Lothal a symbol of India's maritime power and prosperity: PM Modi

Published By : Admin | October 18, 2022 | 19:57 IST
“There are many such tales of our history, which have been forgotten”
“Indifference towards heritage did a lot of damage to the country”
“Lothal was not only a major trading centre of the Indus Valley Civilization, but it was also a symbol of India's maritime power and prosperity”
“Lothal which fills us with pride because of its history will now shape the future of the generations to come”
“When we cherish our heritage, we preserve the feelings attached to it”
“The heritage developed in the country in the last 8 years gives us a glimpse of the vastness of India’s legacy”

नमस्‍कार,

आप सभी ऐतिहासिक और विश्व धरोहर लोथल में प्रत्यक्ष रूप से मौजूद हैं। मैं तकनीक के माध्यम से दूर दिल्‍ली से आप से जुड़ा हूं, लेकिन मन मस्तिष्क में ये लग रहा है कि जैसे मैं वहां आप सबके बीच में ही हूं। अभी-अभी मैंने ड्रोन से National Maritime Heritage Complex से जुड़े कामों को देखा है, उनकी प्रगति की समीक्षा भी की है। मुझे संतोष है कि इस प्रोजेक्ट से जुड़ा काम तेज़ी से चल रहा है।

साथियों,

इस वर्ष लाल किले से पंच प्राणों की चर्चा करते हुए मैंने अपनी विरासत पर गर्व की बात कही थी। और अभी हमारे मुख्‍यमंत्री भूपेंद्र भाई ने भी उस बात का जिक्र किया है। हमारी समुद्री विरासत हमारे पूर्वजों की सौंपी गई ऐसी ही एक महान धरोहर है। किसी भी स्थान या समय का इतिहास आने वाली पीढ़ी को प्रेरित भी करता है और हमें भविष्य के लिए सचेत भी करता है। हमारे इतिहास की ऐसी अनेक गाथाएं हैं, जिन्हें भुला दिया गया, उन्हें सुरक्षित करने और अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के रास्ते नहीं खोजे गए। इतिहास की उन घटनाओं से हम कितना कुछ सीख सकते थे।

भारत की समुद्री विरासत भी ऐसा विषय है, जिसके बारे में बहुत कम चर्चा की गई है। सदियों पहले के भारत का व्यापार-कारोबार दुनिया के एक बड़े हिस्से में छाया हुआ था। हमारे रिश्ते दुनिया की हर सभ्यता के साथ रहे, तो इसके पीछे भारत की समुद्री शक्ति की बहुत बड़ी भूमिका थी। लेकिन गुलामी के लंबे कालखंड ने न सिर्फ भारत के इस सामर्थ्य को तोड़ा बल्कि समय के साथ हम भारतीय, अपने इस सामर्थ्य के प्रति उदासीन भी होते गए।

हम भूल गए कि हमारे पास लोथल और धोलावीरा जैसी महान धरोहरें हैं, जो हजारों वर्ष पहले भी समुद्री व्यापार के लिए मशहूर थी। हमारे दक्षिण में चोल साम्राज्य, चेर राजवंश, पांड्य राजवंश भी हुए, जिन्होंने समुद्री संसाधनों की शक्ति को समझा और उसे एक अभूतपूर्व ऊंचाई दी। उन्होंने न सिर्फ अपनी समुद्री शक्ति का विस्तार किया, बल्कि इसकी मदद से दूर-सुदूर के देशों तक व्यापार को ले जाने में भी सफल रहे। छत्रपति शिवाजी महाराज ने भी एक सशक्त नौसेना का गठन किया और विदेशी आक्रांताओं को चुनौती दी।

ये सब कुछ भारत के इतिहास का ऐसा गौरवपूर्ण अध्याय है, जिसे नजरअंदाज ही कर दिया गया। आप कल्पना कर सकते हैं, हजारों वर्ष पहले कच्छ में बड़े-बड़े समुद्री जहाजों के निर्माण का पूरा उद्योग चला करता था। भारत में बने पानी के बड़े-बड़े जहाज, दुनिया भर में बेचे जाते थे। विरासत के प्रति इस उदासीनता ने देश का बहुत नुकसान किया। ये स्थिति बदलनी जरूरी है। इसलिए हमने तय किया कि धोलावीरा और लोथल को, भारत के गौरव के इन सेंटर्स को हम उसी रूप में लौटाएंगे, जिसके लिए कभी ये मशहूर थे। और आज हम उस मिशन पर तेजी से काम होते देख रहे हैं।

