While the Centre ensured 33% reservation for women, TMC blocked its implementation in West Bengal: PM Modi in Bishnupur

मैं अपनी बात शुरू करूं उसके पहले यहां बहुत सारे साथी, क्योंकि ये तो बंगाल यानि कला की भूमि है, कलाकारों की भूमि है और बहुत सारे लोग अनेक प्रकार के चित्र बनाकर लाएं हैं। फोटो लेकर के आए हैं, जो खड़े होकर के बाद में डिस्टर्बेंस करते हैं तो मैं चाहता हूं कि पहले उसको कलेक्ट कर लूं। अगर आप जो चित्र लाए हैं उसपर अगर पीछे आपका नाम होगा तो मेरी तरफ से आपको मैं धन्यवाद का पत्र भेजूंगा। और मैं मेरे एसपीजी के साथियों से कहता हूं कि वे सारी चीजें कलेक्ट कर लें। जिनकों भी देना है वो कलेक्ट कर लीजिए ताकि आरम से मैं अपनी सभा शुरू कर सकूं। ये आपके प्यार के लिए मैं आपका बहुत आभारी हूं। एक दूसरा काम करेंगे इस चुनाव में जो उम्मीदवार हैं वो जरा आगे आ जाएं.. जो इस चुनाव में कैंडिडेट है जो कैंडिडेट है वो आगे आ जाएं। एक कतार में जरा खड़े हो जाएं। मैं मेरा भाषण शुरू करने से पहले मेरे इन सभी साथियों को मिलकर के आपके पास आता हूं। ये चित्र वालों का काम पूरा हो गया तो मैं भाषण शुरू करूं। देखिए आपकी इजाजत के बाद मैं करता हूं काम।



जॉय माँ दुर्गा… जॉय मॉदोन मोहन... जॉय श्याम राय… जॉय एक्तेशोर मोहादेब…हर-हर मोहादेब... आपनादेर शबाई के शुभो नबो-बोर्षो जानाई... बांग्ला नव-वर्ष शुरू होने के बाद, मेरी ये पहली जनसभा है...आज अक्षय तृतीया का शुभ दिन भी है। मेरी कामना है, समस्त देशवासियों पर मां लक्ष्मी की कृपा बरसती रहे।

साथियों,

ऐसे पावन अवसर पर ये सभा, मंदिरों के इस शहर में होना...अपने आप में सौभाग्य की बात है। आप यहां दूर-सुदूर से आए हैं। बहुत लंबा सफर करके आए हैं। और मैं देख रहा हूं...कि बंगाल में जहां भी जाता हूं...हर जनसभा पहले से बड़ी होती जा रही है। सारे पुराने रिकॉर्ड टूट रहे हैं। मुझे बताया गया है कि दो-दो, तीन-तीन घंटे से लोग बैठे हैं। यह सुबह का समय है और मैं देख रहा हूं कि धूप में कितने लोग खड़े हैं। उधर हेलीपैड पर... मैं कल्पना नहीं कर सकता हूं... ये माहौल, ये प्यार, ये उत्साह, ये उमंग ये निर्मम सरकार के प्रति गुस्से का भी प्रतीक है। इसका मतलब है...बंगाल अब मान चुका है...बंगाल अब ठान चुका है...पाल्टानो दोरकार… पाल्टानो दोरकार… पाल्टानो दोरकार… पाल्टानो दोरकार… पाल्टानो दोरकार…

