Published By : Admin |
February 11, 2025 | 15:15 IST
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AI is writing the code for humanity in this century: PM
There is a need for collective global efforts to establish governance and standards that uphold our shared values, address risks and build trust: PM
AI can help transform millions of lives by improving health, education, agriculture and so much more: PM
We need to invest in skilling and re-skilling our people for an AI-driven future: PM
We are developing AI applications for public good: PM
India is ready to share its experience and expertise to ensure that the AI future is for Good, and for All: PM
মাননীয় ব্যক্তিবর্গ,
বন্ধুগণ,
একটা সহজ পরীক্ষা দিয়ে আমার কথা শুরু করি।
আপনি যদি আপনার মেডিকেল রিপোর্ট কোনো একটি এআই অ্যাপ – এ আপলোড করেন, তা হলে সেখানে চিকিৎসা বিষয়ক জটিল শব্দবন্ধ ছাড়াই সহজ ভাষায় বলে দেওয়া হবে যে, আপনার স্বাস্থ্য নিয়ে ওই রিপোর্টে কী বলা হয়েছে। কিন্তু, আপনি যদি ওই একই অ্যাপ – এ এমন কারও ছবি আঁকতে বলেন, যিনি বাম হাত দিয়ে লেখেন, তা হলে খুব সম্ভবত, অ্যাপ – এ এমন একজনের ছবি আঁকা হবে, যিনি ডান হাতে লেখেন। এর কারণ হ’ল – সেখানে যে ডেটা রয়েছে, তা এই রকমই নির্দেশ দেয়।
এর থেকে বোঝা যায় যে, এআই – এর ইতিবাচক সম্ভাবনা অসামান্য হলেও এমন অনেক ক্ষেত্র রয়েছে, যেগুলি নিয়ে আমাদের সাবধানতার সঙ্গে এগোতে হবে। সেজন্যই এই সামিট আয়োজনের উদ্যোগ নেওয়ায় এবং এতে আমাকে সহ-পৌরহিত্য করার অনুরোধ জানানোয় আমি আমার বন্ধু প্রেসিডেন্ট ম্যাক্রঁর কাছে কৃতজ্ঞ।
বন্ধুগণ,
এআই ইতিমধ্যেই আমাদের রাজনীতি, অর্থনীতি, সুরক্ষা, এমনকি সমাজকেও নতুন চেহারা দিচ্ছে। এআই এই শতাব্দীতে মানবতার নতুন বিধি লিখছে। মানবসভ্যতার ইতিহাসে প্রযুক্তির অন্য যেসব মাইলফলক এসেছে, তার থেকে এটি একেবারেই আলাদা।
অভূতপূর্ব মাত্রা ও গতিতে এআই – এর বিকাশ হচ্ছে। এর গ্রহণ ও নিয়োগ হচ্ছে আরও দ্রুতগতিতে। সীমান্ত ছাপিয়ে এই নিয়ে সুগভীর পারস্পরিক নির্ভরতাও রয়েছে। তাই, এআই – এর পরিচালনা ও মান প্রতিষ্ঠার জন্য বিশ্বব্যাপী সম্মিলিত প্রয়াসের প্রয়োজন। এমন এক মান স্থির করা দরকার, যা আমাদের অভিন্ন মূল্যবোধকে গুরুত্ব দেবে, ঝুঁকিসমূহের মোকাবিলা করবে এবং আস্থা স্থাপনে সহায়ক হবে।
