INDI-Agadhi plans to have five PMs in 5 years if elected: PM Modi in Solapur

Published By : Admin | April 29, 2024 | 20:57 IST
INDI-Agadhi plans to have five PMs in 5 years if elected: PM Modi in Solapur
We provided the National Commission for OBCs a constitutional status, enforced reservation for OBCs in medical colleges: PM Modi

भारत माता की.. भारत माता की.. भारत माता की.. 

माझ्या प्रिय सोलापूरकरांना अतिशय मनापासून नमस्कार करतो.. जय जय राम कृष्ण हरे! सोलापूरचे ग्रामदैवत श्री सिद्धेश्वराच्या चरणी मी नतमस्तक होतो। भगवान विट्ठल और जगदगुरु बसवेश्वरा की इस धरती का ये आशीर्वाद, छत्रपति शिवाजी महाराज की ये धरती पर ये जनसैलाब, ये उत्साह साफ-साफ बता रहा है..फिर एक बार.. फिर एक बार..फिर एक बार.. 

साथियों,

ये सोलापुर का प्यार देखिए..ये 2024 में दूसरी बार मैं आपके पास आया। लेकिन साथियों जब जनवरी में आया था तब कुछ लेकर के आया था आपके हकों को पूरा करने के लिए आया था..कुछ देने के लिए आया था..लेकिन आज मैं आपसे कुछ मांगने के लिए आया हूं और मांगने के लिए इसलिए आया हूं कि आगे मैं बहुत कुछ देना चाहता हूं..और मुझे धन दौलत नहीं चाहिए, मुझे यश कीर्ति नहीं चाहिए। मुझे आपका आशीर्वाद चाहिए और मैं आपसे आशीर्वाद मांगने के लिए आया हूं। 

साथियों,

इस चुनाव में आप अगले 5 वर्ष के लिए विकास की गारंटी को चुनेंगे। दूसरी ओर वो लोग हैं, जिन्होंने 2014 से पहले देश को भ्रष्टाचार, आतंकवाद और कुशासन के गर्त में धकेल दिया था। अपने कलंकित इतिहास के बाद भी कांग्रेस फिर से देश की सत्ता हथियाने का सपना देख रही है। इन्हें अंदाजा ही नहीं कि पहले दो चरण के चुनाव में ही इंडी अघाड़ी का डिब्बा गोल हो चुका है।

भाइयों बहनों,

एक ओर आपका ये सेवक मोदी सिर झुकाकर आपके पास आता रहता है। आपने 10 साल तक मोदी को परखा है। उसके एक-एक कदम को देखा है। उसके एक-एक शब्द को नापा है। आप मोदी को भलीभांति जानते हैं। दूसरी ओर, इंडी अघाड़ी में नेता के नाम पर महायुद्ध चल रहा है। अब मुझे बताइये भाई, इतना बड़ा देश जिसका नाम तय नहीं है, जिसका चेहरा पता नहीं है क्या इतना बड़ा देश उनके हाथ में दे सकते हैं क्या? कोई गलती से भी दे सकता है क्या?

भाइयों-बहनों

ये लोग इन दिनों सत्ता हथियाने के लिए देश का बंटवारा करते ही रहे हैं। अब एक नया फॉर्मूला लाये हैं। ये नया फॉर्मूला लाये हैं 5 साल में 5 पीएम। हर वर्ष एक पीएम। वो जितना खजाना लूटना है लूटेगा..फिर दूसरे साल दूसरा पीएम। फिर वो लूट करेगा। तीसरे साल तीसरा पीएम। चौथे साल चौथा पीएम। पांचवें साल पांचवां पीएम। क्यों भाई, ये नकली शिवसेना वाले तो कह रहे हैं कि उनके यहां तो पार्टी में तो पीएम पद के लिए ढेर सारे लोग हैं। उनके एक बड़बोले नेता ने तो कह दिया हम एक साल में चार पीएम बनाए तो उसमें क्या जाता है। आप मुझे बताइये 5 साल..5 पीएम जैसे फॉर्मूले से इतना बड़ा देश चल सकता है क्या..जरा मन से बताइये..मुझे पता चले..चल सकता है क्या..कभी भी हम उस दिशा में जा सकते हैं क्या?  नहीं चल सकता ना? लेकिन उनके पास अब ये ही एक रास्ता बचा है सत्ता हथियाने का> क्योंकि उन्हें देश नहीं चलाना है। उन्हें आपके भविष्य की चिंता नहीं है। उन्हें मलाई खानी है मलाई। 

भाइयों-बहनों

ये हमारा महाराष्ट्र सामाजिक न्याय की धरती है। इस धरती ने ज्योतिबा फुले, सावित्रीबाई फुले, बाबा साहेब अंबेडकर के रूप में ऐसी महान संताने दी हैं, जिन्होंने समाज के सबसे कमजोर वर्गों को ताकत दी, प्रेरणा दी। आपने कांग्रेस के 60 साल का शासन भी देखा है और आपने मोदी का 10 साल का सेवाकाल भी देखा है। पिछले 10 वर्षों में सामाजिक न्याय के लिए जितना काम हुआ उतना आजादी के बाद इसके पहले कभी नहीं हुआ था। 

