Congress has always been an anti-middle-class party: PM Modi in Hyderabad

Published By : Admin | May 10, 2024 | 16:00 IST
Congress has always been an anti-middle-class party: PM Modi in Hyderabad
Whether it's BRS or Congress, none of them understand your problems: PM Modi in Hyderabad
The venom of racism is filled in the veins of Congress: PM Modi in Hyderabad

भारत माता की..

भारत माता की…।

हैदराबाद, सिकंदराबाद, मलकाजगिरी, चेवल्ला और भोंगिर को अंदरकी नमस्कारम। आप सभी को (ये पर्दा नीचे रखो प्लीज), आप सभी को अक्षय तृतीया की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। आपके जीवन में सुख रहे, समृद्धि रहे, लक्ष्मी जी का आशीर्वाद रहे, आपका भाग्य बना रहे, सौभाग्य बना रहे, ईश्वर से यही कामना है। तेलंगाना अक्षय तृतीया एक बड़ा त्योहार होता है इसके बावजूद भी आज मैं ये दूसरा कार्यक्रम तेलंगाना में कर रहा हूं और जिस प्रकार से लोग उत्साह-उमंग के साथ जुड़ रहे हैं, भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए ये आपका कमिटमेंट दिखाता है।

साथियों,

हैदराबाद तो स्पेशल है ही ये वेन्यू भी और स्पेशल है। आपमें से बहुत लोगों को याद होगा 10 साल पहले यहीं एक विराट सभा हुई थी और एंट्री के लिए पैसे देकर के टिकट लेना पड़ता था और वो एक ऐसा टर्निंग प्वाइंट था जो इस धरती से पूरे देश में निराशा को आशा में बदलने की आंधी चली थी, और आज फिर ये दृश्य, ये माहौल साफ दिखाता है कि तेलंगाना का मूड क्या है? तेलंगाना कह रहा है कांग्रेस नक्को, बीआरस नक्को, MIM नक्को..बीजेपी को इच वोट देंगे, बीजेपी को जिताएंगे। साथियों, मैं तेलंगाना में जहां-जहां गया हूं, एक अभूतपूर्व क्रांति मैं देख रहा हूं। तेलंगाना के परिणाम पूरे देश में उत्साह भरने वाले परिणाम आने वाले हैं।

साथियों,

4 जून के नतीजे अब बिल्कुल स्पष्ट है। 4 जून को देश जीतेगा, कौन जीतेगा? कौन जीतेगा? 4 जून को 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प जीतेगा और 4 जून को भारत के विरोधी हारेंगे। 4 जून को आत्मनिर्भर भारत अभियान के विरोधी हारेंगे। 4 जून को CAA कानून के विरोधी हारेंगे। 4 जून को यूनिफॉर्म सिविल कोड के विरोधी हारेंगे। 4 जून को वोट जिहाद की बात करने वाले हारेंगे। 4 जून को आर्टिकल 370 के समर्थक हारेंगे। 4 जून को ट्रिपल तलाक के समर्थक हारेंगे। 4 जून को भ्रष्टाचार के समर्थक हारेंगे। 4 जून को तुष्टिकरण के समर्थक हारेंगे।

साथियों,

हैदराबाद, सॉल्यूशन सिटी है। यहां हर प्रॉब्लम का सॉल्यूशन ढूंढा जाता है। आप मुझे बताइये क्या भारत, करप्शन जैसी प्रॉब्लम के साथ आगे बढ़ सकता है क्या? पूरी ताकत से बताइये बढ़ सकता है क्या? बढ़ सकता है क्या? क्या भारत को लाखों करोड़ के स्कैम करने वाली पार्टियां आगे बढ़ा सकती है क्या? क्या यूथ की एस्पिरेशन को इग्नोर करने वाली पार्टियां देश का भविष्य बना सकती है? क्या मीडिल क्लास के ड्रीम्स को कुचलने वाली पोलिटिकल पार्टियां, आपका भला कर सकती है? क्या हर प्रोजेक्ट में पहले करप्शन का पोटेंशियल खोजने वाली पार्टियां मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर बना सकती हैं? तो ये काम कौन कर सकता है? ये काम कौन कर सकता है? ये काम कौन कर सकता है? ये काम कौन कर सकता है? ये काम कौन कर सकता है? मोदी नहीं, ये आपका एक वोट कर सकता है। ये आपके वोट की ताकत है, जो इन सारी समस्याओं का समाधान है। आपने बीजेपी को वोट, NDA को वोट दिया, भारत भी अपनी दशकों पुरानी प्रॉब्लम्स के सॉल्यूशंस पर काम करने लगा। आज इसका परिणाम हम चारों तरफ देख रहे हैं। भारत आज डिजिटल पावर है। भारत आज फिनटेक पावर है। भारत आज स्टार्टअप पावर है। भारत आज 5वीं दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी है, भारत आज स्पेस पावर है।

