India has won its first Women’s Cricket World Cup. After 25 years, a new world champion rises & it’s our daughters who have brought this pride home: PM
Those who once locked Bihar’s schools and universities are now lecturing on education: PM Modi takes a sharp dig at the opposition
Be it Congress or RJD, their love is only for infiltrators. They even take out political yatras just to protect them: PM Modi in Saharsa

भारत माता की। भारत माता की। भारत माता की।

विषहरा माता की जय ! माँ उग्रतारा स्थान, बाबा सिंहेश्वर स्थान महादेव और बाबा कारु खिरहरी स्थान के एही पावन धरती पर हम सब के प्रणाम करै छी ! अहां सभक स्नेह आ अपनत्व हमरा हृदय के गहराई कोना तक छू गेलै।

साथियों,

बिहार में पहले चरण के मतदान के लिए अब सिर्फ दो दिन बाकी हैं। 6 नवंबर की सुबह सहरसा और मधेपुरा वोट डालेगा। यहां अनेक साथी हैं जो आपके जनप्रतिनिधि के लिए, मैं उनके लिए आपसे आशीर्वाद मांगने आया हूं। और इस चुनाव में बहुत सारे मेरे नौजवान बेटे-बेटियां हैं जो पहली बार वोट डालने वाले हैं। मैंने जब जीवन में पहली बार वोट डाला था तो मेरे मन में एक इच्छा थी कि मेरा वोट फेल नहीं जाना चाहिए। हवा का रुख देखूंगा और मेरे वोट से सरकार बने, ऐसा मैंने पहला जब वोट डाला तब सोचा था। और मेरी वो खुशी रही कि मैं सफल हो गया। अब मैं आपको भी कहता हूं। अपना जो पहला वोट डालेंगे न वो सरकार बनाने वाला वोट चाहिए। करेंगे? और एनडीए की सरकार बनने वाली है। आपका वोट एनडीए सरकार को मजबूती देने वाला है। और इसलिए सभी नौजवान बेटे-बेटी जो पहली बार वोट डाल रहे हैं, उनको मेरा विशेष आग्रह है इस बार आपका वोट एनडीए की सरकार बनाने वाला वोट होना चाहिए। गठबंधन को बहुत बड़ी ताकत देने वाला, एनडीए के जो साथी हैं, जो इस चुनाव के मैदान में एकजुट होकर लड़ रहे हैं। उनको विजय बनाना है। और दूसरी तरफ जो जंगलराज वाले हैं, उनको ऐसा पराजय देना है, ऐसा पराजय देना है कि वो बिहार का बुरा कभी सोच भी ना सकें। आपका वोट विकसित बिहार के लिए होना चाहिए।

साथियो,

मैं देख रहा हूं, ये पंडाल तो जहां तक मेरी नजर पहुंचे, उससे भी बड़ा बना दिया। लेकिन पंडाल के बाहर इससे भी डबल लोग मैं देख रहा हूं। साथियों, ये दृश्य साफ-साफ दिखा रहा है कि एनडीए की सरकार फिर एक बार बनने जा रही है। विकास की राह और मजबूत होने वाली है। नौजवानों के सपने पूरे होने वाले हैं। माताओं-बहनों की सुरक्षा की गारंटी पक्की हो रही है भाइयों- बहनों।

साथियों,

बिहार का युवा बिहार में काम करे, बिहार का युवा बिहार का नाम करे, ये हमारा संकल्प है। ये काम NDA को दिया आपका एक वोट करने वाला है। आपके वोट की वो ताकत है। कोसी और मिथिला के मेरे भाइयों और बहनों, बीते वर्षों में बिहार विकास की रफ्तार पकड़ चुका है। अब विकास की इस रफ्तार को हमें मिलकर और तेज करना है। इसलिए फिर एक बार NDA सरकार ! बिहार में फिर से सुशासन सरकार !

