Just like homes, a country cannot run without women: PM Modi in Varanasi, UP
INDI alliance's mentality has always been anti-women: PM Modi in Varanasi, UP
For the first time, a government at center cared about dignity of women: PM Modi in Varanasi, UP
Congress comes, inflation rises: PM Modi in Varanasi, UP

नमः पार्वती पतये....हर हर महादेव!!!!

काशी में राजपाट बाबा विश्वनाथ का है लेकिन, व्यवस्था माता अन्नपूर्णा ही चलातीं हैं।

ई पहली बार ह जब हम काशी क नामांकन अपने माई के उपस्थिति के बिना करले हई। मां गंगा ही अब हमार माई हइन। मैंने इसीलिए कहा था, कि मां गंगा ने पहले मुझे काशी बुलाया था, अब मां गंगा ने मुझे गोद ले लिया है। और आज इस आयोजन में इतनी सारी मातृशक्ति की मौजूदगी मुझे अभिभूत कर रही है। आप सभी समय निकालकर यहां आईं, मैं आपका बहुत-बहुत आभारी हूं।

साथियों,

मैं पार्टी के प्रचार में कितना भी व्यस्त होता हूं, लेकिन बनारस को लेकर हमेशा बहुत निश्चिंत रहता हूं। मुझे कोई चिंता ही नहीं रहती, क्योंकि सब कुछ आप ही लोग संभालें रहते हैं। इसलिए सबसे पहले मैं यही कहूंगा कि इस गर्मी में अपने स्वास्थ्य का ध्यान जरूर रखिए। आपको ज्यादा से ज्यादा लोगों के घरों में जाना होता है, गांवों में जाना होता है, बूथ पर जाना होता है औऱ इसलिए मेरा एक सुझाव है कि कितना ही काम करिए लेकिन पानी खूब पीजिए साथ में पानी हमेशा रखिए और कभी भी बिना खाए घर से निकलें नहीं। मेरा लंबे समय का अनुभव है इसलिए मेरी सलाह आपको जरूर काम आएगी।

माताओं बहनों,

बीते दस साल में पहली बार सरकार की नीतियों से लेकर निर्णयों तक, हमारी माताएं, बहनें, महिलाएं केंद्र में आई हैं। इस पर उतनी चर्चा भले ही न हुई हो लेकिन, ये भारत की सक्सेस स्टोरी का एक बहुत बड़ा फ़ैक्टर है। आप बताइये, जब घर आपके बिना नहीं चलता तो देश आपके बिना कैसे चल जाता? ये बात 60 वर्षों तक सरकारों को समझ ही नहीं आई। कांग्रेस-सपा की सरकारों ने महिलाओं के साथ क्या किया? केवल उपेक्षा और असुरक्षा!

साथियों,

इंडी गठबंधन की मानसिकता ही महिला विरोधी है। इंडी गठबंधन वाले महिलाओं को आरक्षण का विरोध करते हैं। जहां इनकी सरकार आती है, महिलाओं का जीना दूभर हो जाता है। बनारस के लोग तो यूपी-बिहार दोनों में रहे, जंगलराज से परिचित है। बहन बेटियों का घर से निकलना मुश्किल था। बेटियों को सुरक्षा के डर से पढ़ाई छोड़कर घर पर बैठना पड़ता था। और सपा वाले कहते थे औऱ बेशर्मी से कहते थे, लड़के हैं लड़कों से तो गलती हो जाती है। आज सपा के लड़के, जरा गलती करके दिखाएं! योगी जी की सरकार उनका वो हाल करेगी, जो उन्होंने सोचा भी नहीं होगा।

