Reach of Central Government schemes in Andaman and Nicobar Islands has been very influential: PM Modi
For a self-reliant India, Andaman and Nicobar Islands also has a major role in the security and prosperity of the new India: PM
Andaman and Nicobar Islands will emerge as a hub of blue economy, port, maritime and start-ups in the coming years: PM

नमस्कार !
देश की आज़ादी के आंदोलन को धार देने वाली, वीर सावरकर और नेता जी सुभाषचंद्र बोस जैसे आज़ादी के अनेक तपस्वियों से जो धरती जुड़ी हुई है ऐसी पुण्य स्थली को मैं वंदन करता हूं।
आप सभी साथी कोरोना से अंडमान-निकोबार द्वीप समूह को सुरक्षित रखने में बहुत प्रशंसनीय काम कर रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान आपने जिस प्रकार वहां लोगों की सेवा की है, लोगों का ध्यान रखा है, और आज आपसे विस्तार से सुनने को भी मुझे मिला, लेकिन मैं उस समय भी सारी जानकारियां लेता रहता था, और मुझे बहुत संतोष होता था कि भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता, जिसके संस्कार हैं कि समाज के लिए जीना, समाज के लिए जूझना और समाज की भलाई के लिए काम करना।
एक बीजेपी के कार्यकर्ता के रूप में “सेवा ही संगठन” के भाव को आप सबने इतने कठिन क्षेत्र द्वीप समूह दूर-दूर, घऱ-घऱ पहुंचाया। और वो भी शब्दों से नहीं, अपने आचरण से पहुंचाया, अपने व्यवहार से पहुंचाया। समाज के प्रति आपकी जो संवेदना है उस संवेदना की धारा को बहाकर के किया।
अंडमान के लोगों को, वहां आने वाले पर्यटकों को, बीजेपी के कार्यकर्ता के नाते आपसे जो अपेक्षाएं रहती हैं, आज आप सबका इतना डीटेल रिपोर्ट सुनने के बाद मैं कह सकता हूं कि आप इस उत्तम परीक्षा में उत्तम तरीके से पार उतरे हैं।

सेवा और समर्पण के इन संस्कारों को हमें समृद्ध करना है, आगे बढ़ाना है।
बीमारी हो या व्यापार-कारोबार, हर समस्या से निपटने के लिए हम जुटे हुए हैं, हमारे सभी वैज्ञानिक भी इस काम में पूरी तरह लगे हुए हैं।
हमारी कोशिश होनी चाहिए कि हम घर-घर तक, हर परिवार तक संवाद बनाए रखें। इस मुश्किल समय में हमें सबके काम आना है। लेकिन ये भी सही है कि काम करते-करते संकट भी मोलना होता है, हमारे कई कार्यकर्ता भी, हमारे अध्यक्ष जी भी सेवा भाव के कारण, लोगों के बीच जाने के कारण वे भी कोरोना पॉजिटिव हुए हैं लेकिन फिर भी उन्होंने सेवा के भाव को जीने का भरसक प्रयास किया है और इसलिए काम करना ही है सेवा करनी ही है लेकिन साथ-साथ, दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी, इस मंत्र को हमें हर व्यक्ति तक पहुंचाना भी है और उससे आग्रह भी रखना है।

साथियो, पिछली बार जब मैं अंडमान आपके बीच आया था तो देवस्थली तुल्य सेलुलर जेल के दर्शन किए थे। मुझे पोर्टब्लेयर के दक्षिणी छोर पर तिरंगा फहराने का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ l
उस समय अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के विकास को लेकर आप सभी से भी विस्तृत चर्चा की थी।
इस दौरान अंडमान निकोबार द्वीप समूह के संपूर्ण और संतुलित विकास से जुड़े अनेक प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी भी दी गई थी।
ये संतोष की बात है कि अंडमान और निकोबार की मोबाइल फोन कनेक्टविटी, वहां तेज़ इंटरनेट की सुविधा देने वाले प्रोजेक्ट के लोकार्पण से एक दिन पहले भारतीय जनता पार्टी के इस कार्यक्रम के कारण एक बीजेपी कार्यकर्ता के रूप में आपके बीच आने का मुझे अवसर मिल गया।
कल जब इस परियोजना का लोकार्पण हो जाएगा तो अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में इंटरनेट कनेक्टिविटी में बहुत बड़ा सुधार आएगा।
बीते वर्षों में जब भी आप जैसे साथी दिल्ली मुझसे मिलने आते थे, अब जब मैं पिछली बार आया था तब भी नेटवर्क की इस समस्या का मामला बार-बार चर्चा में आता था।
मुझे विश्वास है कि कोरोना के समय में मिल रही इस सुविधा से अंडमान-निकोबार द्वीप में बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, बैंकिंग और दूसरी सेवाओं में ऑनलाइन सुविधा का ज्यादा से ज्यादा लाभ मिलना संभव हो पाएगा।
आपको भी और अंडमान में टूरिज्म और दूसरे व्यापार-कारोबार से जुड़े साथियों को भी इस तरह वर्चुअली देश और दुनिया से जुड़ने में अब कोई समस्या नहीं आएगी।

