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With our mantra of ‘Sabka Saath, Sabka Vikas’ we continuously worked towards enhancing the quality of life of our citizens: PM Modi
While I have my performance record of having served the people of this country tirelessly, the ‘Mahamilawati’ leaders have nothing but their falsehood campaigns to rely on: PM Modi in M.P.
The Congress government here has given a free pass to hooligans and anti-social elements and hence crime is rapidly rising in M.P. : Prime Minister Modi

भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय

मां क्षिप्रा और मां अहिल्याबाई की इस पवित्र नगरी को यहां के लोगों को सादर प्रणाम। मैं एयरपोर्ट पर तो समय पर आ गया था। लेकिन यहां पहुंचने में विलंब हुआ, और विलंब इसलिए हुआ कि आज इंदौर ने जो अभूतपूर्व प्रेम दिखाया। जो आशीर्वाद दिए, एयरपोर्ट से यहां तक दोनों तरफ ह्यूमन वॉल था। शायद मैं भाषण न करता और इतना रोड शो कर के चल जाता तो भी पूरे मध्य प्रदेश के अखबार भरे रहते कि मोदी का रोड शो जबरदस्त हुआ। इतना प्यार, आज इंदौर ने मेरे दिल को छू लिया है। पुरातन भारत की आस्था अध्यात्म से लेकर नए हिंदुस्तान के नए अंदाज नए एटीट्यूड का अगर कोई शहर प्रतीक है तो उस शहर का नाम इंदौर है। इंदौर ने अहिल्याबाई होल्कर के रुप में काशी सहित पूरे भारत में अध्यात्म और मानवता की भलाई के लिए प्रेरणादायक नेतृत्व दिया तो बीते पांच वर्षों में स्वच्छ भारत अभियान के लिए भारत की अगुवाई की। मां अहिल्याबाई ने काशी में बाबा विश्वनाथ मंदिर के लिए जो सपना देखा था उसको बाबा के आशीर्वाद से पूरा करने की कोशिश आज मेरे काशीवासी कर रहे हैं। बनारस का एक सांसद होने के नाते मुझे इस बात का विशेष गर्व है। इंदौर से मेरा विशेष स्नेह इसलिए भी रहा है कि ये सुमित्रा ताई का शहर है। इस शहर ने उन्हें चुनकर के देश की सेवा करने के लिए भेजा। संसद में भेजा। और स्पीकर के तौर पर सुमित्रा ताई की उन्होंने जो कुशलता से संयम से कार्य किया, उससे न सिर्फ मैं जो भी पार्लियामेंट चल रही उस समय अगर टीवी देखने के आदी थे उन सबके मन पे ताई ने एक अमीट छाप छोड़ी है, और बहुत कम लोगों को मालूम होगा आपको इतना लगेगा कि मोदी जी प्रधानमंत्री हैं। लेकिन हमारी पार्टी में मोदीजी को भी अगर कोई डांट सकता है तो ताई डांट सकती हैं।

सुमित्रा ताई इस बार इस पूरे मध्य प्रदेश के चुनाव को लड़ा रही है और एक नया इतिहास बना रही है। लेकिन सथियो, मुझे ताई जी के साथ संगठन में काम करने का मौका मिला, हमने एक साथी के रुप में काम किया है। उनका कार्य के प्रति समर्पण सामान्य मानवी की जिंदगी के लिए कुछ कर गुजरने के उनके इरादे इन सबको ध्यान में रखते हुए मैं इंदौर को विश्वास दिलाता हूं कि शहर के विकास में ताई जी की कोई भी इच्छा अधूरी नहीं रहेगी। मैं कभी कमी नहीं आने दूंगा। ये विश्वास देने के लिए मैं आज इंदौर वासियों के पास आया हूं। साथियो, इंदौर और मध्य प्रदेश का मैं एक और बात के लिए आभारी हूं। आपने मेरे एक आग्रह को बहुत गंभीरता से सफल बनाया और वो स्वच्छ भारत अभियान, स्वच्छ भारत अभियान अगर भारत के सामान्य मानवी की सोच तक पहुंचा है तो इसके हकदार इंदौर के मेरे सभी भाई-बहन हैं। साथियो, हमने अक्सर देश में सत्तारूढ़ सरकार को हटाने के लिए जनता को खड़े होते देखा है। लेकिन इस बार कश्मीर से कन्याकुमारी, कच्छ से कामरूप, इस बार इस सरकार को दोबारा चुनने के लिए देश खड़ा हो गया है। अक्सर ये भी कहा जाता है कि देश का वोटर बहुत साइलेंट होता है। लेकिन इस बार जनता बोल रही है। जोर जोर से बोल रही है। और यही कारण है कि बहुत सारे नेता जिनकी नींद हराम हो गई है। अब उन्होंने बोलने में संतुलन भी खो दिया है। बौखलाएं हैं, साथियो, 2014 का चुनाव एंटी इनकंबेंसी का था, 2019 का चुनाव प्रो इनकंबेंसी का है। 2014 में भ्रष्टाचार, वंशवाद और पॉलिसी पैरालिसिस के खिलाफ आक्रोश चरम पर था। 2019 में जनता का विश्वास चरम पर है। 2014 में देश ने मोदी और मोदी के काम के बारे में सिर्फ सुना था।

2019 में देश मोदी के काम को जानने लगा है। 2019 का चुनाव केवल भारतीय जनता पार्टी नहीं लड़ रही है। बल्कि 2019 का चुनाव भारतीय जनता लड़ रही है। 130 करोड़ देशवासी इस चुनाव का नेतृत्व कर रहे हैं। साथियो, मेरी निष्ठा, मेरी नीयत और मेरी नीति का आकलन कम ज्यादा हो सकता है। लेकिन मेरे इरादों में कोई खोट नहीं निकाल सकता। ऐसा इसलिए है क्योंकि मैं जनता के बीच में रहता हूं, जनता से निरंतर संवाद करता हूं। मैंने कभी भी एयर कंडीशनर कमरों में बैठकर के मौज-मस्ती नहीं मारी है। नीति निर्माण पर मैंने बाबूगिरी की दुनिया छोड़ कर के जनभागीदारी से देश में परिवर्तन लाने का प्रयास किया है। भाइयो-बहनो, बीते पांच वर्ष में हमने टेक्नोलॉजी और ट्रॉंसपरेंसी इस पर विशेष ध्यान दिया है। आज आप देखिए टेक्नोलॉजी के मामले में भारत की ग्लोबल स्टैंडिग कहां पहुंची है। देखते ही देखते भारत दुनिया का तीसरा बड़ा स्टार्ट सिस्टम बन गया है। हमारे युवा साथियों को भरपूर अवसर मिल सके इसके लिए आने वाले पांच वर्षों में हम इस इको सिस्टम को स्टार्ट अप की फंडिग को और सशक्त करने वाले हैं। भाइयो-बहनो, जो अगली औद्योगिक क्रांति है वो डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और टैंलेट पर ही आधारित होगी। इसके लिए हम देश को तैयार कर रहे हैं। आज देश भर के स्कूलों में हम 6th क्लास के बच्चों को ही अटल टिंकरिंग लैब उपलब्ध कर रहे हैं। ये भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक व्यापक सुधार है। भविष्य में यही से स्टार्ट अप और टेक्नोलॉजी के लिए हमारा टेंपारमेंट विकसित होने वाला है। भाइयो-बहनो, यही नए संस्थान नए भारत की नई पहचान बनने वाले हैं। हमारे युवा साथियों की आकांक्षाओं को उड़ान देने वाले हैं। डिजिटल टेक्नोलॉजी को जिस प्रकार हमने गवर्नेंस का हिस्सा बनाया है। उससे मिनिमम गवर्नमेंट मैक्सिमम गवर्नेंस उस सपने  साकार ककरने में बहुत मदद मिली है। बीते पांच वर्षों में फैसले लेने की प्रकिया तेज हुई है। सर्विसेस की डिलीवरी सटीक और फास्ट हुई है। और सबसे बड़ी बात जनता की पहुंच सिस्टम तक बढ़ी है। और सिस्टम में ट्रांसपेरेंसी आई है। साथियो, जन धन, आधार और मोबाइल यानी JAM जैम की ट्रिनिटी से बीते पांच वर्ष में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक, इंदौर वालों ये सुनकर के पको आश्चर्य होगा।

पांच वर्ष में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हिंदुस्तान का खजाना, जिस पर आपका अधिकार है। हिंदुस्तान के खजाने के मालिक आप है। लेकिन पहले ऐसी सरकारें चलती थी 1 लाख करोड़ रुपया, ये आंकड़ा मामूली नहीं है। सरकारी तिजोरी में से आया हुआ रुपया गलत हाथों में चला जाता था। मोदी ने उसे रोक लिया है दोस्तों। वही पांच वर्ष में करीब 6 लाख करोड़ रुपया का डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर, सीधे लाभार्थियों के खाते में गया है। यानी बिचौलिए भी गायब और देश के ईमानदार टैक्स पेयर के लिए उनके जो पैसे की लूट होती थी उस लूट को भी मैंने बचा लिया है। साथियो, ये पहली सरकार है जिसने ईमानदार टैक्स पेयर को इतना सम्मान दिया है। ये पहली सरकार है जिसने मिडिल क्लास की जरूरतों को उसकी आशाओं, आकाक्षाओं को इतना मान और सम्मान दिया है। आज देश में पांच लाख रुपये की आय पर कोई टैक्स नहीं है। ये मांग देश का मिडिल क्लास सालों से कर रहा था ये काम भी इस चौकीदार ने कर दिया। हमने महंगाई कम की है, घर की EMI कम की है। भाइयो-बहनो, बढ़ाने के लिए हम देश में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का जाल बढ़ा रहे हैं। भाइयो-बहनो, आज मेक इन इंडिया एक बहुत बड़ा ब्रांड बनकर उभर रहा है। यहां इंदौर में ही सुपर कॉरिडोर सहित आईटी पार्क और बिजनेस पार्क है। करीब पांच हजार छोटे-बडे उद्योग चल रहे हैं। आज भारत ऑटो, रेल कोट, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में बहुत तरक्की कर रहा है। मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में हम दुनिया के दूसरे नंबर के देश हो गए हैं।

आप सभी को याद होगा कि विधानसभा चुनाव के दौरान एक नामदार यहां आकर कह गए थे कि मेक इन इंदौर और मेक इन मंदसौर मोबाइल फोन बनाउंगा, ऐसा कहा था न, कहा था कि नहीं कहा था? इंदौर वाले भूल जाते हैं। कहा था? किसने कहा था? लेकिन इतना गाजे बाजे से कहा और यहां की मीडिया ने बहुत आन बान शान से ये छापा भी। जरा विशेष कृपा रहती है उन पर, लेकिन कांग्रेस के पूरे मेनिफेस्टो में ये वादा भूला दिया गया है उल्लेख तक नहीं है। कोई अखबार वाला लिखेगा नहीं। फिर सरकार बदल गई है न। खैर कांग्रेस के लिए ये कोई नई बात नहीं है। उनका तो अहंकार तीन शब्दों में प्रकट होता है। ये तीन शब्द कांग्रेस के अहंकार की पहचान है। ये तीन शब्द कांग्रेस देश के लोगों की तरफ कैसे देखती है उसका जीता जागता सबूत है। ये तीन शब्द ये ऐसे शब्द है जिसको सुनने के बाद हिदुतान के सार्वजनिक जीवन में कांग्रेस को और उसके महामिलावटी साथियों को एक दिन भी सार्वजनिक जीवन में रहने का अधिकार नहीं है। ये तीन शब्द कौन से हैं? कौन से हैं? कौन से हैं? कौन से हैं? पहले तो इंदौर वालों को सलाम क्योंकि आपको मालूम है, आप जागरूक हैं। अभी नामदार के गुरु ने और ये कोई व्यक्ति नहीं बोल रहा, ये कांग्रेस पार्टी का अहंकार बोल रहा है, कांग्रेस पार्टी की सोच बोल रही है। और क्या बोला? हुआ तो हुआ। हुआ तो हुआ। हुआ तो हुआ। हुआ तो हुआ। किसानों का दो लाख तक का कर्ज माफ होना था किसानों के घर आज पुलिस आ रही है।

बैंक किसानों को कर्ज नहीं दे रहे और ये कहते हैं हुआ तो हुआ। ये कहते हैं पूरी ताकत से बोलो उनको सुनाई दें। ये कहते हैं हुआ तो हुआ। ये कहते हैं हुआ तो हुआ। ये कहते हैं हुआ तो हुआ। ये कहते हैं हुआ तो हुआ। और इंदौर की जनता कहती है इनफ इज इनफ बहुत हो गया। मध्य प्रदेश की जनता पूछ रही है कि बिजली के बिल की बजाय बिजली की सप्लाई हाफ क्यों हुई? कांग्रेसी कहते हैं हुआ तो हुआ। कांग्रेसी कहते हैं हुआ तो हुआ। कांग्रेसी कहते हैं हुआ तो हुआ। यहां का कर्मचारी पूछ रहा है कि बेवजह मेरा ट्रांसफर क्यों हुआ? ये कहते हैं हुआ तो हुआ। ये कहते हैं कि हुआ तो हुआ। इतना अहंकार इनमें भरा हुआ है। ये सोचते हैं कि कुछ भी अनाप-शनाप बोलेंगे और लोग मान लेंगे। कांग्रेस वाले समझ लो ये 20वीं शताब्दी नहीं है। ये 21वीं शताब्दी है चार साल का बच्चा भी जानता है आप कौन हो। इंदौर के मेरे प्यारे भाइयो-बहनो, वंशवाद के पेड़ पर चढ़कर इन लोगों को पार्टी की कमान तो मिल सकती है लेकिन, सोच और विजन नहीं मिल सकता है। जव विजन नहीं होता, जब ट्रैक रिकॉर्ड ठीक नहीं होता तो सिर्फ और सिर्फ झूठ का सहारा लेना पड़ता है, झूठ फैलाना पड़ता है। यही कारण है कि आज कांग्रेस देश की डिफेंस पॉलिसी हमारी रक्षा नीति ये डिस्कस ही नहीं करना चाहती। कांग्रेस कहती है कि मोदी आतंकवाद का मुद्दा क्यों उठाता है। आप मुझे बताइए उठाना चाहिए कि नहीं चाहिए? ऐसे जवाब नहीं चलता इंदौर वाले तो दिल खोलकर के बोलते हैं। पोहा खिलाते हैं तो प्यार से खिलाते हैं। आप मुझे बताइए इस देश में आतंकवाद की चर्चा होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए? ये इंदौर महानगरपालिका का चुनाव है क्या? ये हिंदुस्तान का चुनाव है, इंदौर महानगरपालिका के चुनाव में खम्बे, बिजली, पाइप, बगीचा, सफाई, गट्टर, पानी ये तो मैं समझ सकता हूं। लेकिन क्या हिदुस्तान का चुनाव होगा, जिस हिंदुस्तान की सरकार रक्षा बजट बनाती है। जो हिंदुस्तान की सरकार को सीमा की रक्षा की जिम्मेदारी होती है। जिसे देश में आय दिन 2014 के पहले बम धमाके होते थे। बम धमाके होते थे। बम धमाके होते थे कि नहीं होते थे? पुणे में हुआ कि नहीं हुआ ? बनारस में हुआ कि नहीं हुआ? अयोध्या में हुआ कि नहीं हुआ ? दिल्ली में हुआ कि नहीं हुआ? मैं इतनी बड़ी लिस्ट बता सकता हूं। 2014 के बाद बंद क्यों हो गया भाई? क्यों बंद हो गया? क्यों बंद हो गया? क्या कारण है? क्यों बंद हो गया? अरे आप इंदौर वालों ने गलत जवाब दे दिया। इंदौर वाले गलती नहीं कर सकते जी। इंदौर वालों ने गलत जवाब दे दिया, आप कहते हैं मोदी ने किया आपका जवाब गलत है ये आपके एक वोट ने किया है। ये आपके वोट की ताकत है जो देश आज मजबूती से घर में घुसकर के मारता है। कांग्रेस के लिए सिर्फ एक ही मुद्दा है मोदी हटाओ, मोदी हटाओ।

भाइयो-बहनो, ये वही कांग्रेस है जिसकी गलत नीतियों के चलते देश में आतंकवाद और नक्सलवाद को बल मिला। इनकी सुरक्षा नीति इतनी कमजोर थी कि सैकड़ों लोग बम धमाकों में मारे जाते थे। लेकिन इनके मुंह से आवाज नहीं निकलती, दुनिया इनकी बात मानने को तैयार नहीं थी। पाकिस्तान ने पूरी दुनिया में ये फैला दिया कि भारत में आतंकवाद तो भारत की अंदुरुनी समस्या है। आय दिन अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर का कश्मीर-कश्मीर-कश्मीर का राग गाया जाता था। साथियो, बीते पांच वर्ष से सब कुछ बंद हो गया। अब पाकिस्तान को हर जगह पर जाकर के जवाब देना पड़ता है कि वो आतंकवाद करेंगे कि नहीं करेगा। भाइयो-बहनो, और ये मोदी है आप इंदौर वाले मुझे जानते हो न। भाइयो-बहनो, ये नया हिंदुस्तान है, अब भारत घर में घुसकर के मारता है। और उसके बावजूद भी पूरी दुनिया हमारे साथ खड़ी रहती है। पाकिस्तान की कोई सुनने को तैयार नहीं है। आप मुझे बताइए मैं सही कर रहा हूं कि नहीं कर रहा हूं? मुझे यही करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए? घर में घुसकर मारना चाहिए कि नहीं मारना चाहिए? क्या रोते बैठना चाहिए क्या?  मेरे जवान मारे जाए मैं चुप रहूं क्या? आप मुझे बताइए आज इस लोकसभा के चुनाव में प्रधानमंत्री बनने की बहुत बड़ी लाइन लगी हुई है। मालूम है न? बहुत लोग कतार में खड़े हैं प्रधानमंत्री बनने के लिए। बहुत लोग हैं। कर्नाटक में तो आठ सीट लड़ने वाले भी ये सोचते हैं कि इस बार उनका नंबर लग जाएगा। 20 सीट वाले भी सोचते हैं कि वो प्रधानंमत्री बन जाएंगे। 30 सीट लड़ने वाले भी बोल रहे हैं, अरे सुनो भाई, आपका प्यार मेरी सर आंखों पर, मैं बोलना शुरू करूं? अरे इंदौर वालों इतना प्यार कर रहे हो, फिर ताई को मुझे खाना खिलाना पड़ेगा।

भाइयो-बहनो, आज प्रधानमंत्री बनने की बहुत बड़ी कतार लगी हुई है। आठ सीट वाला भी सोचता है उसका नंबर लगेगा। 20 सीट लड़ रहा है वो भी सोच रहा है। 30 सीट लड़ रहा है वो भी सोच रहा है। कुछ लोगों ने तो दर्जी के पास से कपड़े भी बनवा लिए। मैं जरा आपसे पूछना चाहता हूं कि जितने चेहरे दिखाई देते हैं कौन है ? कौन है? जो आतंकवाद से लड़ सकता है? ये मुझे खुश करने के लिए मत बोलो, ये मीडिया वालों को खुश करने के लिए मत बोलो। सच बताओ, आतंकवाद से कौन लड़ सकता है? आतंकवाद से कौन मुकाबला कर सकता है? देश की रक्षा कौन कर सकता है? आपको पुन भरोसा है, मैं आपका बहुत आभारी हूं। कांग्रेस और उसके महामिलावटी देश की सुरक्षा पर बहस करने की हिम्मत नहीं कर रहे जी। क्योंकि बहस करेंगे तो उनको 70 साल के उनके पापों का हिसाब देना पड़ेगा। इसलिए भाग जाते हैं, साथियो याद करिए इन्हीं महामिलावटी लोगों के कार्यकाल में जब देश में एक साथ दो बड़े आयोजन करने में सरकार की नींद उड़ जाती थी, और इसी वजह से जब 2009 के चुनाव चल रहे थे, और 2014 के चुनाव चल रहे थे। दोनों चुनाव मई महीने में हुए और मई महीने में आईपीएल का मैच होता है। देश का नौजवान मैच देखना चाहता है। एन्जॉय करना चाहता है। आप हैरान हो जाओगे दोस्तो, याद करो, ये ऐसी सरकार बैठी थी कि 2009 और 2014 में उन्होंने कह दिया चुनाव है हम आईपीएल नहीं करवा सकते और आईपीएल चुनाव के बाहर हुआ था। जो लोग एक आईपीएल नहीं करवा सकते, और आज क्या है, देखिए सरकार बदलती है सरकार बदलती है तो क्या क्या बदलता है। आप देखिए, ये मीडिया वाले नहीं बताएंगे आपको मुझे आकर बताना पड़ रहा है। देखिए चुनाव भी हो रहा है, हो रहा है कि नहीं हो रहा? आईपीएल हो रहा है कि नहीं हो रहा है? एक तरफ देश में लोग लोकतंत्र का पर्व मना रहे हैं तो वही इसी दौरान अभी अभी नवरात्री का उत्सव गया, चैत्र नवरात्र चल रही थी, अभी-अभी रामनवमी का उत्सव गया, देश ने आन बान शान के साथ मनाया। अभी अभी हनुमान जयंती गई देश ने आन-बान-शान के साथ मनाया। अभी अभी ईस्टर का पर्व गया, पूरे देश ने ईस्टर को मनाया और अभी रमजान भी पूरी धूमधाम से मना रहा है और चुनाव भी चल रहा है।

इतना ही नहीं कुछ दिन पहले आपने ये भी देखा होगा कि बहुत बड़ा फेनी, ये फोनी चक्रवात तूफान आ गया, हिंदुस्तान के पूर्वी इलाके में और बहुत तेज गति से आया। उसको भी हमने इस प्रकार से हैंडल किया, 12 लाख लोगों को एक जगह से उठाकर के दूसरी जगह पर बसाया, हजारों लोगों के मरने की संभावना थी बचा लिया और यूनाइटेड नेशन ने कहा कि भारत ने अद्भुत काम कर के दिखाया। ये भी चुनाव के दौरान किया दोस्तो। चुनाव चले, आईपीएल चले, नवरात्री चले, रमनवमी चले, हनुमान जयंती चले, ईस्टर चले, रमजान चले और तूफान का भी मुकाबला करे ये हिंदुस्तान नया हिंदुस्तान है। लोग वहीं हैं अफसर भी वहीं दफ्तर भी वहीं ब्यूरोक्रेसी वहीं हैं, बाबू वहीं हैं, सरकारी मशीन वहीं, टेबल वहीं, फाइल वहीं, एजेंसिया भी वहीं। फिर बदला क्या? क्या बदला? लोग तो वहीं हैं। बदली है सरकार की इच्छशक्ति, कार्य संस्कृति और सरकार की नीयत। हर फैसला जब सिर्फ और सिर्फ देशहित को ध्यान में रखते हुए लिया जाता है तो ऐसे ही नतीजे मिलते हैं। भाइयो-बहनो, कांग्रेस की हर चीज वंशवाद और वोट बैंक से से डिसाइड होती है। तीन तलाक का मुद्दा लीजिए, कांगेस सिर्फ वोट बैंक के लिए मुस्लिम बहनों के साथ जुल्म का विरोध कर रही है। अभी अलवर में जो बेटी से गैंगरेप हुआ, दलित बेटी से हुआ उसको भी दबाया गया ताकी चुनाव के पहले खबर न फैल जाए। वरना दलित नाराज हो जाएंगे।

मैंने आज मायावती को चुनौती दी है। मैंने कहा बहनजी आपकी पार्टी राजस्थान में सरकार में भागीदार है, अगर दलितों की इतनी चिंता है तो समर्थन वापस करो वो तो पूर्ण बहुमत वाली सरकार नहीं है। बयान देते हैं, हिम्मत नहीं है नीयत नहीं है दोस्तों। साथियो, सबका साथ सबका विकास ये हमारा मंत्र है, और सबको सुरक्षा सबका सम्मान ये हमारा प्रण है। इसी भावना को मजबूत करने के लिए इस बार पूरी शक्ति से कमल खिलाना है। देश मजबूत बनाना है? देश मजबूत बनाना है? और बनाना है? ताकतवर बनाना है? तो सरकार मजबूत चाहिए कि नही चाहिए? सरकार मजबूत चाहिए कि नहीं चाहिए? तो ये चौकादार भी तो मजबूत होना चाहिए?   चौकीदार को मजबूत बनाना है तो अपना बूथ मजबूत बनाओगे? 19 तारीख को मतदान है घर घर जाओगे? हर किसी को मिलोगे? देश के लिए समझाओगे? वोट देने के लिए निकालोगे? पूरी मेहनत करोगे? पूरे मध्य प्रदेश का रिकॉर्ड तोड़ने वाला मतदान इंदौर कर सकता है क्या? कर सकता है क्या? भाइयो-बहनो, कमल के निशान पर बटन दबाइए आपका वोट सीधा सीधा मोदी के खाते में जाएगा। आप इतनी बड़ी मात्रा में आशीर्वाद देने आए, मैं इंदौर का बहुत बहुत आभारी हूं। आप सबका बहुत आभारी और ताई जी के आशीर्वाद के लिए ताई जी का भी बहुत बहुत आभारी हूं।

मेरे साथ दोनों मुट्ठी बंद कर के बोलिए

बारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय

बहुत-बहुत धन्यवाद           

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PM’s address on the 50th Statehood day of Tripura
January 21, 2022
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Praises the unity and collective efforts of the people of the state
“Tripura is becoming a land of opportunities through relentless efforts of the double engine government”
“Through the construction of the connectivity infrastructure, the state is fast becoming the hub of the trade corridor”

The Prime Minister, Shri Narendra Modi paid tribute to the people who have contributed to the establishment and development of Tripura. He acknowledged the dignity and contribution of the state from the period of Manikya Dynasty. He praised the unity and collective efforts of the people of the state. He was speaking on the occasion of the 50th Statehood day of Tripura today.

The Prime Minister underlined the three years of meaningful development and said that Tripura is becoming a land of opportunities under the aegis of relentless efforts of the double engine government. Highlighting the state’s excellent performance on many of the development parameters, the Prime Minister said that through the construction of the connectivity infrastructure, the state is fast becoming the hub of the trade corridor. Today, along with roads, railways, air and inlay waterways are also connecting Tripura with the rest of the world. The double engine government fulfilled the long pending demand of Tripura and got access to the Chittagong sea port in Bangladesh. The state received the first cargo from Bangladesh through Akhaura Integrated Check Post in 2020. The Prime Minister also mentioned the recent expansion of Maharaja Bir Bikram Airport.

The Prime Minister talked about good work in the state regarding providing pucca houses to the poor and use of new technology in housing construction. These Light House Projects (LHP) are going on in six states and Tripura is one of them. He said that the work of the last three years is just a beginning and Tripura’s real potential is yet to be realized. He said that the measures in the fields ranging from transparency in the administration to infrastructure development will prepare the state for decades to come. Campaigns like saturation of benefits and facilities in all the villages will make the lives of the people of Tripura easier and better, he said.

The Prime Minister said as India will attain 100 years of Azadi, Tripura will also complete 75 years of statehood. “This is a great period for new resolutions and new opportunities”, the Prime Minister added.