उपस्थित सभी महानुभावों

मैं जब न्‍यूयॉर्क गया था, उस समय GE के लोग मुझे मिले थे, उन्‍होंने आग्रह किया था कि पुणे में हमारी यूनिट का Expansion हुआ है। आप आइए, आज वैसे भी मुझे महाराष्‍ट्र आना था तो मैंने कहा कि ठीक है मैं आता हूं और देखना चाहता हूं। मैंने आज State of art facility Manufacturing sector में कैसी हो सकती है, आधुनिक Industrial infrastructure कैसा हो सकता है, आधुनिक Technology का कैसा दौर हो सकता है, उसे आज मैंने प्रत्‍यक्ष रूप से देखा है। मैं GE को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। उन्‍होंने अमेरिका के बाद भारत में यह सबसे बड़ा Project प्रारंभ किया है और आज उन्‍होंने और अधिक आगे बढ़ने की घोषणा भी की है। Make in India के हमारे Mission में आज यह घोषणा अवश्‍य ही एक नई ताकत के रूप में उभरेगी।

मैं आपको बहुत-बहुत बधाई देता हूं और मैं आपको विश्‍वास दिलाता हूं कि विकास के क्षेत्र में भारत के नौजवानों को रोजगार देने के क्षेत्र में, औद्योगिक विकास के क्षेत्र में मेरा सबको निमंत्रण है कि आइए भारत में विकास की आपार संभावना है और भारत के विकास में आपका विकास भी जुड़ा हुआ है और आज Global Economy के जमाने में Competitive World के जमाने में, मैं दुनिया के उद्योगकारों को विश्‍वास दिलाता हूं कि भारत एक ऐसी उर्वरा भूमि है। यहां एक ऐसा Talented Youth है कि आप यहां का Manufacturing competitive world के अंदर पूरी ताकत के साथ आप खड़े रह सकते हैं, आगे बढ़ सकते हैं और अधिक आगे-आगे बढ़ने की संभावनाओं का वहां पर शिलान्‍यास कर सकते हैं। इतनी संभावनाएं इस देश में पड़ी हुई हैं।

पिछले दिनों पूरे विश्‍व में भारत की तेज गति से हो रहे आर्थिक विकास की चर्चा हुई है। हम लम्‍बे अर्से से सुनते थे कि 21वीं सदी एशिया की सदी है, लेकिन बाद में सुई हिंदुस्‍तान तक पहुंचती नहीं थी। कहीं-न-कहीं इधर-उधर अटक जाती थी। लेकिन पिछले कुछ महीनों में एक के बाद एक जो निर्णय हुए हैं, जो Initiative लिए गए हैं। जिस Priority के साथ ,जिस Vision के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। आज दुनिया जो “21वीं सदी एशिया की सदी” सोच रही है, अब उनकी सुई हिंदुस्‍तान की तरफ मुड़ चुकी है। और मुझे विश्‍वास है 21वीं सदी एशिया की सदी हो। उसमें भारत की अहम भूमिका होगी, यह मैं साफ देख रहा हूं। Manufacturing Sector में हम और अधिक आगे बढ़ना चाहते हैं। अभी-अभी भारत के GDP के जो figures आए हैं, 7.4% और दुनिया के गणमान्‍य आर्थिक जगत के लोगों ने लिखा है कि आज विश्‍व में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाली कोई Economy है तो वो Economy हिंदुस्‍तान की है। इसको हमें और आगे बढ़ाना है, इसको हमें sustain करना है और उसको करने के लिए हम तीनों क्षेत्रों पर बल दे रहे हैं – Manufacturing, Agriculture and Service sector.

Manufacturing में भारत में आपार संभावनाएं पड़ी हुई है। हमारे पास Demographic Dividend है। 65% Population 35 से नीचे की Age Group की है। जिस देश के पास इतना युवाधन हो, वो देश हिंदुस्‍तान को धनवान बनाने में कभी भी पीछे नहीं रह सकता है, यह ताकत हिंदुस्‍तान के युवाधन में है और मैं यह देख रहा हूं अगर विश्‍व के धन को भारत में आकर्षित करना है तो भारत का युवाधन एक बहुत बड़ी Magnetic Power को लेकर बैठा है। हमारी युवाधन की Magnetic Power विश्‍व के धन को भारत में खींचने के लिए पूरी सार्मथ्यवान है और इसलिए विकास के केंद्र बिंदु में हमने हमारे देश के युवा को रखा है। Job creation हो, Job creation के लिए Human Resource Development हो, Resource Development में skill Development में बल दिया जाए और Skill development के लिए सरकार ने पहली बार एक अलग मंत्रालय बनाया है, जो पूरी तरह भारत की युवाशक्ति के Skill development पर बल देगा और मैं मानता हूं कि भारत का Skilled Manpower पूरे विश्‍व को आकर्षित करने की एक बहुत बड़ी ताकत रख सकती है। हमारे पास Talent है और मैं मानता हूं कि भारत के नौजवानों के पास वो Talent है जो दुनिया की Technology को आकर्षित करने की ताकत रखते हैं। दुनिया इस बात को जानकार हैरान हो गई कि एक Hollywood की फिल्‍म बनाने में जितना खर्चा लगता है, उससे कम खर्चें में हिंदुस्‍तान के युवा Talent ने Mars Orbit पर हमारा मंगलयान भेजा। Hollywood फिल्‍म से भी कम खर्चे में, दुनिया यह जानकार के हैरान हो गई और यह हमारे talent के नतीजे हैं। इस Talent के आधार पर हम विश्‍व को.... इस Talent और उनकी Technology, इन दोनों का मिलन हो जाए तो भिन्‍न-भिन्‍न Situation बनेगी और हम नए miracle को प्राप्‍त कर सकते हैं और उस दिशा में हम बल देना चाहते हैं।