साथियो, नए भारत के निर्माण के लिए पूरे देश का संतुलित विकास आवश्यक है। हमने ये सुनिश्चित किया है कि सरकार भले ही एक जगह से काम करती हो, लेकिन उसके कार्यों का लाभ देश के कोने-कोने तक पहुंचना चाहिए।

हमने समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति पर ही नहीं बल्कि देश के आखिरी छोर में बसे व्यक्ति पर भी फोकस किया।
इसी का नतीजा है कि किसी योजना या कार्यक्रम की लॉन्चिंग से लेकर उसके क्रियान्वयन तक, गवर्नेंस के हर पहलू को देशभर के सभी इलाकों में ले जाया गया है।
एक तरफ हम गरीबों के लिए घर, शौचालय, रसोई गैस, पीने का पानी, बिजली, मोबाइल, इंटनरनेट, सड़क, रेल कनेक्टिविटी जैसी बहुत ही मूल ज़रूरतों को पूरा कर रहे हैं।
वहीं दूसरी तरफ मेगा और आधुनिक प्रोजेक्ट्स पर भी तेज़ी से काम कर रहे हैं।

सिर्फ अंडमान-निकोबार द्वीप समूह की ही बात करें तो केंद्र सरकार की योजनाओं की पहुंच यहां बेहद प्रभावकारी रही है।
एक आइलैंड से दूसरे आइलैंड तक एयर कनेक्टिविटी में सुधार करते हुए देश के बाकी हिस्सों से आईलैंड्स को एयरवेज से भी जोड़ा जा रहा है।
पोर्ट ब्लेयर एयरपोर्ट का बड़े पैमाने पर विस्तार किया जा रहा है। भविष्य में लोग सी-प्लेन्स के माध्यम से स्वराज द्वीप, शहीद द्वीप और लांग आईलैंड की यात्रा कर सकेंगे। इस पर भी काम जारी है।
लगभग 300 किलोमीटर के नेशनल हाइवे पर भी काम शुरू हो गया है और यह रिकॉर्ड, एक प्रकार में रिकॉर्ड समय में पूरा हो जाएगा।
इससे आइलैंड के कई हिस्सों में न सिर्फ पहुंच आसान होगी, बल्कि मेडिकल, सोशल और टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस क्षेत्र के युवाओं के लिए कई हाइअर एजुकेशन इंस्टिट्यूशन बनाए गए हैं। इनमें अनकोल कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और लॉ कॉलेज शामिल हैं। आइलैंड का जीवन आसान बनाने के लिए, वहां खुशहाली लाने के लिए जो भी ज़रूरी काम है, वो तेज़ी से पूरे किए जा रहे हैं।
मेरा आपसे आग्रह है कि भाजपा का एक कर्मठ कार्यकर्ता होने के नाते आपको पहले की स्थिति, आज की स्थिति और आने वाले परिवर्तन का एक तुलनात्मक नज़रिया लोगों के बीच रखते जाना चाहिए।
पार्टी कार्यकर्ता के रूप में आपकी ये भी जिम्मेदारी है कि सरकार की हर योजना का लाभ हर लाभार्थी तक पहुंचे।

