India is now identified by its expressways and high-tech infrastructure: PM Modi in Prayagraj, UP
The Shehzada of Congress goes abroad to insult India: PM Modi in Prayagraj, UP
During the SP-Congress times, Prayagraj faced a lot of discrimination: PM Modi in Prayagraj, UP

भारत माता की..

भारत माता की..

भारत माता की।

तीर्थराज प्रयाग के इस पावन धरती पर यहां के सब परिवारजनों के हमार प्रणाम। आज मंगलवार है और पास में बड़े हनुमान जी का पावन धाम है। मैं परेड ग्राउंड के इस मंच से प्रयाग के आराध्य और त्रिवेणी को प्रणाम करता हूं।

साथियों,

प्रयाग तपोभूमि है। ये कुंभ की भव्यता की धरती है। यहां कटरा के कचौड़ी भी है और समोसे का स्वाद भी है। यहां इलाहाबाद यूनिवर्सिटी भी है और गुरु भारद्वाज का आश्रम भी है। यहां लेटे हनुमान जी भी हैं और माता अलोपी भी है और इसलिए तीर्थराज प्रयाग का आशीर्वाद मतलब पूरे ब्रह्मांड का आशीर्वाद और प्रयाग कैसे अनंत आशीर्वाद दे रहा है, ये आपका उत्साह बता रहा है।

साथियों,

24 का ये चुनाव तय करेगा भारत के भविष्य की त्रिवेणी किधर बहेगी? आप भी देख रहे हैं आज भारत की पहचान कैसे होती है? भारत की पहचान अब एक्सप्रेसवेज़ से होती है। भारत की पहचान इंफ्रास्ट्रक्चर से होती है। बड़े-बड़े देश मुझसे कहते हैं भारत की डिजिटल टेक्नोलॉजी हमें भी चाहिए, भारत अब दुनिया में अपनी आवाज बुलंद कर रहा है। भारत G-20 का आयोजन करवाता है, तो दुनिया हैरान हो जाती है और साथियों, यही तो प्रयागराज का, इस क्षेत्र का मिजाज है। यहां के लोग ना किसी से दब के रहते हैं, ना किसी से डर के रहते हैं। जो जिंदादिली मैंने प्रयागराज के लोगों में देखी है, वो कम ही मिलती है और यही मिजाज तो आज के भारत का भी मिजाज है।

साथियों,

आज जब भारत आगे बढ़ रहा है, तो हर देशप्रेमी इससे खुश है। लेकिन आप देखिए सपा, कांग्रेस और इंडी गठबंधन वालों को भारत का गौरव गान हजम नहीं होता और ये करते क्या हैं? कांग्रेस के शहजादे भारत को गाली देने के लिए विदेश जाते हैं। ये इंडी गठबंधन वाले चुनाव भी किस एजेंडा पर लड़ रहे हैं? इनका एजेंडा है- कश्मीर में आर्टिकल-370 फिर से लाएंगे। इनका एजेंडा है- CAA को रद्द करेंगे। इनका एजेंडा है- भ्रष्टाचार पर जो कड़े कानून बने हैं, उन्हें रद्द करेंगे। क्या ये सब करने के लिए आप कभी भी ये इंडी अलायंस वालों को, सपा-कांग्रेस वालों को एक भी वोट देंगे क्या? देंगे क्या? क्या देश को दिशा देने वाली प्रयागराज की धरती को इन लोगों की हरकत मंजूर होगी क्या?

