनता है, सब कुछ जानती है। जनता बड़ी आसानी से दूध का दूध, पानी का पानी कर लेती है। आपके इरादे नेक है कि नहीं है, आपकी नीयत साफ है कि नहीं है, आपकी नीतियां ठीक है कि नहीं है, आपकी प्राथमिकताएं उचित है कि अनुचित। ये जनता जनार्दन भली भांति समझ लेती है। और आपने देखा। कुछ लोगों को लगा कि मौका आया है, सारे देश में तो पिट गये लेकिन अपने पुरखों के नाम पर शायद उत्तर प्रदेश में बच जाएं। बड़ी आशाएं थीं, बड़े सपने थे। जिन्होंने कभी धूप नहीं देखी थी, जिन्होंने कभी रात को गांव कैसा होता है, पता नहीं था। जो सोने के चम्मच लेकर पैदा हुए थे। ऐसे लोगों को 27 साल यूपी बेहाल, गांव-गांव गए। उनको लगा था कि मौका है, सपा खत्म हो रही है, शायद जगह बन जाए, लेकिन पूरा भ्रमण करने के बाद पाया, कुछ मेल नहीं बैठ रहा है। भारी प्रचार करने वालों को भी लगा कि 5 साल बीत गए, जनता का विश्वास टूट चुका है, तो करें क्या। उन्होंने सोचा कि तू भी डूब रहा है, तू भी डूब रहा है। अरे यार चलो हाथ पकड़ लें, शायद बच जाएं।

भाइयों बहनों।

जब उन्होंने हाथ पकड़ा, गले लगे। लेकिन पहले ही दिन पता चला कि रास्ता बड़ा कठिन है। पहले दिन निकले थे रथ पर, तार के तार ऐसे लटक रहे थे तो ऐसे कांप रहे थे कि कहीं करंट न लग जाए। अखिलेश जी नहीं कांप रहे थे, उनके दूसरे नये-नये साथी कांप रहे थे, डर रहे थे। कि ये तारों के बीच से रथ निकल रहा है तो झुक जाते थे लेकिन लगता था तार कहीं छू जाएगा तो गए। अखिलेशजी परेशान नहीं थे, क्योंकि उनको पता था तार है, बिजली कहां है।

भाइयों बहनों।

5-6 दिन तो ऐसे नाच रहे थे, ऐसे गाने सुना रहे थे कि वाह, वाह। कुछ नया कर दिया। जैसे ही नामांकन होना शुरू हुआ। एक के बाद एक पत्ते खुलने लगे। पहले सपा वाले कहते थे, हम किसी से समझौता नहीं करेंगे, दो तिहाई बहुमत से पहले से ज्यादा सीट लेकर आएंगे। थोड़े दिन के बाद, वो बोलना बंद हो गया। बाद में कहने लगे, अब हम दो लोग मिल गए हैं तो हम अब भारी बहुमत से जीतकर आएंगे। लेकिन आज श्रीमान अखिलेशजी ने सुबह, आज सुबह वो मतदान करने गये थे। मतदान करने के बाद, टीवी वालों ने जब उनसे पूछा, सुबह-सुबह थी, इंसान कितना फ्रेश होता है, तेज तर्रार होता है, उनकी उमर भी तो ऐसी है। लेकिन मैंने टीवी पर देखा सुबह, चेहरा लटक गया था, आवाज में दम नहीं था। डरे हुए थे, शब्द खोज रहे थे। आप देखना, टीवी पर वो चल रहा था उनका, जैसे बाजी हार चुके हैं। बड़ी मुश्किल से बोले, बड़ी मुश्किल से। चुनाव से पहले अकेले जीतेंगे कहते थे। फिर कहते थे कि समझौते किया है इसलिए जीतेंगे। आज सुबह कह रहे थे कि हमारी पार्टी तो सबसे बड़ी पार्टी तो बनेगी ही। क्या हो गया भाई। अभी तो तीसरा चरण हुआ नहीं है पूरा, कारण जनता जनार्दन है। अब देश झूठ को स्वीकार नहीं करता है। देश गलतियों को तो माफ करता है लेकिन प्रजा के साथ धोखा, ये देश कभी माफ नहीं करता है। आपने जनता के साथ धोखा किया है। राम मनोहर लोहिया जिन सपनों को लेकर चले थे, उन सपनों की पीठ में छुरा भोंका है। जिस पार्टी ने 70 साल तक देश को लूटा, उस पार्टी की गोद में बैठकरके आपने राम मनोहर लोहिया को अपमानित किया। जनता इस बात को लेकर कभी माफ नहीं करेगी।

भाइयों बहनों।

अभी मैंने, थोड़े दिन पहले मैंने कहा था कि उत्तर प्रदेश में थाना ये सपा का कार्यालय बन गया है। बना है कि नहीं बना है ...? बना है कि नहीं बना है ...? ये पुलिसवालों की मंजूरी से नहीं बना है। ये पुलिसवालों की मजबूरी से बना है। उनको करोगे तो तबादला हो जाएगा, अगर हमारी बात नहीं मानोगे तो नौकरी से घर चले जाओगे। उनको डराकर धमकाकरके पुलिस के थानों को सपा के कार्यालय में परिवर्तित कर दिया गया। जब लोकल, एक सपा वाला जिसकी साइकिल पर झंडा लटकता है, वो जब तक कहे नहीं, कोई कितना भी ईमानदार व्यक्ति क्यों न हो, उसकी बात थाने में  सुनी नहीं जाती। भाइयों बहनों। आपने देखा। इस देश के सर्वोच्च न्यायालय को डांटना पड़ा। इस देश के सर्वोच्च न्यायालय को उत्तर प्रदेश की सरकार को डांटना पड़ा कि गायत्री प्रजापति के खिलाफ एफआईआर लिखो। इस देश में एक थाने में एक एफआईआर लिखवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट को बीच में आना पड़ा।

भाइयों बहनों।

जिस राज्य में थाने का ये हाल होगा, बलात्कार करने वालों को खुली छूट होगी और न्याय के लिए तरस रही मां को बेटी को को सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे खटखटाने पड़े। ये कौन सा काम किया आपने अखिलेश जी। ये आपके गायत्री प्रजापति ने कौन सा काम किया। आपके एमएलए के नाम आ रहे हैं, बलात्कार और उसके बाद हत्या। ये कौन सा काम किया। जरा उत्तर प्रदेश की जनता को गिनाओ तो। क्या आपको ऐसे काम करने के लिए बिठाया गया है। क्या ऐसे काम करने के लिए सपा सरकार बनाई थी। क्या मां-बेटियों की इज्जत लूटने के लिए सपा सरकार बनाई थी। क्या मां बेटियों की हत्या करने के लिए सपा की सरकार बनाई थी। ये काम है कि कारनामा। हैरानी तो देखो, अपना चुनावी अभियान कहां से शुरू किया। अखिलेश जी, आपने अपना चुनाव अभियान गायत्री प्रजापति की चुनाव प्रचार से शुरू किया है। जरा उत्तर प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि सपा और कांग्रेस का गठबंधन भी गायत्री प्रजापति जितना पवित्र है क्या? जरा उत्तर प्रदेश की जनता को जवाब दो।

भाइयों बहनों।

आज उत्तर प्रदेश बलात्कार, बलात्कार का प्रयास, हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, दंगे, हर बात में नए विक्रम स्थापित कर रहा है। भाइयों बहनों। उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था प्राथमिकता होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए ...। आप मुझे बताइए कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था ठीक होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए ...। अगर कानून व्यवस्था नहीं है तो ईमानदार आदमी जी पाएगा ...? अगर कानून व्यवस्था नहीं है तो सामान्य मानवीय की जिन्दगी सुरक्षित रहेगी ...?

