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Sometimes I wonder if the current Congress party is the same that Sardar Vallabhbhai Patel and Netaji Subhas Chandra Bose were once a part of because the recent statements by some Congress, PDP and NC leaders were hailed in Pakistan because of their anti-India content: PM Modi in Jammu
One of the senior-most leaders of the Congress, who manages the party’s overseas affairs recently gave a clean chit to the terrorists and to the state of Pakistan: Prime Minister Modi
I want to warn terrorists and their harbingers that any attempt towards harming India’s national security will come at heavy costs: PM Modi in Jammu

भारत माता की...जय, भारत माता की...जय।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्रीमान रविन्द्र रैना जी, केंद्र में मंत्री परिषद के मेरे साथी और उधमपुर से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार डॉ जितेंद्र सिंह जी, जम्मू पुंछ के सांसद और फिर यहां से भाजपा के उम्मीदवार श्रीमान जुगल कुमार शर्मा जी, जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ निर्मल सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमान कवींद्र गुप्ता जी, मंच पर उपस्थित अन्य महानुभाव और मेरे प्यारे भाइयो और बहनो।

वीरों डोगरो की इस धरती को आपके इस चौकीदार का प्रणाम। मिट्ठी जाए डोगरे थे बोली, पे खंड मीठे लोग डोगरे, ये कहावत मैं तब अक्सर सुना करता था जब संगठन मंत्री के रूप में यहां आपके बीच में काम करता था। डोगरों की शौर्य गाथाएं यहां के कण-कण में रची बसी है और हम भाजपा के लोगों की तो रगों में प्रेमनाथ डोगरा जी की त्याग-तपस्या आज भी हमें प्रेरणा और ऊर्जा दे रही है। ये मेरा सौभाग्य है कि 2019 के चुनाव के लिए जब मैं पूरे देश से आशीर्वाद मांगने निकला हूं तो पहले दिन मुझे जम्मू आने का अवसर मिला है। माता वैष्णो देवी का आशीर्वाद मुझे प्राप्त हुआ है। साथियों, जम्मू शौर्य की भूमि है। श्रम और श्रद्धा की नगरी है। आप सभी एक प्रकार से मां भारती की ढाल हैं। मां भारती के वो रक्षक हैं जो दुश्मन के गोलों और साजिशों का सबसे पहले सामना कर रहे हैं। आप सभी के बुलंद हौसले को मैं आदरपूर्वक नमन करता हूं। भाइयो एवं बहनो, आने वाली 11 अप्रैल को आप जब ईवीएम का बटन कमल के फूल के सामने दबाएंगे तो उसकी आवाज देश के भीतर जमे आतंकियों और आतंकियों के साथियों में खलबली मचाएंगी ही, लेकिन बात यहां अटकेगी नहीं, सीमा पार भी उसकी गूंज सुनाई देगी। सीमा पार आतंकियों की फैक्ट्री चलाने वाले आज खौफ में हैं, डर के साए में जी रहे हैं, ऐसा पहली बार हुआ है, जब भारत को दहलाने के लिए सीमा पार से आने वाले आतंकी भी सौ बार सोच रहे हैं। लेकिन साथियों, मैं तो हैरान हूं, देश के दुश्मनों को सबक सिखाने के इस अभियान के बीच ये कांग्रेस और उसके साथियों को आखिर हो क्या गया है? समझ ही नहीं आता है कि क्या ये वही सरदार पटेल की कांग्रेस है जिसने राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए दिन-रात एक कर दिया था। मुझे समझ नहीं आता कि क्या ये वही कांग्रेस है जिसमें रहकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंदुस्तान की कल्पना की थी। साथियों, मेरी आत्मा तो यही कहती है, नहीं ये वो कांग्रेस नहीं है। आपका क्या कहना है?...आप कल्पना कर सकते हैं? जम्मू-कश्मीर के मेरे प्यारे भाइयो और बहनो, आप कल्पना कर सकते हैं कि मोदी विरोध की जिद्द में कांग्रेस के नेताओं को देश का हित दिखाई देना ही बंद हो गया है? पूरा देश, हर देशवासी एक स्वर में बात कर रहा है, एक सुर में बात कर रहा है और ये कांग्रेस के नेता दूसरी बात कर रहे हैं, दूसरा सुर अलाप रहे हैं।

 