পরিচালনা বলতে কিন্তু শুধু ঝুঁকি ও রেষারেষির মোকাবিলাকেই বোঝায় না। উদ্ভাবনকে উৎসাহ দেওয়া এবং বিশ্বকল্যাণে তা কাজে লাগানোও এর অন্তর্ভুক্ত। তাই, উদ্ভাবন এবং পরিচালন ব্যবস্থা নিয়ে আমাদের গভীরভাবে ভাবতে ও আলোচনা করতেই হবে।
পরিচালনার আরেকটি ক্ষেত্র হ’ল – এর সুফল সবার কাছে, বিশেষত উন্নয়নশীল দেশগুলির কাছে পৌঁছে দেবে। কারণ, সেইসব দেশে গণনার ক্ষমতা, প্রতিভা, ডেটা, আর্থিক সম্পদ সবকিছুরই অভাব রয়েছে।
বন্ধুগণ,
স্বাস্থ্য, শিক্ষা, কৃষি সহ বিভিন্ন ক্ষেত্রের উন্নয়ন ঘটিয়ে লক্ষ লক্ষ মানুষের জীবনকে বদলে দেওয়ার ক্ষেত্রে এআই বড় ভূমিকা নিতে পারে। এআই এমন এক বিশ্ব তৈরি করতে পারে, যেখানে সুস্থিত উন্নয়ন লক্ষ্যের দিকে যাত্রা অনেক দ্রুত ও সহজ হয়ে উঠবে।
এটা করতে হলে আমাদের সম্পদ ও প্রতিভাকে কাজে লাগাতে হবে। আমাদের এমন এক ব্যবস্থা গড়ে তুলতে হবে, যাতে আস্থা ও স্বচ্ছতা বাড়ে। পক্ষপাতিত্ব ছাড়া উন্নতমানের ডেটাসেট গড়ে তুলতে হবে। আমাদের প্রযুক্তির গণতান্ত্রিকীকরণ ঘটাতে হবে, এর প্রয়োগ করতে হবে নাগরিক-কেন্দ্রিক দৃষ্টিভঙ্গী নিয়ে। সাইবার সুরক্ষা, ভুয়ো তথ্য ও ডীপফেক নিয়ে উদ্বেগের মোকাবিলা করতে হবে। প্রযুক্তিকে কার্যকর ও ব্যবহার উপযোগী করে তুলতে তা যাতে স্থানীয় পরিমণ্ডলের মধ্যে শিকড় গেড়ে বসতে পারে, তা আমাদের সুনিশ্চিত করতে হবে।
বন্ধুগণ,
এআই নিয়ে সবচেয়ে বড় ভয় হ’ল, এর ফলে অনেক মানুষ কাজ হারাবেন। কিন্তু, ইতিহাস বারংবার সাক্ষ্য দিয়েছে যে, প্রযুক্তির জন্য কাজ চলে যায় না। কাজের প্রকৃতি বদলায়, নতুন ধরনের কাজ সৃষ্টি হয়। এআই চালিত ভবিষ্যতের জন্য আমাদের মানুষজনকে দক্ষতাসম্পন্ন করে তুলতে বিনিয়োগ করতে হবে।
বন্ধুগণ,
এআই – এর জন্য যে ব্যাপক শক্তির প্রয়োজন, তা নিয়ে আমাদের ভাবতে হবে। ভবিষ্যতের জন্য আমাদের দূষণমুক্ত শক্তির ব্যবস্থা করতে হবে।
সৌরশক্তিকে সহজভাবে কাজে লাগাতে ভারত ও ফ্রান্স বেশ কিছু বছর ধরে আন্তর্জাতিক সৌর জোটের মতো বিভিন্ন উদ্যোগে হাতে হাত মিলিয়ে কাজ করছে। আজ যখন আমাদের এই অংশীদারিত্ব এআই – এর ক্ষেত্র প্রসারিত হচ্ছে, তখন তা এক স্বাভাবিক অগ্রগতি। একটি স্মার্ট ও দায়িত্বশীল ভবিষ্যৎ গড়ে তুলতে আমরা সুস্থিতি থেকে উদ্ভাবনের দিকে অগ্রসর হচ্ছি।
