Today India is known for giving a befitting reply to anyone who challenges its borders: PM Modi at Latur rally
Under Modi's leadership, it is a guarantee to provide tap water to every sister’s household: PM Modi in Latur

भारत माता की.. भारत माता की.. छत्रपति शिवाजी महाराज की.. छत्रपति शिवाजी महाराज की। शैक्षणिक क्षेत्रात लातूरचे नाव गाजवणाऱ्या लातूरकरांना माझा नमस्कार। आई तुलजाभवानी और सिद्धेश्वर महादेव को भी मैं श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं।

भाइयों और बहनों,

यह छत्रपति शिवाजी महाराज की धरती है, छत्रपति शिवाजी महाराज हमारी प्रेरणा हैं। उन्हें जब राजपाट मिल गया तो वह भी आराम कर सकते थे, लेकिन उन्होंने स्वराज के लिए निरंतर आगे बढ़ने का रास्ता चुना। उनको अपनी चिंता नहीं थी, उनको राष्ट्र की चिंता थी और इसलिए ये चुनाव जो है वो भी सिर्फ इस बात के लिए नहीं है कि हमारे सुधाकर जी को सांसद बनाना है। यह बड़े ध्येय का चुनाव है, यह बड़े लक्ष्यों का चुनाव है और इसलिए सुधाकर जी जैसे साथियों का संसद में पहुंचना और मुझे मजबूत करना और इसलिए मैं आपके पास आशीर्वाद मांगने आया हूं। अब आप मुझे बताइए जो लोग प्रधानमंत्री भी किस्तों में बनाना चाहते हैं, वो बड़े लक्ष्य हासिल कर सकते हैं क्या? कुछ अचीव कर सकते हैं क्या? आपको पता है ना उन्होंने तय किया है, हर वर्ष एक प्रधानमंत्री..दूसरे वर्ष दूसरा..तीसरे वर्ष तीसरा बताइए..

साथियों,

मैं जब एक भारत-श्रेष्ठ भारत की बात करता हूं तो कांग्रेस के शहजादे को बुखार चढ़ जाता है। कहते हैं कि मोदी एक भारत की बात क्यों करता है? भारत को खंड-खंड में देखने वाले लोग प्रधानमंत्री पद को भी खंड-खंड में बांटना चाहते हैं। पांच साल में 5 पीएम का इनका प्लान यानी बारी-बारी देश को लूटने की योजना। मैं जरा लातूर के भाई-बहनों से पूछना चाहता हूं क्या ऐसे लोगों को रत्ती भर भी मौका दे सकते हैं क्या? दुनिया के इस चुनौतीपूर्ण समय में क्या हम देश को अस्थिरता में झोंक सकते हैं क्या?

भाइयों और बहनों,

कांग्रेस ने आपको लूटने का भी एक बहुत खतरनाक प्लान बनाया है। कांग्रेस कहती है वो पहले देशवासियों की कमाई का एक्सरे करेगी, फिर आपकी संपत्ति पर कब्जा करेगी और फिर उसे अपने वोट बैंक को बांट देगी। आप मुझे बताइए आप अपनी संपत्ति कांग्रेस को देना चाहेंगे क्या? उनकी सरकार कब्जा करना चाहे कब्जा करने देंगे क्या? ये आपकी गाढ़ी कमाई, मेहनत की कमाई उसको लूटने देंगे क्या?

साथियों,

कांग्रेस की नजर सिर्फ आपकी वर्तमान कमाई पर ही नहीं है लेकिन आप जो संपत्ति अपने बच्चों के लिए जोड़ रहे हैं उस पर भी कांग्रेस गिद्ध नजर लगा कर के बैठी हुई है। आपने सुना होगा उनके महाशय क्या कह रहे हैं? अब हमारे देश में तो हम लोग खुद मेहनत करते हैं भोग नहीं करते हैं, जरूरत से ही जिंदगी पूरी करते हैं और पाई-पाई बचाते रहते हैं हमारे स्वभाव में है। और हर मां-बाप की इच्छा रहती है कि कुछ न कुछ बचाएं ताकि मरने के बाद कुछ अपने संतानों को देकर के जाए। यह हर मां-बाप की इच्छा होती है कि नहीं होती है? गरीब से गरीब मां-बाप होगा तो भी बच्चों को कुछ देकर के जाना चाहता है कि नहीं जाना चाहता है, अब ये कहते हैं कि आपने जो कमाया है जो जमा किया है वो पूरा का पूरा आप अपने संतानों को नहीं दे सकते हैं अगर आपने 10 एकड़ भूमि है और बच्चों को मरने के बाद देना चाहते हो तो पांच एकड़ दे पाओगे पांच एकड़ ये कांग्रेस का मकसद है वो ले लेंगे। आपके पास दो घर है एक घर आप बेटे को नहीं दे पाएंगे एक ही दे पाएंगे और इसलिए वह इनहेरिटेंस टैक्स लगाने की बात करते हैं। जो मरने के बाद आपकी संपत्ति बच्चों को मिलने वाली है उसमें से आधे से ज्यादा 55 प्रतिशत वो मार लेंगे। क्या ऐसे कातिल पंजे, जो आपकी मेहनत की कमाई को लूटना चाहते हैं, ऐसे पंजे को कहीं पर भी जगह मिलनी चाहिए क्या? आज पूरा देश जानता है यह कांग्रेस पार्टी के शाही परिवार ने अपने बच्चों के लिए कौन सी विरासत छोड़ी, ढेर सारा पैसा देश के प्राइम लोकेशन की जमीने, पावर और प्रिविलेज और कांग्रेस पार्टी के शाही परिवार ने छह दशक में देश को कौनसी विरासत दी? देश को विरासत में वो गरीबी के सिवा कुछ नहीं दे पाए हैं अरे शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का आभाव।