माताओं बहनों, पहली बार केंद्र में ऐसी सरकार आई है, जिसने महिलाओं के सम्मान की चिंता की, उन्हें इज्जत-घर दिए! इसके लिए मजाक उड़ाते थे कि मोदी टॉयलेट, टॉयलेट करता रहता है, टॉयलेट बनाने में लगा है। 11 करोड़ टॉयलेट बनाए हैं, करोड़ों माताओं का मैंने इज्जत घर बनाया है। लेकिन मुझे पता था, मेरी बहन-बेटियों के लिए ये कितनी बड़ी जरूरत थी। मोदी ने गरीब से गरीब महिलाओं के लिए बैंक खाते खुलवाए औऱ वो भी एक रुपये के खर्च के बिना ताकि उन्हें जो भी पैसा मिले वो सुरक्षित रह सके। मोदी ने करोड़ों पीएम आवास, चार करोड़ से ज्यादा घर बनाए, लेकिन उसकी रजिस्ट्री महिलाओं के नाम पर करवायी ताकि करोड़ों माताएं घर की मालकिन बनी हैं। अब महिलाऐं भी संपत्ति की मालकिन बन रही हैं। ये बस योजनाएं नहीं थीं, इससे नारी शक्ति को नया आत्मविश्वास मिला। यही मेरा मिशन था, यही मेरी सोच थी।

माताओं-बहनों,

कांग्रेस की सरकारों की पहचान एक गाने से खूब होती है, और वो गाना बहुत पॉपुलर रहा है, महंगाई डायन खाए जात है। कांग्रेस आई, महंगाई लाई। कांग्रेस सरकार रही होती तो आज आपकी रसोई का बजट दो गुना-तीन गुना बढ़ चुका होता। लेकिन ये भाजपा है, ये गरीब का बेटा मोदी है, मोदी लगातार प्रयास करता है कि आपके खर्चे कम हों, आपकी बचत ज्यादा बढ़े। मोदी ने मुफ्त राशन की योजना चलाई हुई है। ताकि गरीब के घर का चूल्हा जलता रहे। इससे हर परिवार के साल में करीब-करीब 12 हजार रुपए बच रहे हैं। आपको जो उज्ज्वला का सिलेंडर मिलता है, उसमें भी प्रति सिलेंडर आपको 300 रुपए से ज्यादा की बचत हो रही है। बनारस में करीब 40 हजार घरों में अब पाइप से रसोई गैस की सप्लाई होती है। बहुत जल्द ही 80 हजार से ज्यादा घरों को भी पाइप से गैस मिलने वाली है। इससे भी आपकी बचत बढ़ेगी।

माताओं-बहनों,

पिछले 10 साल में बनारस के 3 लाख से ज्यादा लोगों का, ये आंकड़ा जो कोई सुनेगा तो उनको आश्चर्य होगा, कि एक सांसद जब समर्पित भाव से काम करता है तो कितना बड़ा काम कर सकता है। आपको जानकर खुशी होगी कि एक सांसद के नाते मैं एक काम के पीछे पड़ा, लगातार करता रहा, हमारे काशी में तीन लाख से ज्यादा लोगों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ है। ये छोटा काम नही है। औऱ हमें पता है, मोतियाबिंद के हर ऑपरेशन में कम से कम 10 हजार का खर्चा होता है। यानि दो आंख का बीस हजार। मोदी ने यहां 3 लाख परिवारों के 10-10 हजार रुपए बचाने का पवित्र काम किया है। यहां जनऔषधि केंद्रों पर 80 परसेंट डिस्काउंट, 80 परसेंट छूट, के साथ सस्ती दवा मिलती है। सौ रूपए की दवाई दस रूपया, बीस रूपया, पन्द्रह रूपया में मिल जाती है। सस्ती दवा से भी बनारस के लोगों का करोड़ों रुपया खर्च होने से बचा है। यहां बनारस में 90 हजार से ज्यादा गर्भवती महिलाओं को पीएम मातृवंदना योजना का भी लाभ मिला है। इसके तहत हर गर्भवती महिला को पोषण के लिए 6 हजार रुपए सीधे, मोदी सरकार, उनके बैंक में खाते में जमा कराती है।