একইসঙ্গে, সুস্থিত এআই বলতে শুধু দূষণমুক্ত শক্তির ব্যবহারকেই বোঝায় না। এআই মডেলগুলিকে আকার, ডেটার চাহিদা এবং সম্পদের প্রয়োজনীয়তার সঙ্গে যথাযথ হয়ে উঠতে হবে। দেখুন, মানুষের মস্তিষ্ক কবিতাও লেখে আবার মহাকাশযানের নক্শাও তৈরি করে। অথচ, তার জন্য একটা বাল্ব জ্বালাতে যতটা শক্তির প্রয়োজন, তারচেয়ে কম শক্তি লাগে।
বন্ধুগণ,
ভারত খুব অল্প খরচে এক ডিজিটাল গণপরিকাঠামো গড়ে তুলতে সক্ষম হয়েছে। এক মুক্ত এবং সবার নাগালের মধ্যে থাকা নেটওয়ার্ককে ঘিরে এই পরিকাঠামো গড়ে উঠেছে। এখানকার বিধিনিয়ম ও প্রয়োগ আমাদের অর্থনীতির আধুনিকীকরণ ঘটাচ্ছে, শাসন ব্যবস্থার সংস্কারসাধন করছে এবং আমাদের মানুষজনের জীবন বদলে দিচ্ছে।
আমাদের ডেটা ক্ষমতায়ন ও সুরক্ষা স্থাপত্যের মাধ্যমে আমরা ডেটার ক্ষমতার প্রয়োগ ঘটাচ্ছি। ডিজিটাল বাণিজ্যকে আমরা সবার নাগালের মধ্যে এনে এর গণতান্ত্রিকীকরণ সম্ভব করেছি। এই দৃষ্টিভঙ্গীই হ’ল ভারতের ভারতের জাতীয় এআই মিশনের মূল ভিত্তি।
সেজন্যই আমাদের জি-২০ সভাপতিত্বের সময়ে আমরা এআই – এর ব্যবহার দায়িত্বশীলতার সঙ্গে সকলের কল্যাণের জন্য করার বিষয়ে ঐকমত্য গড়ে তুলেছিলাম। ভারত আজ এআই – এর প্রয়োগ এবং ডেটা সুরক্ষার ক্ষেত্রে প্রযুক্তিগত ও আইনি সমাধানের বিষয়ে নেতৃত্ব দিচ্ছে।
আমরা মানুষের কল্যাণের জন্য এআই – এর প্রয়োগ ঘটাচ্ছি। বিশ্বের বৃহত্তম এআই বিষয়ক প্রতিভা আমাদেরই রয়েছে। আমাদের বৈচিত্র্যের দিকে লক্ষ্য রেখে আমরা আমাদের নিজস্ব বৃহৎ ভাষা মডেল তৈরি করছি। গণন ক্ষমতার মতো বিভিন্ন সম্পদের জন্য আমরা এক অনন্য সরকারি-বেসরকারি অংশীদারিত্ব মডেল তৈরি করেছি। আমাদের স্টার্টআপ ও গবেষকরা সুলভে এর সুবিধা পাচ্ছেন। সবাই যাতে এআই – এর সুফল ভোগ করতে পারেন, সেজন্য ভারত তার অভিজ্ঞতা ও বিশেষ জ্ঞান বিশ্বের সঙ্গে ভাগ করে নিতে প্রস্তুত।
বন্ধুগণ,
আমরা এআই যুগের ভোরে দাঁড়িয়ে রয়েছি। এ এমন এক যুগ, যা মানবতার গতিপথ বদলে দেবে। কেউ কেউ ভয় পাচ্ছেন যে, যন্ত্র হয়তো মানুষের চেয়ে বেশি বুদ্ধিমান হয়ে উঠবে। কিন্তু মনে রাখবেন যে, আমাদের সম্মিলিত ভবিষ্যতের চাবিকাঠি এবং অভিন্ন গন্তব্য আমাদেরই হাতে রয়েছে।
Text of Prime Minister addresses the Indian Community in Paris
June 18, 2026
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नमस्ते!
बों जू!
