उपस्थित सभी महानुभावों

मैं जब न्‍यूयॉर्क गया था, उस समय GE के लोग मुझे मिले थे, उन्‍होंने आग्रह किया था कि पुणे में हमारी यूनिट का Expansion हुआ है। आप आइए, आज वैसे भी मुझे महाराष्‍ट्र आना था तो मैंने कहा कि ठीक है मैं आता हूं और देखना चाहता हूं। मैंने आज State of art facility Manufacturing sector में कैसी हो सकती है, आधुनिक Industrial infrastructure कैसा हो सकता है, आधुनिक Technology का कैसा दौर हो सकता है, उसे आज मैंने प्रत्‍यक्ष रूप से देखा है। मैं GE को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। उन्‍होंने अमेरिका के बाद भारत में यह सबसे बड़ा Project प्रारंभ किया है और आज उन्‍होंने और अधिक आगे बढ़ने की घोषणा भी की है। Make in India के हमारे Mission में आज यह घोषणा अवश्‍य ही एक नई ताकत के रूप में उभरेगी।

मैं आपको बहुत-बहुत बधाई देता हूं और मैं आपको विश्‍वास दिलाता हूं कि विकास के क्षेत्र में भारत के नौजवानों को रोजगार देने के क्षेत्र में, औद्योगिक विकास के क्षेत्र में मेरा सबको निमंत्रण है कि आइए भारत में विकास की आपार संभावना है और भारत के विकास में आपका विकास भी जुड़ा हुआ है और आज Global Economy के जमाने में Competitive World के जमाने में, मैं दुनिया के उद्योगकारों को विश्‍वास दिलाता हूं कि भारत एक ऐसी उर्वरा भूमि है। यहां एक ऐसा Talented Youth है कि आप यहां का Manufacturing competitive world के अंदर पूरी ताकत के साथ आप खड़े रह सकते हैं, आगे बढ़ सकते हैं और अधिक आगे-आगे बढ़ने की संभावनाओं का वहां पर शिलान्‍यास कर सकते हैं। इतनी संभावनाएं इस देश में पड़ी हुई हैं।

पिछले दिनों पूरे विश्‍व में भारत की तेज गति से हो रहे आर्थिक विकास की चर्चा हुई है। हम लम्‍बे अर्से से सुनते थे कि 21वीं सदी एशिया की सदी है, लेकिन बाद में सुई हिंदुस्‍तान तक पहुंचती नहीं थी। कहीं-न-कहीं इधर-उधर अटक जाती थी। लेकिन पिछले कुछ महीनों में एक के बाद एक जो निर्णय हुए हैं, जो Initiative लिए गए हैं। जिस Priority के साथ ,जिस Vision के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। आज दुनिया जो “21वीं सदी एशिया की सदी” सोच रही है, अब उनकी सुई हिंदुस्‍तान की तरफ मुड़ चुकी है। और मुझे विश्‍वास है 21वीं सदी एशिया की सदी हो। उसमें भारत की अहम भूमिका होगी, यह मैं साफ देख रहा हूं। Manufacturing Sector में हम और अधिक आगे बढ़ना चाहते हैं। अभी-अभी भारत के GDP के जो figures आए हैं, 7.4% और दुनिया के गणमान्‍य आर्थिक जगत के लोगों ने लिखा है कि आज विश्‍व में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाली कोई Economy है तो वो Economy हिंदुस्‍तान की है। इसको हमें और आगे बढ़ाना है, इसको हमें sustain करना है और उसको करने के लिए हम तीनों क्षेत्रों पर बल दे रहे हैं – Manufacturing, Agriculture and Service sector.