साथियो, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह ने भारत की आजादी के आंदोलन को ताकत दी है।
आत्मनिर्भर भारत के लिए, नए भारत की रक्षा-सुरक्षा और समृद्धि के लिए भी अंडमान-निकोबार की व्यापक भूमिका है।
इसी को समझते हुए 2017 में ही आइलैंड डेवलपमेंट एजेंसी का भी गठन किया गया था। जिसमें सभी महत्वपूर्ण स्टेकहोल्डर्स को शामिल किया गया।
इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट स्कीम्स से इस पूरे क्षेत्र में MSMEs और दूसरे उद्योगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
ये हमारे देश का सौभाग्य है कि हमारे पास अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग चीज़ें हैं, जिनको हम विकसित कर सकते हैं।
जैसे अंडमान और निकोबार में सी फूड हो, ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स हों, कोकोनट बेस्ड प्रोडक्ट्स हों, इनसे जुड़े उद्योगों को हम बल देने वाले हैं।
अंडमान और निकोबार के 12 आइलैंड्स का चयन किया गया है, जहां हाई इमपैक्ट प्रोजेक्ट्स का विस्तार किया जाएगा।

साथियो,
ब्लू इकॉनॉमी के लिहाज़ से, ट्रेड के लिहाज से अंडमान और निकोबार स्ट्रैटजिक लोकेशन पर है।
यह चेन्नई पोर्ट, कोलकता पोर्ट और बांग्लादेश के मोंग्ला पोर्ट सहित कई पोर्ट्स से बहुत कंपटेटिव डिस्टेंस पर स्थित है।
समंदर के जरिए माल ढुलाई का काम तेज गति गढ़ रहा है। ऐसे में गहरे पानी की सुविधा वाला प्रस्तावित ट्रांसशिपमेंट हब, अंडमान और निकोबार को वैश्विक समुद्री व्यापार का प्रमुख केंद्र बना देगा।
आने वाले समय में अंडमान-निकोबार, ब्लू इकॉनॉमी का पोर्ट, मैरीटाइम और स्टार्टअप के हब के रूप में विकसित होने वाला है।

साथियों,
आप सभी जागरूक साथियों से चर्चा करने का मुझे मौका मिला, आप से कई बाते सुनने का मौका मिला और गरीबों के लिए आप किस प्रकार सक्रिय थे। इन सारी बातों को सुनकर मुझे भी एक नई प्रेरणा और ऊर्जा मिली है।
आप पार्टी के कार्यक्रमों को लगातार आगे बढ़ाते रहिए। स्वच्छता के संकल्प को और आगे बढ़ाते रहिए। और आप ने मुझे दिगलीपुर आने का निमंत्रण दिया, इसके लिए मैं आपका बहुत आभारी हूं और मुझे जरूर खुशी होगी कि कभी ना कभी ऐसी सुविधा बने कि मैं भी आप के बीच आऊं। और आप लोगों जो सफाई का काम किया है वहां की पंचायतों में वो मैं खुद देखूं मुझे अच्छा लगेगा। देखते है कैसे बनता है।

सिंगल यूज़ प्लास्टिक को लेकर जो अभियान हमने छेड़ा है, उससे भी लोगों को जोड़ना बहुत ज़रूरी है। और देखिए जहां टूरिज्म का क्षेत्र होता है वहां पर सफाई, ये सबसे बड़ी ताकत होती है और इसलिए मुझे विश्वास है कि अंडमान-निकोबार के सभी द्वीपों पर स्वच्छता के विषय में बहुत ही आग्रही बनना पड़ेगा। जो टूरिज्म के लिए बहुत बड़ी ताकत बनेंगे।

अंडमान निकोबार के हर बीच को, हर समंदर को हमें शुद्ध रखना है, स्वच्छ रखना है। ये हमारे इकोसिस्टम के लिए भी ज़रूरी है और आने वाले समय में टूरिज्म के लिहाज़ से भी ये जरूरी है।
साथियो, वैसे तो मुझे कल बात करने का मौका मिलने ही वाला है लेकिन आज पार्टी का कार्यक्रम था और मुझे आज आपको सुनने का मौका मिलने वाला था। कल के कार्यक्रम की रचना ऐसी है कि मुझे बोलना है। लेकिन मेरे लिए खुशी है कि मुझे दूर-दूर इन द्वीपों में बैठे हुए और दिन-रात लोगों की सेवा में लगे हुए साथियों को सुनने का मौका मिला। मैं हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमान नड्डा जी का भी बहुत आभारी हूं कि उन्होंने आज मुझे इस कार्यक्रम में निमंत्रित किया। आप सबसे बातचीत करने का मुझे अवसर दिया और विशेषकर से आपको सुनने का अवसर दिया, क्योंकि इससे पता चलता है कि कितने कार्यकर्ता कितने सेवा भाव से, और जब लोगों को लगता है कि कोरोना घर में आ जाएगा तो उसके बजाए चिंता किए बिना, खुद की परवाह किए बिना लोगों की चिंता की, ये अपने आप में बहुत ही प्रेरक है। मुझे विश्वास है कि आप सबका ये काम जरूर रंग लाएगा। मैं यही कहूंगा आप अपना ख्याल रखिए, अपने परिवारजनों का ख्याल रखिए और सेवा का काम तो चलता ही रहेगा लेकिन हम ‘दो गज की दूरी मास्क पहनना जरूरी’, ये सारी जो बाते हैं जिसमें कोई कंप्रोमाइज किए बिना काम करते रहिए।

