Bihar doesn't need ‘Katta Sarkar’: PM Modi in Sitamarhi

Published By : Admin | November 8, 2025 | 11:15 IST
NDA policies have transformed Bihar into a supplier of fish and aim to take makhana to world markets: PM Modi
PM Modi warns against Congress and RJD’s politics of appeasement and disrespect to faith
Ayodhya honours many traditions and those who disrespect it cannot serve Bihar: PM Modi’s sharp jibe at opposition in Sitamarhi
Congress-RJD protects infiltrators for vote bank politics and such policies threaten job security and women’s safety: PM Modi in Sitamarhi
PM Modi promised stronger action against infiltration and urges voters to back the NDA for security, development and dignity in Sitamarhi

मां जानकी प्रकट स्थली से...माँ जानकी, बाबा हलेश्वरनाथ, पंथपाकर, भगवती स्थान सहित, सम्पूर्ण मिथिलावासी के प्रणाम करैत छी।

साथियों,

पहले चरण के मतदान में बिहार ने कमाल कर दिया है। पहले चरण में जंगलराज वालों को 65 वोल्ट का झटका लगा है। चारों तरफ ये चर्चा है कि...बिहार के नौजवानों ने...विकास को चुना है, NDA को चुना है। बिहार की बहनों-बेटियों ने भी... NDA की रिकॉर्ड विजय पक्की कर दी है।

यहां सीतामढ़ी का जो माहौल है... आपका जो प्यार है और इतना जो उमंग उत्साह है, दुनिया की किसी भी ताकत से बड़ी ताकत होती है जनता जनार्दन का आशीर्वाद। इससे बड़ी कोई ताकत नहीं होती है। और हम आज सीतामढ़ी में जो माहौल देख रहे दिल को छूने वाला है दिल को छूने वाला है और यह माहौल भी यही कह रहा है ये माहौल भी इस बात का सदेश दे रहा है, ये माहौल भी इस संकल्प का परिचय करा रहा है। नहीं चाहिए कट्टा सरकार...फिर एक बार.. फिर एक बार.. फिर एक बार... नहीं चाहिए... नहीं चाहिए... नहीं चाहिए... फिर एक बार.. फिर एक बार... फिर एक बार... NDA सरकार!

साथियों,

आप ने तो कई लोगों की नींद हराम कर दी... आप लोगों ने इन तीन मिनट में अच्छों-अच्छों की नींद उड़ा दी है जी। यही तो जनता जनार्दन की ताकत होती है।

साथियों,

मां सीता की इस पुण्य भूमि पर आया हूं। ये भी बड़ा सौभाग्य है और मुझे 5-6 साल पहले का आज का ही दिन याद आता है। आपको भी याद आ जाएगा। वो तारीख थी 8 नवंबर 2019। याद कीजिए 8 नवंबर 2019। माता सीता की इस धरती पर आया था, और यहां से अगले दिन मुझे सुबह-सुबह पंजाब में करतारपुर साहब कॉरिडोर के लोकार्पण के लिए निकलना था। और अगले ही दिन सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या पर फैसला भी आना था। मैं मन ही मन प्रार्थना कर रहा था कि सीता मैया के आशीर्वाद से फैसला, रामलला के पक्ष में ही आए। मैं लगातार प्रार्थना कर रहा था और साथियों, जब सीता माता की धरती से निकलते हुए प्रार्थना करूं वो प्रार्थना कभी भी विफल जाती है क्या। इस धरती की ताकत है कि नहीं है। और यही तो मां का आशीर्वाद है और साथियों ऐसा ही हुआ। सुप्रीम कोर्ट ने, रामलला के पक्ष में ही फैसला दिया। आज मां सीता की इस पुण्य भूमि पर आया हूं...आपका आशीर्वाद ले रहा हूं...और इतने सारे उत्साह से भरे लोगों के बीच वो दिन याद आना बहुत स्वभाविक है।

