Published By : Admin |
October 26, 2023 | 21:14 IST
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PM to participate in multiple programmes at Shri Sadguru Seva Sangh Trust
PM to perform pooja and darshan at Raghubir Mandir
PM to attend a public programme marking the centenary birth year celebrations of late Shri Arvind Bhai Mafatlal
PM to also visit Tulsi Peeth; to perform pooja and darshan at Kanch Mandir
আগামী ২৭ অক্টোবর মধ্যপ্রদেশের চিত্রকূট সফর করবেন প্রধানমন্ত্রী শ্রী নরেন্দ্র মোদী।
ঐ দিন বেলা ১টা ৪৫ মিনিট নাগাদ সাতনা জেলার চিত্রকূটে গিয়ে পৌঁছোবেন তিনি। সেখানে শ্রী সদগুরু সেবা সংঘ ট্রাস্টের বিভিন্ন অনুষ্ঠানে তিনি যোগ দেবেন। রঘুবীর মন্দিরে পূজা ও দর্শন সেরে তিনি পরিদর্শন করবেন রাম সংস্কৃত মহাবিদ্যালয়টি। প্রয়াত শ্রী অরবিন্দ ভাই মফতলালের স্মৃতিস্তম্ভে গিয়ে পুষ্পার্ঘ্য নিবেদন করবেন প্রধানমন্ত্রী। এছাড়াও জানকীকুন্ড চিকিৎসালয়ের নতুন শাখাটিরও তিনি উদ্বোধন করবেন।
প্রয়াত শ্রী অরবিন্দ ভাই মফতলালের শততম জন্মবার্ষিকী উপলক্ষে আয়োজিত এক কর্মসূচিতেও অংশগ্রহণ করবেন প্রধানমন্ত্রী।
প্রসঙ্গত উল্লেখ্য, শ্রী সদগুরু সেবা সংঘ ট্রাস্টটি প্রতিষ্ঠা করেন পরমপুজ্য রাঞ্চোরাজজী মহারাজ। মহারাজের থেকে অনুপ্রেরণা লাভ করেছিলেন অরবিন্দ ভাই মফতলাল। ট্রাস্ট প্রতিষ্ঠার সময় তাঁরও একটি গুরুত্বপূর্ণ ভূমিকা ছিল।
শ্রী অরবিন্দ ভাই মফতলাল দেশের স্বাধীনোত্তর কালের একজন অগ্রণী শিল্পোদ্যোগী ছিলেন। দেশের উন্নয়ন ও অগ্রগতির ইতিহাসে তাঁর যথেষ্ট ভূমিকা ও অবদান রয়েছে।
প্রধানমন্ত্রীর এদিনের সফরসূচির মধ্যে রয়েছে তুলসী পীঠ পরিদর্শন। বেলা ৩.১৫ মিনিট নাগাদ তিনি পূজা ও দর্শন করবেন কাঁচ মন্দিরে গিয়ে। তুলসী পীঠের জগৎগুরু রামানন্দাচার্যের কাছ থেকে তিনি আশীর্বাদ প্রার্থনা করবেন। পরে একটি অনুষ্ঠানে যোগ দিয়ে 'অষ্টাদশী ভাষ্য', 'রামানন্দাচার্য চরিতম' এবং 'ভগবান শ্রীকৃষ্ণ কি রাষ্ট্রলীলা' - এই তিনটি গ্রন্থ আনুষ্ঠানিকভাবে প্রকাশ করবেন।
উল্লেখ্য, তুলসী পীঠ হল চিত্রকূটের একটি গুরুত্বপূর্ণ ধর্মীয় তথা সমাজসেবা প্রতিষ্ঠান। ১৯৮৭ সালে এর প্রতিষ্ঠা করেন জগৎগুরু রামভদ্রাচার্য। হিন্দু ধর্মের বিভিন্ন সাহিত্য গ্রন্থ প্রকাশের জন্যও তুলসী পীঠ একটি সুপরিচিত নাম।
Today’s projects will further strengthen the logistics system of Eastern India: PM Modi in Kolkata, West Bengal
March 14, 2026
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These initiatives will boost connectivity and improve the quality of life for people: PM
Today, a vigorous nationwide campaign to modernise railways is underway, and we are determined that West Bengal should not be left behind in this effort: PM
The central government is rapidly expanding the railway infrastructure in West Bengal: PM
Ports like Kolkata and Haldia have long been major centers of trade in Eastern India: PM
Mechanisation at the Haldia Dock Complex will speed up cargo operations, enhance port capacity and strengthen trade facilities: PM
राज्यपाल श्रीमान आर एन रवि जी, केंद्र में मेरे सहयोगी शांतनु ठाकुर जी, सुकांता मजूमदार जी, पश्चिम बंगाल के नेता विपक्ष शुभेंदु अधिकारी जी, संसद में मेरे साथी शॉमिक भट्टाचार्य जी, अन्य जनप्रतिनिधिगण, देवियों और सज्जनों,