मैं फिर एक बार आप सभी का बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं। आप सबको बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं।

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Text of PM’s remarks at the beginning of the Budget Session of Parliament
July 22, 2024
“Placing of the Budget by a third term government is being seen as a glorious event by the nation”
“This Budget will set the direction of the next five years of the current government and will lay a strong foundation for the dream of Viksit Bharat by 2047”
“Rise up above party politics and commit to the nation by making use of the dignified platform of the Parliament”
“Till 2029 the only priority should be the country, its poor, farmers, women and the youth”
“Muzzling of the elected government and its Prime Minister has no place in democratic traditions”
“First time members should be allowed to come forward and present their views”
“This House is not meant for political parties, this House is meant for the country. It is not meant to serve the Parliamentarians but 140 crore citizens of India”

आज सावन का पहला सोमवार है। इस पवित्र दिवस पर एक महत्वपूर्ण सत्र प्रारंभ हो रहा है, और सावन के इस पहले सोमवार की मैं देशवासियों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

आज संसद का मानसून सत्र भी आरंभ हो रहा है। देश बहुत बारीकी से देख रहा है कि संसद का ये सत्र सकारात्मक हो, सृजनात्मक हो और देशवासियों के सपनों को सिद्ध करने के लिए एक मजबूत नींव रखने वाला हो।

साथियों,

भारत के लोकतंत्र की जो गौरवयात्रा है, उसमें ये एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में मैं देख रहा हूं। व्यक्तिगत रूप से मुझे भी, हमारे सभी साथियों के लिए भी ये अत्यंत गर्व का विषय है कि करीब 60 साल के बाद कोई सरकार तीसरी बार वापस आई और तीसरी पारी का पहला बजट रखने का सौभाग्य प्राप्त हो, ये भारत के लोकतंत्र की गौरवयात्रा की अत्यंत गरिमापूर्ण घटना के रूप में देश इसे देख रहा है। ये बजट सत्र है। मैं देशवासियों को जो गारंटी देता रहा हूं क्रमश: रूप से उन गारंटीयों को जमीन पर उतारना इस लक्ष्य को लेकर के हम आगे बढ़ रहे हैं। ये बजट अमृतकाल का एक महत्वपूर्ण बजट है। हमें 5 साल का जो अवसर मिला है, आज का बजट हमारे उन 5 साल के कार्य की दिशा भी तय करेगा और ये बजट 2047 जब आजादी के 100 साल होंगे, तब विकसित भारत का जो हमारा सपना है, उस सपने को पूरा करने की मजबूत नींव वाला बजट लेकर के हम कल देश के सामने आएंगे। हर देशवासी के लिए एक गर्व की बात है कि भारत बड़ी इकोनॉमी वाले देशों में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाला देश है। गत 3 वर्षों में लगातार 8 प्रतिशत ग्रोथ के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं, grow कर रहे हैं। आज भारत में positive outlook, investment और performance एक प्रकार से opportunity की peak पर है। ये अपने आप में भारत की विकास यात्रा का एक अहम पड़ाव है।

