In the next 5 years, both Maharashtra and Haryana will reach new heights: PM Modi

Published By : Admin | October 24, 2019 | 19:40 IST
In the next 5 years, both Maharashtra and Haryana will reach new heights: PM Modi at BJP headquarters
People have shown their support on the leaders. This is a big achievement: PM Modi
I want to thank people of Maharashtra and Haryana from the core of my heart, says PM Modi

भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष, हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमान अमित भाई शाह, श्रीमान राजनाथ जी, गडकरी जी, और सभी प्यारे भाइयो और बहनो, मैं सबसे पहले दीवाली का आरंभ होने से पूर्व ही महाराष्ट्र और हरियाणा की जनता ने भारतीय जनता पार्टी के प्रति, –हमारे साथियों के प्रति जो विश्वास जताया है, जो आशीर्वाद दिए हैं इसके लिए मैं उनका अन्तहकरण से अभिनंदन करता हूं, उनका साधुवाद करता हूं। भारतीय जनता पार्टी महाराष्ट्र ईकाई और भारतीय जनता पार्टी हरियाणा ईकाई वहां की पार्टी के सभी पदाधिकारी, सभी कार्यकर्ता उन्होंने भी जनता का विश्वास जीतने में अथक प्रयास किया, लोगों के आशीर्वाद प्राप्त किए उनका भी बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं। महाराष्ट्र में और हरियाणा में मुख्यमंत्री के रूप में देवेंद्र जी का पहला अनुभव और मनोहर लाल जी का भी पहला अनुभव, ये दोनों लोग कभी किसी सरकार में मंत्री भी नहीं थे। महाराष्ट्र में हमें गत चुनाव में बहुमत नहीं मिला था, हरियाणा में हमें चुनाव में केवल दो सीटों का बहुमत मिला था उसके बावजूद भी सबको साथ लेकर के दोनों मुख्यमंत्रियों ने उनकी टीम ने पांच वर्ष तक महाराष्ट्र और हरियाणा की जो सेवा की ईमानदारी के साथ राज्य के विकास के लिए जनता की भलाई के लिए कार्य करते रहे और उसका परिणाम है कि आज दोबारा जनता ने उन पर विश्वास जताया है उनके पांच वर्ष के कार्यकाल में जो जनता ने आशीर्वाद दिए हैं उनको भी बहुत बधाई देता हूं और मुझे विश्वास है कि उनके नेतृत्व में आने वाले पांच वर्ष महाराष्ट्र के और हरियाणा के विकास की नई ऊंचाइयों को पार करने वाला कार्यकाल रहेगा ऐसा मुझे पूरा भरोसा है। जो पालिटिकल पंडित आज इस चुनाव का एनालिसिस कर रहे हैं, हरियाणा अपने आप में एक अभूतपूर्व विजय है। अभूतपूर्व इसलिए है कि इन दिनों एक सरकार पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करके दोबारा जीतने की घटनाएं बहुत कम हैं, एक सरकार आती है पांच साल रहती है फिर दूसरी आती है पांच साल रहती है ऐसे वातावरण में सबसे बड़े दूसरे दल को रूप में विश्वास और आशीर्वाद प्राप्त करके आना ये बहुत बड़ी बात है। पिछली बार विधानसभा के चुनाव में 33 प्रतिशत वोट मिले थे पांच वर्ष में थोड़ा बहुत एंटीस्टैबलिशमेंट होता है लेकिन उसकी बजाय 33 से बढ़कर 36 प्रतिशत वोट प्राप्त किए 3 प्रतिशत ज्यादा वोट प्राप्त करना ये भी जनसामान्य का उनके काम पर मोहर लगाने का सीधा-सीधा गौरव प्राप्त होता है।