ऐसा लग रहा है, आप सब छुट्टी के मूड में हैं।
साथियों,
ये पेरिस शहर, Lights का शहर है, रंगों का शहर है, यहां Art है, Ideas हैं, और innovation की प्रेरणा भी है। इस शहर को भारत के अलग-अलग राज्यों से आए आप सभी लोग और भी खूबसूरत बना देते हैं। नए नए रंगों से भर देते हैं।
कोई तमिल है, कोई पंजाबी है, कोई गुजराती है, तो कोई मराठी है, और कोई बंगाली है। भारत के हर कोने का प्रतिनिधित्व यहां दिखाई देता है।
साथियों,
मैं जब 14 जून को नीस पहुंचा था तो सबसे पहले भारत इनोवेट्स कार्यक्रम में शामिल हुआ था। आज जब मैं फ्रांस से वापसी की तैयारी में हूं तो लग रहा है जैसे भारत कनेक्ट्स कार्यक्रम में आ गया हूं।
फ्रांस में रहने वाले आप लोगों ने 21वीं सदी के भारत-फ्रांस रिश्तों को जिस तरह कनेक्ट किया है, वो हमारी Strategic Partnership की बहुत बड़ी ताकत बन रही है। मैं आप सभी के लिए भारत से 140 करोड़ देशवासियों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं। इस आत्मीय स्वागत के लिए, मैं आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।
साथियों,
आज मैं ऐसे समय में फ्रांस आया हूं जब कुछ ही दिन पहले हमारी सरकार के 12 वर्ष पूरे हुए हैं। चुने हुए प्रधानमंत्री के रूप निरंतर 12 साल तक देश की सेवा करना मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है। यह भारत के लोकतंत्र की शक्ति है जिसने एक चायवाले को यहां तक पहुंचा दिया।
साथियों,
बीते 12 वर्ष, 140 करोड़ भारतीयों के अद्भुत सामर्थ्य के रहे हैं। 12 साल के इस कालखंड में भारत का GDP दोगुना हुआ है। Airports की संख्या दोगुनी हुई है। Universities की संख्या भी दोगुनी हो गई है। Highway Construction की स्पीड तीन गुना बढ़ गई। और Metro Network, चार गुणा बड़ा हो गया है।
मैं आपको कुछ और फैक्ट्स दूंगा, उससे आप अंदाजा लगा पाएंगे कि भारत किस स्पीड और कितने बड़े स्केल पर काम कर रहा है। पिछले 12 वर्षों में भारत का Defence Export 35 गुणा यानि Thirty Five Times बढ़ गया है।
औऱ एक फैक्ट सुनिए भारत में मोबाइल मैन्यूफैक्टरिंग यूनिट्स में, 100 गुणा की बढ़ोतरी हुई है। 100 times. भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा mobile phone manufacturer है। इसी गति, इसी प्रगति का नतीजा है कि आज भारत दुनिया की Fastest Growing Major Economy है।
साथियों,
आज भारत की कहानी सिर्फ Economic Progress की कहानी नहीं है। सिर्फ यहाँ अटक नहीं जाती है। ये Social Transformation की भी कहानी है।
पिछले 12 साल में देश में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। यानि एक ऐसी प्रगति जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। फ्रांस में जितने घर हैं, उससे भी अधिक पक्के घर बीते 12 वर्ष में हमने जरूरतमंदों के लिए बनाए हैं।
अब हर परिवार के पास, गरीब से गरीब क्यों न हो, Bank Account है। Financial Inclusion एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का अभियान बना है।
साथियों,
इन 12 वर्षों की उपलब्धियों में, एक उपलब्धि ऐसी भी है जिसे किसी आंकड़े से, या अंकों से, नहीं मापा जा सकता। वह है 140 करोड़ भारतीयों का आत्मविश्वास।
आज का भारत और आज के भारत का युवा बहुत बड़े सपने देख रहा है। भारत का किसान नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत की महिलाएं नए नेतृत्व का परिचय दे रही हैं। इसलिए ये सिर्फ Achievements के 12 साल नहीं हैं, ये भारत की एस्पिरेशन्स को नई बुलंदी देने का कालखंड रहा है।
साथियों,
एक समय था जब दूर-दराज के गांवों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाना वाकई बहुत मुश्किल भरा था। आज उन्हीं गांवों में बिजली भी है, इंटरनेट भी है, और डिजिटल सेवाओं की पूरी दुनिया भी है। आज एक क्लिक पर, कभी भी, कहीं भी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध हैं।