साथियों,

ये मां शारदा की पवित्र धरती है। और यहां इतनी विशाल संख्या में माताएं, बहनें-बेटियां भी आई हैं। बीजेपी की पहचान ही... महिला सशक्तिकरण से है...महिला सुरक्षा से है...इसलिए देश के हर राज्य में बहनें-बेटियां बीजेपी को सबसे अधिक आशीर्वाद देती हैं। हम चाहते हैं कि विकसित भारत बनाने में बेटियों की भूमिका का विस्तार हो। राजनीति में भी ज्यादा से ज्यादा बेटियां आएं। लेकिन साथियों, आपने देखा है कि संसद में क्या हुआ है? TMC ने बंगाल की बहनों के साथ एक और धोखा दिया है। बंगाल की बहनें चाहती थीं कि उनको तैंतीस परसेंट आरक्षण मिले...मोदी ने ये सुनिश्चित किया। बंगाल कि बहनें चाहती थीं कि ये 2029 से ही लागू हो.. मोदी ने इसके लिए भी प्रयास किया। लेकिन TMC नहीं चाहती थी...कि बंगाल की बेटियां ज्यादा संख्या में MLA बनें, ज्यादा संख्या में MP बनें। क्योंकि बंगाल की बेटियां इनके महा-जंगलराज को चुनौती दे रही हैं। इसलिए, TMC ने कांग्रेस के साथ मिलकर साजिश रची। और इन्होंने महिलाओं के लिए तैंतीस परसेंट सीटें सुरक्षित रखने का कानून नहीं बनने दिया।

साथियों,

ये वही टीएमसी है... जो घुसपैठियों को लाभ देने के लिए हर कानून- नियम तोड़ देती है। ये वही टीएमसी है...जो धर्म के आधार पर आरक्षण देने में जुटी है। संविधान का गला घोटने में लगी है। मैं माताओं-बहनों से पूछना चाहता हूं क्या टीएमसी को सजा मिलनी चाहिए कि नहीं मिलनी चाहिए... बहनों के अधिकारो को लूटने वाली टीएमसी को जाना चाहिए कि नहीं जाना चाहिए… टीएमसी को पक्की सजा होगी… पक्की सजा होगी… यहां जो हमारा कुड़मी समाज है...उसकी बात तक टीएमसी नहीं सुनती। घुसपैठियों की सुनती है कुड़मी समाज की नहीं सुनती है। लेकिन अपने वोटबैंक को संविधान के विरुद्ध आरक्षण देना चाहती है। कोलकाता हाईकोर्ट बार-बार कह रहा है कि ये नहीं चलेगा। लेकिन महा-जंगलराज ऐसा है...कि ये कोर्ट की भी नहीं सुनते। महिलाओं के आरक्षण के लिए तो देश की संसद ने कानून बनाया है। अब समय आ गया है… देर नहीं होनी चाहिए। उसको बस लागू करना है...लेकिन TMC को पसंद नहीं आ रहा है। मैं बंगाल की हर बहन-बेटी से कहूंगा...अब TMC को सज़ा देनी है...अब TMC को बड़ी सज़ा देनी है…महाजंगलराज को महा सजा मिलनी चाहिए।

साथियों,

आदिवासी बहनों-बेटियों से तो TMC बहुत नफरत करती है। बीजेपी ने, देश को पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति दी। क्योंकि हम आदिवासी समाज को सशक्त करना चाहते हैं। लेकिन TMC ने आदिवासी बेटी के सामने अपना कैंडिडेट उतार दिया था। जैसे नेहरू जी ने बाबा साहेब अम्बेडकर को पराजित करने के लिए उम्मीदवार उतारे थे, वैसे ही कांग्रेस टीएमसी ने आदिवासी राष्ट्रपति को पराजित करने के लिए बहुत बड़ा खेल खेला था। यानि ये नहीं चाहते थे कि आदिवासी बेटी देश की राष्ट्रपति बने।