साथियों,

आज जब मैं लोथल की चर्चा कर रहा हूं तो मुझे हजारों साल से चली आ रही परंपराओं का भी ध्यान आ रहा है। आज गुजरात के कई इलाकों में सिकोतर माता की पूजा की जाती है। उन्हें समुद्र की देवी मानकर पूजा जाता है। हजारों वर्ष पूर्व के लोथल पर रिसर्च करने वाले जानकारों का मानना है कि उस समय भी सिकोतर माता को किसी न किसी रूप में पूजा जाता था। कहते हैं, समुद्र में आने से पहले सिकोतर देवी की पूजा की जाती थी, ताकि वो यात्रा में उनकी रक्षा करें। इतिहासकारों के मुताबिक सिकोतर माता का संबंध सोकोत्रा द्वीप से है, जो आज अदन की खाड़ी में है। इससे पता चलता है कि आज से हजारों साल पहले भी खंभात की खाड़ी से दूर-दूर तक समुद्री व्यापार के रास्ते खुले हुए थे।

साथियों,

हाल ही में वडनगर के पास भी खुदाई के दौरान सिकोतर माता के मंदिर का पता चला है। कुछ ऐसे साक्ष्य भी मिले हैं जिनसे प्राचीन काल में यहां से समुद्री व्यापार होने की जानकारी मिलती है। इसी तरह सुरेंद्रनगर के झिंझुवाडा गांव में लाइट हाउस होने के साक्ष्य मिले हैं। आप भी जानते हैं कि लाइट हाउस जहाजों को रात में रास्ता दिखाने के लिए बनाए जाते थे। और देश के लोग ये सुनकर आश्चर्य से भर जाएंगे कि झिंझुवाडा गांव से समुद्र करीब-करीब सौ किलोमीटर दूर है। लेकिन इस गांव में ऐसे अनेक साक्ष्य हैं जो बताते हैं कि सदियों पहले इस गांव में बहुत व्यस्त पोर्ट हुआ करता था। इससे इस पूरे क्षेत्र में प्राचीन काल से ही समुद्री व्यापार के समृद्ध होने की जानकारी मिलती है।

साथियों,

लोथल सिर्फ सिंधु घाटी सभ्यता का एक बड़ा व्यापारिक केंद्र ही नहीं था, बल्कि ये भारत के सामुद्रिक सामर्थ्य और समृद्धि का भी प्रतीक था। हजारों साल पहले लोथल को जिस तरीके से एक पोर्ट सिटी के रूप में विकसित किया गया था, वो आज भी बड़े-बड़े जानकारों को हैरान कर देता है। लोथल की खुदाई में मिले शहर, बाजार और बंदरगाह के अवशेष, उस दौर में हुई अर्बन प्लानिंग और आर्किटेक्चर के अद्भुत दर्शन कराते हैं। प्राकृतिक चुनौतियों से निपटने के लिए जिस प्रकार की व्यवस्था यहां थी, उसमें आज की प्लानिंग के लिए भी बहुत कुछ सीखने को है।

साथियों,

एक तरह से इस क्षेत्र को देवी लक्ष्मी और देवी सरस्वती दोनों का आशीर्वाद प्राप्त था। अनेकों देशों के साथ व्यापारिक रिश्तों की वजह से यहां धनवर्षा भी होती थी। कहते हैं कि लोथल के पोर्ट पर उस समय 84 देशों के झंडे फहराया करते थे। इसी तरह, पास ही के वल्लभी विश्वविद्यालय में दुनिया के 80 से ज्यादा देशों के छात्र वहां पढ़ने के लिए आते थे। सातवीं शताब्दी में इस क्षेत्र में आए चीनी दार्शनिकों ने भी लिखा है कि तब वल्लभी विश्वविद्यालय में 6 हजार से ज्यादा छात्र थे। यानि देवी सरस्वती की कृपा भी इस क्षेत्र पर बनी हुई थी।

साथियों,

लोथल में ये जो हेरिटेज कॉम्प्लेक्स बन रहा है, उसको ऐसे बनाया जा रहा है कि भारत का सामान्य से सामान्य व्यक्ति भी इस इतिहास को आसानी से जान सके, समझ सके। इसमें अति आधुनिक तकनीक का प्रयोग करके, बिल्कुल उसी युग को फिर से सजीव करने का प्रयास किया जा रहा है। हज़ारों वर्ष पहले का वही वैभव, वही सामर्थ्य, इस धरती पर फिर जागृत किया जा रहा है।

