Over the 9 years the BJP Government at the Center has enabled the creation of infrastructure in the state of Rajasthan in terms of its roadways and highways: PM Modi
The Congress Government has only established a state of loot, falsity and lies: PM Modi
The Congress Government has only indulged in the politics of blame-game and intra-party politics that have taken the state of Rajasthan towards ruin: PM Modi
The rampant abuse of the downtrodden, especially the women and Dalits have gone out of hand, with many of them undergoing systemic exploitation under the Congress regime: PM Modi
Using the acronym ‘INDIA’ the Congress Party yet again with its allies intends to loot the country: PM Modi

श्याम बाबा की… श्याम बाबा की… शाकंभरी माता की… जीण माता की.. सालासर बालाजी की.. लोहार्गल तीर्थ और हर्षनाथ धाम की… वीरों की धरती शेखावाटी को मेरा शत-शत प्रणाम। यहाँ के बारे में कहा जाता है-
बोली जाणी मीठी मिसरी, घमी सुहावै म्हाटी।
धनवानां विद्वानां की, या महापुरसां की थाती।
घम अनमोल रतन निपजावै, वाह भाई शेखावाटी।।


यहाँ आने पर आध्यात्मिक अनुभूति भी मिलती है, और दिव्य आशीर्वाद भी मिलता है। शेखावटी की धरती शिक्षा संत स्वामी केशवानंद जी की जन्म भूमि है। ये श्रद्धानंद जी महाराज, अमृतानाथ जी महाराज, बुद्धगिरी जी महाराज और रतिनाथ जी महाराज की तपोभूमि है। इसी धरती ने हमें भैरोसिंह शेखावत, जगदीश प्रसाद माथुर और मदन लाल सैनी जैसे नेता दिए हैं। इसी शेखावाटी से निकले जगदीप धनखड़ जी आज देश के उपराष्ट्रपति हैं। इसलिए, आज जब मैं सीकर आया हूँ, तो मेरे मन में एक अलग उमंग है उत्साह है, ऊर्जा है। आप इतनी बड़ी संख्या में हमें आशीर्वाद देने आए हैं। जहां-जहां भी नजर पहुंचती है लोग ही लोग है। वहां तो पीछे बिल्डिंग के ऊपर भी लोग दिखते हैं। ये जनसैलाब बता रहा है कि आने वाले चुनाव में ऊंट किस करवट बैठेगा। अब राजस्थान की करवट भी बदलेगी और मेरी गारंटी है राजस्थान की किस्मत भी बदलेगी। इसलिए आज राजस्थान में चारों तरफ एक ही गूंज है, एक ही स्वर है, एक ही नारा है- जीतेगा कमल, खिलेगा कमल!

साथियों,
भाजपा की सरकार, राजस्थान की दिन-रात सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है। अभी कुछ देर पहले, आपने शायद यहां टीवी पर कार्यक्रम देखा होगा, किसानों के बैंक खातों में पीएम किसान सम्मान निधि के लगभग 18 हजार करोड़ रुपए भेजे गए गए है। राजस्थान के भी 55 लाख से ज्यादा किसानों को आज 1200 करोड़ रुपए से ज्यादा सीधे उनके खाते में पहुंच गए हैं। आज मुझे राजस्थान के अलग-अलग जिलों में 7 मेडिकल कॉलेजों के शिलान्यास उसका अवसर भी मिला है। सीकर, चित्तौड़गढ़, धौलपुर, सिरोही, और श्रीगंगानगर के मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण भी आज हुआ है। युवाओं के भविष्य के लिए नए एकलव्य स्कूल भी मैंने राजस्थान के लोगों को समर्पित किए हैं।

साथियों,
केंद्र सरकार की तरफ से राजस्थान की सेवा का ये सिलसिला लगातार चल रहा है। इससे पहले कुछ सप्ताह पहले मैं बीकानेर आया था। तब भी मुझे अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे और 24 हजार करोड़ रुपयों की परियोजनाओं के लोकार्पण-शिलान्यास का सौभाग्य मिला था। राजस्थान में अच्छी सड़कों के लिए, अच्छे हाईवे के लिए, राज्य के विकास के लिए भाजपा सरकार लगातार केंद्र से पैसा दे रही है।
जब केंद्र में, साथियों ये याद रखना... याद रखोगे..? याद रखोगे..? जरा हाथ ऊपर करके बताओ याद रखोगे..? पक्का याद रखोगे..? केंद्र में जब कांग्रेस की सरकार थी तो 10 साल में राजस्थान को टैक्स की हिस्सेदारी के रूप में एक लाख करोड़ रुपए ही दिए गए थे। बीते 9 वर्षो में भाजपा की सरकार ने टैक्स की हिस्सेदारी के रूप में राजस्थान को 4 लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा पहुंचाए हैं। कहां एक लाख करोड़ और कहां चार लाख करोड़। जब केंद्र में 10 साल कांग्रेस की सरकार थी, तो राजस्थान को सेंट्रल ग्रांट के रूप में भी करीब 50 हजार करोड़ रुपए ही दिए गए थे। हमारी सरकार ने बीते 9 वर्षों में सेंट्रल ग्रांट के तौर पर राजस्थान को डेढ़ लाख करोड़ रुपए से ज्यादा दिए हैं। लेकिन जबसे यहां कांग्रेस की सरकार बनी है, तबसे यहां विकास के काम में सिर्फ रोड़े अटकाने का ही काम चल रहा है। मैंने राजस्थान सहित पूरे देश की बहनों से वादा किया था कि उनके घर तक पाइप से पानी पहुंचाऊंगा। और जब इतनी बड़ी मात्रा में माताएं-बहने आशीर्वाद देने आई हैं हमने इसके लिए जल जीवन मिशन शुरु किया। आज देशभर में, आंकड़ा सुनिए दोस्तों... आज देश भर में 9 करोड़ से अधिक नए परिवारों तक पानी के कनेक्शन पहुंच चुके हैं। अनेक राज्यों में शत-प्रतिशत नल से जल देने का काम पूरा हो गया है। लेकिन राजस्थान के लोगों को कांग्रेस की सरकार पानी के लिए भी तरसा कर रखना चाहती है। राजस्थान, हर घर जल योजना में बहुत पीछे चल रहा है। यहां शेखावाटी के लोग जानते हैं कि कुंभाराम लिफ्ट पेयजल योजना के साथ इन्होंने क्या किया। जब यहां भाजपा सरकार थी, तब इस पर 5 हजार करोड रुपए का खर्च होने का अनुमान था। कांग्रेस की सरकार बनी तो उन्होंने परियोजना को तो लटका दिया। आज इसकी लागत भी करीब-करीब दोगुनी हो गई है। यानि कांग्रेस ने पानी का भी नुकसान किया और पैसे का भी नुकसान किया।