साथियों,

आज आप किसी भी दिन अगर टीवी देखिए अखबार उठाइए ऐसी अनेक खबरें होती हैं, जो बताती है कि हमारा देश भारत कैसे तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। और अभी शिंदे जी कुछ वर्णन कर रहे हैं कोई ना कोई सेक्टर चाहे मार्केट हो, मैन्युफैक्चरिंग हो, स्पेस हो, डिफेंस हो, कोई ना कोई अच्छी खबर विकास की खबर हमारे भविष्य को मजबूती देने वाली खबर कोई न कोई नया रिकॉर्ड बनता हुआ हर दिन कहीं पढ़ने को मिलता है कहीं सुनने को मिलता है कहीं जानने को मिलता है। लेकिन 2014 के पहले का समय याद कीजिए वो कालखंड याद कीजिए और यह जो फर्स्ट टाइम वोटर हैं ना जो पहली बार मतदान करने वाले हैं उन मेरे नौजवानों को मैं खास कहना चाहता हूं। आप उस समय आठ या 10 साल के होंगे और इसलिए उस समय क्या हाल था वह शायद आपके स्मृति में नहीं होगा। आपके ध्यान में नहीं होगा और आप तो गूगल की दुनिया के लोग हो गूगल गुरु के शिष्य हो जरा 2014 के पहले गूगल पर जाकर उस समय के अखबार और टीवी देख लीजिए क्या मिलेगा, तब आपको पढ़ने को मिलेगा रेलवे स्टेशन पर बस स्टेशन पर अनाउंसमेंट होता था कहीं पर मेला लगा है तो अनाउंसमेंट होता था कहीं पर भीड़ जमा हो रही है तो अनाउंसमेंट होता था सावधान कोई लावारिस चीज दिखाई दे तो उसको हाथ मत लगाना कोई लावारिस बैग दिखती है तो पुलिस को जानकारी दो, कहीं लावारिस टिफिन बॉक्स दिखता है पुलिस को जानकारी दो, कहीं लावारिस कुकर दिखता है तो दूर रहो क्यों उसमें कहीं बम होंगे, हाथ लगाओगे तो बम फूटेगा। पूरे देश में चौबीसों घंटे हर महत्त्वपूर्ण जगह पर ये लावारिस चीजों की सूचना दी जाती थी। मैं सही कह रहा हूं नहीं कह रहा हूं? जो पुराने लोग हैं बताइए मैं सही कह रहा हूं कि नहीं कह रहा हूं? ये मोदी के आने के बाद कहां गई लावारिस चीजें भाई, देश तो वही है उस समय और मैं फर्स्ट टाइम वोटर को खास कहता हूं जरा देखिए उस समय अखबारों की हेडलाइन हुआ करती थी दिल्ली में बम ब्लास्ट, मुंबई में बम ब्लास्ट, भारतीय पुलिस आधुनिक आतंक से निपटने के लिए तैयार नहीं, आज भारत अपनी सीमाओं पर आंख उठाने वालों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए जाना जाता है। कांग्रेस के उस दौर में हेडलाइन होती थी भारत ने मुंबई आतंकी हमले पर पाकिस्तान को एक और डोजियर सौंपा, डोजियर सौपा यह बहुत बड़ी खबर होती थी हमारे कुछ ऐसे मीडिया में बैठे लोग थे वो भी ताली बजाते थे हां देखो डोजियर भेज दिया, मतलब घटना की फाइल भेजना। आज भारत डोजियर नहीं भेजता है आज भारत घर में घुस करके मारता है। अब नए भारत के हेडलाइन होती है मिशन एलओसी, भारत ने पाकिस्तान को सर्जिकल स्ट्राइक करके सजा दी, छपती है कि नहीं छपती है।