भाइयो और बहनो, बालाकोट में आतंकियों पर भारत ने जो प्रहार किया उसके बाद एक के बाद एक कांग्रेस के नेता ऐसी बात कर रहे हैं जो भारत के पक्ष में नहीं है। इतना ही नहीं यहां जम्मू कश्मीर में भी सालों तक जो राज करते रहे वो भी ऐसी बातें बोल रहे हैं जो भारत के गांवों का अनपढ़ व्यक्ति भी कभी स्वीकार नहीं कर सकता है। आप मुझे बताइए क्या आपको कांग्रेस की यह भाषा मंजूर है? पीडीपी की भाषा मंजूर है? एनसी की भाषा मंजूर है? अरे किसी भी देशवासी को ऐसी भाषा कैसे मंजूर हो सकती है, जिसकी बातों से तालियां पाकिस्तान में बजती हों। आज आतंकी और आतंक के सरपरस्त यह दुआएं मांग रहे हैं, अगर आप पाकिस्तान का टीवी देखोगे तो पता लग जाएगा। सोशल मीडिया में भरपूर आ रहा है, वहां पर यही है, वो दुआएं मांग रहे हैं कि कुछ भी हो जाए, चौकीदार से जैसे-तैसे छुटकारा मिले और ये महामिलावटी दिल्ली में आकर बैठ जाएं। क्या देश को ये मंजूर है? आपको यह मंजूर है? साथियों, कांग्रेस के नामदार के गुरु जो देश विदेश में उनके साथ रहते हैं, कांग्रेस की नीति निर्धारण करते हैं और वे बिना कोई संकोच, बिना कोई लाज शर्म, बिना कोई लाग लपेट हिंदुस्तान की धरती पर, टीवी मीडिया के सामने आतंकियों को क्लीन चिट दे रहे हैं, पाकिस्तान को क्लीन चिट दे रहे हैं।

मेरे जम्मू के भाईयो-बहनो, जरा बताइए कि जब गुरु ही ऐसा होगा तो चेले कैसे होंगे? और चेले के साथी कैसे होंगे? 2-3 दिन पहले जो कुछ हुआ, वह तो और शर्मनाक है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के एक उम्मीदवार द्वारा अनाप शनाप बयानबाजी की गई, ये पूरे देश ने देखा है। देश यह भी देख रहा है कि कैसे कांग्रेस ने इन लोगों से हाथ मिलाया हुआ है। क्या कांग्रेस का हाथ ऐसे ही लोगों के काम के लिए है क्या, जो भारत के लिए अनाप-शनाप बोले, जो पाकिस्तान का जय-जयकार करे और कांग्रेस इनको कंधे पर बिठा दे? ये आपको मंजूर है क्या? कोई देश इसको स्वीकार कर सकता है क्या? इनको भारत माता की जय कहने में समस्या है, लेकिन आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों की जय कहने में उन्हें गर्व हो रहा है।

साथियो, आज कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी की साझेदारी में एक चक्र पूरा कर दिया है। जम्मू-कश्मीर की स्थिति जो आज है, इसके लिए ये तीनों जिम्मेदार हैं। हैं कि नहीं हैं? कांग्रेस जिम्मेदार है कि नहीं है? नेशनल कॉन्फ्रेंस जिम्मेदार है कि नहीं है? पीडीपी जिम्मेदार है कि नहीं है? इन्ही की साझेदारी का परिणाम है कि इतने वर्षों तक कश्मीरी पंडितों को इतना कुछ सहना पड़ा। आतंक का जो जहर जम्मू कश्मीर में घुला है, उसके बड़े जिम्मेदार भी यही तीन दल हैं। इनके लिए सत्ता जरूरी है, परिवार की आकांक्षाएं जरूरी हैं, वंश और विरासत को बचाना जरूरी है। देश की सुरक्षा, देश का मान-सम्मान इनके लिए प्राथमिकता नहीं है, ये मायने नहीं रखता है।
साथियो, कांग्रेस के विचारकों का, कांग्रेस के नीति निर्धारकों का यही रवैया है, जिसने आतंक के पनाहगारों का हौसला बढ़ाया है। जिसके कारण जम्मू-कश्मीर सहित पूरे देश को दशकों से भुगतना पड़ रहा है, अपनों को खोना पड़ा है। ये वो लोग हैं जिन्होंने भारत के, हमारे सामर्थ्य पर कभी भरोसा नहीं किया। इनके पास बड़े और कड़े फैसले लेने की हिम्मत ही नहीं है। ये मरे पड़े लोग हैं जी।

