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उपस्थित सभी महानुभावों

मैं जब न्‍यूयॉर्क गया था, उस समय GE के लोग मुझे मिले थे, उन्‍होंने आग्रह किया था कि पुणे में हमारी यूनिट का Expansion हुआ है। आप आइए, आज वैसे भी मुझे महाराष्‍ट्र आना था तो मैंने कहा कि ठीक है मैं आता हूं और देखना चाहता हूं। मैंने आज State of art facility Manufacturing sector में कैसी हो सकती है, आधुनिक Industrial infrastructure कैसा हो सकता है, आधुनिक Technology का कैसा दौर हो सकता है, उसे आज मैंने प्रत्‍यक्ष रूप से देखा है। मैं GE को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। उन्‍होंने अमेरिका के बाद भारत में यह सबसे बड़ा Project प्रारंभ किया है और आज उन्‍होंने और अधिक आगे बढ़ने की घोषणा भी की है। Make in India के हमारे Mission में आज यह घोषणा अवश्‍य ही एक नई ताकत के रूप में उभरेगी।

मैं आपको बहुत-बहुत बधाई देता हूं और मैं आपको विश्‍वास दिलाता हूं कि विकास के क्षेत्र में भारत के नौजवानों को रोजगार देने के क्षेत्र में, औद्योगिक विकास के क्षेत्र में मेरा सबको निमंत्रण है कि आइए भारत में विकास की आपार संभावना है और भारत के विकास में आपका विकास भी जुड़ा हुआ है और आज Global Economy के जमाने में Competitive World के जमाने में, मैं दुनिया के उद्योगकारों को विश्‍वास दिलाता हूं कि भारत एक ऐसी उर्वरा भूमि है। यहां एक ऐसा Talented Youth है कि आप यहां का Manufacturing competitive world के अंदर पूरी ताकत के साथ आप खड़े रह सकते हैं, आगे बढ़ सकते हैं और अधिक आगे-आगे बढ़ने की संभावनाओं का वहां पर शिलान्‍यास कर सकते हैं। इतनी संभावनाएं इस देश में पड़ी हुई हैं।

पिछले दिनों पूरे विश्‍व में भारत की तेज गति से हो रहे आर्थिक विकास की चर्चा हुई है। हम लम्‍बे अर्से से सुनते थे कि 21वीं सदी एशिया की सदी है, लेकिन बाद में सुई हिंदुस्‍तान तक पहुंचती नहीं थी। कहीं-न-कहीं इधर-उधर अटक जाती थी। लेकिन पिछले कुछ महीनों में एक के बाद एक जो निर्णय हुए हैं, जो Initiative लिए गए हैं। जिस Priority के साथ ,जिस Vision के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। आज दुनिया जो “21वीं सदी एशिया की सदी” सोच रही है, अब उनकी सुई हिंदुस्‍तान की तरफ मुड़ चुकी है। और मुझे विश्‍वास है 21वीं सदी एशिया की सदी हो। उसमें भारत की अहम भूमिका होगी, यह मैं साफ देख रहा हूं। Manufacturing Sector में हम और अधिक आगे बढ़ना चाहते हैं। अभी-अभी भारत के GDP के जो figures आए हैं, 7.4% और दुनिया के गणमान्‍य आर्थिक जगत के लोगों ने लिखा है कि आज विश्‍व में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाली कोई Economy है तो वो Economy हिंदुस्‍तान की है। इसको हमें और आगे बढ़ाना है, इसको हमें sustain करना है और उसको करने के लिए हम तीनों क्षेत्रों पर बल दे रहे हैं – Manufacturing, Agriculture and Service sector.