भाइयों और बहनों,
कांग्रेस ने राजस्थान में सरकार चलाने के नाम पर सिर्फ लूट की दुकान चलाई है, झूठ का बाजार सजाया है। कांग्रेस का मतलब ही है- लूट की दुकान, झूठ का बाज़ार! और लूट की इस दुकान का सबसे ताजा प्रॉडक्ट है- राजस्थान की लाल डायरी। आपने लाल डायरी के बारे में सुना है ना? कहते हैं इस लाल डायरी में कांग्रेस सरकार के काले कारनामे दर्ज हैं। लोग कह रहे हैं कि लाल डायरी के पन्ने खुले तो अच्छे-अच्छे निपट जाएंगे। कांग्रेस के बड़े से बड़े नेताओं की इस लाल डायरी का नाम सुनते ही बोलती बंद हो रही है। ये लोग भले ही मुंह पर ताला लगा लें, लेकिन ये लाल डायरी इस चुनाव में पूरी कांग्रेस का डिब्बा गोल करने जा रही है।

साथियों,
लोकतंत्र में हर सरकार को अपने काम का हिसाब देना होता है। लेकिन क्या राजस्थान में कांग्रेस आपको अपने काम का हिसाब देती है क्या? जरा जोर से बताइए ना अपने काम का हिसाब देती है क्या?
जो चार साल सिर्फ सोएगा, वो अपने काम का हिसाब कैसे देगा? इन लोगों ने सरकार का हर दिन, आपसी खींचतान में, वर्चस्व की लड़ाई में बर्बाद किया है। साथियों, आज केंद्र की भाजपा सरकार, आपके सुख-दुख की साथी बनकर, आपके जीवन से मुश्किलें कम करने के लिए काम कर रही है। देश के करोड़ों लोगों को पक्का घर बनाकर लखपति बनाने की गारंटी दी है। साथियों पक्का घर बनाकर लखपति बनाने की गारंटी किसने दी है?.. ये गारंटी किसने दी है? इस गारंटी को किसने पूरा किया है? - भाजपा सरकार ने। देश के करोड़ों गरीबों को मुफ्त राशन की गारंटी किसने दी?... किसने दी?..- भाजपा सरकार ने दी। कोरोना के काल में करोड़ों गरीबों को मुफ्त वैक्सीन की गारंटी किसने दी?- भाजपा सरकार ने दी। देश के करोड़ों गरीबों को अस्पताल में 5 लाख तक के मुफ्त इलाज की गारंटी किसने दी?.. किसने दी? जनऔषधि केंद्र में गरीबों को सस्ती दवाइयों की गारंटी किसने दी?... किसने दी?... गरीब का बच्चा भी ईंजीनियर-डॉक्टर बन सके, अंग्रेजी न आने की वजह से पीछे न रह जाए, इसके लिए मातृभाषा में पढ़ाई की गारंटी किसने दी?... पूरी ताकत से बोलिए किसने दी?...गरीब के कल्याण के लिए दिल्ली में बैठा आपका ये सेवक पूरे समर्पित भाव से काम कर रहा है।