आज मोबाइल फोन, भारत के नागरिकों को अनेक सुविधाओं से कनेक्ट कर रहा है। हमारे किसान, हमारे मछुआरे, हमारे dairy farmers, हमारी महिलाएं, हमारे स्टूडेंट्स, सभी टेक्नोलॉजी के माध्यम से सशक्त हो रहे हैं, और अपने लिए नए अवसर बना रहे हैं।
साथियों,
आपने 125 करोड़ से अधिक Aadhaar IDs के बारे में सुना है। लेकिन आज भारत सिर्फ पहचान को डिजिटल नहीं बना रहा। आज करीब 90 करोड़ भारतीयों की Unique Digital Health IDs बनाई जा चुकी हैं। जिससे मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित और accessible बन गए हैं। इससे हेल्थकेयर डिलीवरी और अधिक आसान और efficient हो रही है।
साथियों,
इन उपलब्धियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें से अधिकांश चीजें कुछ वर्ष पहले तक कल्पना जैसी लगती थीं। कौन सोच सकता था कि गांव-गांव तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचेगा ? कौन सोच सकता था कि दूर-सुदूर के गांवों में भी QR code जीवन का हिस्सा बन जायेगा ? गांव में कोई बहन, ड्रोन से खेती करने में मदद करेगी, ये भी असंभव लगता था।
लेकिन आज यह सब, भारत के करोड़ों लोगों के जीवन का सामान्य हिस्सा बनता जा रहा है। और आपको गर्व होगा साथियों, यही नए भारत की पहचान है।
जो कभी सपना था, वह आज सच्चाई है। जो कभी नामुमकिन लगता था, वो आज मुमकिन हुआ है, औऱ ये करने के पीछे सबसे बड़ी ताकत क्या है? किसकी वजह से ये सब संभव हुआ है? यह मोदी के कारण नहीं, वो ताकत है- भारत का लोकतंत्र, भारत की डेमोक्रेसी। इस डेमोक्रेसी में सबका साथ है, सबका विकास है।
साथियों,
आज से 50 या 100 साल बाद जब भारत के इस कालखंड की समीक्षा होगी, तो ये बात उभरकर सामने आएगी कि इस कालखंड को भारत की Aspirations ने ड्राइव किया। यह भारत के एस्पिरेशन्स का नया युग है।
जहां बिजली पहुंची है, वहां लोग सिर्फ बिजली नहीं चाहते, वे Smart Living चाहते हैं। जहां ट्रेन पहुंची है, वहां लोग High-Speed Connectivity चाहते हैं। जहां हाईवे बने हैं, वहां लोग World-Class Expressways चाहते हैं। जहां इंटरनेट पहुंचा है, वहां लोग AI और Digital Innovation में नेतृत्व चाहते हैं।
यानि आज भारत के लोग अपने जीवन को भी Next Level पर ले जाना चाहते हैं, और भारत को भी Next Level पर ले जाना उनका मकसद है, उनका संकल्प है, उनके सपने है।
और साथियों,
यही Aspirations आज भारत की विकास यात्रा की सबसे बड़ी शक्ति हैं। मैं आपको भारत की Space Journey का उदाहरण दूंगा।
भारत ने चंद्रयान को चंद्रमा के South Pole पर उतारा। दुनिया ने इसे एक बहुत बड़ी उपलब्धि माना। लेकिन भारत इसे अपनी मंजिल मानकर रुका नहीं। आज देश गगनयान की तैयारी कर रहा है। भारत अंतरिक्ष में अपना Space Station बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
हमारे Space Startups Global Space Economy में अपनी जगह बनाने के लिए पुरजोश काम कर रहे हैं, आगे बढ़ रहे हैं।
साथियों,
Green Energy के क्षेत्र में भी भारत की यही एस्पिरेशंस दिखाई देती है। Solar Power में भारत की उपलब्धियों की दुनिया भर में लगातार चर्चा हो रही हैं। लेकिन भारत अगली छलांग की तैयारी कर रहा है।
Green Hydrogen में बड़े निवेश हो रहे हैं। Advanced Nuclear Energy पर तेजी से काम हो रहा है। आपने भारत के Fast Breeder nuclear Reactor से जुड़ी प्रोग्रेस के बारे में भी सुना ज़रूर होगा। ये भारत के न्यूक्लियर एनर्जी लैंडस्केप में क्रांतिकारी परिवर्तन करने का बहुत बड़ा अचीवमेंट हमारे सीसेन्टिस्टों ने किया है।
साथियों,
आज का भारत भविष्य का पूरा Ecosystem बना रहा है। भारत एक साथ हर उस क्षेत्र में निवेश कर रहा है, जो आने वाले दशकों की दिशा तय करेगा।