भाइयों और बहनों,

कांग्रेस ने अपने 60 वर्षों में जो उनको सत्ता भोगने का अवसर मिला था, SC/ST/OBC वर्ग के हर हक को रोकने का निरंतर प्रयास किया। और उसके पीछे उनकी फिलॉसफी थी, उनकी फिलॉसफी ये थी कि इनको ऐसे ही रहने दो ताकि वो हमारे आश्रित रहे और जब चाहे तब हम उनसे जो वोट चाहिए लेते रहे। जान-बूझ कर ऐसा किया, लेकिन मोदी का आपसे दिल का नाता है। और इसलिए 10 वर्षों में हमने सच्चे सामाजिक न्याय पर अभूतपूर्व बल दिया है। और मैंने एक बार कहा था सोलापुर में..मेरे यहां अहमदाबाद में जो मिल मजदूर थे उसमें हमारे पद्मशाली समाज के लोग बहुत थे और कोई हफ्ता मेरे जीवन में ऐसा नहीं गया होगा कि मुझे किसी ना किसी पद्मशाली परिवार ने भोजन ना कराया हो। और एक प्रकार से मैं उनका नमक खाकर के बड़ा हुआ हूं। और आज जो मैं गरीबों की सेवा कर रहा हूं ना मैं उनका कर्ज चुका रहा हूं। हमने ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा दिया। मेडिकल की परीक्षा में OBC आरक्षण लागू किया। ये भाजपा है जिसने SC/ST के आरक्षण में, जो पॉलिटिकल आरक्षण होता है..वो हर 10 साल में बढ़ाना होता है। पहले अटल जी की सरकार को मौका मिला था उन्होंने 10 साल बढ़ाया। फिर मोदी को मौका मिला हमने भी 10 साल बढ़ाया है। हमने किसी का भी हक छीने बिना, ना दलित का हक छीना, ना आदिवासी का हक छीना, ना ओबीसी का हक छीना, लेकिन सामाजिक न्याय के उत्तम व्यवहार को लेते हुए हमने जो सामान्य वर्ग के गरीब लोग हैं, उन सामान्य वर्ग के गरीब लोगों को न्याय देने के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण उनको भी दिया। और देश में कोई आग नहीं लगी, पुतले नहीं जले। इतना ही नहीं इस देश के सभी दलित नेताओं ने उसका पुरजोर स्वागत किया। हमारा सामाजिक न्याय का तरीका समाज में विभेद पैदा करने का नहीं है, समाज को जोड़ने का है। आज देखिए मेडिकल की, इंजीनियरिंग की पढ़ाई में हमने एक बड़ा क्रांतिकारी निर्णय लिया है। आज कुछ लोगों को मजाक लगती होगी, लेकिन हमने तय किया है मुझे अब गरीब मां का बेटा भी डॉक्टर बनाना है। गरीब मां की बेटी को भी डॉक्टर बनाना है..मुझे गरीब मां के संतानों को डॉक्टर, इंजीनियरिंग, बड़े-बड़े पदों पर ले जाना है। लेकिन क्या हर गरीब के नसीब में इंग्लिश मीडियम में पढ़ना संभव है क्या भाई..क्या हर बच्चा इंग्लिश मीडियम में पढ़ सकता है क्या? अगर वो मराठी मीडियम में पढ़ता है तो उसका गुनाह क्या है? ये ऐसे लोग सरकार चलाते थे अगर आप मराठी मीडियम में पढ़ते हैं तो आपके लिए भविष्य के लिए ताले लग जाते थे। मोदी ने सामाजिक न्याय के लिए कह दिया अब डॉक्टर बनना है तो भी मराठी भाषा में बन सकते हो, इंजीनियर बनना है तो भी मराठी भाषा में बन सकते हो..अंग्रेजी नहीं आयेगी तो भी आप देश चला सकते हो भाइयों-बहनों, ये मोदी का सपना है।

साथियों,

कांग्रेस कभी नहीं चाहती थी कि देश में दलित, आदिवासी और OBC लीडरशीप देश का नेतृत्व करे। ये वही कांग्रेस है जिसने डॉ.बाबासाहेब अंबेडकर से लेकर बाबू जगजीवन राम तक हर दलित नेता का अपमान किया। बाबा साहेब को भारत रत्न भी तब मिला, जब बीजेपी से सहयोग के केंद्र में कांग्रेस विरोधी सरकार चल रही थी। भाजपा का हमेशा प्रयास रहा है कि SC/ST/OBC को ज्यादा से ज्यादा प्रतिनिधित्व मिले। 2014 में आपने प्रचंड बहुमत दिया..तो एनडीए ने दलित के बेटे को देश का राष्ट्रपति बनाया। 2019 में, जब आपने फिर से एक बार हमें प्रचंड जनादेश दिया तो हमने देश के इतिहास में पहली बार एक आदिवासी बेटी को भारत के राष्ट्रपति के रूप में प्रस्थापित किया।