जो लोग हरियाणा की राजनीति जानते हैं उनको पता है, मैंने वर्षों तक वहां काम किया है संगठन का, किसी भी दल के साथ हमें समझौता अगर करना होता था सीट शेयरिंग का चुनाव के लिए तो ज्यादातर उन दलों की टर्मस्स एंड कंडीशन पर कभी पांच सीटें लड़ने को मिलती थीं कभी दस सीटें लड़ने को मिलती थीं और वो भी जो वो कहें उस सीट पर लड़ना पड़ता था और कभी दो अंक पार कर जाएं हम जीतने में यानी 10 या 10 से ज्यादा की सीट आ जाएं तो ये हमारा बहुत बड़ा सौभाग्य हुआ करता था और ये मैं पुरानी बात नहीं कर रहा हूं, 2014 से पहले हमारी ये स्थिति थी वैसी स्थिति में से जिस प्रकार से हमारी नई टीम को पांच साल और वो भी सिर्फ दो लोगों का हमारे पास बहुमत था और आज की राजनीति हम जानते हैं कि ऐसे समय निर्णय कितने संभल कर लेने होते हैं, कोई भी निर्णय लेने में कितनी दिक्कत आती हैं। इन सब को साथ लेकर चलना ऐसे वातावरण में भी, और मुख्यमंत्री नए बाकी टीम भी नई उसके बाद भी पांच वर्ष काम करके फिर से वापस आना हरियाणा के भारतीय जनता पार्टी को जितनी बधाई दें उतनी कम है। उसी प्रकार से महाराष्ट्र, 2014 के पहले भाजपा हमेशा महाराष्ट्र में जूनियर पार्टनर रही, शिवसेना के नेतृत्व में रहते थे। कभी सरकार बनी तो शिवसेना के नेतृत्व में बनी हमारे लोगों को थोड़ा बहुत काम करने का अनुभव मिला लेकिन महाराष्ट्र की एक विशेषता देखिए, गत पचास वर्षों में आपको भी ये सुनकर आश्चर्य होगा, 50 वर्ष में एक भी मुख्यमंत्री महाराष्ट्र की सेवा नहीं कर पाया पांच साल लगातार मुख्यमंत्री 50 साल के बाद पहली बार देवेंद्र जी को सेवा करने का मौका मिला। महाराष्ट्र जैसा देश की आर्थिक राजधानी, दुनिया में देश के प्रभाव को बढ़ाने में महाराष्ट्र का और मुंबई का बहुत बड़ा योगदान है।

ऐसे राज्य में पॉलिटिकल स्टैबिलिटी बहुत मायना रखती है लेकिन 50 साल तक दो तिहाई बहुमत वाली सरकारें भी एक मुख्यमंत्री को लेकर चल नहीं पाईं जबकि भाजपा को चरित्र है सबको साथ लेकर चलने का हमें पूर्ण बहुमत नहीं मिला था, भाजपा-शिवसेना पिछले चुनाव में आमने-सामने लड़े थे लेकिन चुनाव आने के बाद जब जनता ने तय कर लिया कि भाजपा-शिवसेना अलग चल ही नहीं सकते आपको साथ चलना ही पड़ेगा, निर्णय जनता ने किया और भाजपा और शिवसेना ने मिलकर का पांच साल स्थिर साशन और नेतृत्व दिया और इस बार भी गठबंधन को भारी बहुमत से महाराष्ट्र की जनता ने विजयी बनाया और इसलिए महाराष्ट्र की जनता का जो अपार विश्वास है। हमारा युवा नेतृत्व है वहां नया नेतृत्व है लेकिन उन्होंने जिस प्रकार से एक भी दाग लगे बिना सरकार चलाई उसको आज जन समर्थन मिला है और ये बात हमारे लिए बहुत गर्व और आनंद की है कि जब देश में ट्रें हर पांच साल में सरकारें बदलने का है ऐसे में पांच वर्ष बाद दोबारा बैठाने का निर्णय ये भाजपा के प्रति हमारे लोगों के काम करने के तरीके के प्रति जो विश्वास है उस विश्वास को प्रकट करता है।