भाइयो बहनों।

अगर कानून व्यवस्था ठीक नहीं है तो कोई पूंजी निवेश नहीं आएगा? अगर कानून व्यवस्था ठीक नहीं है तो कल कारखाने नहीं लगेंगे? अगर कानून व्यवस्था ठीक नहीं है तो कोई उद्योग नहीं लगेंगे, रोजगार नहीं मिलेंगे। अगर रोजगार नहीं मिलेगा, तो मेरे उत्तर प्रदेश के नौजवानों को पलायन से कौन बचाएगा भाइयों बहनों। हर बात की जड़ों में, कानून व्यवस्था होती है। और इसलिए भाइयों बहनों। मैं आपसे अनुरोध करने आया हूं कि ऐसी सरकार जिसके लिए कानून व्यवस्था, ये प्राथमिकता है ही नहीं। भाइयों बहनों। दलित, पीड़ित, शोषित, वंचित, ये सबसे ज्यादा जुल्म के शिकार हो रहे हैं। दिन और रात इनके पर जुल्म की संख्या बढ़ती चली जा रही है। इनको कौन, गरीब का कोई हो ना हो, सरकार गरीब की होती है, गरीब के लिए होती है, पीड़ित के लिए होती है, दलित के लिए होती है, शोषित के लिए होती है, वंचित के लिए होती है।

इसलिए भाइयों बहनों।

उत्तर प्रदेश को ऐसी सरकार चाहिए जो उत्तर प्रदेश में सामान्य मानवीय की जिन्दगी की सुरक्षा की गारंटी दे, अगर कहीं कुछ होता है तो उसको विश्वास होना चाहिए कि किसी ने मुझ पर जुल्म किया है तो उसकी जिन्दगी जेल की सलाखों में जाएगी, यहां कानून अपना काम करेगा। भाइयों बहनों। आपका मकान, आपकी जमीन, कोई भी आकर गैरकानूनी कब्जा कर लेता है कि नहीं कर लेता है। पूरी ताकत से बताइए। आज यूपी के गांवों में भी गुंडा राज, जो गरीब की जमीन को हड़प कर लेना, गरीब के मकान को हड़प कर लेना, ये खुलेआम चल रहा है कि नहीं चल रहा है ...। चल रहा है कि नहीं चल रहा है ...। जिनके घरों पर गैर कानूनी कब्जा कर दिया है वो वापस मिलना चाहिए कि नहीं...।

भाइयों बहनों।

हम ऐसी सरकार देना चाहते हैं जो आपके हक को छीन लिया गया है, उसे हम लौटाना चाहते हैं। ...और इसलिए भाइयों बहनों। मैं उत्तर प्रदेश को कह रहा हूं। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार को भारी बहुमत से विजय बनाइए।

भाइयों बहनों।

हमारी सरकार गरीब के लिए है, किसान के लिए है। मैं उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी को बधाई देना चाहता हूं। उन्होंने एक संकल्प पत्र में महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि गन्ना किसानों का पुराना जो बकाया है, वो दस-बीस दिन में चुकता कर दिया जाएगा। दूसरा उन्होंने कहा कि अब गन्ना किसानों का भुगततान 14 दिन में हो जाएगा। ये भारतीय जनता पार्टी ने अपने संकल्प पत्र में कहा है। ये मुश्किल काम नहीं है, ये काम हो सकता है। करने के लिए नेक इरादा होना चाहिए। मैं उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी को बधाई देता हूं। उन्होंने बहुत बड़ा महत्वपूर्ण संकल्प किया है। उन्होंने कहा है कि उत्तर प्रदेश में भारती जनता पार्टी की सरकार बनेगी, पहली मीटिंग में जो छोटे किसान हैं उनकी फसल का जो कर्ज है, वो कर्ज माफ कर दिया जाएगा भाइयों।

भाइयों बहनों।

मैं उत्तर प्रदेश का सांसद हूं। उत्तर प्रदेश में भारी बहुमत देकरके केंद्र में स्थिर सरकार बनाई है। उत्तर प्रदेश ने भारी बहुमत देकर के मुझे प्रधानमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर दिया है। यूपी का सांसद हूं और सांसद के नाते, आज मैं वादा करता हूं। भाजपा की सरकार बनेगी। 11 मार्च को नतीजे आएंगे। दो चार दिन में शपथ हो जाएगा, नई सरकार बन जाएगी। और उसकी पहली मीटिंग होगी। मैं वादा करता हूं कि उस पहली मीटिंग में ही किसानों के कर्ज माफी का निर्णय करवा दूंगा।

भाइयों बहनों।

आपको याद होगा 2014 में जब लोग लोकसभा का चुनाव चल रहा था तो उस लोकसभा के चुनाव में कांग्रेस पार्टी क्या वादा लेकरके आयी थी। कांग्रेस पार्टी का बड़ा अधिवेशन हुआ था। सारे देश का ध्यान उस पर अधिवेशन पर था। सबको लगता था कि आज कांग्रेस बहुत बड़ा निर्णय करेगी। ध्यान था। जब मीटिंग हुई, प्रेस कान्फ्रेन्स में क्या कहा? हमने तय किया है कि 2014 के चुनाव में यूपीए की सरकार बनेगी, कांग्रेस की सरकार बनेगी तो गैस का सिलेंडर जो 9 देने का जो निर्णय किया है, उसको बदलकर के 12 सिलेंडर देने का फैसला करेंगे। 2014 के चुनाव में कांग्रेस पार्टी 12 सिलेंडर देंगे या 14 सिलेंडर देंगे, इस मुद्दे पर वोट मांगने आए थे। इनके सोचने की क्षमता देखो। उनके काम करने के इरादे देखो। देश की आवश्यकताओं के संबंध में उनकी समझ देखो।  हंसी आती है, मुझे उन पर हंसी आती है। 2014 के लोकसभा के चुनाव में गैस सिलेंडर 9 मिले या 12 मिले, इस मुद्दे पर वोट मांगने निकले थे।

भाइयों बहनों।

काम कैसे होता है। आपको पता है। सरकार बनने के बाद, मैंने लालकिले से देशवासियों को एक प्रार्थना की थी। एक बार इस धरती के संतान लाल बहादुर शास्त्री ने 1965 की लड़ाई के समय देशवासियों को कहा था कि आप सप्ताह में एक समय खाना छोड़ दीजिए। और इस देश करोड़ों लोगों ने लाल बहादुर शास्त्री की बात मानकरके सप्ताह में एक दिन खाना छोड़ दिया था। ये देश की ताकत है।

भाइयों बहनों।

मैंने लाल किले से देश को कहा था, अगर हमारे पास पैसे हैं, आर्थिक मुसीबत नहीं है। कुछ जिम्मेदारी हम भी ले सकते हैं। तो हमारे जैसे लोग जो इसको ले सकते हैं, उन्होंने गैस सिलेंडर की सब्सिडी नहीं लेनी चाहिए। अमीर से अमीर व्यक्ति भी गैस सिलेंडर का सब्सिडी लेता था हमारे देश में। मैंने कहा कि गरीब लोगों को सब्सिडी लेने की जरूरत होती है, अमीर लोग क्यों सब्सिडी इंजाय कर रहे हैं। छोड़ना चाहिए। मैंने कोई कानून नहीं बनाया, कोई डंडा नहीं चलाया, कोई नोटिस नहीं भेजी, सिर्फ प्रार्थना की थी।

भाइयों बहनों।

मैं मेरे देशवासियों को प्रणाम करता हूं। करीब-करीब सवा करोड़ लोगों ने अपने गैस सिलेंडर की सब्सिडी छोड़ दी। तब जाकरके मैंने वादा किया कि हमारी गरीब माताएं, झुग्गी झोपड़ी में रहने वाली माताएं, गांव में रहने वाली माताएं लकड़ी के चूल्हे से खाना पकाती है। लकड़ी के चूल्हे से खाना पकाती है और जब एक मां लकड़ी का चूल्हा जलाकर के खाना पकाती है। एक दिन में उसके शरीर में 400 सिगरेट का धुआं जाता है, उसके शरीर में। आप हमें बताइए। अगर उस मां के शरीर में 400 सिगरेट का धुआं जाएगा तो उसकी मां की तबीयत का क्या हाल होगा? घर में छोटे-छोटे बच्चे में खेल रहे हैं, जब मां खाना पकाती है। उस बच्चों के शरीर में भी धुआं जाता है। उन बच्चों की तबीयत का हाल क्या होगा।