भाइयों बहनों मुझे गर्व है आजादी के बाद पहली हुआ है..ये आजादी के बाद पहली बार ये दशक ऐसा आया है कि आज विधायकों की संख्या देख लीजिए, सांसदों की संख्या देख लीजिए पूरे देश में विधायक, एमएलसी, सांसद हो, लोकसभा हो, राज्यसभा हो, SC/ST/OBC सबसे ज्यादा भाजपा के चुनकर के आते हैं। आज केंद्रीय मंत्रिमंडल में 60 प्रतिशत इन्हीं वर्गों से आए हुए लोग केंद्र में मंत्री हैं और देश को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं। आज कांग्रेस और इंडी अघाड़ी वाले OBC प्रतिनिधित्व के नाम पर झूठ फैला रहे हैं। असल में इन लोगों की खुद की सच्चाई देश के सामने आ गई है। और इससे ये बौखलाए हुए हैं। परेशानी हो रही है। आपने देखा होगा इस पूरे चुनाव में ये इंडी-अघाड़ी के जितने लोग हैं उनके भाषण का मुद्दा क्या है? देश का कोई मुद्दा है। सिर्फ और सिर्फ मोदी को रोज नई गाली देना। पूरी डिक्शनरी उन्होंने खोलकर रख दी है। नई-नई गालियां रोज निकालते रहते हैं..अरे भाई देश के लिए तो कुछ बोलो। उनके पास विजन नहीं जी। हमारे पास विजन भी है और ये जीवन भी है विजन के लिए खपाने के लिए। 

साथियों,

दशकों तक कांग्रेस ने SC/ST/OBC के साथ जिस तरह से विश्वासघात किया, उससे ये सभी कांग्रेस और इंडी अघाड़ी से पूरी तरह छिटक चुके हैं। इस वजह से कांग्रेस और इंडी अघाड़ी वाले बुरी तरह बौखला गए हैं। इसलिए ये लोग लगातार झूठ फैला रहे हैं कि संविधान बदल देंगे आरक्षण खत्म कर देंगे। मैं पहले ही कह चुका हूं कि अगर आज खुद बाबा साहेब अंबेडकर चाहे तो बाबा साहेब अंबेडकर भी आरक्षण खत्म नहीं कर सकते हैं। मोदी का तो सवाल ही नहीं उठता है। और अगर हमारी सरकार की नीयत.. उसमें कहीं पर भी खोट होती..मेरा 5 साल का रिकॉर्ड देख लीजिए..2019 से 2024 आज भी मोदी के पास जितने वोट चाहिए, हैं, लेकिन ये रास्ता हमें मंजूर नहीं है। सैकड़ों सालों तक जिनके साथ अन्याय हुआ। हमारे पूर्वजों ने पाप किए होंगे, मेरे लिए ये प्रायश्चित का अवसर है, और इसलिए आरक्षण को जितनी ताकत मैं दे सकता हूं मैं देने के लिए कमिटेड हूं। 

मैं आज देश से अधिक से अधिक सीटें इसलिए मांग रहा हूं ताकि
कांग्रेस और इंडी अघाड़ी के लोग जब दलित उनके हाथ से निकल गए, आदिवासी उनके हाथ से निकल गए, OBC उनके हाथ से निकल गए, ये बहुत बड़ी मात्रा में विजयी होकर के बीजेपी के साथ आते हैं तब उन्होंने तय किया है और प्रयोग भी शुरू कर दिया है SC/ST/OBC के आरक्षण में लूट मारने का और वो माइनॉरिटी को देना चाहते हैं। भाइयों-बहनों मुझे इसलिए ताकत चाहिए मैं कांग्रेस का आपके खिलाफ जो षड्यंत्र है उसको देश में कहीं पर भी करने ना दूं। कर्नाटक में उन्होंने खेल खेला है। आरक्षण का बहुत बड़ा हिस्सा माइनॉरिटी को देने का खेल खेला है। ये मैं होने नहीं दूंगा। और इसलिए मैं आपसे आशीर्वाद मांगने आया हूं कि मोदी को मजबूत करो। 

साथियों, 

कांग्रेस के 60 वर्षों के राज में देश में सबसे ज्यादा SC/ST/OBC परिवार के ही उन्ही के सबसे ज्यादा हाल खराब है। आप अपने गांव में देख लीजिए। अगर गांव के बाहर झोपड़ी में रहना पड़ता हो कौन हैं हमारे SC समाज के लोग हैं। मुसीबत में जीना पड़ता है कौन हैं? हमारे ST समाज के लोग हैं। तकलीफों में जीना पड़ता है कौन हैं? हमारे OBC समाज के लोग हैं। मोदी ने इन परिवारों को ही अपनी प्राथमिकता बनाया। 10 वर्षों में गरीब कल्याण की जितनी भी योजनाएं हमने बनाईं..हमारी योजना सबके लिए हैं। बिना भेदभाव के है। समाज के हर वर्ग के लिए है और स्वाभाविक है जो लोग 50-60 साल से पिछड़े हुए थे उन्हें उसका लाभ पहले मिल रहा है। और हम तो मानते हैं कि देश की संपत्ति पर पहला अधिकार उन लोगों का है जो पंक्ति में आखिर में बैठे हुए हैं। महात्मा गांधी भी यही कहते थे मुफ्त राशन हो, मुफ्त इलाज हो, पक्के घर हो, शौचालय हो, बिजली हो, गैस हो, पानी हो, ये सब कुछ की वंचित समाज को जरूरत थी। और वंचित समाज की वो आकांक्षाएं आजादी के इतने सालों के बाद आपका सेवक मोदी पूरी कर रहा है। (भाई वहां वो सज्जन तस्वीर लेकर आएं हैं, मैंने तस्वीर देख ली है, आप बैठिए। पीछे आप लोगों को परेशान कर रहे हैं। आपका मैं बहुत आभारी हूं आपके प्यार के लिए, लेकिन औरों को परेशान मत करो भाई) SC/ST/OBC परिवारों को इन योजनाओं से जोड़ने के लिए हमारी सरकार घर-घर पहुंची है,गांव-गांव पहुंची है।

साथियों, 

कांग्रेस ने 100 से ज्यादा देश के जिलों को ही पिछड़े घोषित करके उनको अपने हाल पर छोड़ दिया था। इन जिलों में सबसे ज्यादा SC और ST परिवार के ही लोग रहते हैं। हमने उसको एक नया रूप दिया। नया मिशन लिया और उसे हमने एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट बनाया, आकांक्षी जिला बनाया और उसका मेरे ऑफिस से डेली मॉनिटरिंग होता है। परिणाम ये है कि गरीबों की भलाई के लिए योजनाएं, एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट की योजनाएं, अब एस्पिरेशनल ब्लॉक की योजनाएं, डेली मॉनिटरिंग, हर चीज की जानकारी, उसका परिणाम ये है कि आज 10 साल के मोदी के कार्यकाल में इतने कम समय में देश में पहली बार 25 करोड़ गरीब गरीबी से बाहर निकले। और ज्यादातर इन्हीं जिलों से लोग हैं। और इसलिए मैं कहता हूं जब नीयत सही होती है ना तो नतीजे भी सही मिलते हैं। 

साथियों,

भाजपा का सामाजिक न्याय का एक और उदाहरण वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम भी है। अगर मोदी की नज़र कांग्रेस की तरह सिर्फ वोट बैंक पर होती तो सीमा के जो गांव हैं, जिनको लोग आखिरी गांव कहते थे..मैं उन गांवों को सबसे पहला गांव कहता हूं। सूरज की पहली किरण भी वहीं आती है जी और सूरज डूबता है तो आखिरी किरण भी वहीं से आती है। गांव के लिए वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम कौन चाहता है। वहां तो वोटर ही नहीं हैं, गिने-चुने वोटर हैं। लेकिन मेरे लिए वोटर मायने बाद में रखता है, पहले वो मेरे देश का नागरिक है। मेरे देश के 140 करोड़ नागरिक में से एक हैं वो। वो मेरी सीमा का प्रहरी है। अगर मोदी की नजर कांग्रेस की तरह वोटबैंक पर होती तो 24 हजार करोड़ रुपए की पीएम जनमन योजना बनाकर के आदिवासियों में भी जो सबसे पिछड़ी जनजातियां हैं, उनके लिए अलग से योजना ना बनाता और उनके कल्याण के लिए काम ना करता। ये वोटर ज्यादा नहीं है संख्या कम है लेकिन मेरे देश के आखिरी व्यक्ति को भी मैं मजबूत बनाना चाहता हूं। हम विश्वकर्मा योजना लाए। जिनके हाथों में सामर्थ्य है, जिनकी उंगलियों में सामर्थ्य है ऐसे देश में लाखों लोग हैं, ऐसे मेरे विश्वकर्मा साथी SC में हैं, ST समाज में हैं, ज्यादातर OBC समाज में हैं। 60 साल में कांग्रेस ने कभी पूछा ही नहीं। मोदी ने पहली बार इन साथियों के लिए 13 हजार करोड़ रुपए की पीएम विश्वकर्मा योजना बनाई। 

भाइयों और बहनों,

गरीब कल्याण की इन योजनाओं का सबसे अधिक लाभ SC/ST/OBC परिवार की हमारी माताओं-बहनों को हुआ है। शौचालय के आभाव में सैनिटरी पैड के आभाव में ज्यादातर हमारी बेटियां स्कूल छोड़ देती थीं। अब मोदी ने ये समस्या दूर कर दी। बिना गारंटी के मुद्रा लोन पाने वाले 50 परसेंट से ज्यादा लाभार्थी SC/ST/OBC हैं। इनमें से 70 परसेंट लोन हमारी माताओं और बहनों को मिला है। ये जो हमारी खादी है ना खादी,स्वतंत्रता आंदोलन की निशानी है और मैं तो कहता हूं आजाद के पहले लोग कहते थे, आजादी के बाद क्या? ? मैं तो एक वाक्य में कहता हूं पहले खादी फॉर नेशन, नाउ खादी फॉर फैशन> कांग्रेस ने तो उस खादी को भी बर्बाद कर दिया था। खादी के काम में भी बड़ी संख्या में हमारे ये ही समाज के लोग हैं, जो अति वंचित लोग हैं। मोदी ने खादी को फिर से जीवंत कर दिया। 

साथियों, 

कांग्रेस ने तो बाबासाहेब के संविधान को जम्मू कश्मीर में लागू ही नहीं होने दिया। आर्टिकल-370 बना कर कांग्रेस ने देश के संविधान का अपमान किया था। NDA सरकार ने, मोदी ने 370 हटाई तो सामाजिक न्याय का अधिकार जम्मू कश्मीर में जो हमारे लोग हैं उनको मिला। पहली बार उनको SC/ST/OBC और महिलाओं को वहां अधिकार मिला है, उनको आरक्षण मिला है। भाइयों-बहनों ये है सामाजिक न्याय का मोदी का ट्रैक रिकॉर्ड..इसलिए पूरी इंडी-अघाड़ी बौखलायी हुई है। 