मैं दोनों प्रदेश की जनता को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि आपने हम पर इतनी बड़ी मात्र में आशीर्वाद बरसाए हैं हमारी टीम नई थी अनुभव बहुत सामान्य प्रकार का था लेकिन उसके बाद भी पांच साल तक हमने सेवा करने के हमारे मकसद से जरा भी डिगे बिना आपकी सेवा की है अब आपने दोबारा हमें मौका दिया है तो मैं महाराष्ट्र की और हरियाणा की जनता को विश्वास दिलाता हूं कि आप की सेवा करने में हम पिछले पांच साल से भी ज्यादा मेहनत करेंगे, त्याग और तपस्या में कोई कमी नहीं रखेंगे। आप ने जो विश्वास रखा है उस विश्वास पर खरा उतरने के लिए हम भरसक कोशिश करेंगे और केंद्र में सरकार में होने के कारण मैंने अनुभव किया है कि भारत सरकार की योजनाओं को लागू करने में भाजपा की जहां-जहां सरकारें हैं वो अधिक उत्साह के साथ मेहनत करती हैं जनता तक बात ले जाती हैं। जहां अन्य दलों की सरकारें आई हैं उनका ज्यादा समय योजनाओं के नाम बदलने में जाता है। मोदी की एक योजना हो तो उनको लगता है कि अपने राज्य में नाम बदल दें वरना क्रेडिट मोदी को चली जाएगी, उसी उधेड़बुन वो एक दो साल यूं ही खराब कर देते हैं लेकिन भाजपा जहां-जहां है वहां कोई रुकावट के बिना केंद्र सरकार की योजनाएं भी उतनी त्वरित गति से जन सामान्य के लाभ के लिए आगे बढ़ाई जाती हैं। उसके कारण ऐसी सरकारों से जनता को डबल फायदा मिलता है और राज्य और केंद्र दोनों की योजनाएं जन सामान्य के लिए तेज गति से आगे बढ़ती हैं। मुझे विश्वास है कि आने वाले दिनों में जनता का ये बढ़ता हुआ प्यार हमारी जिम्मेदारियों को भी बढ़ाता है और हम सभी भाजपा के कार्यकर्ता हर पल हर डगर जनता के विश्वास पर खरे उतरने के लिए हमारी तरफ से हम कोई कमी नहीं रखेंगे इस विश्वास को लेकर हमें आगे बढ़ना है।

मैं फिर एक बार देवेंद्र और मनोहर जी की टीम को अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं और देशवासियों को भी इस तोहफे के लिए प्रणाम करता हूं और दीवाली की अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं और दीपावली का पर्व आपके परिवार में भी नया प्रकाश लेकर के आए, नई ऊर्जा लेकर के आए, नया उमंग लेकर के आए और आपका भारत के विकास की यात्रा में समर्थ योगदान जुड़ाता चले ये शुभकामना देते हुए मैं फिर एक बार भाजपा की इस टीम को भी, अमित भाई और नड्डा जी। इस पूरी टीम ने जो चुनाव अभियान को चलाया उनको भी मैं बहुत बधाई देता हूं उनका भी अभिनंदन करता हूं आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद।

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नमस्कार !

बजट वेबिनार सीरीज के तीसरे वेबिनार में, मैं आप सभी का अभिनंदन करता हूं। इससे पहले, टेक्नोलॉजी, रिफॉर्म्स और इकोनॉमिक ग्रोथ जैसे अहम विषयों पर दो वेबिनार हो चुके हैं। आज, Rural Economy और Agriculture जैसे अहम सेक्टर पर चर्चा हो रही है। आप सभी ने बजट निर्माण में अपने मूल्यवान सुझावों से बहुत सहयोग दिया, और आपने देखा होगा बजट में आप सबके सुझाव रिफ्लेक्ट हो रहे हैं, बहुत काम आए हैं। लेकिन अब बजट आ चुका है, अब बजट के बाद उसके full potential का लाभ देश को मिले, इस दिशा में भी आपका अनुभव, आपके सुझाव और सरल तरीके से बजट का सर्वाधिक लोगों को लाभ हो। बजट का पाई-पाई पैसा जिस हेतु से दिया गया है, उसको परिपूर्ण कैसे करें? जल्द से जल्द कैसे करें? आपके सुझाव ये वेबिनार के लिए बहुत अहम है।