साथियों,

बिहार की पहचान, ज्ञान से भी है और नारी सम्मान से भी है। बिहार हमेशा से ही नारीशक्ति का सशक्त स्थान रहा है। माता सीता हों, देवी भारती हों, विदुषी गार्गी हों, ऐसी अनगिनत महिलाएं, माताएं हमारी प्रेरणाएं हैं। साथियों, नारी-सशक्तिकरण की इस प्रेरक भूमि से मैं आज पूरे देश को महिला क्रिकेट विश्व कप की विजय पर बहुत-बहुत बधाई देता हूं। कल मुंबई में भारत की बेटियों ने इतिहास रच दिया है। भारत ने पहली बार महिला क्रिकेट विश्व कप जीता है। पूरे 25 साल बाद दुनिया को नया विश्व विजेता मिला है और ये गौरव भारत की बेटियों ने पूरे देश को दिया है। आइए, जोरदार ताली बजाकर हमारी इन बेटियों का हम सम्मान करें, उनका गौरव करें। साथियों, ये विजय सिर्फ खेल के मैदान तक ही सीमित नहीं है। ये भारत की बेटियों के नए आत्मविश्वास का भी प्रतीक है। ये छोटे-छोटे गांवों से, कस्बों से निकली बेटियां हैं। ये हमारे किसान, मेहनत-मजदूरी करने वालों, निम्न मध्यम वर्गीय परिवार की बेटियां हैं। इन पर मुझे गर्व है, पूरे देश को गर्व है। मैं इन चैंपियन बेटियों के माता-पिता को भी बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

जब बेटियों को उचित अवसर मिलते हैं, प्रोत्साहन मिलता है, तब जाकर ऐसे परिणाम आते हैं। नारीशक्ति को ज्यादा से ज्यादा अवसर देना, उनके सामने से हर बाधा को दूर करना, बीते 10-11 वर्षों में NDA सरकार इसी लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रही है। आज आप देखिए, हमारी बेटियां हर मोर्चे, हर मैदान में नई बुलंदियां छू रही हैं। आज हमारी बेटियां फाइटर जेट उड़ा रही हैं। सीमा पर, युद्धपोत पर, देश की रक्षा कर रही हैं क्योंकि हमने सेनाओं में बेटियों के लिए नए अवसर बनाए। हमने सैनिक स्कूलों के डिफेंस एकेडमी में बेटियों के लिए दाखिले शुरु किए। हमारे देश की वूमन साइंटिस्ट्स आज चंद्रयान, गगनयान जैसे बड़े अंतरिक्ष अभियानों में बहुत बड़ी भूमिका निभा रही हैं। आज देश में एक लाख 80 हजार से ज्यादा रजिस्टर्ड स्टार्ट अप्स हैं। इनमें से सत्तासी हजार स्टार्ट अप्स में कम से कम एक महिला डायरेक्टर हैं या पार्टनर हैं। आज हमारे गांव की बेटी ड्रोन पायलट बनकर, खेती में ड्रोन क्रांति का नेतृत्व कर रही है। डिजिटल बैंकिंग क्रांति हो या फिर बीमा क्रांति, हमारी बेटियां आज देश को रास्ता दिखा रही हैं। जो कभी बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का मजाक उड़ाते थे आज वो भी सोच रहे होंगे कि उन्होंने देश की बेटियों का कितना अपमान किया है।

साथियों,

नारी का सम्मान बढ़ाना, नारी की गरिमा की रक्षा, उनके जीवन की मुश्किलें कम करना, उन्हें रोजगार-स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना, हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। करोड़ों शौचालय बनाकर, करोड़ों घरों में नल से जल पहुंचाकर, उज्ज्वला का गैस कनेक्शन देकर, आयुष्मान भारत के तहत 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा देकर, गर्भवती महिलाओं के खाते में सीधे पैसे भेजकर, गर्भवती महिलाओं की छुट्टी बढ़ाकर, हमारी सरकार ने महिलाओं की अनेक चिंताओं, अनेक मुसीबतों को कम करने का काम किया है।

साथियों,

हमारे यहां महिलाओं के नाम पर पहले कोई संपत्ति भी नहीं हुआ करती थी। हमारी सरकार ने चार करोड़ पीएम आवास बनाए, तो पक्का किया कि ज्यादातर घर महिलाओं के नाम हो। आज मुद्रा लोन के तहत जो लाखों करोड़ रुपए दिए जा रहे हैं, उसमें से करीब 70 प्रतिशत लोन हमारी बेटियों ने ही लिया है। बिहार के जीविका दीदी अभियान की भी आज देश में चर्चा होती है।