साथियों,

आज पूरी दुनिया राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू जी का सम्मान करती है। लेकिन आदिवासी विरोधी TMC उनका पमान करती है। यहां बंगाल में जब राष्ट्रपति जी आईं...तो TMC ने कैसे उनका अपमान किया...ये पूरे देश ने देखा है। बंगाल की बहनें, आदिवासी समाज के इस अपमान को एक राष्ट्रपति के अपमान को कभी नहीं भूलेगा। आप मुझे बताइए राष्ट्रपति का अपमान हमें मंजूर है क्या… आप मुझे बताइए राष्ट्रपति का अपमान हमें मंजूर है क्या… राष्ट्रपति का अपमान करने वालों को सजा मिलनी चाहिए कि नहीं मिलनी चाहिए… राष्ट्रपति का अपमान महिलाओं का अपमान है कि नहीं है… राष्ट्रपति का अपमान आदिवासियों का अपमान है कि नहीं है… राष्ट्रपति का अपमान संविधान का अपमान है कि नहीं है…

साथियों,

बहनों की सुरक्षा, आप माताओं-बहनों का सम्मान और आप माताओ-बहनों की समृद्धि, बीजेपी की प्राथमिकता है। अभी TMC सरकार के भ्रष्टाचार की वजह से बंगाल की महिलाओं को वो लाभ नहीं मिलता, जो बीजेपी सरकार में मिला करता है। जो बगल में असम में मिलता है। जो बगल में त्रिपुरा में मिलता है। जो बगल में ओडिशा में मिलता है। जो बगल में बिहार में मिलता है। वहां की महिलाओं को जो मिलता है वो आपको ये टीएमसी की निर्मम सरकार नहीं देने देती। बंगाल में बीजेपी सरकार बनेगी तो गरीब बहनों को मुफ्त राशन मिलेगा...कोई आपका राशन छीन नहीं पाएगा। बंगाल की बीजेपी सरकार महिलाओं को पक्का घर बनाने के लिए पीएम आवास योजना के तहत डेढ़ लाख रुपए तक की मदद देगी। कितना… कितना… कितना…अभी TMC की निर्मम सरकार ने यहां आयुष्मान योजना रोक रखी है। बंगाल में बीजेपी की सरकार यहां महिलाओं को 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा देगी। कितने रुपये की ..कितने रुपये की ..कितने रुपये की ..5 लाख रुपये। अगर किसी महिला के घर में किसी को किडनी से जुड़ी बीमारी हुई, तो उसे सरकारी अस्पतालों में मुफ्त डायलिसिस की सुविधा भी मिलेगी। एक रुपया खर्च नहीं होगा।

साथियों,

यहां बंगाल में अभी मातृशक्ति भोरशा कार्ड की बहुत चर्चा है। इससे बंगाल की हर बहन बहुत खुश है। इससे बंगाल की बहनों को हर साल हर साल छत्तीस हज़ार रुपए, छत्तीस हजार टाका मिलेंगे। लेकिन इससे भी कहीं ज्यादा हमारी बहनों को सरकार से मदद मिलेगी। यहां बीजेपी की सरकार बनने पर गर्भवती महिलाओं को 21 हज़ार रुपए की मदद दी जाएगी। संतान होने पर 5 हज़ार रुपए की मदद केंद्र सरकार द्वारा भी बहनों को दी जाएगी। बेटियों को एजुकेशन के लिए 50 हज़ार रुपए की मदद मिलेगी। बंगाल की 75 लाख बहनों की कमाई एक लाख रुपए से अधिक हो, इसके लिए उन्हें लखपति दीदी अभियान से जोड़ा जाएगा। मुद्रा योजना के तहत बहनों को स्वरोजगार के लिए 20 लाख रुपए तक की मदद दी जाएगी। और खेती से जुड़ी बहनों के घर हर साल 9 हज़ार रुपए अलग से आएंगे। बंगाल की मेरी माताओं-बहनों... बंगाल में बीजेपी सरकार आपकी आमदनी भी बढ़ाएगी, आपकी आय भी बढ़ाएगी.. इतना ही नहीं आपकी बचत भी बढ़ाएगी। आपका बिजली बिल ज़ीरो हो…बिजली बिल-कितना….कितना…. इसके लिए हर लाभार्थी परिवार को पीएम सूर्यघर योजना के तहत करीब अस्सी हज़ार रुपए बीजेपी सरकार देगी। अस्सी हजार रुपए। बीजेपी सरकार यहां की बहनों को सस्ते LED बल्ब भी देगी।