माताओं-बहनों,

आयुष्मान भारत योजना से बनारस के सवा लाख से ज्यादा लोगों ने मुफ्त इलाज कराया है। अब हम जानते हैं हमारे परिवारों में कितनी ही बीमारी क्यों ना हो, कितनी ही पीड़ा क्यों ना होती हो, लेकिन माताएं बहनें काम करती रहती हैं, घर में किसी को बताती नहीं हैं। दर्द सहती हैं क्योंकि उनके मन में रहता हैकि बीमारी के कारण अस्पताल जाएगें, बहुत बड़ा खर्चा हो जाएगा औऱ अपने बच्चों के सिर पर कर्ज लग जाएगा। औऱ इसलिए माताएं बहनें सहन करती हैं लेकिन बच्चों पर बोझ होने नहीं देती हैं। ये दर्द मैं जानता था, औऱ जब आपका बेटा दिल्ली में बैठा तो मैंने तय किया, अब मुझे किसी मां को यह पीड़ा सहन नहीं करनी पड़ेगी, अस्पताल का पूरा खर्चा, ये आपका बेटा मोदी उठाएगा। औऱ बनारस में जिन लोगों ने इस योजना का लाभ लिया है अब तक करीब करीब उनका 200 करोड़ रुपया, जो अस्पताल में खर्च होने वाला था वो बच गया है, क्योंकि वो खर्चा मोदी ने किया है। और अब तो मोदी ने भी तय किया है कि हमारे देश में, हमारे काशी में, किसी भी परिवार में 70 साल की ऊपर के जो भी माता -पिता, दादा-दादी, चाचा-चाची, नाना-नानी, जो भी होंगे अब उनके खर्चे की जिम्मेवारी भी, अस्पताल में इलाज की जिम्मेवारी, 5 लाख रूपए तक मुफ्त इलाज ये आपका बेटा मोदी करेगा। आप अपना आय़ुष्मान कार्ड बनवाइए, बाकी सब मोदी पर छोड़ दीजिए।

माताओं-बहनों,

मोदी ने कुछ महीने पहले ही पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना शुरू की है। यहां बनारस में 2 हजार से ज्यादा घरों में सोलर प्लांट लग चुका है। इससे भी लोगों के बिजली बिल में महीने के दो से ढाई हजार रुपए बच रहे हैं, मतलब साल का 25 से 30 हजार रूपया बच रहा है। 4 जून के बाद, आपके आशीर्वाद से जब नई सरकार बनेगी तो इसका और विस्तार होगा औऱ हर परिवार को 75 हजार रूपया ये सोलर पैनल के लिए दिया जाएगा औऱ आपका बिजली का बिल जीरो हो जाएगा।

माताओं-बहनों,

इंडी गठबंधन के नेता, खुलेआम कहते हैं कि हिन्दूओं में जो शक्ति है ना, वो शक्ति का न मैं विनाश करके रहूंगा। शक्ति के विनाश की बात करते हैं। लेकिन 4 जून के बाद मोदी सरकार, वे तो शक्ति का विनाश चाहते हैं, मोदी आपकी शक्ति को महाशक्ति बना कर के रहेगा। मैं लगातार आपके लिए काम कर रहा हूं। आपके आशीर्वाद से लगातार नई उर्जा मिलती रहती है, ना थकता हूं, ना रूकता हूं, यही सपना ले कर चलता हूं कि मेरे 140 करोड़ देशवासियों के जीवन की मुसीबतें, जितनी कम कर सकूं मैं निरंतर करता रहूं। भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में 3 करोड़ नए घर बनाने की बात कही है। मेरा एक काम करोगे आप लोग? जरा हाथ ऊपर करके आप बताइए मेरा एक काम करोगे? सब के सब हाथ ऊपर करके जरा जोर से बताइए, मेरा काम करोगे? आपकी आवाज दूर तक जानी चाहिए, मेरा काम करोगे? अभी आप लोग, लोगों के घरों में संपर्क के लिए जाते होंगे, मोहल्ले में जाते होंगे, छोटे छोटे इलाके में जाते होंगे, चाल में जाते होंगे, बस्ती में जाते होंगे, कहीं पर भी कोई परिवार झोपड़ी में रहता है, कोई परिवार यदि कच्चे घर में रहता है, मेरी तरफ से उनको कह देना 4 जून के बाद उनको भी पक्का घर मिल जाएगा। ये मोदी की गारंटी है। औऱ इसलिए मैं तीन करोड़ नए घर बनाने की योजना ले करके चल रहा हूं।