साथियों,

नारी सशक्तिकरण के हमारे अभियान को बिहार में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से भी बहुत बल मिलेगा। इस योजना को लेकर बिहार की बहनों में बहुत उत्साह दिख रहा है। बिहार की करीब एक करोड़ 40 लाख बहनों के खाते में दस-दस हजार रुपए पहुंच चुके हैं। NDA ने घोषणा की है कि फिर सरकार बनने के बाद, इस योजना का और विस्तार किया जाएगा। लेकिन मैं बिहार की हर बहन-बेटी से भी कहूंगा, सतर्क रहिए, ये जंगलराज वाले आपको दी जा रही ऐसी हर मदद को रोकना चाहते हैं।

साथियों,

RJD हो या कांग्रेस, इनका विकास से दूर-दूर तक का कोई नाता नहीं हैं। NDA की पहचान विकास से है और RJD-कांग्रेस की पहचान विनाश से है। मैं सहरसा की जनता के सामने दो उदाहरण देता हूं। साथियों, कोसी महासेतु रेल पुल का शिलान्यास साल 2003 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने किया था। लेकिन इसके बाद 2004 में RJD के समर्थन वाली दिल्ली में मनमोहन जी की कांग्रेस की सरकार बन गई। और उसके बाद यहां 2005 में नीतीश जी के नेतृत्व में सरकार बनी। बिहार के लोगों ने हर गली-मोहल्ले, हर बूथ में से RJD को साफ कर दिया, RJD को रिजेक्ट कर दिया। और इसके कारण ये RJD वालों का पारा, उनका अहंकार सातवें आसमान पर पहुंच गया। वो बिहार के लोगों पर इतना गुस्सा किए, इतना गुस्सा किए कि बिहार को बर्बाद करने पर तुल गए। अब दिल्ली में उनकी सरकार थी, दिल्ली की सरकार उनके समर्थन से चल रही थी। इसलिए इन्होंने दिल्ली सरकार में बैठ करके मनमोहन सिंह जी और सोनिया जी की बगल में बैठ करके बिहार का बदला लेना शुरू किया। नीतीश बाबू की सरकार से बदला लेना शुरू कर दिया। और इन्होंने क्या किया जितने बिहार के लोगों की भलाई के प्रोजेक्ट थे, ये सारे प्रोजेक्ट पर ताले लगा दिए। बिहार का पैसा रोक दिया। कांग्रेस-RJD ने कोसी महासेतु को लटका दिया। इन्होंने आपका बदला लिया आपको बर्बाद करने का रास्ता लिया। उनकी उस पाप का सजा देने का अवसर आया है।

साथियों,

2014 में आपने मुझे दिल्ली में बैठ करके देश की सेवा करने का मौका दिया। आपके आशीर्वाद से मुझे वो मौका मिला। NDA की डबल इंजन सरकार बनाई। अब आपने मुझे सेवा का मौका दिया। बदला लेने वालों को वहां से भी हटाया। मैंने नए सिरे से इसकी फाइल मंगाई, नई तेज़ी से काम शुरू किया। कोसी महासेतु के लिए पैसे दिए, काम शुरु हुआ और आखिरकार साल 2020 में NDA सरकार ने बिहार को ये पुल बनाकर सौंपा।

साथियों,

RJD – कांग्रेस की बदले की राजनीति के कारण, सालों तक बिहार के लोगों को भुगतना पड़ा। एक समय था जब कोसी-मिथिलांचल के बहुत बड़े हिस्से के लोगों को 300 किलोमीटर का सफर करके इस पार से उस पार जाना पड़ता था। आज वही 300 किलोमीटर का सफर 30 किलोमीटर से भी कम रह गया है। हुआ है कि नहीं हुआ है भाई? आप जरा बताइए, हुआ है कि नहीं हुआ है? ये काम हमने किया है कि नहीं किया है? ये काम उन्होंने रोका था कि नहीं रोका था? जिन्होंने आपका नुकसान किया उनको सजा होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए? पूरी ताकत से बताइए, सजा होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए? इस चुनाव में उनको सजा दोगे? पूरी तरह सजा दोगे? और हमने सिर्फ कोसी महासेतु ही बनाए, इतना ही नहीं है। कोसी नदी पर अनेक पुल बन रहे हैं, चौड़ी सड़कें बन रही हैं। कोसी नदी पर ही देश का सबसे लंबा पुल मधुबनी में बन रहा है। आज यहां वंदे भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें चल रही हैं।