साथियों,

कांग्रेस ने अपने शासन में भारतीय अर्थव्यवस्था को तबाह करके रख दिया था, तब की हेडलाइन होती थी विकास दर एक बार फिर गिरी, ये खबरें होती थीं ये सभी बैठें हैं सब यहां। 25 साल में सबसे खराब जीडीपी आंकड़ा आज हेडलाइन होती है क्या? उस जमाने में होता था आज हेडलाइन क्या होती है, भारत 2024 में दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा, कांग्रेस के राज में हर सुबह हम अखबारों में एक नए घोटाले का नाम पढ़ते थे हेडलाइन होती थी, कोलगेट.. कोयले में इतने लाख करोड़ का घोटाला। अब आज हेडलाइन क्या होती है, आज भ्रष्टाचारियों के लिए क्या हेडलाइन होती है आप जानते हैं? आज हेडलाइन होती है आज यहां से इतने करोड़ पकड़े गए, आज इतने करोड़ वहां से पकड़े गए, आज नोटों की गड्डियां गाड़ी के नीचे से पकड़ी गई आज इतने रुपयों का ढेर गैराज में से पकड़ा गया, यह खबरें आती हैं कि नहीं आती है और आपने मुझे यह काम के लिए बिठाया कि नहीं बिठाया है, यह काम मुझे करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए और आज ये माल लूटने वाले जेलों के सलाखे में सड़ रहे हैं और मैं देशवासियों को आश्वासन देता हूं गारंटी देता हूं, जिन्होंने देश को लूटा है, जिन्होंने देश को लूटा है उन्हें लौटाना ही पड़ेगा और ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

हमारे देश के लोग हमेशा से ही परिश्रमी रहे हैं। हमारे देश का युवा हमेशा टैलेंटेड रहा है लेकिन कांग्रेस ने 60 साल तक भारत के युवाओं के सपनों को, भारत के नागरिकों के सपनों को कुचलने का पाप किया है। कांग्रेस ने सिर्फ एक परिवार की सोची, मोदी देश के हर परिवार की सोचता है। मेरा भारत- मेरा परिवार, मैं चाहता हूं कि देश के नागरिकों के जीवन से सरकार का दखल पूरी तरह समाप्त हो जाए और इसलिए हम पुराने जो बेकार हो चुके कानून है उनको समाप्त कर रहे हैं पुराने नियमों को आसान बना रहे हैं। पिछले साल ही हमने 40 हजार से ज्यादा कंप्लायंसिस को खत्म किया, आज जब देश के नागरिकों से ये बोझ हटा है उनके सामने से रुकावटें हटी हैं तो वो भी हर सेक्टर में बेहतरीन प्रयास कर रहे हैं। मैं आपको स्पोर्ट्स का उदाहरण देता हूं खेलकूद का उदाहरण देता हूं और हमारा महाराष्ट्र को देश को नाम देता है स्पोर्ट्स की दुनिया में, हमारे नौजवान हमारी बेटियां अद्भुत करती है जी। आज ओलंपिक में, पैरालंपिक में, एशियन गेम्स में, कॉमनवेल्थ गेम्स में, यूनिवर्सिटी गेम्स में भारत की खिलाड़ी दशकों पुराने रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। भारत के नागरिकों में आया ये आत्मविश्वास हमें विकसित भारत के लक्ष्य तक पहुंचाएगा और मैं मेरे नौजवानों मेरा ड्रीम है 2029 में युवा ओलंपिक हिंदुस्तान में हो। मेरा ड्रीम है 2036 में भारत में ओलंपिक का खेल हो। मोदी छोटा सोच ही नहीं सकता। यह परमात्मा ने मुझे जब मैन्युफैक्चर किया ना तो वो छोटे वाली चिप नहीं रखी, बड़े वाली चिप रखी है।

साथियों,

लातूर की ये धरती हमें सिखाती है कि बड़ी से बड़ी आपदा से कैसे निकला जाता है? हमारे देश में भी करोड़ों-करोड़ लोग ऐसे हैं जिन्होंने पीढ़ी दर पीढ़ी बहुत आपदा झेली है संकट झेले हैं ऐसे साथियों के लिए ही संविधान में आरक्षण की व्यवस्था की गई। एक ऐसी व्यवस्था है जिसे कोई नहीं छीन सकता है। और मेरा तो दावा है खुद बाबा साहब अंबेडकर आकर के भी अब इसको नहीं छीन सकते हैं। लेकिन, कांग्रेस अब एससी-एसटी-ओबीसी के आरक्षण को कम करके अपने वोट बैंक को देना चाहती है। इस बार कांग्रेस का मेनिफेस्टो उस मेनिफेस्टो पर मुस्लिम लीग की छाप है, इसलिए महाराष्ट्र के लोगों को लातूर के लोगों को यह कांग्रेस से बहुत सावधान होने की जरूरत है।

साथियों,

कांग्रेस ने कभी एससी-एसटी-ओबीसी नेतृत्व को आगे नहीं बढ़ने दिया। कांग्रेस के मोदी से चिढ़ने की एक वजह ये भी है कि मोदी दलित, पीड़ित, शोषित, वंचित की बात करता है। आप पिछले 10 सालों में देखिए 10 सालों में एससी-एसटी-ओबीसी के सबसे ज्यादा एमपी-एमएलए भारतीय जनता पार्टी और एनडीए के साथ हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल में 60 परसेंट से ज्यादा मंत्री एससी-एसटी-ओबीसी समाज से हैं। आज देश का एससी-एसटी-ओबीसी समाज मोदी पर बीजेपी पर इसलिए भरोसा करता है क्योंकि 10 साल में ऐसे करोड़ों परिवारों का जीवन बदला है। किसी को मुफ्त राशन मिला, किसी को मुफ्त इलाज मिला, ऐसे करोड़ों साथी हैं जिनको अनेक पीढ़ियों के बाद उनका पहला पक्का घर दिया। एससी- एसटी- ओबीसी परिवारों के ऐसे लाखों नौजवान हैं जिनके पास बैंक को गारंटी देने के लिए कुछ नहीं था उनकी गारंटी मोदी ने ली। मोदी ने ऐसे करोड़ों युवाओं को मुद्रा लोन दिया और आज वो अपना कारोबार कर रहे हैं। ऐसा हर युवा आज कह रहा है फिर एक बार.. फिर एक बार.. फिर एक बार..

साथियों,

2014 और 2019 में आपने हमें भरपूर आशीर्वाद दिए, आपने जनादेश दिया था। हमने उसका उपयोग किसी से कुछ छीनने के लिए नहीं बल्कि देने के लिए ही किया है। हमने एससी-एसटी का आरक्षण जो पॉलिटिकल फील्ड का रिजर्वेशन है हमने 10 साल आ करके बढ़ा दिया। हमने ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा दिया, हमने मेडिकल की परीक्षा में ओबीसी को आरक्षण दिया, हमने आपके जनादेश का सदुपयोग करते हुए देश की नारी शक्ति की दशकों पुरानी मांग को भी पूरा किया। एनडीए ने लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को आरक्षण दिया, इतना ही नहीं एनडीए ने किसी का हक छीने बिना सामान्य समाज के जो गरीब परिवार के संतान हैं उनके लिए 10 प्रतिशत आरक्षण दिया यानी एनडीए सरकार सामाजिक न्याय को ताकत देने वाली सरकार है। कांग्रेस और इंडी अघाड़ी वाले जो झूठी बातें फैलाते हैं उनके मन में खोट है इस झूठ की आड़ में वो बड़ा खेल करने की फिराक में है।

भाइयों और बहनों,

देश पर लंबे समय तक राज करने वाली कांग्रेस और समस्याओं के बीच एक अजीब रिश्ता है, कांग्रेस और समस्या ये जुड़वा भाई हैं। कांग्रेस कभी भी किसी समस्या को खत्म करने का प्रयास नहीं करती क्योंकि लोगों की परेशानी से ही वो वोटों की फसल काटती है। यहां लातूर में लंबे समय तक पानी की समस्या रही, लेकिन क्या कभी कांग्रेस ने इस समस्या का स्थाई समाधान का प्रयास किया। हर घर पानी-हर खेत पानी पहुंचाने के लिए हम मिशन मोड पर काम कर रहे। यहां पहले देवेंद्र जी के नेतृत्व वाली सरकार हो या फिर अब एकनाथ जी शिंदे जी की सरकार हो पानी पर हम विशेष बल दे रहे हैं लेकिन कांग्रेस ने हमेशा पानी की योजनाओं को लटकाया है भटकाया है। जलयुक्त शिवार हो, मराठवाड़ा वाटर ग्रिड हो ऐसे कामों में अघाड़ी की सरकार ने अड़ंगे लगाए। अब महायुति की सरकार सिंचाई के हर प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा कर रही है।

साथियों,

मोदी ने हर बहन के घर तक नल से जल पहुंचाने की गारंटी दी है। मुझे खुशी है कि महाराष्ट्र के 20 हजार से अधिक गांवों में शत-प्रतिशत नल कनेक्शन पहुंच चुके हैं। और यहां लातूर में भी हर घर नल से जल का लक्ष्य ज्यादा दूर नहीं है।

भाइयों और बहनों,

लातूर शिक्षा और स्किल का एक सेंटर है। बीते 10 वर्ष में देश में शिक्षा और कौशल सेक्टर में अब उस पर उपलब्धियों के रहे। आईआईटी हो ट्रिपल आईटी हो आईआईएम हो या एम्स, इनका दायरा बहुत अधिक बढ़ा है। देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या और मेडिकल सीटों की संख्या दोगुनी हुई हैं। इसका लाभ लातूर के हमारे बेटे-बेटियों को भी हो रहा है।

साथियों,

लातूर आत्मनिर्भर भारत का भी हब बनता जा रहा है। भाजपा का मिशन है कि हम दलहन और तिलहन में आत्मनिर्भर बने। भाजपा का संकल्प है कि मैन्युफैक्चर में आत्मनिर्भर बने। इन दोनों लक्ष्यों को पाने में लातूर के किसान और लातूर के नौजवान बहुत बड़ी भूमिका भारत में कर सकते हैं। यहां के सोयाबीन किसान भारत को दलहन- तिलहन में आत्मनिर्भर बनाने में अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं, ये जो रेल कोच फैक्ट्री यहां स्थापित हुई है इसमें वंदे भारत ट्रेन के कोच भी बन रहे हैं। आने वाले पांच साल में देश के हर रूट में सैकड़ों नई वंदे भारत ट्रेनें चलेंगी। वंदे भारत मेट्रो चलेगी। यही नहीं विदेशों से भी मेड इन इंडिया ट्रेनों की डिमांड बढ़ रही है। इससे कितना काम यहां बढ़ेगा नई फैक्ट्री के लिए कितनी संभावनाएं बढ़ेंगी यह आप सोच सकते हैं। मराठवाड़ा रेल कोच फैक्ट्री की स्थापना ने इस क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति दी है।

भाइयों और बहनों,

लातूर को विकसित भारत-विकसित महाराष्ट्र का अहम सेंटर बनाने के लिए आपको भारी मतदान करना है। आप याद रखना आपके सपने आपके सपने ही मोदी का संकल्प है। मेरे साथी सुधाकर तुकाराम संगारे जी को आपका मिलने वाला एक-एक वोट सीधा-सीधा मोदी के खाते में जाएगा। आप घर-घर जाइएगा ज्यादा से ज्यादा मतदान कराएंगे? मतदान के रिकॉर्ड तोड़ेंगे? पोलिंग बूथ जीतेंगे? अच्छा मेरा एक और काम करेंगे? घर-घर जाना और परिवार के सब लोगों को कहना कि मोदी जी लातूर आए थे, मोदी जी ने आपको नमस्कार भेजा है। मेरा नमस्कार पहुंचा देंगे? मेरे साथ बोलिए भारत माता की.. जय भारत माता की.. भारत माता की..
बहुत-बहुत धन्यवाद।

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June 18, 2026

नमस्ते!

बों जू!

ऐसा लग रहा है, आप सब छुट्टी के मूड में हैं।

साथियों,

ये पेरिस शहर, Lights का शहर है, रंगों का शहर है, यहां Art है, Ideas हैं, और innovation की प्रेरणा भी है। इस शहर को भारत के अलग-अलग राज्यों से आए आप सभी लोग और भी खूबसूरत बना देते हैं। नए नए रंगों से भर देते हैं।

कोई तमिल है, कोई पंजाबी है, कोई गुजराती है, तो कोई मराठी है, और कोई बंगाली है। भारत के हर कोने का प्रतिनिधित्व यहां दिखाई देता है।

साथियों,

मैं जब 14 जून को नीस पहुंचा था तो सबसे पहले भारत इनोवेट्स कार्यक्रम में शामिल हुआ था। आज जब मैं फ्रांस से वापसी की तैयारी में हूं तो लग रहा है जैसे भारत कनेक्ट्स कार्यक्रम में आ गया हूं।

फ्रांस में रहने वाले आप लोगों ने 21वीं सदी के भारत-फ्रांस रिश्तों को जिस तरह कनेक्ट किया है, वो हमारी Strategic Partnership की बहुत बड़ी ताकत बन रही है। मैं आप सभी के लिए भारत से 140 करोड़ देशवासियों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं। इस आत्मीय स्वागत के लिए, मैं आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,

आज मैं ऐसे समय में फ्रांस आया हूं जब कुछ ही दिन पहले हमारी सरकार के 12 वर्ष पूरे हुए हैं। चुने हुए प्रधानमंत्री के रूप निरंतर 12 साल तक देश की सेवा करना मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है। यह भारत के लोकतंत्र की शक्ति है जिसने एक चायवाले को यहां तक पहुंचा दिया।

साथियों,

बीते 12 वर्ष, 140 करोड़ भारतीयों के अद्भुत सामर्थ्य के रहे हैं। 12 साल के इस कालखंड में भारत का GDP दोगुना हुआ है। Airports की संख्या दोगुनी हुई है। Universities की संख्या भी दोगुनी हो गई है। Highway Construction की स्पीड तीन गुना बढ़ गई। और Metro Network, चार गुणा बड़ा हो गया है।

मैं आपको कुछ और फैक्ट्स दूंगा, उससे आप अंदाजा लगा पाएंगे कि भारत किस स्पीड और कितने बड़े स्केल पर काम कर रहा है। पिछले 12 वर्षों में भारत का Defence Export 35 गुणा यानि Thirty Five Times बढ़ गया है।

औऱ एक फैक्ट सुनिए भारत में मोबाइल मैन्यूफैक्टरिंग यूनिट्स में, 100 गुणा की बढ़ोतरी हुई है। 100 times. भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा mobile phone manufacturer है। इसी गति, इसी प्रगति का नतीजा है कि आज भारत दुनिया की Fastest Growing Major Economy है।

साथियों,

आज भारत की कहानी सिर्फ Economic Progress की कहानी नहीं है। सिर्फ यहाँ अटक नहीं जाती है। ये Social Transformation की भी कहानी है।

पिछले 12 साल में देश में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। यानि एक ऐसी प्रगति जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। फ्रांस में जितने घर हैं, उससे भी अधिक पक्के घर बीते 12 वर्ष में हमने जरूरतमंदों के लिए बनाए हैं।

अब हर परिवार के पास, गरीब से गरीब क्यों न हो, Bank Account है। Financial Inclusion एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का अभियान बना है।

साथियों,

इन 12 वर्षों की उपलब्धियों में, एक उपलब्धि ऐसी भी है जिसे किसी आंकड़े से, या अंकों से, नहीं मापा जा सकता। वह है 140 करोड़ भारतीयों का आत्मविश्वास।

आज का भारत और आज के भारत का युवा बहुत बड़े सपने देख रहा है। भारत का किसान नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत की महिलाएं नए नेतृत्व का परिचय दे रही हैं। इसलिए ये सिर्फ Achievements के 12 साल नहीं हैं, ये भारत की एस्पिरेशन्स को नई बुलंदी देने का कालखंड रहा है।

साथियों,

एक समय था जब दूर-दराज के गांवों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाना वाकई बहुत मुश्किल भरा था। आज उन्हीं गांवों में बिजली भी है, इंटरनेट भी है, और डिजिटल सेवाओं की पूरी दुनिया भी है। आज एक क्लिक पर, कभी भी, कहीं भी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध हैं।

आज मोबाइल फोन, भारत के नागरिकों को अनेक सुविधाओं से कनेक्ट कर रहा है। हमारे किसान, हमारे मछुआरे, हमारे dairy farmers, हमारी महिलाएं, हमारे स्टूडेंट्स, सभी टेक्नोलॉजी के माध्यम से सशक्त हो रहे हैं, और अपने लिए नए अवसर बना रहे हैं।

साथियों,

आपने 125 करोड़ से अधिक Aadhaar IDs के बारे में सुना है। लेकिन आज भारत सिर्फ पहचान को डिजिटल नहीं बना रहा। आज करीब 90 करोड़ भारतीयों की Unique Digital Health IDs बनाई जा चुकी हैं। जिससे मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित और accessible बन गए हैं। इससे हेल्थकेयर डिलीवरी और अधिक आसान और efficient हो रही है।

साथियों,

इन उपलब्धियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें से अधिकांश चीजें कुछ वर्ष पहले तक कल्पना जैसी लगती थीं। कौन सोच सकता था कि गांव-गांव तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचेगा ? कौन सोच सकता था कि दूर-सुदूर के गांवों में भी QR code जीवन का हिस्सा बन जायेगा ? गांव में कोई बहन, ड्रोन से खेती करने में मदद करेगी, ये भी असंभव लगता था।

लेकिन आज यह सब, भारत के करोड़ों लोगों के जीवन का सामान्य हिस्सा बनता जा रहा है। और आपको गर्व होगा साथियों, यही नए भारत की पहचान है।

जो कभी सपना था, वह आज सच्चाई है। जो कभी नामुमकिन लगता था, वो आज मुमकिन हुआ है, औऱ ये करने के पीछे सबसे बड़ी ताकत क्या है? किसकी वजह से ये सब संभव हुआ है? यह मोदी के कारण नहीं, वो ताकत है- भारत का लोकतंत्र, भारत की डेमोक्रेसी। इस डेमोक्रेसी में सबका साथ है, सबका विकास है।

साथियों,

आज से 50 या 100 साल बाद जब भारत के इस कालखंड की समीक्षा होगी, तो ये बात उभरकर सामने आएगी कि इस कालखंड को भारत की Aspirations ने ड्राइव किया। यह भारत के एस्पिरेशन्स का नया युग है।

जहां बिजली पहुंची है, वहां लोग सिर्फ बिजली नहीं चाहते, वे Smart Living चाहते हैं। जहां ट्रेन पहुंची है, वहां लोग High-Speed Connectivity चाहते हैं। जहां हाईवे बने हैं, वहां लोग World-Class Expressways चाहते हैं। जहां इंटरनेट पहुंचा है, वहां लोग AI और Digital Innovation में नेतृत्व चाहते हैं।

यानि आज भारत के लोग अपने जीवन को भी Next Level पर ले जाना चाहते हैं, और भारत को भी Next Level पर ले जाना उनका मकसद है, उनका संकल्प है, उनके सपने है।

और साथियों,

यही Aspirations आज भारत की विकास यात्रा की सबसे बड़ी शक्ति हैं। मैं आपको भारत की Space Journey का उदाहरण दूंगा।

भारत ने चंद्रयान को चंद्रमा के South Pole पर उतारा। दुनिया ने इसे एक बहुत बड़ी उपलब्धि माना। लेकिन भारत इसे अपनी मंजिल मानकर रुका नहीं। आज देश गगनयान की तैयारी कर रहा है। भारत अंतरिक्ष में अपना Space Station बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

हमारे Space Startups Global Space Economy में अपनी जगह बनाने के लिए पुरजोश काम कर रहे हैं, आगे बढ़ रहे हैं।

साथियों,

Green Energy के क्षेत्र में भी भारत की यही एस्पिरेशंस दिखाई देती है। Solar Power में भारत की उपलब्धियों की दुनिया भर में लगातार चर्चा हो रही हैं। लेकिन भारत अगली छलांग की तैयारी कर रहा है।

Green Hydrogen में बड़े निवेश हो रहे हैं। Advanced Nuclear Energy पर तेजी से काम हो रहा है। आपने भारत के Fast Breeder nuclear Reactor से जुड़ी प्रोग्रेस के बारे में भी सुना ज़रूर होगा। ये भारत के न्यूक्लियर एनर्जी लैंडस्केप में क्रांतिकारी परिवर्तन करने का बहुत बड़ा अचीवमेंट हमारे सीसेन्टिस्टों ने किया है।

साथियों,

आज का भारत भविष्य का पूरा Ecosystem बना रहा है। भारत एक साथ हर उस क्षेत्र में निवेश कर रहा है, जो आने वाले दशकों की दिशा तय करेगा।

अभी आपने कुछ दिन पहले ही देखा है नीस में भारत इनोवेट्स का एक आयोजन किया। ये इवेंट भारत के डीप टेक सामर्थ्य को दुनिया तक पहुंचाने का एक और माध्यम था। इसमें भारत के 120 Deep-Tech Startups उपस्थित थे। Bharat Innovates में करीब एक हजार चार सौ B2B Meetings हुईं है। कई Startups के लिए Investment Commitments आगे बढ़ीं, Commercial Orders के लिए रास्ते खुले। French और European Universities तथा Incubators के साथ Engagements बढ़ रही हैं।

Student Exchanges, Joint Research, और Innovation Support के नए रास्ते बने। इसलिए Bharat Innovates सिर्फ एक Summit नहीं रहा। यह Innovation Diplomacy का एक नया मॉडल बना है।

और आज ही पेरिस में VivaTech इवेंट के जरिए, इस यात्रा को हमने और आगे बढ़ाया। नीस में हमने Ideas को Capital से जोड़ा और पेरिस में Indian Innovation को Global Scale से जोड़ा। आज दुनिया देख रही है भारत केवल भविष्य के लिए तैयार नहीं हो रहा है। भारत भविष्य को आकार दे रहा है।

साथियों,

एक समय था, जब देशों के बीच रिश्ते केवल व्यापार से तय होते थे। आज व्यापार के साथ-साथ Trust यानि भरोसा भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है।

हर देश Reliable Supply Chains चाहता है। हर देश Stable Partnerships चाहता है। हर देश ऐसे साथियों की तलाश में है, जिन पर लंबे समय तक भरोसा किया जा सके। और ऐसे समय में, भारत विश्व में एक Trusted Partner के रूप में उभर रहा है।

एवियां में G7 बैठक के दौरान मैंने trust based partnerships बनाने पर ज़ोर दिया। ग्लोबल साउथ के देशों के साथ equal पार्टनर्स के रूप में आगे बढ़ने का आह्वान किया। भारत का G7 समिट में संदेश था Global Governance तभी प्रभावी होगी जब वह Inclusive होगी। Global Growth तभी Sustainable होगी जब वह शेयर्ड होगी। और Global Technology तभी मानवता के लिए उपयोगी होगी जब वह Trusted होगी।

साथियों,

भारत और दुनिया के बीच व्यापारिक रिश्तों में नई ऊर्जा नज़र आ रही है। फ्रांस के साथ भारत का ट्रेड लगतार बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने दुनिया के अनेक देशों के साथ Free Trade Agreements किए हैं। यूरोपियन यूनियन हो, यूनाइटेड किंगडम हो दुनिया के हर देश, हर रीजन के साथ भारत समझौते कर रहा है।

अगले महीने से भारत और UK के बीच ट्रेड एग्रीमेंट भी लागू हो जाएगा। यह एग्रीमेंट भारत के farmers, workers और innovators को अनेक नए अवसर प्रदान करेगा।

साथियों,

आज दुनिया Uncertainty और Disruption के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत और फ्रांस की साझेदारी विश्वास, स्थिरता और सहयोग का एक मजबूत स्तंभ बन रहा है।

इस वर्ष हमने भारत और फ्रांस के संबंधों को Special Global Strategic Partnership का दर्जा दिया था। नीस में मेरे मित्र President Macron और मैंने हमारे संबंधों को force for global good बनाने पर चर्चा की। Defence से लेकर space और नुक्लियर तक AI और क्रिटीकल मिनरल्स से लेकर high speed railway तक, हर क्षेत्र में हम मिलकर आगे बढ़ेंगे।

साथियों,

Solar energy हो, या AI के क्षेत्र में सहयोग हो, भारत और फ्रांस मिलकर ऐसे समाधान विकसित कर रहे हैं जो पूरी मानवता के हित में हैं। पिछले वर्ष पेरिस में और इस वर्ष दिल्ली में हमने AI Summit को Co-chair किया।

अब हम साथ मिलकर अगले वर्ष “तृष्णा” satellite को लॉन्च करने जा रहें हैं। यह “तृष्णा” satellite जो विश्व में फूड और वाटर सिक्युरिटी सुनिश्चित करने में योगदान देगा।

और साथियों,

यह सभी गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट पहलो में आप सभी का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। ये आप हैं जो भारत और यूरोप के बीच सबसे मजबूत सेतु हैं। आप दोनों समाजों को समझते हैं। दोनों बाजारों को समझते हैं। आने वाले समय में Talent, Trade, Technology, Tourism और Investment के नए अवसरों को आगे बढ़ाने में आपकी भूमिका लगातार बढ़ने वाली हैं।

साथियों,

भारत और फ्रांस के रिश्तों को साझा इतिहास, साझा मूल्यों और साझा विश्वास ने आगे बढ़ाया है। विश्व युद्धों के दौरान फ्रांस की धरती पर बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों की स्मृतियां आज भी हमें जोड़ती हैं।

मुझे पहले नव शापेल में श्रद्धांजलि देने का अवसर मिला, पिछले वर्ष प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मार्सेय के वॉर मेमोरियल जाने का अवसर भी मिला। ये हमारी साझा विरासत है।

फ्रांस, भारतीयों के योगदान को संजोता भी है और सराहता भी है। भारतीय मूल की नूर इनायत खान हों, जिन्होंने फ्रांस की Resistance के लिए अपना जीवन बलिदान किया, या महाराजा रणजीत सिंह के साथ काम करने वाले जनरल जां फ्रांस्वा अलार हों ये सभी भारत और फ्रांस की साझा विरासत के प्रतीक हैं।

भारत के राज्य पुडुचेरी में भी फ्रेंच विरासत की झलक दिखाई देती है। वहां का Architecture, वहां की कला-संस्कृति और खान-पान सभी में हमारे संबंधों की महेक है।

साथियों,

इस समय फ्रांस समेत पूरी दुनिया में International Yoga Day की तैयारी भी चल रही है। इस अवसर पर मैं, फ्रांस में योग को आगे बढ़ाने वाले श्रीमान महेश घाट्राड्याल जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं। मैं पद्म पुरस्कार से सम्मानित, शार्लोत शोपां जी को भी प्रणाम करता हूं। जिन्होंने सौ वर्ष की आयु में भी, योग के माध्यम से फ़्रांस को भारत की विरासत से जोड़ा है। उनका जीवन यह सिद्ध करता है: Yoga does not add years to life, it adds life to years.

साथियों,

मैं फ्रेद नेग्री जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धापूर्वक याद करता हूं। भारतीय विरासत को संरक्षित करने में उनका योगदान अतुल्य रहा है।

साथियों,

भारत और फ्रांस को कनेक्ट करने वाली एक और चीज है, और वो है फुटबॉल। इस वक्त यहां फुटबॉल फीवर पूरे जोर पर है। फ्रांस में इसकी दीवानगी, चप्पे-चप्पे पर दिखती है। लेकिन भारत में भी फुटबॉल का क्रेज़ सिर चढ़कर बोलता है।

खासतौर पर फ्रांस की टीम के फैन्स भारत में बहुत अधिक हैं। फ़्रांस ने इस वर्ल्ड कप की शुरुआत एक जोरदार जीत से शुरू की है। मैं फ्रांस की टीम को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

जाने से पहले, आप सभी के लिए कुछ और अच्छी खबरें भी लेकर के आया हूँ। वो आपके लिए हैं। पिछले वर्ष, मार्सेय में कॉन्सुलेट खोला गया, इससे काफी अधिक सुविधा मिल रही है। कुछ हफ्ते पहले, Indian Nationals के लिए French Airports पर Visa-free Transit की व्यवस्था शुरू हो गई है।

Students और Professionals की Mobility बढ़ाना हो, या Educational Qualifications की Mutual Recognition की बात हो, या फिर French Universities के भारत में Campus खोलना हो, इन सभी पर हम मिलकर आगे बढ़ रहें हैं।

अब फ्रांस में UPI के उपयोग का दायरा भी और बढ़ने जा रहा है। यानि भारत-फ्रांस कनेक्ट भी Instant और आपसी Payment भी Instant!

साथियों,

इन सभी पहलों से, हम भारत और फ़्रांस को और करीब ला रहें हैं। और मैं फिर कहूंगा इस साझेदारी की नींव, इस रिश्ते की असली ताकत आप सभी हैं। आप सब मेरे देशवासी हैं।

आज जब भारत तेज़ी से विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तो मैं आप सभी से भारत के साथ और गहराई से जुडने का आग्रह करूंगा। इससे भारत की विकास यात्रा को नई शक्ति मिलेगी, और आपको अपनी पुरखों की धरती की सेवा करने का अवसर भी मिलेगा।

इन्हीं शब्दों के साथ आप सभी के प्रेम आपके उत्साह और इस आत्मीय स्वागत के लिए मैं एक बार फिर आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं।

भारत माता की जय!

बहुत बहुत धन्यवाद।