साथियो, मैं जम्मू कश्मीर के एक-एक नागरिक को ये विश्वास दिलाने आया हूं, ये कितनी भी ताकत लगा लें, ये चौकीदार इनके रास्ते पर मजबूती से खड़ा रहेगा। आप लोगों ने मुझे बहुत निकट से देखा है, आपके बीच में देखा है और वो दिन आपको भी याद होगा, ढाई दशक पहले लाल चौक पर तिरंगा फहराते हुए जो मैंने कहा था, आज भी वही जज्बा और आचरण लेकर चल रहा हूं। सत्ता के मोह में ना तो मैंने अपने रुख को बदला है और आपको भरोसा है आगे भी ऐसी कोई गुंजाइश नहीं बची है। आतंक के साथी चाहे सीमा पार हों या फिर देश के भीतर, एक बात कान खोलकर सुन लें भारत के हितों, भारत की सुरक्षा के विरुद्ध उठाया गया एक भी कदम भारी पड़ेगा। आज सुरक्षा एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। आतंकियों की फंडिंग से लेकर उनसे जुड़े लिंक को खंगाल रही है। ऐसे संगठन जो आतंकियों को बढ़ावा देते हैं, उन पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है।
भाइयो और बहनो, आज जब पुरानी रीति-नीति को बदल रहा हूं तो कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी के नेताओं को नींद नहीं आती है, तकलीफ हो रही है। ये आए दिन चौकीदार को गाली देने में जुटे हैं। आप मुझे बताइए, आपका ये चौकीदार जो कर रहा है वो सही है या नहीं? जम्मू कश्मीर के हित में जो फैसले लिए जा रहे हैं वो आपको सही लगते हैं या नहीं लगते हैं? मैं ठीक दिशा में जा रहा हूं। अगर जम्मू के लोगों को चौकीदार पर विश्वास है, पक्का है, हर गांव में है! हर गली में है! घर में है? अगर आपका इतना विश्वास है चौकीदार पर तो पक्का लिखकर रखिए, ये महामिलावटी लोगों की महागिरावट तय है।

साथियो, एलओसी और सीमा से सटे अनेक गांवों को पाकिस्तान की नापाक हरकतों के चलते दिक्कत हो रही है, इसका मुझे पूरा अहसास है। अपनी बौखलाहट, इस बौखलाहट में वो हमारे गांवों को, रिहायशी बस्तियों को, हमारे पशुओं को निशाना बना रहे हैं। लेकिन आप आश्वस्त रहिए ये लंबे समय तक नहीं चलेगा। जिस सामर्थ्य के साथ, जितनी शक्ति से हमारी सेना जवाब दे रही है, उसके सामने ज्यादा दिन वो टिक नहीं पाएंगे। आपको क्या लगता है? टिक पाएंगे? नहीं टिक पाएंगे। एक तरफ हमारी सेना सही जवाब दे रही है तो दूसरी तरफ सरकार आपकी सुरक्षा और सुविधा का भी इंतजाम कर रही है। इसके लिए सीमा पर करीब 20 हजार बंकर बनाए गए हैं। साथियो, जीवन अमूल्य होता है, उसे पैसों से नहीं तौला जा सकता लेकिन अगर दुर्भाग्य से, नापाक गोलीबारी से किसी की जान चली जाती है तो उसका मुआवजा भी पांच गुना बढ़ा दिया गया है। साथियों, हिंसा और साजिश के प्रति अपनी लड़ाई को लेकर मेरी शक्ति और मेरा विश्वास इसलिए भी बढ़ रहा है क्योंकि मुझे जम्मू कश्मीर के युवा चौकीदारों का समर्थन मिल रहा है। माताओं, बहनों के आशीर्वाद मिल रहे हैं। यहां के नौजवान, सेना और दूसरे सुरक्षाबलों में भर्ती होने के लिए भारी संख्या में आगे आ रहे हैं। हमारी सरकार ने यहां के युवा साथियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए अवसरों में भारी वृद्धि की है। सेना और केंद्रीय बलों में एक विशेष भर्ती अभियान के तहत 20 हजार से अधिक युवा साथियों को हमने भर्ती कराया है। साथियो, आपका ये चौकीदार राष्ट्र रक्षा के लिए भी पूरी तरह समर्पित है और जम्मू कश्मीर के संतुलित विकास के प्रति भी उतना ही सजग है। फोर लेन की सड़के हों, एम्स, मेडिकल कॉलेज, आईआईएम, आईआईटी हो, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े ऐसे अनेक प्रोजेक्ट जम्मू को मिले हैं। किश्तवार में बड़े हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट का शिलान्यास तो मैंने पिछले महीने ही किया है। इसके अलावा जम्मू का रिंग रोड हो, चेनाव नदी पर बना इंद्री पत्तन परगवाल पुल हो, चेनानी नाशरी टनल हो, चेनानी गोहा सड़क हो, जम्मू अखनूर फोर लेन सड़क हो, सुंदरवनी, नौशेरा, राजौरी और सुंदरवनी के रास्ते पहुंचता यहां का नेशनल हाइवे हो, ऐसे अनेक प्रोजेक्ट थे, यहां की कनेक्टिविटी का सुदृढ़ होना सुनिश्चित हुआ है।

साथियो, इन सभी कार्यों के बीच आप याद रखिएगा कि कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी सबने जम्मू के साथ छल किया है, भेदभाव किया है। विकास के तमाम प्रोजेक्ट्स को लटकाने और भटकाने का काम किया है। जम्मू में विक्रमचौक से गांधीनगर तक के फ्लाईओवर की मांग कितने साल से अटकी थी, हमने उसे पूरा किया है। साथियो, आपका ये चौकीदार विकास की पंचधारा यानी बच्चों को पढ़ाई, बुजुर्गों को दवाई, युवा को कमाई, किसान को सिंचाई और जन-जन की सुनवाई ये सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी सोच के साथ हमने बड़े कदम उठाए हैं जिनका लाभ पूरे जम्मू कश्मीर को भी मिला है। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत जम्मू कश्मीर के लगभग 14 लाख किसान परिवारों को सीधी मदद मिलना तय हुआ है। इसमें से साढ़े 4 लाख को पहली किश्त मिल चुकी है, बाकियों के खाते में भी बहुत जल्द मदद पहुंच जाएगी। आयुष्मान भारत योजना के तहत यहां के 6 लाख गरीब परिवारों को 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा सुनिश्चित हुई है। ऐसे ही 9 लाख से अधिक गरीब बहनों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिया जा चुका है। 25 हजार से अधिक गरीबों के पक्के घर बनाए जा चुके हैं। अभी जिनको गैस कनेक्शन और घर नहीं मिला है, उनको भी मैं विश्वास दिलाना चाहता हूं, उनको भी बहुत जल्द उनका हक मिल जाएगा। साथियो, गरीब परिवारों के लिए हमने ऐसे अनेक काम तो किए ही हैं, मध्यम वर्ग के लिए भी बहुत बड़ा कदम इस बजट में उठाया है। 5 लाख रुपए तक की कर योग्य आय पर टैक्स हमने पूरी तरह से माफ कर दिया है।

भाइयो और बहनो, देश के साधनों और संसाधनों में हमारे युवा साथियों को अवसरों की समानता मिले, सरकारी सेवाओं और शिक्षण संस्थानों में सबको भागीदारी मिले, इसके लिए हमने अनेक बड़े कदम उठाए हैं। 2 फैसले हैं जो भाजपा की और कांग्रेस की नीति और नीयत को साफ-साफ उजागर करते हैं। अंतराष्ट्रीय सीमा पर बसे लोग लंबे समय से आरक्षण की मांग कर रहे थे, कई सरकारें आईं और चली गईं लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। पिछले महीने ही हमारी सरकार ने बड़ा फैसला लिया और राज्य सरकार की सेवाओं में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बसे लोगों को तीन प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान कर दिया। इसी तरह पहाड़ी लोगों के लिए भी तीन प्रतिशत का आरक्षण दिया गया और दूसरा फैसला भी आरक्षण से जुड़ा है। यह मांग भी दशकों से हो रही थी लेकिन कांग्रेस की वोट बैंक की राजनीति आड़े आती थी। सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों को आरक्षण की मांग दशकों से हो रही थी लेकिन किसी में संविधान संशोधन की हिम्मत नहीं थी। हमने इच्छाशक्ति दिखाई और गरीबों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू हो चुका है। यही सबका साथ सबका विकास का हमारा मंत्र है और इसी पर हम आगे बढ़ रहे हैं।