भाइयों बहनों।

गरीब का दर्द क्या होता है, मैं भलीभांति जानता हूं। मेरी मां जिन्दगी भर लकड़ी का चूल्हा जलाकरके खाना पकाती थी। अपनी आंखों से देखा है, वो कैसे गर्मी के दिनों में कठिनाई झेलते हुए कठिनाई झेलते हुए हम बच्चों को खाना खिलाती थी। वो दर्द मैंने देखा है, महसूस किया है। प्रधानमंत्री बना, वो दर्द मुझे आज भी कुछ करने के लिए प्रेरणा देता है। और मैंने निर्णय किया। आने वाले तीन साल में 5 करोड़ गरीब परिवारों के घर में, मैं गैस का चूल्हा पहुंचाउंगा, गैस का सिलेंडर पहुंचाउंगा और मुफ्त में कनेक्शन दूंगा। भाइयों बहनों। अभी मैंने ये काम की शुरुआत तो 10-11 महीने पहले की थी। लेकिन 10-11 महीने के भीतर-भीतर अब तक पौने दो करोड़ से भी ज्यादा परिवारों में गैस का सिलेंडर, गैस का कनेक्शन पुहंच गया। लकड़ी का चूल्हा जलना बंद हो गया। धुएं से उस मां को मुक्ति मिल गयी।

भाइयों बहनों।

काम इसको कहते हैं। वो मां के आशीर्वाद बोलते हैं। जिन्होंने जिंदगी में कभी सोचा नहीं होगा कि उसके घर में कभी गैस का सिलेंडर का होगा। उसने तो यही सोचा होगा कि गैस सिलेंडर तो बड़े-बड़े अमीर लोगों के घरों में हो सकता है, जिसके घर में गाड़ी हो, उसी के घर में हो सकता है, जिसके घर में अलग रसोई घर हो, उसी के घर में हो सकता है। भाइयों बहनों। हमने दिखा दिया। हमने दिखा दिया कि गरीब की झोपड़ी में भी गैस के चूल्हे का हक बन सकता है और ये काम हमारी सरकार कर रही है।

भाइयों बहनों।

हमारे देश के किसान फर्टिलाइजर खरीदता है, फर्टिलाइजर। क्या हाल है फर्टिलाइजर का। इस देश में कभी भी फर्टिलाइजर के दाम कम नहीं होते थे। पहली बार हम आए। हमने तय किया कि हम किसानों को यूरिया ठीक से पहुंचे, इसकी चिंता करेंगे। आज स्थिति ये है कि हमने ...। एक जमाना था यूरिया पाने के लिए, कतार में खड़ा रहना पड़ता था, पुलिस की लाठी खानी पड़ती थी या तो यूरिया काले बाजार से लेना पड़ता था, ब्लैक मार्केट में लेना पड़ता था। भाइयों बहनों हमने यूरिया का नीम कोटिंग किया। यूरिया की चोरी बंद हो गई। यूरिया जितना होता है अब किसान के पास जाता है। क्योंकि हमने वो व्यवस्था की है। कोई यूरिया खेती के सिवा कहीं काम नहीं आ सकता है। भाइयों बहनों। आज देश में यूरिया के लिए कोई मांग नहीं रहती है। समय पर यूरिया मिल जाता है और इतना ही नहीं नीम कोटिंग के कारण यूरिया से उत्पादन भी बढ़ने लगा है।

भाइयों बहनों।

जब चौधरी चरण सिंह देश के प्रधानमंत्री थे। एक बार, आजादी के बाद इतने सालों में एक बार। चौधरी चरण सिंह के जमाने में फर्टिलाइजर के, खाद के दाम कम हुए थे। उसके बाद, पहली बार दिल्ली में ऐसी सरकार बनी है जिसने खाद के अंदर ...। भाइयों बहनों। हमने दाम कम किए। डीएपी हो, एमओपी, मिश्रित एनपीके हो, तीनों में दाम कम किए। और उसके कारण किसानों को 5 हजार करोड़ से ज्यादा रुपये का फायदा हुआ।

भाइयों बहनों।

काम कैसे होता है। आपको जानकरके खुशी होगी। हमने एक काम किया, एलईडी बल्ब लगाने का। अब एलईडी बल्ब। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद एलईडी बल्ब पैदा नहीं हुआ है। ...और न ही एलईडी बल्ब का संशोधन नरेंद्र मोदी ने किया है। लेकिन जब कांग्रेस की सरकार थी तब एलईडी बल्ब बिकता था तीन सौ, चार सौ रुपए में। हम आए। हमने कहा जरा बताओ। क्या मामला है। जांच पड़ताल की। हमने देखा कि एलईडी के नाम पर मुनाफा कमा रहे हैं, लूट रहे हैं, पैसे बढ़ा रहे हैं ये लोगों के साथ अन्याय है। हमने हिसाब किताब लगाया। आज एलईडी का बल्ब 70-80 रुपये में मिलता है। पिछले एक साल से मैं इस पर काम कर रहा हूं। एक साल में करीब-करीब हिन्दुस्तान में 20 करोड़ एलईडी बल्ब बिक चुके हैं। 20 करोड़ एलईडी बल्ब बेच चुके हैं। एलईडी बल्ब बेचने का परिणाम यह हुआ है कि एक तो इस बल्ब का आयु ज्यादा होता है। दूसरा इन एलईडी बल्ब के कारण, देश में जो बिजली का उपयोग करने वाले छोटे-छोटे परिवार हैं, उनके घरों के 11 हजार करोड़ की बचत होती है। ये 11 हजार करोड़ रुपए आपकी जेब से जाता था। उसको बचाकरके आपके पास रखा है। और एलईडी बल्ब के कारण जिस घर में ढाई सौ, तीन सौ, चार सौ रुपये खर्चा कम हुआ। वो अब, अपने बच्चों को दूध ले पा रहा है, अपने बच्चों को दूध पिला रहा है।

भाइयों बहनों।

उत्तर प्रदेश का नौजवान उसको अपने जनपद में रोजगार मिलना चाहिए कि नहीं मिलना चाहिए ...। मिलना चाहिए कि नहीं मिलना चाहिए ...। आप कितने भी होनहार हो, कितने भी काबिल हो, आज उत्तर प्रदेश में नौकरी मिलने की गारंटी है क्या ...। उत्तर प्रदेश में सिफारिश के बिना नौकरी मिल सकती है क्या ...। जान पहचान के बिना नौकरी मिल सकती है क्या ...। नकद नारायण के बिना नौकरी मिल सकती है क्या ...। पैसे दिए बगैर नौकरी मिल सकती है क्या ...। ये पाप बंद होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए भाइयों ...। होना चाहिए कि नहीं चाहिए ...। देश के युवाओं को अगर नौकरी नहीं मिलेगी तो 3 महीना, 6 महीना इंतजार करेगा। ...लेकिन खुद का हक होने के बजाय किसी ओर को भ्रष्टाचार के कारण नौकरी मिल जाती है तो वो उसको सहन नहीं होता है।

इसलिए भाइयों बहनों।

सबका साथ सबका विकास, हर किसी को न्याय होना चाहिए। हमने उज्जवला योजना के अंतर्गत गैस के चूल्हे दिए। हमने ये नहीं पूछा कि भाई मोदी बनारस का एमपी है तो बनारस वालों को ही मिलेगा। जी नहीं। उत्तर प्रदेश के हर कोने में समान रूप से मिलेगा। हमने ये नहीं कहा कि ये सिर्फ हिन्दू को मिलेगा, मुसलमान को नहीं मिलेगा। जिसका भी आता है नंबर, लाइन में सबको मिलेगा। हमने ये नहीं कहा कि ये जाति को मिलेगा, वो जाति को नहीं मिलेगा। गांव में जो सूची है, सूची के अनुसार बारी-बारी से आने वाले दिनों में हर किसी का हक पूरा कर दिया जाएगा।