माताऐं-बहनें,

सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाओं को हम ड्रोन पायलट बना रहे हैं औऱ मैं ऐसी महिलाओं को मिला, जिन्होंने कहा साहब हमको तो साइकिल भी नहीं आती थी अब ड्रोन पायलट बन गए, पूरा गांव हमको पायलट कह कर के बुला रहा है। और ये ड्रोन पायलट बहनें, हमारे देश में कृषि क्रांति का नेतृत्व करने वाली हैं। पहले मुद्रा योजना में 10 लाख रुपये का लोन मिलता था, और मुझे खुशी है कि मुद्रा योजना का सार्वधिक लाभ हमारी बहनों ने उठाया है। पहले दस लाख देते थे अब 20 लाख रुपये मिलेगा। आपके परिवार की चिंता करने वाले मोदी ने मुफ्त राशन योजना को भी पांच साल के लिए बढ़ा दिया है।

माताओं-बहनों,

अगले 10 दिन हमें काशी के घर-घर जाना है। यहां जो हर तरफ विकास कार्य हुए है, वो अभूतपूर्व हैं। काशी के घर-घर में हमें इन विकास कार्यों की बात पहुंचानी है। इनसे यहां रोजगार के भी नए मौके बने हैं। पिछले ढाई साल में 16 करोड़ से अधिक श्रद्धालु श्री काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन करने आए हैं। 16 करोड़ आने से हर प्रकार का कारोबार बढ़ता है। आज पूरे बनारस में दुकानों का, जमीनों का, होटलों का, होम स्टे का रेट बढ़ता चला जा रहा है, क्योंकि इतनी बड़ी संख्या में लोग यहां आ रहे हैं। इससे सबसे ज्यादा फायदा बनारस के ही लोगों को हो रहा है। फूल बेचने वाला भी कमा रहा है, खिलौने बेचने वाला कमा रहा है। साड़ी बेचने वाला कमा रहा है। नाव वाला कमा रहा है। आटो रिक्शा वाला कमा रहा है। हर एक को, काशी में आपने देखा है आधुनिक बनास डेयरी खुल चुकी है। वो भी, हमारे गांव के लोगों के लिए, दूध उत्पादकों के लिए बहुत बड़ा वरदान साबित हुई है। इससे अकेले बनारस के ही 14 हजार से ज्यादा पशुपालक जुड़े हैं। बनास डेयरी आने के बाद पशुपालकों की आमदनी सालाना सवा लाख रुपए से ज्यादा बढ़ी है।

माताओं बहनों,

बनारस में नारीशक्ति के लिए इतना काम हुआ है कि उसे बताते-बताते देर रात हो जाएगी। आपने इतना समय निकाला मैं आप सभी माताओं-बहनों का आभारी हूं। लेकिन याद रखिएगा, हमें हर बूथ जीतना है, जीतेंगे? जीतेंगे? हमें हर बूथ पर कमल खिलाना है, खिलाओगे? औऱ ज्यादा से ज्यादा मतदान। मतदान के सारे रिकार्ड तोड़ने हैं। मैं एक आइडिया बताऊं आपको, मतदान ज्यादा से ज्यादा कैसे करोगे? हमारी बहनें बूथ में, एक-एक बहन 25-30 बहनों को ले करके निकलें, थाली बजाते-बजाते, ढोल बजाते-बजाते, गाना गाते-गाते, पोलिंग स्टेशन पर जाएं औऱ दस बजे के पहले अगर एक पोलिंग बूथ में हम बीस पच्चीस ऐसे जूलूस निकाल देंगे, तो आप देखना आपके पोलिंग बूथ का सबसे ज्यादा वोटिंग हो जाएगा। करेंगे आपलोग? जूलूस में जाएगें? गाना गाते जाएगें?

माताओं-बहनों,

काशी की मातृशक्ति ए बार इहां रिकॉर्ड वोटिंग कराई ना? एक बार मेरे साथ दोनों हाथ उठाकर बोलिए -नम: पार्वती पतये, हर हर महादेव। काशी के इस स्नेह के लिए एक बार फिर आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद।

मेरे साथ बोलिए- भारत माता की... जय! भारत माता की... जय! भारत माता की... जय!