साथियों,

मां सीता के आशीर्वाद से ही बिहार...विकसित बिहार बनेगा। ये जो चुनाव है...ये विकसित बिहार बनाने के लिए है। ये चुनाव तय करेगा आने वाले सालों में बिहार के बच्चों का भविष्य क्या होगा। आपके संतानों का भविष्य क्या होगा। आपके बेटे-बेटियों के आने वाले कल कैसा होगा। और इसलिए ये चुनाव बहुत अहम है।

साथियों,

आरजेडी वाले, बिहार के बच्चों के लिए क्या करना चाहते हैं... ये इनके नेताओं के चुनाव प्रचार में साफ-साफ दिखता है। आप जरा जंगलराज वालों के गाने और उनके नारे जरा सुन लीजिए। आप कांप जाएंगे, क्या बोलते हैं। क्या सोचते हैं। RJD के मंचों पर मासूम बच्चों से कहलवाया जा रहा है। क्या कहलवाया जा रहा है वो बच्चे कह रहे हैं उन्हें रंगदार बनना है। रंगदार बनना है। आप मुझे बताइए...बिहार का बच्चा रंगदार बनना चाहिए या डॉक्टर बनना चाहिए? रंगदार बनना चाहिए या डॉक्टर बनना चाहिए? क्या हम हमारे बच्चों को रंगदार बनने देंगे? क्या रंगदार बनाने वालों को जीतने देंगे। बिहार का बच्चा रंगदार नहीं बन सकता अब हमारा बच्चा इंजीनियर बनेगा, डॉक्टर बनेगा...एडवोकेट बनेगा, अदालत में जज बनेगा.. मैं बिहार में आपको, यहां फैशन है ना कट्टा लेकर के आ जाते हैं और फिर बोलते हैं हैंड्स अप.. यही है ना, मैं आपको बिहार में हैंड्स-अप कहने वाले के लिए अब बिहार में जगह नही है अब तो बिहार में स्टार्ट-अप के सपने देखने वाले चाहिए.. हैंड्स-अप वाले नहीं चाहिए हमे..

साथियों,

हम बच्चों के हाथ में किताबें, कंप्यूटर-लैपटॉप दे रहे हैं...हमारे बच्चे खेल में आगे बढ़ें...इसलिए हम उन्हें बैट दे रहे हैं, हॉकी स्टिक दे रहे हैं...फुटबॉल दे रहे हैं वॉलीबॉल दे रहे हैं लेकिन RJD के लोग...बिहार के युवाओं को कट्टा और दु-नाली देने की बात कर रहे हैं। ये लोग.खुद के बच्चों को मंत्री बनाना चाहते हैं.. बेटा हो या बेटी कोई सांसद बने कोई एमएलए बने, कोई मंत्री बने कोई मुख्यमंत्री बने। अपनी संतानों के लिए तो वे ये सपने देखते हैं.और आप सभी के बच्चों को रंगदार बनाना चाहते हैं। रंगदार बनाना चाहते हैं। मुझे पूरी ताकत से बताइये भाइयों, ये रंगदार बनाने वाला पाप आपको मंजूर है क्या? ये बिहार को मंजूर है क्या? क्या इन बच्चों को मंजूर होगा क्या?

साथियों,

जंगलराज का मतलब है...कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुसंस्कार, करप्शन.. क्या कर रहे हैं ये लोग। ये कुसंस्कार से भरे हुए लोग हैं। कुशासन का राज चाहते हैं। भारत रत्न जन-नायक कर्पूरी ठाकुर जी..भोला पासवान शास्त्री जी...ऐसे महान नेताओं ने बिहार को सामाजिक न्याय और विकास का विश्वास दिया था। लेकिन जैसे ही जंगलराज आया...वैसे ही बिहार में बर्बादी का दौर शुरु हो गया। RJD वालों ने बिहार में विकास का पूरा माहौल ही खत्म कर दिया।