भाइयों और बहनों,
हमारे सीकर की पहचान तो शिक्षा नगरी के रूप में भी होती है। यहां के गांव-ढाणी डॉक्टर-इंजीनियर बनाते आए हैं। केंद्र की भाजपा सरकार युवाओं को शिक्षा और रोज़गार के नए अवसर देने में जुटी है। लेकिन राजस्थान में क्या हो रहा है? राजस्थान में युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है, पेपरलीक उद्योग चल रहा है, पेपरलीक उद्योग। ...राजस्थान के युवा काबिल हैं, समर्थ हैं, लेकिन यहां की सरकार उनके भविष्य को बर्बाद कर रही है। यहां सत्ताधारी दल के लोगों पर ही पेपरलीक माफिया होने का आरोप लग रहा है। लग रहा है ना... लग रहा है ना..राजस्थान के युवाओं को पेपरलीक माफिया से बचाने के लिए क्या करना पड़ेगा? कांग्रेस को हटाना ही होगा। क्या करना होगा? भाइयों और बहनों, राज्य सरकारों की एक और सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है, नागरिकों की सुरक्षा की, कानून-व्यवस्था की। लेकिन कांग्रेस सरकार ये भी नहीं कर पा रही। आए दिन गैंगवॉर की खबरों ने राजस्थान जैसे शांतिप्रिय प्रदेश को उसकी साख की साख को बिगाड़ दिया है। राजस्थान में दलितों पर अत्याचार चरम पर है। राजस्थान में नशे की तस्करी, नशे का कारोबार फल-फूल रहा है। हमारे तीज-त्यौहारों पर खतरा मंडराता रहा है। कब पत्थर चलने लगें, कब गोलियां चले, कब कर्फ्यू लग जाए, कोई नहीं जानता। भाइयों और बहनों, राजस्थान के लोग कुछ भी बर्दाश्त कर सकते हैं, लेकिन राजस्थान के लोग बहन-बेटियों के सम्मान से खिलवाड़ कभी भी बर्दाश्त नहीं कर सकते। मां पद्मावती और पन्ना धाय की इस धरती की बेटियों के साथ जो हो रहा है, वो आक्रोश से भर देता है। किसी दलित बेटी के साथ दुष्कर्म होता है, और फिर उस पर एसिड डाल दिया जाता है। किसी दलित बहन के साथ उसके पति के सामने गैंगरेप होता है, आरोपी उसका वीडियो बनाते हैं। पुलिस में रिपोर्ट नहीं लिखी जाती, बेखौफ़ आरोपी वीडियो वायरल कर देते हैं। छोटी-छोटी बच्चियां, स्कूलों में पढ़ाने वाली टीचर्स तक यहां सुरक्षित नहीं हैं। और साथियों, कार्रवाई करने के बजाय कांग्रेस के नेता पीड़ित महिलाओं पर ही झूठ बोलने का आरोप लगा रहे हैं। वाकई, बहुत हो गया। भाइयों-बहनों राजस्थान की धरती है, ये वीरों की धरती है, ये पराक्रमियों की धरती है, ये याचना करने वाले लोग नहीं है, ये हुंकार करने वाले लोग हैं। और इसलिए इस बार चारो ओर एक ही हुंकार है, एक ही नारा है... हर राजस्थानी का एक ही संकल्प है... बहन बेटियों पर अत्याचार, नहीं सहेगा राजस्थान! बहन बेटियों पर अत्याचार... बहन बेटियों पर अत्याचार.. बहन बेटियों पर अत्याचार... दलित पर अत्याचार... दलित पर अत्याचार... कर्ज़ से मरता किसान... कर्ज़ से मरता किसान...! अपराध बेलगाम- नहीं सहेगा राजस्थान !

पेपर लीक से युवा परेशान- नहीं सहेगा राजस्थान! भ्रष्टाचार- नहीं सहेगा राजस्थान !

साथियों,
कांग्रेस आज देश की सबसे बड़ी दिशाविहीन पार्टी बनकर रह गई है। इन दिनों कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने एक नया पैंतरा चला है। ये पैंतरा है, नाम बदलने का। पहले के जमाने में, राजस्थान के लोग व्यापारियों की दुनिया को बराबर जानते हैं, पहले के जमाने में कोई पीढ़ी, कोई कंपनी अगर बदनाम हो जाए तो फ्रॉड करने वाली कंपनी का चिट्ठा लिकल जाए तो तुरंत वो कंपनी वाले नया बोर्ड लगाकर के अपना कारोबार शुरू कर के लोगों को भ्रमित करने का काम करते थे। नाम बदल करके लोगों को मूरख बना कर के अपना धंधा पानी चलाने की कोशिश करते थे। कांग्रेस और उसके साथियों की जमात, ऐसी फ्रॉड कंपनियों की नकल कर रही है। UPA के कुकर्म लोगों को याद ना आएं, इसलिए, इन्होंने अपना नाम यूपीए से बदलकर आईएनडीआईए कर दिया और इतना लंबा कर दिया कि लोग भूल जाएं। UPA ने नाम बदला है ताकि ये आतंकवाद के सामने घुटने टेकने का अपना पाप छिपा सकें। इन्होंने नाम बदला है ताकि ये कर्जमाफी के नाम पर किसानों से विश्वासघात को छिपा सकें। UPA नाम बदला है ताकि ये गरीबों के साथ किए गए छल-कपट को छिपा सकें। और मैं आज राजस्थान की धरती से देश के लोगों को एक और बात बताना चाहता हूं। इनका तरीका वही है, जो हमेशा देश के दुश्मनों ने अपनाया है। पहले भी, ये तो आईएनडीआईए के नाम से आए हैं, लेकिन पहले इंडिया के नाम के पीछे अपने पाप को छुपाने का प्रयास किया गया है। इंडिया नाम तो ईस्ट इंडिया कंपनी में भी था। ईस्ट इंडिया कंपनी में था कि नहीं था? लेकिन इंडिया नाम, अपनी भारतभक्ति दिखाने के लिए नहीं बल्कि भारत को लूटने के इरादे से लगाया गया था। आपको याद होगा कि कांग्रेस के शासनकाल में SIMI यानि स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया बना था। नाम में इंडिया था, लेकिन मिशन, इंडिया को आतंकी हमलों से बर्बाद करने का था। जब इसके कुकर्म सामने आए तो सीमी भी बैन किया गया। और ये बैन हुआ तो फिर ये नया नाम लेकर आए- उन्होंने भी नाम बदला... SIMI बन गया PFI यानि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया। नाम नया, नाम में फिर इंडिया, लेकिन काम वही पुराना।