Manufacturing में भारत में आपार संभावनाएं पड़ी हुई है। हमारे पास Demographic Dividend है। 65% Population 35 से नीचे की Age Group की है। जिस देश के पास इतना युवाधन हो, वो देश हिंदुस्‍तान को धनवान बनाने में कभी भी पीछे नहीं रह सकता है, यह ताकत हिंदुस्‍तान के युवाधन में है और मैं यह देख रहा हूं अगर विश्‍व के धन को भारत में आकर्षित करना है तो भारत का युवाधन एक बहुत बड़ी Magnetic Power को लेकर बैठा है। हमारी युवाधन की Magnetic Power विश्‍व के धन को भारत में खींचने के लिए पूरी सार्मथ्यवान है और इसलिए विकास के केंद्र बिंदु में हमने हमारे देश के युवा को रखा है। Job creation हो, Job creation के लिए Human Resource Development हो, Resource Development में skill Development में बल दिया जाए और Skill development के लिए सरकार ने पहली बार एक अलग मंत्रालय बनाया है, जो पूरी तरह भारत की युवाशक्ति के Skill development पर बल देगा और मैं मानता हूं कि भारत का Skilled Manpower पूरे विश्‍व को आकर्षित करने की एक बहुत बड़ी ताकत रख सकती है। हमारे पास Talent है और मैं मानता हूं कि भारत के नौजवानों के पास वो Talent है जो दुनिया की Technology को आकर्षित करने की ताकत रखते हैं। दुनिया इस बात को जानकार हैरान हो गई कि एक Hollywood की फिल्‍म बनाने में जितना खर्चा लगता है, उससे कम खर्चें में हिंदुस्‍तान के युवा Talent ने Mars Orbit पर हमारा मंगलयान भेजा। Hollywood फिल्‍म से भी कम खर्चे में, दुनिया यह जानकार के हैरान हो गई और यह हमारे talent के नतीजे हैं। इस Talent के आधार पर हम विश्‍व को.... इस Talent और उनकी Technology, इन दोनों का मिलन हो जाए तो भिन्‍न-भिन्‍न Situation बनेगी और हम नए miracle को प्राप्‍त कर सकते हैं और उस दिशा में हम बल देना चाहते हैं।

कभी-कभार शासन के निर्णय जब स्‍पष्‍ट होते हैं और दुनिया में कोई भी व्‍यक्ति भरोसा कर सकता है, predicable हो तो विश्‍वास करेगा। हमारी कोशिश रही है कि हमारी व्‍यवस्‍थाओं के संबंध में, हमारे कानूनों के संबंध में, हमारी योजनाओं के संबंध में predictability होनी चाहिए। तब जाकर कोई भी भरोसा करेगा कि, हां भई हिंदुस्‍तान के पास सब है, यहाँ अब सरकार की सुविधाएं हैं, हम पहुंचेंगे। पिछले दिनों में Make In India के तहत काफी कदम उठाए गए हैं। अभी देवेंद्र जी बता रहे थे कि Business के लिए अकेले महाराष्‍ट्र ने जो initiative लिए हैं। हिंदुस्‍तान के कई राज्‍यों को वो प्रेरणा देने वाले हैं। एक समय था Maharashtra Industrial development corporation (MIDC) जो यहां की सरकार की व्‍यवस्‍था है, लेकिन bureaucracy इस प्रकार से वहां छाई हुई थी। सरकारी कानून, नियम इस प्रकार से कब्‍जा लेकर के बैठे हुए थे कि सरकारी व्‍यवस्‍था में भी किसी को उद्योग लगाना था तो 70-80 permission के लिए दो-दो, चार-चार साल तक उनको भटकना पड़ता था। देवेंद्र जी ने आकर के उस permission की प्रक्रिया को 70-80 से कम करके 30-35 पर ला दिया है और वो मुझे कह रहे थे कि मैं इसे और भी कम करने वाला हूं।