मुझे विश्वास है, ये दुनियाभर के पर्यटकों के लिए आकर्षण का बहुत बड़ा केंद्र बनेगा। इस कॉम्प्लेक्स को, एक दिन में हजारों पर्यटकों के स्वागत के लिए विकसित किया जा रहा है। जैसे एकता नगर में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में हर रोज पर्यटकों के आने का रिकॉर्ड बन रहा है, वैसे ही वो दिन दूर नहीं जब देश के कोने-कोने से लोथल में लोग इस हेरिटेज कॉम्प्लेक्स को देखने आएंगे। इससे यहां रोजगार और स्वरोजगार के हज़ारों नए अवसर बनेंगे। इस क्षेत्र को इस बात का भी लाभ मिलेगा कि ये अहमदाबाद से बहुत दूर नहीं है। भविष्य में ज्यादा से ज्यादा लोग शहरों से यहां आएंगे, यहां के टूरिज्म को बढ़ाएंगे।

साथियों,

इस क्षेत्र ने जितने कठिनाई भरे दिन देखे हैं, वो मैं कभी भूल नहीं सकता। एक समय में समंदर का विस्तार यहां तक था इसलिए बहुत बड़े इलाके में कुछ भी फसल पैदा करना मुश्किल था। 20-25 साल पहले लोगों ने तो यहां वो दिन देखे हैं कि जरूरत पड़ने पर सैकड़ों एकड़ जमीन के बदले भी कोई कर्ज नहीं देता था। कर्ज देने वाला भी कहता था कि जमीन का मैं क्या करूंगा, जमीन से कोई लाभ तो होगा नहीं। उस दौर से लोथल और इस पूरे क्षेत्र को आज हम बाहर निकालकर लाए हैं।

और साथियों,

लोथल और इस क्षेत्र का पुराना गौरव लौटाने के लिए हमारा फोकस सिर्फ हेरिटेज कॉम्प्लेक्स तक ही सीमित नहीं है। आज गुजरात के तटीय इलाकों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के इतने काम हो रहे हैं, तटीय इलाकों में विभिन्न उद्योगों की स्थापना हो रही है। इन परियोजनाओं पर लाखों करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं।

अब सेमीकंडक्टर प्लांट भी यहां के गौरव को और बढ़ाएगा। हजारों वर्ष पहले लोथल और उसके आसपास का इलाका जितना विकसित था, वैसे ही इस क्षेत्र को फिर से विकसित बनाने के लिए हमारी सरकार पूरी शक्ति से काम कर रही है। जो लोथल अपने इतिहास की वजह से हमें गर्व से भरता है, वही लोथल अब आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को भी बनाएगा।

साथियों,

एक म्यूजियम सिर्फ चीजों या दस्तावेजों को संग्रहित करके रखने और दिखाने भर का माध्यम नहीं होता। जब हम अपनी विरासत को संजोते हैं तो उसके साथ-साथ उससे जुड़ी भावनाएं भी संरक्षित कर लेते हैं। जब हम देश भर में बन रहे आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालयों को देखते हैं, तो पता चलता है कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में हमारे वीर आदिवासी नायक-नायिकाओं का कितना बड़ा योगदान था। जब हम नेशनल वॉर मेमोरियल और नेशनल पुलिस मेमोरियल को देखते हैं तो हमें इस बात का एहसास होता है कि देश की रक्षा के लिए, देश को सुरक्षित रखने के लिए कैसे हमारे वीर बेटे-बेटियां, अपना जीवन न्योछावर कर देते हैं। जब हम प्रधानमंत्री संग्रहालय को देखते हैं तो हमें लोकतंत्र की शक्ति का पता चलता है, हमारे देश की 75 वर्षों की यात्रा की झलक मिलती है। केवड़िया, एकता नगर में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी हमें भारत की एकता और अखंडता के लिए हुए प्रयासों, तप और तपस्या की याद दिलाती है।

और आप सबको पता है एक बहुत बड़ा रिसर्च का काम चल रहा है। अब केवड़िया में सरदार पटेल स्‍टेच्‍यू जैसे बन रहा है, क्योंकि सरदार साहब ने राजे-रजवाड़ों सबको इकट्ठा करने का काम किया, तो वहीं पर जो राजे-रजवाड़े देश के जिन्होंने भारत की एकता और अखंडता के लिए राज शासन दे दिए, उनका भी एक म्यूजियम हम बना रहे हैं। अभी उसका डिजाइनिंग का काम चल रहा है, रिसर्च का काम चल रहा है। उसके कारण पहले राजे-रजवाड़े कैसे हुआ करते थे, क्‍या-क्‍या करते थे, कितना बड़ा देश-समाज का भला करने का काम किया था, और उसी को सरदार साहब के नेतृत्व में देश की एकता के लिए कैसे, यानी पूरा चक्र, एकता नगर में कोई जाएगा तो राजे-रजवाड़े से ले करके सरदार साहब तक की यात्रा में किस प्रकार के भारत का एकीकरण हुआ, वो काम वहां हो रहा है और रिसर्च का काम चल रहा है, निकट भविष्य में निर्माण कार्य भी शुरू होगा।

बीते 8 वर्षों में हमने ये जो धरोहरें देश में विकसित की हैं, इनसे भी पता चलता है कि हमारी विरासत का विस्तार कितना बड़ा है। मुझे विश्वास है, लोथल में बन रहा National Maritime Museum भी सभी भारतीयों को अपनी समुद्री विरासत को लेकर गर्व से भर देगा। लोथल अपने पुराने वैभव के साथ फिर दुनिया के सामने आएगा, इसी विश्वास के साथ आप सभी का बहुत-बहुत आभार! आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

और यहाँ लोथल में ये सब भाई-बहन बैठे हैं, तो अब दीपावली सामने आ रही है तो, आप सभी को आने वाले दिनों की और दीपावली की बहुत-बहुत शुभकामनाएं और गुजरात में तो नया साल भी आता है, तो आपको नए साल की भी बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

बहुत-बहुत धन्यवाद सभी को।

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मां महामाया माई की जय!

मां महामाया माई की जय!

हमर बहिनी, भाई, दद्दा अउ जम्मो संगवारी मन ला, मोर जय जोहार। 

भाजपा ने जब मुझे पीएम पद का उम्मीदवार बनाया था, तब अंबिकापुर में ही आपने लाल किला बनाया था। और जो कांग्रेस का इकोसिस्टम है आए दिन मोदी पर हमला करने के लिए जगह ढ़ूंढते रहते हैं। उस पूरी टोली ने उस समय मुझपर बहुत हमला बोल दिया था। ये लाल किला कैसे बनाया जा सकता है, अभी तो प्रधानमंत्री का चुनाव बाकि है, अभी ये लाल किले का दृश्य बना के वहां से सभा कर रहे हैं, कैसे कर रहे हैं। यानि तूफान मचा दिया था और बात का बवंडर बना दिया था। लेकिन आप की सोच थी वही  मोदी लाल किले में पहुंचा और राष्ट्र के नाम संदेश दिया। आज अंबिकापुर, ये क्षेत्र फिर वही आशीर्वाद दे रहा है- फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार !

साथियों, 

कुछ महीने पहले मैंने आपसे छत्तीसगढ़ से कांग्रेस का भ्रष्टाचारी पंजा हटाने के लिए आशीर्वाद मांगा था। आपने मेरी बात का मान रखा। और इस भ्रष्टाचारी पंजे को साफ कर दिया। आज देखिए, आप सबके आशीर्वाद से सरगुजा की संतान, आदिवासी समाज की संतान, आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के रूप में छत्तीसगढ़ के सपनों को साकार कर रहा है। और मेरा अनन्य साथी भाई विष्णु जी, विकास के लिए बहुत तेजी से काम कर रहे हैं। आप देखिए, अभी समय ही कितना हुआ है। लेकिन इन्होंने इतने कम समय में रॉकेट की गति से सरकार चलाई है। इन्होंने धान किसानों को दी गारंटी पूरी कर दी। अब तेंदु पत्ता संग्राहकों को भी ज्यादा पैसा मिल रहा है, तेंदू पत्ता की खरीद भी तेज़ी से हो रही है। यहां की माताओं-बहनों को महतारी वंदन योजना से भी लाभ हुआ है। छत्तीसगढ़ में जिस तरह कांग्रेस के घोटालेबाज़ों पर एक्शन हो रहा है, वो पूरा देश देख रहा है।