साथियों,
आईएनडीआईए के नाम के लेबल से ये अपने पुराने कारनामों को छुपाना चाहते हैं। यूपीए के कारनामों को छुपाना चाहते हैं। अगर इनको वाकई इंडिया की परवाह होती तो, क्या ये विदेश में जाकर के विदेशियों से भारत में दखल देने के लिए बात करते क्या? अगर इन्हें इंडिया की चिंता होती तो, क्या ये सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक पर सवाल उठाते क्या? इनको इंडिया की चिंता होती, तो क्या ये गलवान में भारत की सेना के शौर्य को कठघरे में रखते क्या? साथियों, ये वही चेहरे हैं जो आतंकी हमला होने पर दुनिया के आगे रोते थे, खुद कुछ नहीं करते थे। इन्हें देश के सुरक्षाबलों के सामर्थ्य पर भरोसा नहीं है। ये वही चेहरे हैं, जिन्होंने हमारे सैनिकों का हक मारा है। दशकों तक हमारे सैनिक वन रैंक वन पेंशन मांगते रहे, लेकिन इन्होंने नहीं दिया। जो लोग टुकड़े-टुकड़े गैंग को गले लगाते हैं, जो लोग भारत में भाषा के आधार पर बंटवारा करते हैं, जो लोग विदेशों से संबंध भी इस आधार पर बनाते हैं, कि उनका वोट बैंक नाराज़ ना हो जाए, इनके लिए राष्ट्रहित नहीं बल्कि वोटबैंक सर्वोपरि है, वो लोग जब आईएनडीआईओ की बात करते हैं, तो दिखावा लगता है, छलावा लगता है, झूठ लगता है। भाइयों और बहनों, इन लोगों में अहंकार कूट-कूट कर भरा हुआ है। एक बार इन्होंने नारा दिया था इंदिरा Is India, India इज इंदिरा। और तब देश की जनता ने इनका हिसाब चुकता किया था, चुन-चुन कर के साफ कर दिया था.. इन्हें उखाड़ फेंका था उनलोगों को। अहंकार से भरे इन लोगों ने फिर वही पाप दोहराया है। ये सुधरने को तैयार नहीं है... ये लोग कह रहे हैं UPA is India, India is UPA. इनका जनता फिर से एक बार वही हाल करेगी जो पहले किया था।

साथियों,
हम जानते हैं कि आजादी का आंदोलन जब पूरी प्रखरता पर था तो महात्मा गांधी ने एक नारा दिया था। ये नारा देश के लोगों की प्रेरणा बन गया था। और आजादी के आंदोलन में इस नारे ने ऊर्जा भर दी थी। नौजवान स्कूल-कॉलेज में अपनी किताबें छोड़ कर के महात्मा गांधी के आदेश पर आजादी के लिए चल पड़े थे, जेलें भर दी थी, क्योंकि गोलियां कम पड़ गई थी। वो दिन थे और तब महात्मा गांधी ने जो नारा दिया था। आज फिर से देश के कल्याण के लिए, देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए उस नारे की फिर से जरूरत है दोस्तों। इस नारे को फिर से गांव-गांव और घर-घर पहुंचाने की जरूरत है। क्या नारा था ? महात्मा गांधी ने नारा दिया था क्विट इंडिया- अंग्रेजों इंडिया छोड़ो... अंग्रेजों इंडिया छोड़ो...और अंग्रेजों को देश छोड़कर जाना पड़ा था। वैसे ही आज हम समृद्ध भारत बनाने का संकल्प लेकर चल रहे हैं। जैसे गांधी जी ने क्विट इंडिया का मंत्र दिया था, वैसे ही आज का मंत्र है- भ्रष्टाचार- क्विट इंडिया... भ्रष्टाचार- छोड़ो इंडिया..। परिवारवाद- क्विट इंडिया... परिवारवाद छोड़ो इंडिया। तुष्टिकरण- क्विट इंडिया- तुष्ट्रिकरण छोड़ो इंडिया..। क्विट इंडिया ही देश को बचाएगा और देश को विकसित भारत बनाएगा।

भाइयों और बहनों,
राजस्थान के लिए भी भाजपा का रोडमैप स्पष्ट है, नीति साफ है। आने वाले 5 साल में जब भारत दुनिया की तीसरी बड़ी इकोनॉमी होगा, तो उसमें राजस्थान की बहुत बड़ी हिस्सेदारी होगी। भाजपा सरकार बनते ही, यहां भ्रष्टाचारियों पर, अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। भाजपा सरकार राजस्थान के नौजवान की आकांक्षा को सम्मान देगी। भाजपा की डबल इंजन सरकार बिना रुके, बिना थके काम करेगी। राजस्थान के पास सामर्थ्य की कमी नहीं है। राजस्थान के विकास के लिए जैसे पूरा राजस्थान आज मेरा साथ दे रहा है मेरा शेखावाटी भी पीछे नहीं रहेगा, ये मुझे पूरा भरेसा है। साथियों हाथ ऊपर करके जवाब दीजिए शेखावटी की हर सीट, हर विधानसभा सीट पर, हर बूथ पर कमल खिला कर के रहेंगे। ये संकल्प है? ये वादा है? साथियों ये ऊर्जा पूरे राजस्थान के हर बूथ पर कमल खिलाएगी। इसी विश्वास के साथ घर-घर ये मंत्र लेकर चले जाइए... भ्रष्टाचारी क्विट इंडिया... परिवारवादी- क्विट इंडिया.. इस मंत्र को लेकर के आगे बढ़ें
बहुत-बहुत धन्यवाद !


मेरे साथ बोलिए भारत माता की...

भारत माता की...

भारत माता की...

जय..