भाइयों बहनों।

मेरा पराया नहीं चलता। सरकार को ये करने का हक नहीं है। उत्तर प्रदेश में भेदभाव-सबसे बड़ा संकट है। अन्याय की जड़ों में भेदभाव है। आप मुझे बताइए। भेदभाव है कि नहीं है ...? भेदभाव है कि नहीं है ...? मैं हैरान हूं साहब। दलित को पूछो तो कहता है तो कहता है मुझे हक का नहीं दे रहे हैं, ओबीसी वाले ले जाते हैं। ओबीसी वालों को पूछो तो बोले मेरे हक का नहीं देते, सिर्फ यादव को दे देते हैं। यादव को पूछो तो कहता है कि उनके परिवार से जुड़े हैं, उनको ही मिलता है, बाकी सब मुसलमानों को चला जाता है, यादव को भी नहीं मिलता है। हर कोई शिकायत कर रहा है। भाइयों बहनों। ये भेदभाव नहीं चल सकता है। जिसका भी हक है। किसी भी माता की कोख से पैदा हुआ है, हर किसी को उसके हक का मिलना चाहिए। ये सबका साथ सबका विकास होता है। भारतीय जनता पार्टी उस पर चलती है।

भाइयों बहनों।

गांव में अगर कब्रिस्तान बनता है तो गांव में श्मशान भी बनना चाहिए। अगर रमजान में बिजली मिलती है तो दिवाली में भी मिलनी चाहिए। अगर होली पर बिजली मिलती है तो ईद पर भी मिलना चाहिए। भेदभाव नहीं होना चाहिए। सरकार का काम है, भेदभाव मुक्त शासन चलाना चाहिए। किसी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। धर्म के आधार पर तो बिल्कुल नहीं होना चाहिए, जाति के आधार पर बिल्कुल नहीं होना चाहिए। ऊंच-नीच के आधार पर बिल्कुल नहीं होना चाहिए। सबका साथ सबका विकास, यही मंत्र को आगे बढ़ाकरके यही मैं आपका आशीर्वाद लेने आया हूं।

भाइयों बहनों।

मैं देशवासियों के सामने कुछ छिपाना पसंद नहीं करता। मैं अपनी मुसीबतें भी बता देता हूं देशवासियों को। निर्णय आपको करना है। क्योंकि आप ही मेरे मालिक हो, आप ही मेरे हाईकमान हो। मैं अपने मालिक को नहीं बताउंगा तो किसको बताउंगा। अपने हाईकमान को नहीं बताउंगा तो किसको बताउंगा।

और इसलिए भाइयों बहनों।

आप मुझे बताइए। अगर मैं दवाइयों की कीमत कम करूंगा तो दवा बेचने वाले मुझसे नाराज होंगे कि नहीं होंगे। जरा पूरी ताकत से बताइए। नाराज होंगे कि नहीं होंगे। मैंने दवाइयों की कीमत कम कर दी है। जो दवाई 3000 रुपये में कैंसर की मिलती थी वो मैने 70-80 रुपये में लाकर रख दी। जो दवाई 70-80 रुपये में मिलती थी, 7 से 8 रुपये में लाकर रख दी। ये दवाई में मुनाफा कमाने वाले मुझपे गुस्सा करेंगे कि नहीं करेंगे ...। करेंगे कि नहीं करेंगे ...। मुझसे नाराज होंगे कि नहीं होंगे ...। मेरा बुरा करने के लिए कुछ तरकीब करेंगे कि नहीं करेंगे ...। मेरी रक्षा कौन करेगा ...। मेरी रक्षा कौन करेगा ...। मेरी रक्षा कौन करेगा ...।

भाइयों बहनों।

यूरिया की चोरी करते थे, चोरी बंद करवा दिया। नीम कोटिंग कर दिया। उनका सारा मुनाफा खड्ढे में गया, उनका कारखाना बंद हो गया। वो गुस्सा हो गए, वो नाराज हो गये। ये लोग छोटे-छोटे लोग नहीं हैं, बड़े-बड़े लोग हैं। बड़े ताकत वाले हैं। वे जो चाहें वो करवा सकते हैं। वो चाहें तो अखबार भी खरीद सकते हैं, टीवी चैनल भी खरीद सकते हैं। वो चाहें तो मेरे खिलाफ कुछ भी कर सकते हैं। ये सब मैंने किया है ये किसके लिए किया है ...। इन लोगों को नाराज किसके लिए किया है। इन लोगों का गुस्सा मैंने किसके लिए मोल लिया है ...। मेरी रक्षा कौन करेगा ...। मेरी रक्षा कौन करेगा ...। मेरी रक्षा कौन करेगा ...।

भाइयों बहनों।

8 नवंबर को रात 8 बजे, जब मैंने कहा मेरे प्यारे देशवासियों। ऐसा करंट लगा, ऐसा करंट लगा कि कुछ लोगों को अब तक होश नहीं आया है। हजार की नोट गई। पांच सौ की नोट गई। भाइयों बहनों। 70 साल से जिन लोगों ने लूट-लूटके खाया था। अब उनका रुपया बाहर निकल रहा है तो गुस्सा करेंगे कि नहीं करेंगे। पाई-पाई बैंकों में जमा करने को मजबूर हो गये, तो सर पटकेंगे कि नहीं पटकेंगे ...। मोदी से बदला लेंगे कि नहीं लेंगे ...। मोदी का नुकसान करने के लिए षड्यंत्र करेंगे कि नहीं करेंगे ...। भाइयों बहनों। ये काम मैंने किसके लिए किया है। ये काम मैंने किसके लिए किया है।

भाइयों बहनों।

इस देश के गरीब को हक दिलाने के लिए किया है। इस देश से भ्रष्टाचार मिटाने के लिए किया है। देश के नौजवानों को उनका भविष्य बदलने के लिए पैसा काम आए, उसके लिए मैंने हिम्मत की है। और इसलिए मुझे आपका आशीर्वाद चाहिए भाइयों बहनों। भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना है। कालेधन के खिलाफ लड़ना है। 70 साल से लूटा है, वो मुझे देश को लौटाना है। जिन्होंने लूटा है, वो उनको लौटाना पड़ेगा। आप मुझे बताइए भाइयों बहनों। जिन्होंने लूट लूटके खाया है, वो गरीबों को लौटाना चाहिए कि नहीं लौटाना चाहिए ...। गरीबों को लौटाना चाहिए कि नहीं लौटाना चाहिए ...। ये पैसा गरीब के हक है कि नहीं है ...।

और भाइयों बहनों।

कभी-कभी ऐसी हवा बना दी जाती है कि चोरी व्यापारी करते हैं। ये सही नहीं है। ये सही नहीं है। व्यापारी तो ज्यादा से ज्यादा क्या करता होगा। 15 का माल 20 में, 20 का माल 22 में बेचता होगा। कभी उसको सरकार को देना होगा 100 रुपया, 80 रुपया देना होगा। मुसीबत की जड़ वो नहीं है। मुसीबत की जड़ तो जो पद पर बैठे हैं। पदों पर बैठकरके लूटने हैं। ये मुसीबत की जड़ है। बाबू। बड़े-बड़े बाबू, ये काम करना है, इतना देना पड़ेगा, ये काम करना है, इतना देना पड़ेगा। तेरे बेटे को नौकरी चाहिए, इतना देना पड़ेगा। नेता लोग, हर कोई कहता है नेता चोरी करता है। ये बंद होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए ...।