साथियों,

आप सभी जानते हैं, कृषि, एग्रीकल्चर, विश्वकर्मा, ये सब हमारी अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है। एग्रीकल्चर, भारत की लॉन्ग टर्म डेवलपमेंट जर्नी का Strategic Pillar भी है, और इसी सोच के साथ हमारी सरकार ने कृषि सेक्टर को लगातार मजबूत किया है। करीब 10 करोड़ किसानों को 4 लाख करोड़ रुपए से अधिक की पीएम किसान सम्मान निधि मिली है। MSP में हुए Reforms से अब किसानों को डेढ़ गुना तक रिटर्न मिल रहा है। इंस्टिट्यूशनल क्रेडिट कवरेज 75 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। पीएम फसल बीमा योजना के तहत लगभग 2 लाख करोड़ रुपए के क्लेम सेटल किए गए हैं। ऐसे अनेक प्रयासों से किसानों का रिस्क बहुत कम हुआ है, और उन्हें एक बेसिक इकोनॉमिक सिक्योरिटी मिली है। इससे कृषि क्षेत्र का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। आज खाद्यान्न और दालों से लेकर तिलहन तक देश रिकॉर्ड उत्पादन कर रहा है। लेकिन अब, जब 21वीं सदी का दूसरा क्वार्टर शुरू हो चुका है, 25 साल बीत चुके हैं, तब कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा से भरना भी उतना ही आवश्यक है। इस साल के बजट में इस दिशा में नए प्रयास हुए हैं। मुझे विश्वास है, इस वेबिनार में आप सभी के बीच हुई चर्चा, इससे निकले सुझाव, बजट प्रावधानों को जल्द से जल्द जमीन पर उतारने में मदद करेंगे।

साथियों,

आज दुनिया के बाजार खुल रहे हैं, ग्लोबल डिमांड बदल रही है। इस वेबिनार में अपनी खेती को एक्सपोर्ट ओरिएंटेड बनाने पर भी ज्यादा से ज्यादा चर्चा आवश्य़क है। हमारे पास Diverse Climate है, हमें इसका पूरा फायदा उठाना है। एग्रो क्लाइमेटिक जोन, उस विषय में हम बहुत समृद्ध है। इस साल का बजट इन सब बातों के लिए अनगिनत नए अवसर देने वाला बजट है। प्रोडक्टिविटी बढ़ाने की दिशा तय करता है, और एक्सपोर्ट स्ट्रेंथ को बढ़ावा देता है। बजट में हमने high value agriculture पर फोकस किया है। नारियल, काजू, कोको, चंदन, ऐसे उत्पादों के regional-specific promotion की बात कही है, और आपको मालूम है, दक्षिण के हमारे जो राज्य हैं खासकर केरल है, तमिलनाडु है, नारियल की पैदावार बहुत करते हैं। लेकिन अब वो क्रॉप, वो सारे पेड़ इतने पुराने हो चुके हैं कि उसकी वो क्षमता नहीं रही है। केरल के किसानों को अतिरिक्त लाभ हो, तमिलनाडु के किसानों को अतिरिक्त लाभ हो। इसलिए इस बार कोकोनट पर एक विशेष बल दिया गया है, जिसका फायदा आने वाले दिनों में हमारे इन किसानों को मिलेगा।

साथियों,

नॉर्थ ईस्ट की तरफ देखें, अगरवुड बहुत कम लोगों को मालूम है, जो ये अगरबत्ती शब्द है ना, वो अगरवुड से आया हुआ है। अब हिमालयन राज्यों में टेम्परेट नट क्रॉप्स, और इन्हें बढ़ावा देने का प्रस्ताव बजट में रखा गया है। जब एक्सपोर्ट ओरिएंटेड प्रोडक्शन बढ़ेगा, तो ग्रामीण क्षेत्रों में प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन के जरिए रोजगार सृजन होगा। इस दिशा में एक coordinated action कैसे हो, आप सभी स्टेकहोल्डर्स मिलकर जरूर मंथन करें। अगर हम मिलकर High Value Agriculture को स्केल करते हैं, तो ये एग्रीकल्चर को ग्लोबली कंपेटिटिव सेक्टर में बदल सकता है। एग्री experts, इंडस्ट्री और किसान एक साथ कैसे आएं, किसानों को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने के लिए किस तरह से गोल्स सेट किए जाएं, क्वालिटी, ब्रांडिंग और स्टैंडर्ड्स, ऐसे हर पहलू, इन सबको कैसे प्रमोट किया जाए, इन सारे विषयों पर चर्चा, इस वेबिनार को, इसके महत्व को बढ़ाएंगे। मैं एक और बात आपसे कहना चाहूंगा। आज दुनिया हेल्थ के संबंध में ज्यादा कॉनशियस है। होलिस्टिक हेल्थ केयर और उसमें ऑर्गेनिक डाइट, ऑर्गेनिक फूड, इस पर बहुत रुचि है। भारत में हमें केमिकल फ्री खेती पर बल देना ही होगा, हमें नेचुरल फार्मिंग पर बल देना होगा। नेचुरल फार्मिंग से, केमिकल फ्री प्रोडक्ट से दुनिया के बाजार तक पहुंचने में हमारे लिए एक राजमार्ग बन जाता है। उसके लिए सर्टिफिकेशन, लेबोरेटरी ये सारी व्यवस्थाएं सरकार सोच रही है। लेकिन आप लोग इसमें भी जरूर अपने विचार रखिए।