Manufacturing में भारत में आपार संभावनाएं पड़ी हुई है। हमारे पास Demographic Dividend है। 65% Population 35 से नीचे की Age Group की है। जिस देश के पास इतना युवाधन हो, वो देश हिंदुस्‍तान को धनवान बनाने में कभी भी पीछे नहीं रह सकता है, यह ताकत हिंदुस्‍तान के युवाधन में है और मैं यह देख रहा हूं अगर विश्‍व के धन को भारत में आकर्षित करना है तो भारत का युवाधन एक बहुत बड़ी Magnetic Power को लेकर बैठा है। हमारी युवाधन की Magnetic Power विश्‍व के धन को भारत में खींचने के लिए पूरी सार्मथ्यवान है और इसलिए विकास के केंद्र बिंदु में हमने हमारे देश के युवा को रखा है। Job creation हो, Job creation के लिए Human Resource Development हो, Resource Development में skill Development में बल दिया जाए और Skill development के लिए सरकार ने पहली बार एक अलग मंत्रालय बनाया है, जो पूरी तरह भारत की युवाशक्ति के Skill development पर बल देगा और मैं मानता हूं कि भारत का Skilled Manpower पूरे विश्‍व को आकर्षित करने की एक बहुत बड़ी ताकत रख सकती है। हमारे पास Talent है और मैं मानता हूं कि भारत के नौजवानों के पास वो Talent है जो दुनिया की Technology को आकर्षित करने की ताकत रखते हैं। दुनिया इस बात को जानकार हैरान हो गई कि एक Hollywood की फिल्‍म बनाने में जितना खर्चा लगता है, उससे कम खर्चें में हिंदुस्‍तान के युवा Talent ने Mars Orbit पर हमारा मंगलयान भेजा। Hollywood फिल्‍म से भी कम खर्चे में, दुनिया यह जानकार के हैरान हो गई और यह हमारे talent के नतीजे हैं। इस Talent के आधार पर हम विश्‍व को.... इस Talent और उनकी Technology, इन दोनों का मिलन हो जाए तो भिन्‍न-भिन्‍न Situation बनेगी और हम नए miracle को प्राप्‍त कर सकते हैं और उस दिशा में हम बल देना चाहते हैं।

कभी-कभार शासन के निर्णय जब स्‍पष्‍ट होते हैं और दुनिया में कोई भी व्‍यक्ति भरोसा कर सकता है, predicable हो तो विश्‍वास करेगा। हमारी कोशिश रही है कि हमारी व्‍यवस्‍थाओं के संबंध में, हमारे कानूनों के संबंध में, हमारी योजनाओं के संबंध में predictability होनी चाहिए। तब जाकर कोई भी भरोसा करेगा कि, हां भई हिंदुस्‍तान के पास सब है, यहाँ अब सरकार की सुविधाएं हैं, हम पहुंचेंगे। पिछले दिनों में Make In India के तहत काफी कदम उठाए गए हैं। अभी देवेंद्र जी बता रहे थे कि Business के लिए अकेले महाराष्‍ट्र ने जो initiative लिए हैं। हिंदुस्‍तान के कई राज्‍यों को वो प्रेरणा देने वाले हैं। एक समय था Maharashtra Industrial development corporation (MIDC) जो यहां की सरकार की व्‍यवस्‍था है, लेकिन bureaucracy इस प्रकार से वहां छाई हुई थी। सरकारी कानून, नियम इस प्रकार से कब्‍जा लेकर के बैठे हुए थे कि सरकारी व्‍यवस्‍था में भी किसी को उद्योग लगाना था तो 70-80 permission के लिए दो-दो, चार-चार साल तक उनको भटकना पड़ता था। देवेंद्र जी ने आकर के उस permission की प्रक्रिया को 70-80 से कम करके 30-35 पर ला दिया है और वो मुझे कह रहे थे कि मैं इसे और भी कम करने वाला हूं।