इसलिए भाइयों बहनों।

मेरी लड़ाई इन बड़े-बड़े लोगों से है। छोटे-छोटे व्यापारियों से मुझे कोई परेशानी नहीं है। अरे वो ईमानदारी से जीना चाहते हैं। अगर ईमानदार अफसर होगा, तो ईमानदारी से काम करने को तैयार है। और इसलिए भाइयों बहनों। इस देश में ये लड़ाई मुश्किल है लेकिन मैंने ये मैंने उठाई है। ये इसलिए उठाई है क्योंकि मुझे सवा सौ करोड़ देशवासियों का आशीर्वाद है। 8 नवंबर की रात 8 बजे का निर्णय, देश के कुछ लोगों को मेरा निर्णय गले नहीं उतरा है। अभी भी वो झूठ फैला रहे हैं। लेकिन देश की जनता भ्रमित नहीं हुई है, उसके गले बराबर उतर गया है कि मैंने कैसी सफाई अभियान चलाया है। उसको बराबर समझ आ गया है। चंडीगढ़ में चुनाव हुआ। भारी बहुमत से 20 साल बाद बीजेपी जीत गयी। महाराष्ट्र में पंचायतों का चुनाव हुआ, भारी बहुमत से जीत गए।

कर्नाटक में चुनाव हुआ, वहां भी जीत गए। गुजरात में पंचायत नगर पालिका का चुनाव हुआ, भारी बहुमत से जीत गए। अभी ओडिशा में चुनाव चल रहा है। ओडिशा में हमारी स्थिति एक-दो पर्सेंट से ज्यादा नहीं थी। आज हम ओडिशा में सत्ताधारी दल के साथ बराबरी का मुकाबला कर रहे हैं। लोग हमें जीता रहे हैं। और मैं उत्तर प्रदेश में भी देख रहा हूं। ईमानदारी की लड़ाई का चुनाव है। जो ईमानदारी के साथ चलना चाहते हैं, आइए भारतीय जनता पार्टी को वोट दीजिए। बेईमानों को निकालना चाहते हैं, आइए भारतीय जनता पार्टी को वोट दीजिए।

भाइयों बहनों।

भारतीय जनता पार्टी और अपना दल के उम्मीदवारों को भारी बहुमत से विजयी बनाएं। मतदान अवश्य करें। कमल का बटन दबाएं। आपकी अंगुली, उसकी इतनी इतनी ताकत है कि वो उत्तर प्रदेश का भाग्य बदल देगी, आपकी जीवन को सुरक्षा देगी। इसी अपेक्षा के साथ मेरे साथ पूरी ताकत से बोलिए। भारत माता की जय। भारत माता की जय। भारत माता की जय। बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Text of PM Modi’s speech at public rally in Guwahati, Assam
February 14, 2026
This year’s Budget places strong emphasis on making the North East economically self-reliant: PM Modi in Assam
Assam will continue to move ahead on the path of peace, security and rapid development: PM Modi
The Congress, frustrated after being out of power for ten years, wants to push Assam back into instability: PM’s strong jibe at the opposition
In 70 years of Congress rule, only 3 bridges were built over the Brahmaputra; in the last 10 to 11 years, BJP NDA has completed 5 major bridges: PM in Assam rally

होकोलुके नमोस्कार जोनाइशु….

की खोबोर आपुनलुकोर?…

भाले आसे?…

जॉय आई अहोम..

जॉय आई अहोम…

जॉय आई अहोम !

मैं असम भारतीय जनता पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं का हृदय से बहुत-बहुत अभिवादन करता हूं अभिनंदन करता हूं। बड़ी-बड़ी आमसभाएं करने का तो बहुत अवसर मिलता है, जनता-जनार्दन का दर्शन करना उन्हें संबोधित करना, ये लगातार चलता रहता है। लेकिन असम के बूथ लेवल के कार्यकर्ताओं का दर्शन करना, ये मेरे लिए बहुत बड़ा सौभाग्य है। आज भारतीय जनता पार्टी जहां पहुंची है उसका श्रेय उसकी क्रेडिट अगर किसी को मिलती है तो वो सिर्फ और सिर्फ भाजपा के कार्यकर्ताओं को मिलती है। हमारा विश्वास संगठन में है। हम राष्ट्र जीवन में परिवर्तन का आधार संगठन की शक्ति मानते हैं और इसलिए इतनी बड़ी तादाद में जमीन की जड़ों से जुड़े हुए कार्यकर्ताओं का दर्शन करना ये अपने आप में बहुत बड़ा सौभाग्य है। साथियों हमलोग एक ही मंत्र लेकर जीए हैं। हमलोग एक मंत्र को साकार करने के लिए अपने आप को खपा रहे हैं। और वो मंत्र है भारत माता की जय.. दोनों मुट्ठी बंद करके पूरी ताकत से मेरे साथ बोलिए भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की... वंदे...वंदे ... वंदे...

यहां इस विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन में आए हुए भाजपा के हरेक कार्यकर्ता का हृदय से मैं स्वागत करता हूं अभिनंदन करता हूं। भाजपा में रहते हुए आपने मां भारती की सेवा को...जनता की सेवा को अपना धर्म बनाया है। आप सभी भाजपा कार्यकर्ता ही भाजपा की प्राणवायु है ऑक्सीजन है। भाजपा का कार्यकर्ता...परिश्रम की पराकाष्ठा करता है, और उसके कारण भारतीय जनता पार्टी आगे बढ़ती है। साथियों मैं गर्व से कहता हूं अगर मेरा सबसे बड़ा क्वालिफिकेशन है, मेरी सबसे बड़ी गौरवपूर्ण जीवन की बात है वो यही है कि नरेंद्र मोदी भाजपा का कार्यकर्ता है। और एक भाजपा कार्यकर्ता के तौर पर...मैं असम के अपने सभी कार्यकर्ता और भाइयों और बहनों को और संगठन की शक्ति को सर झुकाकर का नमन करता हूं।

साथियों,

मैं मां आदिशक्ति मां कामाख्या को भी कोटि-कोटि प्रणाम करता हूं। मां कामाख्या की असम पर, असम वासियों पर बहुत कृपा रही है। उनके आशीर्वाद से असम ने, राष्ट्ररक्षा और देश की स्वतंत्रता, देश की संस्कृति को आगे बढ़ाने वाली अनेक संतानें दी हैं। ऐसी ही एक महान संतान, कविन्द्र पुरकायस्थ जी को मैं आज प्रणाम करता हूं। उन्होंने अपना पूरा जीवन असम और समाज की सेवा के लिए समर्पित किया। इसी योगदान को नमन करते हुए...बीजेपी-NDA सरकार को उन्हें पद्म पुरस्कार से सम्मानित करने का सौभाग्य मिला है। वर्ष 2014 के बाद, नॉर्थ ईस्ट के सवा सौ से अधिक महान व्यक्तित्वों को पदम् पुरस्कार मिले हैं। सवा सौ से अधिक... ये दिखाता है कि असम की धरती का, नॉर्थ ईस्ट की धरती का सामर्थ्य कितना बड़ा है। नॉर्थ ईस्ट का यही सामर्थ्य अब विकसित भारत का बहुत बड़ा आधार है।

साथियों,

कुछ दिन पहले ही, देश का बजट आया है। बजट के बाद, असम का, नॉर्थ ईस्ट का मेरा ये पहला दौरा है। जिस नॉर्थ ईस्ट को कांग्रेस ने हमेशा नजरअंदाज किया...हम उस नॉर्थ ईस्ट की भक्ति भाव से सेवा कर रहे हैं। नॉर्थ ईस्ट हमारे लिए अष्टलक्ष्मी है। इस वर्ष का बजट... अष्टलक्ष्मी के लिए बीजेपी-NDA के विजन को और मजबूती देने वाला है। बजट में बहुत अधिक फोकस... नॉर्थ ईस्ट को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर है। इस साल असम को टैक्स की हिस्सेदारी के रूप में... लगभग पचास हज़ार करोड़ रुपए मिलने वाले हैं।