साथियों,

हम यहां, बांकुड़ा की बहनों को हम पाइप से सस्ती गैस भी देने वाले हैं। इससे जुड़े प्रोजेक्ट का शिलान्यास करने का अवसर मुझे ही मिला था। यहां जब हमारी सरकार बनेगी तो इस प्रोजेक्ट पर और तेजी से काम किया जाएगा।

साथियों,

यहां पीने के पानी की बहुत समस्या है। टीएमसी का सिंडिकेट आपके नल को, आपके जल को भी लूट रहा है। बिहार में भाजपा-एनडीए सरकार है...वहां करीब-करीब हर घर तक नल से जल पहुंच चुका है। आप यहां भी, बीजेपी का सीएम बनाइए। फिर बीजेपी का पीएम और बीजेपी का सीएम मिलकर, बंगाल के आपके घर तक नल से जल पहुंचाएंगा। यानि बीजेपी की डबल इंजन सरकार बंगाल की बहनों को डबल बेनिफिट देने वाली है।

साथियों,
बंगाल के ये चुनाव नया इतिहास बनाने जा रहे हैं। TMC का भय-काल जाने वाला है...बीजेपी के भरोसे का सेवाकाल आने वाला है। और साथियों, 4 मई को क्या नतीजे आने वाले हैं...इसकी झलक TMC के बड़े नेताओं की भाषा में दिख रही है। कोलकाता में जो इनके बड़े नेता हैं...उनकी धमकियां, उनकी गुंडागर्दी की भाषा, उनका रोना-धोना...ये 4 मई से पहले का एग्जिट पोल है। TMC नेताओं की ये धमकियां खोखली हैं...इन धमकियों के पीछे TMC वालों का डर है... ये डर है… जो अब तक बंगाल के लोगों को डराते थे...वो अब बंगाल टाइगर की दहाड़ से खुद डर गए हैं। ये बंगाल टाइगर की दहाड़ है और बंगाल टाइगर कौन है बंगाल टाइगर ये बंगाल की जनता है। आप बंगाल के टाइगर हैं। अब बंगाल की जनता दहाड़ रही है- अब नहीं सहेंगे....हटाकर रहेंगे निर्मम सरकार...आर नोय ! एखोन बदोल चाई… एखोन…एखोन...एखोन... बदोल चाई

साथियों,

मैं, टीएमसी के सभी गुंडों, सभी सिंडिकेट, सभी भ्रष्टाचारियों को एक आखिरी मौका देता हूं। 29 अप्रैल से पहले… अपने-अपने थाने में आत्मसमर्पण कर लो। 23 तारीख के पहले कर लो क्योंकि 4 मई के बाद कोई भी बच नहीं पाएगा। यहां बिष्णुपुर का माफिया...बालू, पत्थर, कोयले के अवैध खनन से जुड़ा TMC का सिंडिकेट...कान खोलकर सुन लो… कान खोलकर सुन लो... एई शब चोलबे ना’! एई शब... एई शब... एई शब...

साथियों,

टीएमसी की निर्मम सरकार को गरीब परिवारों के दुख-तकलीफ से कोई मतलब नहीं है। ये आपके हक को, आपकी सुविधा को रोक सकते हैं। मेरे पास इसके बहुत मजबूत सबूत हैं। आप मेरी बात ध्यान से सुनिएगा...साथियों, बांकुड़ा... कला, सुर और संगीत की धरती है। इस धरती ने...जोधा भट्ठा जी, रामानंद चट्टोपाध्याय जी और यामिनी राय जी जैसी संताने देश को दी हैं। बांकुड़ा के कण-कण, रज-रज में...शिल्प है, शिल्पियों का कमाल है। यहां कदम-कदम पर टेराकोटा की समृद्ध कला और शिल्प के दर्शन होते हैं। मंदिर हों, मूर्तिया हों, टेराकोटा की समृद्ध परंपरा यहां की पहचान है।

