Shri Narendra Modi continues campaign in Himachal Pradesh, addresses rally in Kangra 

Shri Modi urges people to reelect the BJP Government, says he is seeing wave of support in favour of BJP 

Reason behind Gujarat’s development is political stability. This time even Punjab bucked the trend of alternating Governments and reelected the incumbent Government: Shri Modi 

PM asked for votes but failed to give accountability to the people: Shri Modi 

Congress has institutionalized corruption. In Congress, commit sin and you are rewarded: CM 

In Dev Bhoomi like this do we want sins of Delhi to enter? Asks Shri Modi

 

Continuing his campaign in Himachal Pradesh in the wake of the upcoming Vidhan Sabha polls in the state, Shri Narendra Modi addressed a public meeting in Kangra in which he strongly appealed to the people to give BJP a second chance in governing the state.

Talking about his relations with Himachal Pradesh Shri Modi recalled that he has worked in the hill state for years and outside Gujarat, Himachal is his 2nd home.

About the upcoming elections, Shri Modi affirmed that he has seen many elections but this time he is seeing a wave in support of the BJP. He said that today Gujarat has scaled new heights of development and the reason behind this is political stability- for the last so many elections BJP is winning in the state. The Chief Minister stated that politics stability enhances accountability and brings consistency in policy. He urged the people to buck the trend of not repeating incumbent Governments and gave the example of neighboring Punjab, which created history by reelecting the Akali Dal-BJP Government in the January 2012 elections.

Shri Modi affirmed that Shri Dhumal’s Government has won 72 awards whereas Dr. Manmohan Singh’s Government has not even won a single award.

Referring to the Prime Minister’s visit to Himachal Pradesh Shri Modi affirmed that the visit created news as Dr. ‘Maunmohan’ Singh decided to speak but Shri Modi said it was unfortunate that the PM and Mrs. Sonia Gandhi have failed to speak about the condition of the poor, who are suffering due to rising prices.

The Chief Minister reminded the people of the Congress promise of 2009 to bring prices down in 100 days of getting elected but asked if that had happened. He further stated that the PM should come to the people and answer why prices are rising. Shri Modi declared that the PM came to Himachal to seek votes but failed to provide any accountability to the people.

He stated that the Congress rubbed salt in the wounds of the people by putting the LPG cylinder cap and made the false promise of providing 3 additional cylinders at subsidized rates when that has not happened till now.

Talking about Mrs. Sonia Gandhi’s statement that the UPA has given Rs. 10,000 crore to Himachal Pradesh, Shri Modi expressed surprise that Mrs. Gandhi said this. He said that money belongs to the people on which they have right.

Shri Modi declared that the Congress has institutionalized corruption and there is no point expecting any change from them. He affirmed that in the Congress one commits sin and is rewarded. He cited the example of Salman Khurshid, who faces grave allegations of corruption but has been promoted in the reshuffle yesterday.

Similarly, Shri Modi spoke about former Himachal Pradesh Chief Minister Virbhadra Singh’s resignation due to corruption but noted that immediately after that the Congress handed him charge of the Himachal.

He lauded the work of the Dhumal Government and said that while Sonia ji and Dr. Manmohan Singh never understood the plight of the women, Dhumal ji understood and said that the people must decide in what hands do they want Himachal Pradesh to go to. Shri Mod categorically said that the solution to all problems in development and the BJP’s Mantra is to improve the condition of the common man.

CM addressing Election Rally at Mandi, Himachal Pradesh

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January 18, 2026
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For long, it was believed that nature and progress stood in opposition, that the two could not move together. Today, India is demonstrating to the world that both can advance together side by side: PM
The North East is no longer on the margins of development; it is now closer to the nation’s heart and to Delhi itself: PM

ऑखोमोर प्रोकृति प्रेमी राइजोलोई आंतोरिक प्रोणाम।

असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य जी, यहां के लोकप्रिय मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा जी, केंद्र में मेरे सहयोगी सर्बानंद सोनोवाल जी, पवित्रा मार्गरीटा जी, असम के मंत्री अतुल बोरा जी, चरण बोरो जी, कृष्णेंदु पॉल जी, केशव महंता जी, अन्य महानुभाव और असम के मेरे प्यारे भाईयों और बहनों।