साथियों,

एक्सपोर्ट बढ़ाने में एक बहुत बड़ा फैक्टर फिशरीज सेक्टर का पोटेंशियल भी है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश भी है। आज हमारे अलग-अलग तरह के जलाशय, तालाब, ये सब मिलाकर लगभग 4 लाख टन मछली उत्पादन होता है। जबकि इसमें 20 लाख टन अतिरिक्त उत्पादन की संभावना मौजूद है। अब विचार कीजिए आप, 4 लाख टन से हम अतिरिक्त 20 लाख टन जोड़ दें, तो हमारे गरीब मछुआरे भाई-बहन हैं, उनकी जिंदगी कैसी बदल जाएगी। हमारे पास Rural Income को डायवर्सिफाई करने का अवसर है। फिशरीज एक्सपोर्ट ग्रोथ का बड़ा प्लेटफॉर्म बन सकता है, दुनिया में इसकी मांग है। इस वेबिनार से अगर बहुत ही प्रैक्टिकल सुझाव निकलते हैं, तो कैसे रिज़रवॉयर, उसकी पोटेंशियल की सटीक मैपिंग की जाए, कैसे क्लस्टर प्लानिंग की जाए, कैसे फिशरीज डिपार्टमेंट और लोकल कम्युनिटी के बीच मजबूत कोऑर्डिनेशन हो, तो बहुत ही उत्तम होगा। हैचरी, फीड, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग, एक्सपोर्ट, उसके लिए आवश्यक लॉजिस्टिक्स, हर स्तर पर हमें नए बिजनेस मॉडल विकसित करने ही होंगे। ये Rural Prosperity, ग्रामीण समृद्धि के लिए, वहां की हाई वैल्यू, हाई इम्पैक्ट सेक्टर के रूप में परिवर्तित करने का एक अवसर है हमारे लिए, और इस दिशा में भी हम सबको मिलकर काम करना है, और आप आज जो मंथन करेंगे, उसके लिए, उस कार्य के लिए रास्ता बनेगा।

साथियों,

पशुपालन सेक्टर, ग्रामीण इकोनॉमी का हाई ग्रोथ पिलर है। भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा मिल्क प्रोड्यूसर है, Egg प्रोडक्शन में हम दूसरे स्थान पर है। हमें इसे और आगे ले जाने के लिए ब्रीडिंग क्वालिटी, डिजीज प्रिवेंशन और साइंटिफिक मैनेजमेंट पर फोकस करना होगा। एक और अहम विषय पशुधन के स्वास्थ्य का भी है। मैं जब One Earth One Health की बात करता हूं, तो उसमें पौधा हो या पशु, सबके स्वास्थ्य की बात शामिल है। भारत अब वैक्सीन उत्पादन में आत्मनिर्भर है। फुट एंड माउथ डिजीज, उससे पशुओं को बचाने के लिए सवा सौ करोड़ से अधिक डोज पशुओं को लगाई जा चुकी है। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत टेक्नोलॉजी का विस्तार किया जा रहा है। हमारी सरकार में अब पशुपालन क्षेत्र के किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड का भी लाभ मिल रहा है। निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए एनिमल हसबेंड्री इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड की शुरुआत भी की गई है, और आपको ये पता है हम लोगों ने गोबरधन योजना लागू की है। गांव के पशुओं के निकलने वाला मलमूत्र है, गांव का जो वेस्ट है, कूड़ा-कचरा है। हम गोबरधन योजना में इसका उपयोग करके गांव भी स्वच्छ रख सकते हैं, दूध से आय होती है, तो गोबर से भी आय हो सकती है, और एनर्जी सिक्योरिटी की दिशा में गैस सप्लाई में भी ये गोबरधन बहुत बड़ा योगदान दे सकता है। ये मल्टीपर्पज बेनिफिट वाला काम है, और गांव के लिए बहुत उपयोगी है। मैं चाहूंगा कि सभी राज्य सरकारें इसको प्राथमिकता दें, इसको आगे बढ़ाएं।