साथियों,

कांग्रेस सरकार के समय असम को कैसे पाई-पाई के लिए तरसा कर रखा जाता था... वो भी आपको याद रखना है। कांग्रेस के समय असम को टैक्स के हिस्से के रूप में सिर्फ 10 हजार करोड़ रुपए मिलते थे। अब भाजपा सरकार में असम को कांग्रेस सरकार के मुकाबले 5 गुना ज्यादा रुपए मिल रहे हैं। अगर मैं पिछले 11 वर्ष की बात करूं..तो असम को तमाम विकास परियोजनाओं के लिए....केंद्र सरकार से साढ़े पांच लाख करोड़ रुपए से अधिक मिले हैं। ये आंकड़ा आपको याद रहेगा… मैं जो आंकड़ा बोल रहा हूं वो आपको याद रहेगा आपको… केंद्र सरकार से साढ़े पांच लाख करोड़ रुपए से अधिक मिले हैं। कितने… कितने.. पीछे से आवाज आनी चाहिए कितने… आप मुझे बताइए...जो कांग्रेस, असम के विकास के लिए पैसे देने से भी बचती हो...वो कांग्रेस क्या असम का विकास कर सकती है? असम का विकास कर सकती है, असम का विकास कर सकती है। आपका भला कर सकती है। … यहां के युवाओं का भला कर सकती है… यहां के किसानों का भला कर सकती है? यहां के गांवों का भला कर सकती है?

साथियों,

इस साल के बजट में...नॉर्थ ईस्ट की कनेक्टिविटी को और अधिक मजबूती देने का काम किया गया है। कनेक्टिविटी बढ़ती है, तो रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं। इसलिए असम में हाइवे और अन्य रोड प्रोजेक्ट्स के लिए...करीब हज़ारों करोड़ रुपए देना तय हुआ है। बजट में जो घोषणा हुई है, उससे असम में टूरिज्म का भी विस्तार होगा। अभी आपने देखा होगा...परीक्षा पे चर्चा का कार्यक्रम गुवाहाटी में हुआ था। हमने ब्रह्मपुत्र नदी में क्रूज पर विद्यार्थियों से चर्चा की थी। आने वाले समय में ब्रह्मपुत्र पर ऐसे ही रिवर टूरिज्म को और बढ़ाया जाएगा। मैं ऐसे ही वहां नहीं गया था। मैं देश को बताना चाहता था कि टूरिज्म के लिए इससे बेहतर जगह नहीं है। आओ ये मेरा आसाम है, ये मेरी ब्रह्मपुत्र है, आइए.. इस बार के बजट में, इसके लिए भी व्यवस्था की गई है।

साथियों,

आज के दिन देश की नज़रें असम पर हैं... सबने देखा कि असम का, नॉर्थ ईस्ट का सामर्थ्य क्या है। थोड़ी देर पहले जब मैं वायुसेना के विमान से मोरान के हाईवे पर उतरा... रनवे पर नहीं, हाईवे पर विमान से उतरा, तो एक नया इतिहास बन गया। कभी नॉर्थ ईस्ट का नाम आते ही लोग सोचते थे… अरे यार छोड़ो.. टूटी फूटी सड़कें, कोई ठिकाना नहीं, निकलें तो पता नहीं कब पहुंचेंगे वो भी एक वक्त था, ये भी एक वक्त है। और आज यहां ऐसे हाईवे बनकर तैयार हो रहे हैं.. जहां सिर्फ गाड़ियां ही नहीं चलतीं… बल्कि हवाई जहाज भी लैंड करते हैं।

साथियों,

आप मुझे बता दीजिए आपके हाईवे पर विमान लैंड हो, ये आपको गर्व हुआ कि नहीं हुआ… गर्व हुआ कि नहीं हुआ… तो अब अपना मोबाइल निकालिए और अपना फ्लैश लाइट ऑन कीजिए आपको गर्व हुआ है ना....? मोबाइल फोन निकालिए और फ्लैश लाइट ऑन कीजिए सबके सब दूर-दूर तक ये गर्व का पल है ये असम का बदलता हुआ मिजाज है हाथ बढ़ाकर ऊपर कर के दिखाइए। आपको गर्व हुआ कि नहीं हुआ… गर्व से मन भर गया कि नहीं भर गया बोलिए भारत माता की…

साथियों,

असम का इतना विकास इसलिए हो रहा है... क्योंकि यहां आप सभी की मेहनत से बीजेपी सरकार बनी है... यहां के नागरिकों ने भाजपा पर भरोसा किया है। आपने मेरा बूथ-सबसे मजबूत … मेरा बूथ- सबसे मजबूत, मेरा बूथ- सबसे मजबूत, की भावना से बूथ बूथ जाकर, एक-एक परिवार को मिलकर, एक-एक मतदाता को मिलकर बीजेपी के हर समर्थक को अपने साथ जोड़ा उन्हें उनके वोट की ताकत का परिचय करवाया । और इस प्रयास से ही, असम में बीजेपी की सरकार बनी। असम के इसी आशीर्वाद के कारण, असम के नागरिकों के वोट के कारण.. यहां लाखों गरीबों के घर बने लाखों परिवारों में शौचालय की व्यवस्था हुई। पीने का साफ पानी उनके घर तक पहुंचा। आप मुझे बताइए… गरीबों को घर मिलता है तो पुण्य मिलता है कि नहीं मिलता है। गरीब के घर टॉयलेट बनता है तो पुण्य मिलता है कि नहीं मिलता है… गरीब के घर में पीने का पानी पहुंचता है तो पुण्य मिलता है कि नहीं मिलता है। इस पुण्य का हकदार कौन है…इस पुण्य का हकदार कौन है… इस पुण्य का हकदार कौन है… इस पुण्य का अधिकार भारतीय जनता पार्टी के बूथ का कार्यकर्ता है। गरीबों को आय़ुष्मान योजना का लाभ मिला, उन्हें सुरक्षा और आत्मविश्वास मिला... इसलिए... इस बार भी आपको ऐसे ही अपने बूथ पर एक-एक वोट पर ध्यान रखना है...रखोगे… अब और कुछ मत करो बस पूरी ताकत बूथ पर लगा दो.. आपका बूथ विजयी होगा...तो बीजेपी विजयी होगी कि नहीं होगी। आपको विजय पाना है तो कहां पाना है, बूथ में विजय पाना है।

साथियों,

आज देश को सिर्फ एक और इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप नहीं मिली है... ये इस बात का भी प्रमाण है कि नया भारत, अपनी सुरक्षा के लिए हर तरह से तैयार हो रहा है। आज का भारत ना सिर्फ अपनी सीमाओं को सशक्त कर रहा है, बल्कि देश के दुश्मनों को उनके घर में घुसकर जवाब भी देता है। साथियों, आज ही पुलवामा हमले की बरसी है। मैं इस हमले में जान गंवाने वाले मां भारती के वीर सपूतों को नमन करता हूं। इस आतंकी हमले के बाद भारत ने जिस तरह आतंकियों को सजा दी, वो पूरी दुनिया ने देखा है। और कुछ लोग तो आज भी कांप रहे हैं। अभी आपने भारत की ये शक्ति ऑपरेशन सिंदूर में भी देखी है। लेकिन साथियों, मैं आपसे जानना चाहता हूं... क्या कभी कांग्रेस से हम देशहित के लिए इतनी हिम्मत के साथ फैसले करने की ताकत थी क्या ? वो कर सकते थे क्या। वो ज्यादा से ज्यादा बयान दे सकते हैं। कुछ नहीं कर सकते। जो कांग्रेस भारत को राष्ट्र मानने से भी इनकार करती हो... जो सवाल करते हैं कि मां भारती क्या होती है, जो मां भारती के नाम तक से परहेज करती हो, जो मां भारती के प्रति जरा सा सम्मान तक नहीं दिखाते, वो कांग्रेस कभी भारत का भला नहीं कर सकती। इसलिए कांग्रेस ने कभी देश की सुरक्षा को प्राथमिकता नहीं दी। कांग्रेस की सरकारों के इसी नकारेपन से.... पूरा नॉर्थ ईस्ट, डर और असुरक्षा में जीता था। कांग्रेस ने हमेशा देश को खतरे में डा के रखा। कांग्रेस के समय में जब भी सेना के लिए हथियार खरीदे गए... उसका मतलब होता था- हजारों करोड़ का घोटाला।