साथियों,

ऐसे ही काम से जुड़े कारीगरों, मूर्तिकारों के लिए मोदी ने पीएम-विश्वकर्मा योजना बनाई। हाथ से काम करने वाले भाई-बहनों के लिए विश्वकर्मा समाज के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना बनाई इसके तहत केंद्र सरकार आधुनिक ट्रेनिंग और हज़ारों रुपए की मदद दे रही है।
आपके पड़ोस में ओडिशा है...वहां लगभग साढ़े सात लाख गरीब विश्वकर्मा साथियों ने इस स्कीम में अप्लाई किया है। ओडिशा में बीजेपी सरकार है इसलिए वहां तेजी से काम हो रहा है। करीब पिचासी हज़ार साथी ट्रेनिंग पूरी कर चुके हैं... और उन्हें डेढ़ सौ करोड़ रुपए से अधिक की मदद भी बैंकों से मिल चुकी है।

साथियों,

बंगाल के भी करीब आठ लाख लोगों ने अप्लाई किया है। वे भी विश्वकर्मा योजना का लाभ उठाना चाहते हैं। लेकिन तृणमूल की निर्मम सरकार ये नहीं चाहती। यहां सिर्फ एक ही रजिस्ट्रेशन हुआ है.. एक बोलो...। 8 लाख एप्लीकेशन, और सिर्फ एक रजिस्ट्रेशन। ये TMC का असली चेहरा है। ये निर्मम सरकार आपके लिए निर्ममता का व्यवहार करती है। ये यहां की टेराकोटा धरोहर का अपमान है...ये रामकिंकर बैज जी की विरासत का अपमान है। बीजेपी सरकार आते ही...पीएम विश्वकर्मा स्कीम का पूरा लाभ आपको देगी। ये मोदी की गारंटी है। साथियों और यहां तो.बालूचरी साड़ी भी हमारी धरोहर है। इससे जुड़े साथियों को, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट जैसे अभियान का लाभ मिलेगा।

साथियों,

तृणमूल, आदिवासी क्षेत्रों के लिए बनी योजनाओं को भी ठीक से लागू नहीं करती। हमने भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर... धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान शुरु किया है। इसके लिए 80 हज़ार करोड़ रुपए रखे गए हैं। लेकिन TMC का सिंडिकेट काम ही नहीं होने देता।

साथियों,

बंगाल में, बिरहोर, लोढा और टोटो जैसी अति-पिछड़ी जनजातियां रहती हैं। इनके विकास के लिए पीएम जनमन योजना देश में चल रही है। ओडिशा में इसके तहत आदिवासी समाज के लिए 30 हजार घर बनाए जा चुके हैं। त्रिपुरा में 16 हज़ार से अधिक घर बने हैं। लेकिन बंगाल में एक भी घर नहीं बना है। कारण वही है...क्योंकि यहां आदिवासी विरोधी, आदिवासियों का दुश्मन निर्मम सरकार है तृणमूल की सत्ता है।

साथियों,

मैं यहां के नौजवानों और किसानों की पीड़ा समझता हूं आलू किसानों के साथ जो निर्ममता हो रही है वो बहुत बड़ा अन्याय है। मेरा आपसे एक ही आग्ह है मंडियों में जब तक टीएमसी का सिंडिकेट रहेगा किसानों का शोषण होता रहेगा। जब तक सिंडिकेट की लूट जारी रहेगी तब तक यहां शिल्प का उद्यम का विकास नहीं होगा। आप कमल का फूल खिलाइए और बीजेपी इस सिंडिकेट की परमानेंट परमानेंट सर्जरी करेगी। बंगाल में भी रोजगार मेले चलाए जाएंगे। बंगाल के युवाओं को बीजेपी भाता भी देगी...और समय पर सरकारी भर्तियां भी निकाली जाएंगी। और रोजगार मेलों में सामूहिक अप्वाइंटमेंट लैटर भी दिए जाएंगे। ये भी मोदी की गारंटी है।