मौसम ठंडा है, गांव दूर-दूर है, उसके बावजूद भी जहां-जहां मेरी नजर पहुंच रही है, लोग ही लोग नजर आ रहे हैं। आप इतनी बड़ी संख्या में हमें आशीर्वाद देने आए हैं, मैं आपका बहुत-बहुत आभारी हूं।

आज फिर काजीरंगा आने का सौभाग्य मिला है। स्वाभाविक है मुझे अपनी पिछली यात्रा याद आना, बहुत स्वाभाविक है। दो वर्ष पहले काजीरंगा में बिताए गए पल, मेरे जीवन के बहुत खास अनुभवों में शामिल हैं। मुझे काजीरंगा नेशनल पार्क में रात्रि विश्राम करने का अवसर मिला था और अगली सुबह एलिफेंट सफारी के दौरान मैंने इस क्षेत्र की सुंदरता को बहुत करीबी से महसूस किया था।

साथियों,

मुझे हमेशा असम आकर एक अलग ही खुशी मिलती है। ये धरती वीरों की धरती है। हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने वाले बेटे-बेटियों की धरती है। कल ही मैं गुहाटी में बागुरुम्बा दहोउ के कार्यक्रम में शामिल हुआ था। वहां हमारी बोडो समुदाय की बेटियों ने बागुरुम्बा की प्रस्तुती देकर नया रिकॉर्ड बनाया। बागुरुम्बा की ऐसी अद्धभुत प्रस्तुती, दस हजार से अधिक कलाकरों की ऊर्जा, खाम की थाप, सिफुन्ग की धुन, उन मनोरम पलों ने हर किसी को मंत्रमुगध कर दिया। बागुरम्बा की अनुभूति आंखों से होकर दिल मे उतरती रही। असम के हमारे कलाकारों ने वाकई कमाल कर दिया। उनका परिश्रम, उनकी तैयारी, उनका तालमेल, सब कुछ बहुत अद्धभुत रहा। मैं बागुरुम्बा दहोउ के में शामिल सभी कलाकारों को आज फिर से एक बार बहुत-बहुत बधाई दूंगा, और मैं देश भर के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को भी बधाई देता हूं, मैं कल से देख रहा हूं कि इस बोडो परंपरा का उत्तम नृत्य सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। मुझे पूरा विश्वास है देश और दुनिया के लोग, कला और संस्कृति के इस भारत के नजरिये को, उसकी ताकत को पहचानेंगे और इस काम को बढ़ाने वाले सभी सोशल इन्फलुएंसर भी बधाई के पात्र हैं। मीडिया के मित्रों के लिए वो कल का शाम का समय जरा बहुत पैक रहता है, लेकिन आज सुबह से कई टीवी मीडिया वालों ने भी इस कार्यक्रम का पुन: प्रसारण शुरू कर दिया है। आप कल्पना कर सकते हैं, ये कार्यक्रम कितना भव्य रहा होगा।

साथियों,

पिछले वर्ष मैं झूमर महोत्सव में भी शामिल हुआ था। इस बार मुझे माघ बिहू के अवसर पर आने का मौका मिला है। एक महीने पहले मैं विकास परियोजनाओं के लिए यहां आया था। गुवाहाटी में लोकप्रिय गोपीनाथ बरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का विस्तार हुआ है। मैंने उसकी नई टर्मिनल बिल्डिंग का उद्घाटन किया था। साथ ही नामरूप में अमोनिया यूरिया कॉम्प्लेक्स की आधारशिला रखी थी। ऐसे सभी अवसरों ने, भाजपा सरकार के ‘विकास भी, विरासत भी’ इस मंत्र को और मजबूत किया है। यहां कुछ बंधु चित्र लेकर के आए हैं और ऐसे खड़े हैं थक जाएंगे, आप भेज दीजिए मैं लू लूंगा, आप आगे कलेक्ट करवा लीजिए, एसपीजी के लोग ऐसे जो लोग चित्र लेकर आए हैं उनसे लें, अगर पीछे आपका अता पता लिखा होगा, तो मेरी चिट्ठी जरूर आएगी। इधर भी इस तरफ भी कोई नौजवान लंबे अर्से से कंधे पर कंधा लगाकर के खड़ा है। मैं आप सब कलाकारों का धन्यवाद करता हूं, आपके प्यार के लिए, आपकी इस भावना के लिए मैं आपका आदर करता हूं। आप सब बैठ जाईये, जो यहां भी हैं वो ले लीजिए भई, उनको परेशान मत कीजिए।

साथियों,

असम के इतिहास में कलियाबोर का अहम स्थान है। असम के वर्तमान और भविष्य के लिए भी ये स्थान बहुत महत्वपूर्ण है। ये काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का प्रवेश द्वार भी है, और ऊपरी असम की कनेक्टिविटी का भी केंद्र है। यहीं से महायोद्धा लसित बोरफुकन जी ने, मुगल हमलावरों को बाहर करने की रणनीति बनाई थी। उनके नेतृत्व में असम के लोगों ने साहस, एकजुटता और दृढ़ संकल्प के साथ, मुगल सेना को पराजित किया था। ये केवल एक सैन्य विजय नहीं थी, ये असम के स्वाभिमान और आत्मविश्वास का जयघोष था। अतीत में यहां से पूरे पश्चिमी असम की जिम्मेदारियां संभाली जाती थीं। अहोम शासन के समय से कलियाबोर का रणनीतिक महत्व रहा है। मुझे खुशी है कि भाजपा सरकार में अब ये क्षेत्र, कनेक्टिविटी और विकास का अहम केंद्र बन रहा है।

साथियों,

आज बीजेपी, पूरे देश में लोगों की पहली पसंद बन गई है। बीते एक-डेढ़ वर्षों से, बीजेपी पर देश का भरोसा लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल में ही, बिहार में चुनाव हुए, वहां 20 वर्ष बाद भी, जनता ने बीजेपी को रिकॉर्ड वोट दिए हैं, रिकॉर्ड सीटें जिताई हैं। दो दिन पहले ही, महाराष्ट्र के बड़े शहरों में मेयर और पार्षदों के चुनाव परिणाम आए हैं। मुंबई, जो दुनिया के सबसे बड़े निगमों से एक है, वहां की जनता ने पहली बार बीजेपी को रिकॉर्ड जनादेश दिया। देखिए जीत मुंबई में हो रही है, जश्न काजीरंगा में बनाया जा रहा है। महाराष्ट्र के अधिकतर शहरों की जनता ने, बीजेपी को सेवा का अवसर दिया है।

साथियों,

इससे पहले दूर-सुदूर दक्षिण में, केरला की जनता ने बीजेपी को बहुत बड़ा समर्थन दिया है। वहां पहली बार बीजेपी का मेयर बना है, केरला की राजधानी, तिरूवनंतपुरम में आज बीजेपी सेवा कर रही है।

साथियों,

बीते कुछ समय में जितने भी चुनाव परिणाम आए हैं, उनका जनादेश स्पष्ट है। देश का वोटर आज गुड गवर्नेंस चाहता है, विकास चाहता है। वो विकास और विरासत, दोनों पर फोकस करता है। इसलिए वो बीजेपी को पसंद करता है।

साथियों,

इन चुनावों का एक और संदेश है, कांग्रेस की नेगेटिव पॉलिटिक्स को देश लगातार नकार रहा है। जिस मुंबई शहर में कांग्रेस का जन्म हुआ था, वहां वो आज चौथे या पांचवें नंबर की पार्टी बन गई है। जिस महाराष्ट्र पर कांग्रेस ने सालों तक शासन किया, वहां कांग्रेस पूरी तरह से सिमट गई है। कांग्रेस देश का भरोसा खो चुकी है, क्योंकि कांग्रेस के पास विकास का कोई एजेंडा नहीं है। ऐसी कांग्रेस कभी असम का, काजीरंगा का भी भला नहीं कर सकती।

साथियों,

काजीरंगा की सुंदरता के बारे में भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका जी ने कहा था, आमार काजिरोंगा धोन्यो, प्रोकृतिर धुनिया कुलात खेलि, आमार मोन होल पुण्यो। इन शब्दों में काजीरंगा के प्रति प्रेम की भावना है, साथ ही इनमें असमिया लोगों के प्रकृति से स्नेह की अभिव्यक्ति भी है। काज़ीरंगा केवल एक नेशनल पार्क नहीं है, काज़ीरंगा तो असम की आत्मा है आत्मा, ये भारत की बायो-डाइवर्सिटी का एक अनमोल रत्न भी है। यूनेस्को ने इसे वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा दिया है।

साथियों,

काज़ीरंगा और यहां के वन्यजीवों को बचाना केवल पर्यावरण की रक्षा नहीं है, यह असम के भविष्य और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व भी है। और सिर्फ मोदी का नहीं, आपका भी दायित्व है, और इसी को ध्यान में रखते हुए, आज असम की धरती से नए प्रोजेक्ट्स की शुरुआत हो रही है, इनका बहुत व्यापक प्रभाव होगा। मैं इन प्रोजेक्ट्स के लिए आपको बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

काज़ीरंगा एक-सींग वाले राइनो का घर है। हर साल बाढ़ के समय जब ब्रह्मपुत्र का जलस्तर बढ़ता है, तब यहीं सबसे बड़ी चुनौती सामने आती है। तब वन्यजीव ऊंचे इलाकों की तलाश में निकलते हैं। इसी रास्ते में उन्हें नेशनल हाइवे पार करना पड़ता है। ऐसे समय में राइनो, हाथी और हिरण सड़क के किनारे फंस जाते हैं। हमारा प्रयास है कि सड़क भी चलती रहे और जंगल भी सुरक्षित रहे। इसी विजन के तहत, कलियाबोर से नुमालीगढ़ तक लगभग 90 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर तैयार किया जा रहा है। इस पर लगभग 7 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें लगभग 35 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वन्यजीव कॉरिडोर भी बनाया जाएगा। यहां गाड़ियां ऊपर से गुजरेंगी और नीचे वन्यजीवों की आवाजाही बिना किसी बाधा के बनी रहेगी। एक-सींग वाला राइनो हो, हाथी हों या बाघ, इनके पारंपरिक मूवमेंट रूट्स को ध्यान में रखकर डिज़ाइन को तैयार किया गया है।

साथियों,

ये कॉरिडोर ऊपरी असम और अरुणाचल प्रदेश की कनेक्टिविटी को भी बेहतर बनाएगा। काज़ीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर और नई रेल सेवाओं से, असम के लोगों के लिए नई संभावनाएं तैयार होंगी। मैं असम की जनता और देशवासियों को इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए बधाई देता हूं।

साथियों,

जब प्रकृति सुरक्षित होती है, तो उसके साथ अवसर भी पैदा होते हैं। पिछले कुछ वर्षों में काज़ीरंगा में पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। होमस्टे, गाइड सेवाएं, परिवहन, हस्तशिल्प, और छोटे व्यवसायों के माध्यम से, स्थानीय युवाओं को आय के नए साधन मिले हैं।

साथियों,

आज मैं असम के आप लोगों की, यहां की सरकार की, एक और बात के लिए खास तौर पर तारीफ करूंगा। एक समय था, जब काजीरंगा में राइनो के शिकार की घटनाएं असम की सबसे बड़ी चिंता बन चुकी थीं। 2013 और 2014 में एक-सींग वाले दर्जनों राइनो मारे गए। भाजपा सरकार ने तय किया था कि हम ये नहीं चलने देंगे, अब ऐसे नहीं चलेगा। हमने इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से मजबूत किया। वन विभाग को आधुनिक संसाधन मिले, निगरानी तंत्र सशक्त हुआ, ‘वन दुर्गा’ के रूप में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई गई। इसका सुखद परिणाम भी सामने आया। 2025 में राइनो के शिकार की एक भी घटना सामने नहीं आई है। और इसलिए आप सब और सरकार, हर कोई बधाई के पात्र हैं। ये भाजपा सरकार की राजनीतिक इच्छाशक्ति, और असम के लोगों के प्रयास से संभव हुआ है।

साथियों,

लंबे समय तक, एक सोच ये बनी रही कि प्रकृति और प्रगति एक दूसरे के विपरीत हैं, कहा जाता था कि ये दोनों साथ नहीं चल सकते। लेकिन आज भारत दुनिया को दिखा रहा है कि ये दोनों साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं - इकॉनमी भी, इकॉलोजी भी। पिछले एक दशक में देश में जंगलों और पेड़ों का कवरेज बढ़ा है। लोगों ने एक पेड़ मां के नाम अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अभियान के तहत अब तक 260 करोड़ से अधिक पेड़ लगाए जा चुके हैं। 2014 के बाद देश में टाइगर और एलीफेंट रिजर्व की संख्या बढ़ी है। प्रोटेक्टेड एरिया और कम्युनिटी एरिया में भी बड़ा विस्तार हुआ है। जो चीते भारत से लंबे समय पहले विलुप्त हो गए थे, उन्हें अब वापस लाया गया है। आज चीता लोगों के लिए एक नया आकर्षण बन गया है। हम वेटलैंड कंजरवेशन पर भी लगातार काम कर रहे हैं। आज भारत एशिया का सबसे बड़ा रामसर नेटवर्क बन चुका है। रामसर साइट्स की संख्या में, उसके हिसाब से भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर है। अब हमारा असम भी दुनिया को दिखा रहा है, कि कैसे विकास के साथ-साथ हम अपनी विरासत को भी संभाल सकते हैं, प्रकृति की भी रक्षा कर सकते हैं।

साथियों,

नॉर्थ ईस्ट की सबसे बड़ी पीड़ा हमेशा दूरी की रही है। दूरी दिलों की, दूरी स्थानों की, दशकों तक, यहां के लोगों को ये महसूस होता रहा, कि देश का विकास कहीं और हो रहा है और वे पीछे छूट रहे हैं। इसका असर केवल अर्थव्यवस्था पर नहीं पड़ा, बल्कि भरोसे पर भी पड़ा। इस भावना को बदलने का काम भाजपा ने किया, डबल इंजन की सरकार ने नॉर्थ ईस्ट के विकास को प्राथमिकता बनाया। रोडवेज, रेलवेज, एयरवेज, वाटरवेज के माध्यम से, असम को जोड़ने पर एक साथ काम शुरू हुआ।

साथियों,

जब हम रेल कनेक्टिविटी बढ़ाते हैं, तो इसका फायदा सामाजिक और आर्थिक, दोनों स्तरों पर होता है। इसलिए, नॉर्थ ईस्ट के लिए कनेक्टिविटी का विस्तार बहुत महत्वपूर्ण है। लेकिन कांग्रेस ने कभी इसकी परवाह नहीं की। मैं आपको एक आंकड़ा देता हूं। जब कांग्रेस की केंद्र में सरकार थी, तो असम को बहुत कम रेल बजट मिलता था। लगभग 2 हजार करोड़ रुपए, अब भाजपा सरकार में इसे बढ़ाकर लगभग 10 हजार करोड़ रुपए सालाना कर दिया गया है। अब मैं आपको पूछता हूं ये आंकड़ा आपको याद रहा क्या? ये आंकड़ा आपको याद रहा क्या? कि भूल गए, मैं फिर से याद कराता हूं, कांग्रेस के जमाने में असम को रेलवे के लिए दो हजार करोड़ रूपया मिलता था, कितना? सब के सब बोलिए कितना मिलता था? कितना मिलता था? कितना मिलता था? भाजपा सरकार आने के बाद असम को कितना मिलता है- 10 हजार करोड़ रूपया। कितना? कितना? कितना? 10 हजार करोड़ रूपया। यानी कांग्रेस जितना पैसा असम को रेलवे के लिए देती थी, भाजपा उससे पांच गुना ज्यादा पैसा असम को दे रहा है।

साथियों,

इस बढ़े हुए निवेश से बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण हुआ है। नई रेल लाइनें बिछाने से दोहरीकरण और इलेक्ट्रिफिकेशन होने से, रेलवे की क्षमता बढ़ी है, लोगों के लिए सुविधाएं बढ़ी हैं। आज कलियाबोर से जिन तीन नई ट्रेन सेवाओं का शुभारंभ हो रहा है, वे भी असम की रेल कनेक्टिविटी में एक महत्वपूर्ण विस्तार हैं। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, गुवाहाटी को कोलकाता से जोड़ेगी। यह आधुनिक स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी की यात्रा को और अधिक आरामदायक बनाएगी। इसके साथ ही दो अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की शुरुआत की जा रही है। इन ट्रेनों के रास्ते में असम, पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल हैं, जिससे लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। ये ट्रेनें असम के व्यापारियों को नए बाजारों से जोड़ेंगी, छात्र, शिक्षा के नए अवसरों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। और असम के लोगों के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में आना-जाना सरल हो जाएगा। कनेक्टिविटी का ये विस्तार भरोसा पैदा करता है, कि नॉर्थ ईस्ट अब विकास के हाशिए पर नहीं है। नॉर्थ ईस्ट अब दूर नहीं रहा, नॉर्थ ईस्ट अब दिल के भी पास है, दिल्ली के भी पास है।

साथियों,

आज आपके बीच, असम के सामने मौजूद एक बड़ी चुनौती की भी चर्चा आवश्यक है। ये चुनौती है, असम की पहचान बचाने की, असम की संस्कृति बचाने की। आप मुझे बताइये, असम की पहचान बचनी चाहिए कि नहीं बचनी चाहिए? ऐसा नही, सब के सब जवाब दो, असम की पहचान बचनी चाहिए कि नहीं बचनी चाहिए? आप सबकी पहचान बननी चाहिए कि नहीं बननी चाहिए? आपके पूवर्जों की विरासत बचनी चाहिए कि नहीं बचनी चाहिए? आज असम में बीजेपी सरकार जिस प्रकार घुसपैठ से निपट रही है, जिस प्रकार, हमारे जंगलों को, ऐतिहासिक सांस्कृतिक स्थलों को, आप लोगों की ज़मीनों को, अवैध कब्जों से मुक्त कर रही है, उसकी आज बहुत प्रशंसा हो रही है। ये सही हो रहा है कि नहीं हो रहा है? ये होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए? ये आपके भले के लिए है कि नहीं है? लेकिन आप ज़रा ये भी सोचिए साथियों, कि कांग्रेस ने असम के साथ क्या किया? सिर्फ सरकारें बनाने के लिए, कुछ वोट पाने के लिए, असम की मिट्टी को, घुसपैठियों को सौंप दिया। कांग्रेस ने दशकों तक असम में सरकारें बनाईं। इस दौरान, लगातार घुसपैठ बढ़ती ही गई, बढ़ती ही गई, और इन लोगों ने घुसपैठियों ने क्या किया? इनको असम के इतिहास, यहां की संस्कृति, हमारी आस्था से कोई सरोकार नहीं था, इसलिए, उन्होंने जगह-जगह कब्ज़े किए। घुसपैठ के कारण, एनिमल कॉरिडोर में कब्ज़े हुए, अवैध शिकार को बढ़ावा मिला, तस्करी और अन्य अपराध भी बढ़े।

साथियों,

ये घुसपैठिए, आबादी का संतुलन बिगाड़ रहे हैं, हमारी संस्कृति पर हमले कर रहे हैं, गरीब का, नौजवानों का रोजगार छीन रहे हैं, आदिवासी क्षेत्रों में धोखे से लोगों की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। ये असम और देश की सुरक्षा, दोनों के लिए बहुत बड़ा खतरा है।

साथियों,

कांग्रेस से आपको बहुत सावधान रहना है। कांग्रेस की एक ही नीति है, घुसपैठियों को बचाओ, घुसपैठियों की मदद से सत्ता पाओ! पूरे देश में कांग्रेस और उसके साथी यही कर रहे हैं। बिहार में भी इन्होंने घुसपैठियों को बचाने के लिए यात्राएं निकालीं, रैलियां निकालीं। लेकिन बिहार की जनता ने कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर दिया। अब असम की जनता की बारी है, मुझे विश्वास है, असम की धरती से भी कांग्रेस को करारा जवाब मिलेगा।

साथियों,

असम का विकास पूरे नॉर्थ ईस्ट के विकास के लिए नए दरवाजे खोल रहा है। असम Act East पॉलिसी को दिशा दे रहा है। जब असम आगे बढ़ता है, तो नॉर्थ ईस्ट आगे बढ़ता है। जब नॉर्थ ईस्ट आगे बढ़ता है, तो हिन्दुस्तान आगे बढ़ता है। हमारे प्रयास और असम के लोगों का भरोसा, पूरे नॉर्थ ईस्ट को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। इसी विश्वास के साथ, मैं एक बार फिर आप सभी को आज की परियोजनाओं की बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मेरे साथ बोलिए-

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

ये वर्ष वंदे मातरम के 150 साल, ये पूण्य स्मरण करने का समय है। मेरे साथ बोलिए-

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।