साथियों,

ये तो मोदी का ट्रैक रिकॉर्ड है, लेकिन कांग्रेस का ट्रैक रिकॉर्ड क्या है? कांग्रेस का ट्रैक रिकॉर्ड है, लूट..लूट..लूट। कांग्रेस का ट्रैक रिकॉर्ड है, अपिजमेंट। कांग्रेस का ट्रैक रिकॉर्ड है, डायनेस्टी फर्स्ट। कांग्रेस का ट्रैक रिकॉर्ड है, आतंकवादियों पर नरमी। हमारे जो फर्स्ट टाइम वोटर्स हैं, मैं तो चाहूंगा कि हर परिवार अपने 18-20-22 साल के बच्चों के साथ बैठें और दस साल पहले क्या हाल थे उसकी जरा चर्चा करें। शायद इन फर्स्ट टाइम वोटर जो आज से 10 साल पहले, 8 साल 10 साल 12 साल के थे उन्हें तो याद भी नहीं होगा, 10- 11 साल पहले यहां दिलसुखनगर में सीरियल बम ब्लास्ट हुए थे। कांग्रेस की सरकार में पहले पूरे देश में ऐसी की खबरें आती रहती थीं। कोई परिवार रेस्टोरेंट में खाना खाने गया है, ब्लास्ट हो जाता है। कोई परिवार थिएटर में मूवी देखने गया है, ब्लास्ट हो जाता था। कोई परिवार बस से ट्रैवल कर रहा है, ब्लास्ट हो जाता था। आज कहीं से भी ऐसी खबरें आती हैं क्या? जरा इस तरफ से मुझे जवाब चाहिए, क्या ऐसी खबरें आती हैं क्या? उधर से जरा बताइये, ऐसी खबरें आती हैं क्या? ये बम ब्लास्ट किसने रोके? ये बम ब्लास्ट किसने रोके? ये बम ब्लास्ट किसने रोके? ये बम ब्लास्ट रोकने का काम आपने दिल्ली में एक मजबूत सरकार बनाई मोदी को उसकी सेवा का अवसर दिया, तब जाकर के ये रुका है। लेकिन ये बात कांग्रेस और इंडी गठबंधन को पसंद नहीं आ रही है। देश में ये खून-खराबा फिर से शुरू हो इसके लिए कुछ ताकतें मोदी को हटाने में जुटी है। इसलिए मैं हैदराबाद से पूरे देश को सतर्क करना चाहता हूं कांग्रेस को वोट देना मतलब, वो पुराने दिन जो कोई अनजान ‘पंजा’ आतंक को उसके साये में जीने के लिए देश को मजबूर कर दिया था, देश को मजबूर बना देता था और इसलिए फिर से एक बार देश आतंक की लपट में आना नहीं चाहता है।

साथियों,

कांग्रेस हमेशा से एंटी मिडिल क्लास पार्टी रही है। आप याद कीजिए, जब ये सरकार में थे, तो कैसी-कैसी बातें करते थे? इनके एक नेता कहते थे कि मिडिल क्लास केयरलेस है। ये उनके नेता कहते थे कांग्रेस के, वो कहते थे कि जो आइसक्रीम पर पैसा खर्च करते हैं, वो महंगाई की शिकायत क्यों करते हैं? याद है ना ये पुराने बयान ये कांग्रेस के नेता सरकार में रहते ऐसे बयान देते थे।

साथियों,

इस बार भी कांग्रेस के मेनिफेस्टो में मिडिल क्लास के लिए जरा सा भी विचार नहीं किया गया है। लेकिन ये लोग मिडिल क्लास की कमाई का एक्स-रे करके, उसे अपने वोट बैंक की और उनको बांटने की घोषणाएं डंके की चोट पर कर रहे हैं।

साथियों,

आप मुझे बताइये आपकी जो संपत्ति है उस पर आपके संतानों का अधिकार है कि नहीं है, जरा मुझे सब के सब लोग बताइये क्या आपकी संपत्ति पर आपके संतानों का अधिकार है कि नहीं है? क्या कोई सरकार आपकी संपत्ति छीनकर के आपके संतानों का अधिकार छीन ले, ऐसी सरकार आपको मंजूर है। साथियों, कांग्रेस ये विचार करके चल रही है। साथियों, कांग्रेस की नस-नस में रेसिज्म का जहर भी भरा है। ये शहजादे के उस्ताद अपने ही देश के लोगों को चीन का, अफ्रीका का बता रहे हैं। शहजादे के उस्ताद की मानें तो आप सभी भारतीय नहीं, बल्कि अफ्रीकी हैं। कांग्रेस देश को टुकड़ों- टुकड़ों में तोड़ने वाली मानसिकता के साथ बोल रही है। ये लोग भारत को एक राष्ट्र ही नहीं मानते, इसलिए आपको कांग्रेस से, इंडी अलायंस से बहुत सतर्क रहना है।