आज कोलकाता की धरती से पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है। सड़क, रेलवे और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, इनसे जुड़ी 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक, 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। यह प्रोजेक्ट्स पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत को नई रफ्तार देंगे, इनसे व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, लाखों लोगों का जीवन आसान होगा, उन्हें नए अवसर मिलेंगे, खड़गपुर–मोरेग्राम एक्सप्रेसवे के पूरा होने से पश्चिम बंगाल के अनेक हिस्सों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। दुबराजपुर बाईपास, कांग्सावती, शीलावती नदियों पर बनने वाले बड़े पुल और इनसे भी कनेक्टिविटी बेहतर होगी। मैं इन परियोजनाओं के लिए पश्चिम बंगाल समेत पूरे पूर्वी भारत के लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।
साथियों,
आज देश में रेलवे को आधुनिक बनाने का तेज अभियान चल रहा है। हमारा यह संकल्प है कि पश्चिम बंगाल इस अभियान में पीछे न रहे! इसलिए, केंद्र सरकार, पश्चिम बंगाल के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का भी तेज विस्तार करने के लिए प्रयास कर रही है। आज कलाईकुंडा और कानिमहुली सेक्शन में ऑटोमेटिक ब्लाक सिग्नलिंग प्रणाली को भी राष्ट्र को समर्पित किया गया है। इनसे व्यस्त रेल मार्ग की क्षमता बढ़ेगी, यात्रा सुरक्षित होगी, साथ ही, यात्रियों के लिए स्पीड और सुविधा भी बढ़ेगी।
साथियों,
आज कामाख्या गुड़ी, अनारा, तमलुक, हल्दिया, बराभूम और सिउड़ी, इन छह स्टेशनों का अमृत स्टेशन के तौर पर उद्घाटन हुआ है। हमारे बंगाल की महान संस्कृति की झलक अब इन स्टेशनों पर और भी निखर कर आ रही है। अभी यहां कई और स्टेशनों का भी पुनर्विकास किया जा रहा है। पुरुलिया और आनंद विहार टर्मिनल के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाई गई है। इस ट्रेन सेवा का लाभ पश्चिम बंगाल के साथ झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के लोगों को भी मिलेगा।
साथियों,
सड़क और रेल कनेक्टिविटी जितनी महत्वपूर्ण है, उतनी ही अहम भूमिका पोर्ट और वाटर ट्रांसपोर्ट भी निभाते हैं। दशकों तक, पूर्वी भारत के इस सामर्थ्य की बड़ी उपेक्षा हुई है। लेकिन, आज वॉटरवेज व्यापार और औद्योगिक प्रगति के नए रास्ते खोल रहे हैं। इसी दिशा में, आज पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी अहम परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ। कोलकाता और हल्दिया जैसे बंदरगाह लंबे समय से पूर्वी भारत में व्यापार के प्रमुख केंद्र रहे हैं। हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स, इसका मशीनीकरण हो रहा है। इससे कार्गो ऑपरेशन और तेज होगा, बंदरगाह की क्षमता बढ़ेगी और व्यापार के लिए नई सुविधाएं तैयार होंगी। कोलकाता डॉक सिस्टम में बास्कुल ब्रिज का रिनोवेशन भी किया जा रहा है। खिदिरपुर डॉक में कार्गो हैंडलिंग क्षमता बढ़ाने पर भी हमारा जोर है। इन सभी परियोजनाओं से पूर्वी भारत का लॉजिस्टिक सिस्टम और मजबूत होगा।
साथियों,
सड़क, रेल और पोर्ट से जुड़ी नई-नई परियोजनाएं, यह पश्चिम बंगाल के आधुनिक भविष्य के लिए नया रास्ता खोल रही हैं। इसका फायदा किसान, व्यापारी, उद्यमी, स्टूडेंट्स, हर किसी को मिलेगा। पर्यटन जैसे सेक्टर्स में भी नए अवसर पैदा होंगे। स्थानीय उद्योग और सेवाओं को गति मिलेगी। हमारा संकल्प है, बंगाल ने हमेशा जिस तरह भारत को दिशा दिखाई है, बंगाल एक बार फिर ‘विकसित बंगाल’ बनकर उस गौरव को हासिल करे। मुझे पूरा विश्वास है, मजबूत कनेक्टिविटी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, यह विकसित बंगाल की बुनियाद बनेंगे। इसी कामना के साथ, मैं एक बार फिर आप सभी को इन विकास परियोजनाओं के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं। अब यह सरकारी कार्यक्रम पूरा होते ही मैं जरा खुले मैदान में जाऊंगा, वहां पूरा बंगाल आज इकट्ठा हुआ है, मुझे पूरे बंगाल के दर्शन होने वाले हैं और बहुत महत्वपूर्ण विषयों की चर्चा बंगाल की जनता जनार्दन के बीच में करूंगा। इस कार्यक्रम में इतना काफी है।