साथियों,

दूसरा उदाहरण भी कोसी नदी से ही जुड़ा है। कोसी में भीषण बाढ़ ने अनेक परिवारों को उजाड़ा है। हमें अपनों को खोना पड़ा है। सहरसा हो, सुपौल हो, मधेपुरा हो या अररिया, हर साल बाढ़ आती थी, खेत बर्बाद हो जाते थे। लेकिन कांग्रेस हो या RJD, इन्होंने सिर्फ वादे किए। ये लोग आपके दुख को कभी समझ ही नहीं पाए। साथियों, NDA सरकार ने कोसी की बाढ़ से बचाव के लिए एक के बाद एक कई कदम उठाए हैं। हमने बाढ़ के कहर को रोकने के लिए 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की योजनाएं बनाईं हैं। ये पैसा कोसी, बागमती और गंडक नदी बेसिन में बाढ़ नियंत्रण के लिए सुरक्षा कवच बनेगा। यहां तटबंधों को मज़बूत करेगा। साथियों, हम एक दूरगामी समाधान पर काम कर रहे हैं। हमारी सरकार कोसी और मेची को जोड़ रही है। ये कोसी-मेची लिंक प्रोजेक्ट, अब बर्बादी नहीं, समृद्धि लाएगी। इससे दो लाख हेक्टेयर भूमि को पानी मिलेगा। साथियों, हम सिर्फ पूर्वी कोसी ही नहीं, पश्चिमी कोसी नहर को भी नया जीवन दे रहे हैं। इससे सिंचाई का दायरा बढ़ा रहे हैं। मैं बिहार NDA की टीम को भी बधाई देता हूं। NDA ने अपने घोषणापत्र में बाढ़ नियंत्रण के लिए बड़ी योजना घोषित की है।

साथियों,

कोसी और अन्य नदियों पर जो ये पैसा हम खर्च कर रहे हैं, इससे मछली पालकों को, मखाना किसानों को भी बहुत फायदा होगा। और आप तो देख ही रहे हैं, मछली और मखाना वालों को हमारी सरकार कितनी मदद कर रही है। मखाना के लिए मखाना बोर्ड बनाया गया है। और साथियों, मेरा सपना है कि दुनिया के कोने-कोने में मखाना पहुंचे, मखाना किसानों की आमदनी बढ़े। अभी आपने आकर के मुझे मखाना की माला पहनाई न। आपको गर्व हुआ न। हुआ कि नहीं हुआ। लेकिन आपको शायद पता नहीं होगा, मैं विदेश में जाता हूं न तो दुनिया के इतने बड़े-बड़े नेताओं को भी एक डिब्बा भरकर मखाना देता हूं। और बड़ गर्व से कहता हूं कि ये हैं मेरे बिहार के किसानों की कमाई।

साथियों,

यहां मछली पालकों के हितों को भी हमारी सरकार प्राथमिकता दे रही है। मछली से जुड़े सेक्टर के लिए हमने अलग से मंत्रालय बनाया, अलग बजट दिया। भारत सरकार में पहले कभी मछली की खेती करने वालों, मछली का काम करने वालों के लिए और कोई मंत्रालय ही नहीं था। बजट भी नहीं था। कोई पूछने वाला नहीं था। ये मोदी है, जिसने भारत में एक अलग मिनिस्ट्री बनाई ताकि मेरे मछली पालकों की जिंदगी में मैं बदलाव ला सकूं। मछली पालकों के लिए हमारी सरकार ने मत्स्य संपदा स्कीम बनाई। कभी बिहार दूसरे राज्यों से मछली मंगाता था। आज बिहार दूसरे राज्यों को मछली भेजता है, मछली बेचता है। अब NDA ने अपने घोषणापत्र में जुब्बा सहनी जी के नाम पर मछली पालकों के लिए नई योजना का ऐलान किया है। NDA की सरकार फिर से बनेगी तो मछली पालक साथियों को नौ हज़ार रुपए की अतिरिक्त मदद दी जाएगी।