साथियो, इसके साथ ही पाकिस्तान से आए शरणार्थी परिवारों और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से आकर यहां बसे बहन, भाइयों का भी ध्यान रखा जा रहा है। भाइयो और बहनो, ये सारे काम इसलिए हो पा रहे हैं…क्यों हो पा रहे हैं भई? ये सब क्यों हो पा रहा है? ये सब क्यों हो रहा है? क्या कारण है? ...कारण मोदी नहीं है, ये मोदी के कारण नहीं हो रहा है, ये आपके एक वोट के कारण हो रहा है। आपके वोट की ताकत है, 2014 में आपने आपका एक वोट देकर मेरा हौसला बढ़ाया था। आपने जो पिछला वोट दिया था, उसका नतीजा आप देख रहे हैं। दिख रहा है या नहीं दिख रहा है? आपका वोट काम में आया या नहीं आया? आपके लिए उपयोगी हुआ या नहीं हुआ? अब इस बार आपका वोट जम्मू कश्मीर के विकास को नई ऊंचाईयों पर ले जाएगा। समृद्ध और सुरक्षित राज्य बनाएगा। आपके चौकीदार के ऐसे ही अनेक प्रयासों की रोशनी में 11 अप्रैल के दिन आपको पोलिंग बूथ पर भारी संख्या में जाना है। आप सब वोट देने जाएंगे? औरो को भी वोट देने के लिए कहेंगे? आपकी मेरी बात घर-घर पहुंचाएंगे? एक-एक मतदाता को समझाएंगे? आपका एक वोट नए भारत की नीति और नेतृत्व को मजबूत करेगा। आपका वोट मजबूत सरकार और मजबूत भारत की राह तय करेगा। आप यहां हम सभी को अपना आशीर्वाद देने के लिए आए, इसके लिए आपका बहुत बहुत आभार व्यक्त करता हूं। मेरे साथ बोलिए..भारत माता की...जय, भारत माता की...जय, भारत माता की...जय।
एक और नारा बोलेंगे... मैं भी चौकीदार, मैं भी चौकीदार, मैं भी चौकीदार।
सभी चौकीदारों को नमस्कार। धन्यवाद।

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Prime Minister addresses the 54th DGsP/IGsP Conference
December 08, 2019
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The Prime Minister participated in the 54th DGsP/IGsP Conference in Pune on December 7-8, 2019. Apart from leading the discussions and giving valuable suggestions over the past two days, he addressed the valedictory session of the Conference this evening. The Prime Minister also awarded the President’s police medals for distinguished service to officers of the Intelligence Bureau.

With the guidance of the Prime Minister, in order to encourage meaningful exchange of views and experiences, the Conference, which earlier used to be a one day event, was changed to a three day affair starting from 2015. Moreover, the Conference was taken out of Delhi and organized in different parts of the country. The format of the Conference has also undergone significant changes in terms of the presence of the Prime Minister and the Union Home Minister. In the lead-up to the Conference, Committees of DGsP are established to formulate the contours of presentations, which are on contemporary security threats. Additionally, during the Conference, break-out sessions are held to further refine policy issues. This year, eleven core groups were formed for holding brain storming sessions on key aspects of internal and external security such as terrorism, naxalism, coastal security, cyber threats, combating radicalization and narco-terrorism etc.

Commending the Conference for generating good inputs for policy planning and implementation, Prime Minister laid emphasis on emergence of concrete outcomes from the finalized action points. 

The Prime Minister, while appreciating the meticulous efforts made by the country’s police forces for maintaining general peace and tranquility in the country and ensuring normalcy, said that we must not forget the contribution of their families who stood firmly behind them. At all times, he said, they must strive to improve the image of the police force to inspire confidence amongst all sections of society including women and children. The Prime Minister emphasized the role of effective policing in making sure that women feel safe and secure.

Prime Minister urged the heads of police departments to carry forth the spirit of the Conference to the lowest level-from state to District to the police station (thana). After listening to the presentations given by different state police forces, Prime Minister mentioned that a comprehensive list of best practices could be prepared and adopted by all the states and UTs.

Prime Minister further commented that technology provides us with an effective weapon to ensure pro-active policing that factors-in the feedback of the common man. 

PM expressed his special interest for the development of North Eastern States which is critical for Act East Policy of the government and urged the DGPs of these states to make extra efforts to create a conducive environment for the development programs. 

Prime Minister concluded his remarks by recognizing the pulls and pressures confronting the police officer in the day to day discharge of duties. However, he said, that whenever they are in doubt they should remember the ideals and the spirit with which they appeared for the civil services exams and continue to work in national interest, keeping in mind the welfare of the weakest and poorest sections of society.