साथियों,

आज देश अपनी सेनाओं को मजबूत कर रहा है... भारत अपनी सीमाओं पर शानदार हाईवे, शानदार टनल्स, ऊंचे-ऊंचे ब्रिज, आधुनिक एयरफील्ड्स... ये सब बना रहा है... देश की सुरक्षा बढ़ा रहा है... और इसलिए कांग्रेस बौखलाई हुई है। उनको यही हो रहा है कि मोदी सब कैसे कर लेता है उन बेचारों को नींद नहीं आती… नींद नहीं आती । और जब नींद नहीं आती दो दिन में कुछ भी बोलते रहते हैं। साथियों, आज की कांग्रेस हर उस विचार.. हर उस आतंकी को कंधे पर बिठाती है... जो देश का बुरा सोचता है। जो लोग देश के टुकड़े-टुकड़े करने का सपना देखते हैं... जो लोग, नॉर्थ ईस्ट को भारत से अलग करने के नारे लगाते हैं... वो कांग्रेस के लिए पूजनीय बन चुके हैं। आजादी के समय मुस्लिम लीग ने देश का बंटवारा कराया... अब आज की कांग्रेस... मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस बनकर फिर देश बांटने में जुट गई है। ये एमएमसी है- माओवादी मुस्लिमलीगी कांग्रेस इसलिए आपको कांग्रेस से सावधान रहना है... और असम की जनता को भी सावधान करना है।

साथियों,

यहां जो नौजवान हैं, जो अभी 20-25 वर्ष के हैं... उन्हें कांग्रेस का कुशासन शायद पता नहीं होगा… याद नहीं होगा... कांग्रेस की सरकारें चाहे असम में रही हों या फिर दिल्ली में... उन्होंने असम को अपने हाल पर छोड़ दिया था। आज जब मैं यहाँ ब्रह्मपुत्र के तट पर खड़ा हूं... तो इस महान नदी का ही उदाहरण देता हूं। असम के विकास में... असम के लोगों के जीवन को आसान बनाने में... ब्रह्मपुत्र की बहुत बड़ी भूमिका है। लेकिन कांग्रेस के सत्तर साल के शासन में ब्रह्मपुत्र को पार करना हमेशा बड़ी चुनौती रहा। आज़ादी के बाद से लेकर 2014 तक… और उनके तो प्रधानमंत्री यहां से चुनकर गए थे यानी लगभग सात दशक में कांग्रेस सरकारों ने ब्रह्मपुत्र पर सिर्फ़ तीन पुल बनवाए थे। इतने दशकों में कितने पुल… कितने… आप कल्पना कर सकते हैं कि इतनी विशाल नदी पर, असम की इतनी बड़ी जनसंख्या को जीवन देने वाली नदी पर, सिर्फ तीन पुल बने थे। क्या ऐसी हालत में असम का तेज विकास संभव था ?

मेरे कार्यकर्ता साथियों,

2014 में आपकी मेहनत का परिणाम था कि मुझे भारत सरकार में देश की सेवा का अवसर मिला। उसके 2-3 साल बाद, आप सभी भाजपा कार्यकर्ताओं ने यहां डबल इंजन सरकार बनाई। और इसका नतीजा क्या हुआ? बीते 10-11 वर्षों में... बीजेपी-NDA सरकार ने ब्रह्मपुत्र नदी पर 5 बड़े पुल पूरे कर लिए हैं। ये आंकड़े याद रहेंगे ना? कांग्रेस की 70 साल की सत्ता में, सिर्फ तीन पुल बने थे... लेकिन हमने सिर्फ 10 वर्षों में 5 पुल बनाए हैं... यानि कांग्रेस ने असम को सिर्फ समस्याएं दीं... जबकि बीजेपी ने असम को समाधान दिए हैं।

साथियों,

आज गुवाहाटी के दो हिस्सों को जोड़ने वाले शानदार पुल का भी लोकार्पण हो गया है। इस सेतु का नाम, प्राचीन कामरूप के महाप्रतापी सम्राट... कुमार भास्कर वर्मन जी के नाम पर रखा गया है। ये लोग होते तो अपने परिवार के नाम पर ही चढ़ा देते। यानि ये भास्कर सेतु, असम के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और असम के समृद्ध इतिहास का संगम है। ये इस बात का प्रमाण है... कि बीजेपी तेज़ विकास करती है, और विरासत को भी आगे बढ़ाती है।

साथियों,

इस नए सेतु के बनने से... गुवाहाटी देश का एक बड़ा ग्रोथ सेंटर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा... सिक्स लेन के इस ब्रिज से... नौजवान हो या बुजुर्ग... किसान हो या उद्यमी... सबको फायदा होगा। और मैं आपको एक और बात बता दूं... यहां अभी ऐसे कई सारे पुलों पर काम चल रहा है। जब ये सभी तैयार हो जाएंगे, तो असम और नॉर्थ ईस्ट के विकास को बहुत तेज गति मिलने वाली है।

भाइयों और बहनों,

कांग्रेस के दशकों के कुशासन की सबसे बड़ी वजह रही है- कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति...वोट बैंक पॉलिटिक्स। कांग्रेस ने असम को हमेशा वोट के चश्मे से ही देखा... कांग्रेस ने हर वो काम किया, जिससे तुष्टिकरण को बढ़ावा मिले… और हर वो काम रोका, जिससे असम का विकास हो। कांग्रेस के समय..केंद्र सरकार की योजनाओं को असम तक पहुंचने में भी बरसों लग जाते थे। लेकिन साथियों, बीजेपी ने असम के विकास को, नॉर्थ ईस्ट के विकास को...हमेशा प्राथमिकता दी है। बीते 11 वर्षों में देखिए... जब भी कोई नई शुरुआत देश में हुई, तो तुरंत उसका लाभ नॉर्थ ईस्ट को भी मिला। कोई भी विलंब के बिना मिला। देश में सेमी-हाईस्पीड वंदेभारत ट्रेनें लॉन्च हुई... तो असम और नॉर्थ ईस्ट भी इससे शुरुआत में ही कनेक्ट हो गया। अभी कुछ समय पहले देश की पहली स्लीपर वंदेभारत ट्रेन असम से ही शुरू हुई है। जब देश ने तय किया... कि अब सेमीकंडक्टर सेक्टर में तेजी से काम करना है। और असम इस सेक्टर में भी ग्रोथ इंजन बन रहा है... और वो दिन दूर नहीं जब असम की चाय की तरह ही... असम की चाय की तरह ही...असम में बनी चिप्स की भी पूरी दुनिया में चर्चा होगी। चाय से लेकर के चिप्स तक असम की विकास यात्रा दिखाई देती है।

साथियों,

असम का ये प्यार मैं कैसे भूल सकता हूं। लेकिन मैं असम से वादा करता हूं कि आपने जो मुझे प्यार दिया है, उसे ब्याज समेत लौटाउंगा और विकास करके लौटाउंगा। मैं आपको डिजिटल कनेक्टिविटी का भी उदाहरण दूंगा। आप देखिए... कांग्रेस के समय में 3G और 4G टेक्नोलॉजी आई.. .ये टूजी के घोटाले भी आए लेकिन नॉर्थ ईस्ट तक, असम तक उसे तेजी से पहुंचाने के लिए कांग्रेस ने मेहनत ही नहीं की... और जब भाजपा सरकार में 5G टेक्नॉलॉजी आई तो हमने क्या किया? हमने इस टेक्नॉलजी को पूरे असम में, पूरे नॉर्थ ईस्ट में... गांव गांव तक पहुंचाने के लिए काम किया। इस सैचुरेशन अप्रोच के कारण, आज गुवाहाटी के युवाओं को हाई-स्पीड इंटरनेट का लाभ मिल रहा है। और अब असम में NIC डेटा सेंटर की भी शुरुआत हुई है, ये डेटा सेंटर, यहां के नौजवानों को बहुत बड़ा लाभ देने वाला है।