भाइयों और बहनों,

RJD और कांग्रेस को विकास की भाषा समझ नहीं आती है। RJD और कांग्रेस की डिक्शनरी में क्या शब्द है, क्या भावनाएं भऱी पड़ी हैं, क्या आदतें जुड़ी हुई हैं। RJD और कांग्रेस की डिक्शनरी में कट्टा, क्रूरता, कटुता, कु-संस्कार, कुशासन और करप्शन, ऐसे ही शब्द भरे पड़े हैं। जंगलराज की पाठशाला में इन्होंने बस यही सीखा है। युवा साथियों, आपके माता-पिता ने वो दौर देखा है, जब हमारे रक्षक भी सुरक्षित नहीं थे। खुद पुलिसवालों की जान संकट में रहती थी। माताओं-बहनों, दलित-महादलित, पिछड़ों-अतिपिछड़ों के साथ तो क्या-क्या नहीं होता था। मैं आपको यहीं सहरसा की ही घटना याद दिलाता हूं। हमारे सहरसा के बहादुर डीएसपी सत्यपाल सिंह जी जंगलराज वालों को ठीक कर रहे थे, उन पर नकेल कस रहे थे। ये बात पटना में बैठे RJD के आकाओं को, जंगलराज वालों को पसंद नहीं आई। इसकी कीमत उनको अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। इतना ही नहीं, जिन अपराधियों ने ईमानदार DSP की हत्या की, ऐसे गुनहगारों को खुला छोड़ दिया गया।

साथियों,

आजकल जब हम शानदार सड़कों, पुलों, रेलवे और एयरपोर्ट की बात करते हैं तो जंगलराज वालों को ये जरा भी अच्छा नहीं लगता। क्योंकि अपने समय में ये लोग सड़कें नहीं बनाते थे, सड़कें बनाने वालों को मरवा देते थे। इनके लोगों को अगर ठेका नहीं मिलता था तो ये इंजीनियरों को ही उठा लेते थे या रास्ते से हटा देते थे। ये था RJD का जंगलराज। साथियों, जंगलराज में सबकी जान खतरे में रहती थी। हर अफसर, हर ठेकेदार, हर व्यापारी डर में ही जीता था। इसी का नतीजा था कि यहां विकास रुक गया था। मिलें, फैक्ट्रियां सबकुछ बंद हो गया। सहरसा, मधेपुरा, सुपौल जैसे इलाके, जहां कभी शिक्षा और श्रम की परंपरा थी वहां अपराध और अपहरण की मंडियां लग गईं। साथियों, नीतीश जी की सरकार ने जंगलराज को हटाकर बिहार को सुशासन में बदला। आज डबल इंजन सरकार कोसी-मिथिलांचल में उद्योगों का विस्तार कर रही है। मधेपुरा रेल फैक्ट्री आज मेक इन इंडिया का गौरव बन रही है। इस रेल फैक्ट्री का उद्घाटन 7 साल पहले हुआ था। हाल में ही यहां से भारतीय रेल को पांच सौवां इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव अब रेल को मिल चुका है। साथियों, आज ये क्षेत्र इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव दे रहा है। वो दिन दूर नहीं, जब बिहार में इलेक्ट्रिक गाड़ियां बनेंगी, मोबाइल फोन बनेंगे। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं, बिहार मेक इन इंडिया का बहुत बड़ा केंद्र बनकर ही रहेगा।

साथियों,

कांग्रेस और RJD के जो नामदार हैं, ये लोग जम़ीन से भी कटे हुए हैं। ये लोग भांति-भांति के सपने भले देखते हों। अब कांग्रेस के नामदार बिहार के लोगों को बता रहे हैं कि जब दिल्ली में उनकी सरकार बनेगी...अब देखिए, ये देश अब उनको निकाल के रहने वाला है... तब बिहार में नालंदा जैसी यूनिवर्सिटी बनेगी। अब इनको कुछ पता नहीं, देश कहां चल रहा है। ऐसी यूनिवर्सिटी...वो कहते हैं जिसमें विदेशी छात्र पढ़ने आएंगे। साथियों, झूठ बोलने की इनकी पुरानी आदत है। जब केंद्र में कांग्रेस और RJD की सरकार दस साल तक थी, ये लोग तब भी यही कहते थे कि नालंदा में विश्वविद्यालय बनाएंगे। केंद्र में 10 साल तक इन लोगों की सरकार रही लेकिन इन्होंने कोई काम आगे नहीं बढ़ाया। ये लोग यूनिवर्सिटी के नाम पर सिर्फ 20 करोड़ रुपए देकर भूल गए। अरे, 20 करोड़ रुपये में तो गांव में स्कूल नहीं बन पाती है। साथियों, साल 2014 में जब आपने मुझे सेवा करने का अवसर दिया, हमारी सरकार आई तो हमने नालंदा की गौरव स्थापना का अभियान शुरू किया। पूरे मन से, पूरे परिश्रम से हमने 10 साल में यूनिवर्सिटी को 2 हजार करोड़ से ज्यादा का बजट दिया। हमने शानदार कैंपस बनाया और आज मैं गर्व से कहना चाहता हूं, आज नालंदा यूनिवर्सिटी में 21 से ज्यादा देशों के विद्यार्थी वहां पढ़ रहे हैं। जिन लोगों ने बिहार में स्कूल-कॉलेज-यूनिवर्सिटी के कैंपसों में ताले लगा दिए थे, जिनके राज में ग्रेजुएशन करने में ही पांच-सात साल लग जाते थे, कुछ-कुछ लोगों को तो 10-10 साल लग जाते थे। वो आज बिहार के लोगों को शिक्षा पर ज्ञान दे रहे हैं। जिस सहरसा में आदि शंकराचार्य जी और मंडन मिश्र जी का महान शास्त्रार्थ हुआ था वहां से मैं युवाओं को विश्वास दिलाता हूं कि बिहार में शिक्षा का वही गौरव फिर लौटगा।

साथियों,

कांग्रेस हो या आरजेडी इनको सिर्फ घुसपैठियों से लगाव है। ये लोग घुसपैठियों को बचाने के लिए राजनीतिक यात्राएं करते हैं। ये लोग दुनियाभर में घूमने फिरने जाते हैं। अब मुझे बताइए भैया, क्या बिहार का भविष्य आप तय करेंगे या घुसपैठिया तय करेगा। आप करेंगे कि नहीं करेंगे? क्या घुसपैठियों को करने देंगे क्या? घुसपैठिया आपकी जिंदगी को बनाएगा क्या? ये घुसपैठिये आपकी संपत्ति पर कब्जा कर रहे हैं। आपके संसाधनों पर अपना हक जमा रहे हैं। कहीं मजदूरी का काम हो, 200 रुपया मजदूरी हो, लेकिन ये घुसपैठिये 100 रुपये में काम करने के लिए तैयार हो जाते हैं। तो फिर यहां के नौजवान को काम कौन देगा भाई। और इसीलिए बिहार को बचाना है घुसपैठियों से। घुसपैठियों को निकलाना चाहिए कि नहीं निकालना चाहिए? जरा पूरी ताकत से बताइए घुसपैठिए जाने चाहिए कि नहीं जाने चाहिए? घुसपैठियों को हटाना चाहिए कि नहीं हटाना चाहिए? ये घुसपैठियों को हटाने के लिए हम काम कर रहे हैं।

साथियों,

ये आरजेडी कांग्रेस वाले दुनिया भर में जाते हैं। पता नहीं कहां-कहां जाते हैं। हम तो सोशल मीडिया में पढ़ते हैं तो शर्म आ जाती है। लेकिन इन्हें राम मंदिर की यात्रा का समय नहीं मिलता। अरे मैं इनको कहना चाहता हूं, अरे आपको भगवान राम जी से अगर कोई झगड़ा है, अरे आप वहां जाइए वहां तो निषाद राज का भी मंदिर बना है। वहीं अयोध्या में वाल्मीकि जी का भी मंदिर बना है। वहां अयोध्या में शबरी माता का भी मंदिर बना है। अरे राम जी से आपको तकलीफ हो, अरे कम से कम निषाद राज के चरणों में तो सर झुका के आ जाओ। उसमें तुम्हें क्या शर्म आ रही है? वाल्मीकि जी के माथा टेक करके आ जाओ। अरे शबरी माता के चरणों में जाकर के आ जाओ। नहीं जाएंगे। ये दुनिया भर में जाएंगे।

साथियों,

कांग्रेस का शाही परिवार, आरजेडी का शाही परिवार दुनियाभर के त्यौहार मनाते हैं। और विदेशी त्यौहार मनाने में उनको मजा आता है। लेकिन बात जब छठ महापर्व की आती है तो ये लोग क्या कहते हैं? छठ महापर्व हमारे लिए कितना बड़ा गर्व का अभिमान का अवसर है। यह कहते हैं यह छठ वाले तो यह सब ड्रामा कर रहे ड्रामा। क्या कह रहे हो तुम? साथियों, कांग्रेस ने छठ महापर्व को जिस प्रकार ड्रामा बताया उसके पीछे भी एक बहुत गहरा राज है। दरअसल कांग्रेस नहीं चाहती थी कि RJD का नेता, मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बने। पिछले कई महीनों से वो ऐसा माहौल बना रहे थे। लेकिन RJD ने कांग्रेस की कनपटी पर कट्टा रखकर मुख्यमंत्री की उम्मीदवारी का प्रचार का हथियार भी चोरी कर लिया। इससे कांग्रेस के लोग बहुत गुस्से में हैं। कांग्रेस की लुटिया तो बिहार में सालों पहले ही डूब चुकी थी, उनके पास खोने के लिए कुछ नहीं है। अब कांग्रेस के नेताओं ने, आरजेडी की लुटिया डुबोने की सुपारी ले ली है। और इनका एक नेता तो बड़े बुद्धिमान होने के नाते दावा करते हुए बयान दे रहा है। वो कहता है अब कांग्रेस को खुद के पैरों पर आगे बढ़ना चाहिए। बाकियों की मदद करना बंद कर देना चाहिए। पब्लिकली कहता है, बाकियों की मदद करने में टाइम खराब मत करो। कहता है खुद आगे बढ़ो। इसका मतलब पक्का है। कांग्रेस वाले इस बार आरजेडी की सफाई करने में लगे हैं। साफ करके रहेंगे देख लेना आप।

साथियों,

अपने स्वार्थ के लिए बिहार की, भारत की विरासत का अपमान करने वाले हमारे तीर्थों का विकास नहीं कर सकते। NDA सरकार बिहार को धरोहर आधारित पर्यटन का बहुत बड़ा केंद्र बना रही है। वो दिन दूर नहीं जब पुनौरा धाम में माता जानकी का भव्य मंदिर बनकर तैयार होगा। यहां सहरसा में भी आस्था के हमारे अनेक स्थल हैं। यहां संत कारू खिरहरि जी ने अपनी शिवभक्ति और गाय के प्रति समर्पण के कारण दिव्यता प्राप्त की थी। ये मानवीय मूल्य देश के कोने-कोने तक पहुंचें, इसके लिए NDA सरकार हर प्रयास कर रही है।

साथियों,

अब मतदान की तारीख आ ही गई है। मैं दूसरे राज्यों से यहां अपने गांव में दीवाली और छठ-पर्व मनाने जो साथी आए हैं उनको मैं खास कहना चाहता हूं। आप आए ही हैं और अगर आपका वोट यहां पर है तो वोट दिए बिना वापस मत जाना। यहां वोट देकर के ही जाना और हो सके तो सरकार के शपथ समारोह में आकर के ही जाना। आपका वोट विकसित बिहार बनाएगा। याद रखिए, पहले मतदान फिर जलपान। पहले मतदान...। फिर एक बार फिर आज इतनी बड़ी संख्या में यहां आने के लिए हमारे इन सभी उम्मीदवारों को आशीर्वाद देने के लिए... मैं जरा हमारे इस चुनाव के उम्मीदवारों को कहूंगा आगे आ जाइए आप लोग, आगे वहां खड़े हो जाइए, हां वहां खड़े हो जाइए सब लोग। जो भी चुनाव लड़ रहे हैं उनसे मेरा आग्रह है जरा आगे आ जाइए थोड़ी जगह कर लीजिए। मैं वहां आकर के आप सबको मिलने वाला हूं। थोड़ी आगे जगह कर दीजिए। मैं आ रहा हूं आपके पास। हां। सब खड़े हो जाइए। यहां आप सबके आशीर्वाद मेरे इन सभी साथियों के ऊपर रहे। ताकि बिहार को नई ऊंचाई पर ले जाने का मेरा जो सपना है वो मैं पूरा कर सकूं।

मेरे साथ बोलिए, भारत माता की जय। भारत माता की जय। भारत माता की।

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Today, the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust: PM Modi at G7 Summit in Evian, France
June 16, 2026

राष्ट्रपति मैक्रों,
Your Excellencies,

नमस्कार!

G-7 समिट में हमारे गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं राष्ट्रपति मैक्रों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।

Friends,

आज का विश्व पहले से कहीं अधिक inter-connected और inter-dependent है। किसी भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि केवल उसकी सीमाओं के भीतर तय नहीं होती। Mobility, data, capital, technology, ये सभी हमें आपस में जोड़ते हैं।

ऐसे समय में Partnerships का महत्व स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। लेकिन साझेदारियाँ तभी सफल होती हैं जब उनके केंद्र में विश्वास हो। आज सबसे महत्वपूर्ण Strategic Asset कोई mineral, technology या market नहीं, बल्कि आपसी विश्वास है।

विश्वास कि टेक्नॉलजी और supply chains को हथियार के रूप में नहीं, global good के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। विश्वास कि विकास के अवसर कुछ देशों तक सीमित नहीं रहेंगे। विश्वास कि वैश्विक संस्थान सभी देशों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होंगे।

Friends,

पिछली सदी में मानवता को दो विश्व युद्धों से गुज़रना पड़ा। अनेक बलिदानों के बाद विश्व समुदाय ने शांति, स्थिरता और समृद्धि की ओर बढ़ने के लिए व्यवस्थाएं विकसित की। इन व्यवस्थाओं का आधार भी trust ही था।

किन्तु अनेक दशकों से, अनेक पीढ़ियों के योगदान से बनाए गए विश्वास को आज चोट पहुँच रही है। कोविड ने हमें आईना दिखाया कि trust और solidarity के दावे कितने खोखले थे।

Today the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust. And the future of our partnerships depends on building this trust.

अमेरिका के राष्ट्रपति रोनल्ड रेगन ने कहा था: Trust but Verify. यह आज के समय में भी प्रासंगिक है। भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम नए युग के अनुरूप trusted rules based order का निर्माण करें।

Friends,

भारत ने सदैव विश्व को एक परिवार के रूप में देखा है। हमारे सभी प्रयास “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” यानि, welfare and happiness for all के मूल सिद्धांत पर आधारित रहे हैं।

भारत का अनुभव दिखाता है कि विकास सबसे अधिक प्रभावी तब होता है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यही सिद्धांत हमारी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का भी आधार है। इसी सोच के साथ भारत ने International Solar Alliance, Coalition for Disaster Resilient Infrastructure, ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस, Mission LiFE, और “एक पेड़ माँ के नाम” जैसी वैश्विक पहलों को आगे बढ़ाया है।

संकट के समय भारत ने First Responder के रूप में सभी देशों की सहायता करना अपना दायित्व समझा है। कोविड महामारी के दौरान भारत ने डेढ़ सौ से अधिक देशों को दवाइयाँ और vaccines उपलब्ध कराईं।

श्रीलंका में cyclone हो, अफगानिस्तान में भूकंप हो, मोज़ाम्बिक में floods हों, या क्यूबा और जमैका में hurricane, भारत ने सदैव "Humanity First" के सिद्धांत पर कार्य किया है। हमारी विकास साझेदारियाँ भी इसी भावना को प्रतिबिंबित करती हैं। हमारे प्रयास पार्टनर देशों में capacity building और कौशल विकास पर केन्द्रित रहे हैं।

भारत का मानना है: The true test of partnership is not what we build for others, but what we enable others to build for themselves.

Friends,

आज ग्लोबल साउथ की विश्व समुदाय से बहुत उम्मीदें हैं। किन्तु उनकी अपेक्षा सहारे की नहीं, साथ की है। वे वैश्विक विकास के लाभार्थी नहीं, उसके भागीदार बनना चाहते हैं।

हमें donor–recipient की सोच से आगे बढ़कर, equal पार्टनर्स के रूप में काम करना होगा। उनके पास-पास नहीं, साथ-साथ चलना होगा। साझेदारी को dependency के बजाय, dignity से जोड़ना होगा। इन प्रयासों से हम भावी पीढ़ियों के सतत विकास की मजबूत नींव रख सकेंगे।

Friends,

अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ और वैश्विक एकजुटता तभी सार्थक बन सकती हैं, जब हम साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान करें। भारत का दृढ विश्वास है कि विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे तनावों और युद्धों का स्थायी समाधान dialogue, diplomacy और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मार्ग से ही संभव है।

हम west asia में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष से west asia में हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है। होर्मुज़ स्ट्रेट में maritime ट्रेड में आई बाधा के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा। भारत के कई civilians को जान गंवानी पड़ी। Global maritime ट्रेड के माध्यम से सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारा दायित्व है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें, और Seafarers बिना भय के अपना कार्य कर सकें।

Friends,

भारत इन विषयों पर सभी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

बहुत-बहुत धन्यवाद।