अभी आपने कुछ दिन पहले ही देखा है नीस में भारत इनोवेट्स का एक आयोजन किया। ये इवेंट भारत के डीप टेक सामर्थ्य को दुनिया तक पहुंचाने का एक और माध्यम था। इसमें भारत के 120 Deep-Tech Startups उपस्थित थे। Bharat Innovates में करीब एक हजार चार सौ B2B Meetings हुईं है। कई Startups के लिए Investment Commitments आगे बढ़ीं, Commercial Orders के लिए रास्ते खुले। French और European Universities तथा Incubators के साथ Engagements बढ़ रही हैं।
Student Exchanges, Joint Research, और Innovation Support के नए रास्ते बने। इसलिए Bharat Innovates सिर्फ एक Summit नहीं रहा। यह Innovation Diplomacy का एक नया मॉडल बना है।
और आज ही पेरिस में VivaTech इवेंट के जरिए, इस यात्रा को हमने और आगे बढ़ाया। नीस में हमने Ideas को Capital से जोड़ा और पेरिस में Indian Innovation को Global Scale से जोड़ा। आज दुनिया देख रही है भारत केवल भविष्य के लिए तैयार नहीं हो रहा है। भारत भविष्य को आकार दे रहा है।
साथियों,
एक समय था, जब देशों के बीच रिश्ते केवल व्यापार से तय होते थे। आज व्यापार के साथ-साथ Trust यानि भरोसा भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है।
हर देश Reliable Supply Chains चाहता है। हर देश Stable Partnerships चाहता है। हर देश ऐसे साथियों की तलाश में है, जिन पर लंबे समय तक भरोसा किया जा सके। और ऐसे समय में, भारत विश्व में एक Trusted Partner के रूप में उभर रहा है।
एवियां में G7 बैठक के दौरान मैंने trust based partnerships बनाने पर ज़ोर दिया। ग्लोबल साउथ के देशों के साथ equal पार्टनर्स के रूप में आगे बढ़ने का आह्वान किया। भारत का G7 समिट में संदेश था Global Governance तभी प्रभावी होगी जब वह Inclusive होगी। Global Growth तभी Sustainable होगी जब वह शेयर्ड होगी। और Global Technology तभी मानवता के लिए उपयोगी होगी जब वह Trusted होगी।
साथियों,
भारत और दुनिया के बीच व्यापारिक रिश्तों में नई ऊर्जा नज़र आ रही है। फ्रांस के साथ भारत का ट्रेड लगतार बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने दुनिया के अनेक देशों के साथ Free Trade Agreements किए हैं। यूरोपियन यूनियन हो, यूनाइटेड किंगडम हो दुनिया के हर देश, हर रीजन के साथ भारत समझौते कर रहा है।
अगले महीने से भारत और UK के बीच ट्रेड एग्रीमेंट भी लागू हो जाएगा। यह एग्रीमेंट भारत के farmers, workers और innovators को अनेक नए अवसर प्रदान करेगा।
साथियों,
आज दुनिया Uncertainty और Disruption के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत और फ्रांस की साझेदारी विश्वास, स्थिरता और सहयोग का एक मजबूत स्तंभ बन रहा है।
इस वर्ष हमने भारत और फ्रांस के संबंधों को Special Global Strategic Partnership का दर्जा दिया था। नीस में मेरे मित्र President Macron और मैंने हमारे संबंधों को force for global good बनाने पर चर्चा की। Defence से लेकर space और नुक्लियर तक AI और क्रिटीकल मिनरल्स से लेकर high speed railway तक, हर क्षेत्र में हम मिलकर आगे बढ़ेंगे।
साथियों,
Solar energy हो, या AI के क्षेत्र में सहयोग हो, भारत और फ्रांस मिलकर ऐसे समाधान विकसित कर रहे हैं जो पूरी मानवता के हित में हैं। पिछले वर्ष पेरिस में और इस वर्ष दिल्ली में हमने AI Summit को Co-chair किया।
अब हम साथ मिलकर अगले वर्ष “तृष्णा” satellite को लॉन्च करने जा रहें हैं। यह “तृष्णा” satellite जो विश्व में फूड और वाटर सिक्युरिटी सुनिश्चित करने में योगदान देगा।
और साथियों,
यह सभी गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट पहलो में आप सभी का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। ये आप हैं जो भारत और यूरोप के बीच सबसे मजबूत सेतु हैं। आप दोनों समाजों को समझते हैं। दोनों बाजारों को समझते हैं। आने वाले समय में Talent, Trade, Technology, Tourism और Investment के नए अवसरों को आगे बढ़ाने में आपकी भूमिका लगातार बढ़ने वाली हैं।