अभी President ओबामा जब आए थे, तो हिंदुस्‍तान के और अमेरिका के CEO की एक मिटिंग थी। हिंदुस्‍तान के Tourism को बढ़ावा मिले हम करना चाहते हैं, लेकिन अगर एक होटल बनाना है तो एक सौ दस से ज्‍यादा हमें permission लेनी पड़ती है। 110 से ज्‍यादा सरकारी दफ्तरों में हमें चक्‍कर काटने पड़ते हैं। एक permission लेने में अगर एक महीना लग जाए तो एक सौ दस महीने तो हमारे कागज़ ही घूमते रहते हैं। और तब हमारी Construction cost अनेक गुणा बढ़ जाती है और जब जाकर हमने जो project के लिए सोचा होता है वो viable रहता है। कम से कम इसके लिए तो कुछ सोचिए। यह सुनने के बाद मैंने संबंधित लोगों से बात की और मुझे आज खुशी है कि देवेंद्र जी मुझे आज बता रहे थे कि Hospitality industry के लिए जो 110-120 permission थी उसको कम करके हम 20 पर ले आ रहे हैं। Good Governance, यह development की गारंटी होता है, Is of doing business किसी को भी आगे बढ़ने के लिए अवसर देता है और भारत को नई ऊंचाईयों पर ले जाने के लिए हम उस पर बल देना चाहते हैं। आने वाले दिनों में औद्यागिक विकास में हम नई ऊंचाईयों को पार करे।

GE के मित्र मैं अभी उनको देख रहा था और मैंने उनसे कहा कि हमारे यहां विकास की कल्‍पना जल, थल और नभ तीनों को लेकर के होती है। हमने कहा आप थल में तो हैं नभ में भी है, लेकिन जल में नजर नहीं आ रहे हैं। भारत में Shipbuilding industry की बहुत बड़ी संभावना है। इतना समुद्री तट है। Steel manufacturing होता है। विपुल मात्रा में skilled Manpower है। अगर हम shipping के Engine बनाने की दिशा में अगर तेज गति से आगे बढ़ते हैं तो shipbuilding की भी संभावनाएं बढ़ती है और हमारे समुद्र तट के सभी राज्‍यों के नौजवानों को रोजगार की नई ताकत मिलती है और दूसरा मैंने इनसे कहा है कि आप यहां पर components बनाते हैं, parts बनाने हैं और Final Product बाहर बनता है और भारत Defense के क्षेत्र में बहुत बड़ी ताकत से आगे बढ़ना चाहता है। Defense manufacturing की बहुत संभावनाएं हैं हमारे यहां। भारत स्‍वयं में अपने आप में एक बहुत बड़ा Buyer है लेकिन same time third worlds country को हम बहुत कम दाम में Defense equipment export कर सकते हैं। यह जो संभावनाएं हैं उसको लेकर के भारत सरकार ने initiative लिया है। Defense manufacturing में 49% FdI के लिए हमने निर्णय किया है। GE के पास वो संभावनाएं हैं, वो उसमें आगे आएं और भी Defense के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को लाना चाहते हैं।

पुणे एक प्रकार से education का भी Hub बना हुआ है। वहां के engineering college में Defense Engineering के courses शुरू हो, ताकि अच्‍छा manpower तैयार हो। Defense manufacturing के लोग पुणे के पास आएं और यहां की जो Engineering capability है। इन दिनों एक प्रकार से पुणे Engineering centre of India के रूप में उभर रहा है, वहां engineering capacity है इसको हम किस प्रकार से आगे बढ़ाए और यह अगर हम आगे बढ़ाते हैं तो आने वाले दिनों में मुझे विश्‍वास है कि हम Defense के क्षेत्र में बहुत आगे बढ़ सकते हैं।

रेलवे, यहां Locomotive का काम हो रहा है लेकिन हम चाहते हैं कि भारत रेलवे में Self-Sufficient बने। हमारी रेलवे technology में हम Upgradation हो, हम रेलवे का विस्‍तार भी करें, रेलवे की speed भी बढ़ाएं और रेलवे सिर्फ यातायात का साधन नहीं, रेलवे भारत की economy का driving force बन सकती है, उस रूप में रेलवे को आगे ले जाया जा सकता है। उसके manufacturing के लिए भी बहुत सारी संभावनाएं पड़ी है। उसको भी बल देने का प्रयास हम करना चाहते हैं और मैं यह विश्‍वास से कहता हूं कि भारत आने वाले दिनों में अपनी युवाशक्ति के बल पर talented manpower के बल पर maximum resource के optimum utilization के माध्‍यम से, हम हमारी economy को एक नई ऊंचाईयों पर ले जाना चाहते हैं और मुझे विश्‍वास है चाहे infrastructure का क्षेत्र हो, चाहे manufacturing का, हम Phase-ii पर पहुंचना चाहेंगे। और global competitive पर हम आगे बढ़ पाएं उस दिशा में जाएंगे।