 

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I.N.D.I alliance have disregarded the culture as well as development of India: PM Modi in Udhampur
April 12, 2024
After several decades, it is the first time that Terrorism, Bandhs, stone pelting, border skirmishes are not the issues for the upcoming Lok Sabha elections in the state of JandK
For a Viksit Bharat, a Viksit JandK is imminent. The NC, PDP and the Congress parties are dynastic parties who do not wish for the holistic development of JandK
Abrogation of Article 370 has enabled equal constitutional rights for all, record increase in tourism and establishment of I.I.M. and I.I.T. for quality educational prospects in JandK
The I.N.D.I alliance have disregarded the culture as well as the development of India, and a direct example of this is the opposition and boycott of the Pran-Pratishtha of Shri Ram
In the advent of continuing their politics of appeasement, the leaders of I.N.D.I alliance lived in big bungalows but forced Ram Lalla to live in a tent

भारत माता की जय...भारत माता की जय...भारत माता की जय...सारे डुग्गरदेस दे लोकें गी मेरा नमस्कार! ज़ोर कन्ने बोलो...जय माता दी! जोर से बोलो...जय माता दी ! सारे बोलो…जय माता दी !

मैं उधमपुर, पिछले कई दशकों से आ रहा हूं। जम्मू कश्मीर की धरती पर आना-जाना पीछले पांच दशक से चल रहा है। मुझे याद है 1992 में एकता यात्रा के दौरान यहां जो आपने भव्य स्वागत किया था। जो सम्मान किया था। एक प्रकार से पूरा क्षेत्र रोड पर आ गया था। और आप भी जानते हैं। तब हमारा मिशन, कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने का था। तब यहां माताओं-बहनों ने बहुत आशीर्वाद दिया था।

2014 में माता वैष्णों देवी के दर्शन करके आया था। इसी मैदान पर मैंने आपको गारंटी दी थी कि जम्मू कश्मीर की अनेक पीढ़ियों ने जो कुछ सहा है, उससे मुक्ति दिलाऊंगा। आज आपके आशीर्वाद से मोदी ने वो गारंटी पूरी की है। दशकों बाद ये पहला चुनाव है, जब आतंकवाद, अलगाववाद, पत्थरबाज़ी, बंद-हड़ताल, सीमापार से गोलीबारी, ये चुनाव के मुद्दे ही नहीं हैं। तब माता वैष्णो देवी यात्रा हो या अमरनाथ यात्रा, ये सुरक्षित तरीके से कैसे हों, इसको लेकर ही चिंताएं होती थीं। अगर एक दिन शांति से गया तो अखबार में बड़ी खबर बन जाती थी। आज स्थिति एकदम बदल गई है। आज जम्मू- कश्मीर में विकास भी हो रहा है और विश्वास भी बढ़ रहा है। इसलिए, आज जम्मू-कश्मीर के चप्पे-चप्पे में भी एक ही गूंज सुनाई दे रही है-फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार !

भाइयों और बहनों,

ये चुनाव सिर्फ सांसद चुनने भर का नहीं है, बल्कि ये देश में एक मजबूत सरकार बनाने का चुनाव है। सरकार मजबूत होती है तो जमीन पर चुनौतियों के बीच भी चुनौतियों को चुनौती देते हुए काम करके दिखाती है। दिखता है कि नहीं दिखता है...दिखता है कि नहीं दिखता है। यहां जो पुराने लोग हैं, उनको 10 साल पहले का मेरा भाषण याद होगा। यहीं मैंने आपसे कहा था कि आप मुझपर भरोसा कीजिए, याद है ना मैंने कहा था कि मुझ पर भरोसा कीजिए। मैं 60 वर्षों की समस्याओं का समाधान करके दिखाउंगा। तब मैंने यहां माताओं-बहनों के सम्मान देने की गारंटी दी थी। गरीब को 2 वक्त के खाने की चिंता न करनी पड़े, इसकी गारंटी दी थी। आज जम्मू-कश्मीर के लाखों परिवारों के पास अगले 5 साल तक मुफ्त राशन की गारंटी है। आज जम्मू कश्मीर के लाखों परिवारों के पास 5 लाख रुपए के मुफ्त इलाज की गारंटी है। 10 वर्ष पहले तक जम्मू कश्मीर के कितने ही गांव थे, जहां बिजली-पानी और सड़क तक नहीं थी। आज गांव-गांव तक बिजली पहुंच चुकी है। आज जम्मू-कश्मीर के 75 प्रतिशत से ज्यादा घरों को पाइप से पानी की सुविधा मिल रही है। इतना ही नहीं ये डिजिटल का जमाना है, डिजिटल कनेक्टिविटी चाहिए, मोबाइल टावर दूर-सुदूर पहाड़ों में लगाने का अभियान चलाया है। 

भाइयों और बहनों,

मोदी की गारंटी यानि गारंटी पूरा होने की गारंटी। आप याद कीजिए, कांग्रेस की कमज़ोर सरकारों ने शाहपुर कंडी डैम को कैसे दशकों तक लटकाए रखा था। जम्मू के किसानों के खेत सूखे थे, गांव अंधेरे में थे, लेकिन हमारे हक का रावी का पानी पाकिस्तान जा रहा था। मोदी ने किसानों को गारंटी दी थी और इसे पूरा भी कर दिखाया है। इससे कठुआ और सांबा के हजारों किसानों को फायदा हुआ है। यही नहीं, इस डैम से जो बिजली पैदा होगी, वो जम्मू कश्मीर के घरों को रोशन करेगी।