साथियों,

ये RJD और कांग्रेस वाले...उद्योगों की ABC भी नहीं जानते। ये उद्योगों में सिर्फ ताले लगाना जानते हैं...15 वर्ष के जंगलराज में... एक भी नई फैक्ट्री, एक नया कारखाना बिहार में नहीं लगा। यहीं मिथिला में...जो मिलें थीं, फैक्ट्रियां थीं, वो भी बंद हो गईं। 15 वर्ष के जंगलराज में...कोई भी बड़ा अस्पताल, मेडिकल कॉलेज...बिहार में नहीं बना। इसलिए जंगलराज वालों के मुंह से विकास की बातें सिर्फ सफेद झूठ हैं।

साथियों,

जंगलराज के समय में बिहार के लोगों का सरकार से भरोसा ही उठ गया था। भरोसा उठ गया था कि नहीं उठ गया था.. भरोसा बचा था? नीतीश जी के नेतृत्व में NDA सरकार ने बिहार का टूटा हुआ भरोसा लौटाया है। अब निवेशक...बिहार आने के लिए उत्सुक हैं। यहां अच्छी सड़कें बन रही हैं...रेल और हवाई कनेक्टिविटी बेहतर हो गई है...बिजली के नए-नए कारखाने बन रहे हैं... यहां जो रीगा चीनी मिल है...वो फिर से शुरु हो चुकी है। आने वाले समय में...बिहार में ऐसी मिलें और फैक्ट्रियां बनाने का काम और मजबूती के साथ आगे बढ़ेगा। गन्ना किसानों के हितों को देखते हुए..हमारी सरकार गन्ने के इथेनॉल बनाने को भी बढ़ावा दे रही है।

साथियों,

भाजपा- एनडीए जो कहती है...वो करके दिखाती है। और मोदी की गारंटी, मोदी की गारंटी मतलब पूरा होने की गारंटी। बिहार की समृद्धि का बहुत बड़ा आधार आत्मनिर्भर भारत अभियान भी है। मोदी...देश को दुनिया की फैक्ट्री...बहुत बड़ा मैन्युफेक्चरिंग हब बनाने में जुटा है...ये तभी हो सकता है...जब बिहार में खेती से जुड़े उद्योग लगें.. बिहार में पर्यटन का विस्तार हो...यहां टेक्नॉलॉजी से जुड़े उद्यम लगें...मैन्युफेक्चरिंग पर ज्यादा से ज्यादा निवेश हो। आने वाले सालों में हम इस काम को और तेज़ी से करने वाले हैं। और इसका रास्ता NDA ने अपने घोषणापत्र में भी बताया है, बताकर के ऱखा हुआ है।

साथियों,

यहां के हमारे नौजवानों में, हमारी बहनों में अद्भुत सामर्थ्य है। और मोदी आपके श्रम, आपका सामर्थ्य, आपकी कला का ब्रैंड एंबेसेडर है। अब आप कहेंगे मोदी कहां से मेरा ब्रैंड एंबेस्डर बन गया मैं बताता हूं कैसे बन गया.. अभी कुछ महीने पहले मैं अर्जेंटीना गया था...बहुत दूर है यहां से। वहां के जो उपराष्ट्रपति हैं, उनको मैंने यहां की बहनों की बनाई..मधुबनी पेंटिंग भेंट की थी। और वो ऐसे देखते थे, बड़ा अजूबा लगा था उनको, जब मैंने कहा कि मेरी बहनें बनाती हैं इसे, बिहार के एक कोने में बैठी बहनें बनाती हैं इसे गांव की बहनें बनाती हैं इसे… तो ऐसे देख रहे हैं मेरे सामने बताइए, मैं आपका एंबेसडर बना कि नहीं बना। मैं आपका ब्रैंड एंबेसडर बना कि नहीं बना। बिहार की बात दुनिया में पहुंचाई कि नहीं पहुंचाई… आपका मधुबनी पेंटिंग पहुंचाया कि नहीं पहुंचाया। इसी तरह, दिल्ली में G-20 समिट के दौरान... दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति को भी मैंने मधुबनी पेंटिंग देने का काम किया।