अभी President ओबामा जब आए थे, तो हिंदुस्‍तान के और अमेरिका के CEO की एक मिटिंग थी। हिंदुस्‍तान के Tourism को बढ़ावा मिले हम करना चाहते हैं, लेकिन अगर एक होटल बनाना है तो एक सौ दस से ज्‍यादा हमें permission लेनी पड़ती है। 110 से ज्‍यादा सरकारी दफ्तरों में हमें चक्‍कर काटने पड़ते हैं। एक permission लेने में अगर एक महीना लग जाए तो एक सौ दस महीने तो हमारे कागज़ ही घूमते रहते हैं। और तब हमारी Construction cost अनेक गुणा बढ़ जाती है और जब जाकर हमने जो project के लिए सोचा होता है वो viable रहता है। कम से कम इसके लिए तो कुछ सोचिए। यह सुनने के बाद मैंने संबंधित लोगों से बात की और मुझे आज खुशी है कि देवेंद्र जी मुझे आज बता रहे थे कि Hospitality industry के लिए जो 110-120 permission थी उसको कम करके हम 20 पर ले आ रहे हैं। Good Governance, यह development की गारंटी होता है, Is of doing business किसी को भी आगे बढ़ने के लिए अवसर देता है और भारत को नई ऊंचाईयों पर ले जाने के लिए हम उस पर बल देना चाहते हैं। आने वाले दिनों में औद्यागिक विकास में हम नई ऊंचाईयों को पार करे।

GE के मित्र मैं अभी उनको देख रहा था और मैंने उनसे कहा कि हमारे यहां विकास की कल्‍पना जल, थल और नभ तीनों को लेकर के होती है। हमने कहा आप थल में तो हैं नभ में भी है, लेकिन जल में नजर नहीं आ रहे हैं। भारत में Shipbuilding industry की बहुत बड़ी संभावना है। इतना समुद्री तट है। Steel manufacturing होता है। विपुल मात्रा में skilled Manpower है। अगर हम shipping के Engine बनाने की दिशा में अगर तेज गति से आगे बढ़ते हैं तो shipbuilding की भी संभावनाएं बढ़ती है और हमारे समुद्र तट के सभी राज्‍यों के नौजवानों को रोजगार की नई ताकत मिलती है और दूसरा मैंने इनसे कहा है कि आप यहां पर components बनाते हैं, parts बनाने हैं और Final Product बाहर बनता है और भारत Defense के क्षेत्र में बहुत बड़ी ताकत से आगे बढ़ना चाहता है। Defense manufacturing की बहुत संभावनाएं हैं हमारे यहां। भारत स्‍वयं में अपने आप में एक बहुत बड़ा Buyer है लेकिन same time third worlds country को हम बहुत कम दाम में Defense equipment export कर सकते हैं। यह जो संभावनाएं हैं उसको लेकर के भारत सरकार ने initiative लिया है। Defense manufacturing में 49% FdI के लिए हमने निर्णय किया है। GE के पास वो संभावनाएं हैं, वो उसमें आगे आएं और भी Defense के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को लाना चाहते हैं।

पुणे एक प्रकार से education का भी Hub बना हुआ है। वहां के engineering college में Defense Engineering के courses शुरू हो, ताकि अच्‍छा manpower तैयार हो। Defense manufacturing के लोग पुणे के पास आएं और यहां की जो Engineering capability है। इन दिनों एक प्रकार से पुणे Engineering centre of India के रूप में उभर रहा है, वहां engineering capacity है इसको हम किस प्रकार से आगे बढ़ाए और यह अगर हम आगे बढ़ाते हैं तो आने वाले दिनों में मुझे विश्‍वास है कि हम Defense के क्षेत्र में बहुत आगे बढ़ सकते हैं।