साथियों,

हमने पिछले अनुभवों से समझा है कि केवल एक ही फसल पर टिके रहना किसान के लिए जोखिम भरा है। इससे आय के विकल्प भी सीमित हो जाते हैं। इसलिए, हम crop diversification पर फोकस कर रहे हैं। इसके अलावा, National Mission on Edible Oils And Pulses, National Mission on Natural Farming, ये सभी एग्रीकल्चर सेक्टर की ताकत बढ़ा रहे हैं।

साथियों,

आप भी जानते हैं एग्रीकल्चर स्टेट सब्जेक्ट है, राज्यों का भी एक बड़ा एग्रीकल्चर बजट होता है, हमें राज्यों को भी निरंतर प्रेरित करना है कि वो अपना दायित्व निभाने में, हम उनको कैसे मदद दें, हमारे सुझाव उनको कैसे काम आएं। राज्य का भी एक-एक पैसा जो गांव के लिए, किसान के लिए तय हुआ है, वो सही उपयोग हो। हमें बजट प्रावधानों को जिला स्तर तक मजबूत करना होगा। तभी नई पॉलिसीज का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाया जा सकता है।

साथियों,

ये टेक्नोलॉजी की सदी है और सरकार का बहुत जोर एग्रीकल्चर में टेक्नोलॉजी कल्चर लाने पर भी है। आज e-NAM के माध्यम से मार्केट एक्सेस का डेमोक्रेटाइजेशन हुआ है। सरकार एग्रीस्टैक के जरिए, एग्रीकल्चर के लिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर रही है। इसके तहत डिजिटल पहचान, यानी किसान आईडी बनाई जा रही है। अब तक लगभग 9 करोड़ किसानों की किसान आईडी बन चुकी है, और लगभग 30 करोड़ भूमि पार्सलों का डिजिटल सर्वे किया गया है। भारत-विस्तार जैसे AI आधारित प्लेटफॉर्म, रिसर्च इंस्टीट्यूशंस और किसानों के बीच की दूरी कम कर रहे हैं।

लेकिन साथियों,

टेक्नोलॉजी तभी परिणाम देती है, जब सिस्टम उसे अपनाएं, संस्थाएं उसे इंटीग्रेट करें और एंटरप्रेन्योर्स उस पर इनोवेशन खड़ा करें। इस वेबिनार में आपको इससे जुड़े सुझावों को मजबूती से सामने लाना होगा। हम टेक्नोलॉजी को कैसे सही तरीके से इंटीग्रेट करें, इस दिशा में इस वेबिनार से निकले सुझावों की बहुत बड़ी भूमिका होगी।

साथियों,

हमारी सरकार ग्रामीण समृद्धि के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वामित्व योजना, पीएम ग्रामीण सड़क योजना, स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक मदद, इसने रूरल इकोनॉमी को निरंतर मजबूत किया है। लखपति दीदी अभियान की सफलता को भी हमें नई ऊंचाई देनी है। अभी तक गांव की 3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने में हम सफल हो चुके हैं। अब 2029 तक, 2029 तक 3 करोड़ में और 3 करोड़ जोड़ना है, और 3 करोड़ और लखपति दीदियां बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। ये लक्ष्य और तेजी से कैसे प्राप्त किया जाए, इसे लेकर भी आपके सुझाव महत्वपूर्ण होंगे।

साथियों,

देश में स्टोरेज का बहुत बड़ा अभियान चल रहा है। लाखों गोदाम बनाए जा रहे हैं। स्टोरेज के अलावा एग्री एंटरप्रेन्योर्स प्रोसेसिंग, सप्लाई चैन, एग्री-टेक, एग्री-फिनटेक, एक्सपोर्ट, इन सब में इनोवेशन और निवेश बढ़ाना आज समय की मांग है। मुझे विश्वास है आज जो आप मंथन करेंगे, उससे निकले अमृत से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी। आप सबको इस वेबिनार के लिए मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं, और मुझे पूरा विश्वास है कि जमीन से जुड़े हुए विचार, जड़ों से जुड़े हुए विचार, इस बजट को सफल बनाने के लिए, गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए बहुत काम आएंगे। आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

बहुत-बहुत धन्यवाद। नमस्कार।