साथियों,

ये सब मैं इसलिए करता हूं...क्योंकि मुझे बिहार पर गर्व है। मुझे बिहार की माताओं-बहनों के सामर्थ्य पर गर्व है। मुझे बिहार की बेटियों की ताकत पर गर्व है। मैं चाहता हूं आपकी कला, आपका कौशल दुनिया भर में पहुंचे। भारत में बनी चीज़ों के लिए दुनिया में नए बाज़ार बनें।

साथियों,

एक समय था जब बिहार...दूसरे राज्यों से मछली मंगाता था। लेकिन NDA सरकार की नीतियों का असर है...कि बिहार अब दूसरे राज्यों को मछली भेजने लगा है। और ये हमारे मछली के क्षेत्र में काम करने वालों की ताकत देखिए, बड़े-बड़े लोग भी यहां की मछली देखने आ रहे हैं। पानी में डुबकी लगा रहे हैं। किसी ने मुझे कहा कि बिहार के चुनाव में डूबने की प्रैक्टिस कर रहे हैं। साथियों जैसे मछली के क्षेत्र में बिहार के लोगों ने बड़ी कमाल की है। सरकार ने और बिहार के हमारे मछुआरे भाई-बहनों ने मिलकर के एक नया क्षेत्र खोल दिया है। अब इसी तरह हम मखाने को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाना चाहते हैं। बिहार का मखाना दुनिया के घर-घर तक पहुंचेगा....तो फायदा छोटे किसानों को होगा।

साथियों,

ये माता सीता की धरती है... नारीशक्ति का सामर्थ्य कैसे, एक परिवार को, पूरे समाज को ताकत देता है...ये धरती उसकी साक्षी रही है। हमारी NDA सरकार भी महिला सशक्तिकरण के मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है।

साथियों

सरकार की नीतियों और निर्णयों का असर हम हर क्षेत्र में देख रहे हैं। साथियों, यहीं बिहार के राजगीर में पिछले वर्ष...महिला हॉकी की एशियाई चैंपियन्स ट्रॉफी हुई थी। हमारी बेटियां चैंपियन बनी थीं। कुछ दिन पहले भारत की बेटियों ने क्रिकेट विश्व कप भी जीता है...ये क्रिकेट के इतिहास में पहली बार हुआ है। तीन दिन पहले ही...ये विश्व विजेता हमारी बेटियां, दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास पर आई थीं। उनका आत्मविश्वास देखकर, मुझे गर्व हो रहा था। गांव-कस्बों से निकलकर हमारी बेटियां...140 करोड़ भारतीयों का अभिमान बनी हैं।