कभी-कभार शासन के निर्णय जब स्‍पष्‍ट होते हैं और दुनिया में कोई भी व्‍यक्ति भरोसा कर सकता है, predicable हो तो विश्‍वास करेगा। हमारी कोशिश रही है कि हमारी व्‍यवस्‍थाओं के संबंध में, हमारे कानूनों के संबंध में, हमारी योजनाओं के संबंध में predictability होनी चाहिए। तब जाकर कोई भी भरोसा करेगा कि, हां भई हिंदुस्‍तान के पास सब है, यहाँ अब सरकार की सुविधाएं हैं, हम पहुंचेंगे। पिछले दिनों में Make In India के तहत काफी कदम उठाए गए हैं। अभी देवेंद्र जी बता रहे थे कि Business के लिए अकेले महाराष्‍ट्र ने जो initiative लिए हैं। हिंदुस्‍तान के कई राज्‍यों को वो प्रेरणा देने वाले हैं। एक समय था Maharashtra Industrial development corporation (MIDC) जो यहां की सरकार की व्‍यवस्‍था है, लेकिन bureaucracy इस प्रकार से वहां छाई हुई थी। सरकारी कानून, नियम इस प्रकार से कब्‍जा लेकर के बैठे हुए थे कि सरकारी व्‍यवस्‍था में भी किसी को उद्योग लगाना था तो 70-80 permission के लिए दो-दो, चार-चार साल तक उनको भटकना पड़ता था। देवेंद्र जी ने आकर के उस permission की प्रक्रिया को 70-80 से कम करके 30-35 पर ला दिया है और वो मुझे कह रहे थे कि मैं इसे और भी कम करने वाला हूं।

अभी President ओबामा जब आए थे, तो हिंदुस्‍तान के और अमेरिका के CEO की एक मिटिंग थी। हिंदुस्‍तान के Tourism को बढ़ावा मिले हम करना चाहते हैं, लेकिन अगर एक होटल बनाना है तो एक सौ दस से ज्‍यादा हमें permission लेनी पड़ती है। 110 से ज्‍यादा सरकारी दफ्तरों में हमें चक्‍कर काटने पड़ते हैं। एक permission लेने में अगर एक महीना लग जाए तो एक सौ दस महीने तो हमारे कागज़ ही घूमते रहते हैं। और तब हमारी Construction cost अनेक गुणा बढ़ जाती है और जब जाकर हमने जो project के लिए सोचा होता है वो viable रहता है। कम से कम इसके लिए तो कुछ सोचिए। यह सुनने के बाद मैंने संबंधित लोगों से बात की और मुझे आज खुशी है कि देवेंद्र जी मुझे आज बता रहे थे कि Hospitality industry के लिए जो 110-120 permission थी उसको कम करके हम 20 पर ले आ रहे हैं। Good Governance, यह development की गारंटी होता है, Is of doing business किसी को भी आगे बढ़ने के लिए अवसर देता है और भारत को नई ऊंचाईयों पर ले जाने के लिए हम उस पर बल देना चाहते हैं। आने वाले दिनों में औद्यागिक विकास में हम नई ऊंचाईयों को पार करे।

GE के मित्र मैं अभी उनको देख रहा था और मैंने उनसे कहा कि हमारे यहां विकास की कल्‍पना जल, थल और नभ तीनों को लेकर के होती है। हमने कहा आप थल में तो हैं नभ में भी है, लेकिन जल में नजर नहीं आ रहे हैं। भारत में Shipbuilding industry की बहुत बड़ी संभावना है। इतना समुद्री तट है। Steel manufacturing होता है। विपुल मात्रा में skilled Manpower है। अगर हम shipping के Engine बनाने की दिशा में अगर तेज गति से आगे बढ़ते हैं तो shipbuilding की भी संभावनाएं बढ़ती है और हमारे समुद्र तट के सभी राज्‍यों के नौजवानों को रोजगार की नई ताकत मिलती है और दूसरा मैंने इनसे कहा है कि आप यहां पर components बनाते हैं, parts बनाने हैं और Final Product बाहर बनता है और भारत Defense के क्षेत्र में बहुत बड़ी ताकत से आगे बढ़ना चाहता है। Defense manufacturing की बहुत संभावनाएं हैं हमारे यहां। भारत स्‍वयं में अपने आप में एक बहुत बड़ा Buyer है लेकिन same time third worlds country को हम बहुत कम दाम में Defense equipment export कर सकते हैं। यह जो संभावनाएं हैं उसको लेकर के भारत सरकार ने initiative लिया है। Defense manufacturing में 49% FdI के लिए हमने निर्णय किया है। GE के पास वो संभावनाएं हैं, वो उसमें आगे आएं और भी Defense के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को लाना चाहते हैं।

पुणे एक प्रकार से education का भी Hub बना हुआ है। वहां के engineering college में Defense Engineering के courses शुरू हो, ताकि अच्‍छा manpower तैयार हो। Defense manufacturing के लोग पुणे के पास आएं और यहां की जो Engineering capability है। इन दिनों एक प्रकार से पुणे Engineering centre of India के रूप में उभर रहा है, वहां engineering capacity है इसको हम किस प्रकार से आगे बढ़ाए और यह अगर हम आगे बढ़ाते हैं तो आने वाले दिनों में मुझे विश्‍वास है कि हम Defense के क्षेत्र में बहुत आगे बढ़ सकते हैं।

रेलवे, यहां Locomotive का काम हो रहा है लेकिन हम चाहते हैं कि भारत रेलवे में Self-Sufficient बने। हमारी रेलवे technology में हम Upgradation हो, हम रेलवे का विस्‍तार भी करें, रेलवे की speed भी बढ़ाएं और रेलवे सिर्फ यातायात का साधन नहीं, रेलवे भारत की economy का driving force बन सकती है, उस रूप में रेलवे को आगे ले जाया जा सकता है। उसके manufacturing के लिए भी बहुत सारी संभावनाएं पड़ी है। उसको भी बल देने का प्रयास हम करना चाहते हैं और मैं यह विश्‍वास से कहता हूं कि भारत आने वाले दिनों में अपनी युवाशक्ति के बल पर talented manpower के बल पर maximum resource के optimum utilization के माध्‍यम से, हम हमारी economy को एक नई ऊंचाईयों पर ले जाना चाहते हैं और मुझे विश्‍वास है चाहे infrastructure का क्षेत्र हो, चाहे manufacturing का, हम Phase-ii पर पहुंचना चाहेंगे। और global competitive पर हम आगे बढ़ पाएं उस दिशा में जाएंगे।

भारत का नौजवान विश्‍व में आर्थिक विकास की दुनिया में अपनी एक अहम भूमिका निभा सकता है और उस काम के लिए भारत बहुत तेजी से आगे बढ़ना चाहता है।

मैं फिर एक बार जी के नये साहसिक निर्णयों के लिए भी स्‍वागत करता हूं और दुनियाभर के पूंजी निवेशकों को विश्‍वास दिलाना चाहता हूं कि भारत आपार संभावनाओं से भरा हुआ है और भारत सरकार उन संभावनाओं को साकार करने के लिए, जो भी आवश्‍यक निर्णय करने की आवश्‍यकता होगी उसको करने में तेज गति से आगे बढ़ रही है, जो भारत economy को आगे लेकर जाएगी।

मैं फिर एक बार मुझे यहां बुलाने पर मैं आपको बहुत-बहुत धन्‍यवाद करता हूं और मेरी आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं।

धन्‍यवाद।

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आज उत्तर प्रदेश और पूरा देश वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर के नए दौर का गवाह बन रहा है: मेरठ में पीएम मोदी
February 22, 2026
आज उत्तर प्रदेश और पूरा देश विश्व स्तरीय अवसंरचना के एक नए युग का साक्षी बन रहा है: प्रधानमंत्री
मेरठ मेट्रो, नमो भारत ट्रेन और RRTS के नए सेक्शन के उद्घाटन से NCR में लोगों की जिंदगी और भी आसान, सुगम और सुविधाजनक हो जाएगी: पीएम
हमारी कार्य संस्कृति ऐसी है कि एक बार किसी कार्य की नींव रख दी जाए, तो उसे पूरा करने के लिए दिन-रात काम किया जाता है, यही कारण है कि अब परियोजनाएं पहले की तरह लंबित नहीं रहती: प्रधानमंत्री
चाहे नमो भारत हो या मेट्रो सेवा, मुझे दोनों की नींव रखने का अवसर मिला और आज मुझे इनका उद्घाटन करने का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ है: प्रधानमंत्री
देश में पहली बार ऐसा हो रहा है कि नमो भारत और मेट्रो रेल एक ही स्टेशन और एक ही ट्रैक पर चलेंगी: प्रधानमंत्री
एक ही प्लेटफॉर्म से शहर के भीतर यात्रा की जा सकेगी और उसी स्टेशन से दिल्ली से आने-जाने की सीधी सुविधा भी उपलब्ध होगी: प्रधानमंत्री
आज विश्व के कई विकसित देश भारत के साथ व्यापार समझौते कर रहे हैं: प्रधानमंत्री
आज विकसित देश भारत के साथ साझेदारी करने के लिए उत्सुक हैं, ऐसा इसलिए है क्योंकि वे भारत के विकास में अपना भविष्य देखते हैं और भारत की युवा शक्ति में आशा देखते हैं: प्रधानमंत्री
आज, विश्व को लगता है कि भारत वह शक्ति है जो 21वीं सदी की चुनौतियों का समाधान प्रदान कर सकती है: प्रधानमंत्री
मेरठ-हापुड़ क्षेत्र लंबे समय से चौधरी चरण सिंह जी के विजन का गवाह रहा है। उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करना हमारी सरकार का सौभाग्य रहा है: पीएम

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे साथी पंकज चौधरी जी, जयंत चौधरी जी, उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक जी, यूपी सरकार के मंत्रीगण, सांसद में मेरे साथीगण, विधायकगण, और विशाल संख्या में आए हुए मेरे प्यारे भाइयों और बहनों!

बाबा औघड़नाथ की इस पावन धरती पर, मेरठ की क्रांतिधरा पर, आज विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत, इसके लिए नई क्रांति को ऊर्जा मिल रही है। आज पहली बार, एक ही मंच से नमो भारत रैपिड रेल और मेट्रो सेवा का, एक ही दिन शुभारंभ हो रहा है। विकसित भारत की कनेक्टिविटी कैसी होगी, ये उसकी एक शानदार झांकी है। शहर के भीतर के लिए मेट्रो, और ट्विन सिटीज के विजन को गति देने के लिए नमो भारत जैसी आधुनिक ट्रेन, मुझे संतोष है, ये काम उत्तर प्रदेश में हुआ है।

भाइयों और बहनों,

आज का ये कार्यक्रम, भाजपा की डबल इंजन सरकार की कार्य-संस्कृति को भी दर्शाता है। और हमारी कार्य संस्कृति क्या है? हमारी कार्य संस्कृति है कि जिस काम का शिलान्यास किया जाए, उसे पूरा करने के लिए, दिन रात एक कर दिया जाए। और इसलिए अब परियोजनाएं पहले की तरह लटकती, भटकती नहीं हैं। नमो भारत या मेट्रो सेवा, दोनों का शिलान्यास करने का अवसर आप सबने मुझे दिया था। और आज मुझे ही इनके लोकार्पण का भी सौभाग्य मिला है।

साथियों,

थोड़ी देर पहले मैंने मेरठ मेट्रो में सफर किया है। इस दौरान मेरी स्कूल-कॉलेज के अनेक युवाओं से और अन्य यात्रियों से बातचीत हुई है। सबका यही कहना था, कि इतने शानदार काम की उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। और सब के सब लोग, वो पुराने दिनों को याद कर रहे थे। और खासतौर पर बहनों-बेटियों ने मुझे बताया, कुछ साल पहले तक शाम होते ही, पूरे रूट में सन्नाटा छा जाता था। यहां डर और भय का माहौल होता था। अब एक तरफ कानून-व्यवस्था भी सुधरी है और दूसरी तरफ, लोगों को सुविधापूर्ण और सुरक्षित यात्रा का भी माध्यम मिला है।

और साथियों,

मुझे खुशी है कि ये नमो भारत रैपिड रेल से, ये नारी-शक्ति के सामर्थ्य का प्रतीक भी बनी है। इसमें ट्रेन ऑपरेटर, स्टेशन कंट्रोल स्टाफ, ऐसे अधिकतर काम में हमारी बेटियां ही कार्यरत हैं, बेटियां ही नेतृत्व कर रही हैं। मैं आप सभी को, उत्तर प्रदेश को, और दिल्ली वासियों को देश की पहली नमो भारत रैपिड रेल सेवा और मेरठ मेट्रो के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

मेरठ की इस धरती से मेरा भी एक विशेष नाता रहा है। जब 2014 के चुनाव हुए, 2019 के चुनाव हुए और 2024 के लोकसभा चुनाव हुए, तो मेरठ से ही मेरी चुनावी सभाओं की शुरुआत हुई। मेरठ के आप लोगों ने, यहां के किसानों ने, उद्यमियों ने, लघु उद्योगों से जुड़े श्रमिकों ने, कारीगरों ने, दुकानदारों ने, मुझे हमेशा बहुत आशीर्वाद दिया है।

और साथियों,

मैंने तब भी कांग्रेस और सपा-बसपा को कहा था कि अपनी जहरीली राजनीति छोड़िए और आइए, विकास के मुद्दे पर मुकाबला करके देखते हैं।

साथियों,

इन दलों ने तो अपनी जहरीली राजनीति नहीं बदली, लेकिन भाजपा ने विकास और अपनी नीति रीति, अपनी नीयत में अगर एक बात को सर्वोपरि रखा, तो वो है विकास, देश का विकास। इसका एक उदाहरण हमारी मेट्रो भी है, मेरठ मेट्रो भी है।

साथियों,

2014 से पहले भारत में मेट्रो का विस्तार, बहुत ही धीमी गति से हो रहा था। हालत ये थी कि कांग्रेस सरकार के समय में देश के सिर्फ 5 शहरों में ही मेट्रो चल पाई थी। जबकि आज भाजपा सरकार में देश के 25 से ज्यादा शहरों में मेट्रो चलने लगी है। आज भारत, मेट्रो के मामले में दुनिया का तीसरा बड़ा नेटवर्क बन चुका है। यूपी में मेरठ के अलावा भी कई सारे शहरों में मेट्रो पर काम चल रहा है।

साथियों,

बीते 11 वर्षों में देश के दर्जनों शहरों तक मेट्रो पहुंची, क्योंकि भाजपा सरकार देश की जनता को सुविधा देना चाहती है, देशवासियों को हाई-स्पीड, जाम और प्रदूषण से मुक्त सुविधा, ऐसे हर प्रकार की व्यवस्था देना चाहती है। इसलिए, आज नमो भारत जैसी आधुनिक सेमी-हाईस्पीड ट्रेन चल रही है, वंदे भारत ट्रेन चल रही है।

साथियों,

कांग्रेस-सपा की जब दिल्ली में सरकार थी, तब ये सब संभव ही नहीं था। क्योंकि तब इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट्स घोटालों में ही गुम हो जाते थे। मेट्रो जैसे और उससे जुड़ी अधिकतर टेक्नॉलॉजी भी हमें विदेशों से आयात करनी पड़ती थी। हमने घोटाले भी बंद किए, और देश को आत्मनिर्भरता के रास्ते पर भी आगे बढ़ाया। क्योंकि भाजपा की प्राथमिकता, देश का विकास है, देशवासियों की सुविधा और समृद्धि है। आप यहीं देखिए, मेरठ वासियों का, पश्चिम यूपी वासियों का जीवन कैसे बदलने वाला है। सराय काले खां, आनंद विहार, गाज़ियाबाद और मेरठ, इन स्टेशनों पर भारतीय रेल, मेट्रो और बस अड्डों को आपस में जोड़ा गया है। देश में ये पहली बार हो रहा है, जब एक ही स्टेशन, एक ही ट्रैक पर नमो भारत और मेट्रो रेल चलेगी। यानी एक ही प्लेटफॉर्म से आप शहर के भीतर भी यात्रा कर पाएंगे, और उसी स्टेशन से सीधे दिल्ली भी आ-जा सकते हैं। इससे मेरठ के आप जैसे हजारों साथियों को फायदा होगा, जो पढ़ाई के लिए, नौकरी के लिए, अन्य कामकाज के लिए, रोज़ाना दिल्ली आते-जाते हैं। जो लोग दिल्ली में नौकरी करते हैं और जिनका घर मेरठ में है, उनके लिए अब दिल्ली में किराए के घर में रहने की मजबूरी भी खत्म हुई है।

साथियों,

आज भाजपा की डबल इंजन सरकार, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर जो इतना सारा पैसा खर्च कर रहा है, उससे आपका पैसा भी बचता है और युवाओं को रोजगार भी मिलता है। यहां पश्चिम यूपी में ही देखिए, कैसे नए-नए एक्सप्रेसवे बन रहे हैं, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बन रहे हैं, जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन रहा है, ये प्रोजेक्ट जब बनते हैं तब भी रोजगार मिलते हैं, और बाद में नए उद्योग लगते हैं, नए कारोबार आते हैं, उससे भी रोजगार पैदा होते हैं।

साथियों,

उत्तर प्रदेश की ये धरती तो श्रम की धरती है, ये सृजन की धरती है। यहां के किसान हों, पशुपालक हों, छोटे-लघु उद्यमी हों, बुनकर-शिल्पकार हों, ये सभी विरासत और विकास के मंत्र को साकार कर रहे हैं। ऐसे में जब भारत का सामर्थ्य बढ़ता है, तो उत्तर प्रदेश के इन सभी साथियों को भी फायदा होता है।

साथियों,

आप आजकल देख रहे हैं कि दुनिया के प्रति और दुनिया के लोगों के मन में भारत के प्रति कितनी आस्था है, लोग कितने आशावान हैं। दुनिया के अनेक विकसित देश, आज भारत के साथ व्यापारिक समझौते कर रहे हैं। एक समय था, जब कांग्रेस की सरकार चाहकर भी विकसित देशों के साथ समझौते नहीं कर पाती थी। क्योंकि तब घोटालों के लिए बदनाम कांग्रेस सरकार से समझौते करने में दुनिया को हिचक होती थी। लेकिन आज विकसित देश, भारत के साथ जुड़ने के लिए उत्सुक हैं। क्योंकि उनको भारत के विकास में अपना भविष्य दिखता है, उनको भारत की युवाशक्ति में उम्मीद दिखती है। आज दुनिया को लगता है, कि भारत वो ताकत है, जो इक्कीसवीं सदी की चुनौतियों का समाधान दे सकता है।

साथियों,

बीते वर्षों में भाजपा की सरकार ने जो वैश्विक समझौते किए हैं, उससे लघु और कुटीर उद्योगों से जुड़े लोगों को भी बहुत फायदा होगा। इसका फायदा, मेरठ के स्पोर्ट्स का सामान बनाने वालों को होगा, मेरठ की ही कैंची, खुर्जा की क्रॉकरी, मुरादाबाद का पीतल, बागपत का होम फर्निशिंग उद्योग, सहारनपुर की लकड़ी की नक्काशी, लैदर, टेक्स्टाइल, ज्वैलरी से जुड़े उद्योग, ऐसे हर लघु और कुटीर उद्योगों को इन समझौतों का बहुत बड़ा लाभ होने वाला है। भाजपा की प्राथमिकता, देश के छोटे-बड़े शहरों के सामर्थ्य को, दुनिया के कोने-कोने तक ले जाना है, यूपी के अलग-अलग जिलों की पहचान बढ़ाना है।

साथियों,

हमारा मेरठ और ये पूरा क्षेत्र, लघु उद्योगों का, MSMEs का बहुत बड़ा सेंटर है। इस वर्ष जो केंद्र सरकार का बजट आया है, उसमें हमने लघु उद्योगों के लिए 10 हजार करोड़ रुपए के विशेष फंड की घोषणा की है। इससे यूपी के MSMEs को लोन मिलना बहुत आसान हो जाएगा। बजट में हमने कपड़ा उद्योग के लिए, बुनकर समाज के लिए, महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना की घोषणा की है। इससे खादी, हैंडलूम, हस्तशिल्प को विश्व बाज़ार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

साथियों,

पहले छोटे कारीगर केवल 10 लाख रुपए तक का सामान कूरियर से भेज सकते थे। अब यह सीमा पूरी तरह हटा दी गई है। इससे मेरठ सहित, यूपी के सभी बुनकर, और अन्य छोटे उद्यमी, ऑनलाइन ऐप के ज़रिए, अमेरिका या यूरोप के ग्राहकों को भी अपने प्रोडक्ट आसानी से भेज पाएंगे।

साथियों,

मेरठ-हापुड़ और आसपास के इस क्षेत्र ने, चौधरी चरण सिंह जी के विजन को शुरुआती दिनों से देखा है। ये हमारी सरकार का सौभाग्य रहा, कि हमें चौधरी चरण सिंह जी को भारत रत्न देने का सौभाग्य मिला। भाजपा की डबल इंजन सरकार, उनके विजन पर चलते हुए किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसके लिए फूड-प्रोसेसिंग पर बहुत बल दिया जा रहा है। पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा भी छोटे किसानों के बहुत काम आ रहा है। अब तक यूपी के किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के तहत, लगभग 95 हज़ार करोड़ रुपए मिल चुके हैं। इसमें मेरठ के किसानों को भी लगभग 800 करोड़ रुपए मिले हैं।

भाइयों और बहनों,

एक तरफ आज देशवासी, भारत को विकसित बनाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। लेकिन देश में ही कुछ राजनीतिक दल हैं, जो भारत की इस सफलता को पचा नहीं पा रहे। अभी आपने देखा, भारत में दुनिया का सबसे बड़ा AI सम्मेलन हुआ। दुनियाभर के 80 से अधिक देशों से प्रतिनिधि दिल्ली आए। दुनिया के करीब 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष भारत आए, लाखों लोग हिन्दुस्तान के कोने-कोने से दिल्ली में जुटे थे। दुनिया के विकासशील देशों में ऐसा सम्मेलन आज तक कभी नहीं हुआ। मैं जरा मेरठ के लोगों को पूछना चाहता हूं, ये जो एआई सम्मेलन हुआ, आपको गर्व हुआ की नहीं हुआ? पूरी ताकत से बातइये, आपको गर्व हुआ की नहीं हुआ? आपका माथा ऊंचा हुआ कि नहीं हुआ? आपका सीना चौड़ा हुआ कि नहीं हुआ, ये काम भारत के लिए हुआ कि नहीं हुआ है? भारत के युवाओं के लिए हुआ कि नहीं हुआ है? भारत के भाग्य को बदलने के लिए हुआ है कि नहीं हुआ है? 21वीं सदी में लीडरशिप लेने के लिए हुआ है कि नहीं हुआ है? पूरा देश गर्व से भर गया। लेकिन कांग्रेस और इसके इकोसिस्टम ने क्या किया?

साथियों,

कांग्रेस ने भारत के एक वैश्विक आयोजन को, अपनी गंदी और नंगी राजनीति का अखाड़ा बना दिया। समारोह स्थल पर विदेशी अतिथियों के सामने कांग्रेस के नेता कपड़े उतारकर पहुंच गए, मैं कांग्रेस वालों को पूछता हूं, देश तो जानता है आप पहले से ही नंगे हो, फिर कपड़े उतारने की जरूरत क्या पड़ी। कांग्रेस के नेताओं ने वहां जो कुछ किया, वो दिखाता है कि देश की सबसे पुरानी पार्टी, वैचारिक रूप से कितनी दिवालिया हो गई है, कितनी दरिद्र हो गई है।

साथियों,

कोई कल्पना नहीं कर सकता है, हम तो वो लोग हैं, जो गांव में किसी के यहां शादी ब्याह होता है, तो पूरा गांव उसे सफल बनाने में जी-जान से जुट जाता है। ताकि मेहमान, गांव की एक अच्छी छवि लेकर जाएं। कांग्रेस तो अपने ही देश को बदनाम करने में जुटी है।

साथियों,

कांग्रेस के नेताओं को मोदी से नफरत है, ये लोग मेरी कब्र खोदना चाहते हैं, मेरी मां को गाली देने से भी उनको कोई परहेज नहीं है, उन्हें भाजपा से विरोध है, उन्हें एनडीए से विरोध है, ठीक है आपकी राजनीति में यही करना जरूरी है, चलो भई समझ सकते हैं, हम इसको भी सहन कर लेंगे। लेकिन कांग्रेस को याद रखना चाहिए था, कि AI ग्लोबल समिट, ये बीजेपी का समारोह नहीं था और न ही उस समय बीजेपी का कोई नेता वहां मौजूद था, ये देश का कार्यक्रम था, देश के सम्मान का कार्यक्रम था, देश के लोगों के पसीने से, लेकिन कांग्रेस ने परसो सारी मर्यादाएं तोड़ दीं। और पूरा देश, कांग्रेस की इस रीति नीति पर थू-थू हो रही है। लेकिन दुर्भाग्य देखिए, इतनी पुरानी पार्टी के नेता लाजने के बजाय गाजते हैं, बेशर्मी के साथ देश की बेज्जती करने वालों का जयकारा कर रहे हैं। और ये मामला कांग्रेस की हरकतों का लगातार चल रहा है। पार्लियामेंट में क्या किया, पार्लियामेंट में खुद परफोर्म कर नहीं पा रहे, तो अपने साथी दलों को भी बोलने का मौका नहीं देते, पार्लियामेंट को चलने नहीं देते। और उसका सबसे बड़ा नुकसान, कांग्रेस के जो साथी दल है ना उनको हो रहा है, अब वो समझ गए हैं। ये अभी दिल्ली में जो उन्होंने नंगापन दिखाया, उनके सारे साथी दल चौंक गए हैं, सबने किनारा कर लिया, और मैं नम्रता पूर्वक देश के मीडिया को भी एक रिक्वेस्ट करना चाहता हूं, वैसे मैं मीडिया को हर प्रकार से झेलने के लिए ईश्वर मुझे शक्ति दे, प्रार्थना करता रहता हूं। लेकिन आज मैं उनको प्रार्थना कर रहा हूं कि कृपा करके हम जब इस प्रकार की हरकतों की आलोचना करें, तो आप ये हेडलाइन मत बनाइये, कि मोदी ने विपक्ष को धो डाला, आप कांग्रेस को बचाने की ये चालाकियां बंद कीजिए। ये विपक्ष – विपक्ष करके आप कांग्रेस को बचा रहे हैं और विपक्ष में जो और साथी बैठे हैं, वो भी समझ गए हैं कि पाप कांग्रेस करती है और भुगतना उनको पड़ता है, और कांग्रेस की इकोसिस्टम हर बार बचकर निकलने का ये खेल खेलती है, कि पाप कांग्रेस करे, आलोचना कांग्रेस की हो, गुस्सा कांग्रेस पर हो, लेकिन मीडिया में कांग्रेस नहीं दिखती, विपक्ष शब्द दिखता है, क्यों भई, क्यों कांग्रेस को बचा रहे हो। ऐसा करने से आप न कांग्रेस को बचा पाते हो, न कांग्रेस को सुधरने के लिए मजबूर करते हो। अगर आप एक बार छापना शुरू कर दोगे, बोलना शुरू कर दोगे, ये जनरल विपक्ष का दोष नहीं, और देखिए दिल्ली में जो हुआ, क्या उसमें कोई टीएमसी के लोगों ने पाप किया है, नहीं किया है, डीएमके के लोगों ने पाप किया है, नहीं किया है, बसपा के लोगों ने पाप किया है, नहीं किया है, फारूख अब्दुल्ला जी की पार्टी ने पाप किया है, नहीं किया है, सिर्फ और सिर्फ, सरफिरे नेता, कांग्रेस के बेलगाम नेता, देश को तबाह करने पर तुले हुए हैं। अगर आपको प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठना है, तो पहले आपको जनता के दिल जीतने पड़ेंगे। महिला एमपीओं को भेजकर के सीट पर कब्जा करने से आप प्रधानमंत्री नहीं बन सकते हो, और माताओं-बहनों को इस प्रकार से आगे करने की क्या मजबूरी है आपकी, क्या इतने खोखले हो गए हो आप लोग।

साथियों,

कांग्रेस देश के लिए बोझ बन गई है, और मुझे इस बात का संतोष है कि दिल्ली में जो घटना घटी, कांग्रेस के सभी साथी दलों ने, कांग्रेस की भरपूर आलोचना करने की हिम्मत दिखाई है। मैं विपक्ष के इन साथियों का सच्चाई के साथ और देश के गौरव के साथ खड़े रहने के लिए, उनका मैं सार्वजनिक रूप से आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,

भाजपा सरकार के लिए देश का विकास, यूपी का विकास सर्वोपरि है। लेकिन आप याद करिए, 10 साल पहले तक, यूपी की चर्चा किन बातों के लिए होती थी? हर किसी को, मेरठ के दंगे, पश्चिम यूपी में क्रिमिनलों की गैंग, खराब सड़कें, बिजली की कटौती और पिछड़ेपन की परिस्थितियां, यही कुछ चर्चा में रहता था। पश्चिमी यूपी के अपराध पर फिल्में बनती थीं, फिल्में। सपा सरकार ने यूपी का ये हाल करके रखा था। लेकिन आज यूपी को विकास के लिए जाना जा रहा है। आज हमारे यूपी को, ब्रह्मोस के लिए, मोबाइल फोन बनाने और एयरपोर्ट के लिए, पर्यटकों की सुविधा लगातार बढ़ती संख्या के लिए जाना जाता है। यूपी, स्पोर्टिंग इकोसिस्टम में भी अपनी पहचान बढ़ा रहा है। मेरठ में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है।

साथियों,

सपा राज में जो अपराधी बेखौफ घूमा करते थे, वो आज योगी जी की सरकार में जेलों में दिन बिता रहे हैं। आज किसी की हिम्मत नहीं है, कि कॉलेज से पढ़कर निकल रही हमारी किसी बेटी का अपमान कर सके।

साथियों,

जब कानून व्यवस्था सुधरती है, तो व्यापार-कारोबार और दुकानदारी के लिए भी माहौल बनता है। इसलिए आज यूपी की अर्थव्यवस्था में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। योगी जी के नेतृत्व में यूपी देश का बड़ा मैन्यूफैक्चरिंग हब बन रहा है। कल ही मुझे यूपी की पहली सेमीकंडक्टर फैक्ट्री का शिलान्यास करने का अवसर मिला है। इस सेमी-कंडक्टर फैक्ट्री के बनने से यूपी का सामर्थ्य और ज्यादा बढ़ जाएगा। इससे यहां नए निवेश, नए रोजगार के लिए अद्भुत संभावनाएं बनेंगी। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं, भाजपा की डबल इंजन सरकार, ऐसे ही यूपी को देश की सबसे बड़ी इकॉनॉमी बनाने के लिए काम करती रहेगी। यूपी विकसित होगा, तो ही भारत विकसित होगा। एक बार फिर आप सभी को नमो भारत ट्रेन और मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। ये वंदे मातरम के 150 वर्ष मना रहे हैं। मेरे साथ बोलिये-

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !