I urge everyone to eliminate single-use plastics from their lives as a tribute to Gandhiji on his upcoming 150th birth anniversary: PM Modi
India has always inspired the world on environmental protection and now is the time India leads the world by example and conserve our environment: PM Modi
The development projects launched today will boost tourism in Mathura and also strengthen the local economy: PM Modi

প্ৰধানমন্ত্ৰী নৰেন্দ্ৰ মোদীয়ে আজি মথুৰাত পশুধনৰ ভৰি আৰু মুখত হোৱা ৰোগ (এফ এম ডি) আৰু ব্ৰুচেল’ছিছ নিয়ন্ত্ৰণৰ বাবে ৰাষ্ট্ৰীয় পশু ৰোগ নিয়ন্ত্ৰণ কাৰ্যসূচী (এন এ চি ডি পি) মুকলি কৰে৷

সম্পূৰ্ণ কেন্দ্ৰীয় চৰকাৰৰ পৃষ্ঠপোষকতাত ১২,৬৫২ কোটি টকীয়া এই কাৰ্যসূচীৰ অধীনত দেশৰ ৬০০ মিলিয়ন গৰু-ম’হক উক্ত দুটা ৰোগৰ পৰা মুক্ত কৰিবলৈ টীকাকৰণ কৰা হ’ব৷

প্ৰধানমন্ত্ৰীয়ে ৰাষ্ট্ৰীয় কৃত্ৰিম প্ৰজনন কাৰ্যসূচী মুকলি কৰাৰ লগতে সমগ্ৰ দেশৰ ৬৮৭খন জিলাৰ কৃষি বিজ্ঞান কেন্দ্ৰত (কে ভি কে) টীকাকৰণ আৰু ৰোগ প্ৰৱন্ধন, কৃত্ৰিম প্ৰজনন আৰু উৎপাদনশীলতা শীৰ্ষক এক কৰ্মশালাও মুকলি কৰে৷

এক বিশাল জনসমাৱেশত ভাষণ প্ৰদান কৰি প্ৰধানমন্ত্ৰীয়ে কয়, ‘‘পৰিবেশ আৰু পশুধন সদায়েই ভাৰতীয় অৰ্থনীতিৰ মূল আধাৰ আৰু দৰ্শন হিচাপে বিবেচিত হৈ আহিছে৷ আৰু সেয়ে স্বচ্ছ ভাৰতেই হওক অথবা জল জীৱন অভিযানেই হওক অথবা কৃষি আৰু পশুপালন, আমি সদায়েই প্ৰকৃতি আৰু অৰ্থনীতিৰ মাজত ভাৰসাম্য বৰ্তাই ৰখাৰ বাবে চেষ্টা কৰি আহিছো৷ আৰু ইয়াৰ জৰিয়তেই আমি এক নতুন শক্তিশালী ভাৰত গঢ়িবলৈ সক্ষম হ’ম৷’’

 

 

প্ৰধানমন্ত্ৰীয়ে দেশত এবাৰ ব্যৱহাৰযোগ্য প্লাষ্টিকৰ ব্যৱহাৰ হ্ৰাস কৰিবলৈ স্বচ্ছতাই সেৱা কাৰ্যসূচীও মুকলি কৰে৷

‘‘আমি সকলোৱেই ২ অক্টোবৰৰ ভিতৰত আমাৰ ঘৰ, কাৰ্যালয়স কৰ্মস্থানৰ পৰা এই এবাৰ ব্যৱহাৰযোগ্য প্লাষ্টিক পৰিহাৰ কৰিবলৈ চেষ্টা কৰিব লাগে৷’’

‘‘মই সকলো আত্ম সহায়ক গোট, সামাজিক সংস্থা, এন জি অ’, মহিলা আৰু যুৱসংস্থা, প্ৰত্যেকখন মহাবিদ্যালয়, প্ৰত্যেকখন বিদ্যালয়, প্ৰত্যেক চৰকাৰ আৰু ব্যক্তিগত সংস্থা, প্ৰত্যেকজন ব্যক্তিক এই এবাৰ ব্যৱহাৰযোগ্য প্লাষ্টিকৰ বিৰুদ্ধে অভিযান গঢ়ি তুলিবলৈ আহ্বান জনাইছো৷’’

‘‘আমি পলিথিন বেগৰ সহজ বিকল্প সন্ধান কৰা উচিত৷ আমাৰ ষ্টাৰ্ট-আপসমূহৰ জৰিয়তে অসংখ্য সমাধান পোৱা যাব৷’’

প্ৰধানমন্ত্ৰীয়ে পশুধনৰ স্বাস্থ্য, পুষ্টি আৰু দুগ্ধ উৎপাদন সম্বন্ধীয় বিভিন্ন অন্যান্য কাৰ্যসূচীও মুকলি কৰে৷

‘‘কৃষকৰ উপাৰ্জন বৃদ্ধিত পশুপালন আৰু অন্যান্য সম্বন্ধীয় ক্ষেত্ৰসমূহৰ অনেক গুৰুত্ব আছে৷ পশুধন, মীনপালন, মৌ-পালন আদিত বিনিয়োগে উপাৰ্জন অধিক বৃদ্ধি কৰিব৷’’

‘‘যোৱা পাঁচ বছৰত আমি কৃষি আৰু সম্বন্ধীয় ক্ষেত্ৰসমূহত বিভিন্ন পদক্ষেপ গ্ৰহণ কৰিছো৷ আমি পশুধন, দুগ্ধজাত সামগ্ৰীৰ উত্তৰণৰ বাবে বহু পদক্ষেপ গ্ৰহণ কৰিছো৷’’

 

‘‘আমি পশুধনৰ বাবে সেউজীয়া ঘাঁহ আৰু পুষ্টিযুক্ত খাদ্য প্ৰদানৰ উপযুক্ত সমাধান সন্ধান কৰা উচিত৷’’

‘‘ভাৰতত দুগ্ধ ক্ষেত্ৰৰ প্ৰসাৰণৰ বাবে উদ্ভাৱন আৰু নতুন প্ৰযুক্তিৰ আৱশ্যক৷ আমি ‘‘ষ্টাৰ্ট আপ ব্ৰেণ্ড প্ৰত্যাহ্বান’’ মুকলি কৰিছো যাতে গাঁওসমূহৰ পৰা এই উদ্ভাৱনসমূহ উদ্ভাসিত হৈ ওলাই আহে৷’’

‘‘মই মোৰ যুৱ বন্ধুসকলক নিশ্চিতি প্ৰদান কৰিছো যে তেওঁলোকৰ চিন্তাধাৰাসমূহক গুৰুত্ব সহকাৰে লোৱা হ’ব আৰু তেওঁলোকৰ বাবে উপযুক্ত বিনিয়োগৰ সন্ধান কৰা হ’ব৷ ইয়াৰ জৰিয়তে নিয়োজনৰ নতুন সম্ভাৱনাৰ সৃষ্টি হ’ব৷’’

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Text of PM's remarks at beginning of the Budget Session of Parliament
January 29, 2026
The President’s Address Reflects Confidence and Aspirations of 140 crore Indians: PM
India-EU Free Trade Agreement Opens Vast Opportunities for Youth, Farmers, and Manufacturers: PM
Our Government believes in Reform, Perform, Transform; Nation is moving Rapidly on Reform Express: PM
India’s Democracy and Demography are a Beacon of Hope for the World: PM
The time is for Solutions, Empowering Decisions and Accelerating Reforms: PM

नमस्कार साथियों!

कल राष्ट्रपति जी का उद्बोधन 140 करोड़ देशवासियों के आत्मविश्वास की अभिव्यक्ति था, 140 करोड़ देशवासियों के पुरुषार्थ का लेखा-जोखा था और 140 करोड़ देशवासी और उसमें भी ज्यादातर युवा, उनके एस्पिरेशन को रेखांकित करने का बहुत ही सटीक उद्बोधन, सभी सांसदों के लिए कई मार्गदर्शक बातें भी, कल आदरणीय राष्ट्रपति जी ने सदन में सबके सामने रखी हैं। सत्र के प्रारंभ में ही और 2026 के प्रारंभ में ही, आदरणीय राष्ट्रपति जी ने सांसदों से जो अपेक्षाएं व्यक्त की हैं, उन्होंने बहुत ही सरल शब्दों में राष्ट्र के मुखिया के रूप में जो भावनाएं व्यक्त की हैं, मुझे पूरा विश्वास है कि सभी माननीय सांसदों ने उसको गंभीरता से लिया ही होगा और यह सत्र अपने आप में बहुत ही महत्वपूर्ण सत्र होता है। यह बजट सत्र है, 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है, यह दूसरी चौथाई का प्रारंभ हो रहा है, और 2047 विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यह महत्वपूर्ण 25 वर्ष का दौर आरंभ हो रहा है और यह दूसरे क्वार्टर का, इस शताब्दी के दूसरे क्वार्टर का यह पहला बजट आ रहा है और वित्त मंत्री निर्मला जी, देश की पहली वित्त मंत्री ऐसी हैं, महिला वित्त मंत्री ऐसी हैं, जो लगातार 9वीं बार देश के संसद में बजट प्रस्तुत करने जा रही है। यह अपने आप में एक गौरव पल के रूप में भारत के संसदीय इतिहास में रजिस्टर हो रहा है।

साथियों,

इस वर्ष का प्रारंभ बहुत ही पॉजिटिव नोट के साथ शुरू हुआ है। आत्मविश्वास से भरा हिंदुस्तान आज विश्व के लिए आशा की किरण भी बना है, आकर्षण का केंद्र भी बना है। इस क्वार्टर के प्रारंभ में ही भारत और यूरोपीय यूनियन का फ्री ट्रेड एग्रीमेंट आने वाली दिशाएं कितनी उज्ज्वल हैं, भारत के युवाओं का भविष्य कितना उज्ज्वल है, उसकी एक झलक है। यह फ्री ट्रेड फॉर एंबिशियस भारत है, यह फ्री ट्रेड फॉर एस्पिरेशनल यूथ है, यह फ्री ट्रेड फॉर आत्मनिर्भर भारत है और मुझे पक्का विश्वास है, खास करके जो भारत के मैन्युफैक्चरर्स हैं, वे इस अवसर को अपनी क्षमताएं बढ़ाने के लिए करेंगे। और मैं सभी प्रकार के उत्पादकों से यही कहूंगा कि जब भारत यूरोपियन यूनियन के बीच मदर ऑफ ऑल डील्स जिसको कहते हैं, वैसा समझौता हुआ है तब, मेरे देश के उद्योगकार, मेरे देश के मैन्युफैक्चरर्स, अब तो बहुत बड़ा बाजार खुल गया, अब बहुत सस्ते में हमारा माल पहुंच जाएगा, इतने भाव से वो बैठे ना रहे, यह एक अवसर है, और इस अवसर का सबसे पहले मंत्र यह होता है, कि हम क्वालिटी पर बल दें, हम अब जब बाजार खुल गया है तो उत्तम से उत्तम क्वालिटी लेकर के बाजार में जाएं और अगर उत्तम से उत्तम क्वालिटी लेकर के जाते हैं, तो हम यूरोपियन यूनियन के 27 देशों के खरीदारों से पैसे ही कमाते हैं इतना ही नहीं, क्वालिटी के कारण से उनका दिल जीत लेते हैं, और वो लंबे अरसे तक प्रभाव रहता है उसका, दशकों तक उसका प्रभाव रहता है। कंपनियों का ब्रांड देश के ब्रांड के साथ नए गौरव को प्रस्थापित कर देता है और इसलिए 27 देशों के साथ हुआ यह समझौता, हमारे देश के मछुआरे, हमारे देश के किसान, हमारे देश के युवा, सर्विस सेक्टर में जो लोग विश्व में अलग-अलग जगह पर जाने के उत्सुक हैं, उनके लिए बहुत बड़े अवसर लेकर के आ रहा है। और मुझे पक्का विश्वास है, एक प्रकार से कॉन्फिडेंस कॉम्पिटेटिव और प्रोडक्टिव भारत की दिशा में यह बहुत बड़ा कदम है।

साथियों,

देश का ध्यान बजट की तरफ होना बहुत स्वाभाविक है, लेकिन इस सरकार की यह पहचान रही है- रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। और अब तो हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं, बहुत तेजी से चल पड़े हैं और मैं संसद के भी सभी साथियों का आभार व्यक्त करता हूं, इस रिफॉर्म एक्सप्रेसवे को गति देने में वे भी अपनी सकारात्मक शक्ति को लगा रहे हैं और उसके कारण रिफॉर्म एक्सप्रेस को भी लगातार गति मिल रही है। देश लॉन्ग टर्म पेंडिंग प्रॉब्लम अब उससे निकल करके, लॉन्ग टर्म सॉल्यूशन के मार्ग पर मजबूती के साथ कदम रख रहा है। और जब लॉन्ग टर्म सॉल्यूशंस होते हैं, तब predictivity होती है, जो विश्व में एक भरोसा पैदा करती है! हमारे हर निर्णय में राष्ट्र की प्रगति यह हमारा लक्ष्य है, लेकिन हमारे सारे निर्णय ह्यूमन सेंट्रिक हैं। हमारी भूमिका, हमारी योजनाएं, ह्यूमन सेंट्रिक है। हम टेक्नोलॉजी के साथ स्पर्धा भी करेंगे, हम टेक्नोलॉजी को आत्मसात भी करेंगे, हम टेक्नोलॉजी के सामर्थ्य को स्वीकार भी करेंगे, लेकिन उसके साथ-साथ हम मानव केंद्रीय व्यवस्था को जरा भी कम नहीं आकेंगे, हम संवेदनशीलताओं की महत्वता को समझते हुए टेक्नोलॉजी की जुगलबंदी के साथ आगे बढ़ने के व्यू के साथ आगे सोचेंगे। जो हमारे टिकाकार रहते हैं साथी, हमारे प्रति पसंद ना पसंद का रवैया रहता है और लोकतंत्र में बहुत स्वाभाविक है, लेकिन एक बात हर कोई कहता है, कि इस सरकार ने लास्ट माइल डिलीवरी पर बल दिया है। योजनाओं को फाइलों तक नहीं, उसे लाइफ तक पहुंचाने का प्रयास रहता है। और यही हमारी जो परंपरा है, उसको हम आने वाले दिनों में रिफॉर्म एक्सप्रेस में नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म के साथ आगे बढ़ाने वाले हैं। भारत की डेमोक्रेसी और भारत की डेमोग्राफी, आज दुनिया के लिए एक बहुत बड़ी उम्मीद है, तब इस लोकतंत्र के मंदिर में हम विश्व समुदाय को भी कोई संदेश दें, हमारे सामर्थ्य का, हमारे लोकतंत्र के प्रति समर्पण का, लोकतंत्र की प्रक्रियाओं के द्वारा हुए निर्णय का सम्मान करने का यह अवसर है, और विश्व इसका जरूर स्वागत भी करता है, स्वीकार भी करता है। आज जिस प्रकार से देश आगे बढ़ रहा है आज समय व्यवधान का नहीं है, आज समय समाधान का है। आज प्राथमिकता व्यवधान नहीं है, आज प्राथमिकता समाधान है। आज भूमिका व्यवधान के माध्यम से रोते बैठने का नहीं है, आज हिम्मत के साथ समाधानकारी निर्णयों का कालखंड है। मैं सभी माननीय सांसदों से आग्रह करूंगा कि वे आएं, राष्ट्र के लिए आवश्यक समाधानों के दौर को हम गति दें, निर्णयों को हम शक्ति दें और लास्ट माइल डिलीवरी में हम सफलतापूर्वक आगे बढ़ें, साथियों आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद, बहुत-बहुत शुभकामनाएं।