साथियों,

हमारी बेटियों का ये नया आत्मविश्वास इसलिए आया है..क्योंकि हमारी सरकार कदम-कदम पर नारीशक्ति के साथ खड़ी है। अब आप देखिए, जनधन बैंक खाते, मजाक उड़ाते थे मेरी, कि महिलाओं की जेब में पैसा नहीं होता है खाते कैसे खुलेंगे? मैंने कहा एक रुपया दिए बिना भी मैं खाते खोलूंगा। ये सिर्फ एक पासबुक देने का मामला नहीं था। ये बहनों-बेटियों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने का माध्यम बना है। मैं आपको एक और उदाहरण देता हूं...आजकल मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की बहुत चर्चा है। बिहार की एक करोड़ चालीस लाख बहनों के खाते में...दस-दस हज़ार रुपए पहुंच चुके हैं। कल्पना कीजिए...अगर बहनों के बैंक खाते ही न खुलते... तो क्या ये योजना बन पाती? मोदी ने बैंक खाते खुलवाए...नीतीश जी की सरकार उनमें बहनों को सहायता भेज रही है। आज पाई-पाई बहनों के खाते में पहुंच रही है। इसलिए आप याद रखिए...अगर कांग्रेस-RJD का जंगलराज होता...तो आपके हक का ये पैसा भी लुट जाता। और ये मैं नहीं कह रहा हूं, ये कांग्रेस के नामदार हैं ना उनके पिताजी खुद कहते थे। वो प्रधानमंत्री थे और पूरे देश में पंचायत से पार्लियामेंट तक सिर्फ कांग्रेस का ही झंडा फहरता था, सारी सरकारें उनकी थीं। मुयनिसपैलिटी उनकी, ग्राम पंचायतें उनकी, पार्षद उनका सब उनका था। उस समय कांग्रेस के एक प्रधानमंत्री, ये नामदार के पिताजी वो कहते थे दिल्ली से एक रुपया निकलता है तो गांव में जाते-जाते 15 पैसा हो जाता है। जरा बताओ वो कौन सा पंजा था, जो एक रुपये को घिसता-घिसता-घिसता 15 पैसे कर देता था, कौन सा पंजा था। आज भाइयो-बहनों अगर पटना से एक रुपया निकलता है तो पूरे सौ पैसे आपके खाते में जमा होते हैं। आज दिल्ली से एक रुपया निकलता है तो सौ के सौ पैसे आपके खाते में जमा होते हैं। और इसलिए मेरे माताओं, बहनों, भाइयों, नौजवानों.. आपको सावधान रहना है...क्योंकि कांग्रेस-RJD आपका पैसा लूटने की फिराक में बैठी है।

साथियों,

कांग्रेस और आरजेडी के लोग...इतने सालों तक सत्ता में रहे...इन लोगों ने...विकास के नाम पर सिर्फ घोटाले किए...जो दूर-दराज के क्षेत्र थे...उनको ये लोग पिछड़ा घोषित कर देते थे। ताकि वहां लोग विकास के बारे में सोच ही न पाएं। देश के सौ से अधिक जिले ऐसे ...जिनको कांग्रेस ने पिछड़ा घोषित कर रखा था। इसमें बिहार के भी अनेक जिले थे...और सीतामढ़ी भी उनमें से एक था। साथियों, जिनको इन्होंने पिछड़ा घोषित किया था...उनको हमने आकांक्षी जिला बनाया...वहां मिशन मोड पर विकास शुरु किया...मुझे गर्व है कि हमारा सीतामढ़ी भी आज विकास के मामले में दूसरे जिलों को टक्कर दे रहा है। आज सीतामढ़ी में, पूरे बिहार में विकास की नई रफ्तार दिखाई दे रही है। नई रेल लाइनें...अमृत भारत जैसी नई रेल सेवा...आधुनिक रेलवे स्टेशन.. नया इंजीनियरिंग कॉलेज... नया मेडिकल कॉलेज....ये सब अब सीतामढ़ी की पहचान बन रहे हैं। और मैं आपको भरोसा दिलाता हूं...बिहार में फिर से NDA सरकार बनते ही...हम विकास की इस गति को और मजबूती देंगे, और आपलोगों का कल्याण का काम करेंगे।

साथियों,

हमारी सरकार...यहां विकास भी कर रही है...और विरासत को भी सम्मान दे रही है। हम इस क्षेत्र को रामायण सर्किट से जोड़ रहे हैं। सीतामढ़ी से अयोध्या के लिए सीधी रेलसेवा भी इसी प्लान का हिस्सा है। आपके पाहुन, आपके दामाद जी तो खुद प्रभु श्रीराम हैं। अयोध्या में सीतामढ़ी के दामाद जी का भव्य मंदिर बन गया है...अब माता के मायके की बारी है। पुनौराधाम की भव्यता अब पूरी दुनिया देखेगी।