साथियों,

इंडी गठबंधन वालों का, सपा- कांग्रेस वालों का सुशासन से और हमारी आस्था से 36 का रिश्ता है। भारत का कोना-कोना इस बात की गवाही देता है कि इंडी गठबंधन वालों से विकास नहीं हो सकता। आप यहां प्रयागराज में होने वाले कुंभ का ही उदाहरण देखिए, सपा-कांग्रेस के समय क्या होता था? भीड़ में भगदड़ मच जाती थी। लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती थी। हर तरफ अव्यवस्था होती थी, जानते हैं क्यों? क्योंकि, उन्हें कुंभ से ज्यादा अपने वोट बैंक की चिंता रही है। अगर कुम्भ के लिए ज्यादा कुछ करते दिख गए, तो कहीं उनका वोट बैंक बुरा न मान जाये, इन लोगों को वोट बैंक का इतना डर सताता था। सपा, कांग्रेस में तुष्टीकरण का कॉम्पटिशन होता था। आप मुझे बताइये राम मंदिर का बहिष्कार करने वाले ये लोग, राम मंदिर का बहिष्कार करने वाले ये लोग, सनातन को डेंगू- मलेरिया कहने वाले ये लोग, अगले साल होने वाले कुंभ को क्या कभी अच्छे से करने देते क्या?

साथियों,

मोदी का मंत्र है- विकास भी, विरासत भी। अभी अयोध्या में भव्य राम मंदिर बना है। अब निषादराज के श्रृंगवेरपुर का विकास भी किया जाएगा। श्रृंगवेरपुर राम वन गमन पथ का प्रमुख तीर्थ बनेगा। क्या सपा- कांग्रेस वाले कभी भी ये काम करेंगे क्या? सपा-कांग्रेस के शहजादों को अपने परिवार के आगे कुछ भी दिखता नहीं है। कांग्रेस तो आजादी का सारा श्रेय भी एक परिवार को देना चाहती है। आपको मालूम होगा गुजरात में सरदार वल्लभ भाई पटेल का स्टैच्यू बना है, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी ये दुनिया में सबसे ऊंचा स्टैच्यू है सरदार वल्लभ भाई पटेल का है, सरदार वल्लभ भाई पटेल कांग्रेस के थे, स्टैच्यू मोदी ने बनवाया लेकिन एक कांग्रेस का परिवार को उस तरफ जाने से उनको डर लगता है कि इतने बड़े स्टैच्यू का अगर परछाया भी उनपर आ जाएगा तो शायद उनके लिए आफत आ जाएगी।

साथियों,

सपा और कांग्रेस का चरित्र ही विकास विरोधी है। सपा-कांग्रेस के समय प्रयागराज से बहुत भेदभाव हुआ। आपको याद है ना कैसे बिजली के लिए यहां के लोगों को तरसाकर रखा जाता था? हर दुकान के बाहर जनरेटर का शोर और धुआं रहता था, आज हमारे योगी जी, हमारे केशव प्रसाद मौर्य जी, हमारी भाजपा सरकार में तो हर जिले को बराबर और भरपूर बिजली मिल रही है। 2017 से पहले हमारे किसान भाई-बहन रात-रातभर जगकर खेत में सिंचाई करते थे। आज किसानों को भी आसानी से बिजली मिल रही है।

साथियों,

आज हमारा प्रयाग विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। प्रयागराज-रायबरेली-लखनऊ फोरलेन हाईवे, गंगा एक्सप्रेसवे, हल्दिया से प्रयागराज तक वॉटरवे, अमृत स्टेशन और वन्देभारत ट्रेनें, हर क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज और अंडरपास, गंगा जी पर आइकॉनिक केबल ब्रिज, बमरौली एयरपोर्ट का कायाकल्प पहले जो कल्पना नहीं होती थी, आज वो साकार हो रहा है।

साथियों,

यूपी के ऐसे बहुत फ़र्स्ट टाइम वोटर हैं, जिन्हें पता ही नहीं होगा परिवारवादी पार्टी के दिनों में क्या होता था? कैसे हमारी बहन-बेटियों का घर से बाहर निकलना मुश्किल होता था? उद्योग-धंधे सब चौपट पड़े थे। किसी भी व्यापारी को वसूली और फिरौती का फरमान आ जाता था। हमारा तीर्थराज प्रयाग यहां खुलेआम सड़कों पर बम चलते थे, गोलियां चलती थी। गुंडे- माफिया बेखौफ़ अपनी शेख़ी बघारते थे। सीधे-सच्चे लोग दहशत में जीते थे। यहां के दुकानदार, यहां के कारोबारी भूल सकते हैं क्या कि उनकी हालत रहती थी उस समय? लेकिन जब से भाजपा सरकार आई है माफिया के खिलाफ यहां सफाई-अभियान चल रहा है। सपा सरकार में माफिया गरीबों की जमीनों पर कब्जा करता था, अब उसके अवैध महल तोड़कर भाजपा सरकार वहां गरीबों के लिए घर बनवा रही है।

साथियों,

प्रयागराज शिक्षा का इतना बड़ा केंद्र है। यहां के युवा कभी भूल नहीं सकते सपा सरकार कैसे आपके सपनों का सौदा करती थी? मेहनत आपकी, योग्यता आपकी लेकिन, नौकरी किसी और को मिलती थी? नौकरी दी जाती थी जाति देखकर, नौकरी मिलती थी घूस देने वालों को, UP-PSC को इन लोगों ने परिवार सर्विस कमीशन बना दिया था। यूपी की कितनी प्रतिभाओं का भविष्य इन लोगों ने बर्बाद कर दिया था।

साथियों,

इंडी गठबंधन वालों की नाव डूब रही है। इनका एक ही सहारा है- झूठ, लगातार झूठ, हर जगह पर झूठ, बार-बार झूठ। ये संविधान को लेकर देश में झूठ फैला रहे हैं। संविधान को किससे ख़तरा है ये प्रयागराज से बेहतर कौन बताएगा? आप जरा बताइये आपातकाल लगाकर संविधान को बदलने की साजिश किसने की थी? यहीं इलाहाबाद हाइकोर्ट ने कांग्रेस की तानाशाही पर लगाम लगाई थी। रायबरेली में लोकतन्त्र को लूटने की कोशिश की गई थी, हाइकोर्ट ने उस चुनाव को रद्द करके इन्दिरा गांधी के चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी।

भाइयों- बहनों,

इतने साल बीत गए लेकिन कांग्रेस पार्टी का चरित्र नहीं बदला। बाबा साहेब अंबेडकर भी धर्म के आधार पर आरक्षण के खिलाफ थे। लेकिन कांग्रेस-सपा वाले संविधान के खिलाफ जाकर दलितों, पिछड़ों का आरक्षण अपने वोट बैंक को, वोट जिहाद वालों को देने की तैयारी में हैं। कर्नाटक में तो कांग्रेस सरकार ने OBC कोटा मुसलमानों को दे दिया है। अब यही काम ये देशभर में करना चाहते हैं। लेकिन मोदी आज प्रयागराज के धरती पर गारंटी देवे आवा है- मैं दलितों-पिछड़ों का आऱक्षण, इन लोगों को छीनने नहीं दूंगा और ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

मोदी आगे भी आपकी सेवा करता रहे इसके लिए फिर एक सशक्त सरकार चाहिए। प्रयागराज से भाई नीरज त्रिपाठी जी और फूलपुर से भाई प्रवीण पटेल जी आप इन्हें जो वोट देंगे, वो मोदी को मजबूत करेगा। आप बताओ, 4 जून के इनका जिताए के भेजबो ना? अमे जोर से बोलो- दूनो सीट पर कमल खिली ना? अच्छा मेरा एक काम करेंगे जरा हाथ ऊपर करके बताइए करेंगे, घर-घर जाइए और जाकर के सबको बताइए कि मोदी जी आए थे और मोदी जी ने परिवार के सबको श्री राम कहा है।

बोलिए, भारत माता की..

भारत माता की..

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Text of PM’s remarks during inauguration of Swaminarayan Hindu Temple in Paris
September 06, 2026

पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!

आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।

साथियों,

BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।

साथियों,

बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।

साथियों,

दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

साथियों,

इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।

साथियों,

स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

मर्सी बोकू!

जय स्वामीनारायण!