साथियों,

मैं देश के सभी सांसदों से किसी भी दल के क्यों न हों। मैं आज आग्रहपूर्वक कहना चाहता हूं कि हम गत जनवरी से लेकर के हम लोगों के पास जितना सामर्थ्य था, इस सामर्थ्य को लेकर के जितनी लड़ाई लड़नी थी- लड़ ली, जनता को जो बात बतानी थी- बता दी। किसी ने राह दिखाने का प्रयास किया, किसी ने गुमराह करने का प्रयास किया। लेकिन अब वो दौर समाप्त हुआ है, देशवासियों ने अपना निर्णय दे दिया है। अब चुने हुए सभी सांसदों का कर्तव्य है, सभी राजनीतिक दलों की विशेष जिम्मेदारी है कि हमने दल के लिए जितनी लड़ाई लड़नी थी, लड़ ली, अब आने वाले 5 वर्ष के लिए हमें देश के लिए लड़ना हैं, देश के लिए जूझना हैं, एक और नेक बनकर के जूझना है। मैं सभी राजनीतिक दलों से भी कहूंगा कि आइए हम आने वाले चार, साढ़े चार साल दल से ऊपर उठकर के, सिर्फ और सिर्फ देश को समर्पित होकर के संसद के इस गरिमापूर्ण मंच का हम उपयोग करें।

जनवरी 2029, जब चुनाव का वर्ष होगा आप उसके बाद जाइए मैदान में, सदन का भी उपयोग करना है, कर लीजिए। वो 6 महीने जो खेल, खेलने हैं- खेल लीजिए। लेकिन तब तक सिर्फ और सिर्फ देश, देश के गरीब, देश के किसान, देश के युवा, देश की महिलाएं उनके सामर्थ्य के लिए, उनको empower करने के लिए जनभागीदारी का एक जनआंदोलन खड़ा कर करके 2047 के सपने को पूरा करने के लिए हम पूरी ताकत लगाएं। मुझे आज बहुत दुख के साथ कहना है कि 2014 के बाद कोई सांसद 5 साल के लिए आए, कुछ सांसदों के 10 साल के लिए मौका मिला। लेकिन बहुत से सांसद ऐसे थे, जिनको अपने क्षेत्र की बात करने का अवसर नहीं मिला, अपने विचारों से संसद को समृद्ध करने का अवसर नहीं मिला, क्योंकि कुछ दलों की नकारात्मक राजनीति ने देश के संसद के महत्वपूर्ण समय को एक प्रकार से अपनी राजनीतिक विफलताओं को ढाकने के लिए दुरूपयोग किया है। मैं सभी दलों से आग्रहपूर्वक कहता हूं कि कम से कम जो पहली बार सदन में आए हैं, ऐसे बहुत बड़ी संख्या में हमारे माननीय सांसद हैं और सभी दल में हैं, उनको अवसर दीजिए, चर्चा में उनके विचारों को प्रकट करने का मौका दीजिए। ज्यादा से ज्यादा लोगों को आगे आने का अवसर दीजिए। और आपने देखा होगा कि पार्लियामेंट के नए संसद गठन होने के बाद जो पहला सत्र था, 140 करोड़ देशवासियों के बहुमत के साथ जिस सरकार को सेवा करने का हुकुम किया है देशवासियों ने, उसकी आवाज को कुचलने का अलोकतांत्रिक प्रयास हुआ। ढाई घंटे तक देश के प्रधानमंत्री का गला घोटने का, उनकी आवाज को रोकने का, उनकी आवाज को दबाने का लोकतांत्रिक परंपराओं में कोई स्थान नहीं हो सकता है। और इन सबका पश्चाताप तक नहीं है, दिल में दर्द तक नहीं है।

मैं आज आग्रहपूर्वक कहना चाहता हूं देशवासियों ने हमें यहां देश के लिए भेजा है, दल के लिए नहीं भेजा है। ये सदन दल के लिए नहीं, ये सदन देश के लिए है। ये सदन सांसदों की सीमा तक नहीं है, 140 करोड़ देशवासियों की एक विराट सीमा तक के लिए है। मैं विश्वास करता हूं कि हमारे सभी माननीय सांसद पूरी तैयारी के साथ चर्चा को समृद्ध करेंगे, कितने ही विरूद्ध विचार होंगे, विरूद्ध विचार बुरे नहीं होते हैं, नकारात्मक विचार बुरे होते हैं। जहां सोचने की सीमाएं समाप्त हो जाती है, देश को नकारात्मकता की जरूरत नहीं है, देश को एक विचारधारा, प्रगति की विचारधारा, विकास की विचारधारा, देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली विचारधारा से हमें आगे बढ़ना होगा। मैं पूरी आशा करता हूं कि हम लोकतंत्र के इस मंदिर का, भारत के सामान्य मानवी के आशा, आकांक्षाओं को पूर्ण करने के लिए सकारात्मक रूप से उपयोग करेंगे।

बहुत-बहुत धन्यवाद साथियों।