भारत का नौजवान विश्‍व में आर्थिक विकास की दुनिया में अपनी एक अहम भूमिका निभा सकता है और उस काम के लिए भारत बहुत तेजी से आगे बढ़ना चाहता है।

मैं फिर एक बार जी के नये साहसिक निर्णयों के लिए भी स्‍वागत करता हूं और दुनियाभर के पूंजी निवेशकों को विश्‍वास दिलाना चाहता हूं कि भारत आपार संभावनाओं से भरा हुआ है और भारत सरकार उन संभावनाओं को साकार करने के लिए, जो भी आवश्‍यक निर्णय करने की आवश्‍यकता होगी उसको करने में तेज गति से आगे बढ़ रही है, जो भारत economy को आगे लेकर जाएगी।

मैं फिर एक बार मुझे यहां बुलाने पर मैं आपको बहुत-बहुत धन्‍यवाद करता हूं और मेरी आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं।

धन्‍यवाद।

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मैं देश की हर नारी को विश्वास दिलाता हूं, हम महिला आरक्षण के रास्ते में आने वाली हर रुकावट को खत्म करके रहेंगे: पीएम मोदी
April 18, 2026
महिलाएं सब कुछ भूल सकती हैं, लेकिन अपने स्वाभिमान का अपमान कभी नहीं भूलतीं: पीएम
जिन दलों (पार्टियों) ने संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन का विरोध किया है, वे महिला शक्ति को हल्के में ले रहे हैं: पीएम
नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन 21वीं सदी की महिलाओं को सशक्त बनाने का एक ‘महायज्ञ’ था: पीएम
नारी शक्ति वंदन अधिनियम का वंशवादी दलों द्वारा विरोध करने का एक प्रमुख कारण उनका डर है: पीएम
देश की 100 प्रतिशत नारी शक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है: पीएम
हम महिला आरक्षण की राह में आने वाली हर बाधा को दूर करेंगे: पीएम
महिलाओं के अधिकार छीनते हुए ये लोग मेजें थपथपा रहे थे; यह महिलाओं की गरिमा और उनके आत्मसम्मान पर एक आघात था: पीएम
महिला आरक्षण का विरोध करने के लिए विपक्ष को अपने किए गए पाप की सजा मिलेगी: पीएम

आज मैं एक बेहद महत्वपूर्ण विषय पर विशेष कर देश की माता बहनों और बेटियों से बात करने के लिए आया हूं! आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया। उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया है। हमारे भरसक प्रयास के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए, नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन नहीं हो पाया! और मैं इसके लिए सभी माताओं-बहनों, उनसे मैं क्षमा प्रार्थी हूं।

साथियों,

हमारे लिए देश हित सर्वोपरि है, लेकिन जब कुछ लोगों के लिए दल हित सब कुछ हो जाता है, दल हित, देश हित से बड़ा हो जाता है, तो नारी शक्ति को, देश हित को, इसका खामियाजा उठना पड़ता है। इस बार भी यही हुआ है। कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश के नारी शक्ति को उठाना पड़ा है।