साथियों,

अब पहले चरण के मतदान के लिए कुछ ही घंटे शेष है। मेरा आप सभी से आग्रह है...हमारे सभी साथियों को भारी बहुमत से विजयी बनाएं..इस बार बीजेपी का सीएम शपथ ले, ये बंगाल की जनता का संकल्प है। पीएम-सीएम, एक शाथे… उन्नोयोन होबे दिने-राते!

इसी आग्रह के साथ, आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की...

वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे..

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PM chairs valedictory session of National Departmental Summit on Water
September 02, 2026
This marks the first in a series of Summits envisioned by PM to strengthen spirit of Team India and deepen cooperative federalism
PM stresses adoption of a continuous process of review and follow up to act on actionable and time-bound outcomes
Emphasising Jan Bhagidari, PM calls for promoting Jal Utsav to deepen public awareness on water conservation
PM calls for greater adoption of water-saving technologies and learning from global best practices
PM calls for robust water data governance through effective use of AI
PM suggests structured inter-State Study-visits involving public representatives, officials and farmers on water related issues

Prime Minister Shri Narendra Modi today chaired the valedictory session of the two-day National Departmental Summit on Water, organised by the Ministry of Jal Shakti. The Summit is the first in a series of Departmental Summits envisioned by Prime Minister to strengthen the spirit of Team India, deepen cooperative federalism and foster collective ownership of national priorities through closer collaboration between the Centre and the States. It brought together Ministers and senior officials from States and Union Territories for focused deliberations on various dimensions of India’s water security.

Prime Minister appreciated the intensive two-day deliberations and emphasised that the actionable and time-bound action points emerging from the Summit should be pursued through a continuous process of review and learning. He suggested that the Summit should not remain a one-time exercise and called for a continuous process of review and follow-up.

Prime Minister called for sensitising Urban Local Bodies to the challenges arising from urbanisation, including population growth and future water requirements, and suggested organising similar Chintan Shivirs for Urban Local Bodies. He called for greater adoption of water-saving technologies. He also suggested dedicated exhibitions and workshops, including exposure to global best practices, to enable Indian manufacturers and stakeholders to develop and scale efficient solutions.

Emphasising Jan Bhagidari, Prime Minister suggested promoting “Jal Utsav” to create greater awareness among people. Prime Minister called for making de-silting a regular programme and developing clear criteria and SOPs for de-silting. On dam safety, he stressed rigorous preparedness before every monsoon, adherence to prescribed precautions and creating awareness among school students, including through suitable incorporation in educational curricula.

Prime Minister further called for strengthening knowledge and capacity on water management and governance in universities and higher educational institutions. He suggested structured inter-State study-visits involving public representatives, officials and farmers to facilitate practical learning and replication of successful interventions.

Prime Minister called for robust water data governance, with water-sector data brought together, systematically managed, analysed and effectively utilised. He recommended the use of AI for data collection and analysis through a uniform format. He also stressed anticipatory and integrated planning to address water scarcity through suitable utilisation of treated water for agriculture and industrial purposes.

Drawing upon his experience as Chief Minister of Gujarat, Prime Minister noted that instances of water scarcity could be transformed into opportunities through systematic planning, commitment and deployment of adequate resources and capable officers.

Union Minister for Jal Shakti Shri C. R. Patil highlighted four key outcomes of the summit: accelerated completion of water infrastructure projects; strengthening water conservation as a sustained people’s movement; ensuring long-term sustainability of drinking-water sources; and institutionalising effective operation and maintenance of rural drinking-water schemes.