साथियों,

सामाजिक न्याय का एक और तरीका आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण भी है। कांग्रेस ने वर्षों तक गांवों और शहरों में खाई बनाकर रखी, कुछ ही शहरों के विकास पर फोकस किया। NDA सरकार, देश के हर कोने के विकास को लेकर प्रतिबद्ध है। ये क्षेत्र पंढरपुर यात्रा से जुड़े श्रद्धालुओं का तीर्थ है। यहां तो तुलजा भवानी ने छत्रपति शिवाजी महाराज को अपना आशीर्वाद दिया था। 10 साल में हमने पंढरपुर की रेलवे कनेक्टिविटी के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए। पुणे-फलटण रेलमार्ग जो 23 साल से अटका पड़ा था हमने उसको पूरा कराया। हमने सोलापुर-हैदराबाद, सोलापुर-सांगली, सोलापुर-विजापुर ऐसे कई महामार्ग के काम शुरू कराए। सोलापुर को तो महाराष्ट्र की पहली वंदे भारत ट्रेन भी मिली है। शक्तिपीठ महामार्ग से समृद्धि महामार्ग जैसे हाईटेक सड़कों के काम भी हो रहे हैं। इन विकास कार्यों के कारण इस क्षेत्र में श्रद्धालुओं की संख्या में 4 गुना की बढ़ोत्तरी हुई है। अब हमारे वारकरी भाई-बहनों के अलावा दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। यहां युवाओं के लिए आस्था और पर्यटन से जुड़े नए अवसर बन रहे हैं।

साथियों,

आज महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे जी, देवेंद्र फडणवीस जी और अजीत पवार जी की सरकार आपके लिए दिन-रात मेहनत कर रही है। मेरा अनुरोध है कि 7 मई को आप मेरे नौजवान साथी राम सातपुते जी को भारी संख्या में वोट देंराम सातपुते जी सोलापुर के विकास की एक मजबूत कड़ी बनकर काम करेंगे। और जब आप कमल के निशान पर बटन दबाओगे ना तो आपका वोट सीधा-सीधा मोदी को मिलेगा। ज्यादा से ज्यादा मतदान कराओगे? हर पोलिंग बूथ जीतोगे? पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ोगे? या मेरा एक और काम करोगे? यहां से जाकर अपने परिजनों से मिलना और उनको कहिएगा मोदी जी सोलापुर आए थे आपको प्रणाम भेजा है। मेरा प्रणाम पहुंचा देंगे? 

मेरे साथ बोलिए भारत माता की.. भारत माता की..जय श्री राम..जय श्री राम..

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March 14, 2026
Today, North-East India is the center of India’s Act East Policy; It is becoming a bridge that connects India with South-East Asia: PM
The farmers of Barak Valley and tea garden workers have made a significant contribution to Assam’s development; the Government is continuously working for farmers’ welfare: PM
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भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

प्रानोप्रिय बोराक उपत्यकार, सम्मानित नागरिकवृंद, आपनादेर शोबाई के आमार प्रोणाम जानाई।

राज्य के लोकप्रिय मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे साथी सर्बानंद सोनोवाल जी, उपस्थित राज्य सरकार के मंत्रीगण, जनप्रतिनिधिगण और मेरे प्यारे भाईयों और बहनों।

संस्कृति, साहस और जीवंतता से भरपूर बराक वैली के आप सभी परिवारजनों के बीच आना बहुत विशेष अनुभव रहता है। सिलचर को तो बराक घाटी का गेटवे कहा जाता है। ये वो जगह है जहां इतिहास, भाषा, संस्कृति और उद्यम ने मिलकर अपनी एक विशेष पहचान बनाई है। यहां बांग्ला बोली जाती है, असमिया की गूँज सुनाई देती है और अन्य जनजातीय परंपराएं भी फुलती-फलती हैं। यहां इतनी विविधता को अपनी ताकत बनाकर आप सभी भाईचारे के साथ, सद्भाव के साथ, इस पूरे क्षेत्र का विकास कर रहे हैं। ये बराक वैली का बहुत बड़ा सामर्थ्य है

साथियों,

बराक नदी के उपजाऊ मैंदानों ने, यहां के चाय बागानों ने, यहां के किसानों को, यहां के ट्रेड रूट्स को, एजुकेशन सेंटर्स को हमेशा प्रोत्साहित किया है। ये क्षेत्र असम ही नहीं, पूरे नॉर्थ ईस्ट और पश्चिम बंगाल को भी कनेक्ट करता है। बराक घाटी के इसी महत्व को 21वीं सदी में और अधिक सशक्त करने के लिए मैं आज आपके बीच आया हूं, आपके आशीर्वाद लेने आया हूं। थोड़ी देर पहले यहां बराक वैली की कनेक्टिविटी से जुड़े, नॉर्थ ईस्ट की कनेक्टिविटी से जुड़े, हजारों करोड़ रूपये के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। रोड़ हो, रेल हो, एग्रीकल्चर कॉलेज हो, ऐसे हर प्रोजेक्ट्स से बराक वैली नॉर्थ ईस्ट का एक बड़ा लॉजिस्टिक और ट्रेड हब बनने जा रहा है। इससे यहां के नौजवानों के लिए रोजगार के, स्वरोजगार के अनगिनत, अनगिनत अवसर बनने जा रहे हैं। मैं आप सभी को इन सभी विकास परियोजाओं के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आजादी के अनेक दशकों तक कांग्रेस की सरकारों ने नॉर्थ ईस्ट को दिल्ली से और दिल से, दोनों से ही दूर रखा। कांग्रेस ने नॉर्थ ईस्ट को एक प्रकार से भुला दिया था। लेकिन बीजेपी की डबल इंजन सरकार ने नॉर्थ ईस्ट को ऐसे कनेक्ट किया है कि आज हर तरफ इसकी चर्चा है। आज नॉर्थ ईस्ट भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का केंद्र है, दक्षिण पूर्व एशिया के साथ भारत को जोड़ने वाला सेतु बन रहा है।