रेलवे, यहां Locomotive का काम हो रहा है लेकिन हम चाहते हैं कि भारत रेलवे में Self-Sufficient बने। हमारी रेलवे technology में हम Upgradation हो, हम रेलवे का विस्‍तार भी करें, रेलवे की speed भी बढ़ाएं और रेलवे सिर्फ यातायात का साधन नहीं, रेलवे भारत की economy का driving force बन सकती है, उस रूप में रेलवे को आगे ले जाया जा सकता है। उसके manufacturing के लिए भी बहुत सारी संभावनाएं पड़ी है। उसको भी बल देने का प्रयास हम करना चाहते हैं और मैं यह विश्‍वास से कहता हूं कि भारत आने वाले दिनों में अपनी युवाशक्ति के बल पर talented manpower के बल पर maximum resource के optimum utilization के माध्‍यम से, हम हमारी economy को एक नई ऊंचाईयों पर ले जाना चाहते हैं और मुझे विश्‍वास है चाहे infrastructure का क्षेत्र हो, चाहे manufacturing का, हम Phase-ii पर पहुंचना चाहेंगे। और global competitive पर हम आगे बढ़ पाएं उस दिशा में जाएंगे।

भारत का नौजवान विश्‍व में आर्थिक विकास की दुनिया में अपनी एक अहम भूमिका निभा सकता है और उस काम के लिए भारत बहुत तेजी से आगे बढ़ना चाहता है।

मैं फिर एक बार जी के नये साहसिक निर्णयों के लिए भी स्‍वागत करता हूं और दुनियाभर के पूंजी निवेशकों को विश्‍वास दिलाना चाहता हूं कि भारत आपार संभावनाओं से भरा हुआ है और भारत सरकार उन संभावनाओं को साकार करने के लिए, जो भी आवश्‍यक निर्णय करने की आवश्‍यकता होगी उसको करने में तेज गति से आगे बढ़ रही है, जो भारत economy को आगे लेकर जाएगी।

मैं फिर एक बार मुझे यहां बुलाने पर मैं आपको बहुत-बहुत धन्‍यवाद करता हूं और मेरी आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं।

धन्‍यवाद।

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January 28, 2023
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“You represent ‘Amrit Generation’ that will create a Viksit and Aatmnirbhar Bharat”
“When dreams turn into resolution and a life is dedicated to it, success is assured. This is the time of new opportunities for the youth of India”
“India’s time has arrived”
“Yuva Shakti is the driving force of India's development journey”
“When the country is brimming with the energy and enthusiasm of the youth, the priorities of that country will always be its young people”
“This a time of great possibilities especially for the daughters of the country in the defence forces and agencies”

केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी श्रीमान राजनाथ सिंह जी, श्री अजय भट्ट जी, सीडीएस अनिल चौहान जी, तीनों सेनाओं के प्रमुख, रक्षा सचिव, डीजी एनसीसी और आज विशाल संख्या में पधारे हुए सभी अतिथिगण और मेरे प्यारे युवा साथियों!

आजादी के 75 वर्ष के इस पड़ाव में एनसीसी भी अपनी 75वीं वर्षगांठ मना रहा है। इन वर्षों में जिन लोगों ने एनसीसी का प्रतिनिधित्व किया है, जो इसका हिस्सा रहे हैं, मैं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान की सराहना करता हूं। आज इस समय मेरे सामने जो कैडेट्स हैं, जो इस समय NCC में हैं, वो तो और भी विशेष हैं, स्पेशल हैं। आज जिस प्रकार से कार्यक्रम की रचना हुई है, सिर्फ समय नहीं बदला है, स्वरूप भी बदला है। पहले की तुलना में दर्शक भी बहुत बड़ी मात्रा में हैं। और कार्यक्रम की रचना भी विविधताओं से भरी हुई लेकिन ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के मूल मंत्र को गूंजता हुआ हिन्दुस्तान के कोने-कोने में ले जाने वाला ये समारोह हमेशा-हमेशा याद रहेगा। और इसलिए मैं एनसीसी की पूरी टीम को उनके सभी अधिकारी और व्यवस्थापक सबको हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं। आप एनसीसी कैडेट्स के रूप में भी और देश की युवा पीढ़ी के रूप में भी, एक अमृत पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं। ये अमृत पीढ़ी, आने वाले 25 वर्षों में देश को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी, भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी, विकसित बनाएगी।

साथियों,

देश के विकास में NCC की क्या भूमिका है, आप सभी कितना प्रशंसनीय काम कर रहे हैं, ये हमने थोड़ी देर पहले यहां देखा है। आप में से एक साथी ने मुझे यूनिटी फ्लेम सौंपी। आपने हर दिन 50 किलोमीटर की दौड़ लगाते हुए, 60 दिनों में कन्याकुमारी से दिल्ली की ये यात्रा पूरी की है। एकता की इस लौ से ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना सशक्त हो, इसके लिए बहुत से साथी इस दौड़ में शामिल हुए। आपने वाकई बहुत प्रशंसनीय काम किया है, प्रेरक काम किया है। यहां आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। भारत की सांस्कृतिक विविधता, आपके कौशल और कर्मठता के इस प्रदर्शन में और इसके लिए भी मैं आपको जितनी बधाई दूं, उतनी कम है।

साथियों,

आपने गणतंत्र दिवस की परेड में भी हिस्सा लिया। इस बार ये परेड इसलिए भी विशेष थी, क्योंकि पहली बार ये कर्तव्य पथ पर हुई थी। और दिल्ली का मौसम तो आजकल ज़रा ज्यादा ही ठंडा रहता है। आप में से अनेक साथियों को शायद इस मौसम की आदत भी नहीं होगी। फिर भी मैं आपको दिल्ली में कुछ जगह ज़रूर घूमने का आग्रह करुंगा, समय निकालेंगे ना। देखिए नेशनल वॉर मेमोरियल, पुलिस मेमोरियल अगर आप नहीं गए हैं, तो आपको जरूर जाना चाहिए। इसी प्रकार लाल किले में नेताजी सुभाष चंद्र बोस म्यूजियम में भी आप अवश्य जाएं। आज़ाद भारत के सभी प्रधानमंत्रियों से परिचय कराता एक आधुनिक PM-म्यूजियम भी बना है। वहां आप बीते 75 वर्षों में देश की विकास यात्रा के बारे में जान-समझ सकते हैं। आपको यहां सरदार वल्लभभाई पटेल का बढ़िया म्यूजियम देखने को मिलेगा, बाबा साहब अंबेडकर का बहुत बढ़िया म्यूजियम देखने को मिलेगा, बहुत कुछ है। हो सकता है, इन जगहों में से आपको कोई ना कोई प्रेरणा मिले, प्रोत्साहन मिले, जिससे आपका जीवन एक निर्धारत लक्ष्य को लेकर के कुछ कर गुजरने के लिए चल पड़े, आगे बढ़ता ही बढ़ता चला जाए।

मेरे युवा साथियों,

किसी भी राष्ट्र को चलाने के लिए जो ऊर्जा सबसे अहम होती है, वो ऊर्जा है युवा। अभी आप उम्र के जिस पड़ाव पर है, वहां एक जोश होता है, जुनून होता है। आपके बहुत सारे सपने होते हैं। और जब सपने संकल्प बन जाएं और संकल्प के लिए जीवन जुट जाए तो जिंदगी भी सफल हो जाती है। और भारत के युवाओं के लिए ये समय नए अवसरों का समय है। हर तरफ एक ही चर्चा है कि भारत का समय आ गया है, India’s time has arrived. आज पूरी दुनिया भारत की तरफ देख रही है। और इसके पीछे सबसे बड़ी वजह आप हैं, भारत के युवा हैं। भारत का युवा आज कितना जागरूक है, इसका एक उदाहरण मैं आज जरूर आपको बताना चाहता हूं। ये आपको पता है कि इस वर्ष भारत दुनिया की 20 सबसे ताकतवर अर्थव्यवस्थाओं के समूह, G-20 की अध्यक्षता कर रहा है। मैं तब हैरान रह गया, जब देशभर के अनेक युवाओं ने मुझे इसको लेकर के चिट्ठियां लिखीं। देश की उपलब्धियों और प्राथमिकताओं को लेकर आप जैसे युवा जिस प्रकार से रुचि ले रहे हैं, ये देखकर सचमुच में बहुत गर्व होता है।

साथियों,

जिस देश के युवा इतने उत्साह और जोश से भरे हुए हों, उस देश की प्राथमिकता सदैव युवा ही होंगे। आज का भारत भी अपने सभी युवा साथियों के लिए वो प्लेटफॉर्म देने का प्रयास कर रहा है, जो आपके सपनों को पूरा करने में मदद कर सके। आज भारत में युवाओं के लिए नए-नए सेक्टर्स खोले जा रहे हैं। भारत की डिजिटल क्रांति हो, भारत की स्टार्ट-अप क्रांति हो, इनोवेशन क्रांति हो, इन सबका सबसे बड़ा लाभ युवाओं को ही तो हो रहा है। आज भारत जिस तरह अपने डिफेंस सेक्टर में लगातार रिफॉर्म्स कर रहा है, उसका लाभ भी देश के युवाओं को हो रहा है। एक समय था, जब हम असॉल्ट राइफल और बुलेट प्रूफ जैकेट तक विदेशों से मंगवाते थे। आज सेना की ज़रूरत के सैकड़ों ऐसे सामान हैं, जो हम भारत में बना रहे हैं। आज हम अपने बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी बहुत तेज़ी से काम कर काम रहे हैं। ये सारे अभियान, भारत के युवाओं के लिए नई संभावनाएं लेकर के आए हैं, अवसर लेकर के आए हैं।

साथियों,

जब हम युवाओं पर भरोसा करते हैं, तब क्या परिणाम आता है, इसका एक उत्तम उदाहरण हमारा स्पेस सेक्टर है। देश ने स्पेस सेक्टर के द्वार युवा टैलेंट के लिए खोल दिए। और देखते ही देखते पहला प्राइवेट सैटेलाइट लॉन्च किया गया। इसी प्रकार एनीमेशन और गेमिंग सेक्टर, प्रतिभाशाली युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार लेकर आया है। आपने ड्रोन का उपयोग या तो खुद किया होगा, या फिर किसी दूसरे को करते हुए देखा होगा। अब तो ड्रोन का ये दायरा भी लगातार बढ़ रहा है। एंटरटेनमेंट हो, लॉजिस्टिक हो, खेती-बाड़ी हो, हर जगह ड्रोन टेक्नॉलॉजी आ रही है। आज देश के युवा हर प्रकार का ड्रोन भारत में तैयार करने के लिए आगे आ रहे हैं।

साथियों,

मुझे एहसास है कि आप में से अधिकतर युवा हमारी सेनाओं से, हमारे सुरक्षा बलों से, एजेंसियों से जुड़ने की आकांक्षा रखते हैं। ये निश्चित रूप से आपके लिए, विशेष रूप से हमारी बेटियों के लिए भी बहुत बड़े अवसर का समय है। बीते 8 वर्षों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों में बेटियों की संख्या में लगभग दोगुनी वृद्धि हुई है। आज आप देखिए, सेना के तीनों अंगों में अग्रिम मोर्चों पर महिलाओं की तैनाती का रास्ता खुल चुका है। आज महिलाएं भारतीय नौसेना में पहली बार अग्निवीर के रूप में, नाविक के रूप में शामिल हुई हैं। महिलाओं ने सशस्त्र बलों में लड़ाकू भूमिकाओं में भी प्रवेश करना शुरू किया है। NDA पुणे में महिला कैडेट्स के पहले बैच की ट्रेनिंग शुरु हो चुकी है। हमारी सरकार द्वारा सैनिक स्कूलों में बेटियों के एडमिशन की अनुमति भी दी गई है। आज मुझे खुशी है कि लगभग 1500 छात्राएं सैनिक स्कूलों में पढ़ाई शुरु कर चुकी हैं। यहां तक की एनसीसी में भी हम बदलाव देख रहे हैं। बीते एक दशक के दौरान एनसीसी में बेटियों की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है। मैं देख रहा था कि यहां जो परेड हुई, उसका नेतृत्व भी एक बेटी ने किया। सीमावर्ती और तटीय क्षेत्रों में एनसीसी के विस्तार के अभियान से भी बड़ी संख्या में युवा जुड़ रहे हैं। अभी तक सीमावर्ती और तटवर्ती क्षेत्रों से लगभग एक लाख कैडेट्स को नामांकित किया गया है। इतनी बड़ी युवाशक्ति जब राष्ट्र निर्माण में जुटेगी, देश के विकास में जुटेगी, तो साथियों बहुत विश्वास से कहता हूं कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रह जाएगा। मुझे विश्वास है कि एक संगठन के तौर पर भी और व्यक्तिगत रूप से भी आप सभी देश के संकल्पों की सिद्धि में अपनी भूमिका का विस्तार करेंगे। मां भारती के लिए आजादी के जंग में अनेक लोगों ने देश के लिए मरने का रास्ता चुना था। लेकिन आजाद भारत में पल-पल देश के लिए जीने का रास्ता ही देश को दुनिया में नई ऊंचाइयों पर पहुंचाता है। और इस संकल्प की पूर्ति के लिए ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के आदर्शों को लेकर के देश को तोड़ने के कई बहाने ढूंढे जाते हैं। भांति-भांति की बातें निकालकर के मां भारती की संतानों के बीच में दूध में दरार करने की कोशिशें हो रही हैं। लाख कोशिशें हो जाएं, मां के दूध में कभी दरार नहीं हो सकती। और इसके लिए एकता का मंत्र ये बहुत बड़ी औषधि है, बहुत बड़ा सामर्थ्य है। भारत के भविष्य के लिए एकता का मंत्र ये संकल्प भी है, भारत का सामर्थ्य भी है और भारत को भव्यता प्राप्त करने के लिए यही एक मार्ग है। उस मार्ग को हमें जीना है, उस मार्ग पर आने वाली रूकावटों के सामने हमें जूझना हैं। और देश के लिए जीकर के समृद्ध भारत को अपनी आंखों के सामने देखना है। इसी आंखों से भव्य भारत को देखना, इससे छोटा संकल्प हो ही नहीं सकता। इस संकल्प की पूर्ति के लिए आप सबको मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं। 75 वर्ष की यह यात्रा, आने वाले 25 वर्ष जो भारत का अमृतकाल है, जो आपका भी अमृतकाल है। जब देश 2047 में आजादी के 100 साल मनाएगा, एक डेवलप कंट्री होगा तो उस समय आप उस ऊंचाई पर बैठे होंगे। 25 साल के बाद आप किस ऊंचाई पर होंगे, कल्पना कीजिये दोस्तों। और इसलिए एक पल भी खोना नहीं है, एक भी मौका खोना नहीं है। बस मां भारती को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के संकल्प लेकर के चलते ही रहना है, बढ़ते ही रहना है, नई-नई सिद्धियों को प्राप्त करते ही जाना है, विजयश्री का संकल्प लेकर के चलना है। यही मेरी आप सबको शुभकामनाएं हैं। पूरी ताकत से मेरे साथ बोलिए- भारत माता की जय, भारत माता की जय! भारत माता की जय।

वंदे-मातरम, वंदे-मातरम।

वंदे-मातरम, वंदे-मातरम।

वंदे-मातरम, वंदे-मातरम।

वंदे-मातरम, वंदे-मातरम।

बहुत-बहुत धन्यवाद।