साथियों, 

मैं आज आपसे विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ के लिए आशीर्वाद मांगने के लिए आया हूं। जब मैं विकसित भारत कहता हूं, तो कांग्रेस वालों का और दुनिया में बैठी कुछ ताकतों का माथा गरम हो जाता है। अगर भारत शक्तिशाली हो गया, तो कुछ ताकतों का खेल बिगड़ जाएगा। आज अगर भारत आत्मनिर्भर बन गया, तो कुछ ताकतों की दुकान बंद हो जाएगी। इसलिए वो भारत में कांग्रेस और इंडी-गठबंधन की कमज़ोर सरकार चाहते हैं। ऐसी कांग्रेस सरकार जो आपस में लड़ती रहे, जो घोटाले करती रहे। 

साथियों,

कांग्रेस का इतिहास सत्ता के लालच में देश को तबाह करने का रहा है। देश में आतंकवाद फैला किसके कारण फैला? किसके कारण फैला? किसके कारण फैला? कांग्रेस की नीतियों के कारण फैला। देश में नक्सलवाद कैसे बढ़ा? किसके कारण बढ़ा? किसके कारण बढ़ा? कांग्रेस का कुशासन और लापरवाही यही कारण है कि देश बर्बाद होता गया। आज भाजपा सरकार, आतंकवाद और नक्सलवाद के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कर रही है। लेकिन कांग्रेस क्या कर रही है? कांग्रेस, हिंसा फैलाने वालों का समर्थन कर रही है, जो निर्दोषों को मारते हैं, जीना हराम कर देते हैं, पुलिस पर हमला करते हैं, सुरक्षा बलों पर हमला करते हैं। अगर वे मारे जाएं, तो कांग्रेस वाले उन्हें शहीद कहते हैं। अगर आप उन्हें शहीद कहते हो तो शहीदों का अपमान करते हो। इसी कांग्रेस की सबसे बड़ी नेता, आतंकवादियों के मारे जाने पर आंसू बहाती हैं। ऐसी ही करतूतों के कारण कांग्रेस देश का भरोसा खो चुकी है।

भाइयों और बहनों, 

आज जब मैं सरगुजा आया हूं, तो कांग्रेस की मुस्लिम लीगी सोच को देश के सामने रखना चाहता हूं। जब उनका मेनिफेस्टो आया उसी दिन मैंने कह दिया था। उसी दिन मैंने कहा था कि कांग्रेस के मोनिफेस्टो पर मुस्लिम लीग की छाप है। 

साथियों, 

जब संविधान बन रहा था, काफी चर्चा विचार के बाद, देश के बुद्धिमान लोगों के चिंतन मनन के बाद, बाबासाहेब अम्बेडकर के नेतृत्व में तय किया गया था कि भारत में धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं होगा। आरक्षण होगा तो मेरे दलित और आदिवासी भाई-बहनों के नाम पर होगा। लेकिन धर्म के नाम पर आरक्षण नहीं होगा। लेकिन वोट बैंक की भूखी कांग्रेस ने कभी इन महापुरुषों की परवाह नहीं की। संविधान की पवित्रता की परवाह नहीं की, बाबासाहेब अम्बेडकर के शब्दों की परवाह नहीं की। कांग्रेस ने बरसों पहले आंध्र प्रदेश में धर्म के आधार पर आरक्षण देने का प्रयास किया था। फिर कांग्रेस ने इसको पूरे देश में लागू करने की योजना बनाई। इन लोग ने धर्म के आधार पर 15 प्रतिशत आरक्षण की बात कही। ये भी कहा कि SC/ST/OBC का जो कोटा है उसी में से कम करके, उसी में से चोरी करके, धर्म के आधार पर कुछ लोगों को आरक्षण दिया जाए। 2009 के अपने घोषणापत्र में कांग्रेस ने यही इरादा जताया। 2014 के घोषणापत्र में भी इन्होंने साफ-साफ कहा था कि वो इस मामले को कभी भी छोड़ेंगे नहीं। मतलब धर्म के आधार पर आरक्षण देंगे, दलितों का, आदिवासियों का आरक्षण कट करना पड़े तो करेंगे। कई साल पहले कांग्रेस ने कर्नाटका में धर्म के आधार पर आरक्षण लागू भी कर दिया था। जब वहां बीजेपी सरकार आई तो हमने संविधान के विरुद्ध, बाबासाहेब अम्बेडर की भावना के विरुद्ध कांग्रेस ने जो निर्णय किया था, उसको उखाड़ करके फेंक दिया और दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों को उनका अधिकार वापस दिया। लेकिन कर्नाटक की कांग्रेस सरकार उसने एक और पाप किया मुस्लिम समुदाय की सभी जातियों को ओबीसी कोटा में शामिल कर दिया है। और ओबीसी बना दिया। यानि हमारे ओबीसी समाज को जो लाभ मिलता था, उसका बड़ा हिस्सा कट गया और वो भी वहां चला गया, यानि कांग्रेस ने समाजिक न्याय का अपमान किया, समाजिक न्याय की हत्या की। कांग्रेस ने भारत के सेक्युलरिज्म की हत्या की। कर्नाटक अपना यही मॉडल पूरे देश में लागू करना चाहती है। कांग्रेस संविधान बदलकर, SC/ST/OBC का हक अपने वोट बैंक को देना चाहती है।

भाइयों और बहनों,

ये सिर्फ आपके आरक्षण को ही लूटना नहीं चाहते, उनके तो और बहुत कारनामे हैं इसलिए हमारे दलित, आदिवासी और ओबीसी भाई-बहनों  को कहना चाहता हूं कि कांग्रेस के इरादे नेक नहीं है, संविधान और सामाजिक न्याय के अनुरूप नहीं है , भारत की बिन सांप्रदायिकता के अनुरूप नहीं है। अगर आपके आरक्षण की कोई रक्षा कर सकता है, तो सिर्फ और सिर्फ भारतीय जनता पार्टी कर सकती है। इसलिए आप भारतीय जनता पार्टी को भारी समर्थन दीजिए। ताकि कांग्रेस की एक न चले, किसी राज्य में भी वह कोई हरकत ना कर सके। इतनी ताकत आप मुझे दीजिए। ताकि मैं आपकी रक्षा कर सकूं। 

साथियों!

कांग्रेस की नजर! सिर्फ आपके आरक्षण पर ही है ऐसा नहीं है। बल्कि कांग्रेस की नज़र आपकी कमाई पर, आपके मकान-दुकान, खेत-खलिहान पर भी है। कांग्रेस के शहज़ादे का कहना है कि ये देश के हर घर, हर अलमारी, हर परिवार की संपत्ति का एक्स-रे करेंगे। हमारी माताओं-बहनों के पास जो थोड़े बहुत गहने-ज़ेवर होते हैं, कांग्रेस उनकी भी जांच कराएगी। यहां सरगुजा में तो हमारी आदिवासी बहनें, चंदवा पहनती हैं, हंसुली पहनती हैं, हमारी बहनें मंगलसूत्र पहनती हैं। कांग्रेस ये सब आपसे छीनकर, वे कहते हैं कि बराबर-बराबर डिस्ट्रिब्यूट कर देंगे। वो आपको मालूम हैं ना कि वे किसको देंगे। आपसे लूटकर के किसको देंगे मालूम है ना, मुझे कहने की जरूरत है क्या। क्या ये पाप करने देंगे आप और कहती है कांग्रेस सत्ता में आने के बाद वे ऐसे क्रांतिकारी कदम उठाएगी। अरे ये सपने मन देखो देश की जनता आपको ये मौका नहीं देगी। 

साथियों, 

कांग्रेस पार्टी के खतरनाक इरादे एक के बाद एक खुलकर सामने आ रहे हैं। शाही परिवार के शहजादे के सलाहकार, शाही परिवार के शहजादे के पिताजी के भी सलाहकार, उन्होंने  ने कुछ समय पहले कहा था और ये परिवार उन्हीं की बात मानता है कि उन्होंने कहा था कि हमारे देश का मिडिल क्लास यानि मध्यम वर्गीय लोग जो हैं, जो मेहनत करके कमाते हैं। उन्होंने कहा कि उनपर ज्यादा टैक्स लगाना चाहिए। इन्होंने पब्लिकली कहा है। अब ये लोग इससे भी एक कदम और आगे बढ़ गए हैं। अब कांग्रेस का कहना है कि वो Inheritance Tax लगाएगी, माता-पिता से मिलने वाली विरासत पर भी टैक्स लगाएगी। आप जो अपनी मेहनत से संपत्ति जुटाते हैं, वो आपके बच्चों को नहीं मिलेगी, बल्कि कांग्रेस सरकार का पंजा उसे भी आपसे छीन लेगा। यानि कांग्रेस का मंत्र है- कांग्रेस की लूट जिंदगी के साथ भी और जिंदगी के बाद भी। जब तक आप जीवित रहेंगे, कांग्रेस आपको ज्यादा टैक्स से मारेगी। और जब आप जीवित नहीं रहेंगे, तो वो आप पर Inheritance Tax का बोझ लाद देगी। जिन लोगों ने पूरी कांग्रेस पार्टी को पैतृक संपत्ति मानकर अपने बच्चों को दे दी, वो लोग नहीं चाहते कि एक सामान्य भारतीय अपने बच्चों को अपनी संपत्ति दे। 

भाईयों-बहनों, 

हमारा देश संस्कारों से संस्कृति से उपभोक्तावादी देश नहीं है। हम संचय करने में विश्वास करते हैं। संवर्धन करने में विश्वास करते हैं। संरक्षित करने में विश्वास करते हैं। आज अगर हमारी प्रकृति बची है, पर्यावरण बचा है। तो हमारे इन संस्कारों के कारण बचा है। हमारे घर में बूढ़े मां बाप होंगे, दादा-दादी होंगे। उनके पास से छोटा सा भी गहना होगा ना? अच्छी एक चीज होगी। तो संभाल करके रखेगी खुद भी पहनेगी नहीं, वो सोचती है कि जब मेरी पोती की शादी होगी तो मैं उसको यह दूंगी। मेरी नाती की शादी होगी, तो मैं उसको दूंगी। यानि तीन पीढ़ी का सोच करके वह खुद अपना हक भी नहीं भोगती,  बचा के रखती है, ताकि अपने नाती, नातिन को भी दे सके। यह मेरे देश का स्वभाव है। मेरे देश के लोग कर्ज कर करके जिंदगी जीने के शौकीन लोग नहीं हैं। मेहनत करके जरूरत के हिसाब से खर्च करते हैं। और बचाने के स्वभाव के हैं। भारत के मूलभूत चिंतन पर, भारत के मूलभूत संस्कार पर कांग्रेस पार्टी कड़ा प्रहार करने जा रही है। और उन्होंने कल यह बयान क्यों दिया है उसका एक कारण है। यह उनकी सोच बहुत पुरानी है। और जब आप पुरानी चीज खोजोगे ना? और ये जो फैक्ट चेक करने वाले हैं ना मोदी की बाल की खाल उधेड़ने में लगे रहते हैं, कांग्रेस की हर चीज देखिए। आपको हर चीज में ये बू आएगी। मोदी की बाल की खाल उधेड़ने में टाइम मत खराब करो। लेकिन मैं कहना चाहता हूं। यह कल तूफान उनके यहां क्यों मच गया,  जब मैंने कहा कि अर्बन नक्सल शहरी माओवादियों ने कांग्रेस पर कब्जा कर लिया तो उनको लगा कि कुछ अमेरिका को भी खुश करने के लिए करना चाहिए कि मोदी ने इतना बड़ा आरोप लगाया, तो बैलेंस करने के लिए वह उधर की तरफ बढ़ने का नाटक कर रहे हैं। लेकिन वह आपकी संपत्ति को लूटना चाहते हैं। आपके संतानों का हक आज ही लूट लेना चाहते हैं। क्या आपको यह मंजूर है कि आपको मंजूर है जरा पूरी ताकत से बताइए उनके कान में भी सुनाई दे। यह मंजूर है। देश ये चलने देगा। आपको लूटने देगा। आपके बच्चों की संपत्ति लूटने देगा।

साथियों,

जितने साल देश में कांग्रेस की सरकार रही, आपके हक का पैसा लूटा जाता रहा। लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद अब आपके हक का पैसा आप लोगों पर खर्च हो रहा है। इस पैसे से छत्तीसगढ़ के करीब 13 लाख परिवारों को पक्के घर मिले। इसी पैसे से, यहां लाखों परिवारों को मुफ्त राशन मिल रहा है। इसी पैसे से 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है। मोदी ने ये भी गारंटी दी है कि 4 जून के बाद छत्तीसगढ़ के हर परिवार में जो बुजुर्ग माता-पिता हैं, जिनकी आयु 70 साल हो गई है। आज आप बीमार होते हैं तो आपकी बेटे और बेटी को खर्च करना पड़ता है। अगर 70 साल की उम्र हो गई है और आप किसी पर बोझ नहीं बनना चाहते तो ये मोदी आपका बेटा है। आपका इलाज मोदी करेगा। आपके इलाज का खर्च मोदी करेगा। सरगुजा के ही करीब 1 लाख किसानों के बैंक खाते में किसान निधि के सवा 2 सौ करोड़ रुपए जमा हो चुके हैं और ये आगे भी होते रहेंगे।

साथियों, 

सरगुजा में करीब 400 बसाहटें ऐसी हैं जहां पहाड़ी कोरवा परिवार रहते हैं। पण्डो, माझी-मझवार जैसी अनेक अति पिछड़ी जनजातियां यहां रहती हैं, छत्तीसगढ़ और दूसरे राज्यों में रहती हैं। हमने पहली बार ऐसी सभी जनजातियों के लिए, 24 हज़ार करोड़ रुपए की पीएम-जनमन योजना भी बनाई है। इस योजना के तहत पक्के घर, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, ऐसी सभी सुविधाएं पिछड़ी जनजातियों के गांव पहुंचेंगी। 

साथियों, 

10 वर्षों में भांति-भांति की चुनौतियों के बावजूद, यहां रेल, सड़क, अस्तपताल, मोबाइल टावर, ऐसे अनेक काम हुए हैं। यहां एयरपोर्ट की बरसों पुरानी मांग पूरी की गई है। आपने देखा है, अंबिकापुर से दिल्ली के ट्रेन चली तो कितनी सुविधा हुई है।

साथियों,

10 साल में हमने गरीब कल्याण, आदिवासी कल्याण के लिए इतना कुछ किया। लेकिन ये तो सिर्फ ट्रेलर है। आने वाले 5 साल में बहुत कुछ करना है। सरगुजा तो ही स्वर्गजा यानि स्वर्ग की बेटी है। यहां प्राकृतिक सौंदर्य भी है, कला-संस्कृति भी है, बड़े मंदिर भी हैं। हमें इस क्षेत्र को बहुत आगे लेकर जाना है। इसलिए, आपको हर बूथ पर कमल खिलाना है। 24 के इस चुनाव में आप का ये सेवक नरेन्द्र मोदी को आपका आशीर्वाद चाहिए, मैं आपसे आशीर्वाद मांगने आया हूं। आपको केवल एक सांसद ही नहीं चुनना, बल्कि देश का उज्ज्वल भविष्य भी चुनना है। अपनी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य चुनना है। इसलिए राष्ट्र निर्माण का मौका बिल्कुल ना गंवाएं। सर्दी हो शादी ब्याह का मौसम हो, खेत में कोई काम निकला हो। रिश्तेदार के यहां जाने की जरूरत पड़ गई हो, इन सबके बावजूद भी कुछ समय आपके सेवक मोदी के लिए निकालिए। भारत के लोकतंत्र और उज्ज्वल भविष्य के लिए निकालिए। आपके बच्चों की गारंटी के लिए निकालिए और मतदान अवश्य करें। अपने बूथ में सारे रिकॉर्ड तोड़नेवाला मतदान हो। इसके लिए मैं आपसे प्रार्थना करता हूं। और आग्राह है पहले जलपान फिर मतदान। हर बूथ में मतदान का उत्सव होना चाहिए, लोकतंत्र का उत्सव होना चाहिए। गाजे-बाजे के साथ लोकतंत्र जिंदाबाद, लोकतंत्र जिंदाबाद करते करते मतदान करना चाहिए। और मैं आप को वादा करता हूं। 

भाइयों-बहनों  

मेरे लिए आपका एक-एक वोट, वोट नहीं है, ईश्वर रूपी जनता जनार्दन का आर्शीवाद है। ये आशीर्वाद परमात्मा से कम नहीं है। ये आशीर्वाद ईश्वर से कम नहीं है। इसलिए भारतीय जनता पार्टी को दिया गया एक-एक वोट, कमल के फूल को दिया गया एक-एक वोट, विकसित भारत बनाएगा ये मोदी की गारंटी है। कमल के निशान पर आप बटन दबाएंगे, कमल के फूल पर आप वोट देंगे तो वो सीधा मोदी के खाते में जाएगा। वो सीधा मोदी को मिलेगा।      

भाइयों और बहनों, 

7 मई को चिंतामणि महाराज जी को भारी मतों से जिताना है। मेरा एक और आग्रह है। आप घर-घर जाइएगा और कहिएगा मोदी जी ने जोहार कहा है, कहेंगे। मेरे साथ बोलिए...  भारत माता की जय! 

भारत माता की जय! 

भारत माता की जय!