साथियों,
भारत और फ्रांस के रिश्तों को साझा इतिहास, साझा मूल्यों और साझा विश्वास ने आगे बढ़ाया है। विश्व युद्धों के दौरान फ्रांस की धरती पर बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों की स्मृतियां आज भी हमें जोड़ती हैं।
मुझे पहले नव शापेल में श्रद्धांजलि देने का अवसर मिला, पिछले वर्ष प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मार्सेय के वॉर मेमोरियल जाने का अवसर भी मिला। ये हमारी साझा विरासत है।
फ्रांस, भारतीयों के योगदान को संजोता भी है और सराहता भी है। भारतीय मूल की नूर इनायत खान हों, जिन्होंने फ्रांस की Resistance के लिए अपना जीवन बलिदान किया, या महाराजा रणजीत सिंह के साथ काम करने वाले जनरल जां फ्रांस्वा अलार हों ये सभी भारत और फ्रांस की साझा विरासत के प्रतीक हैं।
भारत के राज्य पुडुचेरी में भी फ्रेंच विरासत की झलक दिखाई देती है। वहां का Architecture, वहां की कला-संस्कृति और खान-पान सभी में हमारे संबंधों की महेक है।
साथियों,
इस समय फ्रांस समेत पूरी दुनिया में International Yoga Day की तैयारी भी चल रही है। इस अवसर पर मैं, फ्रांस में योग को आगे बढ़ाने वाले श्रीमान महेश घाट्राड्याल जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं। मैं पद्म पुरस्कार से सम्मानित, शार्लोत शोपां जी को भी प्रणाम करता हूं। जिन्होंने सौ वर्ष की आयु में भी, योग के माध्यम से फ़्रांस को भारत की विरासत से जोड़ा है। उनका जीवन यह सिद्ध करता है: Yoga does not add years to life, it adds life to years.
साथियों,
मैं फ्रेद नेग्री जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धापूर्वक याद करता हूं। भारतीय विरासत को संरक्षित करने में उनका योगदान अतुल्य रहा है।
साथियों,
भारत और फ्रांस को कनेक्ट करने वाली एक और चीज है, और वो है फुटबॉल। इस वक्त यहां फुटबॉल फीवर पूरे जोर पर है। फ्रांस में इसकी दीवानगी, चप्पे-चप्पे पर दिखती है। लेकिन भारत में भी फुटबॉल का क्रेज़ सिर चढ़कर बोलता है।
खासतौर पर फ्रांस की टीम के फैन्स भारत में बहुत अधिक हैं। फ़्रांस ने इस वर्ल्ड कप की शुरुआत एक जोरदार जीत से शुरू की है। मैं फ्रांस की टीम को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।
साथियों,
जाने से पहले, आप सभी के लिए कुछ और अच्छी खबरें भी लेकर के आया हूँ। वो आपके लिए हैं। पिछले वर्ष, मार्सेय में कॉन्सुलेट खोला गया, इससे काफी अधिक सुविधा मिल रही है। कुछ हफ्ते पहले, Indian Nationals के लिए French Airports पर Visa-free Transit की व्यवस्था शुरू हो गई है।
Students और Professionals की Mobility बढ़ाना हो, या Educational Qualifications की Mutual Recognition की बात हो, या फिर French Universities के भारत में Campus खोलना हो, इन सभी पर हम मिलकर आगे बढ़ रहें हैं।
अब फ्रांस में UPI के उपयोग का दायरा भी और बढ़ने जा रहा है। यानि भारत-फ्रांस कनेक्ट भी Instant और आपसी Payment भी Instant!
साथियों,
इन सभी पहलों से, हम भारत और फ़्रांस को और करीब ला रहें हैं। और मैं फिर कहूंगा इस साझेदारी की नींव, इस रिश्ते की असली ताकत आप सभी हैं। आप सब मेरे देशवासी हैं।
आज जब भारत तेज़ी से विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तो मैं आप सभी से भारत के साथ और गहराई से जुडने का आग्रह करूंगा। इससे भारत की विकास यात्रा को नई शक्ति मिलेगी, और आपको अपनी पुरखों की धरती की सेवा करने का अवसर भी मिलेगा।
इन्हीं शब्दों के साथ आप सभी के प्रेम आपके उत्साह और इस आत्मीय स्वागत के लिए मैं एक बार फिर आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं।