PM Modi launches several development projects in Nagpur, Maharashtra
Boost to #DigitalIndia: PM Modi launches BHIM Aadhar interface for making payments
Despite facing several obstacles, there was no trace of bitterness or revenge in Dr. Babasaheb Ambedkar: PM Modi

আম্বেদকর জয়ন্তীতে প্রধানমন্ত্রী শ্রী নরেন্দ্র মোদী আজ নাগপুরের দীক্ষাভূমিতে পুষ্পার্ঘ্য নিবেদন করেন ডঃ বাবাসাহেব ভীমরাও আম্বেদকরের স্মৃতির উদ্দেশে। কোরাডি তাপবিদ্যুৎ কেন্দ্রটিও আজ পরিদর্শন করেন তিনি। এর উদ্বোধন উপলক্ষে প্রধানমন্ত্রী একটি প্রস্তরফলকের আবরণ উন্মোচন করেন। তাপবিদ্যুৎ কেন্দ্রের অপারেশন্‌স কন্ট্রোল রুমটিও তিনি ঘুরে দেখেন।

মানকাপুর ইন্ডোর স্পোর্টস কমপ্লেক্স পরিদর্শনকালে তিনি সেখানে নাগপুর আইআইআইটি, আইআইএম এবং এইম্‌স-এর শিলান্যাস উপলক্ষে ডিজিটাল ফলকের আবরণ উন্মোচন করেন।

ডঃ বাবাসাহেব ভীমরাও আম্বেদকরের দীক্ষাভূমির ওপর একটি স্মারক ডাকটিকিটও প্রকাশ করেন প্রধানমন্ত্রী। ‘লাকি গ্রাহক যোজনা’ এবং ‘ডিজিধন ব্যাপার যোজনা’র বিজয়ীদের হাতে তিনি আজ পুরস্কার তুলে দেন।

আঙুলের ছাপের সাহায্যে বায়োমেট্রিক পদ্ধতিতে নগদহীন লেনদেন ব্যবস্থার এক বিশেষ মঞ্চ ‘ভিম-আধার’-এর আজ সূচনা করেন প্রধানমন্ত্রী। পরে আম্বেদকর জয়ন্তী উপলক্ষে এক ভাষণে প্রধানমন্ত্রী বলেন, এই বিশেষ দিনটিতে নাগপুরে উপস্থিত থাকতে পেরে তিনি বিশেষভাবে আনন্দিত। দীক্ষাভূমিতে প্রার্থনা জানানোর সুযোগ লাভ করে তিনি নিজেকে সম্মানিত বোধ করছেন।

প্রধানমন্ত্রী বলেন, ডঃ আম্বেদকর ছিলেন এমনই এক ব্যক্তিত্ব যাঁর মধ্যে কোনরকম তিক্ততা বোধ বা প্রতিশোধ স্পৃহা কাজ করত না। বাবা সাহেব আম্বেদকরের এই গুণটি তাঁকে এক বিশিষ্টতা এনে দিয়েছিল।

কোরাডি তাপবিদ্যুৎ কেন্দ্র প্রসঙ্গে প্রধানমন্ত্রী বলেন, একবিংশ শতাব্দীতে জ্বালানি তথা শক্তিক্ষেত্রের গুরুত্ব অপরিসীম। পুনর্নবীকরণযোগ্য জ্বালানি উৎপাদনে বিশেষভাবে সচেষ্ট রয়েছে তাঁর সরকার।

স্বাধীনতার লক্ষ্যে ভারতবাসীর আত্মোৎসর্গের কথা স্মরণ করে প্রধানমন্ত্রী বলেন, জল, বিদ্যুৎ এবং অন্যান্য প্রাথমিক সুযোগ-সুবিধা সহ নিজস্ব বাসস্থানের অধিকার রয়েছে সকল নাগরিকেরই।

শ্রী মোদী বলেন, ভিম অ্যাপটি জাতির জীবনে এক ইতিবাচক প্রভাব ফেলেছে। দুর্নীতির মতো আবর্জনা দূর করতে ডিজিধন আন্দোলন যে কলুষতা মুক্তির লক্ষ্যে এক বিশেষ অভিযান একথাও স্মরণ করিয়ে দেন তিনি।

 

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Text of PM’s remarks during inauguration of Swaminarayan Hindu Temple in Paris
September 06, 2026

पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!

आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।

साथियों,

BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।

साथियों,

बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।

साथियों,

दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

साथियों,

इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।

साथियों,

स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

मर्सी बोकू!

जय स्वामीनारायण!