बहुत बहुत धन्यवाद।

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March 23, 2026
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From the Gulf to the Global West and from the Global South to neighbouring countries, India is a trusted partner for all: PM
What gets measured gets improved and ultimately gets transformed: PM
This is the new India, It is leaving no stone unturned for development: PM

नमस्कार!

पिछले कुछ समय में मुझे एक-दो बार टीवी9 भारतवर्ष देखने का मौका मिला है। नॉर्मली भी युद्धों और मिसाइलों पर आपका बहुत फोकस होता है और आजकल तो आपको कंटेंट की ओवरफीडिंग हो रही है। बड़े-बड़े देश टीवी9 को इतना सारा कंटेंट देने पर तुले हुए हैं, लेकिन On a Serious Note, आज विश्व जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है, वो अभूतपूर्व है और बेहद गंभीर है। और इन स्थितियों के बीच, आज टीवी-9 नेटवर्क ने विचारों का एक बेहद महत्वपूर्ण मंच बनाया है। आज इस समिट में आप सभी India and the world, इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। मैं आप सबको बधाई देता हूं। इस समिट के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं। सभी अतिथियों का अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आज जब दुनिया, conflicts के कारण उलझी हुई है, जब इन conflicts के दुष्प्रभाव पूरी दुनिया पर दिख रहे हैं, तब India and the world की बात करना बहुत ही प्रासंगिक है। भारत आज वो देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। 2014 के पहले की स्थितियों को पीछे छोड़कर के आज भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। अब भारत चुनौतियों को टालता नहीं है बल्कि चुनौतियों से टकराता है। आप बीते 5-6 साल में देखिए, कोरोना की महामारी के बाद चुनौतियां एक के बाद एक बढ़ती ही गई हैं। ऐसा कोई साल नहीं है, जिसने भारत की, भारतीयों की परीक्षा न ली हो। लेकिन 140 करोड़ देशवासियों के एकजुट प्रयास से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है। इस समय युद्ध की परिस्थितियों में भी भारत की नीति और रणनीति देखकर, भारत का सामर्थ्य देखकर दुनिया के अनेकों देश हैरान हैं। हमारे यहां कहावत है, सांच को आंच नहीं। 28 फरवरी से दुनिया में जो उथल-पुथल मची है, इन कठोर विपरीत परिस्थितियों में भी भारत प्रगति के, विकास के, विश्वास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इन 23 दिनों में भारत ने अपनी Relationship Building Capacity दिखाई है, Decision Making Capacity दिखाई है और Crisis Management Capacity दिखाई है।

साथियों,

आज जब दुनिया इतने सारे खेमों में बंटी हुई है, भारत ने अभूतपूर्व और अकल्पनीय bridges बनाए हैं। Gulf से लेकर Global West तक, Global South से लेकर पड़ोसी देशों तक भारत सभी का trusted partner है। कुछ लोग पूछते हैं, हम किसके साथ हैं? तो उनको मेरा जवाब यही है कि हम भारत के साथ हैं, हम भारत के हितों के साथ हैं, शांति के साथ हैं, संवाद के साथ हैं।

साथियों,

संकट के इसी समय में जब global supply chains डगमगा रही हैं, भारत ने diversification और resilience का मॉडल पेश किया है। Energy हो, fertilizers हों या essential goods अपने नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए भारत ने निरंतर प्रयास किया है और आज भी कर रहे है।

साथियों,

जब राष्ट्रनीति ही राजनीति का मुख्य आधार हो, तब देश का भविष्य सर्वोपरि होता है। लेकिन जब राजनीति में व्यक्तिगत स्वार्थ हावी हो जाता है, तब लोग देश के फ्यूचर के बजाय अपने फ्यूचर के बारे में सोचते हैं। आप ज़रा याद कीजिए 2004 से 2010 के बीच क्या हुआ था? तब कांग्रेस सरकार के समय पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों का संकट आया था और तब कांग्रेस ने देश की नहीं बल्कि अपनी सत्ता की चिंता की। उस वक्त कांग्रेस ने एक लाख अड़तालीस हज़ार करोड़ रुपए के ऑयल बॉन्ड जारी किए थे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने खुद कहा था कि वो आने वाली पीढ़ी पर कर्ज का बोझ डाल रहे हैं। यह जानते हुए भी कि ऑयल बॉन्ड का फैसला गलत है, जो रिमोट कंट्रोल से सरकार चला रहे थे, उन लोगों ने अपनी सत्ता बचाने के लिए यह गलत निर्णय किया क्योंकि जवाबदेही उस समय नहीं होनी थी, उस बॉन्ड पर री-पेमेंट 2020 के बाद होनी थी।

साथियों,

बीते 5-6 वर्षों में हमारी सरकार ने कांग्रेस सरकार के उस पाप को धोने का काम किया है, और इस धुलाई का खर्चा कम नहीं आया है, ऐसी लाँड्री आपने देखी नहीं होगी। 1 लाख 48 हज़ार करोड़ रुपए की जगह, देश को 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की पेमेंट करनी पड़ी क्योंकि इसमें ब्याज भी जुड़ गया था। यानी हमने करीब-करीब दोगुनी राशि चुकाने के लिए मजबूर हुए। आजकल कांग्रेस के जो नेता बयानों की मिसाइलें दाग रहे हैं, मिसाइल आई तो टीवी9 को मजा आएगा, उनकी इस विषय का जिक्र आते ही बोलती बंद हो जाती है।

साथियों,

पश्चिम एशिया में बनी परिस्थितियों पर मैंने आज लोकसभा में अपना वक्तव्य दिया है। दुनिया में जहां भी युद्ध हो रहे हैं, वो भारत की सीमा से दूर हैं। लेकिन आज की व्यवस्थाओं में कोई भी देश युद्धों से दुष्प्रभाव से दूर रहे, ऐसा संभव नहीं होता। अनेक देशों में तो स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी है। और इन हालातों में हम देख रहे हैं कि राजनीतिक स्वार्थ से भरे कुछ लोग, कुछ दल, संकट के इस समय में भी अपने लिए राजनीतिक अवसर खोज रहे हैं। इसलिए मैं टीवी9 के मंच से फिर कहूंगा, यह समय संयम का है, संवेदनशीलता का है। हमने कोरोना महासंकट के दौरान भी देखा है, जब देशवासी एकजुट होकर संकट का सामना करते हैं, तो कितने सार्थक परिणाम आते हैं। इसी भाव के साथ हमें इस युद्ध से बनी परिस्थितियों का सामना करना है।

साथियों,

दुनिया की हर उथल-पुथल के बीच, भारत ने अपनी प्रगति की गति को भी बनाए रखा है। अगर मैं 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद, बीते 23 दिनों का ही ब्यौरा दूं, तो पूरब से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक देश में हजारों करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का काम हुआ है। दिल्ली मेट्रो रेल के महत्वपूर्ण कॉरिडोर्स का लोकार्पण, सिलचर का हाई स्पीड कॉरिडोर का शिलान्यास, कोटा में नए एयरपोर्ट का शिलान्यास, मदुरै एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा देना, ऐसे अनेक काम बीते 23 दिनों में ही हुए हैं। बीते एक महीने के दौरान ही औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भव्य स्कीम को मंजूरी दी गई है। इसके तहत देशभर में 100 plug-and-play industrial parks विकसित किए जाएंगे। देश में Small Hydro Power Development Scheme को भी हरी झंडी दी गई है। इससे आने वाले वर्षों में 1,500 मेगावाट नई hydro power capacity जोड़ी जाएगी। इसी दौरान जल जीवन मिशन को साल 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। किसानों के हित में भी अनेक बड़े निर्णय लिए गए हैं। बीते एक महीने में ही पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। और जो हमारे MSMEs हैं, जो हमारे निर्यातक हैं, उनके लिए भी करीब 500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की भी घोषणा की गई है। यह सारे कदम इस बात का प्रमाण हैं कि विकसित भारत बनाने के लिए देश कितनी तेज गति से काम कर रहा है।

साथियों,

Management की दुनिया में एक सिद्धांत कहा जाता है - What gets measured, gets managed. लेकिन मैं इसमें एक बात और जोड़ना चाहता हूं, What gets measured, gets improved और ultimately, gets transformed. क्योंकि आकलन जागरूकता पैदा करता है। आकलन जवाबदेही तय करता है और सबसे महत्वपूर्ण आकलन संभावनाओं को जन्म देता है।

साथियों,

अगर आप 2014 से पहले के 10-11 साल और 2014 के बाद के 10-11 साल का आप आकलन करेंगे, तो यही पाएंगे कि कैसे इसी सिद्धांत पर चलते हुए, भारत ने हर सेक्टर को Transform किया है। जैसे पहले हाईवे बनते थे, करीब 11-12 किलोमीटर प्रति दिन की रफ्तार से, आज भारत करीब 30 किलोमीटर प्रतिदिन की स्पीड से हाईवे बना रहा है। पहले पोर्ट्स पर शिप का Turnaround Time, 5-6 दिन का होता था। आज वही काम, करीब-करीब 2 दिन से भी कम समय में पूरा हो रहा है। पहले Startup Culture के बारे में चर्चा ही नहीं होती थी। 2014 से पहले, हमारे देश में 400-500 स्टार्ट अप्स ही थे। आज भारत में 2 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रर्ड स्टार्ट अप्स हैं। पहले मेडिकल education में सीटें भी सीमित थीं, करीब 50-55 हजार MBBS seats थीं, आज यह बढ़कर सवा लाख से ज्यादा हो चुकी हैं। पहले देश के Banking system से भी करोड़ों लोग बाहर थे। देश में सिर्फ 25 करोड़ के आसपास ही बैंक account थे। वहीं जनधन योजना के माध्यम से 55 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट खुले हैं। पहले हमारे देश में airports की संख्या भी 70 से कम थी। आज एयरपोर्ट्स की संख्या भी बढ़कर 160 से ज्यादा हो चुकी है।

साथियों,

पहले भी योजनाएं तो बनती थीं, लेकिन आज फर्क है, आज परिणाम दिखते हैं। पहले गति धीमी थी, आज भारत fastrack पर है। पहले संभावनाएं भी अंधकार में थीं, आज संकल्प सिद्धियों में बदल रहे हैं। इसलिए दुनिया को भी यह संदेश मिल रहा है कि यह नया भारत है। यह अपने विकास के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है।

साथियों,

आज हमारा प्रयास है कि अतीत में विकास का जो असंतुलन पैदा हो गया था, उसको अवसरों में बदला जाए। अब जैसे हमारा पूर्वी भारत है। हमारा पूर्वी भारत संसाधनों से समृद्ध है, दशकों तक वहां जिन्होंने सरकारें चलाई हैं, उनकी उपेक्षा ने पूर्वी भारत के विकास पर ब्रेक लगा दी थी। अब हालात बदल रहे हैं। जिस असम में कभी गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, आज वहां सेमीकंडक्टर यूनिट बन रही है। ओडिशा में सेमीकंडक्टर से लेकर पेट्रोकेमिकल्स तक अनेक नए-नए सेक्टर का विकास हो रहा है। जिस बिहार में 6-7 दशक में गंगा जी पर एक बड़ा पुल बन पाया था एक, उस बिहार में पिछले एक दशक में 5 से ज्यादा नए पुल बनाए गए हैं। यूपी में कभी कट्टा मैन्युफैक्चरिंग की कहानियां कही जाती थीं, आज यूपी, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है।

साथियों,

पूर्वी भारत का एक और बड़ा राज्य पश्चिम बंगाल है। पश्चिम बंगाल, एक समय में भारत के कल्चर, एजुकेशन, इंडस्ट्री और ट्रेड का हब होता था। बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए बड़ी मात्रा में निवेश किया है। लेकिन दुर्भाग्य से, आज वहां एक ऐसी निर्मम सरकार है, जो विकास पर ब्रेक लगाकर बैठी है। TV9 बांग्ला के जो दर्शक हैं, वो जानते हैं कि बंगाल में आयुष्मान योजना पर निर्मम सरकार ने ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम आवास योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। चाय बागान श्रमिकों के लिए शुरू हुई योजना के लिए ब्रेक लगाया हुआ है। यानी विकास और जनकल्याण से ज्यादा प्राथमिकता निर्मम सरकार अपने राजनीतिक स्वार्थ को दे रही है।

साथियों,

देश में इस तरह की राजनीति की शुरुआत जिस दल ने की है, वो अपने गुनाहों से बच नहीं सकती और वो पार्टी है - कांग्रेस। कांग्रेस पार्टी की राजनीति का एक ही लक्ष्य रहा है, किसी भी तरह विकास का विरोध और कांग्रेस यह तब से कर रही है, जब मैं गुजरात में था। गुजरात में वर्षों तक जनता ने हमें आशीर्वाद दिया, तो कांग्रेस ने उस जनादेश को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने गुजरात की छवि पर सवाल उठाए, उसकी प्रगति को कटघरे में खड़ा किया और जब यही विश्वास पूरे देश में दिखाई दिया, तो कांग्रेस का विरोध भी रीजनल से नेशनल हो गया।

साथियों,

जब राजनीति में विरोध, विकास के विरोध में बदल जाए, जब आलोचना देश की उपलब्धियों पर सवाल उठाने लगे, तब यह सिर्फ सरकार का विरोध नहीं रह जाता, यह देश की प्रगति से असहज होने की मानसिकता बन जाती है। आज कांग्रेस इसी मानसिकता की गुलाम बन चुकी है। आज स्थिति यह है कि देश की हर सफलता पर प्रश्न उठाया जाता है, हर उपलब्धि में कमी खोजी जाती है और हर प्रयास के असफल होने की कामना की जाती है। कोविड के समय, देश ने अपनी वैक्सीन बनाई, तो कांग्रेस ने उस पर भी संदेह जताया। Make in India की बात हुई, तो कहा गया कि यह सफल नहीं होगा, बब्बर शेर कहकर इसका मजाक उड़ाया गया। जब देश में डिजिटल इंडिया अभियान शुरू हुआ, तो उसका मजाक उड़ाया गया। लेकिन हर बार यह कांग्रेस का दुर्भाग्य और देश का सौभाग्य रहा कि भारत ने हर चुनौती को सफलता में बदला। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीनेशन ड्राइव का उदाहरण है। भारत डिजिटल पेमेंट्स में दुनिया का अग्रणी देश है। भारत मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप्स में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

साथियों,

लोकतंत्र में विरोध जरूरी होता है। लेकिन विरोध और विद्वेष के बीच एक रेखा होती है। सरकार का विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन देश को बदनाम करना, यह कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़ा करता है। जब विरोध इस स्तर तक पहुंच जाए कि देश की उपलब्धियां भी असहज करने लगें, तो यह राजनीति नहीं, यह दृष्टिकोण की समस्या है। अभी हमने ग्लोबल AI समिट में भी देखा है। जब पूरी दुनिया भारत में जुटी हुई थी, तो कांग्रेस के लोग कपड़े फाड़ने वहां पहुंच गए थे। इन लोगों को देश की इज्जत की कितनी परवाह है, यह इसी से पता चलता है। इसलिए आज आवश्यकता है कि देशहित को, दलहित से ऊपर रखा जाए क्योंकि अंत में राजनीति से ऊपर, राष्ट्र होता है, राष्ट्र का विकास होता है।

साथियों,

आज का यह दिन भी हमें यही प्रेरणा देता है। आज के ही दिन शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। आज ही, समाजवादी आंदोलन के प्रखर आदर्श डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की जयंती भी है। यह वो प्रेरणाएं हैं, जिन्होंने देश को हमेशा स्व से ऊपर रखा है। देशहित को सबसे ऊपर रखने की यही प्रेरणा, भारत को विकसित भारत बनाएगी। यही प्रेरणा भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी। मुझे पूरा विश्वास है कि टीवी9 की यह समिट भी भारत के आत्मविश्वास और दुनिया के भरोसे पर, भारतीयों पर जो भरोसा है, उस भरोसे को और सशक्त करेगी। आप सभी को मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं और आपके बीच आने का अवसर दिया, आप सबसे मिलने का मौका लिया, इसलिए बहुत-बहुत धन्यवाद!

नमस्‍कार!