साथियों,

एक और उदाहरण स्वास्थ्य सेवाओं का भी है। कांग्रेस ने दशकों तक AIIMS के विस्तार पर ध्यान नहीं दिया। जब अटल जी की सरकार बनी तो एम्स की संख्या बढ़ाई गई। इसके बावजूद हालत ये थी कि 2014 में देश में सिर्फ 6 एम्स थे। आपने 2014 में मोदी को देश की सेवा का अवसर दिया... और आज देश में एम्स की संख्या बढ़कर 20 से ज्यादा हो चुकी है। बीजेपी सरकार ने एम्स गुवाहाटी का भी निर्माण किया है। इसके अलावा असम में कई मेडिकल कॉलेज और कैंसर हॉस्पिटल भी खोले गए हैं। और कल ही, हमने पीएम राहत स्कीम को भी मंजूरी दी है... देश के किसी भी हिस्से में, अगर कोई भी व्यक्ति किसी दुर्घटना में घायल होता है... तो केंद्र की सरकार की ओर से, उसका डेढ़ लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त में कराया जाएगा। एक्सीडेंट के बाद तुरंत मदद मिलने से जान बच जाती है।

साथियों,

यहां आए भाजपा कार्यकर्ताओं में बड़ी संख्या में मेरे युवा बेटे-बेटियों की है...आप याद रखिए...देश में जब मैनेजमेंट और उच्च शिक्षा की बात होती थी...तो असम और नॉर्थ ईस्ट के युवाओं के पास सिर्फ पलायन का ही विकल्प होता था। लेकिन आज देखिए...IIM पालसबारी का नया कैंपस शुरू हो चुका है। IIT गुवाहाटी का भी आधुनिकीकरण हो रहा है। इसके अलावा असम में IARI की भी स्थापना की गई है। ये संस्थान, असम में नए टेक्नॉलजी लीडर्स को तैयार करेगी।

साथियों,

आज केंद्र की बीजेपी-NDA सरकार...देश के छोटे-छोटे शहरों में इलेक्ट्रिक बसों का जाल बिछा रही है। आज ही, मुझे गुवाहाटी में हंड्रेड, सौ इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाने का अवसर मिला है। इस वर्ष के बजट में भी पूर्वोदय स्कीम के तहत चार हज़ार इलेक्ट्रिक बसों की घोषणा की गई है। इससे आने वाले समय में बहुत बड़ी संख्या में असम को भी इलेक्ट्रिक बसें मिलने वाली हैं।

साथियों,

कांग्रेस ने असम के साथ एक और बहुत बड़ा अन्याय किया है। कांग्रेस ने असम को अशांत रखा...हिंसा और अलगाव में रखा। आज़ादी के बाद से ही असम, बम-बंदूक, बंद-ब्लॉकेड और कर्फ्यू की चपेट में रहा। और इसकी गुनहगार कांग्रेस ही थी। मुझे याद है जब मैं यहां संगठन का काम करता था तो मैं वापस जाने का भी कार्यक्रम बना के आता था। लेकिन यहा मैं कार्यक्रम नहीं कर पाता था क्यों, क्योंकि कहीं ब्लॉकेड है, कहीं जा नहीं सकते, रास्ते बंद हैं। तो मुझे तो कभी -कभी तो तीन दिन के लिए आया था सात दिन तक वापस नहीं जा पाता था। काम ही नहीं कर पाता था, ये हालत करके रखी थी। लेकिन साथियों भाजपा-एनडीए सरकार, असम में शांति बहाली और तेज विकास का संकल्प लेकर चल रही है। इसलिए जो असम कभी बम धमाकों से गूंजता था...उसी असम में अब शांति की स्थापना हो रही है। जिस असम में हर साल औसतन एक हज़ार से ज़्यादा लोग हिंसा में मारे जाते थे...आज वहां हिंसा की घटनाएं बंद हो रही हैं। पहली बार असम में बोडो, कार्बी, आदिवासी, DNLA, उल्फा ऐसे हर सगंठन से जुड़े साथियों ने बंदूक छोड़कर...देश के संविधान का रास्ता चुना है...शांति और विकास की राह पकड़ी है। लेकिन मेरे कार्यकर्ता साथियों, आपको भूलना नहीं है...10 वर्ष सत्ता से बाहर रहने की वजह से कांग्रेस और ज्यादा जहरीली हो गई है। उनके टॉप लीडर से नीचे तक उनकी जुबान से जहर ही निकलता है। कांग्रेस असम को फिर से अशांति और अराजकता में झोंकना चाहती है। कांग्रेस...असम को घुसपैठियों के हवाले करना चाहती है। आप इनके दिल्ली के नेताओं को देखिए...यहां जो इनके नेता हैं, उनको देखिए...ये सब घुसपैठियों को बचाने में ही लगे हुए हैं। कांग्रेस, असम की असल पहचान को मिटाना चाहती है।

साथियों,

आने वाले पांच साल असम के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस दौरान ऐसे अनेक प्रोजेक्ट पूरे होने वाले हैं...जो असम की ग्रोथ को नए पंख लगाएंगे...इसलिए यहां डबल इंजन की बीजेपी सरकार बहुत जरूरी है। इसलिए बीजेपी के हर कार्यकर्ता को याद रखना है... असम के तेज विकास के लिए... आको एबार, बीजेपी सोरकार। असम के युवाओं को रोजगार के लिए... आको एबार,बीजेपी सोरकार। असम की बेटियों को नए अवसरों के लिए... आको एबार,बीजेपी सोरकार। असम की पहचान बचाने के लिए... आको एबार, बीजेपी सोरकार।

साथियों,

आज यहां आप सब का ये जोश देखकर, असम की महाविजय का मेरा विश्वास और मजबूत हो गया है। मुझे पूरा भरोसा है, कि इस बार और बड़े बहुमत से…असम में हमारी सरकार की वापसी होने वाली है। लेकिन साथियों, याद रखिएगा... हमें सिर्फ चुनाव ही नहीं जीतना है, हमें निरंतर असम के लोगों का मन भी जीतना है...उनका दिल भी जीतना है। और इसके लिए असम के एक-एक भाजपा कार्यकर्ता को... एक एक पदाधिकारी को, सभी पदाधिकारी को पूरे परिश्रम से काम करना है। जब तक असम में वोटिंग का काम नहीं होता है। जब तक काउंटिंग नहीं होता है, जब तक भाजपा की नई सरकार की शपथ नहीं होती है तब तक, हमें हर दिन अपने क्षेत्र के हर घर में जाना है।.हर घर में, लोगों को मिलकर उनकी आकांक्षा अपेक्षा सुननी है। लोगों को अपने काम बताने हैं, उनके काम आना है। एक एक पन्ना प्रमुख, एक एक बूथ वर्कर को अगले 2 महीने खूब मेहनत करनी है। अगले 2 महीने एक एक घर में, एक-एक असमिया भाई बहन तक...अपनी सरकार के विजन को पहुंचाना है...

साथियों,

असम में तीसरी बार बीजेपी-एनडीए सरकार...असम के तीन गुना विकास का रास्ता बनाएगी। इसलिए हर एक कार्यकर्ता का एक ही मंत्र होना चाहिए- मेरा बूथ...मेरा बूथ... मेरा बूथ.. सबसे मजबूत...मोर बूथ.. मोर बूथ... मोर बूथ

साथियों,

आप मेरा एक और काम करेंगे...? पक्का करेंगे ?... ये सारी बातें याद रखेंगे? पूरी तरह लागू करेंगे ? एक-एक मतदाता तक पहुंचेंगे? उनको बताना मोदी जी आपके लिए ही जी रहे हैं... बताएंगे? बताएंगे? बोलिए भारत माता की... भारत माता की...भारत माता की... बहुत-बहुत धन्यवाद...