साथियों,

एक तरफ NDA सरकार अपने तीर्थों का विकास कर रही है। वहीं दूसरी तरफ...कांग्रेस और आरजेडी के लोग हमारी आस्था का अपमान कर रहे हैं। आपने कांग्रेस के नामदार की बातें सुनी होंगी...उन्होंने छठ पूजा के लिए क्या कहा... छठ महापर्व के लिए क्या कहा। छठ महापर्व आज देश और दुनिया में लोग श्रद्धापूर्वक मनाने लगे हैं। ये छठ महापर्व हमारी बिहार की माताओं और बहनों की तपस्या का एक गौरवपूर्ण याद रखने वाला इतिहास की तारीख में गोल्डेन अक्षरों से लिखने वाला तप है। तीन-तीन दिन तक तपस्या करती है, आखिर में तो पानी तक नहीं पीती है। इतनी बड़ी तपस्या छठ महापर्व की होती है और कांग्रेस के ये नामदार क्या कह रहे हैं.. छठ महापर्व.. छठ पूजा ये तो ड्रामा है ड्रामा, नौटंकी है.. माताओं बहनों ये आपका अपमान है कि नहीं है? ये आपका अपमान है कि नहीं है? ये छठ मैया का अपमान है कि नहीं है? हमारी परंपरा का अपमान है कि नहीं है? हमारी विरासत का अपमान है कि नहीं है? हमारी संस्कृति का अपमान है कि नहीं है? ऐसा अपमान करने वालों को सजा मिलनी चाहिए कि नहीं मिलनी चाहिए? ऐसा करने वालों को आप सजा देंगे कि नहीं देंगे। बड़ी ताकत से सजा देंगे कि नहीं देंगे? और लोकतंत्र में सजा देने का तरीका है वोट। आपका एक वोट उन्हें ऐसी सजा देगा ऐसी सजा देगा कि दुबारा ऐसा कहने की हिम्मत नहीं करेंगे। यही लोग है, जिन्होंने महाकुंभ को लेकर गलत बातें कीं..महाकुंभ को फालतू कहा..। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का भी इन्होंने अपमान किया। अयोध्या में राम मंदिर परिसर में ही...महर्षि वाल्मीकि का भी मंदिर बनाया गया है...निषादराज का भी मंदिर बहां बनाया गया है...माता शबरी का मंदिर भी बनाया गया है...ये RJD-कांग्रेस वाले… अपने वोट बैंक की वजह से राम जी का वहिष्कार करते ऐसा ही नहीं ये निषादराज का बहिष्कार करते हैं, ये वाल्मीकि जी का बहिष्कार करते हैं, शबरी माता का बहिष्कार करते हैं।

साथियों,

जिनकी नीतियां तुष्टिकरण से ही प्रेरित हैं..वो बिहार का भला नहीं कर सकते। ये लोग तो समाज में कटुता ही पैदा कर सकते हैं। आप देखिए...RJD-कांग्रेस के नेता वोटबैंक के तुष्टिकरण के लिए घुसपैठियों तक को बचाने के लिए पूरी शक्ति से लगे हुए हैं। जिन घुसपैठियों का भारत से कोई लेना-देना नहीं...ये लोग उनको बचा रहे हैं।

साथियों,

जो घुसपैठिए हैं...ये आपके हक पर डाका डालते हैं…ये घुसपैठिये आपके संतानों के हक की चोरी करते हैं। और ये उन चोरों को बचाने के लिए मैदान में उतरे हैं। आपकी रोजी-रोटी पर कब्जा कर लेते हैं...हमारी बेटियों की सुरक्षा, देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन जाते हैं। अब आप मुझे बताइए साथियों… आप पूरी तरह जवाब देंगे मुझे… सबके सब जवाब देंगे.. पूरी ताकत से जवाब देंगे.. ये जंगलराजवालों के कान फट जाए ना ऐसा जवाब दीजिए मुझे। देंगे? आप मुझे बताइए.. ये घुसपैठियों को निकालना चाहिए कि नहीं निकालना चाहिए? ये घुसपैठिये जाने चाहिए कि नहीं जाने चाहिए? ये घुसपैठिए जहां से आए हैं वहां जाने चाहिए कि नहीं जाने चाहिए? आप मुझे बताइए ये घुसपैठिये का हिसाब कौन कर सकता है। घुसपैठियों का हिसाब कौन कर सकता है? पूरी ताकत से बताइए कि घुसपैठियों का हिसाब कौन कर सकता है? कौन घुशपैठियों को निकाल सकता है? कौन घुसपैठियों को सजा दे सकता है। मोदी नहीं, ये आपका जवाब गलत है। ये घुसपैठियों का हिसाब चुकते करने का काम मोदी नहीं आपका एक वोट कर सकता है.. आपका एक वोट कर सकता है। आपके वोट की ताकत है, NDA को मिला आपका हर वोट... घुसपैठियों के विरुद्ध कार्रवाई को करके रहेगा ये मैं आपसे वादा कर रहा हूं।