साथियों,

आप सभी जानते हैं कि शहजादे को ऐसे खतरनाक आइडिया, ट्यूशन करके सिखाए जाते हैं और शहजादे को ट्यूशन पढ़ाने वाले ने एक और बात कही है, वो कहते हैं कि राम मंदिर और राम नवमी मनाना गलत है। वो कहते हैं कि भगवान राम की पूजा, आइडिया ऑफ इंडिया के खिलाफ है। मैं जरा आपसे पूछना चाहता हूं क्या भगवान राम का अपमान आपको मंजूर है? क्या पूजा करना गलत है क्या? क्या पूजा करना देशद्रोह है क्या? भारत को हमेशा विदेशी चश्मे से देखने वाली कांग्रेस को आइडिया ऑफ इंडिया का अंदाजा ही नहीं है। आखिर क्या है आइडिया ऑफ इंडिया? आइडिया ऑफ इंडिया भारत की हजारों साल पुरानी संस्कृति का प्रतिबिंब है। आइडिया ऑफ इंडिया यानी सत्यमेव जयते, आइडिया ऑफ इंडिया यानी अहिंसा परमो धर्मः, आइडिया ऑफ इंडिया यानी आचारः परमो धर्मः, आइडिया ऑफ इंडिया यानी नहि सत्यात् परो धर्मः, आइडिया ऑफ इंडिया- एकम सत् विप्रा बहुधा वदन्ति, आइडिया ऑफ इंडिया- वसुधैव कुटुम्बकम्, आइडिया ऑफ इंडिया- सर्व पंथ समभाव, आइडिया ऑफ इंडिया- अप्प दीपो भव, आइडिया ऑफ इंडिया- बुद्धम् शरणम् गच्छामि, आइडिया ऑफ इंडिया- सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःख भाग्भवेत्, आइडिया ऑफ इंडिया- परोपकाराय सतां विभूतय:, आइडिया ऑफ इंडिया- जन सेवा ही, प्रभु सेवा, आइडिया ऑफ इंडिया- ईश्वरः सर्वभूतानां, आइडिया ऑफ इंडिया- सरब जोति के बीच समाना, आइडिया ऑफ इंडिया- गोड इज ग्रेट, आइडिया ऑफ इंडिया- नर में नारायण, जीव में शिव, आइडिया ऑफ इंडिया- या देवी सर्वभूतेषु मातृरुपेण संस्थिता, आइडिया ऑफ इंडिया- नारी तू नारायणी, आइडिया ऑफ इंडिया- मा विद्विषावहै, आइडिया ऑफ इंडिया- मिच्छामी दुक्कड़म और आइडिया ऑफ इंडिया- अपि स्वर्णमयी लंका न मे लक्ष्मण रोचते, जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी। हमें जन्म देने वाली ये धरती मुझे स्वर्ग से भी ज्यादा प्रिय है, ये भगवान श्री राम के ही तो बोल थे, ये आइडिया ऑफ इंडिया आज केवल मान्यताओं तक सीमित नहीं है। ये आइडिया ऑफ इंडिया आज भारत की एक सशक्त पहचान है। ये आइडिया ऑफ इंडिया आज भारत की बुलंद आवाज़ है और इसलिए आज आइडिया ऑफ इंडिया यानी, इंटरनेशनल योग दिवस, आइडिया ऑफ इंडिया यानी वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर का विज़न, आइडिया ऑफ इंडिया यानी विश्व के लिए वन सन, वन अर्थ, वन ग्रिड का विचार, आइडिया ऑफ इंडिया यानी चंद्रमा पर शिवशक्ति प्वाइंट, आइडिया ऑफ इंडिया मतलब मदर ऑफ डेमोक्रेसी, आइडिया ऑफ इंडिया- जस्टिस टू ऑल, अपीजमेंट टू नन, जिन श्रीराम से हमें ये प्रेरणा मिलती है, उन्हीं प्रभु राम की पूजा को कांग्रेस आइडिया ऑफ इंडिया के खिलाफ बता रही है।

साथियों,

तुष्टिकरण के लिए कांग्रेस और उसकी जैसी सोच वाली पार्टियां कुछ भी कर सकती है। यहां हैदराबाद में भी MIM को इसलिए ही खुली छूट दी गई है। वोट बैंक ना नाराज हो जाए इसी डर से ना तो कांग्रेस और ना ही BRS हैदराबाद मुक्ति दिवस मनाना चाहती है। लेकिन अब बीजेपी ने हैदराबाद को इस खौफ से मुक्ति दिलाने की ठानी है। केंद्र सरकार ने तय कर दिया है कि हर साल 17 सेप्टेम्बर को, 17 सितंबर को हैदराबाद मुक्ति दिवस मनाया जाएगा।

भाइयों- बहनों,

हिंदुओं को बांटो और अपने वोट बैंक को खुश करो, ये कांग्रेस की रणनीति है। इसलिए, कांग्रेस SC/ST/BC से रिजर्वेशन छीनकर रिलिजन के आधार पर बांटना चाहती है। आपने सुना होगा कि शहज़ादे के करीबी और चारा घोटाले के दोषी नेता ने क्या कहा? जेल से बाहर आये हैं और क्या बोल रहे हैं वो कहते हैं मुसलमानों को रिजर्वेशन देना ही चाहिए और फिर इतना ही नहीं वो कहते हैं पूरा का पूरा रिजर्वेशन मुसलमान को देना चाहिए। ये लोग BC कोटा के रिजर्वेशन को खत्म करके रिलिजन के नाम पर रिजर्वेशन देना चाहते हैं। इसका बहुत बड़ा प्रभाव जो GHMC चुनाव में पड़ा था वो हम सबने देखा है। जिन सीटों पर BC समाज का हक था वो उनसे छीन ली गई। कांग्रेस यही मॉडल पूरे देश में लागू करना चाहती है।