साथियों,

कल देश की करोड़ों महिलाओं की नजर संसद पर थी, देश की नारी शक्ति देख रही थी, मुझे भी यह देखकर बहुत दुख हुआ, कि जब ये नारी हित का प्रस्ताव गिरा, तो कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, सपा, जैसी परिवारवादी पार्टियां, खुशी से तालियां बजा रही थीं। महिलाओं से उनके अधिकार छिनकर ये लोग मेजें थपथपा रहे थे। उन्होंने जो किया वो केवल टेबल पर थाप नहीं थी, वो नारी के स्वाभिमान पर उसके आत्मसम्मान पर चोट थी और नारी सब भूल जाती है, अपना अपमान कभी नहीं भूलती, इसलिए संसद में कांग्रेस और उसके सहयोग के उन सबके व्यवहार की कसक हर नारी के मन में हमेशा रहेगी। देश की नारी जब भी अपने क्षेत्र में इन नेताओं को देखेगी, तो वो याद करेगी कि इन्हीं लोगों ने, इन्हीं लोगों ने, संसद में महिला आरक्षण को रोकने का जश्न मनाया था, खुशियां मनाई थीं। कल संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन का जिन दलों ने विरोध किया है, उनसे मैं दो टूक कहूंगा, ये लोग नारी शक्ति को फॉर ग्रांटेड ले रहे हैं, वो ये भूल रहे हैं, कि 21वीं सदी की नारी देश की हर घटना पर नजर रख रही है, वो उनकी की मंशा भाप रही है और सच्चाई भी भली भांति जान चुकी है। इसलिए महिला आरक्षण विरोध करके जो पाप विपक्ष ने किया है, इसकी उन्हें सजा जरूर मिलेगी। इन दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का भी अपमान किया है और जनता द्वारा इसकी सजा से भी वो बच नहीं पाएंगे।

साथियों,

सदन में नारी शक्ति वंदन संशोधन किसी से भी कुछ छिनने का नहीं था। नारी शक्ति वंदन संशोधन हर किसी को कुछ ना कुछ देने का था, देने के लिए संशोधन का था। ये 40 साल से लटके हुए नारी के हक को, 2029 के अगले लोकसभा चुनाव से उसका हक देने का संशोधन था।

नारी शक्ति वंदन संशोधन 21वीं सदी के भारत की नारी को नए अवसर देने, नई उड़ान देने, उसके सामने से बाधाएं हटाने का महायज्ञन था। देश की 50% यानी आधी आबादी को उसका अधिकार देने का साफ नियत के साथ, ईमानदारी के साथ किया गया एक पवित्र प्रयास था। नारी को भारत की विकास यात्रा में सहयात्री बनाने और सबको जोड़ने का प्रयास था। नारी शक्ति वंदन संशोधन समय की मांग है। नारी शक्ति वंदन संशोधन उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम, सभी राज्यों की हर राज्य की शक्ति में समान वृद्धि का प्रयास था। ये संसद में सभी राज्यों की आवाज को अधिक शक्ति देने का प्रयास था। राज्य छोटा हो, राज्य बड़ा हो, राज्य की आबादी कम हो या राज्य की आबादी ज्यादा हो। सब की समान अनुपात में शक्ति बढ़ाने की कोशिश थी। लेकिन इस ईमानदार प्रयास की कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने सदन में पूरे देश के सामने भ्रूण हत्या कर दी है, भ्रूण हत्या कर दी है। ये कांग्रेस, टीएमसी, समाजवादी पार्टी, टीएमके जैसे दल, इस भ्रूण हत्या के गुनहगार हैं। ये देश के संविधान के अपराधी हैं, ये देश की नारी शक्ति के अपराधी हैं।

साथियों,

कांग्रेस महिला आरक्षण के विषय से ही नफरत करती है, उसने हमेशा से ही महिला आरक्षण को रोकने के लिए षड्यंत्र किए हैं। इस दिशा में पहले जितनी बार भी प्रयास हुए, हर बार कांग्रेस ने इसमें रो़ड़े अटकाए हैं। इस बार भी कांग्रेस और उसके साथियों ने महिला आरक्षण को रोकने के लिए एक के बाद एक नए झूठ का सहारा लिया। कभी संख्या को लेकर, कभी किसी और तरीके से, कांग्रेस और उसके साथियों ने देश को गुमराह करने की कोशिश की। ऐसा करके इन दलों ने भारत के नारी शक्ति के सामने अपना असली चेहरा सामने ला दिया है। अपना मुखौटा उतर दिया है।

साथियों,

मुझे व्यक्तिगत तौर पर आशा थी कि कांग्रेस अपनी दशकों पुरानी गलती सुधारेंगी। कांग्रेस अपने पापों का प्रायश्चित करेगी, लेकिन कांग्रेस ने इतिहास रचने का, महिलाओं के पक्ष में खड़े होने का, अवसर खो दिया। कांग्रेस खुद देश के अधिकांश हिस्सों में अपना वजूद खो चुकी है। कांग्रेस परजीवी की तरह क्षेत्रीय दलों के पीठ पर सवार होकर खुद को जिंदा रखे हुए है। लेकिन कांग्रेस, ये भी नहीं चाहती कि क्षेत्रीय दलों की ताकत बढ़े, इसलिए कांग्रेस ने इस संशोधन का विरोध करवारकर अनेक क्षेत्रीय दलों के भविष्य को अंधकार में धकेलना का राजनीतिक षड्यंत्र किया है।

साथियों,

कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, टीएमसी और दूसरी पार्टियां, इतने वर्षों से हर बार वही बहाने, वही कुतर्क गढ़ते आए हैं, बनाते आए हैं, कोई ना कोई टेक्निकल पेंच फंसाकर, ये महिलाओं के अधिकारों पर डाका डालते रहे हैं। देश राजनीति का यह भद्दा पैटर्न बराबर समझ चुका है, और उसके पीछे की वजह भी जान चुका है।

भाइयों बहनों,

नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध की एक बड़ी वजह है, इन परिवारवादी पार्टियों का डर। इन्हें डर है, अगर महिलाएं सशक्त हो गईं, तो इन परिवारवादी पार्टियों का नेतृत्व खतरे में पड़ जाएगा। ये कभी नहीं चाहेंगे कि उनके परिवार के बाहर की महिलाएं आगे बढ़ें। आज पंचायतों में, लोकल बॉडीज में, जिन हजारों लाखों महिलाओं ने अपनी क्षमता को साबित किया है, जब आगे बढ़कर लोकसभा और विधानसभाओं में आना चाहती हैं, देश की सेवा करना चाहती हैं, परिवारवादियों के भीतर उनसे असुरक्षा की भावना बैठी हुई है। परिसीमन के बाद महिलाओं के लिए कहीं ज्यादा सीटें होंगी, महिलाओं का कद बढ़ेगा, इसीलिए, इन लोगों ने नारी शक्ति वंदन संशोधन का विरोध किया है। देश की नारीशक्ति कांग्रेस और उसके सहयोगियों को इस पाप के लिए कभी माफ नहीं करेगी।

मेरे प्रिय देशवासियों,

कांग्रेस और उसके साथी दल, डिलिमिटेशन पर लगातार, लगातार झूठ बोल रहे हैं। ये इस बहाने विभाजन की आग को सुलगाना चाहते हैं। क्योंकि, बांटो और राज करो, काँग्रेस ये पॉलिटिक्स अंग्रेजों से विरासत में सीखकर आई है। और, कांग्रेस आज भी उसी के सहारे चल रही है। कांग्रेस ने हमेशा देश में दरार पैदा करने वाली भावनाओं को हवा दी है। इसलिए, ये झूठ फैलाया गया कि डिलिमिटेशन यानी परिसीमन से कुछ राज्यों को नुकसान होगा! जबकि, सरकार ने पहले दिन से स्पष्ट किया है, कि न किसी

राज्य की भागीदारी का अनुपात बदलेगा, न किसी का representation कम होगा। बल्कि,सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में ही बढ़ेंगी। फिर भी काँग्रेस,DMK,TMC और समाजवादी पार्टी जैसे दल इसे मानने को तैयार नहीं हुए।

साथियों,

ये संशोधन बिल सभी दलों, और सभी राज्यों के लिए एक मौका था, एक अवसर था। ये बिल पास होता तो तमिलनाडु, बंगाल, यूपी, केरलम, हर राज्य की सीटें बढ़तीं। लेकिन अपनी स्वार्थी राजनीति की वजह से इन दलों ने, अपने राज्य के लोगों को भी धोखा दे दिया। जैसे कि, DMK के पास मौका था कि वो और ज्यादा तमिल लोगों को सांसद, विधायक बना सकती थी, तमिलनाडु की आवाज़ और मजबूत कर सकती थी! लेकिन, उसने वो मौका खो दिया। TMC के पास भी बंगाल के लोगों को आगे बढ़ाने का मौका था। लेकिन TMC ने भी ये मौका गवां दिया। समाजवादी पार्टी के पास भी मौका था कि वो महिला विरोधी छवि होने के दाग को कुछ कम कर सके। लेकिन सपा भी इसमें चूक गई। समाजवादी पार्टी लोहिया जी को तो पहले ही भूल चुकी है। सपा ने नारीशक्ति वंदन संशोधन का विरोध करके, लोहिया जी के सारे सपनों को पैरों तले रौंद दिया है। सपा महिला आरक्षण विरोधी है, ये यूपी की और देश की महिलाएं कभी नहीं भूलेंगी।

साथियों,

महिलाओं के आरक्षण का विरोध करके, कांग्रेस ने फिर एक बात सिद्ध कर दी है। कांग्रेस, एक एंटी रिफॉर्म पार्टी है। 21वीं सदी के विकसित भारत के लिए, जो भी निर्णय, जो भी रिफॉर्म्स ज़रूरी हैं, जो भी निर्णय देश ले रहा है, कांग्रेस उन सबका विरोध करती है, उसे खारिज कर देती है, उस काम के अंदर खलल डालती है। यही कांग्रेस का इतिहास है और यही कांग्रेस की नेगेटिव पॉलिटिक्स है।

साथियों,

ये वही कांग्रेस है, जिसने जनधन-आधार-मोबाइल की त्रिशक्ति का विरोध किया। कांग्रेस ने, डिजिटल पेमेंट्स का विरोध किया, कांग्रेस ने, GST का विरोध किया, कांग्रेस ने, सामान्य वर्ग के गरीबों को आरक्षण का विरोध किया, कांग्रेस ने, ट्रिपल तलाक के विरुद्ध कानून का विरोध किया। कांग्रेस ने, आर्टिकल 370 हटाने का विरोध किया। हमारा संविधान, हमारे कोर्ट, जिस यूनिफॉर्म सिविल कोड, समान नागरिक आचार संहिता को, यूसीसी को ज़रूरी बताते हैं, कांग्रेस उसका भी विरोध करती है। Reform का नाम सुनते ही कांग्रेस, विरोध की तख्ती लेकर दौड़ पड़ती है। ऐसा कोई भी काम जिससे देश मजबूत होता है, कांग्रेस उसमें बाधाएं खड़ी करने के लिए पूरी शक्ति लगा देती है। कांग्रेस, वन नेशन वन इलेक्शन का विरोध करती है, कांग्रेस, देश से घुसपैठियों को भगाने का विरोध करती है, कांग्रेस, मतदाता सूची के शुद्धिकरण, SIR का विरोध करती है, कांग्रेस, वक्फ बोर्ड में Reform का विरोध करती है।

साथियों,

कांग्रेस ने, शरणार्थियों को सुरक्षा देने वाले CAA कानून तक का विरोध किया। इस पर झूठ बोलकर-अफवाहें फैलाकर देश में बवंडर खड़ा कर दिया। कांग्रेस, माओवादी-नक्सली हिंसा को समाप्त करने के देश के प्रयासों में भी रुकावटें डालती है। कांग्रेस का एक ही पैटर्न रहा है, कोई भी Reform आए तो झूठ बोलो, भ्रम फैलाओ। इतिहास साक्षी है, कांग्रेस ने हमेशा यही नेगेटिव रास्ता चुना है।