साथियों,

पहले चरण में NDA ने बिहार में जीत की तरफ बड़ा मजबूत कदम रख दिया है। 11 नवंबर को आपका वोट NDA के सभी उम्मीदवारों को मिलेगा.. तो NDA की प्रचंड जीत तय हो जाएगी। और तभी गरीबों का कल्याण का काम, गरीबों के लिए पक्के घर बनाने का काम, हमारी बढ़ी हुई पेंशन सभी को पहुंचाने का काम, जिस तरह पहले चरण में बिहार ने मतदान के पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए...वैसे ही आपको दूसरे चरण में भी मतदान का रिकॉर्ड तोड़ना है। तोड़ेंगे? तोड़ेंगे? जरा पूरी ताकत से सब बताइये मतदान का रिकॉर्ड तोड़ेंगे? हर बूथ में ज्यादा मतदान कराएंगे? हर बुथ में पहले से ज्यादा सौ वोट जाना चाहिए। सौ लोग मतदान के लिए जाने का पक्का करेंगे। आप इतनी बड़ी तादाद में हमारे उम्मीदवारों को आशीर्वाद देने आए हैं। मैं सभी चुनाव के उम्मीदवारों को कहता हूं कि आप आगे आ जाइए.. बस यहीं खड़े रह जाइए..हां.. मैं आप सबसे मिलने के लिए आ रहा हूं। आपको शुभकामनाएं देने के लिए आ रहा हूं। इन सबके आशीर्वाद में बोलिए...
भारत माता की... जय!
भारत माता की... जय!
भारत माता की.. जय!
वंदे मातरम के डेढ़ सौ साल.. मेरे साथ बोलिए
वंदे मातरम् वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे...

Explore More
Today, the entire country and entire world is filled with the spirit of Bhagwan Shri Ram: PM Modi at Dhwajarohan Utsav in Ayodhya

Popular Speeches

Today, the entire country and entire world is filled with the spirit of Bhagwan Shri Ram: PM Modi at Dhwajarohan Utsav in Ayodhya
India’s higher education enrolment hits 4.5 crore; women, marginalised groups lead way: AISHE report

Media Coverage

India’s higher education enrolment hits 4.5 crore; women, marginalised groups lead way: AISHE report
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
India-Australia Roadmap for Sports Collaboration
July 10, 2026

Sports is a powerful bridge between India and Australia, bringing communities together and opening new pathways for collaboration.

Building on the 2023 MoU on Cooperation in Sports, the India-Australia Roadmap for Sports Collaboration sets out practical, future-focused priorities and opportunities to strengthen this cornerstone of our bilateral relationship.

Recognising the decade of opportunity ahead — including the 2030 Commonwealth Games in Ahmedabad, the Brisbane 2032 Olympic and Paralympic Games, and India’s ambition to host a future Olympic and Paralympic Games — this Roadmap identifies targeted areas of cooperation aligned to shared priorities, capabilities and resources.

Respecting differences in the governance of sport and the development of sport ecosystems in Australia and India, and recognising the leadership role of sporting bodies, businesses, state–level governments, universities and community groups in promoting elite and community sports, we are committed to facilitating engagement and supporting collaborative ways of working between relevant institutions, to encourage stronger sports partnerships at all levels that benefits both countries.

Implementation will be pragmatic and outcomes-focused, with activities prioritised in line with available resources and major event timelines.

Cooperation will be delivered through established partnerships, supported by flexible, demand-led arrangements, whereby responsibility for resourcing activities will be negotiated on a case-by-case basis. This approach ensures practical, sustainable and mutually beneficial outcomes.

In this context, the following have been identified as focus areas for collaboration under this Roadmap:

A. Capacity Building:

o Collaborate for sharing best practice in establishing and operating High-Performance Sports Centres in India in priority sports.

o Identify Para sport as a key priority and opportunity for collaboration, including Australian expertise in Para classification, coaching and performance support, with potential links between Indian and Australian universities where appropriate.

o Drawing on Australia’s coach development models, facilitate two-way exchanges that bring Indian coach and coach educators to Australia and Australian coaches and coach educators to India, using a Train the Trainer approach where appropriate.

o A physical education exchange programme between India and Australia may be introduced to facilitate mutual learning, sharing of best practices, and collaboration in areas such as school sports, sports science, and community participation in physical education.

o Recognising the physical and mental health benefits of yoga and the World Yogasana, the federation for yogasana sports based in India, identify opportunities to share knowledge, foster collaboration and encourage participation in yoga in Australia.

o Work with the Australian Sports Commission to build the capability of select Indian coaches as part of the India Australia High Performance Coach Development program.

o Explore opportunities through relevant non-government stakeholders such as sporting organisations and universities to support talented young Indian sportspersons as part of high-performance programs in Australia through student scholarships funded by Government of India.

B. Collaborative Sports Science and Technology Research:

o Encourage joint research and development projects between universities in India and Australia on athlete performance analytics, injury prevention, sports nutrition, wearable performance technology, recovery techniques and Para sport.

o Encourage partnerships between Indian and Australian universities to co-develop sports curriculums.

o Sport Integrity Australia and National Anti-Doping Agency India contribute to international anti-doping efforts by supporting World Anti-Doping Agency (WADA)-led capacity building programs through engagement with the WADA Asia/Oceania Office, and through representation on the UNESCO International Convention against Doping in Sport (Convention) Groups.

C. Major Sporting Events:

o Collaborate with Australian States and Territories, and National Sporting Organisations to exchange best practices for hosting large events.

o Explore opportunities to host exhibition matches and youth events in both countries to promote sports of mutual interest (such as Kabaddi and Kho Kho in Australia, and Australian Football League and basketball in India).

o Leverage the build-up to major sporting events such as Olympic, Paralympic and Commonwealth Games to establish formal, reciprocal arrangements between Indian and Australian sporting bodies for shared facilities, competitions and support networks during and in the build-up to major sporting events.

o Welcoming the inaugural Big Bash League match to be played in India in Chennai in December 2026, encourage Cricket Australia and the Board of Control for Cricket in India to work towards a commitment to host annual BBL matches in India.

D. Sports Industry and Investment Platform:

o Build on the Australia-funded Sports Industry Summit in Mumbai in December 2026 to promote collaboration between Indian and Australian companies on sports equipment manufacturing, sports media and broadcasting, event management, and sports start-ups.

o Facilitate Australian sports sector businesses in the Indian sports market through information sessions and vice-versa.

o Expand India’s export of high quality, competitively priced sports goods to Australia.

o Expand the export of Australian expertise in high performance sports, including coaching, coach development, strength and conditioning, athlete wellbeing, nutrition and psychology.

E. Women in Sports Partnership:

o Launch joint initiatives promoting women’s leadership, health, high performance and participation in sport, including bilateral tournaments for women athletes, drawing on the Australian Sports Commission’s flagship programs, recognising that sport is a powerful pathway for women’s economic empowerment, leadership, health and social inclusion.