साथियों,

तेलंगाना में जब से कांग्रेस सरकार बनी है, तब से ‘डबल आर टैक्स’ की भी बहुत चर्चा है। ‘एक आर’ तेलंगाना का और ‘एक आर’ दिल्ली का, इन्होंने मिलकर हैदराबाद को, तेलंगाना को ATM बना दिया है। मैंने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन ‘डबल आर टैक्स’ पर यहां के मुख्यमंत्री खुद सफाई दे रहे हैं। साथियों, यहां हैदराबाद में तो ‘ट्रिपल आर टैक्स’ का बोझ आपको उठाना पड़ता है। यहां ‘एक आर’, रज़ाकार का भी है। ये रज़ाकार टैक्स कैसे काम करता है, ये ओल्ड हैदराबाद में दिखता है। कांग्रेस-BRS के समर्थन वाली मजलिस के सांसद वहां लंबे अरसे से हैं, लेकिन वहां बेसिक सुविधाएं तक नहीं है। साथियों, हैदराबाद में हर साल बारिश में चारों तरफ पानी भर जाता है। लेकिन BRS हो या कांग्रेस, किसी ने भी आपकी परेशानियों को नहीं समझा। हर साल पब्लिक परेशान रहती है। इससे हेल्थ और एजुकेशन, हर सर्विस उस पर बहुत बुरा असर पड़ता है। यहां पावर कट से लोग परेशान हैं।

साथियों,

बीजेपी तेलंगाना के तेज विकास के लिए प्रतिबद्ध है। तेलंगाना को, पहला एम्स किसने दिया? तेलंगाना को 4 वंदे भारत ट्रेन किसने दी? तेलंगाना को सेंट्रल ट्राइबल यूनिवर्सिटी किसने दी? तेलंगाना में बंद पड़ी फर्टिलाइज़र फैक्ट्री किसने चालू की? टर्मेरिक बोर्ड किसने बनाया? NTPC का बड़ा बिजली कारखाना किसने बनाया? ये सारे काम बीजेपी की सरकार ने किए हैं। हमारी सरकार तेलंगाना को ग्लोबल कैपेबिलिटी के बड़े सेंटर के रूप में भी विकसित कर रही है। यहां एविएशन हब बन रहा है। ये एयरक्राफ्ट इंजन की दुनिया की सबसे बड़ी एमआरओ फैसिलिटी होगी। आत्मनिर्भर अभियान का लाभ भी तेलंगाना को मिलने जा रहा है। डिफेंस से लेकर बायो टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक मैन्युफेक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में तेलंगाना के लिए आने वाले 5 साल तेज विकास के होंगे। हसन चेरापल्ली LPG पाइपलाइन से भी इस क्षेत्र को काफी फायदा हुआ है। यहां युवाओं के लिए जॉब के, रोजगार के अनगिनत अवसर बन रहे हैं।

साथियों,

बीजेपी सरकार, सबका साथ- सबका विकास- सबका विश्वास- सबका प्रयास इस मंत्र पर चलती है। ये बीजेपी सरकार है जिसने ट्रिपल तलाक के बहाने मुस्लिम बेटियों पर हो रहे अत्याचारों को खत्म किया है। ये बीजेपी की सरकार है जिसने स्कूलों में बेटियों के लिए अलग से लाखों शौचालय बनवाएं। इससे मुस्लिम समाज की बेटियों को भी लाभ हुआ। 10 साल में बहनों को पहली बार, टॉयलेट, गैस, पानी जैसी सुविधाएं मिली हैं। पहली बार उनको भी पक्का घर, मुफ्त राशन मुफ्त इलाज की सुविधा मिली है। इसलिए हर मां-बहन कह रही है, मातृशक्ति कह रही है फिर एक बार.. फिर एक बार.. फिर एक बार.. फिर एक बार।

साथियों,

BRS को दिया आपका वोट, कांग्रेस को ही मदद करेगा और कांग्रेस को दिया आपका वोट भी केंद्र में सरकार नहीं बना सकता। इसलिए आपको भारी संख्या में भाजपा के पक्ष में, कमल के निशान पर बटन दबाकर के मतदान करना है और भाइयों-बहनों, क्या मेरा तेलंगाना मतदान के पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ सकता है? सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ सकता है? ज्यादा से ज्यादा मतदान करा सकता है, इस चुनाव में भाजपा सभी लोकसभा सीट तो जीतने वाली ही है लेकिन मुझे ज्यादा से ज्यादा पोलिंग बूथ जीतने हैं, क्या पोलिंग बूथ जिता सकते हैं? पोलिंग बूथ जिताएंगे, पूरी ताकत पोलिंग बूथ जिताने में लगाएंगे।

भाइयों- बहनों,

इस चुनाव में सिकंदराबाद से मेरे साथी जी. किशन रेड्डी जी, हैदराबाद से बहन माधवी लता, मलकाजगिरी से श्री इटेला राजेंदर, चेवल्ला से श्री कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी और भुवनगिरी से डॉ. बूरा नरसैया गौड़, इन सभी साथियों को विजयी बनाना है। बनाएंगे, ज्यादा से ज्यादा मतदान कराएंगे। अच्छा मेरा एक काम करोगे, ये चुनाव वाला काम नहीं है, मेरा पर्सनल काम है.. करोगे, ये मोदी का पर्सनल काम है करोगे। इनमें से किसी का काम नहीं है..मेरा है करोगे? जरा हाथ ऊपर करके बताओ..करोगे? अच्छा, तो मेरा काम बहुत सरल है ज्यादा से ज्यादा परिवारों में जाइये उन सबको मिलिए और उनको कहिए मोदी जी हैदराबाद आये थे, आप सबको नमस्कार कहा है, परिवार में सबको जय श्री राम कहा है। मेरा नमस्कार पहुंचाएंगे, मेरा जय श्री राम पहुंचाएंगे, जब परिवार के सब लोगों को मेरा नमस्कार पहुंचेगा, मेरा जय श्री राम पहुंचेगा, तो परिवार के हर कोई मुझे आशीर्वाद देंगे और जब परिवार का हर व्यक्ति मुझे आशीर्वाद देता है तो मेरी ऊर्जा अनेक गुना बढ़ जाती है और मैं उसे आपकी सेवा अधिक क्षमता के साथ कर सकता हूं।