साथियों,

जो भी कार्य देश के लिए जरूरी फैसला होता है, कांग्रेस इसको कार्पेट के नीचे डाल देती है। कांग्रेस के इसी रवैये की वजह से भारत विकास की उस ऊंचाई पर नहीं पहुंच पाया, जिसका भारत हकदार है। आजादी के समय, उस दौर में हमारे साथ और भी कई देश आजाद हुए थे। ज्यादातर देश हमसे बहुत आगे निकल गए, और इसकी वजह थी, कि कांग्रेस हर Reform को रोककर बैठी रही। लटकाना-भटकाना- अटकाना यही कांग्रेस का सिद्धांत रहा है, यही कांग्रेस का वर्क कल्चर रहा है। कांग्रेस ने पड़ोसी देशों के साथ सीमा-विवादों को लटकाया, कांग्रेस ने पाकिस्तान के साथ पानी के बंटवारे से जुड़े विवादों को लटकाया, कांग्रेस ने ओबीसी आरक्षण के निर्णय को 40 साल तक लटकाए रखा। कांग्रेस ने सैनिकों के लिए वन रैंक वन पेंशन को 40 साल तक रोके रखा।

साथियों,

कांग्रेस के इस रवैये ने हमेशा देश का बहुत बड़ा नुकसान किया है। कांग्रेस के हर विरोध, हर अनिर्णय, हर छल-प्रपंच का खामियाजा देश ने भुगता है, देश की पीढ़ियों ने भुगता है। आज देश के सामने जितनी भी बड़ी चुनौतियां हैं, वो कांग्रेस के इसी रवैये से उपजी हुई हैं। इसलिए, ये लड़ाई सिर्फ एक कानून की नहीं है, ये लड़ाई, कांग्रेस की उस एंटी-रिफॉर्म मानसिकता के साथ है, जिसमें सिर्फ नेगेटिविटी है, नकारात्मकता है। और मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है, कि देश की सभी बहनें-बेटियां, कांग्रेस की इस मानसकिता को करारा जवाब देकर रहेगी।

साथियों,

कुछ लोग देश की महिलाओं के सपने टूटने को सरकार की नाकामी बता रहे हैं। लेकिन, ये विषय कामयाबी या नाकामयाबी क्रेडिट का था ही नहीं। मैंने संसद में भी कहा था, आधी आबादी को उनका हक मिल जाने दीजिये, मैं इसका क्रेडिट, विज्ञापन छपवाकर विपक्ष के सभी लोगों को दे दूँगा। लेकिन, महिलाओं को दक़ियानूसी सोच से देखने वाले फिर भी अपने झूठ पर अड़े रहे, कायम रहे!

साथियों,

नारीशक्ति को भागीदारी दिलाने की लड़ाई दशकों से चल रही है। वर्षों से मैं भी इसके लिए प्रयास करने वालों में से एक हूं। कितनी ही महिलाएं ये विषय मेरे सामने उठाती रही हैं। कितनी ही बहनों ने पत्र के द्वारा मुझे सारी बातें बताई हैं। मेरे देश की माताएं-बहनें-बेटियां, मैं जानता हूं, आज आप सब दुखी हैं। मैं भी आपके इस दुःख में दुःखी हूँ। आज भले ही, बिल पास कराने के लिए जरूरी 66 परसेंट वोट हमें नहीं मिला हो, लेकिन मैं जानता हूं, देश की 100 परसेंट नारीशक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है। मैं देश की हर नारी को विश्वास दिलाता हूं, हम महिला आरक्षण के रास्ते में आने वाले हर रुकावट को खत्म करके रहेंगे, हटाकर के रहेंगे। हमारा हौसला भी बुलंद है, हमारी हिम्मत भी अटूट है और हमारा इरादा भी अडिग है। महिला आरक्षण का विरोध करने वाली पार्टियां, ये देश की नारी शक्ति को संसद और विधानसभाओं में उनकी भागीदारी बढ़ाने से कभी भी रोक नहीं पाएंगे, सिर्फ वक्त का इंतजार है। नारी शक्ति के सशक्तीकरण का बीजेपी-एनडीए का संकल्प अक्षुण्ण है। कल हमारे पास संख्याबल नहीं था, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हम हार गए। हमारा आत्मबल अजेय है। हमारा प्रयास रुकेगा नहीं, हमारा प्रयास थमेगा नहीं। हमारे पास आगे अभी और मौके आएंगे, हमें आधी आबादी के सपनों के लिए, देश के भविष्य के लिए, इस संकल्प को पूरा करना ही है। आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद।