Congress and BRS have three things in common in their DNA: dynasty, corruption and appeasement: PM Modi in Hyderabad
BJP is the only party in the country which gives maximum representation to the OBC community. There are 27 OBC ministers in the NDA government at the Centre, which is the highest since independence: PM
Today 80 crore people are being given free ration under Pradhan Mantri Garib Kalyan Anna Yojana and I have decided that this free ration scheme will be extended for the next 5 years: PM Modi
There is an anti-development, anti-backward class, anti-SC/ST government in Telangana: PM Modi hits out at BRS government

भारत माता की जय
भारत माता की जय
देवी सम्मक्का सरलअम्मा की जय
यदाद्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी की जय
सकल जनसभाकु वच्चिना तेलंगाना बंधुवुलकु ना शुभाकांक्षलु।
तेलंगाना की इस महान धरती को मैं आदरपूर्वक नमन करता हूं। ऐसा लग रहा है जैसे मैं अपने कुटुम्ब के बीच आ गया हूं, अपने परिवार के बीच आ गया हूं। आप सब ही तो मेरा परिवार हैं।

ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
‘बीसी आत्म गौरव सभा’ इसका हिस्सा बनना मैं अपना सौभाग्य मानता हूं। और ये धरती ये मैदान, इसका मेरे जीवन में बहुत बड़ा स्थान है। 2013 में आप सब ने मुझे बुलाया था इसी मैदान में। और आप लोगों ने टिकट रखा था कि जो मोदी जी की सभा में आना चाहता है उसको टिकट लेना पड़ेगा, पैसा देना पड़ेगा। हिंदुस्तान के राजनीतिक जीवन की ये पहली और सबसे बड़ी घटना थी। और पूरे विश्व में ये खबर फैल गई, हिंदुस्तान के जन-जन में पहुंच गई। और एक प्रकार से इसी मैदान में मोदी को प्रधानमंत्री बनाने की पक्की नींव रखने का काम हैदराबाद ने इसी मैदान में आप लोगों ने किया था। और मैं आज विश्वास से कहता हूं, जिस मैदान से मिले आशीर्वाद, मोदी को पीएम बना दिया। इसी मैदान के आपके आशीर्वाद बीजेपी का पहला मुख्यमंत्री बीसी मुख्यमंत्री यहीं से बनेगा। मंच पर मेरे साथ पवन है, लेकिन मैदान में आंधी है। तेलंगाना में बदलाव की जो आंधी चल रही है, उसे इस विशाल जन सभा में भी महसूस किया जा सकता है। आप लोग तेलंगाना के कोने-कोने से आए हैं और अपने साथ एक स्पष्ट संदेश भी लाए हैं। तेलंगाना का विश्वास अब बीजेपी पर है। हमारे बीसी साथी हों, गरीब हों, दलित हों, SC-ST भाई बहन हों, सभी ने तेलंगाना में परिवर्तन का मन बना लिया है। पिछले 9 वर्षों से यहां तेलंगाना में विकास विरोधी, बीसी विरोधी, एससी-एसटी विरोधी सरकार है। इस 30 नवंबर को आप लोगों के पास तेलंगाना की BC विरोधी सरकार को उखाड़ फेंकने का बेहतरीन अवसर है। अब तेलंगाना में कमल ही कमल खिले, ये आपको सुनिश्चित करना है।

ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
तेलंगाना का गठन 3 मुद्दों पर हुआ था। पानी, पैसा और रोजगार- नीलू...नीधुलु और नियमाकालू... इन तीनों मुद्दों पर जनविरोधी सरकार ने तेलंगाना के लोगों के साथ धोखा हुआ है। अलग तेलंगाना राज्य के आंदोलन में हमारे बीसी भाई-बहनों की बहुत बड़ी भूमिका थी। वो आंदोलन में सबसे आगे थे, अलग राज्य के लिए हमारे कितने ही साथी शहीद हो गए थे। लेकिन तेलंगाना बनने के बाद, यहां ही सरकार ने सबसे बड़ा धोखा, हमारे बीसी साथियों के साथ ही किया। यहां की सरकार ने बीसी हितों की लगातार उपेक्षा की। तेलंगाना में इतनी बड़ी ओबीसी, एससी, एसटी आबादी है, लेकिन उनकी आकांक्षाओं पर BRS ने कभी ध्यान नहीं दिया। वो अपने परिवार में ही लगा रहा, यहां तो BRS की दो टीमें तो साफ दिखती हैं। एक पर्दे के पीछे C टीम भी है। ये कांग्रेस का C है न। ये C बीआरएस की सी टीम है। ये कांग्रेस बीआरएस की सी टीम है। बैकवर्ड क्लास की आकांक्षाएं, कांग्रेस के भी एजेंडे में शामिल नहीं है। कांग्रेस और BRS, दोनों के ही DNA में तीन बातें कॉमन है। एक परिवारवाद...दूसरा भ्रष्टाचार और तीसरा तुष्टिकरण। इन परिवारवादी पार्टियों के संरक्षण में भ्रष्टाचार फलता-फूलता है, और अवसर भी सिर्फ और सिर्फ नाते-रिश्तेदारों को ही मिलता है। परिवारवाद की मानसिकता से चलने वाली BRS और कांग्रेस यहां कभी भी किसी बीसी को सीएम नहीं बनने देंगी।

साथियों,
ये NDA है, BJP है, जो ओबीसी हितों का सबसे ज्यादा ध्यान रखती है, उन्हें सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व देती है। बीजेपी का हमेशा से ये प्रयास रहा है कि दलित-पीड़ित-शोषित-वंचित, पिछड़े, आदिवासी समुदाय को उचित प्रतिनिधित्व मिलता रहे। जब अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार थी और हमें सेवा करने का मौका मिला तो A P J अब्दुल कलाम जी को हमने राष्ट्रपति बनाया। 1996 में जब आदिवासी नेता पीए संगमा जी का नाम लोकसभा के स्पीकर पद के लिए चुना गया तो अटल जी ने समर्थन का नेतृत्व किया। 2012 में राष्ट्रपति चुनाव में भी, बीजेपी ने पीए संगमा जी के नाम का समर्थन किया। NDA ने ही जीएमसी बालयोगी जी को स्पीकर पद के लिए नामित किया था, जो देश के पहले दलित लोकसभा अध्यक्ष बने थे। जब बीजेपी को अवसर मिला, तो उसने दलित समुदाय से रामनाथ कोविंद जी को राष्ट्रपति बनाया। जब बीजेपी को मौका मिला तो उसने आदिवासी समुदाय से द्रौपदी मुर्मू जी को राष्ट्रपति बनाया।

और यही मैदान है, जिसने आदेश दिया था आपलोगों ने और जब पूर्ण बहुमत बीजेपी को मिला और देश में पूर्ण बहुमत वाली सरकार का पहला ओबीसी प्रधानमंत्री बनाने का आपने मुझे अवसर देकर के एक ओबीसी का सम्मान किया था। और जैसे इसी मैदान से पूर्ण बहुमत वाली सरकार का...ओबीसी प्रधानमंत्री पहली बार बना। पूर्ण बहुमत वाली सरकार का बीजेपी का सीएम भी ओबीसी पहली बार यहां बनने वाला है। परिवारवादी पार्टियां, कभी किसी दलित, किसी पिछड़े, किसी आदिवासी को आगे नहीं बढ़ने देतीं। जबकि आज भाजपा देश की एकमात्र पार्टी है जो ओबीसी समुदाय को सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व देती है।


केंद्र की एनडीए सरकार में 27 ओबीसी मंत्री हैं, जो आजादी के बाद पहली बार इतनी बड़ी तादाद में ओबीसी मंत्री केंद्र सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। आज देश में बीजेपी के 85 OBC सांसद हैं। आज देश में बीजेपी के 365 OBC विधानसभा सदस्य हैं। आज देश में बीजेपी के 65 OBC विधान परिषद सदस्य हैं। तेलंगाना में भी बीजेपी ही अपने बीसी साथियों के हितों का सबसे ज्यादा ख्याल रख सकती है, कोई और पार्टी नहीं कर सकती। आप लोग खुद साक्षी हैं कि, यहां तेलंगाना में बैकवर्ड क्लास को आगे बढ़ने के लिए सही संसाधन नहीं दिए जाते। बैकवर्ड क्लास के युवाओं को नौकरी देने में भी तेलंगाना सरकार गंभीर नहीं है। बैकवर्ड क्लास के युवाओं का भी स्किल डवलपमेंट हो, इस पर भी तेलंगाना सरकार उतना ध्यान नहीं देती। बीसी कल्याण के लिए यहां बीआरएस ने हर साल एक हजार करोड़ रुपए का फंड देने का वादा किया था। आप बताइए, क्या इनमें से किसी वादे को पूरा किया क्या? कोई वादा पूरा किया क्या। एक भी वादा पूरा किया क्या।

साथियों,
कांग्रेस और BRS ने कभी भी पिछड़ा वर्ग को निर्णय लेने का अधिकार नहीं दिया, कभी उनका मान नहीं बढ़ाया। ये भाजपा है, जिसने ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा दिया। ये भाजपा ही है, जिसने ओबीसी आरक्षण संशोधन बिल को सदन से पास कराया। इस बिल की वजह से राज्य सरकारों को ओबीसी लिस्ट तैयार करने का अधिकार मिला है। ये भाजपा ही है, जिसने मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में ओबीसी के लिए 27 परसेंट आरक्षण को लागू किया। हमारे ये कदम सोशल जस्टिस- सामाजिक न्याय की दिशा में हमारे कमिटमेंट का प्रमाण है। जब हम गांवों में महिलाओं के सम्मान के लिए करोड़ों शौचालय बनवाते हैं, जब हम करोड़ों महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाते हैं, जब करोड़ों गरीबों को अपना पक्का मकान मिलता है, जब करोड़ों गरीबों तक पक्की सड़क पहुंचती है, जब करोड़ों लोगों को 5 लाख रुपए के मुफ्त इलाज की गारंटी मिलती है, तो इसका बहुत बड़ा लाभ बैकवर्ड कम्यूनिटी को ही मिलता है। समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ने, सम्मान के साथ जीने और न्याय पाने का अवसर मिले, यही भाजपा का प्रयास है। इसलिए आज बीसी, एससी, एसटी, गरीब, वंचित और शोषित वर्ग का हर व्यक्ति भाजपा के संकल्प के साथ खड़ा है।

साथियों,
हमारे बीसी समुदाय में बहुत बड़ी संख्या में विश्वकर्मा भाई बहन भी आते हैं। विश्वकर्मा साथियों के बिना रोजमर्रा के जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। हमारे कुम्हार हों, सुनार हों, सुथार हों, मूर्तिकार हों, कपड़े धोने वाले हों, कपड़े सिलने वाले हों, जूते बनाने वाले हों, बाल काटने वाले हों, ऐसे बहुत से साथी BC समुदाय से ही आते हैं। ऐसे लोगों के लिए ही भाजपा सरकार ने पीएम विश्वकर्मा योजना बनाई है। इस योजना के तहत हमारे विश्वकर्मा भाइयों-बहनों पर 13 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इससे उन्हें अपना जीवन स्तर उठाने में, अपने जीवन से अन्य परेशानियां दूर करने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी।

ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
कहते हैं अहंकार किसी का भी हो, उसको टिकने नहीं देता है। BRS के नेताओं में भी वही अहंकार दिखता है। 2019 के लोकसभा चुनाव में तेलंगाना के लोगों ने ऐसे अहंकारी सीएम को अपने वोट की ताकत से जवाब दिया था। इसी बौखलाहट में यहां के नेता मोदी को गाली देते रहते हैं। BRS के भ्रष्टाचार के तार दिल्ली के शराब घोटाले से भी जुड़े हैं। जांच एजेंसियों ने जब उनके भ्रष्टाचार की जांच शुरू की, तो ये लोग जांच एजेंसियों को भी गालियां देने लगे। लेकिन आज मैं ऐसे लोगों को डंके की चोट पर कहना चाहता हूं। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई होकर रहेगी- जिन्होंने जनता को लूटा है, उनको लौटाना ही पड़ेगा। और मेरे तेलंगाना के भाइयों-बहनों ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,
BRS और कांग्रेस, अलग-अलग नहीं हैं। एक ही सिक्के के दो बाजू हैं। कांग्रेस ने सात दशक में परिवारवाद और भ्रष्टाचार का जो मॉडल डवलप किया, BRS उसी पर चल रही है। दोनों की मंशा मिलकर राज्य की संपत्ति को लूटने की है। ये दोनों पार्टियां अपने बेटा-बेटी को आगे बढ़ाने में लगी हैं, उन्हें आपके बेटे-बेटियों की कोई परवाह नहीं है। BRS ने सत्ता में आने के लिए जो बड़े-बड़े वादे किए थे, उनमें से किसी वादे को पूरा नहीं किया। तेलंगाना की सरकार ने युवाओं के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात किया है। TS-PSC परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को 9 वर्षों से सिर्फ धोखा मिल रहा है। छात्रों ने वर्षों तक परीक्षा होने का इंतजार किया, और जब परीक्षा का एलान हुआ तो पेपर लीक हो गया। BRS की नाकामी ने तेलंगाना की एक पूरी पीढ़ी का भविष्य बर्बाद कर दिया। और ये हाल सिर्फ एक परीक्षा का नहीं है। राज्य में होने वाली हर परीक्षा में गड़बड़ी इस सरकार की पहचान बन गई है। आज युवा पूछ रहे हैं, BRS के रोजगार के वादे का क्या हुआ? हर महीने बेरोजगारी भत्ता देने का वादा करके BRS ने इस वादे को भी पूरा नहीं किया। आज भी तेलंगाना में टीचर्स के हजारों पद खाली हैं और हजारों स्कूल तो ऐसे हैं जहां सिर्फ एक टीचर है। आप मुझे बताइए...तेलंगाना के युवाओं को धोखा देने वाली, उनके भविष्य से खेलने वाली BRS सरकार जानी चाहिए या नहीं जानी चाहिए? ये सरकार जानी चाहिए कि नहीं जानी चाहिए। इसको हटाना चाहिए कि नहीं हटाना चाहिए। हर गांव-गली से हटाना चाहिए कि नहीं हटाना चाहिए।

ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
BRS ने तेलंगाना के मेरे गरीब भाई-बहनों को यहां 2 बेडरूम वाले घर देने के सपने दिखाए गए थे। लेकिन ये वादा भी BRS ने पूरा नहीं किया। एक तरफ BRS का ट्रैक रिकॉर्ड है, तो वहीं बीजेपी का सेवाकाल भी है। केंद्र में बीजेपी सरकार ने पिछले 9 साल में गरीबों को 4 करोड़ से ज्यादा पक्के घर बनाकर दिए हैं। पीएम आवास योजना अर्बन के तहत तेलंगाना में भी दो लाख पचास हजार से ज्यादा घर बने हैं। हमने गरीब की हर चिंता का, हर जरूरत का ध्यान रखा है। तीन-चार दिन पहले ही हमने ये भी तय किया है कि पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना को...आप जानते हो जब कोविड का कालखंड था पूरी दुनिया जिंदगी और मौत का संकट झेल रही थी। परिवार में एक व्यक्ति दूसरे को मिल नहीं पा रह था। कामकाज ठप हो चुके थे। तब गरीबी से निकला हुआ मोदी जो गरीबी को भलीभांति जानता है समझता है गरीबी को जीकर के आया है। उसने तय किया कितना ही संकट क्यों न आ जाए मैं गरीबों के बच्चों को भूखे नहीं सोने दूंगा। मैं गरीब का चूल्हा कभी बुझने नहीं दूंगा। और इसीलए हमने गरीबों के लिए मुफ्त अन्न की योजना शुरू की। आज भी इस देश के 80 करोड़ लोगों मुफ्त अनाज दिया जाता है। और ये योजना ये दिसंबर में पूरी होने वाली है। लेकिन गरीबी को जानने वाला मोदी गरीबों को ऐसे असहाय नहीं छोड़ सकता है। इसीलिए मैंने संकल्प किया है, मैंने निश्चय किया है कि गरीबों को जो आज अन्न मिल रहा है उसे आने वाले 5 साल के लिए बढ़ाया जाएगा। आप सब अपना मोबाइल फोन का फ्लैश चालू कीजिए। गरीबों के सम्मान में फ्लैश लाइट चालू कीजिए। पांच साल के लिए मुफ्त अनाज योजना के समर्थन में फ्लैश लाइट चालू कीजिए। ये गरीबों का समर्थन है, ये मोदी की गारंटी का समर्थन है। गरीबों का कल्याण हमारे दिलों में है। इसलिए इतना बड़ा जनसमर्थन मिल रहा है। मैं आपका बहुत-बहुत आभारी हूं। यानि मुफ्त राशन की योजना अब अगले पांच साल तक जारी रहेगी। इसका लाभ तेलंगाना के भी लाखों गरीबों को मिलेगा।

साथियों,
BRS ने राज्य के किसानों के साथ भी विश्वासघात किया है। एक लाख तक का लोन माफ करने का वादा करके यहां की सरकार ने जो खेल खेला है, वो यहां के किसान अच्छी तरह समझते हैं। उसने किसानों को मिलने वाली कई तरह की मदद भी बंद कर दी है। ये भाजपा सरकार जो अपने किसान भाई-बहनों के हर हित का ध्यान रखती है। पीएम किसान सम्मान योजना के तहत हमने यहां के किसानों को 9 हजार करोड़ रुपए सीधे उनके बैंक खातों में भेजे हैं। इससे तेलंगाना के 35 लाख किसानों को सीधा फायदा हुआ है। इसमें बड़ी संख्या में बैकवर्ड कम्यूनिटी के भी किसान शामिल हैं।

साथियों,
आज तेलंगाना के लोगों के साथ ही पूरा देश 2047, जब देश आजादी के 100 साल मनाएगा...हम विकसित भारत का लक्ष्य लेकर मैदान में उतरे हैं। इसीलिए काम कर रहे हैं। भाइयों-बहनों आप इतनी बड़ी तादाद में आए हैं, इस मैदान ने मुझे फिर एक बार प्यार और आशीर्वाद की ताकत का अहसास करा दिया है। तेलंगाना का तेजी से औद्योगिक विकास हो, यहां के नौजवानों को रोजगार मिले इसके लिए बीजेपी सरकार प्रतिबद्ध है। बीजेपी सरकार हर क्षेत्र में तेलंगाना के विकास के लिए काम करेगी। इसके लिए तेलंगाना में डबल इंजन की सरकार जरूरी है। तेलंगाना में भाजपा सरकार बनने के बाद बीसी गौरव को बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। भाजपा हमेशा आपके विश्वास को मजबूत करने का प्रयास करेगी। विश्वास की इस लहर को आप तेलंगाना के जन-जन तक, हर कोने तक लेकर जाएं। आप इतनी बड़ी तादाद में आए, नौजवानों का जो मैं जोश देख रहा हूं। मैं साफ देख रहा हूं, तेलंगाना में आपने बीजेपी की सरकार बनाने का फैसला कर लिया है।
मेरे साथ बोलिए...भारत माता की, भारत माता की, भारत माता की, जया।
आप सब का बहुत-बहुत धन्यवाद।

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March 23, 2026
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From the Gulf to the Global West and from the Global South to neighbouring countries, India is a trusted partner for all: PM
What gets measured gets improved and ultimately gets transformed: PM
This is the new India, It is leaving no stone unturned for development: PM

नमस्कार!

पिछले कुछ समय में मुझे एक-दो बार टीवी9 भारतवर्ष देखने का मौका मिला है। नॉर्मली भी युद्धों और मिसाइलों पर आपका बहुत फोकस होता है और आजकल तो आपको कंटेंट की ओवरफीडिंग हो रही है। बड़े-बड़े देश टीवी9 को इतना सारा कंटेंट देने पर तुले हुए हैं, लेकिन On a Serious Note, आज विश्व जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है, वो अभूतपूर्व है और बेहद गंभीर है। और इन स्थितियों के बीच, आज टीवी-9 नेटवर्क ने विचारों का एक बेहद महत्वपूर्ण मंच बनाया है। आज इस समिट में आप सभी India and the world, इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। मैं आप सबको बधाई देता हूं। इस समिट के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं। सभी अतिथियों का अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आज जब दुनिया, conflicts के कारण उलझी हुई है, जब इन conflicts के दुष्प्रभाव पूरी दुनिया पर दिख रहे हैं, तब India and the world की बात करना बहुत ही प्रासंगिक है। भारत आज वो देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। 2014 के पहले की स्थितियों को पीछे छोड़कर के आज भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। अब भारत चुनौतियों को टालता नहीं है बल्कि चुनौतियों से टकराता है। आप बीते 5-6 साल में देखिए, कोरोना की महामारी के बाद चुनौतियां एक के बाद एक बढ़ती ही गई हैं। ऐसा कोई साल नहीं है, जिसने भारत की, भारतीयों की परीक्षा न ली हो। लेकिन 140 करोड़ देशवासियों के एकजुट प्रयास से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है। इस समय युद्ध की परिस्थितियों में भी भारत की नीति और रणनीति देखकर, भारत का सामर्थ्य देखकर दुनिया के अनेकों देश हैरान हैं। हमारे यहां कहावत है, सांच को आंच नहीं। 28 फरवरी से दुनिया में जो उथल-पुथल मची है, इन कठोर विपरीत परिस्थितियों में भी भारत प्रगति के, विकास के, विश्वास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इन 23 दिनों में भारत ने अपनी Relationship Building Capacity दिखाई है, Decision Making Capacity दिखाई है और Crisis Management Capacity दिखाई है।

साथियों,

आज जब दुनिया इतने सारे खेमों में बंटी हुई है, भारत ने अभूतपूर्व और अकल्पनीय bridges बनाए हैं। Gulf से लेकर Global West तक, Global South से लेकर पड़ोसी देशों तक भारत सभी का trusted partner है। कुछ लोग पूछते हैं, हम किसके साथ हैं? तो उनको मेरा जवाब यही है कि हम भारत के साथ हैं, हम भारत के हितों के साथ हैं, शांति के साथ हैं, संवाद के साथ हैं।

साथियों,

संकट के इसी समय में जब global supply chains डगमगा रही हैं, भारत ने diversification और resilience का मॉडल पेश किया है। Energy हो, fertilizers हों या essential goods अपने नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए भारत ने निरंतर प्रयास किया है और आज भी कर रहे है।

साथियों,

जब राष्ट्रनीति ही राजनीति का मुख्य आधार हो, तब देश का भविष्य सर्वोपरि होता है। लेकिन जब राजनीति में व्यक्तिगत स्वार्थ हावी हो जाता है, तब लोग देश के फ्यूचर के बजाय अपने फ्यूचर के बारे में सोचते हैं। आप ज़रा याद कीजिए 2004 से 2010 के बीच क्या हुआ था? तब कांग्रेस सरकार के समय पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों का संकट आया था और तब कांग्रेस ने देश की नहीं बल्कि अपनी सत्ता की चिंता की। उस वक्त कांग्रेस ने एक लाख अड़तालीस हज़ार करोड़ रुपए के ऑयल बॉन्ड जारी किए थे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने खुद कहा था कि वो आने वाली पीढ़ी पर कर्ज का बोझ डाल रहे हैं। यह जानते हुए भी कि ऑयल बॉन्ड का फैसला गलत है, जो रिमोट कंट्रोल से सरकार चला रहे थे, उन लोगों ने अपनी सत्ता बचाने के लिए यह गलत निर्णय किया क्योंकि जवाबदेही उस समय नहीं होनी थी, उस बॉन्ड पर री-पेमेंट 2020 के बाद होनी थी।

साथियों,

बीते 5-6 वर्षों में हमारी सरकार ने कांग्रेस सरकार के उस पाप को धोने का काम किया है, और इस धुलाई का खर्चा कम नहीं आया है, ऐसी लाँड्री आपने देखी नहीं होगी। 1 लाख 48 हज़ार करोड़ रुपए की जगह, देश को 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की पेमेंट करनी पड़ी क्योंकि इसमें ब्याज भी जुड़ गया था। यानी हमने करीब-करीब दोगुनी राशि चुकाने के लिए मजबूर हुए। आजकल कांग्रेस के जो नेता बयानों की मिसाइलें दाग रहे हैं, मिसाइल आई तो टीवी9 को मजा आएगा, उनकी इस विषय का जिक्र आते ही बोलती बंद हो जाती है।

साथियों,

पश्चिम एशिया में बनी परिस्थितियों पर मैंने आज लोकसभा में अपना वक्तव्य दिया है। दुनिया में जहां भी युद्ध हो रहे हैं, वो भारत की सीमा से दूर हैं। लेकिन आज की व्यवस्थाओं में कोई भी देश युद्धों से दुष्प्रभाव से दूर रहे, ऐसा संभव नहीं होता। अनेक देशों में तो स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी है। और इन हालातों में हम देख रहे हैं कि राजनीतिक स्वार्थ से भरे कुछ लोग, कुछ दल, संकट के इस समय में भी अपने लिए राजनीतिक अवसर खोज रहे हैं। इसलिए मैं टीवी9 के मंच से फिर कहूंगा, यह समय संयम का है, संवेदनशीलता का है। हमने कोरोना महासंकट के दौरान भी देखा है, जब देशवासी एकजुट होकर संकट का सामना करते हैं, तो कितने सार्थक परिणाम आते हैं। इसी भाव के साथ हमें इस युद्ध से बनी परिस्थितियों का सामना करना है।

साथियों,

दुनिया की हर उथल-पुथल के बीच, भारत ने अपनी प्रगति की गति को भी बनाए रखा है। अगर मैं 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद, बीते 23 दिनों का ही ब्यौरा दूं, तो पूरब से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक देश में हजारों करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का काम हुआ है। दिल्ली मेट्रो रेल के महत्वपूर्ण कॉरिडोर्स का लोकार्पण, सिलचर का हाई स्पीड कॉरिडोर का शिलान्यास, कोटा में नए एयरपोर्ट का शिलान्यास, मदुरै एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा देना, ऐसे अनेक काम बीते 23 दिनों में ही हुए हैं। बीते एक महीने के दौरान ही औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भव्य स्कीम को मंजूरी दी गई है। इसके तहत देशभर में 100 plug-and-play industrial parks विकसित किए जाएंगे। देश में Small Hydro Power Development Scheme को भी हरी झंडी दी गई है। इससे आने वाले वर्षों में 1,500 मेगावाट नई hydro power capacity जोड़ी जाएगी। इसी दौरान जल जीवन मिशन को साल 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। किसानों के हित में भी अनेक बड़े निर्णय लिए गए हैं। बीते एक महीने में ही पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। और जो हमारे MSMEs हैं, जो हमारे निर्यातक हैं, उनके लिए भी करीब 500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की भी घोषणा की गई है। यह सारे कदम इस बात का प्रमाण हैं कि विकसित भारत बनाने के लिए देश कितनी तेज गति से काम कर रहा है।

साथियों,

Management की दुनिया में एक सिद्धांत कहा जाता है - What gets measured, gets managed. लेकिन मैं इसमें एक बात और जोड़ना चाहता हूं, What gets measured, gets improved और ultimately, gets transformed. क्योंकि आकलन जागरूकता पैदा करता है। आकलन जवाबदेही तय करता है और सबसे महत्वपूर्ण आकलन संभावनाओं को जन्म देता है।

साथियों,

अगर आप 2014 से पहले के 10-11 साल और 2014 के बाद के 10-11 साल का आप आकलन करेंगे, तो यही पाएंगे कि कैसे इसी सिद्धांत पर चलते हुए, भारत ने हर सेक्टर को Transform किया है। जैसे पहले हाईवे बनते थे, करीब 11-12 किलोमीटर प्रति दिन की रफ्तार से, आज भारत करीब 30 किलोमीटर प्रतिदिन की स्पीड से हाईवे बना रहा है। पहले पोर्ट्स पर शिप का Turnaround Time, 5-6 दिन का होता था। आज वही काम, करीब-करीब 2 दिन से भी कम समय में पूरा हो रहा है। पहले Startup Culture के बारे में चर्चा ही नहीं होती थी। 2014 से पहले, हमारे देश में 400-500 स्टार्ट अप्स ही थे। आज भारत में 2 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रर्ड स्टार्ट अप्स हैं। पहले मेडिकल education में सीटें भी सीमित थीं, करीब 50-55 हजार MBBS seats थीं, आज यह बढ़कर सवा लाख से ज्यादा हो चुकी हैं। पहले देश के Banking system से भी करोड़ों लोग बाहर थे। देश में सिर्फ 25 करोड़ के आसपास ही बैंक account थे। वहीं जनधन योजना के माध्यम से 55 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट खुले हैं। पहले हमारे देश में airports की संख्या भी 70 से कम थी। आज एयरपोर्ट्स की संख्या भी बढ़कर 160 से ज्यादा हो चुकी है।

साथियों,

पहले भी योजनाएं तो बनती थीं, लेकिन आज फर्क है, आज परिणाम दिखते हैं। पहले गति धीमी थी, आज भारत fastrack पर है। पहले संभावनाएं भी अंधकार में थीं, आज संकल्प सिद्धियों में बदल रहे हैं। इसलिए दुनिया को भी यह संदेश मिल रहा है कि यह नया भारत है। यह अपने विकास के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है।

साथियों,

आज हमारा प्रयास है कि अतीत में विकास का जो असंतुलन पैदा हो गया था, उसको अवसरों में बदला जाए। अब जैसे हमारा पूर्वी भारत है। हमारा पूर्वी भारत संसाधनों से समृद्ध है, दशकों तक वहां जिन्होंने सरकारें चलाई हैं, उनकी उपेक्षा ने पूर्वी भारत के विकास पर ब्रेक लगा दी थी। अब हालात बदल रहे हैं। जिस असम में कभी गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, आज वहां सेमीकंडक्टर यूनिट बन रही है। ओडिशा में सेमीकंडक्टर से लेकर पेट्रोकेमिकल्स तक अनेक नए-नए सेक्टर का विकास हो रहा है। जिस बिहार में 6-7 दशक में गंगा जी पर एक बड़ा पुल बन पाया था एक, उस बिहार में पिछले एक दशक में 5 से ज्यादा नए पुल बनाए गए हैं। यूपी में कभी कट्टा मैन्युफैक्चरिंग की कहानियां कही जाती थीं, आज यूपी, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है।

साथियों,

पूर्वी भारत का एक और बड़ा राज्य पश्चिम बंगाल है। पश्चिम बंगाल, एक समय में भारत के कल्चर, एजुकेशन, इंडस्ट्री और ट्रेड का हब होता था। बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए बड़ी मात्रा में निवेश किया है। लेकिन दुर्भाग्य से, आज वहां एक ऐसी निर्मम सरकार है, जो विकास पर ब्रेक लगाकर बैठी है। TV9 बांग्ला के जो दर्शक हैं, वो जानते हैं कि बंगाल में आयुष्मान योजना पर निर्मम सरकार ने ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम आवास योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। चाय बागान श्रमिकों के लिए शुरू हुई योजना के लिए ब्रेक लगाया हुआ है। यानी विकास और जनकल्याण से ज्यादा प्राथमिकता निर्मम सरकार अपने राजनीतिक स्वार्थ को दे रही है।

साथियों,

देश में इस तरह की राजनीति की शुरुआत जिस दल ने की है, वो अपने गुनाहों से बच नहीं सकती और वो पार्टी है - कांग्रेस। कांग्रेस पार्टी की राजनीति का एक ही लक्ष्य रहा है, किसी भी तरह विकास का विरोध और कांग्रेस यह तब से कर रही है, जब मैं गुजरात में था। गुजरात में वर्षों तक जनता ने हमें आशीर्वाद दिया, तो कांग्रेस ने उस जनादेश को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने गुजरात की छवि पर सवाल उठाए, उसकी प्रगति को कटघरे में खड़ा किया और जब यही विश्वास पूरे देश में दिखाई दिया, तो कांग्रेस का विरोध भी रीजनल से नेशनल हो गया।

साथियों,

जब राजनीति में विरोध, विकास के विरोध में बदल जाए, जब आलोचना देश की उपलब्धियों पर सवाल उठाने लगे, तब यह सिर्फ सरकार का विरोध नहीं रह जाता, यह देश की प्रगति से असहज होने की मानसिकता बन जाती है। आज कांग्रेस इसी मानसिकता की गुलाम बन चुकी है। आज स्थिति यह है कि देश की हर सफलता पर प्रश्न उठाया जाता है, हर उपलब्धि में कमी खोजी जाती है और हर प्रयास के असफल होने की कामना की जाती है। कोविड के समय, देश ने अपनी वैक्सीन बनाई, तो कांग्रेस ने उस पर भी संदेह जताया। Make in India की बात हुई, तो कहा गया कि यह सफल नहीं होगा, बब्बर शेर कहकर इसका मजाक उड़ाया गया। जब देश में डिजिटल इंडिया अभियान शुरू हुआ, तो उसका मजाक उड़ाया गया। लेकिन हर बार यह कांग्रेस का दुर्भाग्य और देश का सौभाग्य रहा कि भारत ने हर चुनौती को सफलता में बदला। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीनेशन ड्राइव का उदाहरण है। भारत डिजिटल पेमेंट्स में दुनिया का अग्रणी देश है। भारत मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप्स में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

साथियों,

लोकतंत्र में विरोध जरूरी होता है। लेकिन विरोध और विद्वेष के बीच एक रेखा होती है। सरकार का विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन देश को बदनाम करना, यह कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़ा करता है। जब विरोध इस स्तर तक पहुंच जाए कि देश की उपलब्धियां भी असहज करने लगें, तो यह राजनीति नहीं, यह दृष्टिकोण की समस्या है। अभी हमने ग्लोबल AI समिट में भी देखा है। जब पूरी दुनिया भारत में जुटी हुई थी, तो कांग्रेस के लोग कपड़े फाड़ने वहां पहुंच गए थे। इन लोगों को देश की इज्जत की कितनी परवाह है, यह इसी से पता चलता है। इसलिए आज आवश्यकता है कि देशहित को, दलहित से ऊपर रखा जाए क्योंकि अंत में राजनीति से ऊपर, राष्ट्र होता है, राष्ट्र का विकास होता है।

साथियों,

आज का यह दिन भी हमें यही प्रेरणा देता है। आज के ही दिन शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। आज ही, समाजवादी आंदोलन के प्रखर आदर्श डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की जयंती भी है। यह वो प्रेरणाएं हैं, जिन्होंने देश को हमेशा स्व से ऊपर रखा है। देशहित को सबसे ऊपर रखने की यही प्रेरणा, भारत को विकसित भारत बनाएगी। यही प्रेरणा भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी। मुझे पूरा विश्वास है कि टीवी9 की यह समिट भी भारत के आत्मविश्वास और दुनिया के भरोसे पर, भारतीयों पर जो भरोसा है, उस भरोसे को और सशक्त करेगी। आप सभी को मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं और आपके बीच आने का अवसर दिया, आप सबसे मिलने का मौका लिया, इसलिए बहुत-बहुत धन्यवाद!

नमस्‍कार!