बोलिए, भारत माता की..

भारत माता की।

बहुत- बहुत धन्यवाद।

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भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी, यहां के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र भाई पटेल, इस कार्यक्रम में ऑनलाइन हमारे साथ अनेक राज्यों के महानुभाव जुड़े हैं। महाराष्ट्र के गवर्नर जिष्णु देव वर्मा जी, मुख्यमंत्री देवेंद्र फ़डणवीस जी, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे जी, डिप्टी सीएम श्रीमती सुनेत्र पवार जी, अन्य मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण और वहां पर भी इकट्ठे हुए लाखों नागरिक भाई-बहन। यहां मंच पर उपस्थित केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे साथी अश्विनी वैष्णव, उपमुख्यमंत्री, युवा नेता हर्ष संघवी, गुजरात सरकार के मंत्रीगण, उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधिगण, गुजरात के मेरे प्यारे भाइयों और बहनों।

और खास इसलिए के मेरे ब़डौदा के महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी का ये मैदान अलग-अलग फील्ड में काम करने वाले सभी साथियों का साथ और विकास का ये उत्सव, यहां सबकुछ एक साथ हो रहा है।

साथियों,

आज मैं विकसित भारत की यात्रा को और गति देने के लिए आपके बीच आया हूं। थोड़ी देर पहले यहां देश के विकास से जुड़े हज़ारों करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। मैं देश की जनता को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। इस विकास पर्व पर आप सभी ने जिस सेवा भाव से और सेवा भाव के साथ पूरे वडोदरा शहर में स्वच्छता से स्वागत अभियान चलाया है, इसके लिए मैं वड़ोदरा के हर एक नागरिक को ह्दय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं, उनकी सराहना करता हूं। और ये जो आपने रंग दिखाया ना, मैं कल एक वीडियो देख रहा था, सीना चौड़ा हो गया, वाह! क्या ये मेरा वडोदरा है? और अब तो गणेशोत्सव की तैयारी, बाद में नवरात्रि। और गणेशोत्सव और नवरात्रि पूरा गुजरात का ध्यान वडोदरा पर होता है। और आज आपने, मैं देख रहा था पिछले एक सप्ताह से हर परिवार में वातावरण बन गया है स्वच्छता का। मुझे लगता है कि इस बार जब गणेश जी पधारेंगे ना, सारे आशीर्वाद वड़ोदरा पर बरसने वाले हैं।

साथियों,

इस वर्ष लाल किले से मैंने विकसित भारत के लिए संकल्प की सप्तधारा का आह्वान किया है। इस सप्तधारा में एक धारा गतिशक्ति की भी है। विकसित भारत के लिए हमें ऐसी कनेक्टिविटी चाहिए, जो सुगम भी हो और जमाने के हिसाब से जरा तेज भी हो। वड़ोदरा तो गतिशक्ति यूनिवर्सिटी का शहर है। आज यहां से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की आखिरी कड़ियां भी जुड़ गई हैं। आज 2800 किलोमीटर से अधिक का डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रोजेक्ट पूरा हो गया। ये 21वीं सदी के भारत के लिए बहुत ऐतिहासिक कार्य संपन्न हुआ है।

साथियों,

ये डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, इस बात का साक्षी है कि बीते 12 साल में देश की काम करने की संस्कृति कैसे बदली है। इस डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर 2004 में विचार शुरू हुआ था। यानी, यहां मैं सारे नौजवान देख रहा हूं, जब इसका विचार शुरू हुआ, आप में से बहुत लोग होंगे जिनका जन्म भी नहीं हुआ होगा, उस समय शुरू हुआ था। 2006 में एक विशेष कंपनी बनाई गई इस काम को करने के लिए और फिर 2014 तक फाइलें ही यहां से वहां होती रहीं। फाइलें टेबल पर यात्रा कर रही थी और दुर्भाग्य देखिए, इन फाइलों को भी कोई डेडिकेटेड कॉरिडोर नसीब नहीं हुआ, फाइल को भी नहीं नसीब हुआ। फाइलें अटकती थीं, लटकती थीं, भटकती थीं। और 2014 में वड़ोदरा के और गुजरात के और देश के लोगों ने मुझे गुजरात से निकाल करके दिल्ली भेज दिया। पहले वाली सरकार 2000 तक रही। आपने मुझे भेजा और उनकी विदाई हुई, और सच्चाई ये थी कि सात-आठ वर्ष में, जरा मेरे नौजवान सुन लीजिए, ये याद रखिए, सात-आठ वर्ष में एक किलोमीटर फ्रेट कॉरिडोर पर भी काम पूरा नहीं हो पाया था। अगर उनके हिसाब से देश चलाते, तो पता नहीं आपके बाद तीन-चार पीढ़ियां आती, तो भी नहीं होता। भारत के लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को ट्रांसफॉर्म करने वाले प्रोजेक्ट की ये हालत करके रखी थी।

साथियों,

2014 के बाद आपने जो मुझे शिक्षा-दीक्षा दी थी, इस धरती ने मुझे जो सिखाया था, आपके पास से जो लेसन लेके मैं दिल्ली पहुंचा था, हमने वहां पहुंचते ही इसको गति देने का काम प्रारंभ कर दिया। 2800 किलोमीटर के कॉरिडोर का काम आज पूरा करके दिखाया। और आज ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, देश के व्यापार-कारोबार का मुख्य आधार बन रहा है।

साथियों,

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, तेजी से विकसित होते भारत की जीवन रेखा है। इसने भारत के ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर का कायाकल्प कर दिया है। पहले पैसेंजर ट्रेन जिस ट्रैक पर चलती थी, उसी ट्रैक पर मालगाड़ी भी चलती थी। यानि ट्रैवल और ट्रांसपोर्ट, दोनों धीमा था। लेकिन, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर ने इस स्थिति को बदल दिया है। आज पूर्वी और पश्चिमी फ्रेट कॉरिडोर्स पर हर रोज़ 430 से ज्यादा मालगाड़ियां चलती हैं, प्रतिदिन 430 मालगाड़ी। और पहले जो मालगाड़ी, साढ़े 6 घंटे में 100 किलोमीटर का सफऱ तय करती थी और अब वही मालगाड़ी आधे से भी कम समय में 100 किलोमीटर का सफर तय कर लेगी। जिस जगह पर ट्रक से सामान भेजने में सामान्य तौर पर 30 घंटे लगते हैं, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर यही दूरी 10-12 घंटे में पूरी हो जाती है। यानि, इस कॉरिडोर पर मालगाड़ी के चलने से ट्रक और ट्रेन में लगने वाला फ्यूल बचता है, किराया-भाड़ा का खर्च कम हुआ है, समय बचा है, पर्यावरण को फायदा हुआ है। यानि, इन्वेस्टमेंट एक ट्रैक पर किया और फायदे अनेक सारे हुए हैं।

साथियों,

इस फ्रेट कॉरिडोर से पूर्वी और पश्चिमी भारत के किसानों की उपज अब तेज़ी से बड़े बाज़ार तक पहुंच पा रही है। कई तरह के फूल, कई तरह की सब्जियां, कई तरह के फल, यानि जो चीजें मौसम के हिसाब से जल्दी खराब होती हैं, उनके लिए भी सही समय पर मंडियों और लोगों के बीच पहुंचने का रास्ता बना है। इससे किसान का बहुत बड़ा फायदा हुआ है।

साथियों,

ये फ्रेट कॉरिडोर एक और वजह से कमाल का है। हाल ही में JNPT मुंबई, JNPT पोर्ट से वड़ोदरा तक Double स्टैक Container मालगाड़ी का संचालन किया गया है। यानि डिब्बे के ऊपर एक और डिब्बा लगाकर मालगाड़ी को चलाया गया। इस मालगाड़ी के चलने से एक बार में ही 250 से अधिक ट्रकों के बराबर का सामान मुंबई से वड़ोदरा चला आया, 250 ट्रक। अब ये जो नाराज फूफा जी है, वो चिल्लाएंगे कि ट्रक वालों का क्या होगा? ट्रक कहां जाएंगे? जिन्होंने ट्रक खरीदा है, उनका क्या होगा? अब फूफा जी को काम मिल गया। यानि अब बड़ी मात्रा में सामान तेजी से देश के एक कोने से दूसरे कोने तक पहुंच पाएगा।

साथियों,

फ्रेट कॉरिडोर के साथ-साथ अब भारत में रेल वहां भी पहुंच रही है, जहां इतने दशकों तक नहीं पहुंची थी। गुजरात हो, मध्य प्रदेश हो, महाराष्ट्र हो, यहां जो आदिवासी क्षेत्र हैं, वो भी इस प्रोजेक्ट के द्वारा रेल से जुड़ रहे हैं। पहले की सरकार में बजट में एक-दो ट्रेनों की घोषणा होती थी और उसके भी साल भर ढोल पीटे जाते थे। जबकि आज देश में साल भर एक के बाद एक नई ट्रेनें चलाई जा रही हैं। आज भी इस कार्यक्रम में कई नई ट्रेन शुरु हुई हैं। नई ट्रेन से वड़ोदरा, छोटा उदयपुर और अलीराजपुर के लोगों को बहुत सुविधा होगी।

साथियों,

रोड, रेल, मेट्रो, एयरपोर्ट, गैस पाइपलाइन, गरीबों का घर, जब देश में करोड़ों लोगों के लिए ये चीजें बनती हैं, तो इससे लोगों का जीवन आसान होता है और साथ ही छोटे से बड़े कामगार को रोजगार के लाखों-लाख अवसर मिलते हैं। आप रेलवे का ही देखिए, इस वर्ष का रेल बजट पौने तीन लाख करोड़ रुपए से अधिक रहा है। जो 12 वर्ष पहले की तुलना में कई गुणा अधिक है। यानि रेलवे के आधुनिकीकरण पर हो रहा खर्च, हज़ारों हज़ार नए रोजगार बना रहा है। और ये रोजगार कंस्ट्रक्शन के दौरान तो बनता ही है। एक बार रोड, रेल, पाइपलाइन, पोर्ट, एयरपोर्ट बन गया, तो फिर उसके आसपास नए उद्योग लगना शुरू हो जाते हैं, नए बिजनेस आते हैं, ये फिर नए रोजगार बनाते हैं। वहां कुछ लोग, वो बेटी चित्र लेकर कब से खड़ी है, वो सज्जन भी कुछ कला लेकर के आए हैं। जरा हमारे साथी उसको कलेक्ट कर लें। ये आगे पहुंचा दीजिए, हां। एक और भी है कोई, हां, ले लीजिए। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

साथियों,

मैंने देश के सामने विकसित भारत की जिन सप्तधाराओं का विजन रखा है, उनमें एक धारा मैन्युफैक्चरिंग की भी है। और वड़ोदरा शहर, इसकी ताकत अच्छे से जानता भी है, समझता भी है। एजुकेशन, स्किल और इंडस्ट्री का कोलैब कैसे होता है, ये वड़ोदरा करीब डेढ़ सौ साल से इसका प्रतिबिंब है। दशकों पहले, यहां टेक्स्टाइल और टाइल्स के निर्माण से एक यात्रा शुरु हुई थी, जो बाद में ऑयल और पेट्रोकेमिकल्स के साथ आगे बढ़ी। पिछले दो-ढाई दशक में वड़ोदरा MSMEs का एक बड़ा हब बन गया है। और मुझे याद है, जब मैं नया-नया मुख्यमंत्री बना था, तो वड़ोदरा का मेरे पर स्पेशल अधिकार रहा है हमेशा, तो हर हफ्ते कोई ना कोई डेलीगेशन आता था। बस हमारे वड़ोदरा में कुछ मैन्युफैक्चरिंग का हो, मैन्युफैक्चरिंग का हो, क्योंकि यहां पर आते थे, तो या तो ज्योति या एलएमबी या तो जीएसएफसी, यही सब दिखता था और कुछ सुनता नहीं देता। आज कहां से कहां बदल गया है। अब तो ये शहर देश के पहले मेड इन इंडिया मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के लिए भी जाना जा रहा है। C-295 एयरक्राफ्ट की पहली फ्लाइट यहां आसमान देख चुकी है। मैं वड़ोदरा के लोगों को ये गौरव पाने के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

जब देश की मैन्युफैक्चरिंग की बात हो रही है, तो मैं एक और आंकड़ा बताना चाहता हूं। बीते एक दशक में भारत रेल कोच-मेट्रो कोच बनाने का, रेल इंजन बनाने का भी एक बड़ा निर्माता बना है। 2014 के बाद से अब तक, भारत ने करीब 50 हज़ार, ये आंकड़ा सुनिए, 2014 के बाद भारत ने अब तक 50 हज़ार आधुनिक रेलवे कोच बनाए हैं। पुरानी सरकार 10 साल में 50 हजार टॉयलेट नहीं बना सकती थी। 50 हजार आधुनिक कोच तो किए ही हैं, करीब ढाई लाख वेगन, मालगाड़ी के लिए जो वेगन होते हैं, भारतीय रेल में जोड़े गए हैं, ढाई लाख।

साथियों,

अब भारत चिप से लेकर शिप तक, निर्माण की एक नई गाथा लिख रहा है। यानि पुर्जे भी हमारे और प्रोडक्ट भी हमारा, आत्मनिर्भरता की एक पूरी चेन भारत में ही बनेगी। और ये हम सोलर पावर के मामले में देख रहे हैं। जैसे कडाणा डैम पर जो फ्लोटिंग सोलर प्लांट का प्रोजेक्ट है, कुछ साल पहले तक देश में सोलर प्रोजेक्ट्स लगाने बहुत महंगे पड़ते थे। क्योंकि पीवी मॉड्यूल से लेकर, हर प्रकार का हार्डवेयर इंपोर्ट करना पड़ता था। लेकिन बीते वर्षों में हमने भारत में ही पीवी मॉड्यूल बनाने शुरु किए। और आज हम इसमें 200 गीगावॉट से ज्यादा की कैपेसिटी विकसित कर चुके हैं। और ऐसी ही आत्मनिर्भरता के कारण आज पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का विस्तार हो रहा है। अब तक देश में 55 लाख परिवार अपने छत पर, टेरेस पर सोलर प्लांट लगा चुके हैं। और इसमें 11 लाख परिवार हमारे गुजरात के हैं। यहां इतने सारे परिवार, बिजली उत्पादक बन चुके हैं और इसके कारण, प्रोडक्शन से लेकर इंस्टॉलेशन और सर्विस तक, कितने ही युवाओं को रोजगार मिला है, कितने नए वेंडर्स आए हैं।

साथियों,

‘झूठ की गूंज’ से भरमाने वाले तो हर चौराहे पर मिल जाएंगे, लेकिन भारत का नौजवान सच की हुंकार से चलता है, सच की हुंकार के साथ चलता है, सच की हुंकार के लिए चलता है। हमारे युवा साथी ये देख रहे हैं कि आज देश में सोलर हो, विंड हो, हाइड्रो हो, न्यूक्लियर हो, सारे सेक्टर्स पर सरकार कितना फोकस से काम कर रही है।

साथियों,

आने वाले दौर में हर आधुनिक सेक्टर बिजली से ही चलेगा, इलेक्ट्रिक इकोसिस्टम पर निर्भर होगा। जैसे चिप इंडस्ट्री है, डेटा सेंटर और AI से जुड़ी इंडस्ट्री है, इनका खाद पानी बिजली ही है। इसलिए अगर हमें AI में दुनिया के सामने सुपर पावर बनना है, तो देश को उसकी तैयारी, उसका इकोसिस्टम भी बनाना होगा। यही काम भारत ग्राउंड पर कर रहा है। तभी किसी देश से यूरेनियम के लिए समझौते हो रहे हैं, किसी से क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ मिनरल्स को लेकर समझौते किए जा रहे हैं। ये सारी मेहनत देश के युवाओं का फ्यूचर सुरक्षित करने के लिए दिन-रात मेहनत करके की जा रही है, आपके भविष्य के लिए किया जा रहा है।

साथियों,

दुनिया तेज़ी से बदल रही है, तो दुनिया की ज़रूरतें भी बदल रही हैं और इसी प्रकार हमारी पढ़ाई-लिखाई के तौर-तरीके भी बदल रहे हैं। पहले फोकस सिर्फ डिग्री पर होता था, लेकिन अब डिग्री के साथ-साथ स्किल पर भी फोकस है, स्किल का महत्मय बढ़ रहा है। नौजवानों के पास स्किल हो और वो स्किल समय-समय पर अपग्रेड हो, एक बड़ी जरूरत बन गई है। और इसीलिए, आज हम अपनी शिक्षा नीति को, शिक्षण और ट्रेनिंग के संस्थानों को नए रूप में ढाल रहे हैं। और इसी भाव के साथ ही मैंने लाल किले से भी युवाशक्ति के लिए दो बड़ी घोषणाएं की हैं। पहली घोषणा, देश की पारंपरिक ज़रूरत से जुड़ी है। आप सब जानते हैं कि हमारे यहां लाखों नौजवान ऐसे हैं, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। हर साल, हमारे मिडिल क्लास परिवारों की कमाई का एक बड़ा हिस्सा इन बच्चों की कोचिंग पर खर्च हो जाता है। हमारी कोशिश है कि गरीब और मिडिल क्लास के ऐसे बच्चों की, परिवारों के पैसे की बचत हो। और इसीलिए अब सरकार स्टूडेंट्स को ऑनलाइन फ्री-कोचिंग व्यवस्था देने की दिशा में आगे बढ़ रही है। और हिंदुस्तान के बेस्ट टीचर के द्वारा उनके कोचिंग हो। हमारे जो नौजवान, अपनी तैयारी कर रहे हैं, उनकी कोचिंग का ध्यान सरकार खुद रखेगी।

साथियों,

भारत के नौजवानों को AI में पारंगत होना उतना ही जरूरी है। हम चाहते हैं कि हमारे नौजवानों की पीढ़ी AI के लिए तैयार हो। ऐसा नहीं है, AI सीखने वालों की जरूरत सिर्फ आईटी सेक्टर में है, अगर कोई इस स्किल को जानता है, तो वो खेती के लिए नया AI solution बना सकता है। आरोग्य के क्षेत्र में technology विकसित कर सकता है। Manufacturing की productivity बढ़ा सकता है। Robotics में अपना startup शुरू कर सकता है। इसलिए जरूरी है कि हमारे पास देश और दुनिया की इंडस्ट्री के लिए AI को समझने वाले और AI का इस्तेमाल करने वाले युवा हों। सरकार इसके लिए एक बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है।

साथियों,

भारत का ये कालखंड अभूतपूर्व है। ये भारत की युवाशक्ति का उत्कर्ष काल है, ये समय फिर भारत के जीवन में लौटकर नहीं आएगा। और इसलिए, हमें 2047 में विकसित भारत के लक्ष्य को सर्वोपरि रखना है। हमें भारत को विकसित बनाकर ही रहना है। इसी आह्वान के साथ, एक बार फिर आप सभी को विकास कार्यों की बहुत शुभकामनाएं।

अब मेरा एक काम करना पड़ेगा वडोदरा वालों को, करेंगे? पक्के तौर पर? आप सबने वड़ोदरा को इतना स्वच्छ बना दिया, कितनी मेहनत करनी पड़ी। मैं देख रहा था, हमारे नौजवान दिन-रात सफाई में लगे हुए थे। लेकिन एक बार हम तय करें कि अब हम वडोदरा को गंदा होने ही नहीं देंगे। मैं खुद गंदगी नहीं करूँगा, ये संकल्प लें, तो वडोदरा गंदा होगा? वडोदरा गंदा होगा? तो दिवाली ऐसी चकाचक जाएगी या नहीं, नवरात्रि शानदार जाएगी या नहीं, गणेशोत्सव में चार चाँद लगेंगे या नहीं, तो इतना काम तो हो जाएगा।

शाबाश।

धन्यवाद।

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!