On one side there is Congress and BRS and on the other side is BJP. They have the mentality to rule the people while BJP is dedicated to serving the people: PM Modi
Only BJP can guarantee social justice to the people of Telangana. Only BJP can take Telangana on the golden path of development: PM Modi in Secunderabad
The BJP made the laws, about the atrocities on SC and ST, stricter. We ensured that the poor got a bank account, gas connection, toilet, homes: PM Modi
BRS government allied with Delhi's AAP govt in corruption. They are involved in the Liquor Scam. They cooperate not in work but in corruption: PM Modi

भारत माता की जय, भारत माता की जय
देवी सम्मक्का सरलअम्मा की जय
यदाद्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी की जय
अनगरिना वर्गाला विश्वरूप महासभा कि वच्चिना ना बंधुवुलकु ना सुभाकांक्षलु
जी किशन रेड्डी जी, मेरा छोटा भाई मन्दा कृष्ण मादिगा जी, दूर-दूर से आए मादिगा समुदाय के मेरे भाइयों और बहनों, अन्य महानुभाव।

देवियों और सज्जनों,
तेलंगाना के मेहनती और प्रतिभाशाली लोगों के बीच आना, हमेशा ही एक सुखद अनुभव होता है। और त्योहार के इस माहौल में, जब हम अपने परिवार के बीच होते हैं, तो खुशी दोगुनी हो जाती है। मैं तेलंगाना के दलित समुदाय का, तेलंगाना के मादिगा समुदाय का इस विशेष आयोजन में अभिनंदन करता हूं। मैं मेरे छोटे भाई कृष्णा का आभारी हूं। मैं आप सबका भी आभारी हूं क्योंकि आपने मुझे इतनी आत्मीयता से इस कार्यक्रम में आने का निमंत्रण दिया।

ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
आजादी के बाद आपने देश में बहुत सी सरकारें देखी हैं। हमारी सरकार ऐसी है जिसकी सर्वोच्च प्राथमिकता गरीब कल्याण है, वंचितों को वरीयता देना है। बीजेपी जिस मंत्र पर चलती है, वो सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास है। हम सोशल जस्टिस-सामाजिक न्याय सुनिश्चित कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम तेलंगाना की धरती के महान सपूत, श्री गुर्रम जशुवा जी और उनके सामाजिक न्याय के कार्यों को अपनी प्रेरणा मानते हैं। मुझे बताया गया है कि अपने लिखे साहित्य में उन्होंने एक दलित भाई का वर्णन किया था जिन्होंने काशी में विराजमान बाबा विश्वनाथ को अपनी दुर्दशा बताई थी। काशी का सांसद होने के नाते इसे मैं अपना सौभाग्य समझता हूं कि आज मुझे आपके बीच आने, आपसे सुख-दुख साझा करने का अवसर मिला है। मुझे लगता है कि आज बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद से ही मैं आप सबके बीच यहां उपस्थित हूं।

ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
मैं आज इस अवसर पर मादिगा समुदाय के अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाली टीएन सदालक्ष्मी जी और टीवी नारायणा जी को श्रद्धापूर्वक याद कर रहा हूं। इन महान व्यक्तित्वों ने मादिगा समुदाय के हितों के लिए अपना जीवन खपाया है। मैं उन्हें नमन करता हूं। और मेरा छोटा भाई कृष्णा 30 साल से वन लाइफ वन मिशन, आपके हक के लिए लड़ाई लड़ रहा है। कृष्णा आपको बहुत साथी मिले, लड़ने के लिए। आज एक साथी और जोड़ दो। मादिगा समुदाय के मेरे भाइयों-बहनों और कृष्णा, मैं आज आपसे कुछ मांगने के लिए नहीं आया हूं। मैं आज आया हूं आपके बीच आजादी के बाद जितनी भी पोलिटिकल पार्टियों, जितने भी पोलिटिकल लीडर्स ने आपको वादा किया, आपसे धोखा किया, मैं आज एक पोलिटिकल बिरादरी का होने के नाते उनके पापों की क्षमा मांगने के लिए और उनके लिए पापों का प्रायश्चित करने आया हूं।

ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
तेलंगाना आज इतिहास के एक बेहद अहम मोड़ पर खड़ा है। दशकों के आंदोलन के बाद 10 साल पहले जो सरकार यहां बनी, वो तेलंगाना के गौरव की, तेलंगाना के सम्मान की रक्षा नहीं कर पाई। तेलंगाना के लोगों के सामर्थ्य की पूरी दुनिया प्रशंसा करती है लेकिन जब बात यहां की गवर्नमेंट की आती है, गवर्नेंस की आती है, तो हर कोई निराश हो जाता है। इन 10 वर्षों में तेलंगाना सरकार ने हर किसी के साथ, मादिगा समुदाय के साथ सिर्फ विश्वासघात किया है। कौन भूल सकता है कि कांग्रेस ने किस तरह तेलंगाना के निर्माण में बाधाएं खड़ी की थीं। लेकिन जब अनेक बलिदानों के बाद तेलंगाना बना, तो BRS के नेता आपको भूलकर सबसे पहले कांग्रेस के नेताओं को धन्यवाद करने गए। आंदोलन के दिनों में आपसे ये वादा किया गया था कि किसी दलित को ही तेलंगाना का पहला सीएम बनाया जाएगा। लेकिन राज्य के निर्माण के बाद, हर दलित आकांक्षा को कुचलते हुए सीएम की कुर्सी पर KCR ने कब्जा कर लिया। BRS ने दलितों को जमीन देने का भी वादा किया था। क्या उन्होंने ये वादा पूरा किया? BRS ने आपको दलित बंधु स्कीम के जरिए हजारों करोड़ रुपये देने की बात कही थी। क्या आपको इसका लाभ हुआ? सच्चाई ये है कि ये स्कीम BRS विधायकों के रिश्तेदारों की स्कीम बन गई है। कोर्ट तक को ये कहना पड़ा कि दलित बंधु स्कीम के लाभार्थियों का चयन निष्पक्ष होना चाहिए। यहां की सरकार ने किसानों के लोन माफ करने का भी वादा किया था। लेकिन किसानों को इसका भी लाभ नहीं मिला। यहां की सरकार ने Irrigation Schemes के बदले आप लोगों को Irrigation Scams दिए हैं।

ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
मैं मादिगा समुदाय के आप सभी भाई-बहनों को, ये स्पष्ट रूप से कहूंगा। आपको जितना BRS से सतर्क रहना है उतना ही कांग्रेस से भी सावधान रहना है। BRS दलित विरोधी है और कांग्रेस भी उससे कम नहीं है। BRS ने नए संविधान की मांग करके बाबा साहेब आंबेडकर का अपमान किया तो कांग्रेस का इतिहास भी कुछ ऐसा ही है। ये कांग्रेस ही है जिसने बाबा साहेब का विरोध करके उन्हें दो बार चुनाव नहीं जीतने दिया। कांग्रेस ने दशकों तक पुरानी संसद भवन के सेंट्रल हॉल में बाबा साहब की फोटो नहीं लगने दी। कांग्रेस की वजह से ही दशकों तक बाबा साहेब को भारत रत्न तक नहीं दिया गया। सेंट्रल हॉल में बाबा साहेब की तस्वीर हो या फिर भारत रत्न, ये तब संभव हुआ, जब केंद्र में बीजेपी के समर्थन से सरकार बनी।

ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
बीआरएस की तरह ही कांग्रेस का इतिहास भी, दलितों से, पिछड़ों से नफरत का रहा है। इसका एक बड़ा उदाहरण बाबू जगजीवन राम थे, जिन्हें कांग्रेस के अपमान का सामना करना पड़ा। जब बीजेपी ने रामनाथ कोविंद जी को राष्ट्रपति का उम्मीदवार बनाया तो कांग्रेस ने उन्हें हराने के लिए पूरी ताकत लगा दी। दलित समाज से आने वाले कोविंद जी जब राष्ट्रपति बन गए, तो पूरे देश के राष्ट्रपति थे, हम सबके राष्ट्रपति थे, लेकिन तब भी कांग्रेस ने उनका तिरस्कार किया। (जरा बिजली के लोग वहां देख लें, शायद वहां शार्ट सर्किट न हो, और वहां सब साथियों से रिक्वेस्ट है थोड़ा दूर रहें वहां से...प्लीज) जब बीजेपी ने एक महिला को भारत का पहला आदिवासी राष्ट्रपति बनाने का प्रस्ताव रखा, तो कांग्रेस ने द्रौपदी मुर्मू जी का भी विरोध किया। उन्हें भी अपमानित करने का कांग्रेस कोई मौका नहीं छोड़ती। साथियों, राजस्थान में जन्मे हुए और राजस्थान से आकर तेलंगाना को अपनी कर्मभूमि बनाने वाले दलित अफसर हीरालाल सामरिया को कुछ दिन पहले ही Chief Information Commissioner बनाया गया है। पहला दलित अफसर, जो देश का पहला Chief Information Commissioner बना। कांग्रेस नहीं चाहती थी कि एक दलित अफसर इतना बड़ा दायित्व संभाले, इसलिए जिस बैठक में ये अहम निर्णय लिया गया, कांग्रेस ने उसका भी बहिष्कार किया। उनका शपथ समारोह हुआ, उसका भी बहिष्कार किया।

ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
कांग्रेस ने इन दिनों जिस इंडी अलायंस का छाता खोल रखा है, उसमें बिहार के मुख्यमंत्री भी हैं जो जातिवादी राजनीति का झंडा लेकर घूमते हैं। मुझे याद है, उन्होंने मेरे करीबी दोस्त और दलित नेता राम विलास पासवान जी का लगातार अपमान किया था। यहां तक कि जब राम विलास पासवान जी को राज्यसभा सीट की बात आई थी, तो भी वो समर्थन देने में आनाकानी कर रहे थे। मैंने राम विलास पासवान जी के बेटे चिराग पासवान में इस दुख को हमेशा महसूस किया है। अभी हमने दो दिन पहले ही देखा है कि बिहार के उन्हीं सीएम ने सदन के फ्लोर पर एक और दलित नेता का, वहां के पूर्व सीएम का अपमान किया है। वहां के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी, जो दलितों में भी अति दलित हैं, जिन्होंने अपने जीवन में बहुत ही संघर्ष किया है, उनको बिहार के सीएम ने भरे सदन में बुरी तरह अपमानित किया। बहुत ही निर्लज्जता के साथ जीतन बाबू को ये जताने की कोशिश की गई कि वो सीएम पद के योग्य नहीं थे। ये अहंकार की भावना, दलितों का अपमान करने की भावना कांग्रेस और उसके सहयोगियों की पहचान है।

ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
भ्रष्टाचार के मामले में भी कांग्रेस और बीआरएस, एक दूसरे से अलग नहीं हैं। भारत में सामान्य तौर पर अलग-अलग राज्य, विकास योजनाओं के लिए दूसरे राज्यों के साथ cooperation करते हैं। लेकिन बीआरएस की सरकार ने दिल्ली की आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर हजारों करोड़ रुपए का शराब घोटाला कर दिया है। ये लोग काम में नहीं, corruption में cooperation करते हैं। और मैं तेलंगाना के लोगों को ये स्पष्ट तस्वीर भी देखने को कहूंगा। दिल्ली में कांग्रेस की कट्टर सहयोगी आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर तेलंगाना की बीआरएस पार्टी कट्टर भ्रष्टाचार करती है। और फिर यहां वही बीआरएस, कांग्रेस के खिलाफ लड़ने का ड्रामा भी कर रही है। तेलंगाना के लोगों को इस दोहरेपन से भी बहुत सावधान रहना है।

ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
कांग्रेस और बीआरएस दोनों मिले हुए, पर्दे के पीछे उनके खेल अलग हैं। कांग्रेस और बीआरएस एक तरफ हैं और दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी है। उनमें राज करने की मानसिकता है, बीजेपी में सेवा करने का संकल्प है। हमने एससी और एसटी लोगों पर अत्याचार से जुड़े कानून को और सख्त किया। हमने ये सुनिश्चित किया कि गरीबों को Bank Account, गरीबों को Toilets, गरीबों को Gas Connections, गरीबों को Loans, गरीबों को पक्के घर, गरीबों को किसी चीज की दिक्कत ना हो। इन सारी योजनाओं में एससी, एसटी, ओबीसी समाज के लोगों को सबसे अधिक लाभ दिया गया है।

 

ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
आज Standup इंडिया जैसी स्कीम्स SC-ST को करोड़ों रुपये का लोन देकर उन्हें Entrepreneur बना रही हैं। मुद्रा लोन का सबसे अधिक लाभ, एससी एसटी और ओबीसी समुदाय के मेरे भाइयों और बहनों को ही हुआ है। पीएम आवास योजना के तहत करोड़ों घर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को आवंटित किए गए हैं। पिछले 9 वर्षों में तेलंगाना में ही 13 लाख से ज्यादा SC छात्रों को करीब 1,000 करोड़ रुपये की scholarship दी गई है।

ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
अभी कुछ महीनों पहले ही बीजेपी सरकार ने पीएम विश्वकर्मा योजना भी शुरू की है। हमारे कुम्हार हों, सुनार हों, सुथार हों, मूर्तिकार हों, ऐसे 18 प्रोफेशन से जुड़े लोगों पर केंद्र सरकार 13 हजार करोड़ रुपए खर्च करने जा रही है। चाहे राज्य में हो या राष्ट्र के स्तर पर, बीजेपी निरंतर वंचितों के विकास के लिए काम कर रही है।

ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
अपने गरीब भाई-बहनों का ध्यान रखते हुए बीजेपी सरकार ने पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना को भी, गरीबों को जो मुफ्त राशन देते हैं, 80 करोड़ लोगों को, उनका घर का चूल्हा जलता रहे, गरीब के घर बच्चा भूखा सो न जाए, इसलिए गरीब कल्याण अन्न योजना चल रही है। यही दिसंबर में उसका काम पूरा हो रहा था। लेकिन गरीब मां की गोद से पैदा हुआ ये बेटा अब गरीबों को ऐसे छोड़ नहीं सकता और इसीलिए मैंने संकल्प किया है कि अगले 5 साल के लिए ये योजना को आगे बढ़ा दिया जाएगा। अब यहां तेलंगाना में भी लाखों साथियों को 5 साल तक मुफ्त राशन मिलता रहेगा। केंद्र सरकार, तेलंगाना के किसानों का हित देखते हुए पैडी की सरकारी ख़रीद को भी लगातार बढ़ा रही है। बीते वर्षों में यहां पैडी की 1 लाख 30 हजार करोड़ रुपए से ज़्यादा की ख़रीद हुई है। केंद्र सरकार किसानों से boiled राइस भी लेती है। अब हमारी सरकार ने ये निश्चय किया है इस ख़रीफ़ सीज़न में तेलंगाना के किसानों से 20 लाख मीट्रिक टन boiled राइस अतिरिक्त खरीदा जाएगा। इससे MSP का और ज़्यादा लाभ हमारे किसान को मिलेगा। मेरा यहां की राज्य सरकार को भी कहना है कि इस काम में ढिलाई ना बरतें, ये किसानों के हक का काम है, उनके फायदे का निर्णय है...इसमें कोई चुनाव की आचार संहिता बीच में नहीं आनी चाहिए।

ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
तेलंगाना की इस विकास यात्रा में मादिगा समुदाय के साथ जो अन्याय हुआ है, उसे बीजेपी भली-भांति समझती है। मेरा सौभाग्य रहा, आप मुझे प्रधानमंत्री के रूप में, प्रधान सेवक के रूप में जानते हो, लेकिन आप में से बहुत कम लोगों को पता होगा कि बंगारू लक्ष्मण जी मेरे नेता थे। वो मेरी पार्टी के अध्यक्ष थे और मैं उनके अंडर में काम करता था। वो मेरा मार्गदर्शन करते थे, उन्होंने मुझे ट्रेन किया, एक कार्यकर्ता के रूप में संगठन का काम सिखाया। मेरे लिए गर्व की बात है कि मैं बंगारू लक्ष्मण के साथ उनके हाथ के नीचे काम करने वाला कार्यकर्ता रहा हूं। इसीलिए आपको भलीभांति जानता हूं।

मेरे परिवारजनों,
मैं आज बहुत भावुक हूं। आप कल्पना करिए, कृष्णा ने 30 साल अपनी जवानी पूरी खपा दी, इतना बड़ा आंदोलन अनवरत रूप से चलाया, कृष्णा मेरा छोटा भाई है। भारतीय जनता पार्टी में जैसे बंगारू लक्ष्मण के नेतृत्व में जैसे मुझे काम करने का सौभाग्य मिला, वैसा ही मैं आज इतने बड़े सामने समाज के साथ खड़े होकर कहना चाहता हूं, कि अब मुझे कृष्णा भले मेरा छोटा भाई है, लेकिन उसके नेतृत्व में आपके लिए काम करने का सौभाग्य मिला है। मैं आज कृष्णा के माता-पिता को भी आज आदरपूर्वक, श्रद्धापूर्वक प्रणाम करता हूं जिन्होंने ऐसे बेटे को जन्म दिया, जो समाज के हित के लिए 30 साल तक जूझता रहा, लड़ता रहा, हर किसी के पास पहुंचता रहा, मैं उस कृष्णा का आदर करता हूं, उसको जन्म देने वाले माता-पिता को भी श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं। मैं आज जैसा मैंने कहा मेरे लिए बहुत भावुक पल है। मैं आज मादिगा समाज के हर व्यक्ति को बहुत आदर के साथ प्रणाम करता हूं। जिन्होंने 30 साल अपने न्याय के लिए लड़ाई लड़ी और पूरी तरह अहिंसक लड़ाई रही। इतना बड़ा आंदोलन, इतना लंबा समय, पूरी तरह अहिंसा, आपने जग्गू बाबू को भी बचाया, आपने बाबा साहेब अंबेडकर को भी बचाया और आपने बंगारू लक्ष्मण जी को भी बचाया और इसलिए मैं विशेष रूप से आप सबके इस आंदोलन की पवित्रता के लिए श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं।

भारतीय जनता पार्टी पिछले तीन दशक से हर संघर्ष में आपके साथ खड़ी रही है। हम जल्द से जल्द इस अन्याय का अंत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैं जानता हूं कि यहां पर ऐसे कई लोग हैं, जिन्होंने अपने अधिकारों के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया है। ये हमारा वादा है कि हम जल्द ही एक कमिटी का गठन करेंगे, जो आपके सशक्तिकरण के हर रास्ते को अपनाएगी। हम और आप ये भी जानते हैं कि एक बड़ी न्यायिक प्रक्रिया, सुप्रीम कोर्ट में भी चल रही है। आपकी इस लड़ाई को हम न्याय की लड़ाई मानते हैं। बाबा साहेब आंबेडकर ने हमें जो संविधान बनाया, उस संविधान ने न्य़ाय की जिम्मेदारी मुझपर दी है। हम उस न्याय को सुनिश्चित करा करके ही रहेंगे। अदालत में भी आपको न्याय मिले, ये भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पूरी मजबूती के साथ भारत सरकार न्याय के पक्ष में आपके साथी बनकर के खड़ी रहेगी।

(बेटे, बेटी, बेटा आप नीचे आओ बेटा... बेटा नीचे आओ...बेटा नीचे आओ...देखिए बेटा आपको चोट पहुंचेगी...बेटा ये अच्छा नहीं है। बेटा ये तार इसका बिगड़ा हुआ है बेटा...हम आपके साथ हैं बेटा, प्लीज। आप नीचे आइए बेटा...बेटा आप नीचे आइए...देखिए बेटा...ये तार की स्थिति अच्छी नहीं है बेटा। प्लीज बेटा नीचे आइए...बेटा मैं आपकी बात सुनूंगा...बैठिए बेटा...बेटा नीचे आइए...ये वहां पर शार्ट सर्किट है, बेटा नीचे आइए...नहीं बेटा ये ठीक नहीं है...बेटा यहां ऐसा करने से लाभ नहीं होगा। मैं यहां आपके लिए आया हूं। प्लीज...आप कृष्णा जी की बात मानिए बेटा...आप कृष्णा जी की बात मानिए...आप कृष्णा जी की बात मानिए बेटा....थैंक्यू बेटा।)

ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
बीजेपी ही तेलंगाना के लोगों को सामाजिक न्याय की गारंटी दे सकती है। बीजेपी ही तेलंगाना को विकास के स्वर्णिम रास्ते पर ले जा सकती है। मुझे विश्वास है, बीजेपी और आपका सहयोग, आपका साथ, तेलंगाना डबल इंजन सरकार के गठन में अहम भूमिका निभाएगा।

मेरे भाइयों-बहनों,
मैं एक महत्वपूर्ण बात यहां से बताकर जाना चाहता हूं। अगर मेरी बात आपको अच्छी लगे, सही लगे, तो आप सब अपने मोबाइल फोन निकाल करके उसकी फ्लैश लाइट चालू करके मुझे आशीर्वाद देना। आज से इस आंदोलन में कृष्णा मेरा नेता है। मैं उसका असिस्टेंट हूं। और मैं आपके लिए पूरे दायित्व के साथ इस न्याय की लड़ाई में साथ रहूंगा। आप सभी यहां आए, हमें आशीर्वाद दिया, इसके लिए आप सबका फिर एक बार बहुत-बहुत धन्यवाद। और इस आंदोलन में मेरे नेता कृष्णा है। मैं कृष्णा का साथी हूं। और मैं कृष्णा के नेतृत्व में आपके साथ खड़ा हूं।

बोलिए,
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June 18, 2026

नमस्ते!

बों जू!

ऐसा लग रहा है, आप सब छुट्टी के मूड में हैं।

साथियों,

ये पेरिस शहर, Lights का शहर है, रंगों का शहर है, यहां Art है, Ideas हैं, और innovation की प्रेरणा भी है। इस शहर को भारत के अलग-अलग राज्यों से आए आप सभी लोग और भी खूबसूरत बना देते हैं। नए नए रंगों से भर देते हैं।

कोई तमिल है, कोई पंजाबी है, कोई गुजराती है, तो कोई मराठी है, और कोई बंगाली है। भारत के हर कोने का प्रतिनिधित्व यहां दिखाई देता है।

साथियों,

मैं जब 14 जून को नीस पहुंचा था तो सबसे पहले भारत इनोवेट्स कार्यक्रम में शामिल हुआ था। आज जब मैं फ्रांस से वापसी की तैयारी में हूं तो लग रहा है जैसे भारत कनेक्ट्स कार्यक्रम में आ गया हूं।

फ्रांस में रहने वाले आप लोगों ने 21वीं सदी के भारत-फ्रांस रिश्तों को जिस तरह कनेक्ट किया है, वो हमारी Strategic Partnership की बहुत बड़ी ताकत बन रही है। मैं आप सभी के लिए भारत से 140 करोड़ देशवासियों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं। इस आत्मीय स्वागत के लिए, मैं आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,

आज मैं ऐसे समय में फ्रांस आया हूं जब कुछ ही दिन पहले हमारी सरकार के 12 वर्ष पूरे हुए हैं। चुने हुए प्रधानमंत्री के रूप निरंतर 12 साल तक देश की सेवा करना मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है। यह भारत के लोकतंत्र की शक्ति है जिसने एक चायवाले को यहां तक पहुंचा दिया।

साथियों,

बीते 12 वर्ष, 140 करोड़ भारतीयों के अद्भुत सामर्थ्य के रहे हैं। 12 साल के इस कालखंड में भारत का GDP दोगुना हुआ है। Airports की संख्या दोगुनी हुई है। Universities की संख्या भी दोगुनी हो गई है। Highway Construction की स्पीड तीन गुना बढ़ गई। और Metro Network, चार गुणा बड़ा हो गया है।

मैं आपको कुछ और फैक्ट्स दूंगा, उससे आप अंदाजा लगा पाएंगे कि भारत किस स्पीड और कितने बड़े स्केल पर काम कर रहा है। पिछले 12 वर्षों में भारत का Defence Export 35 गुणा यानि Thirty Five Times बढ़ गया है।

औऱ एक फैक्ट सुनिए भारत में मोबाइल मैन्यूफैक्टरिंग यूनिट्स में, 100 गुणा की बढ़ोतरी हुई है। 100 times. भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा mobile phone manufacturer है। इसी गति, इसी प्रगति का नतीजा है कि आज भारत दुनिया की Fastest Growing Major Economy है।

साथियों,

आज भारत की कहानी सिर्फ Economic Progress की कहानी नहीं है। सिर्फ यहाँ अटक नहीं जाती है। ये Social Transformation की भी कहानी है।

पिछले 12 साल में देश में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। यानि एक ऐसी प्रगति जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। फ्रांस में जितने घर हैं, उससे भी अधिक पक्के घर बीते 12 वर्ष में हमने जरूरतमंदों के लिए बनाए हैं।

अब हर परिवार के पास, गरीब से गरीब क्यों न हो, Bank Account है। Financial Inclusion एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का अभियान बना है।

साथियों,

इन 12 वर्षों की उपलब्धियों में, एक उपलब्धि ऐसी भी है जिसे किसी आंकड़े से, या अंकों से, नहीं मापा जा सकता। वह है 140 करोड़ भारतीयों का आत्मविश्वास।

आज का भारत और आज के भारत का युवा बहुत बड़े सपने देख रहा है। भारत का किसान नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत की महिलाएं नए नेतृत्व का परिचय दे रही हैं। इसलिए ये सिर्फ Achievements के 12 साल नहीं हैं, ये भारत की एस्पिरेशन्स को नई बुलंदी देने का कालखंड रहा है।

साथियों,

एक समय था जब दूर-दराज के गांवों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाना वाकई बहुत मुश्किल भरा था। आज उन्हीं गांवों में बिजली भी है, इंटरनेट भी है, और डिजिटल सेवाओं की पूरी दुनिया भी है। आज एक क्लिक पर, कभी भी, कहीं भी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध हैं।

आज मोबाइल फोन, भारत के नागरिकों को अनेक सुविधाओं से कनेक्ट कर रहा है। हमारे किसान, हमारे मछुआरे, हमारे dairy farmers, हमारी महिलाएं, हमारे स्टूडेंट्स, सभी टेक्नोलॉजी के माध्यम से सशक्त हो रहे हैं, और अपने लिए नए अवसर बना रहे हैं।

साथियों,

आपने 125 करोड़ से अधिक Aadhaar IDs के बारे में सुना है। लेकिन आज भारत सिर्फ पहचान को डिजिटल नहीं बना रहा। आज करीब 90 करोड़ भारतीयों की Unique Digital Health IDs बनाई जा चुकी हैं। जिससे मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित और accessible बन गए हैं। इससे हेल्थकेयर डिलीवरी और अधिक आसान और efficient हो रही है।

साथियों,

इन उपलब्धियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें से अधिकांश चीजें कुछ वर्ष पहले तक कल्पना जैसी लगती थीं। कौन सोच सकता था कि गांव-गांव तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचेगा ? कौन सोच सकता था कि दूर-सुदूर के गांवों में भी QR code जीवन का हिस्सा बन जायेगा ? गांव में कोई बहन, ड्रोन से खेती करने में मदद करेगी, ये भी असंभव लगता था।

लेकिन आज यह सब, भारत के करोड़ों लोगों के जीवन का सामान्य हिस्सा बनता जा रहा है। और आपको गर्व होगा साथियों, यही नए भारत की पहचान है।

जो कभी सपना था, वह आज सच्चाई है। जो कभी नामुमकिन लगता था, वो आज मुमकिन हुआ है, औऱ ये करने के पीछे सबसे बड़ी ताकत क्या है? किसकी वजह से ये सब संभव हुआ है? यह मोदी के कारण नहीं, वो ताकत है- भारत का लोकतंत्र, भारत की डेमोक्रेसी। इस डेमोक्रेसी में सबका साथ है, सबका विकास है।

साथियों,

आज से 50 या 100 साल बाद जब भारत के इस कालखंड की समीक्षा होगी, तो ये बात उभरकर सामने आएगी कि इस कालखंड को भारत की Aspirations ने ड्राइव किया। यह भारत के एस्पिरेशन्स का नया युग है।

जहां बिजली पहुंची है, वहां लोग सिर्फ बिजली नहीं चाहते, वे Smart Living चाहते हैं। जहां ट्रेन पहुंची है, वहां लोग High-Speed Connectivity चाहते हैं। जहां हाईवे बने हैं, वहां लोग World-Class Expressways चाहते हैं। जहां इंटरनेट पहुंचा है, वहां लोग AI और Digital Innovation में नेतृत्व चाहते हैं।

यानि आज भारत के लोग अपने जीवन को भी Next Level पर ले जाना चाहते हैं, और भारत को भी Next Level पर ले जाना उनका मकसद है, उनका संकल्प है, उनके सपने है।

और साथियों,

यही Aspirations आज भारत की विकास यात्रा की सबसे बड़ी शक्ति हैं। मैं आपको भारत की Space Journey का उदाहरण दूंगा।

भारत ने चंद्रयान को चंद्रमा के South Pole पर उतारा। दुनिया ने इसे एक बहुत बड़ी उपलब्धि माना। लेकिन भारत इसे अपनी मंजिल मानकर रुका नहीं। आज देश गगनयान की तैयारी कर रहा है। भारत अंतरिक्ष में अपना Space Station बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

हमारे Space Startups Global Space Economy में अपनी जगह बनाने के लिए पुरजोश काम कर रहे हैं, आगे बढ़ रहे हैं।

साथियों,

Green Energy के क्षेत्र में भी भारत की यही एस्पिरेशंस दिखाई देती है। Solar Power में भारत की उपलब्धियों की दुनिया भर में लगातार चर्चा हो रही हैं। लेकिन भारत अगली छलांग की तैयारी कर रहा है।

Green Hydrogen में बड़े निवेश हो रहे हैं। Advanced Nuclear Energy पर तेजी से काम हो रहा है। आपने भारत के Fast Breeder nuclear Reactor से जुड़ी प्रोग्रेस के बारे में भी सुना ज़रूर होगा। ये भारत के न्यूक्लियर एनर्जी लैंडस्केप में क्रांतिकारी परिवर्तन करने का बहुत बड़ा अचीवमेंट हमारे सीसेन्टिस्टों ने किया है।

साथियों,

आज का भारत भविष्य का पूरा Ecosystem बना रहा है। भारत एक साथ हर उस क्षेत्र में निवेश कर रहा है, जो आने वाले दशकों की दिशा तय करेगा।

अभी आपने कुछ दिन पहले ही देखा है नीस में भारत इनोवेट्स का एक आयोजन किया। ये इवेंट भारत के डीप टेक सामर्थ्य को दुनिया तक पहुंचाने का एक और माध्यम था। इसमें भारत के 120 Deep-Tech Startups उपस्थित थे। Bharat Innovates में करीब एक हजार चार सौ B2B Meetings हुईं है। कई Startups के लिए Investment Commitments आगे बढ़ीं, Commercial Orders के लिए रास्ते खुले। French और European Universities तथा Incubators के साथ Engagements बढ़ रही हैं।

Student Exchanges, Joint Research, और Innovation Support के नए रास्ते बने। इसलिए Bharat Innovates सिर्फ एक Summit नहीं रहा। यह Innovation Diplomacy का एक नया मॉडल बना है।

और आज ही पेरिस में VivaTech इवेंट के जरिए, इस यात्रा को हमने और आगे बढ़ाया। नीस में हमने Ideas को Capital से जोड़ा और पेरिस में Indian Innovation को Global Scale से जोड़ा। आज दुनिया देख रही है भारत केवल भविष्य के लिए तैयार नहीं हो रहा है। भारत भविष्य को आकार दे रहा है।

साथियों,

एक समय था, जब देशों के बीच रिश्ते केवल व्यापार से तय होते थे। आज व्यापार के साथ-साथ Trust यानि भरोसा भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है।

हर देश Reliable Supply Chains चाहता है। हर देश Stable Partnerships चाहता है। हर देश ऐसे साथियों की तलाश में है, जिन पर लंबे समय तक भरोसा किया जा सके। और ऐसे समय में, भारत विश्व में एक Trusted Partner के रूप में उभर रहा है।

एवियां में G7 बैठक के दौरान मैंने trust based partnerships बनाने पर ज़ोर दिया। ग्लोबल साउथ के देशों के साथ equal पार्टनर्स के रूप में आगे बढ़ने का आह्वान किया। भारत का G7 समिट में संदेश था Global Governance तभी प्रभावी होगी जब वह Inclusive होगी। Global Growth तभी Sustainable होगी जब वह शेयर्ड होगी। और Global Technology तभी मानवता के लिए उपयोगी होगी जब वह Trusted होगी।

साथियों,

भारत और दुनिया के बीच व्यापारिक रिश्तों में नई ऊर्जा नज़र आ रही है। फ्रांस के साथ भारत का ट्रेड लगतार बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने दुनिया के अनेक देशों के साथ Free Trade Agreements किए हैं। यूरोपियन यूनियन हो, यूनाइटेड किंगडम हो दुनिया के हर देश, हर रीजन के साथ भारत समझौते कर रहा है।

अगले महीने से भारत और UK के बीच ट्रेड एग्रीमेंट भी लागू हो जाएगा। यह एग्रीमेंट भारत के farmers, workers और innovators को अनेक नए अवसर प्रदान करेगा।

साथियों,

आज दुनिया Uncertainty और Disruption के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत और फ्रांस की साझेदारी विश्वास, स्थिरता और सहयोग का एक मजबूत स्तंभ बन रहा है।

इस वर्ष हमने भारत और फ्रांस के संबंधों को Special Global Strategic Partnership का दर्जा दिया था। नीस में मेरे मित्र President Macron और मैंने हमारे संबंधों को force for global good बनाने पर चर्चा की। Defence से लेकर space और नुक्लियर तक AI और क्रिटीकल मिनरल्स से लेकर high speed railway तक, हर क्षेत्र में हम मिलकर आगे बढ़ेंगे।

साथियों,

Solar energy हो, या AI के क्षेत्र में सहयोग हो, भारत और फ्रांस मिलकर ऐसे समाधान विकसित कर रहे हैं जो पूरी मानवता के हित में हैं। पिछले वर्ष पेरिस में और इस वर्ष दिल्ली में हमने AI Summit को Co-chair किया।

अब हम साथ मिलकर अगले वर्ष “तृष्णा” satellite को लॉन्च करने जा रहें हैं। यह “तृष्णा” satellite जो विश्व में फूड और वाटर सिक्युरिटी सुनिश्चित करने में योगदान देगा।

और साथियों,

यह सभी गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट पहलो में आप सभी का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। ये आप हैं जो भारत और यूरोप के बीच सबसे मजबूत सेतु हैं। आप दोनों समाजों को समझते हैं। दोनों बाजारों को समझते हैं। आने वाले समय में Talent, Trade, Technology, Tourism और Investment के नए अवसरों को आगे बढ़ाने में आपकी भूमिका लगातार बढ़ने वाली हैं।

साथियों,

भारत और फ्रांस के रिश्तों को साझा इतिहास, साझा मूल्यों और साझा विश्वास ने आगे बढ़ाया है। विश्व युद्धों के दौरान फ्रांस की धरती पर बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों की स्मृतियां आज भी हमें जोड़ती हैं।

मुझे पहले नव शापेल में श्रद्धांजलि देने का अवसर मिला, पिछले वर्ष प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मार्सेय के वॉर मेमोरियल जाने का अवसर भी मिला। ये हमारी साझा विरासत है।

फ्रांस, भारतीयों के योगदान को संजोता भी है और सराहता भी है। भारतीय मूल की नूर इनायत खान हों, जिन्होंने फ्रांस की Resistance के लिए अपना जीवन बलिदान किया, या महाराजा रणजीत सिंह के साथ काम करने वाले जनरल जां फ्रांस्वा अलार हों ये सभी भारत और फ्रांस की साझा विरासत के प्रतीक हैं।

भारत के राज्य पुडुचेरी में भी फ्रेंच विरासत की झलक दिखाई देती है। वहां का Architecture, वहां की कला-संस्कृति और खान-पान सभी में हमारे संबंधों की महेक है।

साथियों,

इस समय फ्रांस समेत पूरी दुनिया में International Yoga Day की तैयारी भी चल रही है। इस अवसर पर मैं, फ्रांस में योग को आगे बढ़ाने वाले श्रीमान महेश घाट्राड्याल जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं। मैं पद्म पुरस्कार से सम्मानित, शार्लोत शोपां जी को भी प्रणाम करता हूं। जिन्होंने सौ वर्ष की आयु में भी, योग के माध्यम से फ़्रांस को भारत की विरासत से जोड़ा है। उनका जीवन यह सिद्ध करता है: Yoga does not add years to life, it adds life to years.

साथियों,

मैं फ्रेद नेग्री जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धापूर्वक याद करता हूं। भारतीय विरासत को संरक्षित करने में उनका योगदान अतुल्य रहा है।

साथियों,

भारत और फ्रांस को कनेक्ट करने वाली एक और चीज है, और वो है फुटबॉल। इस वक्त यहां फुटबॉल फीवर पूरे जोर पर है। फ्रांस में इसकी दीवानगी, चप्पे-चप्पे पर दिखती है। लेकिन भारत में भी फुटबॉल का क्रेज़ सिर चढ़कर बोलता है।

खासतौर पर फ्रांस की टीम के फैन्स भारत में बहुत अधिक हैं। फ़्रांस ने इस वर्ल्ड कप की शुरुआत एक जोरदार जीत से शुरू की है। मैं फ्रांस की टीम को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

जाने से पहले, आप सभी के लिए कुछ और अच्छी खबरें भी लेकर के आया हूँ। वो आपके लिए हैं। पिछले वर्ष, मार्सेय में कॉन्सुलेट खोला गया, इससे काफी अधिक सुविधा मिल रही है। कुछ हफ्ते पहले, Indian Nationals के लिए French Airports पर Visa-free Transit की व्यवस्था शुरू हो गई है।

Students और Professionals की Mobility बढ़ाना हो, या Educational Qualifications की Mutual Recognition की बात हो, या फिर French Universities के भारत में Campus खोलना हो, इन सभी पर हम मिलकर आगे बढ़ रहें हैं।

अब फ्रांस में UPI के उपयोग का दायरा भी और बढ़ने जा रहा है। यानि भारत-फ्रांस कनेक्ट भी Instant और आपसी Payment भी Instant!

साथियों,

इन सभी पहलों से, हम भारत और फ़्रांस को और करीब ला रहें हैं। और मैं फिर कहूंगा इस साझेदारी की नींव, इस रिश्ते की असली ताकत आप सभी हैं। आप सब मेरे देशवासी हैं।

आज जब भारत तेज़ी से विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तो मैं आप सभी से भारत के साथ और गहराई से जुडने का आग्रह करूंगा। इससे भारत की विकास यात्रा को नई शक्ति मिलेगी, और आपको अपनी पुरखों की धरती की सेवा करने का अवसर भी मिलेगा।

इन्हीं शब्दों के साथ आप सभी के प्रेम आपके उत्साह और इस आत्मीय स्वागत के लिए मैं एक बार फिर आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं।

भारत माता की जय!

बहुत बहुत धन्यवाद।