भाइयों और बहनों,

मोदी विकसित भारत के लिए विकसित जम्मू-कश्मीर के निर्माण की गारंटी दे रहा है। लेकिन कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी और बाकी सारे दल जम्मू-कश्मीर को फिर उन पुराने दिनों की तरफ ले जाना चाहते हैं। इन ‘परिवार-चलित’ पार्टियों ने, परिवार के द्वारा ही चलने वाली पार्टियों ने जम्मू कश्मीर का जितना नुकसान किया, उतना किसी ने नहीं किया है। यहां तो पॉलिटिकल पार्टी मतलब ऑफ द फैमिली, बाई द फैमिली, फॉर द फैमिली। सत्ता के लिए इन्होंने जम्मू कश्मीर में 370 की दीवार बना दी थी। जम्मू-कश्मीर के लोग बाहर नहीं झांक सकते थे और बाहर वाले जम्मू-कश्मीर की तरफ नहीं झांक सकते थे। ऐसा भ्रम बनाकर रखा था कि उनकी जिंदगी 370 है तभी बचेगी। ऐसा झूठ चलाया। ऐसा झूठ चलाया। आपके आशीर्वाद से मोदी ने 370 की दीवार गिरा दी। दीवार गिरा दी इतना ही नहीं, उसके मलबे को भी जमीन में गाड़ दिया है मैंने। 

मैं चुनौती देता हूं हिंदुस्तान की कोई पॉलीटिकल पार्टी हिम्मत करके आ जाए। विशेष कर मैं कांग्रेस को चुनौती देता हूं। वह घोषणा करें कि 370 को वापस लाएंगे। यह देश उनका मुंह तक देखने को तैयार नहीं होगा। यह कैसे-कैसे भ्रम फैलाते हैँ। कैसे-कैसे लोगों को डरा कर रखते हैं। यह कहते थे, 370 हटी तो आग लग जाएगी। जम्मू-कश्मीर हमें छोड़ कर चला जाएगा। लेकिन जम्मू कश्मीर के नौजवानों ने इनको आइना दिखा दिया। अब देखिए, जब यहां उनकी नहीं चली जम्मू-कश्मीर को लोग उनकी असलीयत को जान गए। अब जम्मू-कश्मीर में उनके झूठे वादे भ्रम का मायाजाल नहीं चल पा रही है। तो ये लोग जम्मू-कश्मीर के बाहर देश के लोगों के बीच भ्रम फैलाने का खेल-खेल रहे हैं। यह कहते हैं कि 370 हटने से देश का कोई लाभ नहीं हुआ। जिस राज्य में जाते हैं, वहां भी बोलते हैं। तुम्हारे राज्य को क्या लाभ हुआ, तुम्हारे राज्य को क्या लाभ हुआ? 

370 के हटने से क्या लाभ हुआ है, वो जम्मू-कश्मीर की मेरी बहनों-बेटियों से पूछो, जो अपने हकों के लिए तरस रही थी। यह उनका भाई, यह उनका बेटा, उन्होंने उनके हक वापस दिए हैं। जरा कांग्रेस के लोगों जरा देश भर के दलित नेताओं से मैं कहना चाहता हूं। यहां के हमारे दलित भाई-बहन हमारे बाल्मीकि भाई-बहन देश आजाद हुआ, तब से परेशानी झेल रहे थे। जरा जाकर उन बाल्मीकि भाई-बहनों से पूछो और गड्डा ब्राह्मण, कोहली से पूछो और पहाड़ी परिवार हों, मचैल माता की भूमि में रहने वाले मेरे पाड्डरी साथी हों, अब हर किसी को संविधान में मिले अधिकार मिलने लगे हैं।

अब हमारे फौजियों की वीर माताओं को चिंता नहीं करनी पड़ती, क्योंकि पत्थरबाज़ी नहीं होती। इतना ही नहीं घाटी की माताएं मुझे आशीर्वाद देती हैं, उनको चिंता रहती थी कि बेटा अगर दो चार दिन दिखाई ना दे। तो उनको लगता था कि कहीं गलत हाथों में तो नहीं फंस गया है। आज कश्मीर घाटी की हर माता चैन की नींद सोती है क्योंकि अब उनका बच्चा बर्बाद होने से बच रहा है। 

साथियो, 

अब स्कूल नहीं जलाए जाते, बल्कि स्कूल सजाए जाते हैं। अब यहां एम्स बन रहे हैं, IIT बन रहे हैं, IIM बन रहे हैं। अब आधुनिक टनल, आधुनिक और चौड़ी सड़कें, शानदार रेल का सफर जम्मू-कश्मीर की तकदीर बन रही है। जम्मू हो या कश्मीर, अब रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु आने लगे हैं। ये सपना यहां की अनेक पीढ़ियों ने देखा है और मैं आपको गारंटी देता हूं कि आपका सपना, मोदी का संकल्प है। आपके सपनों को पूरा करने के लिए हर पल आपके नाम, आपके सपनों को पूरा करने के लिए हर पल देश के नाम, विकसित भारत का सपना पूरा करने के लिए 24/7, 24/74 फॉर 2047, यह मोदी के गारंटी है। 10 सालों में हमने आतंकवादियों और भ्रष्टाचारियों पर घेरा बहुत ही कसा है। अब आने वाले 5 सालों में इस क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाई पर ले जाना है।

साथियों,

सड़क, बिजली, पानी, यात्रा, प्रवास वो तो है। सबसे बड़ी बात है कि जम्मू-कश्मीर का मन बदला है। निराशा में से आशा की और बढ़े हैं। जीवन पूरी तरीके से विश्वास से भरा हुआ है, इतना विकास यहां हुआ है। चारों तरफ विकास हो रहा। लोग कहेंगे, मोदी जी अभी इतना कर लिया। चिंता मत कीजिए, हम आपके साथ हैं। आपका साथ उसके प्रति तो मेरा अपार विश्वास है। मैं यहां ना आता तो भी मुझे पता था कि जम्मू कश्मीर का मेरा नाता इतना गहरा है कि आप मेरे लिए मुझे भी ज्यादा करेंगे। लेकिन मैं तो आया हूं। मां वैष्णो देवी के चरणों में बैठे हुए आप लोगों के बीच दर्शन करने के लिए। मां वैष्णो देवी की छत्रछाया में जीने वाले भी मेरे लिए दर्शन की योग्य होते हैं और जब लोग कहते हैं, कितना कर लिया, इतना हो गया, इतना हो गया और इससे ज्यादा क्या कर सकते हैं। मेरे जम्मू कश्मीर के भाई-बहन अपने पहले इतने बुरे दिन देखे हैं कि आपको यह सब बहुत लग रहा है। बहुत अच्छा लग रहा है लेकिन जो विकास जैसा लग रहा है लेकिन मोदी है ना वह तो बहुत बड़ा सोचता है। यह मोदी दूर का सोचता है। और इसलिए अब तक जो हुआ है वह तो ट्रेलर है ट्रेलर। मुझे तो नए जम्मू कश्मीर की नई और शानदार तस्वीर बनाने के लिए जुट जाना है। 

वो समय दूर नहीं जब जम्मू-कश्मीर में भी विधानसभा के चुनाव होंगे। जम्मू कश्मीर को वापस राज्य का दर्जा मिलेगा। आप अपने विधायक, अपने मंत्रियों से अपने सपने साझा कर पाएंगे। हर वर्ग की समस्याओं का तेज़ी से समाधान होगा। यहां जो सड़कों और रेल का काम चल रहा है, वो तेज़ी से पूरा होगा। देश-विदेश से बड़ी-बड़ी कंपनियां, बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां औऱ ज्यादा संख्या में आएंगी। जम्मू कश्मीर, टूरिज्म के साथ ही sports और start-ups के लिए जाना जाएगा, इस संकल्प को लेकर मुझे जम्मू कश्मीर को आगे बढ़ाना है। 

भाइयों और बहनों,

ये ‘परिवार-चलित’ परिवारवादी , परिवार के लिए जीने मरने वाली पार्टियां, विकास की भी विरोधी है और विरासत की भी विरोधी है। आपने देखा होगा कि कांग्रेस राम मंदिर से कितनी नफरत करती है। कांग्रेस और उनकी पूरा इको सिस्टम अगर मुंह से कहीं राम मंदिर निकल गया। तो चिल्लाने लग जाती है, रात-दिन चिल्लाती है कि राम मंदिर बीजेपी के लिए चुनावी मुद्दा है। राम मंदिर ना चुनाव का मुद्दा था, ना चुनाव का मुद्दा है और ना कभी चुनाव का मुद्दा बनेगा। अरे राम मंदिर का संघर्ष तो तब से हो रहा था, जब कि भाजपा का जन्म भी नहीं हुआ था। राम मंदिर का संघर्ष तो तब से हो रहा था जब यहां अंग्रेजी सल्तनत भी नहीं आई थी। राम मंदिर का संघर्ष 500 साल पुराना है। जब कोई चुनाव का नामोनिशान नहीं था। जब विदेशी आक्रांताओं ने हमारे मंदिर तोड़े, तो भारत के लोगों ने अपने धर्मस्थलों को बचाने की लड़ाई लड़ी थी। वर्षों तक, लोगों ने अपनी ही आस्था के लिए क्या-क्या नहीं झेला। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के नेता बड़े-बड़े बंगलों में रहते थे, लेकिन जब रामलला के टेंट बदलने की बात आती थी तो ये लोग मुंह फेर लेते थे, अदालतों की धमकियां देते थे। बारिश में रामलला का टेंट टपकता रहता था और रामलला के भक्त टेंट बदलवाने के लिए अदालतों के चक्कर काटते रहते थे। ये उन करोड़ों-अरबों लोगों की आस्था पर आघात था, जो राम को अपना आराध्य कहते हैं। हमने इन्हीं लोगों से कहा कि एक दिन आएगा, जब रामलला भव्य मंदिर में विराजेंगे। और तीन बातें कभी भूल नहीं सकते। एक 500 साल के अविरत संघर्ष के बाद ये हुआ। आप सहमत हैं। 500 साल के अविरत संघर्ष के बाद हुआ है, आप सहमत हैं। दूसरा, पूरी न्यायिक प्रक्रिया की कसौटी से कस करके, न्याय के तराजू से तौल करके अदालत के निर्णय से ये काम हुआ है, सहमत हैं। तीसरा, ये भव्य राम मंदिर सरकारी खजाने से नहीं, देश के कोटि-कोटि नागरिकों ने पाई-पाई दान देकर बनाया है। सहमत हैं। 

जब उस मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा हुई तो पिछले 70 साल में कांग्रेस ने जो भी पाप किए थे, उनके साथियों ने जो रुकावटें डाली थी, सबको माफ करके, राम मंदिर के जो ट्रस्टी हैं, वो खुद कांग्रेस वालों के घर गए, इंडी गठबंधन वालों के घर गए, उनके पुराने पापों को माफ कर दिया। उन्होंने कहा राम आपके भी हैं, आप प्राण-प्रतिष्ठा में जरूर पधारिये। सम्मान के साथ बुलाया। लेकिन उन्होंने इस निमंत्रण को भी ठुकरा दिया। कोई बताए, वो कौन सा चुनावी कारनामा था, जिसके दबाव में आपने राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा के निमंत्रण को ठुकरा दिया। वो कौन सा चुनावी खेल था कि आपने प्राण-प्रतिष्ठा के पवित्र कार्य को ठुकरा दिया। और ये कांग्रेस वाले, इंडी गठबंधन वाले इसे चुनाव का मुद्दा कहते हैं। उनके लिए ये चुनावी मुद्दा था, देश के लिए ये श्रद्धा का मुद्दा था। ये धैर्य की विजय का मुद्दा था। ये आस्था और विश्वास का मु्द्दा था। ये 500 वर्षों की तपस्या का मुद्दा था।

मैं कांग्रेस से पूछता हूं...आप ने अपनी सरकार के समय दिन-रात इसका विरोध किया, तब ये किस चुनाव का मुद्दा था? लेकिन आप राम भक्तों की आस्था देखिए। मंदिर बना तो ये लोग इंडी गठबंधन वालें के घर प्राण प्रतिष्ठा का आमंत्रण देने खुद गए। जिस क्षण के लिए करोड़ों लोगों ने इंतजार किया, आप बुलाने पर भी उसे देखने नहीं गए। पूरी दुनिया के रामभक्तों ने आपके इस अहंकार को देखा है। ये किस चुनावी मंशा को देखा है। ये चुनावी मंशा थी कि आपने प्राण प्रतिष्ठा का आमंत्रण ठुकरा दिया। आपके लिए चुनाव का खेल है। ये किस तरह की तुष्टिकरण की राजनीति थी। भगवान राम को काल्पनिक कहकर कांग्रेस किसे खुश करना चाहती थी?

साथियों, 

कांग्रेस और इंडी गठबंधन के लोगों को देश के ज्यादातर लोगों की भावनाओं की कोई परवाह नहीं है। इन्हें लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ करने में मजा आता है। ये लोग सावन में एक सजायाफ्ता, कोर्ट ने जिसे सजा की है, जो जमानत पर है, ऐसे मुजरिम के घर जाकर के सावन के महीने में मटन बनाने का मौज ले रहे हैं इतना ही नहीं उसका वीडियो बनाकर के देश के लोगों को चिढ़ाने का काम करते हैं। कानून किसी को कुछ खाने से नहीं रोकता। ना ही मोदी रोकता है। सभी को स्वतंत्रता है की जब मन करें वेज खायें या नॉन-वेज खाएं। लेकिन इन लोगों की मंशा दूसरी होती है। जब मुगल यहां आक्रमण करते थे ना तो उनको सत्ता यानि राजा को पराजित करने से संतोष नहीं होता था, जब तक मंदिर तोड़ते नहीं थे, जब तक श्रद्धास्थलों का कत्ल नहीं करते थे, उसको संतोष नहीं होता था, उनको उसी में मजा आता था वैसे ही सावन के महीने में वीडियो दिखाकर वो मुगल के लोगों के जमाने की जो मानसिकता है ना उसके द्वारा वो देश के लोगों को चिढ़ाना चाहते हैं, और अपनी वोट बैंक पक्की करना चाहते हैं। ये वोट बैंक के लिए चिढ़ाना चाहते हैं । आप किसे चिढ़ाना चाहते हैंनवरात्र के दिनों में आपका नॉनवेज खाना,  आप किस मंशा से वीडियो दिखा-दिखा कर के लोगों की भावनाओं को चोट पहुंचा करके, किसको खुश करने का खेल कर रहे हो।  

मैं जानता हूं मैं  जब आज ये  बोल रहा हूं, उसके बाद ये लोग पूरा गोला-बारूद लेकर गालियों की बौछार मुझ पर चलाएंगे, मेरे पीछे पड़ जाएंगे। लेकिन जब बात  बर्दाश्त के बाहर हो जाती है, तो लोकतंत्र में मेरा दायित्व बनता है कि सही चीजों का सही पहलू बताऊं। और मैं वो अपना कर्तव्य पूरा कर रहा हूं। ये लोग ऐसा जानबूझकर इसलिए करते हैं ताकि इस देश की मान्यताओं पर हमला हो। ये इसलिए होता है, ताकि एक बड़ा वर्ग इनके वीडियो को देखकर चिढ़ता रहे, असहज होता रहे। समस्या इस अंदाज से है। तुष्टिकरण से आगे बढ़कर ये इनकी मुगलिया सोच है। लेकिन ये लोग नहीं जानते, जनता जब जवाब देती है तो बड़े-बड़े शाही खानदान के युवराजों को बेदखल होना पड़ता है।

साथियों, 

ये जो परिवार-चलित पार्टियां हैं, ये जो भ्रष्टाचारी हैं, अब इनको फिर मौका नहीं देना है। उधमपुर से डॉ. जितेंद्र सिंह और जम्मू से जुगल किशोर जी को नया रिकॉर्ड बनाकर सांसद भेजना है। जीत के बाद दोबारा जब उधमपुर आऊं तो, स्वादिष्ट कलाड़ी का आनंद ज़रूर लूंगा। आपको मेरा एक काम और करना है। इतना निकट आकर मैं माता वैष्णों देवी जा नहीं पा रहा हूं। तो माता वैष्णों देवी को क्षमा मांगिए और मेरी तरफ से मत्था टेकिए। दूसरा एक काम करोगे। एक और काम करोगे, मेरा एक और काम करोगे, पक्का करोगे। देखिए आपको घर-घर जाना है। कहना मोदी जी उधमपुर आए थे, मोदी जी ने आपको प्रणाम कहा है, राम-राम कहा है। जय माता दी कहा है, कहोगे। मेरे साथ बोलिए

भारत माता की जय !

भारत माता की जय !

भारत माता की जय ! 

बहुत-बहुत धन्यवाद