लेकिन साथियों,

जैसे कांग्रेस ने नॉर्थ ईस्ट को अपने हाल पर छोड़ दिया था, ठीक वैसे ही बराक वैली को भी बेहाल करने में कांग्रेस की बहुत बड़ी भूमिका रही है। जब देश आज़ाद हुआ, तो कांग्रेस ने ऐसी बाउंड्री खींचने दी, जिससे बराक घाटी का समंदर से संपर्क ही कट गया। जो बराक वैली कभी ट्रेड रूट के रूप में, एक औद्योगिक केंद्र के रूप में जानी जाती थी, उस बराक वैली से उसकी ताकत ही छीन ली गई। आज़ादी के बाद भी दशकों तक कांग्रेस की सरकारें रहीं, लेकिन बराक घाटी के विकास के लिए कुछ खास नहीं हुआ।

साथियों,

बीजेपी की डबल इंजन सरकार, इस स्थिति को बदल रही है। हम बराक घाटी को फिर से व्यापार कारोबार का बड़ा हब बनाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। आज इस दिशा में एक बहुत बड़ा और अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। आज करीब 24 हजार करोड़ रुपए के शिलांग-सिलचर हाई-स्पीड कॉरिडोर का भूमि पूजन हुआ है, 24 हजार करोड़ रुपए, कितने? कितने? 24 हजार करोड़ रुपए। कितने? कितने? कितने? ये जरा कांग्रेस वालों को पूछना, जरा कागज पेन देना और उनको कहना कि जरा कागज पर 24 हजार करोड़ लिखो तो, कितने, कितने जीरो लगते हैं, आएगा नहीं उनको। ये कांग्रेस वालों के दिमाग का ताला जहां बंद हो जाता है ना, वहां हमारा काम शुरू हो जाता है। यह नॉर्थ-ईस्ट का पहला Access Controlled High-Speed Corridor होगा।

साथियों,

ये सिर्फ एक हाईवे प्रोजेक्ट नहीं है, ये नॉर्थ ईस्ट के लोगों के दशकों पुराने इंतजार का अंत हो रहा है। इस कॉरिडोर से सिलचर, मिजोरम, मणिपुर और त्रिपुरा, ये सब राज्य कनेक्ट होने वाले हैं। इन तीनों राज्यों से आगे बांग्लादेश और म्यांमार हैं और फिर आगे दक्षिण-पूर्व एशिया का विशाल बाजार है। यानी बराक घाटी, एक बहुत उज्जवल भविष्य की तरफ जुड़ने का आज शिलान्यास कर रही है। इसका फायदा असम सहित पूरे नॉर्थ ईस्ट के किसानों को होगा, यहां के नौजवानों को होगा। इतनी अच्छी कनेक्टिविटी वाले ये सारा क्षेत्र बनने से, इस पूरे क्षेत्र में इंडस्ट्री को बल मिलेगा, टूरिज्म को फायदा होगा और सबसे बड़ी बात, हिन्दुस्तान का कोना-कोना आसानी से आप लोगों से जुड़ जाने वाला है।

साथियों,

आप सभी यहां सिलचर में ट्रैफिक को लेकर भी काफी परेशान रहे हैं। अब सिलचर फ्लाईओवर से ये समस्या भी कम हो जाएगी। सिल्चर मेडिकल कॉलेज, NIT सिल्चर और असम यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे युवा साथियों के लिए, ये बहुत अच्छी सुविधा हो गई है। इससे आने-जाने में उनका बहुत ही कीमती समय बचने वाला है।

साथियों,

डबल इंजन की बीजेपी सरकार, असम की रेल कनेक्टिविटी पर भी बहुत अधिक काम कर रही है। खासतौर पर रेलवे का बिजलीकरण हमारी बहुत बड़ी प्राथमिकता रहा है। अब असम का ढाई हजार किलोमीटर से अधिक का रेल नेटवर्क, अब इलेक्ट्रिफाई हो चुका है। अब यहां भी तेज़ गति से ट्रेनें चल पाएंगी, इससे बराक वैली के स्वच्छ वातावरण को भी फायदा मिलेगा।

साथियों,

बराक वैली के किसानों और यहां के चाय-बागानों में काम करने वाले श्रमिकों का असम के विकास में बहुत बड़ा योगदान है। डबल इंजन सरकार किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कदम उठा रही है। कल ही, गुवाहाटी से मैंने पीएम किसान सम्मान निधि की अगली किश्त जारी की है। अब तक पीएम किसान सम्मान निधि का देश के किसानों को लाखों करोड़ रूपया, और अकेले हमारे असम के किसानों को 20 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा पैसा असम के किसानों को मिल चुका है। अब आप सोचिये, हमने 10 साल में यहां के किसानों की जेब में, 20 हजार करोड़ रुपया उनकी जेब में दिया है। ये कांग्रेस वालों ने 10 साल राज किया, प्रधानमंत्री तो असम से चुनकर के गए थे, उसके बावजूद भी एक फूटी कौड़ी नहीं दी, एक फूटी कौड़ी किसानों को नहीं दी, हमने 20 हजार करोड़ रूपया दिया है। कल बराक वैली के हज़ारों किसानों के खाते में भी, ये आखिरी किस्त भी पहुंची है, ये वाली किस्त पहुंची है और फिर जब चुनाव के बाद आएगा समय, तब भी पहुंचेगी। ये पैसा खेती से जुड़ी छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में, मेरे गांव के छोटे-छोटे किसान भाई-बहनों को बहुत बड़ी मदद कर रहा है।

साथियों,

बराक वैली अब अपनी फसलों के लिए ही नहीं, बल्कि कृषि से जुड़ी पढ़ाई और रिसर्च के लिए भी जानी जाएगी। पत्थरकांडी में बराक घाटी के पहले एग्रीकल्चर कॉलेज का निर्माण कार्य आज से शुरु हो रहा है। इससे किसानों को तो फायदा होगा ही, यहां के नौजवानों को कृषि स्टार्टअप्स के लिए सहयोग, समर्थन और प्रोत्साहन मिलेगा।

साथियों,

भाजपा का मंत्र है- जो विकास की दौड़ में पीछे रह गया, उसे प्राथमिकता देना। कांग्रेस की सरकारें बॉर्डर एरिया को, देश के अंतिम गांव मानती थीं। हम बॉर्डर के गांवों को देश के पहले गांव मानते हैं। और इसलिए, बॉर्डर एरिया के विकास के लिए, कछार जिले से ही वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का अगला चरण शुरु किया था। इससे बराक वैली के अनेक गांवों में भी सुधार होना तय हो गया है।

साथियों,

यहां बड़ी संख्या में चाय-बागानों में कार्य करने वाले साथी भी हैं। असम सरकार ने, चाय-बगानों से जुड़े हजारों परिवारों को, उनकी जमीन का अधिकार देने का ऐतिहासिक काम किया है, वो इन परिवारों के भविष्य को बदलने की एक बड़ी शुरुआत है। जमीन के पट्टे मिलने से, इन परिवारों को सुरक्षा मिली है, उन्हें सम्मान का जीवन मिलना सुनिश्चित हुआ है।

साथियों,

आप जरा वहां से दूर रहिए, अब जगह नहीं है, आगे नहीं आ सकते हैं। देखिए वहां से जरा दूर रखिये उनको, अब आगे नहीं आ सकते भईया, अरे हमारे असम के भाई-बहन तो बड़े समझदार हैं। आपका से प्यार, आपका आशीर्वाद, ये इतनी बड़ी ताकत है, कृपा करके आप।

साथियों,

मैं हेमंता जी की सरकार को बधाई देता हूं, चाय-बागानों में करीब 200 सालों से सेवा दे रही अनेक पीढ़ियों के संघर्ष को आपने आज सम्मान दिया है। देखिए मेरी इस बात पर बादल भी गरजने लग गए। मुझे खुशी है कि जिनको पहले की सरकारों ने अपने हाल पर छोड़ दिया था, उनकी सुध बीजेपी सरकार ने ली है।

साथियों,

ये सिर्फ भूमि पर कानूनी अधिकार का ही मामला नहीं है। इससे ये लाखों परिवार, केंद्र और राज्य सरकार की अनेक कल्याणकारी योजनाओं से भी तेज़ी से जुड़ेंगे। पक्के घर की योजना हो, बिजली, पानी और गैस की योजनाएं हों, इन सब स्कीम्स का पूरा फायदा अब इन परिवारों को मिलना संभव होगा।

साथियों,

बीते सालों में बीजेपी सरकार ने चाय-बागानों में अनेक स्कूल खोले हैं, बच्चों को स्कॉलरशिप्स दिए हैं। सरकारी नौकरियों के लिए भी रास्ते खोले गए हैं। ऐसे प्रयासों से चाय-बागानों के युवाओं के लिए सुनहरे भविष्य के द्वार खुल रहे हैं।

साथियों,

बीजेपी की डबल इंजन सरकार के लिए शिक्षा, कौशल विकास और स्वास्थ्य सुविधाएं बहुत बड़ी प्राथमिकताएं रही हैं। असम ने तो शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर कांग्रेस की उपेक्षा को बहुत लंबे समय तक भुगता है। आज असम शिक्षा और स्वास्थ्य का बहुत बड़ा हब बनकर सामने आ रहा है। इसका बहुत अधिक फायदा बराक वैली को मिला है। आज यहां शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े अनेक बड़े संस्थान बन चुके हैं।

साथियों,

कांग्रेस ने असम के युवाओं को सिर्फ हिंसा और आतंकवाद के कुचक्र में ही उलझाए रखा था। कांग्रेस ने असम को फूट डालो और राज करो की नीति की प्रयोगशाला बनाया। आज असम के युवाओं के सामने अवसरों का खुला आसमान है। आज असम भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर का अहम हिस्सा बन रहा है। यहां नेक्स्ट जेनरेशन टेक्नॉलॉजी से जुड़ा इकोसिस्टम और टैलेंट तैयार हो रहा है। यहां IIT और IIM जैसे संस्थान बन रहे हैं। मेडिकल कॉलेज, एम्स और कैंसर अस्पतालों का सशक्त नेटवर्क बन रहा है। शांति और प्रगति का ये नया दौर, अनेक बलिदानों और अनेक प्रयासों से आया है। अब ऐसी हर ताकत को मुंहतोड़ जवाब देना है, जो असम को पुराने दौर में धकेलने की कोशिश करती है।

साथियों,

आज मैं सिलचर से असम को सावधान-सतर्क भी करना चाहता हूं। आपने कांग्रेस को असम से बाहर किया। आज देश का हर राज्य कांग्रेस को सबक सिखा रहा है। कांग्रेस एक के बाद एक चुनाव हार रही है। अब निकट भविष्य में, कांग्रेस खुद के पराजय के इतिहास की सेंचूरी मारने वाला है। हार की हताशा से भरी कांग्रेस ने देश के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस के नेता देश को बदनाम करने में जुट गए हैं, आपने देखा है, दिल्ली में इतनी बड़ी AI समिट हुई। आज पूरी दुनिया जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, AI को लेकर बहुत ही उत्सुक है। दिल्ली में सफलतापूर्वक विश्व की एक नई आशा पैदा करने वाला AI समिट हुआ। दुनियाभर के नेता, दुनियाभर की टेक्नॉलॉजी कंपनियां, टेक्नॉलॉजी के बड़े-बड़े लीडर दिल्ली आए थे। कांग्रेस ने इस समिट को बदनाम करने के लिए कपड़ा फाड़ प्रदर्शन किया। अब कांग्रेस के पास खुद के कपड़े फाड़ने के सिवा कुछ नहीं बचा है। पूरे देश ने कांग्रेस के इस भौंडे और भद्दे प्रदर्शन की आलोचना की। लेकिन दिल्ली में जो कांग्रेस का शाही परिवार है, वो इस कांड को भी अपना मेडल बता रहा है, देश को बदनाम करने वालों की वाहवाही कर रहा है। ऐसी कांग्रेस, जो देश की विरोधी हो, वो किसी राज्य का भला नहीं कर सकती, वो असम के युवाओं का कभी भला नहीं सोच सकती।

साथियों,

आजकल दुनिया में चारों तरफ और हमारे तो अड़ोस पड़ोस में ही युद्ध के हालात और आप सब भलिभांति युद्ध कि क्या भयानकता है, वो रोजमर्रा देख रहे हो। युद्ध से जो स्थितियां बनी हैं, हमारी सरकार उनसे निपटने के लिए, हमारे देश के नागरिकों को कम से कम मुसीबत आए इसलिए हो सके उतने सारे प्रयास कर रही है। हमारा प्रयास है कि देश के नागरिकों पर युद्ध का कम से कम प्रभाव पड़े। इस समय कांग्रेस से उम्मीद थी कि वो एक जिम्मेदार राजनीतिक दल की भूमिका निभाए, लेकिन कांग्रेस देश हित के इस महत्वपूर्ण काम में भी फिर एक बार फेल हो गई। कांग्रेस पूरी कोशिश कर रही है कि देश में पैनिक क्रिएट हो, देश मुश्किल में फंस जाए। और उसके बाद कांग्रेस भर-भर कर मोदी को गाली दे।

साथियों,

कांग्रेस के लिए और कांग्रेस असम के लिए, देश के लिए कांग्रेस का कोई विजन ही नहीं है, इसलिए, इन्होंने अफवाहों को, झूठ-प्रपंच को ही, और जैसे झूठे रील बनाने की इंडस्ट्री खोलकर रखी है, उसी को हथियार बना दिया है। दुनिया में जो ताकतें भारत के तेज़ विकास को नहीं पचा पा रहीं हैं, जिन विदेशी ताकतों को देश की प्रगति रास नहीं आ रही, कांग्रेस देश का दुर्भाग्य देखिए, कांग्रेस उनके हाथ की कठपुतली बनती जा रही है। इसलिए, असम के हर नागरिक को, हर नौजवान को कांग्रेस से सावधान रहना है।

साथियों,

असम हो, बराक वैली हो, अब ये विकास के पथ पर बढ़ चुका है। बराक वैली, अपनी भाषा, अपने साहित्य, अपनी संस्कृति के लिए जानी जाती है। वो दिन दूर नहीं, जब बराक वैली को विकास के नए सेंटर के रूप में पहचान मिलेगी।

साथियों,

आप इतनी बड़ी तादाद में हमें आशीर्वाद देने आए हैं। जो राजनीति के भविष्य की रेखाएं अंकित करने वाले लोग हैं, वो भांति-भांति की जो संभावनाएं तलाशते रहते हैं, वे आज बराक वैली का ये दृश्य, कल बोड़ो समुदाय का वो दृश्य, टी गार्डन वालों के समूह का दृश्य, ये साफ-साफ बता रहा है कि, इस चुनाव का नतीजा भी क्या होने वाला है। और आप इतनी बड़ी तादाद में आशीर्वाद देने के लिए आए हैं, मैं आपका हृदय से आभारत व्यक्त करता हूं और आप सभी को फिर से विकास परियोजनाओं की बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मेरे साथ बोलिये-

भारत माता की जय!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!